जयनगर शहर क्षेत्र के मेन रोड, कमला रोड के समीप स्थित प्रसिद्ध नागा बाबा महावीर मंदिर में दो दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान के साथ देवी-देवताओं की प्राण-प्रतिष्ठा की गई। अयोध्या के भव्य राम मंदिर की तर्ज पर नवनिर्मित इस मंदिर का निर्माण लगभग 5 करोड़ रुपये की लागत से हुआ है और इसका भव्य रूप तथा सजावट आकर्षण का केंद्र बनी हुई है, जिसे देखने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। अनुष्ठान के पहले दिन, मंगलवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने देवी-देवताओं की झाँकियों के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली, जिसमें ध्वज लिए हुए भक्त शामिल थे। संध्या में संगीतमय भजन कीर्तन का आयोजन किया गया, जिसमें श्रोता झूमते रहे। बुधवार, 17 जून को ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर, मंदिर परिसर में पुजारियों और पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हवन कर देवी-देवताओं की प्रतिमाएं स्थापित की गईं। मंगलाचरण में पूरे वैदिक विधि-विधान से प्राण-प्रतिष्ठा धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुआ। मंदिर निर्माण समिति के सदस्यों ने बताया कि प्राण-प्रतिष्ठा अनुष्ठान दरभंगा मिथिला विश्वविद्यालय के आचार्यों की टीम और अहमदाबाद से आए विद्वान भार्गव द्विवेदी व उनकी टीम के संयुक्त निर्देशन में कराया गया। प्राण-प्रतिष्ठा के शुभ अवसर पर बुधवार संध्या में प्रसिद्ध मानस मयंक पंडित अजय याग्निक द्वारा सुंदरकांड पाठ किया गया, साथ ही यूपी, दिल्ली और स्थानीय कलाकारों द्वारा भक्तिमय भजन व सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। इस दो दिवसीय आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, साधु-संत और धर्मप्रेमी भाग ले रहे हैं, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। समिति के अनुसार, लगभग 2900 वर्ग फीट क्षेत्र में बने इस भव्य मंदिर के निर्माण में लोहे या किसी अन्य धातु का उपयोग नहीं किया गया है। मंदिर का निर्माण राजस्थान के बंसीपहाड़पुर पत्थरों से किया गया है, जिन पर राजस्थान में ही बारीक नक्काशी की गई और फिर उन्हें जयनगर लाकर स्थापित किया गया। फरवरी 2018 में मंदिर पुनर्निर्माण का शिलान्यास किया गया था और आठ वर्षों के लंबे इंतजार के बाद यह ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन संपन्न हुआ है। मंदिर को आकर्षक विद्युत सज्जा से सजाया गया है। प्रथम तल पर भगवान शिव, नंदी, हनुमान जी और राम दरबार की प्रतिमाओं की प्राण-प्रतिष्ठा हुई है, जबकि भूतल के गर्भगृह में राधा-कृष्ण दरबार और शिव दरबार है, जहाँ एक ऐतिहासिक शिवलिंग भी विराजमान है। नेपाल समेत देश के विभिन्न प्रदेशों, आसपास के क्षेत्रों और स्थानीय श्रद्धालुओं की भीड़ दर्शन के लिए उमड़ रही है।
जयनगर शहर क्षेत्र के मेन रोड, कमला रोड के समीप स्थित प्रसिद्ध नागा बाबा महावीर मंदिर में दो दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान के साथ देवी-देवताओं की प्राण-प्रतिष्ठा की गई। अयोध्या के भव्य राम मंदिर की तर्ज पर नवनिर्मित इस मंदिर का निर्माण लगभग 5 करोड़ रुपये की लागत से हुआ है और इसका भव्य रूप तथा सजावट आकर्षण का केंद्र बनी हुई है, जिसे देखने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। अनुष्ठान के पहले दिन, मंगलवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने देवी-देवताओं की झाँकियों के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली, जिसमें ध्वज लिए हुए भक्त शामिल
थे। संध्या में संगीतमय भजन कीर्तन का आयोजन किया गया, जिसमें श्रोता झूमते रहे। बुधवार, 17 जून को ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर, मंदिर परिसर में पुजारियों और पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हवन कर देवी-देवताओं की प्रतिमाएं स्थापित की गईं। मंगलाचरण में पूरे वैदिक विधि-विधान से प्राण-प्रतिष्ठा धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुआ। मंदिर निर्माण समिति के सदस्यों ने बताया कि प्राण-प्रतिष्ठा अनुष्ठान दरभंगा मिथिला विश्वविद्यालय के आचार्यों की टीम और अहमदाबाद से आए विद्वान भार्गव द्विवेदी व उनकी टीम के संयुक्त निर्देशन में कराया गया। प्राण-प्रतिष्ठा के शुभ अवसर पर बुधवार संध्या में
प्रसिद्ध मानस मयंक पंडित अजय याग्निक द्वारा सुंदरकांड पाठ किया गया, साथ ही यूपी, दिल्ली और स्थानीय कलाकारों द्वारा भक्तिमय भजन व सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। इस दो दिवसीय आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, साधु-संत और धर्मप्रेमी भाग ले रहे हैं, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। समिति के अनुसार, लगभग 2900 वर्ग फीट क्षेत्र में बने इस भव्य मंदिर के निर्माण में लोहे या किसी अन्य धातु का उपयोग नहीं किया गया है। मंदिर का निर्माण राजस्थान के बंसीपहाड़पुर पत्थरों से किया गया है, जिन पर राजस्थान में ही बारीक नक्काशी की गई और
फिर उन्हें जयनगर लाकर स्थापित किया गया। फरवरी 2018 में मंदिर पुनर्निर्माण का शिलान्यास किया गया था और आठ वर्षों के लंबे इंतजार के बाद यह ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन संपन्न हुआ है। मंदिर को आकर्षक विद्युत सज्जा से सजाया गया है। प्रथम तल पर भगवान शिव, नंदी, हनुमान जी और राम दरबार की प्रतिमाओं की प्राण-प्रतिष्ठा हुई है, जबकि भूतल के गर्भगृह में राधा-कृष्ण दरबार और शिव दरबार है, जहाँ एक ऐतिहासिक शिवलिंग भी विराजमान है। नेपाल समेत देश के विभिन्न प्रदेशों, आसपास के क्षेत्रों और स्थानीय श्रद्धालुओं की भीड़ दर्शन के लिए उमड़ रही है।
- जयनगर शहर क्षेत्र के मेन रोड, कमला रोड के समीप स्थित प्रसिद्ध नागा बाबा महावीर मंदिर में दो दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान के साथ देवी-देवताओं की प्राण-प्रतिष्ठा की गई। अयोध्या के भव्य राम मंदिर की तर्ज पर नवनिर्मित इस मंदिर का निर्माण लगभग 5 करोड़ रुपये की लागत से हुआ है और इसका भव्य रूप तथा सजावट आकर्षण का केंद्र बनी हुई है, जिसे देखने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। अनुष्ठान के पहले दिन, मंगलवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने देवी-देवताओं की झाँकियों के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली, जिसमें ध्वज लिए हुए भक्त शामिल थे। संध्या में संगीतमय भजन कीर्तन का आयोजन किया गया, जिसमें श्रोता झूमते रहे। बुधवार, 17 जून को ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर, मंदिर परिसर में पुजारियों और पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ हवन कर देवी-देवताओं की प्रतिमाएं स्थापित की गईं। मंगलाचरण में पूरे वैदिक विधि-विधान से प्राण-प्रतिष्ठा धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुआ। मंदिर निर्माण समिति के सदस्यों ने बताया कि प्राण-प्रतिष्ठा अनुष्ठान दरभंगा मिथिला विश्वविद्यालय के आचार्यों की टीम और अहमदाबाद से आए विद्वान भार्गव द्विवेदी व उनकी टीम के संयुक्त निर्देशन में कराया गया। प्राण-प्रतिष्ठा के शुभ अवसर पर बुधवार संध्या में प्रसिद्ध मानस मयंक पंडित अजय याग्निक द्वारा सुंदरकांड पाठ किया गया, साथ ही यूपी, दिल्ली और स्थानीय कलाकारों द्वारा भक्तिमय भजन व सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। इस दो दिवसीय आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, साधु-संत और धर्मप्रेमी भाग ले रहे हैं, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। समिति के अनुसार, लगभग 2900 वर्ग फीट क्षेत्र में बने इस भव्य मंदिर के निर्माण में लोहे या किसी अन्य धातु का उपयोग नहीं किया गया है। मंदिर का निर्माण राजस्थान के बंसीपहाड़पुर पत्थरों से किया गया है, जिन पर राजस्थान में ही बारीक नक्काशी की गई और फिर उन्हें जयनगर लाकर स्थापित किया गया। फरवरी 2018 में मंदिर पुनर्निर्माण का शिलान्यास किया गया था और आठ वर्षों के लंबे इंतजार के बाद यह ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन संपन्न हुआ है। मंदिर को आकर्षक विद्युत सज्जा से सजाया गया है। प्रथम तल पर भगवान शिव, नंदी, हनुमान जी और राम दरबार की प्रतिमाओं की प्राण-प्रतिष्ठा हुई है, जबकि भूतल के गर्भगृह में राधा-कृष्ण दरबार और शिव दरबार है, जहाँ एक ऐतिहासिक शिवलिंग भी विराजमान है। नेपाल समेत देश के विभिन्न प्रदेशों, आसपास के क्षेत्रों और स्थानीय श्रद्धालुओं की भीड़ दर्शन के लिए उमड़ रही है।4
- मधुबनी में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों को लेकर किया गया, जिसमें सरकार पर इन समस्याओं को बढ़ाने का आरोप लगाया गया। इसी क्रम में, ब्रज किशोर यादव ने बासोपट्टी गांजा कांड को लेकर एक बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में सभी की मिलीभगत है और इतने बड़े खेल को बिना संरक्षण के अंजाम देना संभव नहीं है।1
- बिहार के मधुबनी जिले के जयनगर थाना क्षेत्र के नरार गांव से एक दुखद सूचना सामने आई है, जहाँ कमला नदी में नहाने के दौरान एक लगभग 14 से 15 वर्ष का किशोर लापता हो गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, नरार गांव निवासी कृष्ण कुमार अपने साथियों के साथ कमला नदी में नहाने गया था। नहाते समय वह अचानक गहरे पानी में चला गया और उसके बाद से लापता है। इस घटना के बाद कृष्ण कुमार के परिजनों और ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई है।1
- प्रिया राज के एक बयान ने हड़कंप मचा दिया है, जिसमें उन्होंने नेताओं और पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके इस बयान के बाद राज्य में राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है।1
- बिहार में खान सर और रौशन आनंद के बीच चल रहे विवाद पर राज्य के मंत्री अशोक चौधरी ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस पूरे मामले को लेकर रौशन आनंद पर निशाना साधा है। मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि अगर किसी को लगता है कि उनके साथ कुछ गलत हुआ है, तो ऐसे विवादों को कोर्ट में ले जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कानून से बढ़कर कोई नहीं है और सभी को कानून का पालन करना चाहिए। चौधरी ने स्पष्ट किया कि जब कोई मामला कोर्ट में जाता है, तो कानून अपना काम करता है और जो गलत होता है उसे सजा मिलती है।1
- बिहार में प्रभारी मंत्री श्रेयसी सिंह ने अधिकारियों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि जनता को दौड़ाया गया तो वे किसी को नहीं छोड़ेंगी। उन्होंने स्पष्ट रूप से अधिकारियों से कहा कि वे अपने काम में लापरवाही न बरतें और जनता के प्रति जवाबदेह रहें। मंत्री श्रेयसी सिंह का यह बयान जनता के प्रति उनके गंभीर रुख और प्रशासन में जवाबदेही सुनिश्चित करने की उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।1
- मधुबनी जिले के जयनगर स्थित श्री 108 नागा बाबा महावीर मंदिर, महावीर चौक पर आयोजित भव्य प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के तहत मंगलवार को एक विशाल झांकी और शोभायात्रा निकाली गई। इस शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भागीदारी से पूरा नगर भक्तिमय वातावरण में डूब गया, जिसने नगरवासियों का मन मोह लिया। शोभायात्रा मंदिर परिसर से वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ शुरू हुई। इसमें भगवान श्रीराम, माता सीता, श्री हनुमान, भगवान भोलेनाथ और माता पार्वती सहित विभिन्न देवी-देवताओं की आकर्षक झांकियां शामिल थीं। रंग-बिरंगे परिधानों से सजे कलाकारों ने झांकियों को जीवंत रूप दिया, जिसे देखने के लिए सड़क के दोनों ओर भारी भीड़ उमड़ी। शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से गुज़रते हुए पुनः मंदिर परिसर पहुंची, जहां श्रद्धालु लगातार 'जय श्रीराम', 'हर-हर महादेव' और 'बजरंगबली' के जयकारे लगा रहे थे। महिलाओं, युवाओं और बच्चों ने भी इस यात्रा में उत्साहपूर्वक भाग लिया। जगह-जगह पुष्पवर्षा कर शोभायात्रा का स्वागत किया गया, और कई सामाजिक संगठनों व स्थानीय लोगों ने श्रद्धालुओं के लिए शीतल पेयजल तथा शरबत की व्यवस्था भी की। इस अवसर पर अरुण जैन, नगर पंचायत जयनगर के मुख्य पार्षद कैलाश पासवान, डॉ. रत्नेश्वर प्रसाद सिंह, डॉ. ए.पी. सिंह, शीतल राउत, अनिल बैरोलिया, बैद्यनाथ ठाकुर, कल्पना सिंह, शिवशंकर ठाकुर, गिरधर सराफ, राजेश मुरारका, रंजिश पासवान, गुड्डा मंडल, राम प्रसाद राउत, अरविंद तिवारी, सुधीर खरगा, शिवम चौधरी, डॉ. सतीश गोइत सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक और श्रद्धालु उपस्थित थे। मंदिर प्रबंधन समिति के सदस्यों ने बताया कि प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के अंतर्गत 17 जून को सुबह 8 बजे से दिव्य प्राण प्रतिष्ठा का मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें वैदिक विधि-विधान से मंदिर में स्थापित होने वाले विग्रहों की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न होगी। इसके अतिरिक्त, शाम 5 बजे से प्रसिद्ध कथावाचक एवं मानस मयंक पंडित अजय याज्ञनिक द्वारा संगीतमय सुंदरकांड की प्रस्तुति दी जाएगी, और शाम 7 बजे से प्रभु इच्छा तक महाप्रसाद वितरण का आयोजन होगा, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। मंदिर समिति ने क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं, धर्मप्रेमियों और नगरवासियों से अपील की है कि वे अपने परिवार, बंधु-बांधव और इष्ट मित्रों सहित इस दिव्य धार्मिक आयोजन में शामिल होकर पुण्य लाभ प्राप्त करें और प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव को सफल बनाने में अपना सहयोग दें।1
- बिहार के बहुअरवा में युवाओं और ग्रामीणों के लगातार विरोध, सड़क जाम और जनदबाव के बाद आखिरकार सड़क निर्माण कार्य शुरू हो गया है। इसे किसी एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे गांव के युवाओं और ग्रामीणों की एकता और संघर्ष की जीत बताया गया है। ग्राउंड रिपोर्टिंग के दौरान मिले समर्थन और सहयोग के लिए धन्यवाद व्यक्त किया गया है। 'सच दिखाओ LIVE' और 'Awaaz-E-Kishore' ने कहा कि जनता की आवाज़ उठती रहेगी और समस्याओं का समाधान भी होता रहेगा।1