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अंबाला लोकसभा सांसद वरुण मुलाना शनिवार को साढ़ौरा रेस्ट हाउस पहुंचे और जनसंपर्क अभियान के तहत कार्यकर्ताओं से मुलाकात की, जहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने सांसद के समक्ष क्षेत्र में लगातार जनसंपर्क बनाए रखने, संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने की मांग रखी। यमुनानगर पंचायती राज प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष अनिल संधू मोंटी ने स्वीकार किया कि एक विधायक के पार्टी छोड़ने से कार्यकर्ताओं के मनोबल पर असर पड़ा है, लेकिन उन्होंने विश्वास जताया कि जो लोग पार्टी से गए हैं, वे वापस आएंगे क्योंकि वे सभी अपने ही लोग हैं। उन्होंने सांसद मुलाना और उनकी विधायक धर्मपत्नी से क्षेत्र में सक्रियता बढ़ाने का आग्रह किया। अपने संबोधन में सांसद मुलाना ने कार्यकर्ताओं को पार्टी की असली ताकत बताते हुए संगठन को मजबूत करने और हर कार्यकर्ता के सम्मान व भागीदारी के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। इस अवसर पर सांसद वरुण मुलाना ने विधायक रेनू बाला के पति इंजीनियर ऋषिपाल के बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि वे इसे अपनी “घर वापसी” बता रहे हैं, तो उन्हें यह भी याद रखना चाहिए कि भाजपा में जाने से पहले वे बसपा में थे। मुलाना ने विधायक पक्ष के इस दावे को खारिज किया कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया, क्योंकि घटनाक्रम के दौरान वे स्वयं वहां मौजूद थे और संबंधित लोग अपना मोबाइल तक वापस लेने नहीं आए, बल्कि बाद में किसी कर्मचारी के माध्यम से मंगवाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि अब पर्दे के पीछे से भाजपा की बैठकों के लिए लोगों को बुलाया जा रहा है। सांसद ने चुनौती देते हुए कहा कि यदि उनमें हिम्मत है तो सामने आकर इस्तीफा दें और चुनाव लड़ें। सांसद मुलाना ने केंद्र और हरियाणा की भाजपा सरकार पर भी हमला बोला, यह सवाल करते हुए कि भाजपा अपने 12 वर्षों का जश्न मना रही है, लेकिन इन वर्षों में जनता को महंगाई, बेरोजगारी और धार्मिक ध्रुवीकरण के अलावा क्या मिला है। उन्होंने कहा कि यदि वास्तव में जनता सरकार के 12 सालों का जश्न मना रही होती, तो यह माना जा सकता था कि सरकार ने जनहित में काम किया है। हरियाणा के मुख्यमंत्री पर टिप्पणी करते हुए सांसद वरुण मुलाना ने कहा कि मुख्यमंत्री हरियाणा के मुद्दों से ज्यादा पंजाब, बिहार और बंगाल की बातें करते हैं। उन्होंने पंजाब में नशा खत्म करने की बात से पहले हरियाणा में फैल रहे नशे, गुंडागर्दी, फायरिंग और रंगदारी जैसे आम होते जा रहे मामलों पर ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया। इसके साथ ही उन्होंने पंजाब के साथ जल विवाद का मुद्दा उठाते हुए सरकार से हरियाणा को अपने हिस्से का पानी दिलाने की दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की। कार्यक्रम के अंत में सांसद ने कार्यकर्ताओं को आश्वस्त किया कि पार्टी संगठन को मजबूत करने और क्षेत्र में कांग्रेस की सक्रियता बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जाएंगे।

4 hrs ago
user_Satpal sharma
Satpal sharma
Local News Reporter सढौरा एसटी, यमुनानगर, हरियाणा•
4 hrs ago

अंबाला लोकसभा सांसद वरुण मुलाना शनिवार को साढ़ौरा रेस्ट हाउस पहुंचे और जनसंपर्क अभियान के तहत कार्यकर्ताओं से मुलाकात की, जहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने सांसद के समक्ष क्षेत्र में लगातार जनसंपर्क बनाए रखने, संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने की मांग रखी। यमुनानगर पंचायती राज प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष अनिल संधू मोंटी ने स्वीकार किया कि एक विधायक के पार्टी छोड़ने से कार्यकर्ताओं के मनोबल पर असर पड़ा है, लेकिन उन्होंने विश्वास जताया कि जो लोग पार्टी से गए हैं, वे वापस आएंगे क्योंकि वे सभी अपने ही लोग हैं। उन्होंने सांसद मुलाना और उनकी विधायक धर्मपत्नी से क्षेत्र में सक्रियता बढ़ाने का आग्रह किया। अपने संबोधन में सांसद मुलाना ने कार्यकर्ताओं को पार्टी की असली ताकत बताते हुए संगठन को मजबूत करने और हर कार्यकर्ता के सम्मान व भागीदारी के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। इस अवसर पर सांसद वरुण मुलाना ने विधायक रेनू बाला के पति इंजीनियर ऋषिपाल के बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि वे इसे अपनी “घर वापसी” बता रहे हैं, तो उन्हें यह भी याद रखना चाहिए कि भाजपा में जाने से पहले वे बसपा में थे। मुलाना ने विधायक पक्ष के इस दावे को खारिज किया कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया, क्योंकि घटनाक्रम के दौरान वे स्वयं वहां मौजूद थे और संबंधित लोग अपना मोबाइल तक वापस लेने नहीं आए, बल्कि बाद में किसी कर्मचारी के माध्यम से मंगवाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि अब पर्दे के पीछे से भाजपा की बैठकों के लिए लोगों को बुलाया जा रहा है। सांसद ने चुनौती देते हुए कहा कि यदि उनमें हिम्मत है तो सामने आकर इस्तीफा दें और चुनाव लड़ें। सांसद मुलाना ने केंद्र और हरियाणा की भाजपा सरकार पर भी हमला बोला, यह सवाल करते हुए कि भाजपा अपने 12 वर्षों का जश्न मना रही है, लेकिन इन वर्षों में जनता को महंगाई, बेरोजगारी और धार्मिक ध्रुवीकरण के अलावा क्या मिला है। उन्होंने कहा कि यदि वास्तव में जनता सरकार के 12 सालों का जश्न मना रही होती, तो यह माना जा सकता था कि सरकार ने जनहित में काम किया है। हरियाणा के मुख्यमंत्री पर टिप्पणी करते हुए सांसद वरुण मुलाना ने कहा कि मुख्यमंत्री हरियाणा के मुद्दों से ज्यादा पंजाब, बिहार और बंगाल की बातें करते हैं। उन्होंने पंजाब में नशा खत्म करने की बात से पहले हरियाणा में फैल रहे नशे, गुंडागर्दी, फायरिंग और रंगदारी जैसे आम होते जा रहे मामलों पर ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया। इसके साथ ही उन्होंने पंजाब के साथ जल विवाद का मुद्दा उठाते हुए सरकार से हरियाणा को अपने हिस्से का पानी दिलाने की दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की। कार्यक्रम के अंत में सांसद ने कार्यकर्ताओं को आश्वस्त किया कि पार्टी संगठन को मजबूत करने और क्षेत्र में कांग्रेस की सक्रियता बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जाएंगे।

More news from हरियाणा and nearby areas
  • यमुनानगर के रादौर में प्रशासन ने अवैध कब्जों और निर्माणों के खिलाफ एक बड़ा अभियान छेड़ दिया है। डेहा बस्ती क्षेत्र में नगर पालिका की टीम ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में बुलडोजर कार्रवाई करते हुए 100 से अधिक अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर दिया है। यह कार्रवाई हाल ही में इसी इलाके में सीआईए टीम पर हुए हमले और आरोपी को पुलिस हिरासत से छुड़ाने की घटना के बाद प्रशासन के सख्त रुख का संकेत है। बताया जा रहा है कि इस क्षेत्र में लगभग 250 से 300 मकान और झुग्गियां अवैध रूप से बनाई गई थीं, जिन पर अब चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई की जा रही है। नगर पालिका और पुलिस प्रशासन की एक संयुक्त टीम सुबह से ही जेसीबी और बुलडोजर की मदद से अवैध रूप से बनाए गए अस्थायी ढांचों को हटा रही है। अधिकारियों के अनुसार, यह जमीन लंबे समय से अवैध कब्जों की चपेट में थी और यहां बिना अनुमति के मकान व झुग्गियां बनाई गई थीं, जिसके लिए संबंधित लोगों को पहले ही नोटिस जारी किए जा चुके थे। नगर पालिका रादौर के एमई संदीप शर्मा ने भी इस कार्रवाई की जानकारी दी। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले इसी डेहा बस्ती इलाके में एनडीपीएस मामले में एक आरोपी को पकड़ने पहुंची सीआईए टीम पर स्थानीय लोगों ने हमला कर दिया था, जिसके बाद पथराव के बीच आरोपी को पुलिस हिरासत से छुड़ा लिया गया था। इसी घटना के बाद प्रशासन ने अवैध कब्जों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए यह व्यापक अभियान शुरू किया है। अधिकारियों ने दावा किया कि जिस क्षेत्र में कार्रवाई की गई है, वहां लगभग सभी निर्माण अवैध थे और सरकारी भूमि पर कब्जा किया गया था। प्रशासन का कहना है कि अवैध कब्जों को पूरी तरह हटाकर जमीन को कब्जामुक्त कराया जाएगा। नगर पालिका अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि फिलहाल अस्थायी निर्माण हटाए जा रहे हैं, जबकि पक्के अवैध निर्माणों के मालिकों को भी नोटिस दिए जाएंगे और नोटिस अवधि पूरी होने के बाद उन निर्माणों पर भी बुलडोजर चलाया जाएगा। फिलहाल यह कार्रवाई जारी है और आने वाले दिनों में और भी अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलने की संभावना जताई जा रही है।
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    यमुनानगर के रादौर में प्रशासन ने अवैध कब्जों और निर्माणों के खिलाफ एक बड़ा अभियान छेड़ दिया है। डेहा बस्ती क्षेत्र में नगर पालिका की टीम ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में बुलडोजर कार्रवाई करते हुए 100 से अधिक अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर दिया है। यह कार्रवाई हाल ही में इसी इलाके में सीआईए टीम पर हुए हमले और आरोपी को पुलिस हिरासत से छुड़ाने की घटना के बाद प्रशासन के सख्त रुख का संकेत है।

बताया जा रहा है कि इस क्षेत्र में लगभग 250 से 300 मकान और झुग्गियां अवैध रूप से बनाई गई थीं, जिन पर अब चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई की जा रही है। नगर पालिका और पुलिस प्रशासन की एक संयुक्त टीम सुबह से ही जेसीबी और बुलडोजर की मदद से अवैध रूप से बनाए गए अस्थायी ढांचों को हटा रही है। अधिकारियों के अनुसार, यह जमीन लंबे समय से अवैध कब्जों की चपेट में थी और यहां बिना अनुमति के मकान व झुग्गियां बनाई गई थीं, जिसके लिए संबंधित लोगों को पहले ही नोटिस जारी किए जा चुके थे। नगर पालिका रादौर के एमई संदीप शर्मा ने भी इस कार्रवाई की जानकारी दी।

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले इसी डेहा बस्ती इलाके में एनडीपीएस मामले में एक आरोपी को पकड़ने पहुंची सीआईए टीम पर स्थानीय लोगों ने हमला कर दिया था, जिसके बाद पथराव के बीच आरोपी को पुलिस हिरासत से छुड़ा लिया गया था। इसी घटना के बाद प्रशासन ने अवैध कब्जों के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए यह व्यापक अभियान शुरू किया है। अधिकारियों ने दावा किया कि जिस क्षेत्र में कार्रवाई की गई है, वहां लगभग सभी निर्माण अवैध थे और सरकारी भूमि पर कब्जा किया गया था। प्रशासन का कहना है कि अवैध कब्जों को पूरी तरह हटाकर जमीन को कब्जामुक्त कराया जाएगा। नगर पालिका अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि फिलहाल अस्थायी निर्माण हटाए जा रहे हैं, जबकि पक्के अवैध निर्माणों के मालिकों को भी नोटिस दिए जाएंगे और नोटिस अवधि पूरी होने के बाद उन निर्माणों पर भी बुलडोजर चलाया जाएगा। फिलहाल यह कार्रवाई जारी है और आने वाले दिनों में और भी अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलने की संभावना जताई जा रही है।
    user_Rajiv kumar
    Rajiv kumar
    जगाधरी, यमुनानगर, हरियाणा•
    13 hrs ago
  • रादौर के गांव छोटा बांस में प्रशासन द्वारा बुलडोज़र चलाकर कार्रवाई की गई है।
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    रादौर के गांव छोटा बांस में प्रशासन द्वारा बुलडोज़र चलाकर कार्रवाई की गई है।
    user_Gulshan Dhiman
    Gulshan Dhiman
    रादौर, यमुनानगर, हरियाणा•
    4 hrs ago
  • रादौर में सीआइए टीम पर डेहा बस्ती के लोगों द्वारा पथराव किए जाने के कुछ दिन बाद, शनिवार को प्रशासन ने 'योगी सरकार की तर्ज पर' बड़ी कार्रवाई करते हुए डेहा बस्ती में 100 से अधिक अस्थायी घरों को ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई के माध्यम से दशकों से नगरपालिका की भूमि पर हुए अवैध कब्जों को भारी पुलिस बल की सहायता से मुक्त कराया गया। इस अभियान के लिए जिला उपायुक्त ने कृषि विभाग के एसडीओ आशु कांबोज को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया था। नगरपालिका की ओर से अवैध कब्जे हटवाने के लिए चार जेसीबी मशीनें मंगवाई गईं, जिनसे अस्थायी कब्जों को ढहाया गया। थाना रादौर प्रभारी इंस्पेक्टर राजेश राणा के नेतृत्व में 100 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात थे। कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने विरोध किया तो पुलिस ने उन्हें मौके से खदेड़ दिया, और डेहा बस्ती से गुजरने वाली सड़क को दोनों ओर से बंद रखा गया। नगरपालिका सचिव सुरेंद्र मलिक के अवकाश पर होने के कारण एमई संदीप शर्मा, अकाउंटेंट नीरज कांबोज, बीआई आदित्य कांबोज और एसआई सुमित बैंस ने मोर्चा संभाला। नपा दरोगा जितेंद्र सिंह बिट्टू और विपिन वाल्मीकि के नेतृत्व में 50 से अधिक सफाई कर्मचारियों की टीम ने घरों से फ्रिज, कूलर, वाशिंग मशीन, चारपाइयां और सिलेंडर सहित अन्य सामान निकालकर नपा की ट्रॉलियों में लोड किया, जिसे जब्त कर नगरपालिका कार्यालय भिजवाया गया। साथ ही, बिजली निगम की टीम ने अवैध कब्जाधारियों को बिजली आपूर्ति न मिल सके, इसके लिए अस्थायी घरों की बिजली काट दी। यह बड़ी कार्रवाई मंगलवार, 16 जून को हुई एक घटना के बाद की गई। उस दिन सीआइए असंध की टीम करनाल निवासी नशा तस्कर राजेंद्र कुमार को डेहा बस्ती में गिरफ्तार करने आई थी, लेकिन बस्ती के लोगों ने गिरफ्तारी का विरोध किया। उन्होंने पुलिस पर ईंट-पत्थर बरसाए, उन्हें घायल किया और उनकी गाड़ी के शीशे तोड़ते हुए नशा तस्कर राजेंद्र कुमार को पुलिस हिरासत से भागने में मदद की। इसी घटना के बाद प्रशासन ने नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए डेहा बस्ती में 100 से अधिक अस्थायी घरों पर बुलडोजर चलवाकर नगरपालिका की भूमि को कब्जा मुक्त करवाया। दशकों से छोटाबांस में नगरपालिका की भूमि पर अवैध रूप से घर बनाकर रह रहे डेहा बस्ती के लोगों के खिलाफ न तो कभी गांव रादौरी की पंचायत ने और न ही तत्कालीन नगरपालिका ने कोई बड़ी कार्रवाई की। 'वोटों की राजनीति' के चलते यह बस्ती अस्तित्व में आई, जहां पहले कम लोग रहते थे, लेकिन बाद में अवैध कब्जे बढ़ते गए और किसी ने विरोध नहीं किया। 2016 में रादौर को नगरपालिका का दर्जा मिलने के बाद छोटाबांस को इसमें शामिल किया गया, हालांकि स्थानीय लोगों ने इसका विरोध भी किया था। नगरपालिका के कार्यकाल में भी डेहा बस्ती में भारी संख्या में अवैध कब्जे हुए और नगरपालिका की एक-एक इंच भूमि पर कब्जा कर लिया गया, जिसके खिलाफ नगरपालिका ने कोई कार्रवाई नहीं की थी। हालांकि, डेहा बस्ती में बिक रहे नशीले पदार्थों और पुलिस पर पथराव की घटना के बाद नगरपालिका के पार्षदों ने प्रशासन के अधिकारियों को कार्रवाई का प्रस्ताव दिया। शुक्रवार को नपा चेयरमैन रजनीश मेहता शालू के नेतृत्व में शहर के पार्षदों ने एसडीएम रादौर से मिलकर ज्ञापन सौंपा और कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन देने के 24 घंटे के भीतर ही प्रशासन ने डेहा बस्ती में शनिवार को यह बड़ी कार्रवाई की। इस कार्रवाई के चलते डेहा बस्ती के 100 से अधिक घरों में रह रहे लोग बेघर हो गए और सड़कों पर आ गए। बस्ती के अधिकतर लोग अपने घरों को ताला लगाकर कई दिनों से फरार चल रहे हैं, जिनकी पुलिस तलाश कर रही है। कार्रवाई के दौरान बस्ती के लोग नशा तस्कर राजेंद्र कुमार को कोसते नजर आए, जिसकी वजह से उन्हें दशकों से रह रहे अपने घरों से हाथ धोना पड़ा।
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    रादौर में सीआइए टीम पर डेहा बस्ती के लोगों द्वारा पथराव किए जाने के कुछ दिन बाद, शनिवार को प्रशासन ने 'योगी सरकार की तर्ज पर' बड़ी कार्रवाई करते हुए डेहा बस्ती में 100 से अधिक अस्थायी घरों को ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई के माध्यम से दशकों से नगरपालिका की भूमि पर हुए अवैध कब्जों को भारी पुलिस बल की सहायता से मुक्त कराया गया।

इस अभियान के लिए जिला उपायुक्त ने कृषि विभाग के एसडीओ आशु कांबोज को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया था। नगरपालिका की ओर से अवैध कब्जे हटवाने के लिए चार जेसीबी मशीनें मंगवाई गईं, जिनसे अस्थायी कब्जों को ढहाया गया। थाना रादौर प्रभारी इंस्पेक्टर राजेश राणा के नेतृत्व में 100 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात थे। कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने विरोध किया तो पुलिस ने उन्हें मौके से खदेड़ दिया, और डेहा बस्ती से गुजरने वाली सड़क को दोनों ओर से बंद रखा गया। नगरपालिका सचिव सुरेंद्र मलिक के अवकाश पर होने के कारण एमई संदीप शर्मा, अकाउंटेंट नीरज कांबोज, बीआई आदित्य कांबोज और एसआई सुमित बैंस ने मोर्चा संभाला। नपा दरोगा जितेंद्र सिंह बिट्टू और विपिन वाल्मीकि के नेतृत्व में 50 से अधिक सफाई कर्मचारियों की टीम ने घरों से फ्रिज, कूलर, वाशिंग मशीन, चारपाइयां और सिलेंडर सहित अन्य सामान निकालकर नपा की ट्रॉलियों में लोड किया, जिसे जब्त कर नगरपालिका कार्यालय भिजवाया गया। साथ ही, बिजली निगम की टीम ने अवैध कब्जाधारियों को बिजली आपूर्ति न मिल सके, इसके लिए अस्थायी घरों की बिजली काट दी।

यह बड़ी कार्रवाई मंगलवार, 16 जून को हुई एक घटना के बाद की गई। उस दिन सीआइए असंध की टीम करनाल निवासी नशा तस्कर राजेंद्र कुमार को डेहा बस्ती में गिरफ्तार करने आई थी, लेकिन बस्ती के लोगों ने गिरफ्तारी का विरोध किया। उन्होंने पुलिस पर ईंट-पत्थर बरसाए, उन्हें घायल किया और उनकी गाड़ी के शीशे तोड़ते हुए नशा तस्कर राजेंद्र कुमार को पुलिस हिरासत से भागने में मदद की। इसी घटना के बाद प्रशासन ने नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए डेहा बस्ती में 100 से अधिक अस्थायी घरों पर बुलडोजर चलवाकर नगरपालिका की भूमि को कब्जा मुक्त करवाया।

दशकों से छोटाबांस में नगरपालिका की भूमि पर अवैध रूप से घर बनाकर रह रहे डेहा बस्ती के लोगों के खिलाफ न तो कभी गांव रादौरी की पंचायत ने और न ही तत्कालीन नगरपालिका ने कोई बड़ी कार्रवाई की। 'वोटों की राजनीति' के चलते यह बस्ती अस्तित्व में आई, जहां पहले कम लोग रहते थे, लेकिन बाद में अवैध कब्जे बढ़ते गए और किसी ने विरोध नहीं किया। 2016 में रादौर को नगरपालिका का दर्जा मिलने के बाद छोटाबांस को इसमें शामिल किया गया, हालांकि स्थानीय लोगों ने इसका विरोध भी किया था। नगरपालिका के कार्यकाल में भी डेहा बस्ती में भारी संख्या में अवैध कब्जे हुए और नगरपालिका की एक-एक इंच भूमि पर कब्जा कर लिया गया, जिसके खिलाफ नगरपालिका ने कोई कार्रवाई नहीं की थी।

हालांकि, डेहा बस्ती में बिक रहे नशीले पदार्थों और पुलिस पर पथराव की घटना के बाद नगरपालिका के पार्षदों ने प्रशासन के अधिकारियों को कार्रवाई का प्रस्ताव दिया। शुक्रवार को नपा चेयरमैन रजनीश मेहता शालू के नेतृत्व में शहर के पार्षदों ने एसडीएम रादौर से मिलकर ज्ञापन सौंपा और कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन देने के 24 घंटे के भीतर ही प्रशासन ने डेहा बस्ती में शनिवार को यह बड़ी कार्रवाई की। इस कार्रवाई के चलते डेहा बस्ती के 100 से अधिक घरों में रह रहे लोग बेघर हो गए और सड़कों पर आ गए। बस्ती के अधिकतर लोग अपने घरों को ताला लगाकर कई दिनों से फरार चल रहे हैं, जिनकी पुलिस तलाश कर रही है। कार्रवाई के दौरान बस्ती के लोग नशा तस्कर राजेंद्र कुमार को कोसते नजर आए, जिसकी वजह से उन्हें दशकों से रह रहे अपने घरों से हाथ धोना पड़ा।
    user_Pardeep kamboj
    Pardeep kamboj
    रादौर, यमुनानगर, हरियाणा•
    11 hrs ago
  • अंबाला पुलिस ने NEET 2026 परीक्षा के सफल, शांतिपूर्ण और निष्पक्ष आयोजन को सुनिश्चित करने के लिए व्यापक सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के पुख्ता इंतजाम किए हैं। जिले में स्थापित 7 परीक्षा केंद्रों पर कुल 2962 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे, जिनकी चाक-चौबंद सुरक्षा के लिए लगभग 270 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी तैनात किए गए हैं। डीएसपी जगबीर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि सभी परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों को आवश्यक सहायता भी उपलब्ध कराएगा। यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए एक विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है, जिसके तहत 11 पुलिस नाके लगाए गए हैं और परीक्षा केंद्रों के नजदीक यातायात पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है ताकि वाहनों की पार्किंग निर्धारित स्थानों पर हो और जाम की स्थिति उत्पन्न न हो। इसके अतिरिक्त, परीक्षा देने वाले हर परीक्षार्थी की गहन जांच की जाएगी ताकि वे परीक्षा केंद्र में किसी भी तरह का कोई गैजेट लेकर न जा सकें। परीक्षा दिलवाने के लिए आउटसोर्स की गई कंपनी द्वारा परीक्षा केंद्र में समय देखने के लिए घड़ियाँ उपलब्ध करवाई गई हैं, साथ ही सीसीटीवी कैमरे, नेट और जैमर की व्यवस्था भी की गई है। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर एक ड्यूटी मजिस्ट्रेट भी तैनात रहेगा। जिला प्रशासन की आवश्यकतानुसार पुलिस बल और उपलब्ध करवाया गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि NEET परीक्षा के संबंध में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है और सुरक्षा तथा निष्पक्षता को प्राथमिकता दे रहा है।
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    अंबाला पुलिस ने NEET 2026 परीक्षा के सफल, शांतिपूर्ण और निष्पक्ष आयोजन को सुनिश्चित करने के लिए व्यापक सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के पुख्ता इंतजाम किए हैं। जिले में स्थापित 7 परीक्षा केंद्रों पर कुल 2962 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे, जिनकी चाक-चौबंद सुरक्षा के लिए लगभग 270 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी तैनात किए गए हैं।

डीएसपी जगबीर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि सभी परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों को आवश्यक सहायता भी उपलब्ध कराएगा। यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए एक विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है, जिसके तहत 11 पुलिस नाके लगाए गए हैं और परीक्षा केंद्रों के नजदीक यातायात पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है ताकि वाहनों की पार्किंग निर्धारित स्थानों पर हो और जाम की स्थिति उत्पन्न न हो। इसके अतिरिक्त, परीक्षा देने वाले हर परीक्षार्थी की गहन जांच की जाएगी ताकि वे परीक्षा केंद्र में किसी भी तरह का कोई गैजेट लेकर न जा सकें। परीक्षा दिलवाने के लिए आउटसोर्स की गई कंपनी द्वारा परीक्षा केंद्र में समय देखने के लिए घड़ियाँ उपलब्ध करवाई गई हैं, साथ ही सीसीटीवी कैमरे, नेट और जैमर की व्यवस्था भी की गई है। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर एक ड्यूटी मजिस्ट्रेट भी तैनात रहेगा।

जिला प्रशासन की आवश्यकतानुसार पुलिस बल और उपलब्ध करवाया गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि NEET परीक्षा के संबंध में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है और सुरक्षा तथा निष्पक्षता को प्राथमिकता दे रहा है।
    user_Nathu Ram Jakhar
    Nathu Ram Jakhar
    अंबाला, अंबाला, हरियाणा•
    5 hrs ago
  • सहारनपुर जिले के दबकोरा गाँव में सड़कों की हालत बेहद खराब है, जिसके चलते ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गाँव के रास्ते इतने बदहाल हैं कि अपने घरों तक आने-जाने के लिए ग्रामीणों को ट्रैक्टर खरीदने पड़ रहे हैं। गाँव वालों का आरोप है कि ग्राम प्रधान 'सोए हुए' हैं और उनकी निष्क्रियता के कारण ही दबकोरा की यह बदहाल स्थिति बनी हुई है।
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    सहारनपुर जिले के दबकोरा गाँव में सड़कों की हालत बेहद खराब है, जिसके चलते ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। गाँव के रास्ते इतने बदहाल हैं कि अपने घरों तक आने-जाने के लिए ग्रामीणों को ट्रैक्टर खरीदने पड़ रहे हैं। गाँव वालों का आरोप है कि ग्राम प्रधान 'सोए हुए' हैं और उनकी निष्क्रियता के कारण ही दबकोरा की यह बदहाल स्थिति बनी हुई है।
    user_Malik
    Malik
    बेहट, सहारनपुर, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • गाँव में 200 मीटर सीसी (सीमेंट कंक्रीट) सड़क का निर्माण किया गया है, जिसके बाद ग्राम वासियों में खुशी की लहर दौड़ गई है। इस निर्माण कार्य को ग्राम प्रमुख द्वारा पूरा कराया गया है। ग्रामीणों ने प्रमुख साहब का उनके इस कार्य के लिए धन्यवाद व्यक्त किया है।
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    गाँव में 200 मीटर सीसी (सीमेंट कंक्रीट) सड़क का निर्माण किया गया है, जिसके बाद ग्राम वासियों में खुशी की लहर दौड़ गई है। इस निर्माण कार्य को ग्राम प्रमुख द्वारा पूरा कराया गया है। ग्रामीणों ने प्रमुख साहब का उनके इस कार्य के लिए धन्यवाद व्यक्त किया है।
    user_Farman Thakur
    Farman Thakur
    बेहट, सहारनपुर, उत्तर प्रदेश•
    17 hrs ago
  • agar aap milko mein jiska jila Saharanpur Thana bet dakkhana ka Mubarak block sadauli Kadi mein ped lagane aur
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    agar aap milko mein jiska jila Saharanpur Thana bet dakkhana ka Mubarak block sadauli Kadi mein ped lagane aur
    user_Farman Thakur
    Farman Thakur
    बेहट, सहारनपुर, उत्तर प्रदेश•
    18 hrs ago
  • देहरादून जिले के ऋषिकेश में निहंग सिखों और एक पर्यटक के बीच हुए विवाद से कुछ देर के लिए तनावपूर्ण स्थिति बन गई। यह विवाद कहासुनी से शुरू होकर झगड़े तक पहुँच गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों पक्षों को थाने पहुँचाया। इस झगड़े में पर्यटक को हल्की चोटें आईं। हालांकि, थाने में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ किसी भी कानूनी कार्रवाई करने से इनकार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने आपसी सहमति के आधार पर मामले को समझा-बुझाकर सुलझाया और सभी को छोड़ दिया।
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    देहरादून जिले के ऋषिकेश में निहंग सिखों और एक पर्यटक के बीच हुए विवाद से कुछ देर के लिए तनावपूर्ण स्थिति बन गई। यह विवाद कहासुनी से शुरू होकर झगड़े तक पहुँच गया, जिससे मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों पक्षों को थाने पहुँचाया। इस झगड़े में पर्यटक को हल्की चोटें आईं। हालांकि, थाने में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ किसी भी कानूनी कार्रवाई करने से इनकार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने आपसी सहमति के आधार पर मामले को समझा-बुझाकर सुलझाया और सभी को छोड़ दिया।
    user_Viral Zone
    Viral Zone
    Medical group विकास नगर, देहरादून, उत्तराखंड•
    4 hrs ago
  • सहारनपुर के घंटाघर क्षेत्र में एक युवक को लातों से पीटने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद पुलिस विभाग ने त्वरित कार्रवाई की है। इस मामले में आरोपी ट्रैफिक दरोगा को लाइन हाजिर कर दिया गया है। वायरल वीडियो में वर्दी पहने एक पुलिसकर्मी सड़क पर पड़े एक व्यक्ति को लात मारते हुए साफ दिखाई दे रहा था। यह वीडियो सामने आने के बाद लोगों में भारी आक्रोश फैल गया था और पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने तुरंत संज्ञान लिया। एसपी ट्रैफिक शैलेंद्र श्रीवास्तव ने शनिवार दोपहर करीब 3 बजे जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी दरोगा को लाइन हाजिर कर दिया गया है। उन्होंने आगे बताया कि पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। पुलिस अधिकारियों ने इस पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया है। अब वायरल वीडियो के बाद लोगों की निगाहें पुलिस की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
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    सहारनपुर के घंटाघर क्षेत्र में एक युवक को लातों से पीटने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद पुलिस विभाग ने त्वरित कार्रवाई की है। इस मामले में आरोपी ट्रैफिक दरोगा को लाइन हाजिर कर दिया गया है। वायरल वीडियो में वर्दी पहने एक पुलिसकर्मी सड़क पर पड़े एक व्यक्ति को लात मारते हुए साफ दिखाई दे रहा था।

यह वीडियो सामने आने के बाद लोगों में भारी आक्रोश फैल गया था और पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों ने तुरंत संज्ञान लिया। एसपी ट्रैफिक शैलेंद्र श्रीवास्तव ने शनिवार दोपहर करीब 3 बजे जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी दरोगा को लाइन हाजिर कर दिया गया है।

उन्होंने आगे बताया कि पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। पुलिस अधिकारियों ने इस पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच का भरोसा दिलाया है। अब वायरल वीडियो के बाद लोगों की निगाहें पुलिस की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
    user_Tarik Siddiqui
    Tarik Siddiqui
    सहारनपुर, सहारनपुर, उत्तर प्रदेश•
    10 hrs ago
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