राजसमंद जिले के जोर गांव निवासी 40 वर्षीय गंगाराम खारोल पिछले 13 वर्षों से अंधेरे और संघर्ष भरी जिंदगी जी रहे हैं। आंखों की रोशनी जाने के बाद उन्होंने कई बड़े नेत्र चिकित्सालयों में इलाज और ऑपरेशन करवाए, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उनकी दृष्टि वापस नहीं लौट सकी। इस मुश्किल घड़ी में कुदरत ने उनकी और परीक्षा ली। कोरोना काल में गंगाराम के बड़े भाई का निधन हो गया, और परिवार इस सदमे से उबर भी नहीं पाया था कि करीब तीन वर्ष पहले उनके छोटे भाई की भी मौत हो गई। इसके लगभग एक वर्ष पूर्व उनके पिता घाशीराम खारोल का भी निधन हो गया, जिससे लगातार तीन पारिवारिक मौतों ने पूरे परिवार की कमर तोड़ दी है। आज गंगाराम के घर में केवल उनकी बुजुर्ग मां, दोनों दिवंगत भाइयों के परिवार और उनकी पत्नी हैं। स्वयं दृष्टिबाधित होने के कारण परिवार का पालन-पोषण करना उनके लिए अत्यंत कठिन हो गया है। आर्थिक तंगी के चलते यह परिवार आज भी एक कच्चे मकान में रहने को मजबूर है। गंगाराम का कहना है कि उन्हें अब तक प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिला है, और वे अपनी पत्नी के लिए भी विकलांग पेंशन सहित अन्य सरकारी योजनाओं के लाभ की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कई बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाए, लेकिन अब तक उन्हें कोई राहत नहीं मिल सकी है। ऐसे में गंगाराम और उनका परिवार उम्मीद लगाए बैठा है कि सरकार और प्रशासन उनकी पीड़ा को समझेंगे और उन्हें सभी पात्र सरकारी योजनाओं का लाभ शीघ्र उपलब्ध कराएंगे। इस संबंध में, ग्राम विकास अधिकारी देवीलाल पोसवाल ने बताया है कि पीड़ित परिवार को पात्रता के अनुसार सभी सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का पूरा प्रयास किया जाएगा। 13 वर्षों से अंधेरे में जी रहे गंगाराम के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती केवल अपनी जिंदगी जीना नहीं, बल्कि पूरे परिवार का सहारा बनना है, और यह परिवार आज भी सरकारी मदद की उम्मीद लगाए हुए है।
राजसमंद जिले के जोर गांव निवासी 40 वर्षीय गंगाराम खारोल पिछले 13 वर्षों से अंधेरे और संघर्ष भरी जिंदगी जी रहे हैं। आंखों की रोशनी जाने के बाद उन्होंने कई बड़े नेत्र चिकित्सालयों में इलाज और ऑपरेशन करवाए, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उनकी दृष्टि वापस नहीं लौट सकी। इस मुश्किल घड़ी में कुदरत ने उनकी और परीक्षा ली। कोरोना काल में गंगाराम के बड़े भाई का निधन हो गया, और परिवार इस सदमे से उबर भी नहीं पाया था कि करीब तीन वर्ष पहले उनके छोटे भाई की भी मौत हो गई। इसके लगभग एक वर्ष पूर्व उनके पिता घाशीराम खारोल का भी निधन हो गया, जिससे लगातार तीन पारिवारिक मौतों ने पूरे परिवार की कमर तोड़ दी है। आज गंगाराम के घर में केवल उनकी बुजुर्ग मां, दोनों दिवंगत भाइयों के परिवार और उनकी पत्नी हैं। स्वयं दृष्टिबाधित होने के कारण परिवार का पालन-पोषण करना उनके लिए अत्यंत कठिन हो गया है। आर्थिक तंगी के चलते यह परिवार
आज भी एक कच्चे मकान में रहने को मजबूर है। गंगाराम का कहना है कि उन्हें अब तक प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिला है, और वे अपनी पत्नी के लिए भी विकलांग पेंशन सहित अन्य सरकारी योजनाओं के लाभ की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कई बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाए, लेकिन अब तक उन्हें कोई राहत नहीं मिल सकी है। ऐसे में गंगाराम और उनका परिवार उम्मीद लगाए बैठा है कि सरकार और प्रशासन उनकी पीड़ा को समझेंगे और उन्हें सभी पात्र सरकारी योजनाओं का लाभ शीघ्र उपलब्ध कराएंगे। इस संबंध में, ग्राम विकास अधिकारी देवीलाल पोसवाल ने बताया है कि पीड़ित परिवार को पात्रता के अनुसार सभी सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का पूरा प्रयास किया जाएगा। 13 वर्षों से अंधेरे में जी रहे गंगाराम के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती केवल अपनी जिंदगी जीना नहीं, बल्कि पूरे परिवार का सहारा बनना है, और यह परिवार आज भी सरकारी मदद की उम्मीद लगाए हुए है।
- भीलवाड़ा में राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड द्वारा आयोजित लिपिक ग्रेड-द्वितीय एवं कनिष्ठ सहायक संयुक्त सीधी भर्ती परीक्षा रविवार को कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू हुई। जिले के कुल 41 परीक्षा केंद्रों पर 12,720 अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। परीक्षार्थियों को बोर्ड के निर्देशानुसार तीन स्तरीय जांच प्रक्रिया के बाद ही प्रवेश दिया गया, जिसके कारण सुबह से ही केंद्रों पर अभ्यर्थियों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। परीक्षा के लिए जिले में 21 राजकीय और 20 निजी सहित कुल 41 केंद्र बनाए गए हैं। पहली पारी सुबह 9:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक आयोजित की गई, जबकि दूसरी पारी दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक चलेगी। राजकीय केंद्रों पर 6,168 और निजी केंद्रों पर 6,552 अभ्यर्थी परीक्षा दे रहे हैं। अभ्यर्थियों के लिए सुबह 7:30 बजे से ही प्रवेश शुरू कर दिया गया था। परीक्षा में शामिल होने के लिए परीक्षार्थियों को ई-प्रवेश पत्र, फोटोयुक्त मूल पहचान पत्र, नवीनतम रंगीन फोटो और नीले रंग का पारदर्शी पेन साथ लाना अनिवार्य था। राजेंद्र मार्ग विद्यालय के केंद्राधीक्षक राजेंद्र सिंह गहलोत ने सुबह 9 बजे जानकारी देते हुए बताया कि उनके केंद्र पर 552 अभ्यर्थियों को आवंटित किया गया है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बोर्ड के दिशा-निर्देशों के अनुरूप तीन लेयर की सुरक्षा जांच के बाद ही प्रवेश दिया जा रहा है तथा परीक्षा का संचालन पूरी पारदर्शिता और नियमों के अनुसार हो रहा है।1
- नाथद्वारा के झाड़सादड़ी गाँव के गौरव किशन सिंह सिसोदिया के सुपुत्र उदय सिंह सिसोदिया, भारतीय वायुसेना में 20 वर्षों की गौरवमयी और राष्ट्रसेवा से परिपूर्ण सेवा पूर्ण कर गरुड़ कमांडो पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। इस गौरवपूर्ण अवसर पर समस्त ग्रामवासियों द्वारा झाड़सादड़ी गाँव में उनका भव्य एवं ऐतिहासिक स्वागत किया गया। ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों, पुष्पमालाओं और जोरदार नारों के साथ अपने वीर सपूत का अभिनंदन कर उनके साहस, समर्पण और राष्ट्रभक्ति को नमन किया। गाँववालों ने इस अवसर पर कहा कि उदय सिंह सिसोदिया ने भारतीय वायुसेना में 20 वर्षों तक निष्ठा, अनुशासन और पराक्रम के साथ देश की सेवा कर पूरे क्षेत्र का नाम गौरवान्वित किया है। उनका जीवन युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है। इस विशेष अवसर पर अखिल भारतीय हिन्दु क्रांति सेना राजस्थान प्रदेश अध्यक्ष कुंवर गणपत सिंह दुलावत, गोवर्धनसिंह सिसोदिया, क्षत्रिय महासभा के सोहनसिंह दुलावत, देलवाड़ा मंडल अध्यक्ष जितेंद्र सिंह राणावत, पूर्व एसएमबी कॉलेज नाथद्वारा अध्यक्ष मंगल सिंह चौहान कोठारिया, नरेंद्र सिंह सिसोदिया, शंकर सिंह, महेंद्र सिंह, करण सिंह, देवी सिंह, नाहर सिंह सिसोदिया, राम सिंह और समस्त ग्रामवासी मौजूद रहे। उपस्थित सभी लोगों ने उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ देते हुए उनके उज्ज्वल एवं स्वस्थ भविष्य की मंगलकामनाएँ व्यक्त कीं।1
- रविवार के अवसर पर मां जोगणिया धाम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे, जिससे वहां भारी भीड़ उमड़ पड़ी। इस दौरान, पुलिस प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को संभालने में पूरी तरह मुस्तैद रहा। मंदिर में आए भक्तों ने मां के दर्शन और पूजन किए।1
- चित्तौड़गढ़ जिले के निकुंभ स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में छात्रों से कथित तौर पर बाल श्रम कराने और इसकी शिकायत करने पर एक अभिभावक के साथ अभद्र व्यवहार करने का गंभीर मामला सामने आया है। अभिभावक ने स्कूल प्रशासन पर बच्चों का नाम काटने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है। इस संबंध में निकुंभ निवासी मुकेश कुमार सुथार ने जिला कलेक्टर, चित्तौड़गढ़ को लिखित शिकायत सौंपकर निष्पक्ष जांच और दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में पीड़ित अभिभावक मुकेश कुमार सुथार ने बताया कि उनके तीन बच्चे इसी विद्यालय में पढ़ते हैं। उनके अनुसार, स्कूल प्रशासन उनके बच्चों सहित अन्य छात्रों से पढ़ाई के समय नियमित रूप से सफाई करवाने, गाजर घास उखाड़ने और अन्य श्रम संबंधी कार्य कराता है, जिससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि 02.07.2026 को भी बच्चों से स्कूल में सफाई और घास उखाड़ने का काम कराया गया, जिससे उनका एक बच्चा बीमार हो गया। ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि जब पीड़ित पिता इस मामले की शिकायत करने विद्यालय पहुंचे, तो वहां मौजूद नंदलाल खटीक और विशाल ने उनकी बात सुनने के बजाय उनके साथ बेहद अभद्र, अशोभनीय और अपमानजनक व्यवहार किया। उन पर आरोप है कि उन्होंने अभिभावक को स्कूल से बाहर जाने को कहा और धमकी दी कि यदि वह शिकायत करेंगे तो उनके बच्चों का नाम विद्यालय से काट दिया जाएगा (टी.सी. काट दी जाएगी) और भविष्य में उन्हें किसी अन्य स्कूल में प्रवेश नहीं मिल पाएगा। पीड़ित अभिभावक ने जिला कलेक्टर से गुहार लगाई है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष और गंभीर जांच कराई जाए, तथा दोषी कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने की मांग की है कि विद्यालय में बच्चों से किसी भी प्रकार का श्रम न कराया जाए, ताकि वे भयमुक्त और सम्मानजनक वातावरण में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सकें।2
- पुलिस मुख्यालय द्वारा चलाए जा रहे हेलमेट जागरूकता और प्रवर्तन अभियान के तहत, खेरवाड़ा थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए नियमों का उल्लंघन करने वाली कुल 18 पावर बाइक जब्त कीं। इसके साथ ही, बिना हेलमेट दुपहिया वाहन चलाने वाले चालकों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की गई। इस अभियान के माध्यम से खेरवाड़ा पुलिस ने यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों पर शिकंजा कसा है। यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन के निर्देशानुसार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अंजना सुखवाल और वृत्ताधिकारी राजीव राहड़ के सुपरविजन में की गई। खेरवाड़ा थानाधिकारी करनाराम जाट के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने क्षेत्र में सघन चेकिंग अभियान चलाया, जिसके दौरान मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 207 के तहत इन वाहनों को जब्त किया गया। पुलिस प्रशासन द्वारा यह विशेष हेलमेट जागरूकता और प्रवर्तन अभियान 02 जुलाई से 16 जुलाई तक चलाया जा रहा है।1
- गोड़वाड़ फाउंडेशन के तत्वावधान में संचालित 'घाणेराव बावड़ी पुनर्जीवन अभियान' के तहत 5 जुलाई 2026 को घाणेराव स्थित ऐतिहासिक डूंगर जी की बावड़ी (शनि महाराज) में एक व्यापक स्वच्छता अभियान और श्रमदान कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अभियान के दौरान स्वयंसेवकों ने बावड़ी परिसर से झाड़ियाँ, कचरा और अन्य अवरोध हटाकर गहन सफाई की। इस पहल का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र की प्राचीन जल धरोहरों का संरक्षण करना, उनके पुनर्जीवन के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना और जल संरक्षण के महत्व को समाज तक पहुँचाना है। कार्यक्रम का नेतृत्व गोड़वाड़ फाउंडेशन की डायरेक्टर काशिका राणा और प्रोजेक्ट मैनेजर दीपेंद्र माली ने किया। इस अवसर पर श्री कृष्णा गो सेवा समिति के युवा कार्यकर्ता सुरेश सुथार और विमल वैष्णव, फर्स्ट इंडिया न्यूज़ के संवाददाता रमज़ान भाई, डॉ. दिनेश सीरवी, CHC हॉस्पिटल के शैडोअर आश्विन प्रताप सिंह चौहान, नर्सिंग ऑफिसर महेंद्र सिंह, मीठाल परमार सहित गोड़वाड़ फाउंडेशन के छात्रों ने सक्रिय रूप से अपनी सहभागिता दर्ज कराई। इस मौके पर काशिका राणा ने जोर देकर कहा कि हमारी प्राचीन बावड़ियाँ केवल जल स्रोत ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत भी हैं, और इनका संरक्षण करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है। दीपेंद्र माली ने बताया कि फाउंडेशन द्वारा क्षेत्र की विभिन्न बावड़ियों के संरक्षण और पुनर्जीवन के लिए निरंतर अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें स्थानीय लोगों, युवाओं और विद्यार्थियों का सहयोग अत्यंत प्रेरणादायक है। कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों ने जल स्रोतों की स्वच्छता बनाए रखने, वर्षा जल संरक्षण को बढ़ावा देने तथा प्राकृतिक जल धरोहरों को सुरक्षित रखने का संकल्प लिया।2
- चित्तौड़गढ़ में नीलिया महादेव की बदहाली को लेकर एक सेवक ने गंभीर आरोप लगाए हैं। इन आरोपों के तहत वन विभाग, जनप्रतिनिधियों और क्षेत्र में हुए विकास कार्यों पर सवाल उठाए गए हैं। यह मामला अब न्यायालय तक पहुँच गया है।1
- वल्लभनगर उपखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत बाठेड़ा कलां में जिला कलेक्टर गौरव अग्रवाल के निर्देशन में एक रात्रि चौपाल का आयोजन किया गया। इस चौपाल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों की समस्याओं को सीधे प्रशासनिक स्तर पर सुनना और उनका मौके पर ही निस्तारण करना था। चौपाल में बड़ी संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने क्षेत्र के विकास और मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी विभिन्न मांगें जिला प्रशासन के समक्ष रखीं, जिसके लिए उन्होंने जिला कलेक्टर को ज्ञापन भी सौंपे। इन जनसमस्याओं और विकास कार्यों से जुड़ी मांगों पर जिला कलेक्टर ने त्वरित समाधान के निर्देश दिए।1
- आज कानोड़ क्षेत्र में जबरदस्त बारिश हुई, जिससे इलाके में रौनक लौट आई। मूसलाधार बरसात के साथ इंद्रदेव मेहमान बनकर आए, जिसने लोगों में यह भरोसा जगाया है कि उनकी फसल अच्छी होगी।1