अंबाला पुलिस ने NEET 2026 परीक्षा के सफल, शांतिपूर्ण और निष्पक्ष आयोजन को सुनिश्चित करने के लिए व्यापक सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के पुख्ता इंतजाम किए हैं। जिले में स्थापित 7 परीक्षा केंद्रों पर कुल 2962 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे, जिनकी चाक-चौबंद सुरक्षा के लिए लगभग 270 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी तैनात किए गए हैं। डीएसपी जगबीर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि सभी परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों को आवश्यक सहायता भी उपलब्ध कराएगा। यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए एक विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है, जिसके तहत 11 पुलिस नाके लगाए गए हैं और परीक्षा केंद्रों के नजदीक यातायात पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है ताकि वाहनों की पार्किंग निर्धारित स्थानों पर हो और जाम की स्थिति उत्पन्न न हो। इसके अतिरिक्त, परीक्षा देने वाले हर परीक्षार्थी की गहन जांच की जाएगी ताकि वे परीक्षा केंद्र में किसी भी तरह का कोई गैजेट लेकर न जा सकें। परीक्षा दिलवाने के लिए आउटसोर्स की गई कंपनी द्वारा परीक्षा केंद्र में समय देखने के लिए घड़ियाँ उपलब्ध करवाई गई हैं, साथ ही सीसीटीवी कैमरे, नेट और जैमर की व्यवस्था भी की गई है। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर एक ड्यूटी मजिस्ट्रेट भी तैनात रहेगा। जिला प्रशासन की आवश्यकतानुसार पुलिस बल और उपलब्ध करवाया गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि NEET परीक्षा के संबंध में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है और सुरक्षा तथा निष्पक्षता को प्राथमिकता दे रहा है।
अंबाला पुलिस ने NEET 2026 परीक्षा के सफल, शांतिपूर्ण और निष्पक्ष आयोजन को सुनिश्चित करने के लिए व्यापक सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के पुख्ता इंतजाम किए हैं। जिले में स्थापित 7 परीक्षा केंद्रों पर कुल 2962 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे, जिनकी चाक-चौबंद सुरक्षा के लिए लगभग 270 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी तैनात किए गए हैं। डीएसपी जगबीर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि सभी परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों को आवश्यक सहायता भी उपलब्ध कराएगा। यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए एक विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है, जिसके तहत 11 पुलिस नाके लगाए गए हैं और परीक्षा केंद्रों के नजदीक यातायात पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है ताकि वाहनों की पार्किंग निर्धारित स्थानों पर हो और जाम की स्थिति उत्पन्न न हो। इसके अतिरिक्त, परीक्षा देने वाले हर परीक्षार्थी की गहन जांच की जाएगी ताकि वे परीक्षा केंद्र में किसी भी तरह का कोई गैजेट लेकर न जा सकें। परीक्षा दिलवाने के लिए आउटसोर्स की गई कंपनी द्वारा परीक्षा केंद्र में समय देखने के लिए घड़ियाँ उपलब्ध करवाई गई हैं, साथ ही सीसीटीवी कैमरे, नेट और जैमर की व्यवस्था भी की गई है। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर एक ड्यूटी मजिस्ट्रेट भी तैनात रहेगा। जिला प्रशासन की आवश्यकतानुसार पुलिस बल और उपलब्ध करवाया गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि NEET परीक्षा के संबंध में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है और सुरक्षा तथा निष्पक्षता को प्राथमिकता दे रहा है।
- अंबाला पुलिस ने NEET 2026 परीक्षा के सफल, शांतिपूर्ण और निष्पक्ष आयोजन को सुनिश्चित करने के लिए व्यापक सुरक्षा और यातायात प्रबंधन के पुख्ता इंतजाम किए हैं। जिले में स्थापित 7 परीक्षा केंद्रों पर कुल 2962 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे, जिनकी चाक-चौबंद सुरक्षा के लिए लगभग 270 पुलिस अधिकारी और कर्मचारी तैनात किए गए हैं। डीएसपी जगबीर सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि सभी परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों को आवश्यक सहायता भी उपलब्ध कराएगा। यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए एक विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है, जिसके तहत 11 पुलिस नाके लगाए गए हैं और परीक्षा केंद्रों के नजदीक यातायात पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है ताकि वाहनों की पार्किंग निर्धारित स्थानों पर हो और जाम की स्थिति उत्पन्न न हो। इसके अतिरिक्त, परीक्षा देने वाले हर परीक्षार्थी की गहन जांच की जाएगी ताकि वे परीक्षा केंद्र में किसी भी तरह का कोई गैजेट लेकर न जा सकें। परीक्षा दिलवाने के लिए आउटसोर्स की गई कंपनी द्वारा परीक्षा केंद्र में समय देखने के लिए घड़ियाँ उपलब्ध करवाई गई हैं, साथ ही सीसीटीवी कैमरे, नेट और जैमर की व्यवस्था भी की गई है। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर एक ड्यूटी मजिस्ट्रेट भी तैनात रहेगा। जिला प्रशासन की आवश्यकतानुसार पुलिस बल और उपलब्ध करवाया गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि NEET परीक्षा के संबंध में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है और सुरक्षा तथा निष्पक्षता को प्राथमिकता दे रहा है।1
- अंबाला लोकसभा सांसद वरुण मुलाना शनिवार को साढ़ौरा रेस्ट हाउस पहुंचे और जनसंपर्क अभियान के तहत कार्यकर्ताओं से मुलाकात की, जहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने सांसद के समक्ष क्षेत्र में लगातार जनसंपर्क बनाए रखने, संगठन को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने की मांग रखी। यमुनानगर पंचायती राज प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष अनिल संधू मोंटी ने स्वीकार किया कि एक विधायक के पार्टी छोड़ने से कार्यकर्ताओं के मनोबल पर असर पड़ा है, लेकिन उन्होंने विश्वास जताया कि जो लोग पार्टी से गए हैं, वे वापस आएंगे क्योंकि वे सभी अपने ही लोग हैं। उन्होंने सांसद मुलाना और उनकी विधायक धर्मपत्नी से क्षेत्र में सक्रियता बढ़ाने का आग्रह किया। अपने संबोधन में सांसद मुलाना ने कार्यकर्ताओं को पार्टी की असली ताकत बताते हुए संगठन को मजबूत करने और हर कार्यकर्ता के सम्मान व भागीदारी के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। इस अवसर पर सांसद वरुण मुलाना ने विधायक रेनू बाला के पति इंजीनियर ऋषिपाल के बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यदि वे इसे अपनी “घर वापसी” बता रहे हैं, तो उन्हें यह भी याद रखना चाहिए कि भाजपा में जाने से पहले वे बसपा में थे। मुलाना ने विधायक पक्ष के इस दावे को खारिज किया कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया, क्योंकि घटनाक्रम के दौरान वे स्वयं वहां मौजूद थे और संबंधित लोग अपना मोबाइल तक वापस लेने नहीं आए, बल्कि बाद में किसी कर्मचारी के माध्यम से मंगवाया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि अब पर्दे के पीछे से भाजपा की बैठकों के लिए लोगों को बुलाया जा रहा है। सांसद ने चुनौती देते हुए कहा कि यदि उनमें हिम्मत है तो सामने आकर इस्तीफा दें और चुनाव लड़ें। सांसद मुलाना ने केंद्र और हरियाणा की भाजपा सरकार पर भी हमला बोला, यह सवाल करते हुए कि भाजपा अपने 12 वर्षों का जश्न मना रही है, लेकिन इन वर्षों में जनता को महंगाई, बेरोजगारी और धार्मिक ध्रुवीकरण के अलावा क्या मिला है। उन्होंने कहा कि यदि वास्तव में जनता सरकार के 12 सालों का जश्न मना रही होती, तो यह माना जा सकता था कि सरकार ने जनहित में काम किया है। हरियाणा के मुख्यमंत्री पर टिप्पणी करते हुए सांसद वरुण मुलाना ने कहा कि मुख्यमंत्री हरियाणा के मुद्दों से ज्यादा पंजाब, बिहार और बंगाल की बातें करते हैं। उन्होंने पंजाब में नशा खत्म करने की बात से पहले हरियाणा में फैल रहे नशे, गुंडागर्दी, फायरिंग और रंगदारी जैसे आम होते जा रहे मामलों पर ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया। इसके साथ ही उन्होंने पंजाब के साथ जल विवाद का मुद्दा उठाते हुए सरकार से हरियाणा को अपने हिस्से का पानी दिलाने की दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की। कार्यक्रम के अंत में सांसद ने कार्यकर्ताओं को आश्वस्त किया कि पार्टी संगठन को मजबूत करने और क्षेत्र में कांग्रेस की सक्रियता बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जाएंगे।1
- रादौर के गांव छोटा बांस में प्रशासन द्वारा बुलडोज़र चलाकर कार्रवाई की गई है।1
- रादौर से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ रादौर नगर निगम ने सड़क के किनारे बसे लोगों के घरों को खाली करवा दिया है। इस कार्रवाई के बाद प्रभावित लोगों का सारा सामान सड़क पर रख दिया गया।1
- हरियाणा के बहुचर्चित पंचकूला नगर निगम फंड घोटाले मामले में गिरफ्तार IAS अधिकारी राम कुमार सिंह की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। CBI ने उन्हें कोर्ट से तीन दिन की रिमांड पर लिया है। जांच एजेंसी अब करोड़ों रुपये के कथित लेन-देन, संपत्तियों और निवेश के पूरे नेटवर्क की बारीकी से पड़ताल कर रही है। जांच के दौरान CBI को कई ऐसे नए पहलू मिले हैं, जिनकी अब गहनता से छानबीन की जा रही है। आरोपों के अनुसार, IAS अधिकारी से जुड़े पारिवारिक सदस्यों के नाम पर कई कारोबारी गतिविधियों और संपत्तियों की जानकारी सामने आई है। इनमें पेट्रोल पंप, रेस्टोरेंट और बीयर फैक्ट्री जैसे व्यापार शामिल बताए जा रहे हैं। जांच का एक अहम हिस्सा विदेश में हुए कथित ट्रांजेक्शन से जुड़ा है। CBI की पड़ताल में पता चला है कि लगभग 2.5 करोड़ रुपये दुबई में IAS अधिकारी के बेटे के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर किए गए हैं। अब एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि यह रकम कहाँ से आई, इसे किस उद्देश्य से भेजा गया और इसका कथित फंड घोटाले से कोई सीधा संबंध है या नहीं। यह पूरा मामला पंचकूला नगर निगम के करोड़ों रुपये के फंड से संबंधित है, जिसमें सरकारी धन के इस्तेमाल और निवेश को लेकर जांच जारी है। CBI अब रिमांड के दौरान प्राप्त दस्तावेजों, बैंक रिकॉर्ड, संपत्तियों से जुड़ी जानकारियों और संबंधित लोगों से पूछताछ कर मामले की सभी कड़ियों को जोड़ने का प्रयास कर रही है। फिलहाल कई सवाल अनुत्तरित हैं— जैसे कि क्या ये सभी संपत्तियां वैध आय से अर्जित की गई हैं, क्या विदेश में भेजी गई रकम का फंड घोटाले से कोई सीधा कनेक्शन है, और सरकारी फंड से जुड़े इस बड़े मामले में और कौन-कौन से लोग जांच के दायरे में आएंगे। इन सभी सवालों के जवाब CBI की आगे की विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएंगे।1
- रादौर में सीआइए टीम पर डेहा बस्ती के लोगों द्वारा पथराव किए जाने के कुछ दिन बाद, शनिवार को प्रशासन ने 'योगी सरकार की तर्ज पर' बड़ी कार्रवाई करते हुए डेहा बस्ती में 100 से अधिक अस्थायी घरों को ध्वस्त कर दिया। इस कार्रवाई के माध्यम से दशकों से नगरपालिका की भूमि पर हुए अवैध कब्जों को भारी पुलिस बल की सहायता से मुक्त कराया गया। इस अभियान के लिए जिला उपायुक्त ने कृषि विभाग के एसडीओ आशु कांबोज को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया था। नगरपालिका की ओर से अवैध कब्जे हटवाने के लिए चार जेसीबी मशीनें मंगवाई गईं, जिनसे अस्थायी कब्जों को ढहाया गया। थाना रादौर प्रभारी इंस्पेक्टर राजेश राणा के नेतृत्व में 100 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात थे। कार्रवाई के दौरान कुछ लोगों ने विरोध किया तो पुलिस ने उन्हें मौके से खदेड़ दिया, और डेहा बस्ती से गुजरने वाली सड़क को दोनों ओर से बंद रखा गया। नगरपालिका सचिव सुरेंद्र मलिक के अवकाश पर होने के कारण एमई संदीप शर्मा, अकाउंटेंट नीरज कांबोज, बीआई आदित्य कांबोज और एसआई सुमित बैंस ने मोर्चा संभाला। नपा दरोगा जितेंद्र सिंह बिट्टू और विपिन वाल्मीकि के नेतृत्व में 50 से अधिक सफाई कर्मचारियों की टीम ने घरों से फ्रिज, कूलर, वाशिंग मशीन, चारपाइयां और सिलेंडर सहित अन्य सामान निकालकर नपा की ट्रॉलियों में लोड किया, जिसे जब्त कर नगरपालिका कार्यालय भिजवाया गया। साथ ही, बिजली निगम की टीम ने अवैध कब्जाधारियों को बिजली आपूर्ति न मिल सके, इसके लिए अस्थायी घरों की बिजली काट दी। यह बड़ी कार्रवाई मंगलवार, 16 जून को हुई एक घटना के बाद की गई। उस दिन सीआइए असंध की टीम करनाल निवासी नशा तस्कर राजेंद्र कुमार को डेहा बस्ती में गिरफ्तार करने आई थी, लेकिन बस्ती के लोगों ने गिरफ्तारी का विरोध किया। उन्होंने पुलिस पर ईंट-पत्थर बरसाए, उन्हें घायल किया और उनकी गाड़ी के शीशे तोड़ते हुए नशा तस्कर राजेंद्र कुमार को पुलिस हिरासत से भागने में मदद की। इसी घटना के बाद प्रशासन ने नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए डेहा बस्ती में 100 से अधिक अस्थायी घरों पर बुलडोजर चलवाकर नगरपालिका की भूमि को कब्जा मुक्त करवाया। दशकों से छोटाबांस में नगरपालिका की भूमि पर अवैध रूप से घर बनाकर रह रहे डेहा बस्ती के लोगों के खिलाफ न तो कभी गांव रादौरी की पंचायत ने और न ही तत्कालीन नगरपालिका ने कोई बड़ी कार्रवाई की। 'वोटों की राजनीति' के चलते यह बस्ती अस्तित्व में आई, जहां पहले कम लोग रहते थे, लेकिन बाद में अवैध कब्जे बढ़ते गए और किसी ने विरोध नहीं किया। 2016 में रादौर को नगरपालिका का दर्जा मिलने के बाद छोटाबांस को इसमें शामिल किया गया, हालांकि स्थानीय लोगों ने इसका विरोध भी किया था। नगरपालिका के कार्यकाल में भी डेहा बस्ती में भारी संख्या में अवैध कब्जे हुए और नगरपालिका की एक-एक इंच भूमि पर कब्जा कर लिया गया, जिसके खिलाफ नगरपालिका ने कोई कार्रवाई नहीं की थी। हालांकि, डेहा बस्ती में बिक रहे नशीले पदार्थों और पुलिस पर पथराव की घटना के बाद नगरपालिका के पार्षदों ने प्रशासन के अधिकारियों को कार्रवाई का प्रस्ताव दिया। शुक्रवार को नपा चेयरमैन रजनीश मेहता शालू के नेतृत्व में शहर के पार्षदों ने एसडीएम रादौर से मिलकर ज्ञापन सौंपा और कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन देने के 24 घंटे के भीतर ही प्रशासन ने डेहा बस्ती में शनिवार को यह बड़ी कार्रवाई की। इस कार्रवाई के चलते डेहा बस्ती के 100 से अधिक घरों में रह रहे लोग बेघर हो गए और सड़कों पर आ गए। बस्ती के अधिकतर लोग अपने घरों को ताला लगाकर कई दिनों से फरार चल रहे हैं, जिनकी पुलिस तलाश कर रही है। कार्रवाई के दौरान बस्ती के लोग नशा तस्कर राजेंद्र कुमार को कोसते नजर आए, जिसकी वजह से उन्हें दशकों से रह रहे अपने घरों से हाथ धोना पड़ा।1
- रादौर की डेहा बस्ती में प्रशासन ने एक बड़ा बुलडोजर एक्शन लिया है। इस कार्रवाई के तहत 100 से अधिक अवैध कब्जों को हटाकर नगरपालिका की भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया है। यह पूरी कार्रवाई भारी पुलिस बल की मौजूदगी में संपन्न हुई। इस बुलडोजर एक्शन को हाल ही में हुई एक घटना के बड़े जवाब के तौर पर देखा जा रहा है। पिछले दिनों, एक पुलिस पार्टी पर हमला करके एक नशा तस्कर को छुड़ा लिया गया था, और यह ताजा कार्रवाई उसी घटना से जुड़ी मानी जा रही है।1
- यमुनानगर के रादौर में प्रशासन ने अवैध कब्जों और निर्माणों के खिलाफ एक बड़ा अभियान छेड़ा है। डेहा बस्ती क्षेत्र में नगर पालिका की टीम ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में बुलडोजर कार्रवाई करते हुए 100 से अधिक अवैध निर्माणों को ध्वस्त कर दिया। बताया जा रहा है कि इस क्षेत्र में करीब 250 से 300 मकान और झुग्गियां अवैध रूप से बनाई गई थीं, जिन पर अब चरणबद्ध तरीके से कार्रवाई की जा रही है। रादौर की डेहा बस्ती में सुबह से ही नगर पालिका और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम कार्रवाई के लिए पहुंच गई थी। जेसीबी और बुलडोजर की मदद से अवैध रूप से बनाए गए अस्थायी ढांचों को हटाया गया। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। अधिकारियों के अनुसार, यह जमीन लंबे समय से अवैध कब्जों की चपेट में थी और यहां बिना अनुमति के मकान व झुग्गियां बनाई गई थीं, जिसके लिए संबंधित लोगों को पहले ही नोटिस जारी किए जा चुके थे। प्रशासन की यह सख्ती हाल ही में इसी इलाके में हुई एक घटना के बाद देखने को मिली है, जब एनडीपीएस मामले में एक आरोपी को पकड़ने पहुंची सीआईए टीम पर स्थानीय लोगों ने हमला कर दिया था। पथराव के बीच आरोपी को पुलिस हिरासत से छुड़ा लिया गया था, जिसके बाद प्रशासन ने अवैध कब्जों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। नगर पालिका रादौर के एमई संदीप शर्मा ने जानकारी दी कि फिलहाल अस्थायी निर्माणों को हटाया जा रहा है, जबकि पक्के अवैध निर्माणों के मालिकों को भी नोटिस दिए जाएंगे। नोटिस अवधि पूरी होने के बाद उन निर्माणों पर भी बुलडोजर चलाया जाएगा। अधिकारियों ने दावा किया कि जिस क्षेत्र में कार्रवाई की गई है, वहां लगभग सभी निर्माण अवैध रूप से सरकारी भूमि पर किए गए थे। प्रशासन का कहना है कि अवैध कब्जों को पूरी तरह हटाकर जमीन को कब्जामुक्त कराया जाएगा। यह कार्रवाई अभी जारी है और आने वाले दिनों में और भी अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलने की संभावना जताई जा रही है।3