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डुमरांव में अब सड़कों पर गाड़ियों का चलना बंद हो गया है। बताया गया है कि डुमरांव के रोड पर ही खेती की जा रही है, जिसके परिणामस्वरूप अब इन मार्गों पर गाड़ियों के बजाय खेती ही होगी। इस स्थिति के चलते, डुमरांव की पूरी जनता सड़कों पर उतर आई है।
डुमरांव जनता पार्टी
डुमरांव में अब सड़कों पर गाड़ियों का चलना बंद हो गया है। बताया गया है कि डुमरांव के रोड पर ही खेती की जा रही है, जिसके परिणामस्वरूप अब इन मार्गों पर गाड़ियों के बजाय खेती ही होगी। इस स्थिति के चलते, डुमरांव की पूरी जनता सड़कों पर उतर आई है।
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- डुमरांव में अब सड़कों पर गाड़ियों का चलना बंद हो गया है। बताया गया है कि डुमरांव के रोड पर ही खेती की जा रही है, जिसके परिणामस्वरूप अब इन मार्गों पर गाड़ियों के बजाय खेती ही होगी। इस स्थिति के चलते, डुमरांव की पूरी जनता सड़कों पर उतर आई है।1
- जनता को संबोधित करते हुए एक व्यक्ति ने सरकार पर कड़े आरोप लगाए हैं कि वह अच्छे काम करने के वादे करके जनता को बेवकूफ बनाती है। इस कार्यशैली पर गहरा सवाल उठाते हुए पूछा गया है कि आखिर ऐसा क्यों होता है। व्यक्त की गई चिंता के अनुसार, यदि यह सिलसिला ऐसे ही चलता रहा तो जनता अपना वोट नोटा (NOTA) को देगी। इस विषय पर लोगों से उनकी राय भी पूछी गई है।1
- एक समर कैंप में बच्चों को विशेष रूप से जिज्ञासु बनने और हर विषय पर खुलकर प्रश्न पूछने के लिए प्रेरित किया गया। प्रशिक्षकों ने प्रतिभागियों को यह महत्वपूर्ण सीख दी कि सीखने की प्रक्रिया की शुरुआत हमेशा सवालों से ही होती है। बच्चों को स्पष्ट रूप से समझाया गया कि 'सवाल पूछने पर ही जवाब मिलेगा', जिससे वे बिना किसी झिझक के अपनी जिज्ञासाओं को व्यक्त करें और लगातार नई चीजें सीखने का प्रयास करें। इस संदेश का मुख्य उद्देश्य बच्चों में आत्मविश्वास को बढ़ाना, तार्किक सोच विकसित करना और ज्ञान के प्रति उनकी रुचि को जागृत करना था।1
- भोजपुर जिले के नगर स्थित डीएम रोड पर ठाकुरबाड़ी में विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के विभाग की एक बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक के दौरान कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।1
- राजद के समर्थकों ने प्रशांत किशोर और जन सुराज पर अपना भरोसा जताते हुए यह माना है कि जन सुराज ने तीन सालों के भीतर ही जनता के असली मुद्दों को सरकार के सामने रखा। इसमें वृद्धा पेंशन और 125 यूनिट मुफ्त बिजली जैसे अहम मुद्दे शामिल थे, जिन्हें जन सुराज ने उठाया और जिसके परिणामस्वरूप सरकार को इन मांगों को पूरा करना पड़ा।1
- जनता दल यूनाइटेड (JDU) के पूर्व मंत्री जयकुमार सिंह, जो नीतीश कुमार के बेहद करीबी रहे हैं, ने पार्टी की वर्तमान स्थिति पर जोरदार हमला बोला है। रोहतास जिले के बिक्रमगंज/दावथ क्षेत्र में स्थित नगर पंचायत कोआथ में एक श्राद्ध कर्म में शामिल होने पहुंचे जयकुमार सिंह ने कहा कि JDU अब वह पार्टी नहीं रही, जैसी नीतीश कुमार के समय में थी, जब बिहार के विकास के लिए ठोस रोडमैप तैयार होते थे और सोच-समझकर फैसले लिए जाते थे। उन्होंने विधानसभा चुनाव के टिकट वितरण पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पैसे के दम पर मात्र 15 मिनट में टिकट पाने वाले लोगों को उम्मीदवार बनाया गया, जबकि पार्टी के पुराने और वफादार कार्यकर्ताओं की अनदेखी कर उनके टिकट काट दिए गए। नीतीश कैबिनेट में दो बार मंत्री रह चुके जयकुमार ने दावा किया कि जब उनका टिकट कटा था, तभी उन्होंने यह भविष्यवाणी की थी कि एक दिन नीतीश कुमार का भी टिकट कटेगा, जो अब सच साबित हो गया है। सिंह ने निशांत कुमार को मुख्यमंत्री न बनाकर मंत्री बनाने के फैसले पर भी सवाल उठाए और कहा कि यह स्पष्ट संकेत है कि निकट भविष्य में जातीय समीकरणों में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। उन्होंने यह भी भविष्यवाणी की कि घटक दलों का जो मौजूदा गठजोड़ है, वह जल्द ही बदल जाएगा, क्योंकि पार्टी की स्थिति अब वैसी नहीं रही जैसी नीतीश कुमार के समय में थी। जयकुमार ने स्वीकार किया कि बिहार के विकास में आज भी नीतीश कुमार की काबिलियत की चर्चा होती है, लेकिन उन्होंने जोर देकर कहा कि वर्तमान नेतृत्व का अपना रोडमैप मजबूत स्थिति में नहीं है। उन्होंने मौजूदा राजनीतिक परिदृश्य को बिहार के विकास के लिए अनुकूल मानने से साफ इनकार किया और कहा कि कई मौकों पर नीतीश के समय की बातें तो होती हैं, लेकिन उनकी कार्यक्षमता और वजूद अब जमीन पर साबित होते नहीं दिख रहे हैं। जयकुमार सिंह के इस बयान से JDU के भीतर आंतरिक कलह और नीतीश कुमार के बाद पार्टी के भविष्य को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है।3
- भारत के तीन जवान शहीद हो गए हैं, जिनमें बिहार का एक जवान भी शामिल था। इस घटना के बावजूद, मोदी जी ने इस विषय पर कोई ट्वीट नहीं किया है। जानकारी के अनुसार, अमेरिका ने भारत पर हमला किया है, लेकिन देश के किसी भी न्यूज चैनल में इस खबर को दिखाने की हिम्मत नहीं है।1
- भोजपुर में जमीन को लेकर दो पक्षों के बीच मारपीट हुई, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुँची।1