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मुजफ्फरनगर के जौला गाँव में एक 5 वर्षीय बच्चे की रजवाहे में नहाते समय डूबने से मौत हो गई। परिजनों की सूचना पर पुलिस ने जांच शुरू की और गुरुवार को बच्चे का शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस अब मामले की गहनता से जांच कर रही है।
Vijay rathi
मुजफ्फरनगर के जौला गाँव में एक 5 वर्षीय बच्चे की रजवाहे में नहाते समय डूबने से मौत हो गई। परिजनों की सूचना पर पुलिस ने जांच शुरू की और गुरुवार को बच्चे का शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस अब मामले की गहनता से जांच कर रही है।
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- मुजफ्फरनगर के पुरकाजी में नगर पंचायत चेयरमैन जहीर फारुकी ने जनगणना के पहले चरण के तहत अपना स्वगणना (सेल्फ इन्यूमिरेशन) कराया। उन्होंने पुरकाजी वासियों से अपील की कि 7 से 21 मई तक चलने वाले इस अभियान में कोई घर छूटने न पाए, जिसके बाद 22 मई से टीम घर-घर जाएगी। चेयरमैन ने जनगणना कार्य में सभी के सहयोग और जागरूकता की अपील भी की।1
- 🔴 मुजफ्फरनगर : पूर्ति निरीक्षक आशीष श्रीवास्तव प्रकरण में नया मोड़ ➡ पूर्ति निरीक्षक आशीष श्रीवास्तव पर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों के मामले में अब नया वीडियो वायरल ➡ वीडियो में आरोप लगाने वाला व्यक्ति कह रहा — “जो कह दिया वही सत्य, बाकी सब झूठ” ➡ वायरल वीडियो के बाद पूरे प्रकरण पर उठने लगे सवाल ➡ डीएम उमेश मिश्रा ने पहले ही मामले का संज्ञान लेते हुए आशीष श्रीवास्तव को तहसील सदर से हटाकर जिला पूर्ति कार्यालय में किया था अटैच ⚫ अब बड़ा सवाल — ➡ क्या निर्दोष अधिकारी को मिलेगा न्याय? ➡ क्या झूठे आरोप लगाकर साजिश रचने वालों पर होगी कार्रवाई? ➡ क्या सच्चाई सामने आने के बाद फिर से तहसील सदर में होगी तैनाती? ➡ किसी भी अधिकारी को झूठे आरोपों में फंसाने की कोशिश प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। यदि जांच में आरोप गलत साबित होते हैं तो ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होना भी जरूरी है। 🔴 मुजफ्फरनगर : पूर्ति निरीक्षक आशीष श्रीवास्तव प्रकरण में नया मोड़ ➡ पूर्ति निरीक्षक आशीष श्रीवास्तव पर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों के मामले में अब नया वीडियो वायरल ➡ वीडियो में आरोप लगाने वाला व्यक्ति कह रहा — “जो कह दिया वही सत्य, बाकी सब झूठ” ➡ वायरल वीडियो के बाद पूरे प्रकरण पर उठने लगे सवाल ➡ डीएम उमेश मिश्रा ने पहले ही मामले का संज्ञान लेते हुए आशीष श्रीवास्तव को तहसील सदर से हटाकर जिला पूर्ति कार्यालय में किया था अटैच ⚫ अब बड़ा सवाल — ➡ क्या निर्दोष अधिकारी को मिलेगा न्याय? ➡ क्या झूठे आरोप लगाकर साजिश रचने वालों पर होगी कार्रवाई? ➡ क्या सच्चाई सामने आने के बाद फिर से तहसील सदर में होगी तैनाती? ➡ किसी भी अधिकारी को झूठे आरोपों में फंसाने की कोशिश प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। यदि जांच में आरोप गलत साबित होते हैं तो ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होना भी जरूरी है।2
- मुजफ्फरनगर न्यूज पूर्ति निरीक्षक आशीष श्रीवास्तव प्रकरण में नया मोड़, वायरल वीडियो ने पलटी पूरी कहानी मुजफ्फरनगर में भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे पूर्ति निरीक्षक (Supply Inspector) आशीष श्रीवास्तव के मामले में एक नया वीडियो सामने आने के बाद अब पूरे प्रकरण की दिशा बदलती नजर आ रही है। जिस व्यक्ति ने भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए थे, अब उसका एक नया वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, जिसने आरोपों की विश्वसनीयता पर ही गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वायरल वीडियो में आरोप लगाने वाला व्यक्ति, जिसकी पहचान सूर्यकांत के रूप में हुई है, कैमरे के सामने यह कहता हुआ सुनाई दे रहा है कि “जो वीडियो में कह दिया वही सत्य है, बाकी सब झूठ है।” इस बयान के बाद प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। सवाल यह उठ रहा है कि क्या यह पूरा मामला एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा था? इससे पहले, भ्रष्टाचार की शिकायत मिलने पर जिलाधिकारी (DM) उमेश मिश्रा ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए त्वरित संज्ञान लिया था। एहतियातन कार्रवाई करते हुए आशीष श्रीवास्तव को तहसील सदर से हटाकर जिला पूर्ति कार्यालय में अटैच कर दिया गया था। इस नए मोड़ ने न केवल जांच की दिशा बदल दी है, बल्कि कई महत्वपूर्ण सवाल भी खड़े कर दिए हैं यदि अधिकारी निर्दोष पाया जाता है, तो क्या उसे उसका सम्मान और पुरानी तैनाती (तहसील सदर) वापस मिलेगी,क्या झूठे आरोप लगाकर एक अधिकारी की छवि धूमिल करने वालों और साजिश रचने वालों के खिलाफ प्रशासन सख्त कानूनी कार्रवाई करेगा, किसी भी अधिकारी को बिना ठोस सबूतों के झूठे आरोपों में फंसाना पूरी प्रशासनिक व्यवस्था को पंगु बना सकता है। भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति आवश्यक है, लेकिन उसी तत्परता से निर्दोष अधिकारियों का संरक्षण भी अनिवार्य है। सूर्यकांत का वायरल वीडियो अब आशीष श्रीवास्तव के लिए 'संजीवनी' साबित हो सकता है। अब सबकी निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं कि क्या इस 'षड्यंत्र' का पर्दाफाश होगा और दोषी को सजा मिलेगी। वायरल वीडियो (सूर्यकांत भ्रष्टाचार के आरोप लगाने वाला)1
- धर्म आस्था 🙏🚩🕉️🚩आजकी सध्या आरती जय श्री श्री काशी विश्वनाथ महादेव मंदिर गुजरात के राजकोट शहेर ये मंदिर 119 शाल पुराना हे से 🚩🕉️🚩1
- मुजफ्फरनगर में थाना नई मंडी पुलिस ने युवती को प्रेमजाल में फंसाकर शादी का झांसा देने व धर्म परिवर्तन के उद्देश्य से ले जाने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने युवती को सकुशल बरामद कर लिया। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक नगर अमृत जैन के निर्देशन में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। मुजफ्फरनगर में थाना नई मंडी पुलिस ने युवती को प्रेमजाल में फंसाकर शादी का झांसा देने व धर्म परिवर्तन के उद्देश्य से ले जाने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने युवती को सकुशल बरामद कर लिया। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक नगर अमृत जैन के निर्देशन में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।1
- थाना नई मण्डी पुलिस द्वारा युवती को प्रेमजाल में फंसाकर, शादी का झांसा देकर व धर्मपरिवर्तन करने के उद्देश्य से ले जाने वाले अभियुक्त को थाना नई मण्डी पुलिस द्वारा किया गया गिरफ्तार, युवती को किया सकुशल बरामद। इस सम्बन्ध में पुलिस अधीक्षक नगर श्री अमृत जैन महोदय की बाइट1
- 🔴 मुजफ्फरनगर : पूर्ति निरीक्षक आशीष श्रीवास्तव प्रकरण में नया मोड़ ➡ पूर्ति निरीक्षक आशीष श्रीवास्तव पर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों के मामले में अब नया वीडियो वायरल ➡ वीडियो में आरोप लगाने वाला व्यक्ति कह रहा — “जो कह दिया वही सत्य, बाकी सब झूठ” ➡ वायरल वीडियो के बाद पूरे प्रकरण पर उठने लगे सवाल ➡ डीएम उमेश मिश्रा ने पहले ही मामले का संज्ञान लेते हुए आशीष श्रीवास्तव को तहसील सदर से हटाकर जिला पूर्ति कार्यालय में किया था अटैच ⚫ अब बड़ा सवाल — ➡ क्या निर्दोष अधिकारी को मिलेगा न्याय? ➡ क्या झूठे आरोप लगाकर साजिश रचने वालों पर होगी कार्रवाई? ➡ क्या सच्चाई सामने आने के बाद फिर से तहसील सदर में होगी तैनाती? ➡ किसी भी अधिकारी को झूठे आरोपों में फंसाने की कोशिश प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। यदि जांच में आरोप गलत साबित होते हैं तो ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होना भी जरूरी है। 🔴 मुजफ्फरनगर : पूर्ति निरीक्षक आशीष श्रीवास्तव प्रकरण में नया मोड़ ➡ पूर्ति निरीक्षक आशीष श्रीवास्तव पर लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों के मामले में अब नया वीडियो वायरल ➡ वीडियो में आरोप लगाने वाला व्यक्ति कह रहा — “जो कह दिया वही सत्य, बाकी सब झूठ” ➡ वायरल वीडियो के बाद पूरे प्रकरण पर उठने लगे सवाल ➡ डीएम उमेश मिश्रा ने पहले ही मामले का संज्ञान लेते हुए आशीष श्रीवास्तव को तहसील सदर से हटाकर जिला पूर्ति कार्यालय में किया था अटैच ⚫ अब बड़ा सवाल — ➡ क्या निर्दोष अधिकारी को मिलेगा न्याय? ➡ क्या झूठे आरोप लगाकर साजिश रचने वालों पर होगी कार्रवाई? ➡ क्या सच्चाई सामने आने के बाद फिर से तहसील सदर में होगी तैनाती? ➡ किसी भी अधिकारी को झूठे आरोपों में फंसाने की कोशिश प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। यदि जांच में आरोप गलत साबित होते हैं तो ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होना भी जरूरी है।1
- मुजफ्फरनगर के जौला गाँव में एक 5 वर्षीय बच्चे की रजवाहे में नहाते समय डूबने से मौत हो गई। परिजनों की सूचना पर पुलिस ने जांच शुरू की और गुरुवार को बच्चे का शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस अब मामले की गहनता से जांच कर रही है।1