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विधायक पूर्व ब्लाक प्रमुख व अध्यक्ष नगर पंचायत ने फीता काटकर पंचायत सचिवालय का किया लोकार्पण ओमप्रकाश श्रीवास्तव हैदरगढ़ बाराबंकी। जनपद बाराबंकी विकासखंड त्रिवेदीगंज क्षेत्र के बहुता गांव में नवनिर्मित पंचायत भवन एवं पुस्तकालय के लोकार्पण कार्य का शुभारंभ विधायक दिनेश रावत पूर्व ब्लाक प्रमुख सुनील सिंह वह अध्यक्ष आलोक तिवारी ने संयुक्त रूप से किया इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक दिनेश रावत ने कहा कि यह भवन सिर्फ पंचायत कार्यालय ही नहीं बल्कि सामाजिक शैक्षिक और प्रशासनिक गतिविधियों का केंद्र बनेगा कहां की पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए केंद्र और प्रदेश की सरकार संकल्पित है पूर्व ब्लाक प्रमुख सुनील सिंह ने कहा कि इस पहल से ग्रामीणों को छोटे-छोटे कामों के लिए प्रखंड मुख्यालय के चक्कर लगाने से मुक्ति मिलेगी यह स्थानीय स्टार पर विकास को बढ़ावा देगा और कार्यों में पदार्शिता वह तेजी लेगा वीडियो प्रियंका सिंह प्रधान देवी प्रसाद अरुण शुक्ला युवा नेता बृजेश शुक्ला महंत ललित सचिव स्वयं मिश्रा शरण कुमार भाजपा मंडल अध्यक्ष मोहित मिश्रा महामंत्री संतोष कुमार बाजपेई राम हेतु महत्व विनोद त्रिपाठी रामकुमार पांडे राहुल दीक्षित सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

15 hrs ago
user_CHIEF BUREAU Om Prakash Srivastava
CHIEF BUREAU Om Prakash Srivastava
हैदरगढ़, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
15 hrs ago

विधायक पूर्व ब्लाक प्रमुख व अध्यक्ष नगर पंचायत ने फीता काटकर पंचायत सचिवालय का किया लोकार्पण ओमप्रकाश श्रीवास्तव हैदरगढ़ बाराबंकी। जनपद बाराबंकी विकासखंड त्रिवेदीगंज क्षेत्र के बहुता गांव में नवनिर्मित पंचायत भवन एवं पुस्तकालय के लोकार्पण कार्य का शुभारंभ विधायक दिनेश रावत पूर्व ब्लाक प्रमुख सुनील सिंह वह अध्यक्ष आलोक तिवारी ने संयुक्त रूप से किया इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक दिनेश रावत ने कहा कि यह भवन सिर्फ पंचायत कार्यालय ही नहीं बल्कि सामाजिक शैक्षिक और प्रशासनिक गतिविधियों का केंद्र बनेगा कहां की पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए केंद्र और प्रदेश की सरकार संकल्पित है पूर्व ब्लाक प्रमुख सुनील सिंह ने कहा कि इस पहल से ग्रामीणों को छोटे-छोटे कामों के लिए प्रखंड मुख्यालय के चक्कर लगाने से मुक्ति मिलेगी यह स्थानीय स्टार पर विकास को बढ़ावा देगा और कार्यों में पदार्शिता वह तेजी लेगा वीडियो प्रियंका सिंह प्रधान देवी प्रसाद अरुण शुक्ला युवा नेता बृजेश शुक्ला महंत ललित सचिव स्वयं मिश्रा शरण कुमार भाजपा मंडल अध्यक्ष मोहित मिश्रा महामंत्री संतोष कुमार बाजपेई राम हेतु महत्व विनोद त्रिपाठी रामकुमार पांडे राहुल दीक्षित सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

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  • विधायक पूर्व ब्लाक प्रमुख व अध्यक्ष नगर पंचायत ने फीता काटकर पंचायत सचिवालय का किया लोकार्पण ओमप्रकाश श्रीवास्तव हैदरगढ़ बाराबंकी। जनपद बाराबंकी विकासखंड त्रिवेदीगंज क्षेत्र के बहुता गांव में नवनिर्मित पंचायत भवन एवं पुस्तकालय के लोकार्पण कार्य का शुभारंभ विधायक दिनेश रावत पूर्व ब्लाक प्रमुख सुनील सिंह वह अध्यक्ष आलोक तिवारी ने संयुक्त रूप से किया इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक दिनेश रावत ने कहा कि यह भवन सिर्फ पंचायत कार्यालय ही नहीं बल्कि सामाजिक शैक्षिक और प्रशासनिक गतिविधियों का केंद्र बनेगा कहां की पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए केंद्र और प्रदेश की सरकार संकल्पित है पूर्व ब्लाक प्रमुख सुनील सिंह ने कहा कि इस पहल से ग्रामीणों को छोटे-छोटे कामों के लिए प्रखंड मुख्यालय के चक्कर लगाने से मुक्ति मिलेगी यह स्थानीय स्टार पर विकास को बढ़ावा देगा और कार्यों में पदार्शिता वह तेजी लेगा वीडियो प्रियंका सिंह प्रधान देवी प्रसाद अरुण शुक्ला युवा नेता बृजेश शुक्ला महंत ललित सचिव स्वयं मिश्रा शरण कुमार भाजपा मंडल अध्यक्ष मोहित मिश्रा महामंत्री संतोष कुमार बाजपेई राम हेतु महत्व विनोद त्रिपाठी रामकुमार पांडे राहुल दीक्षित सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
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    विधायक पूर्व ब्लाक प्रमुख व अध्यक्ष नगर पंचायत ने फीता काटकर पंचायत सचिवालय का  किया लोकार्पण 
ओमप्रकाश श्रीवास्तव 
हैदरगढ़ बाराबंकी। जनपद बाराबंकी विकासखंड त्रिवेदीगंज  क्षेत्र के बहुता गांव में नवनिर्मित पंचायत भवन एवं  पुस्तकालय के लोकार्पण कार्य का शुभारंभ विधायक दिनेश रावत पूर्व ब्लाक प्रमुख सुनील सिंह वह अध्यक्ष आलोक तिवारी ने संयुक्त रूप से किया इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक दिनेश रावत ने कहा कि यह भवन सिर्फ पंचायत कार्यालय ही नहीं बल्कि सामाजिक शैक्षिक और प्रशासनिक गतिविधियों का केंद्र बनेगा कहां की पंचायती राज व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए केंद्र और प्रदेश की सरकार संकल्पित है पूर्व ब्लाक प्रमुख सुनील सिंह ने कहा कि इस पहल से ग्रामीणों को छोटे-छोटे कामों के लिए प्रखंड मुख्यालय के चक्कर लगाने से मुक्ति मिलेगी यह स्थानीय स्टार पर विकास को बढ़ावा देगा और कार्यों में पदार्शिता वह तेजी लेगा वीडियो प्रियंका सिंह प्रधान देवी प्रसाद अरुण शुक्ला युवा नेता बृजेश शुक्ला महंत ललित सचिव स्वयं मिश्रा शरण कुमार भाजपा मंडल अध्यक्ष मोहित मिश्रा महामंत्री संतोष कुमार बाजपेई राम हेतु महत्व विनोद त्रिपाठी रामकुमार पांडे राहुल दीक्षित सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
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    हैदरगढ़, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
  • मुख्यमंत्री ने विधान सभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट पर अपने विचार व्यक्त किए उ0प्र0 के इतिहास में पहली बार किसी मुख्यमंत्री को 10वां बजट प्रस्तुत करने का अवसर प्राप्त हुआ : मुख्यमंत्री वित्तीय वर्ष 2016-17 में राजकोषीय घाटा राज्य की कुल जी0एस0डी0पी0 का 4.39 प्रतिशत था, वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 में यह घटकर 2.97 प्रतिशत वर्ष 2016-17 में राज्य की ऋणग्रस्तता लगभग 30 प्रतिशत थी, आज यह 26 प्रतिशत, वित्तीय वर्ष 2026-27 के अन्त तक इसे 23 प्रतिशत पहुंचाने का लक्ष्य वर्ष 2016-17 में प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय लगभग 43,000 रु0, इस वित्तीय वर्ष के अन्त तक 01 लाख 20 हजार रुपये से अधिक होने का अनुमान डबल इंजन सरकार ने विगत 09 वर्षां में उ0प्र0 को बॉटम थ्री से टॉप थ्री राज्यों में पहुंचाने का कार्य किया उ0प्र0 की जी0एस0डी0पी0 13 लाख करोड़ रु0 से बढ़ाकर 36 लाख करोड़ रु0, वर्ष 2026-27 में जी0एस0डी0पी0 को 40 लाख करोड़ रु0 पहुंचाने का लक्ष्य वर्ष 2016-17 में प्रदेश का कैपिटल एक्सपेंडिचर 71 हजार करोड़ रु0 था, आज यह बढ़कर 01 लाख 77 हजार करोड़ रु0 से अधिक नीति आयोग के फिस्कल हेल्थ इंडेक्स-2025 में उ0प्र0 देश में फ्रण्ट रनर श्रेणी में उ0प्र0 ‘रिस्क स्टेट से अब स्टेबल और निवेश के ड्रीम डेस्टिनेशन’ के रूप में स्वयं को स्थापित कर चुका अब प्रदेश में ट्रिपल टी-‘टेक्नोलॉजी, ट्रस्ट और ट्रांसफार्मेशन’ की त्रिवेणी प्रत्येक स्तर पर देखने को मिल रही प्रदेश सरकार उ0प्र0 के 25 लाख नौजवानों को ए0आई0 वर्जन को निःशुल्क उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ी कार्ययोजना के साथ कार्य करेगी 25 लाख युवाओं को ऑगुमेण्टेड रियलटी एण्ड एक्सटेण्डेड रियलटी आधारित कौशल प्रशिक्षण के लिए धनराशि की व्यवस्था अप्रैल से शिक्षामित्रों को सरकार 18,000 रु0 तथा अनुदेशकों को 17,000 रु0 प्रतिमाह दिए जाएंगे बजट में निराश्रित महिला, वृद्धावस्था व दिव्यांगजन पेंशन राशि में बढ़ोत्तरी के लिए धनराशि की व्यवस्था मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में वार्षिक आय सीमा 01 लाख रु0 से बढ़ाकर 03 लाख रु0 की जा रही पूर्वदशम् और दशमोत्तर छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए आय सीमा 02 लाख रु0 से बढ़ाकर 2.50 लाख रु0 की जा रही उ0प्र0 ने ‘डेटा सेण्टर क्लस्टर’ के कार्यक्रम को आगे बढ़ाया, वर्ष 2030 तक 05 गीगावॉट डेटा सेण्टर क्षमता विकसित करने के लिए 05 डेटा क्लस्टर की स्थापना का कार्य किया जा रहा प्रदेश सरकार स्टेट डेटा सेण्टर अथॉरिटी की स्थापना को आगे बढ़ा रही प्रदेश सरकार के प्रोएक्टिव एप्रोच तथा यूनिवर्सल एप्रोच के परिणामस्वरूप राज्य में इंसेफेलाइटिस का उन्मूलन स्टेट कैपिटल रीजन व सिटी इकोनॉमिक जोन के लिए बजट में धनराशि की व्यवस्था शहरी अर्थव्यवस्था की दृष्टि से 50 प्रतिशत से अधिक शहरीकरण के लिए प्रदेश सरकार कार्य कर रही ‘स्पीड ऑफ डुइंग बिजनेस’ के मॉडल स्टेट के रूप में उ0प्र0 को स्थापित किया गया ‘डिजिटल इण्टरप्रेन्योर योजना’ के अन्तर्गत प्रदेश में 08 हजार न्याय पंचायतों में डिजिटल उद्यमी स्थापित किए जाएंगे ‘महिला उद्यमी उत्पाद विपणन केन्द्र’ हेतु बजट में 100 करोड़ रु0 की व्यवस्था 16 लाख ट्यूबवेल के लिए मुफ्त बिजली की व्यवस्था, इसके लिए प्रतिवर्ष 3,000 करोड़ रु0 खर्च लखनऊ में 10 हजार की क्षमता वाले एक एग्जिबिशन एण्ड कन्वेंशन सेंटर की स्थापना के लिए बजट में धनराशि की व्यवस्था प्रदेश में वर्तमान में 75,000 एकड़ का एक बड़ा लैंड बैंक उ0प्र0 ईज़ ऑफ़ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में देश में टॉप अचीवर स्टेट, लॉजिस्टिक रैंकिंग में अचीवर स्टेट, गुड गवर्नेंस इंडेक्स में देश में प्रथम स्थान पर तथा डी रेगुलेशन में देश में नम्बर एक स्थान पर मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के माध्यम से यू0पी0एस0सी0 में 59, यू0पी0पी0सी0एस0 में 136, नीट, आई0आई0टी0-जे0ई0ई0 में 771 बच्चों का चयन प्रदेश में अब अपने स्वयं के स्रोतों से 18,136 मेगावॉट की पावर जनरेशन क्षमता पी0एम0 सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत उ0प्र0 ने 1.29 गीगावॉट की सोलर क्षमता अर्जित की हर विभाग अपनी कार्ययोजना 15 मई तक तैयार करे लखनऊ : 20 फरवरी, 2026 उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि लोकतंत्र की सर्वाच्च संस्था के रूप में विधायिका अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए समस्याओं का समाधान कर रही है। समस्या के समाधान का रास्ता संवाद से हो सकता है और संवाद के माध्यम से सदन ने सभी एजेण्डों के अनुरूप सदन की कार्यवाही चली है। अनेक वर्षों के पश्चात विधान मण्डल का बजट सत्र दो सप्ताह की यात्रा पूर्ण कर आज समारोप की ओर बढ़ रहा है। सदन में राज्यपाल जी के अभिभाषण, सदस्यों द्वारा विभिन्न नियमों के अन्तर्गत उठाये जाने वाले मुद्दों तथा बजट पर कुशलतापूर्वक चर्चा की गयी। मुख्यमंत्री जी आज यहां विधान सभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट पर अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के इतिहास में पहली बार किसी मुख्यमंत्री को 10वां बजट प्रस्तुत करने का अवसर प्राप्त हुआ है, इसलिए यह सत्र हमारे लिए और अधिक महत्वपूर्ण है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 09 लाख 12 हजार 696 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक बजट प्रस्तुत किया गया है। वित्तीय वर्ष 2016-17 में राजकोषीय घाटा राज्य की कुल जी0एस0डी0पी0 का 4.39 प्रतिशत था। वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 में यह 2.97 प्रतिशत है, जो वर्ष 2016-17 की तुलना में काफी कम है। इसका तात्पर्य यह है कि हमारा वित्तीय प्रबन्धन बेहतर है। कुशल वित्तीय प्रबन्धन को देखकर देश भर के बैंकर्स उत्तर प्रदेश पर विश्वास कर रहे हैं। प्रदेश सरकार ने राज्य की ऋणग्रस्तता को कम करने में सफलता प्राप्त की है। वर्ष 2016-17 में राज्य की ऋणग्रस्तता लगभग 30 प्रतिशत थी। आज यह 26 प्रतिशत के आस-पास है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के अन्त तक इसे 23 प्रतिशत पहुंचाने का लक्ष्य है। स्वाभाविक रूप से वॉल्यूम बढ़ने से दायरे में वृद्धि होती है, लेकिन सरकार ने आय-व्यय में संतुलन बनाने का कार्य किया है। वर्ष 2016-17 में प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय लगभग 43,000 रुपये थी, जिसके इस वित्तीय वर्ष के अन्त तक 01 लाख 20 हजार रुपये से अधिक होने का अनुमान है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के विजन के अनुरूप इस सदन में ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश’ पर लगातार 27-28 घण्टे प्रभावी ढंग से चर्चा करने वाला उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य है। इस चर्चा में विकसित भारत तथा विकसित उत्तर प्रदेश के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए आवश्यक दायित्वों का प्रकाश डाला गया। भारत तब विकसित होगा, जब राज्य विकसित होंगे। राज्य तब विकसित होगा, जब जनपद विकसित होंगे। जनपद तब विकसित होगा, जब हमारे गांव और नगर विकसित व आत्मनिर्भर होंगे। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्ष 2016-17 में उत्तर प्रदेश देश के बड़े राज्यों में बॉटम थ्री में आता था। उत्तर प्रदेश की गिनती बीमारू राज्यों में होती थी। उत्तर प्रदेश का पर्सेप्शन चेंज हुआ है। आज जब प्रदेश का नागरिक देश-दुनिया में कहीं जाता है, तो लोग उसे गौरवपूर्ण दृष्टि से देखते हैं। यह परिवर्तन सरकार की स्पष्ट नीति तथा साफ नीयत से सम्भव हो सका है। इसी परिवर्तन के परिणामस्वरूप डबल इंजन सरकार ने विगत 09 वर्षां के दौरान उत्तर प्रदेश को बॉटम थ्री से टॉप थ्री राज्यों में पहुंचाने का कार्य किया है। हम उत्तर प्रदेश की 13 लाख करोड़ रुपये की जी0एस0डी0पी0 को बढ़ाकर 36 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचा रहे हैं। हमने तय किया है कि वर्ष 2026-27 में जी0एस0डी0पी0 को 40 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाएंगे। जब प्रदेश की इकोनॉमी वन ट्रिलियन डॉलर होगी, तो देश में टॉप अर्थव्यवस्था उत्तर प्रदेश की होगी। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्ष 2017 में प्रदेश सरकार ने 86 लाख लघु और सीमान्त किसानों का 01 लाख रुपये तक का फसली ऋण माफ किया था और इसके लिए धनराशि किसी बैंक या वित्तीय संस्थान से नहीं बल्कि राज्य के बजट से की गयी थी। राज्य के बजट से किसानों का फसली ऋण माफ करने वाला उत्तर प्रदेश पहला राज्य था। हमने लीकेजेज रोके, भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाया, परिणामस्वरूप प्रदेश की वित्तीय स्थिति सुदृढ़ होती हुई दिखायी दी। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि विगत दिवस सदन में भारतीय रिजर्व बैंक की गाइडलाइन के अनुरूप एफ0आर0बी0एम0 से सम्बन्धित एक अधिनियम पारित हुआ है। उत्तर प्रदेश देश के उन अग्रणी राज्यों में सम्मिलित है, जो भारतीय रिजर्व बैंक की इस गाइडलाइन को फॉलो कर रहे हैं। हमारा ऋण एवं वित्तीय अनुशासन एफ0आर0बी0एम0 अधिनियम के अन्तर्गत संचालित हो रहा है। वर्ष 2016-17 में प्रदेश का कैपिटल एक्सपेंडिचर 71 हजार करोड़ रुपये के आस-पास था। आज यह बढ़कर 01 लाख 77 हजार करोड़ रुपये से अधिक पहुंच चुका है। यह देश में सर्वाधिक है। राज्य का सी0डी0 रेशियो पहले केवल 43 से 44 प्रतिशत था। प्रदेश सरकार के प्रयासों से आज सी0डी0 रेशियो लगभग 62 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। उत्तर प्रदेश का पैसा उत्तर प्रदेश में लगे इसके लिए लगातार कार्यक्रम चल रहे हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से लाखों युवाओं ने अपने रोजगार को आगे बढ़ाने का कार्य किया है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश की एम0एस0एम0ई0 इकाइयां स्थानीय स्तर पर रोजगार का सृजन कर रही हैं। जिस राज्य में एम0एस0एम0ई0 का सबसे बड़ा नेटवर्क, सस्ता व कुशल मैनपावर होगा, वह राज्य बड़ा औद्योगिक निवेश करने में सफल होगा। वर्ष 2017 से पूर्व उत्तर प्रदेश में कोई निवेश करने को तैयार नहीं था। एम0एस0एम0ई0 की स्थिति खराब थी। मुरादाबाद का ब्रास, फिरोजाबाद का ग्लास, आजमगढ़ की ब्लैक पॉटरी, गोरखपुर का टेराकोटा, भदोही की कालीन आदि स्थानीय उत्पाद सदियों की परम्परा से रहे हैं। यह सब इकाइयां पहले हताश और निराश थीं। प्रदेश सराकर ने इनकी मैपिंग व सर्वे कराकर इन्हें डिजाइनिंग, पैकेजिंग, मार्केटिंग तथा प्रशिक्षण आदि से जोड़ने का कार्य किया। वर्ष 2018 में ‘एक जनपद-एक उत्पाद योजना’ प्रारम्भ की गयी। देश में 96 लाख एम0एस0एम0ई0 इकाइयां उत्तर प्रदेश में हैं। इन इकाइयों में 03 करोड़ से अधिक प्रदेश के नागरिक कार्य कर रहे हैं। प्रत्येक एम0एस0एम0ई0 इकाई को रजिस्ट्रेशन से जोड़ा गया। प्रदेश सरकार द्वारा रजिस्टर्ड एम0एस0एम0ई0 इकाई को 05 लाख रुपये का सुरक्षा बीमा कवर प्रदान किया जा रहा है। ग्राम स्वराज की अवधारणा के अन्तर्गत गांव ही अपनी योजनाएं बनाता था, उन्हें लागू करता था। गांवों में पंच परमेश्वर की व्यवस्था भी होती थी। हमारे गांव आत्मनिर्भर होते थे। गांव में परम्परागत राजमिस्त्री, कारपेन्टर, हस्तशिल्पी व कारीगर आदि होते थे। गांव की सारी व्यवस्थाएं एक-दूसरे से जुड़ी थीं। आत्मनिर्भर व्यवस्था के साथ सौहार्द व सम्पन्नता थी। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने वर्ष 2019 में विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना लागू की थी। इसके अन्तर्गत बड़े पैमाने पर टूलकिट वितरण के साथ-साथ प्रशिक्षण की व्यवस्था की गयी है। बैंकों से सस्ते में ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के अन्तर्गत मॉर्जिन मनी के साथ गारण्टी मुक्त ब्याज मुक्त ऋण की व्यवस्था की गयी है। इसके तहत पहले चरण में 05 लाख रुपये, दूसरे चरण 7.5 लाख रुपये तथा तीसरे चरण में 10 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। अब तक प्रदेश में 01 लाख 10 हजार से अधिक युवाओं को इस योजना के अन्तर्गत बैंक से लोन उपलब्ध कराया गया है। योजनान्तर्गत प्रदेश के प्रत्येक जनपद में युवाओं के प्रशिक्षण की व्यवस्था की जा रही है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि देश में नीतियों के निर्माण के लिए प्रधानमंत्री जी की अध्यक्षता में गठित नीति आयोग के फिस्कल हेल्थ इंडेक्स-2025 के अनुसार उत्तर प्रदेश देश में फ्रण्ट रनर श्रेणी में है। रिपोर्ट में व्यय की गुणवत्ता, पूंजीगत निवेश, ऋण स्थिरता और राजकोषीय अनुशासन आदि मानकों पर राज्य को संतुलित और सुदृढ़ माना गया है। सी0ए0जी0 ने उत्तर प्रदेश की सुदृढ़ राजस्व स्थिति तथा संतुलित वित्तीय प्रबन्धन की सराहना की है। पहली बार उत्तर प्रदेश ने अपना आर्थिक सर्वेक्षण सदन में प्रस्तुत किया है। सरकार द्वारा निरन्तर किये जाने वाले प्रयासों के परिणामस्वरूप उत्तर प्रदेश ‘रिस्क स्टेट से अब स्टेबल और निवेश के ड्रीम डेस्टिनेशन’ के रूप में स्वयं को स्थापित कर चुका है। आज यह उत्तर प्रदेश की नई पहचान बनी है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि अब प्रदेश में ट्रिपल टी-‘टेक्नोलॉजी, ट्रस्ट और ट्रांसफार्मेशन’ की त्रिवेणी प्रत्येक स्तर पर देखने को मिल रही है। इस दिशा में प्रदेश सरकार द्वारा अनेक प्रयास किये गये हैं। प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में देश की राजधानी दिल्ली में पहली बार ए0आई0 इम्पैक्ट समिट, आयोजित की जा रही है। 20 से अधिक देशों के राष्ट्राध्यक्ष और 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधि इस समिट में भाग ले रहे हैं। भारत इस फील्ड का नया लीडर बनकर उभरा है। इस दिशा में इण्डस्ट्री-4.0 ने हमें ऑटोमेशन, इण्टरनेट ऑफ थिंग्स, ए0आई0 तथा बिग डेटा के क्षेत्र में प्रगति प्रदान की है। इण्डस्ट्री-5.0 में टेक्नोलॉजी आधारित जो नया मॉडल सामने का आ रहा है, वह मानव केन्द्रित और मूल्य आधारित औद्योगिक व्यवस्था की स्थापना से सम्बन्धित है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि ए0आई0 आज औद्योगिक क्रान्ति का एक प्रमुख उपकरण बनने जा रहा है। जहां एक ओर भारत ने स्वयं को प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में दुनिया की एक बड़ी ताकत के रूप में स्थापित किया है, विश्व में भारत के प्रति विश्वास सुदृढ़ हुआ है। पूरी दुनिया भारत की ओर देख रही है। वहीं दूसरी ओर भारत मण्डपम् में एक शर्मनाक घटना करने का प्रयास किया गया है। दुनिया में देश की छवि दूषित करने का कुत्सित करने का प्रयास किया गया है। हम इसकी निन्दा करते हैं। प्रत्येक भारतवासी को इस घटना की निन्दा करनी चाहिए। जो भी व्यक्ति इस घटना के पीछे है, उसके खिलाफ कठोरतम कार्यवाही की जानी चाहिए। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्तमान में डेटा गेम चेंजर साबित हो रहा है। पहले विश्व में यह माना जाता था कि जिसके पास तेल है उसी का विश्व पर कब्जा है। आज के समय में ए0आई0 तेल का स्थान लेने वाला है। ए0आई0 के लिए सबसे पहली आवश्यकता डेटा सेण्टर की है। डेटा सेण्टर की स्थापना की दृष्टि से उत्तर प्रदेश ने अपने कई कदम बढ़ाए हैं। उत्तर प्रदेश ने ‘डेटा सेण्टर क्लस्टर’ के कार्यक्रम को आगे बढ़ाया है। वर्ष 2017 से पूर्व प्रदेश में डेटा सेण्टर नहीं थे। आज राज्य सरकार ने कई डेटा सेण्टर स्थापित किए हैं। डेटा सेण्टर क्लस्टर की उपयोगिता को हमें अच्छे ढंग से समझना होगा। इसमें डिजिटल डेटा को स्टोर करना, उसका प्रोसेस करना, उसको मैनेज करना, यह तीन महत्वपूर्ण प्रक्रियाएं होती हैं। इसके दृष्टिगत डेटा सेण्टर क्लस्टर की स्थापना की जा रही है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2030 तक 05 गीगावॉट डेटा सेण्टर क्षमता विकसित करना है। इसके लिए 05 डेटा क्लस्टर की स्थापना का कार्य किया जा रहा है। हाईटेक ईको सिस्टम के विकास एवं उसके स्किल के साथ ही रोजगार का सृजन भी उसके माध्यम से होगा। इमर्जिंग टेक्नोलॉजी का दूसरा क्षेत्र रोबोटिक्स का है। खेतों में दवा डालने, भार उठाने सहित अन्य कार्य रोबोटिक्स द्वारा हो सकते हैं। प्रदेश ने ड्रोन हब के लिए सेण्टर ऑफ एक्सीलेंस विकसित करने के लिए आई0आई0टी0 कानपुर के साथ एम0ओ0यू0 कर उसे आगे बढ़ाया। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश सरकार स्टेट डेटा सेण्टर अथॉरिटी की स्थापना को आगे बढ़ा रही है। विभिन्न विभागों से सही डेटा प्राप्त किया जा सकेगा। यह प्रधानमंत्री जी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ तथा इण्डीविजुअल से यूनीवर्सल के भाव के साथ कार्य करेगा। डेटा की महत्वपूर्ण भूमिका होने जा रही है। यह रिएक्टिव के बजाए प्रीडेक्टिव व प्रोएक्टिव रोल में कार्य करता है। स्टेट डाटा अथॉरिटी के लिए 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था इस बजट में की गयी है। स्टेट डेटा सेण्टर अथॉरिटी प्रदेश के सुप्रीम रेगुलेटर व आर्किटेक्टर के रूप में कार्य करेगी। इसमें डेटा इकट्ठा किया जाएगा और क्रिटिकल थिंकिंग के लिए कार्य किया जाएगा। इस वर्ष रोबोटिक्स मिशन को लॉन्च किया गया है। इसके लिए इस बजट में 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था भी की गयी है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि ए0आई0 के लिए स्किल मैनपावर की आवश्यकता होगी। प्रदेश की 55 से 60 प्रतिशत युवा आबादी कामकाजी है। स्कूल-कॉलेजों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को ए0आई0 टूल्स के फ्री वर्जन का उपयोग करने के लिए पैसे देने की आवश्यकता पढ़ेगी। प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश के 25 लाख नौजवानों को ए0आई0 वर्जन को निःशुल्क उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ी कार्ययोजना के साथ कार्य करेगी। इस दिशा में उच्च मांग वाले क्षेत्र ए0आई0, डाटा साइंस, रोबोटिक्स, मशीन लर्निंग, ड्रोन टेक्नोलॉजी हैं। स्टार्टअप और इनोवेशन के लिए ए0आई0 हब की स्थापना की जाएगी। प्रदेश सरकार द्वारा इस अप्रोच को आगे बढ़ाने के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य एवं कृषि के क्षेत्र में नये स्टार्टअप को स्थापित करने की दिशा में कार्य किया जाएगा। सटीक खेती के लिए ए0आई0 का उपयोग किया जाएगा। किसानों को मौसम की भविष्यवाणी, मिट्टी के स्वास्थ्य विश्लेषण, फसलों पर किसी प्रकार के हमले के पूर्व चेतावनी प्रदान करने में ए0आई0 का उपयोग किया जा सकता है। ई-कॉमर्स एवं सप्लाई चेन प्रबन्धन के विषय में यह एक बड़ी भूमिका का निर्वहन कर सकता है। प्रदेश सरकार राज्य के युवाओं ए0आई0 से सम्बन्धित स्किल प्रदान करने में पूर्ण सहयोग करेगी। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न क्लाइमेट जोन की जैव पारिस्थितिकी के अनुसार अलग-अलग समय में अलग-अलग प्रकार की बीमारियां होती हैं। वर्तमान प्रदेश सरकार ने इंसेफेलाइटिस की बीमारी की रोकथाम के लिए उससे सम्बन्धित डेटा कलेक्शन का कार्य किया। इस बीमारी से सम्बन्धित विभिन्न कारणों जैसे आर्सेनिक, फ्लोराइड आदि समस्याओं के डाटा का कलेक्शन किया गया। प्रदेश सरकार द्वारा जहां शुद्ध पेयजल की आपूर्ति व हर घर शौचालय का निर्माण कराया गया। प्रदेश सरकार के प्रोएक्टिव एप्रोच तथा यूनिवर्सल एप्रोच के परिणामस्वरूप राज्य में इंसेफेलाइटिस का उन्मूलन हो गया है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि शासन की सुविधा को प्राप्त करने का अधिकार राज्य के प्रत्येक नागरिक का है। प्रदेश सरकार द्वारा बिना भेदभाव के सरकार की विभिन्न लोक कल्याणकारी कार्यक्रमों का लाभ पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कवि श्री रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की कविता का उल्लेख करते हुए कहा कि ‘मूल जानना बड़ा कठिन है नदियों का, वीरों का, धनुष छोड़ और गोत्र क्या होता रण धीरों का, पातें हैं सम्मान तपोबल से भूतल पर शूर, जाति-जाति का शोर मचाते केवल कायर, क्रूर’। प्रदेश सरकार ने परिणामोन्मुखी कार्य किया है। आज प्रदेश का पर्सेप्शन बदला है। आज देश और दुनिया का बड़ा उद्यमी प्रदेश में निवेश करने का इच्छुक है। प्रदेश में सबकुछ पारदर्शी है। पिक एण्ड चूज़ नहीं है। प्रदेश सरकार ने नीतियों के माध्यम से सभी को जोड़ा है। पिछली सरकार में शिक्षा में ड्रॉप आउट रेट लगभग 07 प्रतिशत था। आज यह लगभग जीरो प्रतिशत से लेकर 03 प्रतिशत के आसपास है। ड्रॉप आउट के सम्बन्ध में मान्यता थी कि छात्राएं स्कूल इसलिए छोड़ देती हैं कि स्कूल दूर होते हैं। प्रदेश सरकार द्वारा छात्राओं के स्कूल छोड़ने का सर्वे कर उसके डाटा का विश्लेषण किया गया, तब यह पाया गया कि बालिकाएं स्कूल इसलिए छोड़ देती हैं कि स्कूल में शौचालय नहीं हैं। पेयजल की व्यवस्था नहीं है। प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से डबल इंजन सरकार ने तय किया कि प्रत्येक स्कूल में शुद्ध पेयजल और लड़कियों के लिए अलग शौचालय की व्यवस्था होनी चाहिए। इस प्रकार राज्य सरकार ड्रॉप आउट रेट को कम करने में सफल हुई है। वर्ष 2017 से पूर्व प्रदेश के विद्यालयों में पढ़ने वाली छात्राएं नंगे पैर स्कूल जाती थीं। सर्वप्रथम वर्तमान प्रदेश सरकार ने बेसिक शिक्षा स्कूल के छात्र-छात्राओं को 02 यूनीफॉर्म, बैग, बुक्स, शूज़ अनिवार्य रूप से प्रदान करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया और इसके लिए विद्यार्थियों के अभिभावकों के बैंक खातों में 1,200 रुपये प्रतिवर्ष भेजे जा रहे हैं। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रथम चरण में प्रत्येक जनपद में 02 मुख्यमंत्री कम्पोजिट विद्यालय बनाए जा रहे हैं। इस वर्ष के बजट में भी इसके लिए धनराशि आवंटित की गयी है। चरणबद्ध रूप से प्रत्येक विधान सभा क्षेत्र में, ब्लॉक स्तर पर तथा न्याय पंचायतों में मुख्यमंत्री कम्पोजिट विद्यालय का निर्माण किया जाएगा। क्रमशः 12 से 15 एकड़ क्षेत्रफल में निर्मित इस विद्यालय में प्री-प्राइमरी से लेकर 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थी एक ही कैम्पस में शिक्षा ग्रहण करेंगे। यहां पर शिक्षा के साथ ही कौशल विकास, स्पोर्ट्स की अच्छी फैसिलिटी उपलब्ध होगी। शिक्षकों के प्रति सम्मान का भाव हम सभी के मन में होना चाहिए। प्रदेश सरकार बेसिक, माध्यमिक, उच्च विद्यालयों के सभी शिक्षकों तथा शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को कैशलेस योजना से आच्छादित करने जा रही है। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि स्टेट कैपिटल रीजन व सिटी इकोनॉमिक जोन के लिए बजट में धनराशि की व्यवस्था की गयी है। लखनऊ एवं उसके आसपास के जनपदों को ‘स्टेट कैपिटल रीजन’ के रूप में स्थापित करने के लिए लखनऊ, सीतापुर, बाराबंकी, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली को लेकर सिटी इकोनॉमिक जोन के रूप में विकसित किया जाएगा। आर्थिक विकास के अन्तर्गत शहरीकरण एक महत्वपूर्ण घटक है। इस दिशा में प्रदेश सरकार ने अनेक कदम उठाए हैं। आज के समय की अर्थव्यवस्था शहरी अर्थव्यवस्था है। शहरी अर्थव्यवस्था की दृष्टि से 50 प्रतिशत से अधिक शहरीकरण के लिए प्रदेश सरकार कार्य कर रही है। काशी और मीरजापुर में ‘सिटी इकोनॉमिक जोन’ विकसित किया जाएगा। वाराणसी मण्डल के जनपद वाराणसी, चन्दौली, गाजीपुर, जौनपुर तथा विन्ध्याचल मण्डल के मीरजापुर, भदोही, सोनभद्र तक के क्षेत्र को इसमें शामिल किया जाएगा। इस रीजन को इकोनॉमिक जोन के रूप में बनाने के लिए विशेषज्ञों के साथ मिलकर व्यापक कार्ययोजनाएं तैयार की जा रही हैं। इस पर कार्य प्रारम्भ किया जा चुका है। इस बजट में यह घोषणा की गयी है कि प्रदेश सरकार जन विश्वास सिद्धान्त के अनुसार नये कार्यक्रम को आगे बढ़ाएगी। इसके सम्बन्ध में प्रदेश सरकार आगे बढ़ी है। ‘स्पीड ऑफ डुइंग बिजनेस’ के मॉडल स्टेट के रूप में उत्तर प्रदेश को स्थापित किया गया है। रेगुलेटरी फ्रेमवर्क को इस रूप में तैयार किया जा रहा है कि लाइसेंसिंग, रजिस्ट्रेशन एवं इन्सपेक्शन की कार्यवाही विश्वास पर आधारित हो। इसे सेल्फ सर्टिफिकेशन के साथ जोड़ सकें। यह एक बड़ा कदम होगा। किसी भी प्रकार का एफिलेशन एक पेज में लिया जाना चाहिए। प्रदेश सरकार ने एम0एस0एम0ई0 सेक्टर में 96 लाख यूनिट की स्थापना हेतु 01 हजार दिनों तक लाइसेंसिंग की प्रक्रिया को पूर्ण करने के निर्देश दिए गए थे। 53 विभागों के साथ इस कार्ययोजना पर कार्य किया जा रहा है। स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन को इसका नोडल विभाग नामित किया गया है। प्रदेश सरकार ने ‘डिजिटल इण्टरप्रेन्योर योजना’ की घोषणा की है। प्रदेश में 08 हजार न्याय पंचायतें हैं। इनमें डिजिटल उद्यमी स्थापित किए जाएंगे। इस डिजिटल उद्यमी के चयन में 50 प्रतिशत उसी गांव की बेटी या बहू होगी। इसमें 50 फीसदी महिलाओं के लिए आरक्षण की सुविधा प्रदान की जाएगी। इसमें इनको 10 लाख रुपये तक के ब्याज मुक्त ऋण की व्यवस्था भी करने जा रहे हैं। इसके लिए बजट में व्यवस्था की गयी है। इसके तहत गांव जिन सुविधाओं से वंचित था, जैसे ऑप्टिकल फाइबर, गांव के उत्पाद की ऑनलाइन ट्रेडिंग सहित अन्य कार्यों की व्यवस्था की जाएगी। मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में केन्द्रीय बजट के ‘शी-मार्ट योजना’ की तर्ज पर मातृशक्ति को समर्पित एक नई स्कीम ‘महिला उद्यमी उत्पाद विपणन केन्द्र’ की घोषणा हुई है। प्रदेश की 01 करोड़ सेल्फ हेल्प ग्रुप द्वारा जो उत्पाद तैयार कि
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    मुख्यमंत्री ने विधान सभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट पर अपने विचार व्यक्त किए 
उ0प्र0 के इतिहास में पहली बार किसी मुख्यमंत्री 
को 10वां बजट प्रस्तुत करने का अवसर प्राप्त हुआ : मुख्यमंत्री
वित्तीय वर्ष 2016-17 में राजकोषीय घाटा राज्य की कुल जी0एस0डी0पी0 
का 4.39 प्रतिशत था, वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 में यह घटकर 2.97 प्रतिशत
वर्ष 2016-17 में राज्य की ऋणग्रस्तता लगभग 30 प्रतिशत थी, आज यह 
26 प्रतिशत, वित्तीय वर्ष 2026-27 के अन्त तक इसे 23 प्रतिशत पहुंचाने का लक्ष्य 
वर्ष 2016-17 में प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय लगभग 43,000 रु0, इस वित्तीय 
वर्ष के अन्त तक 01 लाख 20 हजार रुपये से अधिक होने का अनुमान
डबल इंजन सरकार ने विगत 09 वर्षां में उ0प्र0 
को बॉटम थ्री से टॉप थ्री राज्यों में पहुंचाने का कार्य किया 
उ0प्र0 की जी0एस0डी0पी0 13 लाख करोड़ रु0 से बढ़ाकर 36 लाख करोड़ रु0, 
वर्ष 2026-27 में जी0एस0डी0पी0 को 40 लाख करोड़ रु0 पहुंचाने का लक्ष्य
वर्ष 2016-17 में प्रदेश का कैपिटल एक्सपेंडिचर 71 हजार करोड़ रु0 था, 
आज यह बढ़कर 01 लाख 77 हजार करोड़ रु0 से अधिक
नीति आयोग के फिस्कल हेल्थ इंडेक्स-2025 में उ0प्र0 देश में फ्रण्ट रनर श्रेणी में
उ0प्र0 ‘रिस्क स्टेट से अब स्टेबल और निवेश के ड्रीम 
डेस्टिनेशन’ के रूप में स्वयं को स्थापित कर चुका 
अब प्रदेश में ट्रिपल टी-‘टेक्नोलॉजी, ट्रस्ट और 
ट्रांसफार्मेशन’ की त्रिवेणी प्रत्येक स्तर पर देखने को मिल रही
प्रदेश सरकार उ0प्र0 के 25 लाख नौजवानों को ए0आई0 वर्जन को 
निःशुल्क उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ी कार्ययोजना के साथ कार्य करेगी
25 लाख युवाओं को ऑगुमेण्टेड रियलटी एण्ड एक्सटेण्डेड 
रियलटी आधारित कौशल प्रशिक्षण के लिए धनराशि की व्यवस्था 
अप्रैल से शिक्षामित्रों को सरकार 18,000 रु0 तथा 
अनुदेशकों को 17,000 रु0 प्रतिमाह दिए जाएंगे
बजट में निराश्रित महिला, वृद्धावस्था व दिव्यांगजन 
पेंशन राशि में बढ़ोत्तरी के लिए धनराशि की व्यवस्था 
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में वार्षिक आय सीमा 
01 लाख रु0 से बढ़ाकर 03 लाख रु0 की जा रही
पूर्वदशम् और दशमोत्तर छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति के 
लिए आय सीमा 02 लाख रु0 से बढ़ाकर 2.50 लाख रु0 की जा रही 
उ0प्र0 ने ‘डेटा सेण्टर क्लस्टर’ के कार्यक्रम को आगे बढ़ाया, वर्ष 2030 
तक 05 गीगावॉट डेटा सेण्टर क्षमता विकसित करने के लिए 
05 डेटा क्लस्टर की स्थापना का कार्य किया जा रहा 
प्रदेश सरकार स्टेट डेटा सेण्टर अथॉरिटी की स्थापना को आगे बढ़ा रही
प्रदेश सरकार के प्रोएक्टिव एप्रोच तथा यूनिवर्सल 
एप्रोच के परिणामस्वरूप राज्य में इंसेफेलाइटिस का उन्मूलन
स्टेट कैपिटल रीजन व सिटी इकोनॉमिक जोन के लिए बजट में धनराशि की व्यवस्था
शहरी अर्थव्यवस्था की दृष्टि से 50 प्रतिशत से 
अधिक शहरीकरण के लिए प्रदेश सरकार कार्य कर रही 
‘स्पीड ऑफ डुइंग बिजनेस’ के मॉडल स्टेट के रूप में उ0प्र0 को स्थापित किया गया
‘डिजिटल इण्टरप्रेन्योर योजना’ के अन्तर्गत प्रदेश 
में 08 हजार न्याय पंचायतों में डिजिटल उद्यमी स्थापित किए जाएंगे
‘महिला उद्यमी उत्पाद विपणन केन्द्र’ हेतु बजट में 100 करोड़ रु0 की व्यवस्था
16 लाख ट्यूबवेल के लिए मुफ्त बिजली की 
व्यवस्था, इसके लिए प्रतिवर्ष 3,000 करोड़ रु0 खर्च 
लखनऊ में 10 हजार की क्षमता वाले एक एग्जिबिशन एण्ड 
कन्वेंशन सेंटर की स्थापना के लिए बजट में धनराशि की व्यवस्था
प्रदेश में वर्तमान में 75,000 एकड़ का एक बड़ा लैंड बैंक 
उ0प्र0 ईज़ ऑफ़ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में देश में टॉप अचीवर स्टेट, 
लॉजिस्टिक रैंकिंग में अचीवर स्टेट, गुड गवर्नेंस इंडेक्स में देश में 
प्रथम स्थान पर तथा डी रेगुलेशन में देश में नम्बर एक स्थान पर 
मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के माध्यम से यू0पी0एस0सी0 में 59, 
यू0पी0पी0सी0एस0 में 136, नीट, आई0आई0टी0-जे0ई0ई0 में 771 बच्चों का चयन
प्रदेश में अब अपने स्वयं के स्रोतों से 18,136 मेगावॉट की पावर जनरेशन क्षमता
पी0एम0 सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत 
उ0प्र0 ने 1.29 गीगावॉट की सोलर क्षमता अर्जित की 
हर विभाग अपनी कार्ययोजना 15 मई तक तैयार करे
लखनऊ : 20 फरवरी, 2026
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि लोकतंत्र की सर्वाच्च संस्था के रूप में विधायिका अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए समस्याओं का समाधान कर रही है। समस्या के समाधान का रास्ता संवाद से हो सकता है और संवाद के माध्यम से सदन ने सभी एजेण्डों के अनुरूप सदन की कार्यवाही चली है। अनेक वर्षों के पश्चात विधान मण्डल का बजट सत्र दो सप्ताह की यात्रा पूर्ण कर आज समारोप की ओर बढ़ रहा है। सदन में राज्यपाल जी के अभिभाषण, सदस्यों द्वारा विभिन्न नियमों के अन्तर्गत उठाये जाने वाले मुद्दों तथा बजट पर कुशलतापूर्वक चर्चा की गयी। 
मुख्यमंत्री जी आज यहां विधान सभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट पर अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के इतिहास में पहली बार किसी मुख्यमंत्री को 10वां बजट प्रस्तुत करने का अवसर प्राप्त हुआ है, इसलिए यह सत्र हमारे लिए और अधिक महत्वपूर्ण है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 09 लाख 12 हजार 696 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक बजट प्रस्तुत किया गया है। वित्तीय वर्ष 2016-17 में राजकोषीय घाटा राज्य की कुल जी0एस0डी0पी0 का 4.39 प्रतिशत था। वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 में यह 2.97 प्रतिशत है, जो वर्ष 2016-17 की तुलना में काफी कम है। इसका तात्पर्य यह है कि हमारा वित्तीय प्रबन्धन बेहतर है। कुशल वित्तीय प्रबन्धन को देखकर देश भर के बैंकर्स उत्तर प्रदेश पर विश्वास कर रहे हैं।  
प्रदेश सरकार ने राज्य की ऋणग्रस्तता को कम करने में सफलता प्राप्त की है। वर्ष 2016-17 में राज्य की ऋणग्रस्तता लगभग 30 प्रतिशत थी। आज यह 26 प्रतिशत के आस-पास है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के अन्त तक इसे 23 प्रतिशत पहुंचाने का लक्ष्य है। स्वाभाविक रूप से वॉल्यूम बढ़ने से दायरे में वृद्धि होती है, लेकिन सरकार ने आय-व्यय में संतुलन बनाने का कार्य किया है। वर्ष 2016-17 में प्रदेश में प्रति व्यक्ति आय लगभग 43,000 रुपये थी, जिसके इस वित्तीय वर्ष के अन्त तक 01 लाख 20 हजार रुपये से अधिक होने का अनुमान है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के विजन के अनुरूप इस सदन में ‘विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश’ पर लगातार 27-28 घण्टे प्रभावी ढंग से चर्चा करने वाला उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य है। इस चर्चा में विकसित भारत तथा विकसित उत्तर प्रदेश के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए आवश्यक दायित्वों का प्रकाश डाला गया। भारत तब विकसित होगा, जब राज्य विकसित होंगे। राज्य तब विकसित होगा, जब जनपद विकसित होंगे। जनपद तब विकसित होगा, जब हमारे गांव और नगर विकसित व आत्मनिर्भर होंगे।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्ष 2016-17 में उत्तर प्रदेश देश के बड़े राज्यों में बॉटम थ्री में आता था। उत्तर प्रदेश की गिनती बीमारू राज्यों में होती थी। उत्तर प्रदेश का पर्सेप्शन चेंज हुआ है। आज जब प्रदेश का नागरिक देश-दुनिया में कहीं जाता है, तो लोग उसे गौरवपूर्ण दृष्टि से देखते हैं। यह परिवर्तन सरकार की स्पष्ट नीति तथा साफ नीयत से सम्भव हो सका है। इसी परिवर्तन के परिणामस्वरूप डबल इंजन सरकार ने विगत 09 वर्षां के दौरान उत्तर प्रदेश को बॉटम थ्री से टॉप थ्री राज्यों में पहुंचाने का कार्य किया है। हम उत्तर प्रदेश की 13 लाख करोड़ रुपये की जी0एस0डी0पी0 को बढ़ाकर 36 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचा रहे हैं। हमने तय किया है कि वर्ष 2026-27 में जी0एस0डी0पी0 को 40 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाएंगे। जब प्रदेश की इकोनॉमी वन ट्रिलियन डॉलर होगी, तो देश में टॉप अर्थव्यवस्था उत्तर प्रदेश की होगी। 
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्ष 2017 में प्रदेश सरकार ने 86 लाख लघु और सीमान्त किसानों का 01 लाख रुपये तक का फसली ऋण माफ किया था और इसके लिए धनराशि किसी बैंक या वित्तीय संस्थान से नहीं बल्कि राज्य के बजट से की गयी थी। राज्य के बजट से किसानों का फसली ऋण माफ करने वाला उत्तर प्रदेश पहला राज्य था। हमने लीकेजेज रोके, भ्रष्टाचार पर प्रभावी अंकुश लगाया, परिणामस्वरूप प्रदेश की वित्तीय स्थिति सुदृढ़ होती हुई दिखायी दी। 
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि विगत दिवस सदन में भारतीय रिजर्व बैंक की गाइडलाइन के अनुरूप एफ0आर0बी0एम0 से सम्बन्धित एक अधिनियम पारित हुआ है। उत्तर प्रदेश देश के उन अग्रणी राज्यों में सम्मिलित है, जो भारतीय रिजर्व बैंक की इस गाइडलाइन को फॉलो कर रहे हैं। हमारा ऋण एवं वित्तीय अनुशासन एफ0आर0बी0एम0 अधिनियम के अन्तर्गत संचालित हो रहा है। वर्ष 2016-17 में प्रदेश का कैपिटल एक्सपेंडिचर 71 हजार करोड़ रुपये के आस-पास था। आज यह बढ़कर 01 लाख 77 हजार करोड़ रुपये से अधिक पहुंच चुका है। यह देश में सर्वाधिक है। राज्य का सी0डी0 रेशियो पहले केवल 43 से 44 प्रतिशत था। प्रदेश सरकार के प्रयासों से आज सी0डी0 रेशियो लगभग 62 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। उत्तर प्रदेश का पैसा उत्तर प्रदेश में लगे इसके लिए लगातार कार्यक्रम चल रहे हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से लाखों युवाओं ने अपने रोजगार को आगे बढ़ाने का कार्य किया है। 
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश की एम0एस0एम0ई0 इकाइयां स्थानीय स्तर पर रोजगार का सृजन कर रही हैं। जिस राज्य में एम0एस0एम0ई0 का सबसे बड़ा नेटवर्क, सस्ता व कुशल मैनपावर होगा, वह राज्य बड़ा औद्योगिक निवेश करने में सफल होगा। वर्ष 2017 से पूर्व उत्तर प्रदेश में कोई निवेश करने को तैयार नहीं था। एम0एस0एम0ई0 की स्थिति खराब थी। मुरादाबाद का ब्रास, फिरोजाबाद का ग्लास, आजमगढ़ की ब्लैक पॉटरी, गोरखपुर का टेराकोटा, भदोही की कालीन आदि स्थानीय उत्पाद सदियों की परम्परा से रहे हैं। यह सब इकाइयां पहले हताश और निराश थीं। 
प्रदेश सराकर ने इनकी मैपिंग व सर्वे कराकर इन्हें डिजाइनिंग, पैकेजिंग, मार्केटिंग तथा प्रशिक्षण आदि से जोड़ने का कार्य किया। वर्ष 2018 में ‘एक जनपद-एक उत्पाद योजना’ प्रारम्भ की गयी। देश में 96 लाख एम0एस0एम0ई0 इकाइयां उत्तर प्रदेश में हैं। इन इकाइयों में 03 करोड़ से अधिक प्रदेश के नागरिक कार्य कर रहे हैं। प्रत्येक एम0एस0एम0ई0 इकाई को रजिस्ट्रेशन से जोड़ा गया। प्रदेश सरकार द्वारा रजिस्टर्ड एम0एस0एम0ई0 इकाई को 05 लाख रुपये का सुरक्षा बीमा कवर प्रदान किया जा रहा है। ग्राम स्वराज की अवधारणा के अन्तर्गत गांव ही अपनी योजनाएं बनाता था, उन्हें लागू करता था। गांवों में पंच परमेश्वर की व्यवस्था भी होती थी। हमारे गांव आत्मनिर्भर होते थे। गांव में परम्परागत राजमिस्त्री, कारपेन्टर, हस्तशिल्पी व कारीगर आदि होते थे। गांव की सारी व्यवस्थाएं एक-दूसरे से जुड़ी थीं। आत्मनिर्भर व्यवस्था के साथ सौहार्द व सम्पन्नता थी। 
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश सरकार ने वर्ष 2019 में विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना लागू की थी। इसके अन्तर्गत बड़े पैमाने पर टूलकिट वितरण के साथ-साथ प्रशिक्षण की व्यवस्था की गयी है। बैंकों से सस्ते में ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के अन्तर्गत मॉर्जिन मनी के साथ गारण्टी मुक्त ब्याज मुक्त ऋण की व्यवस्था की गयी है। इसके तहत पहले चरण में 05 लाख रुपये, दूसरे चरण 7.5 लाख रुपये तथा तीसरे चरण में 10 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। अब तक प्रदेश में 01 लाख 10 हजार से अधिक युवाओं को इस योजना के अन्तर्गत बैंक से लोन उपलब्ध कराया गया है। योजनान्तर्गत प्रदेश के प्रत्येक जनपद में युवाओं के प्रशिक्षण की व्यवस्था की जा रही है। 
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि देश में नीतियों के निर्माण के लिए प्रधानमंत्री जी की अध्यक्षता में गठित नीति आयोग के फिस्कल हेल्थ इंडेक्स-2025 के अनुसार उत्तर प्रदेश देश में फ्रण्ट रनर श्रेणी में है। रिपोर्ट में व्यय की गुणवत्ता, पूंजीगत निवेश, ऋण स्थिरता और राजकोषीय अनुशासन आदि मानकों पर राज्य को संतुलित और सुदृढ़ माना गया है। सी0ए0जी0 ने उत्तर प्रदेश की सुदृढ़ राजस्व स्थिति तथा संतुलित वित्तीय प्रबन्धन की सराहना की है। पहली बार उत्तर प्रदेश ने अपना आर्थिक सर्वेक्षण सदन में प्रस्तुत किया है। सरकार द्वारा निरन्तर किये जाने वाले प्रयासों के परिणामस्वरूप उत्तर प्रदेश ‘रिस्क स्टेट से अब स्टेबल और निवेश के ड्रीम डेस्टिनेशन’ के रूप में स्वयं को स्थापित कर चुका है। आज यह उत्तर प्रदेश की नई पहचान बनी है। 
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि अब प्रदेश में ट्रिपल टी-‘टेक्नोलॉजी, ट्रस्ट और ट्रांसफार्मेशन’ की त्रिवेणी प्रत्येक स्तर पर देखने को मिल रही है। इस दिशा में प्रदेश सरकार द्वारा अनेक प्रयास किये गये हैं। प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन में देश की राजधानी दिल्ली में पहली बार ए0आई0 इम्पैक्ट समिट, आयोजित की जा रही है। 20 से अधिक देशों के राष्ट्राध्यक्ष और 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधि इस समिट में भाग ले रहे हैं। भारत इस फील्ड का नया लीडर बनकर उभरा है। इस दिशा में इण्डस्ट्री-4.0 ने हमें ऑटोमेशन, इण्टरनेट ऑफ थिंग्स, ए0आई0 तथा बिग डेटा के क्षेत्र में प्रगति प्रदान की है। इण्डस्ट्री-5.0 में टेक्नोलॉजी आधारित जो नया मॉडल सामने का आ रहा है, वह मानव केन्द्रित और मूल्य आधारित औद्योगिक व्यवस्था की स्थापना से सम्बन्धित है। 
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि ए0आई0 आज औद्योगिक क्रान्ति का एक प्रमुख उपकरण बनने जा रहा है। जहां एक ओर भारत ने स्वयं को प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में दुनिया की एक बड़ी ताकत के रूप में स्थापित किया है, विश्व में भारत के प्रति विश्वास सुदृढ़ हुआ है। पूरी दुनिया भारत की ओर देख रही है। वहीं दूसरी ओर भारत मण्डपम् में एक शर्मनाक घटना करने का प्रयास किया गया है। दुनिया में देश की छवि दूषित करने का कुत्सित करने का प्रयास किया गया है। हम इसकी निन्दा करते हैं। प्रत्येक भारतवासी को इस घटना की निन्दा करनी चाहिए। जो भी व्यक्ति इस घटना के पीछे है, उसके खिलाफ कठोरतम कार्यवाही की जानी चाहिए। 
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि वर्तमान में डेटा गेम चेंजर साबित हो रहा है। पहले विश्व में यह माना जाता था कि जिसके पास तेल है उसी का विश्व पर कब्जा है। आज के समय में ए0आई0 तेल का स्थान लेने वाला है। ए0आई0 के लिए सबसे पहली आवश्यकता डेटा सेण्टर की है। डेटा सेण्टर की स्थापना की दृष्टि से उत्तर प्रदेश ने अपने कई कदम बढ़ाए हैं। उत्तर प्रदेश ने ‘डेटा सेण्टर क्लस्टर’ के कार्यक्रम को आगे बढ़ाया है। वर्ष 2017 से पूर्व प्रदेश में डेटा सेण्टर नहीं थे। आज राज्य सरकार ने कई डेटा सेण्टर स्थापित किए हैं। डेटा सेण्टर क्लस्टर की उपयोगिता को हमें अच्छे ढंग से समझना होगा। इसमें डिजिटल डेटा को स्टोर करना, उसका प्रोसेस करना, उसको मैनेज करना, यह तीन महत्वपूर्ण प्रक्रियाएं होती हैं। इसके दृष्टिगत डेटा सेण्टर क्लस्टर की स्थापना की जा रही है। 
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2030 तक 05 गीगावॉट डेटा सेण्टर क्षमता विकसित करना है। इसके लिए 05 डेटा क्लस्टर की स्थापना का कार्य किया जा रहा है। हाईटेक ईको सिस्टम के विकास एवं उसके स्किल के साथ ही रोजगार का सृजन भी उसके माध्यम से होगा। इमर्जिंग टेक्नोलॉजी का दूसरा क्षेत्र रोबोटिक्स का है। खेतों में दवा डालने, भार उठाने सहित अन्य कार्य रोबोटिक्स द्वारा हो सकते हैं। प्रदेश ने ड्रोन हब के लिए सेण्टर ऑफ एक्सीलेंस विकसित करने के लिए आई0आई0टी0 कानपुर के साथ एम0ओ0यू0 कर उसे आगे बढ़ाया।  
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश सरकार स्टेट डेटा सेण्टर अथॉरिटी की स्थापना को आगे बढ़ा रही है। विभिन्न विभागों से सही डेटा प्राप्त किया जा सकेगा। यह प्रधानमंत्री जी के ‘सबका साथ, सबका विकास’ तथा इण्डीविजुअल से यूनीवर्सल के भाव के साथ कार्य करेगा। डेटा की महत्वपूर्ण भूमिका होने जा रही है। यह रिएक्टिव के बजाए प्रीडेक्टिव व प्रोएक्टिव रोल में कार्य करता है। स्टेट डाटा अथॉरिटी के लिए 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था इस बजट में की गयी है। स्टेट डेटा सेण्टर अथॉरिटी प्रदेश के सुप्रीम रेगुलेटर व आर्किटेक्टर के रूप में कार्य करेगी। इसमें डेटा इकट्ठा किया जाएगा और क्रिटिकल थिंकिंग के लिए कार्य किया जाएगा। इस वर्ष रोबोटिक्स मिशन को लॉन्च किया गया है। इसके लिए इस बजट में 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था भी की गयी है। 
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि ए0आई0 के लिए स्किल मैनपावर की आवश्यकता होगी। प्रदेश की 55 से 60 प्रतिशत युवा आबादी कामकाजी है। स्कूल-कॉलेजों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को ए0आई0 टूल्स के फ्री वर्जन का उपयोग करने के लिए पैसे देने की आवश्यकता पढ़ेगी। प्रदेश सरकार ने उत्तर प्रदेश के 25 लाख नौजवानों को ए0आई0 वर्जन को निःशुल्क उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ी कार्ययोजना के साथ कार्य करेगी। इस दिशा में उच्च मांग वाले क्षेत्र ए0आई0, डाटा साइंस, रोबोटिक्स, मशीन लर्निंग, ड्रोन टेक्नोलॉजी हैं। 
स्टार्टअप और इनोवेशन के लिए ए0आई0 हब की स्थापना की जाएगी। प्रदेश सरकार द्वारा इस अप्रोच को आगे बढ़ाने के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य एवं कृषि के क्षेत्र में नये स्टार्टअप को स्थापित करने की दिशा में कार्य किया जाएगा। सटीक खेती के लिए ए0आई0 का उपयोग किया जाएगा। किसानों को मौसम की भविष्यवाणी, मिट्टी के स्वास्थ्य विश्लेषण, फसलों पर किसी प्रकार के हमले के पूर्व चेतावनी प्रदान करने में ए0आई0 का उपयोग किया जा सकता है। ई-कॉमर्स एवं सप्लाई चेन प्रबन्धन के विषय में यह एक बड़ी भूमिका का निर्वहन कर सकता है। प्रदेश सरकार राज्य के युवाओं ए0आई0 से सम्बन्धित स्किल प्रदान करने में पूर्ण सहयोग करेगी। 
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न क्लाइमेट जोन की जैव पारिस्थितिकी के अनुसार अलग-अलग समय में अलग-अलग प्रकार की बीमारियां होती हैं। वर्तमान प्रदेश सरकार ने इंसेफेलाइटिस की बीमारी की रोकथाम के लिए उससे सम्बन्धित डेटा कलेक्शन का कार्य किया। इस बीमारी से सम्बन्धित विभिन्न कारणों जैसे आर्सेनिक, फ्लोराइड आदि समस्याओं के डाटा का कलेक्शन किया गया। प्रदेश सरकार द्वारा जहां शुद्ध पेयजल की आपूर्ति व हर घर शौचालय का निर्माण कराया गया। प्रदेश सरकार के प्रोएक्टिव एप्रोच तथा यूनिवर्सल एप्रोच के परिणामस्वरूप राज्य में इंसेफेलाइटिस का उन्मूलन हो गया है। 
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि शासन की सुविधा को प्राप्त करने का अधिकार राज्य के प्रत्येक नागरिक का है। प्रदेश सरकार द्वारा बिना भेदभाव के सरकार की विभिन्न लोक कल्याणकारी कार्यक्रमों का लाभ पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कवि श्री रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की कविता का उल्लेख करते हुए कहा कि ‘मूल जानना बड़ा कठिन है नदियों का, वीरों का, धनुष छोड़ और गोत्र क्या होता रण धीरों का, पातें हैं सम्मान तपोबल से भूतल पर शूर, जाति-जाति का शोर मचाते केवल कायर, क्रूर’। प्रदेश सरकार ने परिणामोन्मुखी कार्य किया है। आज प्रदेश का पर्सेप्शन बदला है। आज देश और दुनिया का बड़ा उद्यमी प्रदेश में निवेश करने का इच्छुक है। प्रदेश में सबकुछ पारदर्शी है। पिक एण्ड चूज़ नहीं है। प्रदेश सरकार ने नीतियों के माध्यम से सभी को जोड़ा है। 
पिछली सरकार में शिक्षा में ड्रॉप आउट रेट लगभग 07 प्रतिशत था। आज यह लगभग जीरो प्रतिशत से लेकर 03 प्रतिशत के आसपास है। ड्रॉप आउट के सम्बन्ध में मान्यता थी कि छात्राएं स्कूल इसलिए छोड़ देती हैं कि स्कूल दूर होते हैं। प्रदेश सरकार द्वारा छात्राओं के स्कूल छोड़ने का सर्वे कर उसके डाटा का विश्लेषण किया गया, तब यह पाया गया कि बालिकाएं स्कूल इसलिए छोड़ देती हैं कि स्कूल में शौचालय नहीं हैं। पेयजल की व्यवस्था नहीं है। 
प्रधानमंत्री जी की प्रेरणा से डबल इंजन सरकार ने तय किया कि प्रत्येक स्कूल में शुद्ध पेयजल और लड़कियों के लिए अलग शौचालय की व्यवस्था होनी चाहिए। इस प्रकार राज्य सरकार ड्रॉप आउट रेट को कम करने में सफल हुई है। वर्ष 2017 से पूर्व प्रदेश के विद्यालयों में पढ़ने वाली छात्राएं नंगे पैर स्कूल जाती थीं। सर्वप्रथम वर्तमान प्रदेश सरकार ने बेसिक शिक्षा स्कूल के छात्र-छात्राओं को 02 यूनीफॉर्म, बैग, बुक्स, शूज़ अनिवार्य रूप से प्रदान करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया और इसके लिए विद्यार्थियों के अभिभावकों के बैंक खातों में 1,200 रुपये प्रतिवर्ष भेजे जा रहे हैं। 
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि प्रथम चरण में प्रत्येक जनपद में 02 मुख्यमंत्री कम्पोजिट विद्यालय बनाए जा रहे हैं। इस वर्ष के बजट में भी इसके लिए धनराशि आवंटित की गयी है। चरणबद्ध रूप से प्रत्येक विधान सभा क्षेत्र में, ब्लॉक स्तर पर तथा न्याय पंचायतों में मुख्यमंत्री कम्पोजिट विद्यालय का निर्माण किया जाएगा। क्रमशः 12 से 15 एकड़ क्षेत्रफल में निर्मित इस विद्यालय में प्री-प्राइमरी से लेकर 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थी एक ही कैम्पस में शिक्षा ग्रहण करेंगे। यहां पर शिक्षा के साथ ही कौशल विकास, स्पोर्ट्स की अच्छी फैसिलिटी उपलब्ध होगी। शिक्षकों के प्रति सम्मान का भाव हम सभी के मन में होना चाहिए। प्रदेश सरकार बेसिक, माध्यमिक, उच्च विद्यालयों के सभी शिक्षकों तथा शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को कैशलेस योजना से आच्छादित करने जा रही है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि स्टेट कैपिटल रीजन व सिटी इकोनॉमिक जोन के लिए बजट में धनराशि की व्यवस्था की गयी है। लखनऊ एवं उसके आसपास के जनपदों को ‘स्टेट कैपिटल रीजन’ के रूप में स्थापित करने के लिए लखनऊ, सीतापुर, बाराबंकी, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली को लेकर सिटी इकोनॉमिक जोन के रूप में विकसित किया जाएगा। आर्थिक विकास के अन्तर्गत शहरीकरण एक महत्वपूर्ण घटक है। इस दिशा में प्रदेश सरकार ने अनेक कदम उठाए हैं। आज के समय की अर्थव्यवस्था शहरी अर्थव्यवस्था है। शहरी अर्थव्यवस्था की दृष्टि से 50 प्रतिशत से अधिक शहरीकरण के लिए प्रदेश सरकार कार्य कर रही है। 
काशी और मीरजापुर में ‘सिटी इकोनॉमिक जोन’ विकसित किया जाएगा। वाराणसी मण्डल के जनपद वाराणसी, चन्दौली, गाजीपुर, जौनपुर तथा विन्ध्याचल मण्डल के मीरजापुर, भदोही, सोनभद्र तक के क्षेत्र को इसमें शामिल किया जाएगा। इस रीजन को इकोनॉमिक जोन के रूप में बनाने के लिए विशेषज्ञों के साथ मिलकर व्यापक कार्ययोजनाएं तैयार की जा रही हैं। इस पर कार्य प्रारम्भ किया जा चुका है।
इस बजट में यह घोषणा की गयी है कि प्रदेश सरकार जन विश्वास सिद्धान्त के अनुसार नये कार्यक्रम को आगे बढ़ाएगी। इसके सम्बन्ध में प्रदेश सरकार आगे बढ़ी है। ‘स्पीड ऑफ डुइंग बिजनेस’ के मॉडल स्टेट के रूप में उत्तर प्रदेश को स्थापित किया गया है। रेगुलेटरी फ्रेमवर्क को इस रूप में तैयार किया जा रहा है कि लाइसेंसिंग, रजिस्ट्रेशन एवं इन्सपेक्शन की कार्यवाही विश्वास पर आधारित हो। इसे सेल्फ सर्टिफिकेशन के साथ जोड़ सकें। यह एक बड़ा कदम होगा। किसी भी प्रकार का एफिलेशन एक पेज में लिया जाना चाहिए। प्रदेश सरकार ने एम0एस0एम0ई0 सेक्टर में 96 लाख यूनिट की स्थापना हेतु 01 हजार दिनों तक लाइसेंसिंग की प्रक्रिया को पूर्ण करने के निर्देश दिए गए थे। 53 विभागों के साथ इस कार्ययोजना पर कार्य किया जा रहा है। स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन को इसका नोडल विभाग नामित किया गया है। 
प्रदेश सरकार ने ‘डिजिटल इण्टरप्रेन्योर योजना’ की घोषणा की है। प्रदेश में 08 हजार न्याय पंचायतें हैं। इनमें डिजिटल उद्यमी स्थापित किए जाएंगे। इस डिजिटल उद्यमी के चयन में 50 प्रतिशत उसी गांव की बेटी या बहू होगी। इसमें 50 फीसदी महिलाओं के लिए आरक्षण की सुविधा प्रदान की जाएगी। इसमें इनको 10 लाख रुपये तक के ब्याज मुक्त ऋण की व्यवस्था भी करने जा रहे हैं। इसके लिए बजट में व्यवस्था की गयी है। इसके तहत गांव जिन सुविधाओं से वंचित था, जैसे ऑप्टिकल फाइबर, गांव के उत्पाद की ऑनलाइन ट्रेडिंग सहित अन्य कार्यों की व्यवस्था की जाएगी। 
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में केन्द्रीय बजट के ‘शी-मार्ट योजना’ की तर्ज पर मातृशक्ति को समर्पित एक नई स्कीम ‘महिला उद्यमी उत्पाद विपणन केन्द्र’ की घोषणा हुई है। प्रदेश की 01 करोड़ सेल्फ हेल्प ग्रुप द्वारा जो उत्पाद तैयार कि
    user_राम जी दीक्षित पत्रकार
    राम जी दीक्षित पत्रकार
    Voice of people Nawabganj, Barabanki•
    17 min ago
  • बाराबंकी–बहराइच हाईवे पर भीषण सड़क हादसा, युवक की हालत नाजुक बाराबंकी। जनपद के बाराबंकी–बहराइच हाईवे पर देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में मोटरसाइकिल सवार युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल की पहचान मोहित (पुत्र परशुराम), निवासी भीरापुरवा, थाना मसौली के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार घटना रात करीब 11 बजे की है। मोहित बाराबंकी से अपने घर लौट रहा था, तभी रामनगर की ओर से आ रही तेज रफ्तार कार ने सामने से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि वह बाइक से उछलकर दूर जा गिरा और कार का पहिया उसके ऊपर से गुजर गया। हादसे के बाद युवक हाईवे पर तड़पता रहा। बताया जा रहा है कि भागने की कोशिश में कार चालक ने आगे एक ट्रक में भी टक्कर मार दी और मौके से फरार हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़गांव ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया, जहां उसकी स्थिति नाजुक बनी हुई है। युवक का बायां पैर बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है और गहरी चोटें आई हैं। परिजनों का दर्द छलका जिला अस्पताल में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पिता परशुराम ने बिलखते हुए कहा, “मेरा बेटा तो रोज की तरह घर लौट रहा था, उसे क्या पता था कि रास्ते में मौत बनकर कोई आएगा। बस भगवान से दुआ है कि मेरा बेटा बच जाए।” मोहित की मां की आंखों से आंसू थम नहीं रहे थे। उन्होंने कहा, “हमने उसे फोन किया था कि जल्दी घर आ जाओ… लेकिन वह इस हाल में पहुंचेगा, सोचा भी नहीं था।” मामले में हल्का इंचार्ज मसौली अभय गुप्ता ने बताया कि घायल का इलाज जारी है, परिजनों को सूचना दे दी गई है और घटना की जांच की जा रही है। फरार कार चालक की तलाश तेज कर दी गई है।
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    बाराबंकी–बहराइच हाईवे पर भीषण सड़क हादसा, युवक की हालत नाजुक
बाराबंकी। जनपद के बाराबंकी–बहराइच हाईवे पर देर रात एक दर्दनाक सड़क हादसे में मोटरसाइकिल सवार युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल की पहचान मोहित (पुत्र परशुराम), निवासी भीरापुरवा, थाना मसौली के रूप में हुई है।
जानकारी के अनुसार घटना रात करीब 11 बजे की है। मोहित बाराबंकी से अपने घर लौट रहा था, तभी रामनगर की ओर से आ रही तेज रफ्तार कार ने सामने से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि वह बाइक से उछलकर दूर जा गिरा और कार का पहिया उसके ऊपर से गुजर गया। हादसे के बाद युवक हाईवे पर तड़पता रहा। बताया जा रहा है कि भागने की कोशिश में कार चालक ने आगे एक ट्रक में भी टक्कर मार दी और मौके से फरार हो गया।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़गांव ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया, जहां उसकी स्थिति नाजुक बनी हुई है। युवक का बायां पैर बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया है और गहरी चोटें आई हैं।
परिजनों का दर्द छलका
जिला अस्पताल में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पिता परशुराम ने बिलखते हुए कहा, “मेरा बेटा तो रोज की तरह घर लौट रहा था, उसे क्या पता था कि रास्ते में मौत बनकर कोई आएगा। बस भगवान से दुआ है कि मेरा बेटा बच जाए।”
मोहित की मां की आंखों से आंसू थम नहीं रहे थे। उन्होंने कहा, “हमने उसे फोन किया था कि जल्दी घर आ जाओ… लेकिन वह इस हाल में पहुंचेगा, सोचा भी नहीं था।”
मामले में हल्का इंचार्ज मसौली अभय गुप्ता ने बताया कि घायल का इलाज जारी है, परिजनों को सूचना दे दी गई है और घटना की जांच की जा रही है। फरार कार चालक की तलाश तेज कर दी गई है।
    user_Adarsh rawat press
    Adarsh rawat press
    पत्रकार नवाबगंज, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • *मुहम्मद शाहिद को 1.25 करोड़ का GST नोटिस* 🔹 निरक्षर कुम्हार को मिट्टी के बर्तनों पर GST चोरी का नोटिस, पढ़े-लिखों से पढ़वाया तो खिसक गए होश #RaeBareli #GST #MuhammadShahid
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    *मुहम्मद शाहिद को 1.25 करोड़ का GST नोटिस* 🔹
निरक्षर कुम्हार को मिट्टी के बर्तनों पर GST चोरी का नोटिस, पढ़े-लिखों से पढ़वाया तो खिसक गए होश
#RaeBareli #GST #MuhammadShahid
    user_जनवार्ता न्यूज 24
    जनवार्ता न्यूज 24
    Photographer नवाबगंज, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
  • मड़ियांव थाना क्षेत्र में 23 वर्षीय युवती से शादी का झांसा देकर शारीरिक व अप्राकृतिक संबंध बनाने के आरोप में विजय तिवारी पुत्र मिश्री लाल तिवारी निवासी छठामील, नियर फायर स्टेशन कमलाबाद बड़ौली, थाना सैरपुर, लखनऊ (उम्र करीब 26 वर्ष) को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।पीड़िता की तहरीर पर मुकदमा संख्या 073/026 धारा 69 बीएनएस व 3(2)5 एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने आरोपी को भिठौली तिराहे के पास से गिरफ्तार किया गया है।
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    मड़ियांव थाना क्षेत्र में 23 वर्षीय युवती से शादी का झांसा देकर शारीरिक व अप्राकृतिक संबंध बनाने के आरोप में विजय तिवारी पुत्र मिश्री लाल तिवारी निवासी छठामील, नियर फायर स्टेशन कमलाबाद बड़ौली, थाना सैरपुर, लखनऊ (उम्र करीब 26 वर्ष) को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।पीड़िता की तहरीर पर मुकदमा संख्या 073/026 धारा 69 बीएनएस व 3(2)5 एससी/एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया था। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने आरोपी को भिठौली तिराहे के पास से गिरफ्तार किया गया है।
    user_लखनऊ मीडिया
    लखनऊ मीडिया
    सदर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    13 min ago
  • पुलिस के साथ इस तरह का व्यवहार समाज के लिए खतरा है वीडियो कहां का है पता नहीं
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    पुलिस के साथ इस तरह का व्यवहार समाज के लिए खतरा है वीडियो कहां का है पता नहीं
    user_Harsha Media Uttar Pradesh
    Harsha Media Uttar Pradesh
    Tenant ownership सदर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    27 min ago
  • Post by Ashish Bajpai (Ashubaj)
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    Post by Ashish Bajpai (Ashubaj)
    user_Ashish Bajpai (Ashubaj)
    Ashish Bajpai (Ashubaj)
    सदर, लखनऊ, उत्तर प्रदेश•
    35 min ago
  • *राजपाल यादव की भतीजी की शादी* 🔹 तिहाड़ जेल से रिहा होकर पहुंचे गांव, विदाई के दौरान भावुक दिखे #RajpalYadav #Shahjahanpur
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    *राजपाल यादव की भतीजी की शादी* 🔹
तिहाड़ जेल से रिहा होकर पहुंचे गांव, विदाई के दौरान भावुक दिखे
#RajpalYadav #Shahjahanpur
    user_जनवार्ता न्यूज 24
    जनवार्ता न्यूज 24
    Photographer नवाबगंज, बाराबंकी, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
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