मेरठ के हस्तिनापुर थाना क्षेत्र की चेतावाला बंगाली कॉलोनी में मंगलवार को प्रशासन ने सरकारी भूमि पर किए गए अवैध निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। प्रशासन ने जेसीबी मशीन का उपयोग कर अतिक्रमण हटा दिया। इस अभियान में नायब तहसीलदार, राजस्व विभाग, पशुधन कृषि प्रक्षेत्र (डेयरी विभाग) और पुलिस की एक संयुक्त टीम मौके पर मौजूद रही, और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया था। प्रशासन को चेतावाला बंगाली कॉलोनी स्थित सरकारी भूमि पर लंबे समय से अवैध निर्माण की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। स्थानीय ग्रामीणों ने भी कई बार अधिकारियों से सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की थी। शिकायतों की जांच के बाद प्रशासन ने संयुक्त अभियान चलाने का निर्णय लिया। मंगलवार को नायब तहसीलदार सचिन कुमार और पशुधन कृषि प्रक्षेत्र के अधिकारी अर्जुन कुमार के नेतृत्व में राजस्व विभाग, डेयरी विभाग तथा पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। भूमि की पैमाइश कराने पर निर्माण सरकारी भूमि पर पाया गया, जिसके बाद जेसीबी से अवैध दीवारों और अन्य निर्माण को ध्वस्त कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने विरोध करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की समझाइश व सतर्कता के कारण स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही और पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। नायब तहसीलदार सचिन कुमार ने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और यदि भविष्य में दोबारा कब्जा करने या अवैध निर्माण का प्रयास किया गया तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें आवश्यकता पड़ने पर भू-माफिया संबंधी प्रावधानों सहित अन्य धाराएं भी लगाई जा सकती हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र के अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया। वहीं, स्थानीय लोगों ने सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के इस अभियान का स्वागत किया और प्रशासन से भविष्य में भी ऐसे अभियान लगातार चलाने की मांग की।
मेरठ के हस्तिनापुर थाना क्षेत्र की चेतावाला बंगाली कॉलोनी में मंगलवार को प्रशासन ने सरकारी भूमि पर किए गए अवैध निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। प्रशासन ने जेसीबी मशीन का उपयोग कर अतिक्रमण हटा दिया। इस अभियान में नायब तहसीलदार, राजस्व विभाग, पशुधन कृषि प्रक्षेत्र (डेयरी विभाग) और पुलिस की एक संयुक्त टीम मौके पर मौजूद रही, और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया था। प्रशासन को चेतावाला बंगाली कॉलोनी स्थित सरकारी भूमि पर लंबे समय से अवैध निर्माण की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। स्थानीय ग्रामीणों ने भी कई बार अधिकारियों से सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की थी। शिकायतों की जांच के बाद प्रशासन ने संयुक्त अभियान चलाने का निर्णय लिया। मंगलवार को नायब तहसीलदार सचिन कुमार और पशुधन कृषि प्रक्षेत्र के अधिकारी अर्जुन कुमार के नेतृत्व में राजस्व विभाग, डेयरी विभाग तथा पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। भूमि की पैमाइश कराने
पर निर्माण सरकारी भूमि पर पाया गया, जिसके बाद जेसीबी से अवैध दीवारों और अन्य निर्माण को ध्वस्त कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने विरोध करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की समझाइश व सतर्कता के कारण स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही और पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। नायब तहसीलदार सचिन कुमार ने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और यदि भविष्य में दोबारा कब्जा करने या अवैध निर्माण का प्रयास किया गया तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें आवश्यकता पड़ने पर भू-माफिया संबंधी प्रावधानों सहित अन्य धाराएं भी लगाई जा सकती हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र के अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया। वहीं, स्थानीय लोगों ने सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के इस अभियान का स्वागत किया और प्रशासन से भविष्य में भी ऐसे अभियान लगातार चलाने की मांग की।
- मेरठ के हस्तिनापुर थाना क्षेत्र की चेतावाला बंगाली कॉलोनी में मंगलवार को प्रशासन ने सरकारी भूमि पर किए गए अवैध निर्माण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। प्रशासन ने जेसीबी मशीन का उपयोग कर अतिक्रमण हटा दिया। इस अभियान में नायब तहसीलदार, राजस्व विभाग, पशुधन कृषि प्रक्षेत्र (डेयरी विभाग) और पुलिस की एक संयुक्त टीम मौके पर मौजूद रही, और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए भारी पुलिस बल भी तैनात किया गया था। प्रशासन को चेतावाला बंगाली कॉलोनी स्थित सरकारी भूमि पर लंबे समय से अवैध निर्माण की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। स्थानीय ग्रामीणों ने भी कई बार अधिकारियों से सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की मांग की थी। शिकायतों की जांच के बाद प्रशासन ने संयुक्त अभियान चलाने का निर्णय लिया। मंगलवार को नायब तहसीलदार सचिन कुमार और पशुधन कृषि प्रक्षेत्र के अधिकारी अर्जुन कुमार के नेतृत्व में राजस्व विभाग, डेयरी विभाग तथा पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। भूमि की पैमाइश कराने पर निर्माण सरकारी भूमि पर पाया गया, जिसके बाद जेसीबी से अवैध दीवारों और अन्य निर्माण को ध्वस्त कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने विरोध करने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की समझाइश व सतर्कता के कारण स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही और पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। नायब तहसीलदार सचिन कुमार ने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और यदि भविष्य में दोबारा कब्जा करने या अवैध निर्माण का प्रयास किया गया तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें आवश्यकता पड़ने पर भू-माफिया संबंधी प्रावधानों सहित अन्य धाराएं भी लगाई जा सकती हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र के अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया। वहीं, स्थानीय लोगों ने सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने के इस अभियान का स्वागत किया और प्रशासन से भविष्य में भी ऐसे अभियान लगातार चलाने की मांग की।2
- उत्तर प्रदेश के मेरठ में दिल्ली रोड स्थित डॉक्टर शिखा सेठ के अस्पताल में इलाज के दौरान एक मासूम बच्चे की मौत हो गई। परिजनों का गंभीर आरोप है कि डॉक्टरों की लापरवाही के कारण उनके बच्चे की जान चली गई। बताया गया है कि 14 दिनों तक चले उपचार के बाद भी डॉक्टर बच्चे को बचाने में असमर्थ रहे। इस दुखद घटना के बाद, पीड़ित परिजनों ने तत्काल ब्रह्मपुरी थाना पहुंचकर संबंधित डॉक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है।1
- मुजफ्फरनगर में एक सब-इंस्पेक्टर को कथित रूप से ₹50,000 की रिश्वत लेते हुए पकड़े जाने की सूचना मिली है, जिसके बाद पुलिस अधिकारियों ने इस पूरे मामले की गहन जांच करने की बात कही है। अधिकारियों के बयान के अनुसार, फ़िलहाल जांच जारी है और जांच पूरी होने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुँचना या इस मामले के संबंध में कुछ भी कहना उचित नहीं होगा। पुलिस ने स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने के बाद ही इस पूरे प्रकरण की विस्तृत जानकारी दी जाएगी।1
- समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का 53वां जन्मदिवस मेरठ में बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। समाजवादी पार्टी के पार्षदों और पूर्व पार्षदों ने इस अवसर को 'हरियाली एवं पर्यावरण दिवस' के रूप में आयोजित किया। इस दौरान भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा, कचहरी में और राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा, टाउन हॉल घंटाघर परिसर में पौधारोपण किया गया। पौधारोपण कार्यक्रम के बाद, कार्यकर्ताओं ने केक काटकर खुशीपूर्वक जन्मदिन मनाया। इस कार्यक्रम में पार्षद कुलदीप कीर्ति, पूर्व पार्षद अफजाल सैफी, पूर्व पार्षद संगीता राहुल, समाजवादी अधिवक्ता सभा के राष्ट्रीय सचिव कपिल राज शर्मा, महानगर उपाध्यक्ष संजय यादव, वसीम राहुल, वरिष्ठ नेता अकबर खान, पूर्व पार्षद महमूद इकबाल कस्सार, नेहा गौड़, पूर्व जिला अध्यक्ष अनीता मिलन, विवेक यादव, ब्लॉक प्रमुख हिमांशु सिद्धार्थ, पूर्व पार्षद शमसुद्दीन कुरैशी, पंडित रजत शर्मा, वसीम अंसारी, मोहम्मद तुफैल कुरैशी, बिलाल कुरैशी, मुकेश कुमार जाटव और सौहेल सैफी नगर सहित समाजवादी पार्टी के कई पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए सभी से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने का संकल्प लेने का आह्वान किया। साथ ही, उन्होंने अखिलेश यादव के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना भी की।3
- एक अपील में कहा गया है कि 19 तारीख से लापता जैतून के संबंध में नई खबर प्रकाशित की जाए। यह अपील जैतून की गुमशुदगी के मामले को उजागर करने के उद्देश्य से की गई है।1
- उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ सीआरपीएफ जवान दर्शन उर्फ देव की पत्नी जान्हवी को कानपुर में तैनात सनी यादव कथित तौर पर भगा ले गया है। जानकारी के अनुसार, दर्शन और जान्हवी ने बीते 10 मई को प्रेम विवाह किया था। शादी के ठीक एक महीने बाद, यानी 10 जून को, दर्शन अपनी छुट्टियाँ समाप्त कर ड्यूटी पर लौट गया, जिसके बाद सनी यादव जान्हवी को उसके घर से भगा ले गया। इस घटना से पीड़ित जवान अब न्याय की गुहार लगाते हुए अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर लगा रहा है।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी (CJP)' के आंदोलन के दौरान एक प्रदर्शनकारी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर भूख हड़ताल शुरू की है। सोशल मीडिया पर प्रसारित पोस्टों के अनुसार, प्रदर्शनकारी इनेश शिक्षा व्यवस्था और विभिन्न अन्य मुद्दों को लेकर अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं। इनेश की भूख हड़ताल के कारण उनके स्वास्थ्य को लेकर भी चिंताएं बढ़ गई हैं। उनके समर्थक सरकार से आग्रह कर रहे हैं कि आंदोलनकारियों की बातों को सुना जाए और उनकी सुरक्षा व स्वास्थ्य सुनिश्चित किया जाए। इस आंदोलन और उसकी मांगों के संबंध में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। सभी संबंधित पक्षों की ओर से आधिकारिक निर्णय पर सबकी नजर बनी हुई है। यह समाचार सार्वजनिक रूप से साझा की गई जानकारी और सोशल मीडिया पर प्रसारित दावों पर आधारित है, तथा आंदोलन की मांगों व अन्य तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि संबंधित पक्षों द्वारा की जानी शेष है।1