नियम ताक पर, प्रशासन मौन: उत्कृष्ट स्कूल के सामने एलपीजी के घरेलू सिलेंडरों का खुलेआम व्यावसायिक उपयोग नरसिंहपुर: जिले के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों और प्रशासनिक गतिविधियों के केंद्र माने जाने वाले उत्कृष्ट स्कूल के ठीक सामने इन दिनों नियमों को ताक पर रखकर व्यवसायिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं। ऐसा ही एक गंभीर मामला सामने आया है जहां एक पोहा-नाश्ते की दुकान पर खुलेआम घरेलू गैस सिलेंडरों (लाल सिलेंडर) का उपयोग किया जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि जिम्मेदार खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग और स्थानीय प्रशासन इस अवैध कृत्य पर पूरी तरह से नतमस्तक नजर आ रहा है। सुरक्षा से हो रहा खिलवाड़ प्रशासनिक नाक के नीचे चल रहे इस खेल से कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। उत्कृष्ट स्कूल के आसपास रोजाना सैकड़ों छात्र-छात्राओं और अभिभावकों का आना-जाना लगा रहता है। इसके बावजूद सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर घरेलू एलपीजी सिलेंडरों का उपयोग व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में किया जाना प्रशासन की लचर कार्यप्रणाली को उजागर करता है। सब्सिडी वाले सिलेंडरों की अवैध डायवर्जन पर रोक का दावा खोखला सरकार और तेल कंपनियां भले ही व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में घरेलू गैस के इस्तेमाल को रोकने के लिए तमाम दावे करती हों, लेकिन नरसिंहपुर में जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोल रही है। सस्ते दामों पर मिलने वाले घरेलू सिलेंडरों का कालाबाजारी और व्यावसायिक उपयोग धड़ल्ले से जारी है, जिससे शासन को राजस्व का चूना तो लग ही रहा है, साथ ही आम जनता की जान जोखिम में डाली जा रही है। नागरिकों और अभिभावकों में रोष स्थानीय नागरिकों और स्कूल के अभिभावकों ने इस मामले पर गहरी नाराजगी जताई है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने इस और ध्यान नहीं दिया तो कभी भी कोई अप्रिय घटना घट सकती है। अब देखना यह होगा कि खबर सामने आने के बाद जिला प्रशासन और खाद्य विभाग इस अवैध गतिविधि पर क्या और कब कार्रवाई करता है, या फिर यह मामला हमेशा की तरह फाइलों में ही दफन होकर रह जाएगा।
नियम ताक पर, प्रशासन मौन: उत्कृष्ट स्कूल के सामने एलपीजी के घरेलू सिलेंडरों का खुलेआम व्यावसायिक उपयोग नरसिंहपुर: जिले के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों और प्रशासनिक गतिविधियों के केंद्र माने जाने वाले उत्कृष्ट स्कूल के ठीक सामने इन दिनों नियमों को ताक पर रखकर व्यवसायिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं। ऐसा ही एक गंभीर मामला सामने आया है जहां एक पोहा-नाश्ते की दुकान पर खुलेआम घरेलू गैस सिलेंडरों (लाल सिलेंडर) का उपयोग किया जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि जिम्मेदार खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग और स्थानीय प्रशासन इस अवैध कृत्य पर पूरी तरह से नतमस्तक नजर आ रहा है। सुरक्षा से हो रहा खिलवाड़ प्रशासनिक नाक के नीचे चल रहे इस खेल से कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। उत्कृष्ट स्कूल के आसपास रोजाना सैकड़ों छात्र-छात्राओं और अभिभावकों का आना-जाना लगा रहता है। इसके बावजूद सुरक्षा मानकों को ताक पर रखकर घरेलू एलपीजी सिलेंडरों का उपयोग व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में किया जाना प्रशासन की लचर कार्यप्रणाली को उजागर करता है। सब्सिडी वाले सिलेंडरों की अवैध डायवर्जन पर रोक का दावा खोखला सरकार और तेल कंपनियां भले ही व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में घरेलू गैस के इस्तेमाल को रोकने के लिए तमाम दावे करती हों, लेकिन नरसिंहपुर में जमीनी हकीकत इन दावों की पोल खोल रही है। सस्ते दामों पर मिलने वाले घरेलू सिलेंडरों का कालाबाजारी और व्यावसायिक उपयोग धड़ल्ले से जारी है, जिससे शासन को राजस्व का चूना तो लग ही रहा है, साथ ही आम जनता की जान जोखिम में डाली जा रही है। नागरिकों और अभिभावकों में रोष स्थानीय नागरिकों और स्कूल के अभिभावकों ने इस मामले पर गहरी नाराजगी जताई है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने इस और ध्यान नहीं दिया तो कभी भी कोई अप्रिय घटना घट सकती है। अब देखना यह होगा कि खबर सामने आने के बाद जिला प्रशासन और खाद्य विभाग इस अवैध गतिविधि पर क्या और कब कार्रवाई करता है, या फिर यह मामला हमेशा की तरह फाइलों में ही दफन होकर रह जाएगा।
- *सरकारी कॉलेजों की बदहाली पर ABVP का कड़ा सवाल* *सरकारी कॉलेजों में सुविधाओं का टोटा... ABVP ने खोला व्यवस्थाओं के खिलाफ मोर्चा!* एंकर— नरसिंहपुर में शासकीय महाविद्यालयों की बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने मोर्चा खोल दिया है। ABVP ने शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार और जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर सरकारी कॉलेजों में छात्र-छात्राओं के लिए मूलभूत सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराने की मांग की है। संगठन का कहना है कि कॉलेजों में बड़ी संख्या में विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं, लेकिन उन्हें जरूरी सुविधाओं के लिए भी परेशान होना पड़ रहा है। ज्ञापन में शुद्ध एवं पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था, खराब वाटर कूलर और RO मशीनों को दुरुस्त कराने, पर्याप्त और सुरक्षित शौचालय उपलब्ध कराने तथा छात्राओं के लिए सेनेटरी नैपकिन व डिस्पोजल की व्यवस्था की मांग की गई है। वहीं कक्षाओं में पर्याप्त बेंच-डेस्क, पंखे, प्रकाश और विद्युत व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग भी उठाई गई है। ABVP ने महाविद्यालयों की लाइब्रेरी में विद्यार्थियों की संख्या के अनुरूप किताबें और प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकें उपलब्ध कराने, प्रयोगशालाओं में जरूरी उपकरण और सुरक्षा सुविधाएं देने तथा खेल मैदान और खेल सामग्री की व्यवस्था करने की मांग की है। इसके साथ ही कॉलेज परिसरों में साफ-सफाई, कूड़ा निस्तारण, पौधरोपण और हरित वातावरण विकसित करने पर भी जोर दिया गया है। सबसे अहम मांग कॉलेज परिसरों की सुरक्षा को लेकर है। ABVP ने प्रवेश और निकास द्वार पर उचित सुरक्षा व्यवस्था के साथ संवेदनशील स्थानों पर CCTV कैमरे लगाने की मांग की है। संगठन का कहना है कि परिसरों में असामाजिक तत्वों का प्रवेश रोकना जरूरी है, ताकि छात्र-छात्राएं सुरक्षित माहौल में पढ़ाई कर सकें। बाइट - डिप्टी कलेक्टर बाइट – प्रयांश पटेल, जिला संयोजक ABVP बाइट – रोशनी रजक, ABVP बाइट – संदीप, ABVP *सरकारी कॉलेजों की बदहाली पर ABVP का कड़ा सवाल* *सरकारी कॉलेजों में सुविधाओं का टोटा... ABVP ने खोला व्यवस्थाओं के खिलाफ मोर्चा!* एंकर— नरसिंहपुर में शासकीय महाविद्यालयों की बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने मोर्चा खोल दिया है। ABVP ने शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार और जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर सरकारी कॉलेजों में छात्र-छात्राओं के लिए मूलभूत सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराने की मांग की है। संगठन का कहना है कि कॉलेजों में बड़ी संख्या में विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं, लेकिन उन्हें जरूरी सुविधाओं के लिए भी परेशान होना पड़ रहा है। ज्ञापन में शुद्ध एवं पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था, खराब वाटर कूलर और RO मशीनों को दुरुस्त कराने, पर्याप्त और सुरक्षित शौचालय उपलब्ध कराने तथा छात्राओं के लिए सेनेटरी नैपकिन व डिस्पोजल की व्यवस्था की मांग की गई है। वहीं कक्षाओं में पर्याप्त बेंच-डेस्क, पंखे, प्रकाश और विद्युत व्यवस्था दुरुस्त कराने की मांग भी उठाई गई है। ABVP ने महाविद्यालयों की लाइब्रेरी में विद्यार्थियों की संख्या के अनुरूप किताबें और प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकें उपलब्ध कराने, प्रयोगशालाओं में जरूरी उपकरण और सुरक्षा सुविधाएं देने तथा खेल मैदान और खेल सामग्री की व्यवस्था करने की मांग की है। इसके साथ ही कॉलेज परिसरों में साफ-सफाई, कूड़ा निस्तारण, पौधरोपण और हरित वातावरण विकसित करने पर भी जोर दिया गया है। सबसे अहम मांग कॉलेज परिसरों की सुरक्षा को लेकर है। ABVP ने प्रवेश और निकास द्वार पर उचित सुरक्षा व्यवस्था के साथ संवेदनशील स्थानों पर CCTV कैमरे लगाने की मांग की है। संगठन का कहना है कि परिसरों में असामाजिक तत्वों का प्रवेश रोकना जरूरी है, ताकि छात्र-छात्राएं सुरक्षित माहौल में पढ़ाई कर सकें। बाइट - डिप्टी कलेक्टर बाइट – प्रयांश पटेल, जिला संयोजक ABVP बाइट – रोशनी रजक, ABVP बाइट – संदीप, ABVP4
- पखांजुर- उजियारा अभियान के तहत बांदे पुलिस की बड़ी कार्यवाही1
- सड़क और पुल के अभाव में जान जोखिम में डालने को मजबूर खैरी के ग्रामीण, पानाझीर नदी पार करने को लेकर बनी रहती है अनहोनी की आशंका नरसिंहपुर / चांवरपाठा: जिले के चांवरपाठा ब्लॉक के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत टेकापार के छोटे से गांव खैरी के ग्रामीणों को आज के इस आधुनिक युग में भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। लगभग 150 की आबादी वाले इस गांव के लोगों को आवागमन के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं गुजरना पड़ता। सड़क और पुल न होने के कारण ग्रामीण हर दिन अपनी जान जोखिम में डालकर सफर करने को विवश हैं। पक्की सड़क और पुल का है अभाव ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम खैरी से काचरकोना जाने के लिए लगभग 3 किलोमीटर का कच्चा रास्ता है, जो बारिश के दिनों में पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो जाता है। वहीं दूसरी ओर, खैरी और इमलिया के बीच पानाझीर नदी पड़ती है। आवागमन के लिए कोई पक्का मार्ग या पुल न होने के कारण ग्रामीणों के सामने गंभीर संकट खड़ा रहता है। बारिश में और विकराल हो जाती है समस्या बरसात के दिनों में यह समस्या और भी गंभीर रूप ले लेती है। नदी में जलस्तर बढ़ने पर ग्रामीणों के पास आवागमन का कोई दूसरा विकल्प नहीं बचता। मजबूरी में लोगों को उफनती नदी को जान जोखिम में डालकर पार करना पड़ता है। इस विकट स्थिति का सबसे बुरा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ता है, जो स्कूल तक नहीं पहुंच पाते। स्वास्थ्य सेवाओं पर भारी पड़ रही प्रशासनिक लापरवाही सड़क और पुल के अभाव में सबसे बड़ी विडंबना स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर है। आपातकालीन स्थिति में गंभीर रूप से बीमार मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना लोहे के चने चबाने जैसा साबित होता है। समय पर इलाज न मिलने से कई बार गंभीर परिस्थितियां बन जाती हैं। इसके अलावा, गर्भवती महिलाओं को प्रसव के समय अस्पताल ले जाना परिजनों के लिए किसी बड़ी चिंता और बड़े जोखिम से कम नहीं होता। जनप्रतिनिधियों के आश्वासन के बाद भी सिफर रहा नतीजा ग्राम खैरी के रहवासियों ने इस गंभीर समस्या को लेकर स्थानीय ग्राम पंचायत सरपंच से लेकर क्षेत्र के विधायक और सांसद तक कई बार गुहार लगाई है, लेकिन विडंबना यह है कि आश्वासन के सिवाय ग्रामीणों को अब तक कुछ नहीं मिला। समस्या का कोई स्थायी समाधान न होने से ग्रामीणों में गहरी नाराजगी और निराशा व्याप्त है। ग्रामीणों की प्रमुख मांगें पक्की सड़क का निर्माण: ग्राम खैरी से काचरकोना तक लगभग 3 किलोमीटर तक के मार्ग को पक्का बनाया जाए। पुल का निर्माण: खैरी और इमलिया के बीच स्थित पानाझीर नदी पर उच्च स्तरीय पुल का निर्माण कराया जाए। तत्काल सुरक्षा प्रबंध: बरसात के मौसम में विद्यार्थियों, मरीजों और गर्भवती महिलाओं के सुरक्षित आवागमन के लिए वैकल्पिक व तात्कालिक व्यवस्था की जाए। स्थायी समाधान: संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लें और समस्या का त्वरित व स्थायी समाधान निकालें। यह केवल एक सड़क या पुल की मांग नहीं है, बल्कि यह ग्राम खैरी के नागरिकों के जीवन की सुरक्षा, नौनिहालों की शिक्षा और मरीजों व गर्भवती महिलाओं को समय पर जीवनरक्षक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का गंभीर सवाल है। अब देखना यह होगा कि खबर प्रकाशन के बाद शासन-प्रशासन और जिम्मेदार जनप्रतिनिधि इस ओर कब तक सुध लेते हैं।2
- नरसिंहपुर से सतीश विश्वकर्मा की रिपोर्ट स्काई इंडिया टीवी चैनल राशन सिस्टम पर बड़ा सवाल! कहीं बारिश में कतार, कहीं जनसुनवाई में गुहार,गरीब बोले हमारा राशन दो एंकर...नरसिंहपुर जिले में गरीबों की थाली मे पहुंचने वाले राशन पर ही सवाल खड़े हो गए हैं। जिले के दो अलग-अलग इलाकों से आई तस्वीरों ने राशन वितरण व्यवस्था की पोल खोलने का दावा किया है। पहली तस्वीर चीचली ब्लॉक के बसुरिया की है, जहां राशन दुकान के बाहर बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं की लंबी कतार बारिश में खड़ी नजर आई। हालात बिगड़े तो पुलिस बुलानी पड़ी। ग्रामीणों का आरोप है कि दो से तीन महीने से राशन नहीं मिला, जबकि कार्ड पर राशन चढ़ाकर पहले ही अंगूठा लगवा लिया गया। यहाँ राशन विक्रेता गोविंद मेहरा का कहना है की जुलाई में कम आवंटन आया था,और अगस्त-सितंबर का राशन लैप्स होने से बचाने के लिए अंगूठा लेने का दावा किया है।1
- प्रदीप शर्मा करेली न्यूज 24 Ind करेली में अकीदत और एहतराम के साथ मनाया गया ईद-मिलादुन्नबी का पर्व, गूंजा अमन और भाईचारे का पैगाम 1
- जामा मस्जिद कमेटी गोटेगांव की जानिब से मेधावी विद्यार्थी सम्मान समारोह गोटेगांव-2026 का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान कक्षा 10वीं एवं 12वीं में 75 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले करीब 9 मेधावी विद्यार्थियों को कमेटी की ओर से शील्ड एवं एक-एक हजार रुपये की सम्मान राशि प्रदान कर सम्मानित किया गया। आयोजकों ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करना और समाज के अन्य बच्चों में भी मेहनत एवं बेहतर शिक्षा हासिल करने का जज़्बा पैदा करना है। सम्मान समारोह के माध्यम से शिक्षा को बढ़ावा देने और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का हौसला बढ़ाने का संदेश दिया गया। सुबह हुई परचम कुशाई, मांगी अमन-ओ-अमान की दुआ रातभर चले कार्यक्रम के बाद सुबह करीब 4:30 बजे हज़रत शकूर बाबा रहमतुल्लाहि तआला अलैह के आस्ताने पर परचम कुशाई की रस्म अदा की गई। इस दौरान मुल्क और शहर में अमन-ओ-अमान, खुशहाली, भाईचारे और तरक्की के लिए विशेष दुआएं की गईं। ग्यारह बजे निकला जुलूस-ए-मुहम्मदी ﷺ इसके बाद सुबह करीब 11 बजे जुलूस-ए-मुहम्मदी ﷺ का आगाज़ हुआ। जुलूस हज़रत शकूर बाबा रहमतुल्लाहि तआला अलैह के आस्ताने से शुरू होकर फव्वारा चौक, रिपटा, ठाकुर बाबा होते हुए पेट्रोल पंप मार्ग से गुज़रा और वापस शकूर बाबा के आस्ताने पर पहुंचकर संपन्न हुआ। जुलूस का शहर के विभिन्न स्थानों पर लोगों ने बड़ी मोहब्बत और अकीदत के साथ इस्तकबाल किया। जगह-जगह लोगों ने जुलूस में शामिल अकीदतमंदों का स्वागत किया। पूरे जुलूस के दौरान धार्मिक एवं सामाजिक भाईचारे का माहौल देखने को मिला। जुलूस के बाद हुआ लंगर-ए-आम जुलूस के समापन के बाद हज़रत शकूर बाबा रहमतुल्लाहि तआला अलैह के आस्ताने पर लंगर-ए-आम का भी इंतजाम किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने शिरकत की। इस तरह गोटेगांव में जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी ﷺ का आयोजन पूरी अकीदत, मोहब्बत और भाईचारे के साथ संपन्न हुआ। आयोजकों की ओर से नगरवासियों सहित देशवासियों को जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी ﷺ की मुबारकबाद पेश की गई तथा आपसी मोहब्बत, अमन, भाईचारे और शिक्षा को बढ़ावा देने का संदेश दिया गया ।2
- नरसिंहपुर में अकीदत व उत्साह के साथ मनाया गया जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी ﷺ*1
- करेली में अकीदत और एहतराम के साथ मनाया गया ईद-मिलादुन्नबी, निकला भव्य जुलूस, गूंजा अमन-भाईचारे का पैगाम1