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मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के सबलगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत बटेश्वर और बनवार घाटों पर चंबल नदी से रेत का अवैध उत्खनन धड़ल्ले से जारी है। रेत माफिया खुलेआम चंबल नदी का सींचली कर रहे हैं, लेकिन सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बावजूद भी प्रशासन इस पर कोई कार्यवाही करने में असमर्थ दिखाई दे रहा है। इन घाटों पर चल रहे अवैध खनन का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या पुलिस आगे कोई कार्रवाई कर पाएगी, या यह अवैध रेत कारोबार पुलिस और वन विभाग की शह पर चल रहा है, अथवा इसमें किसी बड़े नेता का हाथ है। मौजूदा स्थिति यह है कि मुरैना जिले में अवैध रेत का उत्खनन जोरों पर है, और शासन-प्रशासन इस पर कोई भी ठोस कार्रवाई नहीं कर पा रहा है।
धर्मेद्र गौड़
मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के सबलगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत बटेश्वर और बनवार घाटों पर चंबल नदी से रेत का अवैध उत्खनन धड़ल्ले से जारी है। रेत माफिया खुलेआम चंबल नदी का सींचली कर रहे हैं, लेकिन सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बावजूद भी प्रशासन इस पर कोई कार्यवाही करने में असमर्थ दिखाई दे रहा है। इन घाटों पर चल रहे अवैध खनन का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या पुलिस आगे कोई कार्रवाई कर पाएगी, या यह अवैध रेत कारोबार पुलिस और वन विभाग की शह पर चल रहा है, अथवा इसमें किसी बड़े नेता का हाथ है। मौजूदा स्थिति यह है कि मुरैना जिले में अवैध रेत का उत्खनन जोरों पर है, और शासन-प्रशासन इस पर कोई भी ठोस कार्रवाई नहीं कर पा रहा है।
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- मध्य प्रदेश के मुरैना जिले के सबलगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत बटेश्वर और बनवार घाटों पर चंबल नदी से रेत का अवैध उत्खनन धड़ल्ले से जारी है। रेत माफिया खुलेआम चंबल नदी का सींचली कर रहे हैं, लेकिन सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बावजूद भी प्रशासन इस पर कोई कार्यवाही करने में असमर्थ दिखाई दे रहा है। इन घाटों पर चल रहे अवैध खनन का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या पुलिस आगे कोई कार्रवाई कर पाएगी, या यह अवैध रेत कारोबार पुलिस और वन विभाग की शह पर चल रहा है, अथवा इसमें किसी बड़े नेता का हाथ है। मौजूदा स्थिति यह है कि मुरैना जिले में अवैध रेत का उत्खनन जोरों पर है, और शासन-प्रशासन इस पर कोई भी ठोस कार्रवाई नहीं कर पा रहा है।1
- श्योपुर के कबीर आश्रम में सद्गुरु कबीर साहेब जी की 629वीं जयंती का पावन समारोह बड़े उत्साह के साथ आयोजित किया गया। इस अवसर पर संतों का आशीर्वाद प्राप्त करने और श्रद्धालु भाइयों-बहनों से मिलने का सौभाग्य मिला। कार्यक्रम के दौरान सत्संग, भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया और कबीर साहेब के मानवता, प्रेम, समानता तथा सद्भाव के महत्वपूर्ण संदेशों का व्यापक प्रसार किया गया। कबीर जयंती के इस पावन अवसर पर, श्योपुर ही नहीं बल्कि देशभर के अनेक कबीर आश्रमों में भी इसी प्रकार की श्रद्धा और उत्साह के साथ विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। बल्लू टी स्टॉल फेमस, श्योपुर (मध्य प्रदेश) की ओर से सभी संत-महात्माओं, श्रद्धालुओं और क्षेत्रवासियों को सद्गुरु कबीर साहेब जी की 629वीं जयंती की हार्दिक शुभकामनाएँ दी गईं। इस अवसर पर "साहिब मेरा एक है, दूजा कहा न जाए" के संदेश को दोहराते हुए संत कबीर द्वारा दिखाए गए सत्य, प्रेम, भाईचारे और मानव सेवा के मार्ग पर चलने का संकल्प लेने का आह्वान भी किया गया।1
- मुरैना जिले के प्रभु सिंह का पुरा गांव सहित लगभग दो सौ ग्रामीण सोमवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। उन्होंने पुलिस अधीक्षक को एक ज्ञापन सौंपकर सतीश की मौत के मामले में हत्या का प्रकरण दर्ज करने और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। परिजनों ने अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि सतीश अपनी पत्नी प्रियंका और बच्चों के साथ थाना कैलारस के ग्राम नैपरी में अपने साले अभिषेक रजक के विवाह समारोह में शामिल होने गया था। इसी समारोह में उसका रिश्ते का साढ़ू नीरज रजक भी अपनी पत्नी अंकिता के साथ मौजूद था। आवेदन में यह भी बताया गया है कि नीरज रजक लंबे समय से सतीश पर अपनी पत्नी अंकिता के साथ अवैध संबंध होने का संदेह करता था, इसी बात को लेकर दोनों के बीच अक्सर विवाद होता रहता था और नीरज कथित तौर पर सतीश को जान से मारने की धमकी भी देता था। परिजनों का आरोप है कि 22 जून की रात नीरज ने सतीश से मेलजोल बढ़ाया और उसके साथ खाना खाया।1
- आगरा में समाजवादी पार्टी के जिला कार्यालय पर एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें महादानवीर शिरोमणि भामाशाह की जयंती और समाजवादी पार्टी के मुख्य राष्ट्रीय महासचिव व राज्यसभा सांसद प्रो. रामगोपाल यादव जी का जन्मदिन हर्षोल्लास व श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस दोहरे अवसर पर पार्टी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने केक काटा और एक-दूसरे का मुंह मीठा कराकर प्रो. रामगोपाल यादव जी के दीर्घायु होने की कामना की। इस दौरान समाजवादी पार्टी के प्रदेश सचिव मनोज गुप्ता ने दोनों महान विभूतियों को नमन करते हुए कहा कि एक तरफ जहाँ महादानवीर भामाशाह का त्याग और राष्ट्रभक्ति इतिहास में अमर है, वहीं प्रो. रामगोपाल यादव जी का राजनीतिक कौशल और समाजवादी आंदोलन के प्रति उनका समर्पण सभी कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणास्रोत है। महानगर अध्यक्ष सब्बीर अब्बास और व्यापार सभा के जिला अध्यक्ष संजीव पोख्रवाल ने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि भामाशाह के जीवन मूल्य आज भी प्रासंगिक हैं और प्रो. रामगोपाल जी के मार्गदर्शन में पार्टी लगातार मजबूत हो रही है। कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया कि वे दोनों नेताओं के विचारों को जन-जन तक पहुँचाएंगे। समारोह में मुख्य रूप से जिला उपाध्यक्ष इलियास सिद्दीकी सहित कई वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी और सम्मानित कार्यकर्ता उपस्थित रहे। सभी ने मिलकर प्रोफेसर साहब के उत्तम स्वास्थ्य की कामना की और भामाशाह जी को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।1
- श्री महावीर जी पंचायत समिति की ग्राम पंचायत गुनसार में एक ग्रामीण सेवा शिविर का आयोजन किया गया है, जिसकी जानकारी सोमवार दोपहर 12:00 बजे मिली। इस ग्रामीण सेवा शिविर में ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी योजनाओं से लाभान्वित किया गया है, जहाँ सरकार की योजनाओं का लाभ एक ही छत के नीचे पात्र लाभार्थियों तक पहुँचाया जा रहा है। विकास अधिकारी ज्ञान सिंह ने बताया कि राजस्थान सरकार का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक पात्र व्यक्ति को सरकारी योजनाओं का लाभ सरल, सुगम और पारदर्शी तरीके से मिल सके। इस आयोजन के दौरान ग्राम विकास अधिकारी रेखा मीना सहित कई विभागों के अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- धौलपुर में हजरत इमाम हुसैन की याद में मनाए जाने वाले मोहर्रम के तीजे का जुलूस 29 जून को धुनों के साथ रातभर निकाला गया। यह जुलूस तलैया मोहल्ले से शुरू हुआ और शहर के निर्धारित मार्गों से होते हुए करबला एवं तलैया मोहल्ले पर संपन्न हुआ। जुलूस के साथ बैंड बाजे और ढोल ताशे मातमी धुन बजाते हुए चल रहे थे। इस जुलूस को देखने के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों से आए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। महिला एवं पुरुष दोनों ही जुलूस देखने के लिए छतों पर बैठे थे। रविवार शाम को तलैया मोहल्ले में ताजिये, अलम, ढोल, नगाड़े और बैंड एकत्रित होना शुरू हो गए थे, और शाम होते ही बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। इसके बाद जुलूस को निकालना शुरू किया गया। बाजार पहले से इंतजार कर रहे महिला, पुरुष और बच्चों से खचाखच भरे हुए थे, और स्थिति यह थी कि लोगों को सटकर निकलना पड़ रहा था। दुकानों और मकानों की छतें भी दर्शकों से अटी पड़ी थीं। जुलूस के दौरान लोग अलम व ताजियों पर दुआएं मांग रहे थे और मनौती के तौर पर नींबू व सेहरा चढ़ा रहे थे। तीजे का यह जुलूस तलैया मोहल्ले से चलकर शहर के विभिन्न मार्गों जैसे मोदी तिराहा, दशहरा रोड, जगन तिराहा, सराय गजरा, निहालगंज तिराहा, पुराना डाकखाना, गड़रपुरा, ग्रांडिल, बजरिया, तोप चौराहा से होते हुए करबला पहुंचा और वहीं संपन्न हुआ। जुलूस के साथ अखाड़े भी चल रहे थे जो हैरतअंगेज कारनामे दिखा रहे थे। श्रद्धालुओं ने जगह-जगह छबीलें भी लगाई थीं, जहां युवाओं की भीड़ लगी हुई थी। इस दौरान पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा की माकूल व्यवस्था की थी, और विद्युत निगम के कर्मचारी भी तैनात थे।3
- धौलपुर के सैपऊ स्थित नुनहेरा ग्राम पंचायत में विकास के दावों की पोल खुल चुकी है, जहाँ सरकारी अस्पताल, राजकीय स्कूल, पटवार घर और नौनिहालों के नंद घर के मुख्य द्वारों पर लंबे समय से कचरे का अंबार लगा है। वहीं, गांव की सभी सड़कें कीचड़ से बदहाल हैं। इस गंभीर स्थिति पर युवा सामाजिक कार्यकर्ता करन परमार ने गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। उन्होंने प्रशासनिक तंत्र के साथ-साथ क्षेत्र के संपन्न और रसूखदार (जमींदार) वर्ग पर भी मूकदर्शक बने रहने को लेकर तीखे सवाल उठाए हैं। करन परमार ने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि सरकार द्वारा विकास कार्यों के लिए जारी लाखों का बजट जमीन पर नहीं दिख रहा, क्योंकि इसका आधा से ज्यादा पैसा दलाली और रिश्वतखोरी की भेंट चढ़ रहा है। इस कमीशनखोरी के चलते विकास कार्य केवल कागजों तक सीमित होकर रह गए हैं, जिससे ग्राम पंचायत की स्थिति लगातार बद से बदतर होती जा रही है। परमार ने यह भी बताया कि सरपंच, सेक्रेटरी (ग्राम विकास अधिकारी) और पटवारी के बैठने का कोई निश्चित स्थान या समय तय नहीं है, जिस कारण गरीब ग्रामीणों को अपने छोटे-छोटे कामों के लिए इन जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के घरों के चक्कर लगाने पड़ते हैं, जिससे मामूली कार्यों में भी कई दिन लग जाते हैं। उन्होंने स्थानीय राजनेताओं, सरकारी अधिकारियों और रसूखदार लोगों पर गरीबों के हक को हड़पकर व्यापक भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने का आरोप लगाया, जिससे गांवों में विकास के नाम पर केवल खानापूर्ति हो रही है। परमार ने सवाल किया कि जहाँ से मरीज, छात्र और गरीब जनता गुजरती है, वहाँ संक्रामक बीमारियों का खतरा फैला है, फिर भी जिम्मेदार मौन क्यों हैं। युवा समाजसेवी परमार ने उच्च अधिकारियों से विकास कार्यों के बजट की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच की मांग की है, ताकि पंचायत के कामों में हुई दलाली और भ्रष्टाचार की असली हकीकत सामने आ सके। उन्होंने चेतावनी दी है कि प्रशासन और रसूखदारों की इस साठगांठ के कारण हो रहे शोषण को अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि उच्च प्रशासन ने भ्रष्टाचार और बजट की दलाली पर तुरंत नियंत्रण नहीं किया, सरपंच, सेक्रेटरी और पटवारी की पंचायत मुख्यालय पर नियमित उपस्थिति सुनिश्चित नहीं की, तथा सड़कों व सार्वजनिक स्थानों की स्थाई सफाई नहीं करवाई, तो वे पूरी ग्राम पंचायत के नागरिकों को साथ लेकर उग्र भूख हड़ताल शुरू करेंगे।2
- मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में, सतीश की मौत के मामले में न्याय की मांग को लेकर करीब दो सौ ग्रामीण सोमवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। इन ग्रामीणों में प्रभु सिंह का पुरा गांव के लोग भी शामिल थे, जिन्होंने एसपी को ज्ञापन सौंपकर इस मामले में हत्या का प्रकरण दर्ज करने और आरोपियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है। परिजनों द्वारा दिए गए आवेदन के अनुसार, सतीश अपनी पत्नी प्रियंका और बच्चों के साथ ग्राम नैपरी, थाना कैलारस स्थित अपने साले अभिषेक रजक के विवाह समारोह में शामिल होने गया था। इसी समारोह में उसका रिश्ते का साढ़ू नीरज रजक भी अपनी पत्नी अंकिता के साथ मौजूद था। आवेदन में आरोप लगाया गया है कि नीरज रजक लंबे समय से सतीश पर अपनी पत्नी अंकिता के साथ अवैध संबंध होने का संदेह करता था। इसी संदेह के चलते दोनों के बीच अक्सर विवाद होता था, और नीरज कथित तौर पर सतीश को जान से मारने की धमकियाँ भी देता था। परिजनों ने अपने आरोप में यह भी बताया है कि 22 जून की रात नीरज ने सतीश से मेलजोल बढ़ाया, उसके साथ खाना खाया और सर।1