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सड़क और पुल के अभाव में जान जोखिम में डालने को मजबूर खैरी के ग्रामीण, पानाझीर नदी पार करने को लेकर बनी रहती है अनहोनी की आशंका ​नरसिंहपुर / चांवरपाठा: जिले के चांवरपाठा ब्लॉक के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत टेकापार के छोटे से गांव खैरी के ग्रामीणों को आज के इस आधुनिक युग में भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। लगभग 150 की आबादी वाले इस गांव के लोगों को आवागमन के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं गुजरना पड़ता। सड़क और पुल न होने के कारण ग्रामीण हर दिन अपनी जान जोखिम में डालकर सफर करने को विवश हैं। ​पक्की सड़क और पुल का है अभाव ​ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम खैरी से काचरकोना जाने के लिए लगभग 3 किलोमीटर का कच्चा रास्ता है, जो बारिश के दिनों में पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो जाता है। वहीं दूसरी ओर, खैरी और इमलिया के बीच पानाझीर नदी पड़ती है। आवागमन के लिए कोई पक्का मार्ग या पुल न होने के कारण ग्रामीणों के सामने गंभीर संकट खड़ा रहता है। ​बारिश में और विकराल हो जाती है समस्या ​बरसात के दिनों में यह समस्या और भी गंभीर रूप ले लेती है। नदी में जलस्तर बढ़ने पर ग्रामीणों के पास आवागमन का कोई दूसरा विकल्प नहीं बचता। मजबूरी में लोगों को उफनती नदी को जान जोखिम में डालकर पार करना पड़ता है। इस विकट स्थिति का सबसे बुरा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ता है, जो स्कूल तक नहीं पहुंच पाते। ​स्वास्थ्य सेवाओं पर भारी पड़ रही प्रशासनिक लापरवाही ​सड़क और पुल के अभाव में सबसे बड़ी विडंबना स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर है। आपातकालीन स्थिति में गंभीर रूप से बीमार मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना लोहे के चने चबाने जैसा साबित होता है। समय पर इलाज न मिलने से कई बार गंभीर परिस्थितियां बन जाती हैं। इसके अलावा, गर्भवती महिलाओं को प्रसव के समय अस्पताल ले जाना परिजनों के लिए किसी बड़ी चिंता और बड़े जोखिम से कम नहीं होता। ​जनप्रतिनिधियों के आश्वासन के बाद भी सिफर रहा नतीजा ​ग्राम खैरी के रहवासियों ने इस गंभीर समस्या को लेकर स्थानीय ग्राम पंचायत सरपंच से लेकर क्षेत्र के विधायक और सांसद तक कई बार गुहार लगाई है, लेकिन विडंबना यह है कि आश्वासन के सिवाय ग्रामीणों को अब तक कुछ नहीं मिला। समस्या का कोई स्थायी समाधान न होने से ग्रामीणों में गहरी नाराजगी और निराशा व्याप्त है। ​ग्रामीणों की प्रमुख मांगें ​पक्की सड़क का निर्माण: ग्राम खैरी से काचरकोना तक लगभग 3 किलोमीटर तक के मार्ग को पक्का बनाया जाए। ​पुल का निर्माण: खैरी और इमलिया के बीच स्थित पानाझीर नदी पर उच्च स्तरीय पुल का निर्माण कराया जाए। ​तत्काल सुरक्षा प्रबंध: बरसात के मौसम में विद्यार्थियों, मरीजों और गर्भवती महिलाओं के सुरक्षित आवागमन के लिए वैकल्पिक व तात्कालिक व्यवस्था की जाए। ​स्थायी समाधान: संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लें और समस्या का त्वरित व स्थायी समाधान निकालें। ​यह केवल एक सड़क या पुल की मांग नहीं है, बल्कि यह ग्राम खैरी के नागरिकों के जीवन की सुरक्षा, नौनिहालों की शिक्षा और मरीजों व गर्भवती महिलाओं को समय पर जीवनरक्षक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का गंभीर सवाल है। अब देखना यह होगा कि खबर प्रकाशन के बाद शासन-प्रशासन और जिम्मेदार जनप्रतिनिधि इस ओर कब तक सुध लेते हैं।

4 hrs ago
user_NP Ashish Dubey Journalist
NP Ashish Dubey Journalist
Advertising agency नरसिंहपुर, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश•
4 hrs ago

सड़क और पुल के अभाव में जान जोखिम में डालने को मजबूर खैरी के ग्रामीण, पानाझीर नदी पार करने को लेकर बनी रहती है अनहोनी की आशंका ​नरसिंहपुर / चांवरपाठा: जिले के चांवरपाठा ब्लॉक के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत टेकापार के छोटे से गांव खैरी के ग्रामीणों को आज के इस आधुनिक युग में भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। लगभग 150 की आबादी वाले इस गांव के लोगों को आवागमन के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं गुजरना पड़ता। सड़क और पुल न होने के कारण ग्रामीण हर दिन अपनी जान जोखिम में डालकर सफर करने को विवश हैं। ​पक्की सड़क और पुल का है अभाव ​ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम खैरी से काचरकोना जाने के लिए लगभग 3 किलोमीटर का कच्चा रास्ता है, जो बारिश के दिनों में पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो जाता है। वहीं दूसरी ओर, खैरी और इमलिया के बीच पानाझीर नदी पड़ती है। आवागमन के लिए कोई पक्का मार्ग या पुल न होने के कारण ग्रामीणों के सामने गंभीर संकट खड़ा रहता है। ​बारिश में और विकराल हो जाती है समस्या ​बरसात के दिनों में यह समस्या और भी गंभीर रूप ले लेती है। नदी में जलस्तर बढ़ने पर ग्रामीणों के पास आवागमन का कोई दूसरा विकल्प नहीं बचता। मजबूरी में लोगों को उफनती नदी को जान जोखिम में डालकर पार करना पड़ता है। इस विकट स्थिति का सबसे बुरा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ता है, जो स्कूल तक नहीं पहुंच पाते। ​स्वास्थ्य सेवाओं पर भारी पड़ रही प्रशासनिक लापरवाही ​सड़क और पुल के अभाव में सबसे बड़ी विडंबना स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर है। आपातकालीन

स्थिति में गंभीर रूप से बीमार मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना लोहे के चने चबाने जैसा साबित होता है। समय पर इलाज न मिलने से कई बार गंभीर परिस्थितियां बन जाती हैं। इसके अलावा, गर्भवती महिलाओं को प्रसव के समय अस्पताल ले जाना परिजनों के लिए किसी बड़ी चिंता और बड़े जोखिम से कम नहीं होता। ​जनप्रतिनिधियों के आश्वासन के बाद भी सिफर रहा नतीजा ​ग्राम खैरी के रहवासियों ने इस गंभीर समस्या को लेकर स्थानीय ग्राम पंचायत सरपंच से लेकर क्षेत्र के विधायक और सांसद तक कई बार गुहार लगाई है, लेकिन विडंबना यह है कि आश्वासन के सिवाय ग्रामीणों को अब तक कुछ नहीं मिला। समस्या का कोई स्थायी समाधान न होने से ग्रामीणों में गहरी नाराजगी और निराशा व्याप्त है। ​ग्रामीणों की प्रमुख मांगें ​पक्की सड़क का निर्माण: ग्राम खैरी से काचरकोना तक लगभग 3 किलोमीटर तक के मार्ग को पक्का बनाया जाए। ​पुल का निर्माण: खैरी और इमलिया के बीच स्थित पानाझीर नदी पर उच्च स्तरीय पुल का निर्माण कराया जाए। ​तत्काल सुरक्षा प्रबंध: बरसात के मौसम में विद्यार्थियों, मरीजों और गर्भवती महिलाओं के सुरक्षित आवागमन के लिए वैकल्पिक व तात्कालिक व्यवस्था की जाए। ​स्थायी समाधान: संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लें और समस्या का त्वरित व स्थायी समाधान निकालें। ​यह केवल एक सड़क या पुल की मांग नहीं है, बल्कि यह ग्राम खैरी के नागरिकों के जीवन की सुरक्षा, नौनिहालों की शिक्षा और मरीजों व गर्भवती महिलाओं को समय पर जीवनरक्षक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का गंभीर सवाल है। अब देखना यह होगा कि खबर प्रकाशन के बाद शासन-प्रशासन और जिम्मेदार जनप्रतिनिधि इस ओर कब तक सुध लेते हैं।

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  • पखांजुर- उजियारा अभियान के तहत बांदे पुलिस की बड़ी कार्यवाही
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    पखांजुर- उजियारा अभियान के तहत बांदे पुलिस की बड़ी कार्यवाही
    user_पत्रकार आशीष कुमार दुबे
    पत्रकार आशीष कुमार दुबे
    Media and information sciences faculty नरसिंहपुर, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के जन्मदिन के मौके पर ईद-मिलादुन्नबी का पर्व बुधवार को करेली क्षेत्र में पूरे हर्षोल्लास, अकीदत और एहतराम के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर पूरे शहर में मुस्लिम समाज द्वारा विशेष तैयारियां की गई थीं। त्योहार के मद्देनजर क्षेत्र की मस्जिदों और प्रमुख मार्गों को बेहद खूबसूरत तरीके से सजाया गया था। मस्जिदों को मस्जिद-ए-नबवी की तर्ज पर हरे झंडों और आकर्षक रोशनी (लाइटिंग) से सजाया गया, जो देखते ही बन रहा था। *_करेली में अकीदत और एहतराम के साथ मनाया गया ईद-मिलादुन्नबी का पर्व, गूंजा अमन और भाईचारे का पैगाम_* 🎥 ​करेली (नरसिंहपुर): पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के जन्मदिन के मौके पर ईद-मिलादुन्नबी का पर्व बुधवार को करेली क्षेत्र में पूरे हर्षोल्लास, अकीदत और एहतराम के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर पूरे शहर में मुस्लिम समाज द्वारा विशेष तैयारियां की गई थीं। त्योहार के मद्देनजर क्षेत्र की मस्जिदों और प्रमुख मार्गों को बेहद खूबसूरत तरीके से सजाया गया था। मस्जिदों को मस्जिद-ए-नबवी की तर्ज पर हरे झंडों और आकर्षक रोशनी (लाइटिंग) से सजाया गया, जो देखते ही बन रहा था। *_एक्सप्रेस MP CG न्यूज़ _* *_मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ का सबसे उभरता और विश्वसनीय न्यूज़ नेटवर्क_* 🎥 *_​हमारी पहचान: सच्ची ख़बरें, सटीक अंदाज़!_* ✍️ *_​जिला संवाददाता: एन.पी. आशीष कुमार दुबे (नरसिंहपुर)_* *_​ख़बरें और विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें:_* *_📲 9131583667 | 📲 7000336113_*
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    पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के जन्मदिन के मौके पर ईद-मिलादुन्नबी का पर्व बुधवार को करेली क्षेत्र में पूरे हर्षोल्लास, अकीदत और एहतराम के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर पूरे शहर में मुस्लिम समाज द्वारा विशेष तैयारियां की गई थीं।
त्योहार के मद्देनजर क्षेत्र की मस्जिदों और प्रमुख मार्गों को बेहद खूबसूरत तरीके से सजाया गया था। मस्जिदों को मस्जिद-ए-नबवी की तर्ज पर हरे झंडों और आकर्षक रोशनी (लाइटिंग) से सजाया गया, जो देखते ही बन रहा था। 
*_करेली में अकीदत और एहतराम के साथ मनाया गया ईद-मिलादुन्नबी का पर्व, गूंजा अमन और भाईचारे का पैगाम_* 🎥
​करेली (नरसिंहपुर):
पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के जन्मदिन के मौके पर ईद-मिलादुन्नबी का पर्व बुधवार को करेली क्षेत्र में पूरे हर्षोल्लास, अकीदत और एहतराम के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर पूरे शहर में मुस्लिम समाज द्वारा विशेष तैयारियां की गई थीं।
त्योहार के मद्देनजर क्षेत्र की मस्जिदों और प्रमुख मार्गों को बेहद खूबसूरत तरीके से सजाया गया था। मस्जिदों को मस्जिद-ए-नबवी की तर्ज पर हरे झंडों और आकर्षक रोशनी (लाइटिंग) से सजाया गया, जो देखते ही बन रहा था। 
*_एक्सप्रेस MP CG न्यूज़ _*
*_मध्य प्रदेश-छत्तीसगढ़ का सबसे उभरता और विश्वसनीय न्यूज़ नेटवर्क_*  🎥
*_​हमारी पहचान: सच्ची ख़बरें, सटीक अंदाज़!_* ✍️
*_​जिला संवाददाता: एन.पी. आशीष कुमार दुबे (नरसिंहपुर)_* 
*_​ख़बरें और विज्ञापन देने के लिए संपर्क करें:_* 
*_📲 9131583667 | 📲 7000336113_*
    user_Bablu Choudhary.
    Bablu Choudhary.
    नरसिंहपुर, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • सड़क और पुल के अभाव में जान जोखिम में डालने को मजबूर खैरी के ग्रामीण, पानाझीर नदी पार करने को लेकर बनी रहती है अनहोनी की आशंका ​नरसिंहपुर / चांवरपाठा: जिले के चांवरपाठा ब्लॉक के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत टेकापार के छोटे से गांव खैरी के ग्रामीणों को आज के इस आधुनिक युग में भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। लगभग 150 की आबादी वाले इस गांव के लोगों को आवागमन के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं गुजरना पड़ता। सड़क और पुल न होने के कारण ग्रामीण हर दिन अपनी जान जोखिम में डालकर सफर करने को विवश हैं। ​पक्की सड़क और पुल का है अभाव ​ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम खैरी से काचरकोना जाने के लिए लगभग 3 किलोमीटर का कच्चा रास्ता है, जो बारिश के दिनों में पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो जाता है। वहीं दूसरी ओर, खैरी और इमलिया के बीच पानाझीर नदी पड़ती है। आवागमन के लिए कोई पक्का मार्ग या पुल न होने के कारण ग्रामीणों के सामने गंभीर संकट खड़ा रहता है। ​बारिश में और विकराल हो जाती है समस्या ​बरसात के दिनों में यह समस्या और भी गंभीर रूप ले लेती है। नदी में जलस्तर बढ़ने पर ग्रामीणों के पास आवागमन का कोई दूसरा विकल्प नहीं बचता। मजबूरी में लोगों को उफनती नदी को जान जोखिम में डालकर पार करना पड़ता है। इस विकट स्थिति का सबसे बुरा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ता है, जो स्कूल तक नहीं पहुंच पाते। ​स्वास्थ्य सेवाओं पर भारी पड़ रही प्रशासनिक लापरवाही ​सड़क और पुल के अभाव में सबसे बड़ी विडंबना स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर है। आपातकालीन स्थिति में गंभीर रूप से बीमार मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना लोहे के चने चबाने जैसा साबित होता है। समय पर इलाज न मिलने से कई बार गंभीर परिस्थितियां बन जाती हैं। इसके अलावा, गर्भवती महिलाओं को प्रसव के समय अस्पताल ले जाना परिजनों के लिए किसी बड़ी चिंता और बड़े जोखिम से कम नहीं होता। ​जनप्रतिनिधियों के आश्वासन के बाद भी सिफर रहा नतीजा ​ग्राम खैरी के रहवासियों ने इस गंभीर समस्या को लेकर स्थानीय ग्राम पंचायत सरपंच से लेकर क्षेत्र के विधायक और सांसद तक कई बार गुहार लगाई है, लेकिन विडंबना यह है कि आश्वासन के सिवाय ग्रामीणों को अब तक कुछ नहीं मिला। समस्या का कोई स्थायी समाधान न होने से ग्रामीणों में गहरी नाराजगी और निराशा व्याप्त है। ​ग्रामीणों की प्रमुख मांगें ​पक्की सड़क का निर्माण: ग्राम खैरी से काचरकोना तक लगभग 3 किलोमीटर तक के मार्ग को पक्का बनाया जाए। ​पुल का निर्माण: खैरी और इमलिया के बीच स्थित पानाझीर नदी पर उच्च स्तरीय पुल का निर्माण कराया जाए। ​तत्काल सुरक्षा प्रबंध: बरसात के मौसम में विद्यार्थियों, मरीजों और गर्भवती महिलाओं के सुरक्षित आवागमन के लिए वैकल्पिक व तात्कालिक व्यवस्था की जाए। ​स्थायी समाधान: संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लें और समस्या का त्वरित व स्थायी समाधान निकालें। ​यह केवल एक सड़क या पुल की मांग नहीं है, बल्कि यह ग्राम खैरी के नागरिकों के जीवन की सुरक्षा, नौनिहालों की शिक्षा और मरीजों व गर्भवती महिलाओं को समय पर जीवनरक्षक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का गंभीर सवाल है। अब देखना यह होगा कि खबर प्रकाशन के बाद शासन-प्रशासन और जिम्मेदार जनप्रतिनिधि इस ओर कब तक सुध लेते हैं।
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    सड़क और पुल के अभाव में जान जोखिम में डालने को मजबूर खैरी के ग्रामीण, पानाझीर नदी पार करने को लेकर बनी रहती है अनहोनी की आशंका
​नरसिंहपुर / चांवरपाठा:
जिले के चांवरपाठा ब्लॉक के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत टेकापार के छोटे से गांव खैरी के ग्रामीणों को आज के इस आधुनिक युग में भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। लगभग 150 की आबादी वाले इस गांव के लोगों को आवागमन के लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं गुजरना पड़ता। सड़क और पुल न होने के कारण ग्रामीण हर दिन अपनी जान जोखिम में डालकर सफर करने को विवश हैं।
​पक्की सड़क और पुल का है अभाव
​ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, ग्राम खैरी से काचरकोना जाने के लिए लगभग 3 किलोमीटर का कच्चा रास्ता है, जो बारिश के दिनों में पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो जाता है। वहीं दूसरी ओर, खैरी और इमलिया के बीच पानाझीर नदी पड़ती है। आवागमन के लिए कोई पक्का मार्ग या पुल न होने के कारण ग्रामीणों के सामने गंभीर संकट खड़ा रहता है।
​बारिश में और विकराल हो जाती है समस्या
​बरसात के दिनों में यह समस्या और भी गंभीर रूप ले लेती है। नदी में जलस्तर बढ़ने पर ग्रामीणों के पास आवागमन का कोई दूसरा विकल्प नहीं बचता। मजबूरी में लोगों को उफनती नदी को जान जोखिम में डालकर पार करना पड़ता है। इस विकट स्थिति का सबसे बुरा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ता है, जो स्कूल तक नहीं पहुंच पाते।
​स्वास्थ्य सेवाओं पर भारी पड़ रही प्रशासनिक लापरवाही
​सड़क और पुल के अभाव में सबसे बड़ी विडंबना स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर है। आपातकालीन स्थिति में गंभीर रूप से बीमार मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाना लोहे के चने चबाने जैसा साबित होता है। समय पर इलाज न मिलने से कई बार गंभीर परिस्थितियां बन जाती हैं। इसके अलावा, गर्भवती महिलाओं को प्रसव के समय अस्पताल ले जाना परिजनों के लिए किसी बड़ी चिंता और बड़े जोखिम से कम नहीं होता।
​जनप्रतिनिधियों के आश्वासन के बाद भी सिफर रहा नतीजा
​ग्राम खैरी के रहवासियों ने इस गंभीर समस्या को लेकर स्थानीय ग्राम पंचायत सरपंच से लेकर क्षेत्र के विधायक और सांसद तक कई बार गुहार लगाई है, लेकिन विडंबना यह है कि आश्वासन के सिवाय ग्रामीणों को अब तक कुछ नहीं मिला। समस्या का कोई स्थायी समाधान न होने से ग्रामीणों में गहरी नाराजगी और निराशा व्याप्त है।
​ग्रामीणों की प्रमुख मांगें
​पक्की सड़क का निर्माण: ग्राम खैरी से काचरकोना तक लगभग 3 किलोमीटर तक के मार्ग को पक्का बनाया जाए।
​पुल का निर्माण: खैरी और इमलिया के बीच स्थित पानाझीर नदी पर उच्च स्तरीय पुल का निर्माण कराया जाए।
​तत्काल सुरक्षा प्रबंध: बरसात के मौसम में विद्यार्थियों, मरीजों और गर्भवती महिलाओं के सुरक्षित आवागमन के लिए वैकल्पिक व तात्कालिक व्यवस्था की जाए।
​स्थायी समाधान: संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लें और समस्या का त्वरित व स्थायी समाधान निकालें।
​यह केवल एक सड़क या पुल की मांग नहीं है, बल्कि यह ग्राम खैरी के नागरिकों के जीवन की सुरक्षा, नौनिहालों की शिक्षा और मरीजों व गर्भवती महिलाओं को समय पर जीवनरक्षक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का गंभीर सवाल है। अब देखना यह होगा कि खबर प्रकाशन के बाद शासन-प्रशासन और जिम्मेदार जनप्रतिनिधि इस ओर कब तक सुध लेते हैं।
    user_NP Ashish Dubey Journalist
    NP Ashish Dubey Journalist
    Advertising agency नरसिंहपुर, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • नरसिंहपुर - नगर में सजा राखियों का बाजार, स्टोन, ज़री और बच्चों के पसंदीदा कार्टून वाली राखियों की भारी डिमांड भाई-बहन के पवित्र प्रेम और अटूट विश्वास का प्रतीक पर्व रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्तको मनाया जा रहा हैं।त्यौहार को लेकर नरसिंहपुर के बाजारों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है और चारों तरफ रौनक छाई हुई है। इस वर्ष बाजार में पसंद के अनुसार राखियों का विशाल संग्रह उपलब्ध है।राखी दुकानदार ने जानकारी देते हुए बताया कि ग्राहकों के लिए स्टोन वाली राखियां, ज़री वाली राखियां, और पारंपरिक भैया-भाभी राखियां भारी मात्रा में उपलब्ध हैं। माताएं और बहनें इस बार विशेष रूप से स्टोन वर्क वाली राखियां और भैया-भाभी (जोड़ी) राखियां सबसे ज्यादा पसंद कर रही हैं। ​छोटे बच्चों के लिए स्पाइडरमैन, पोकेमॉन, और मोटू-पतलू जैसे कार्टून किरदारों वाली फैंसी राखियां बच्चों को बेहद आकर्षित कर रही हैं।
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    नरसिंहपुर - नगर में सजा राखियों का बाजार, स्टोन, ज़री और बच्चों के पसंदीदा कार्टून वाली राखियों की भारी डिमांड
भाई-बहन के पवित्र प्रेम और अटूट विश्वास का प्रतीक पर्व रक्षाबंधन इस बार 28 अगस्तको मनाया जा रहा हैं।त्यौहार को लेकर नरसिंहपुर के बाजारों में जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है और चारों तरफ रौनक छाई हुई है। इस वर्ष बाजार में पसंद के अनुसार राखियों का विशाल संग्रह उपलब्ध है।राखी दुकानदार ने जानकारी देते हुए बताया कि ग्राहकों के लिए स्टोन वाली राखियां, ज़री वाली राखियां, और पारंपरिक भैया-भाभी राखियां भारी मात्रा में उपलब्ध हैं।  माताएं और बहनें इस बार विशेष रूप से स्टोन वर्क वाली राखियां और भैया-भाभी (जोड़ी) राखियां सबसे ज्यादा पसंद कर रही हैं। ​छोटे बच्चों के लिए स्पाइडरमैन, पोकेमॉन, और मोटू-पतलू जैसे कार्टून किरदारों वाली फैंसी राखियां बच्चों को बेहद आकर्षित कर रही हैं।
    user_SATISH DUBEY
    SATISH DUBEY
    पत्रकार Narsimhapur, Narsinghpur•
    10 hrs ago
  • नरसिंहपुर से सतीश विश्वकर्मा की रिपोर्ट स्काई इंडिया टीवी चैनल। सर्जन सेंटर में जो है स्पाइन मैनेजमेंट किया जाता है यह कंपनी 70 देश में चल रही है 22 सालों से चल रही है और हमारे इंडिया की बात करें तो इंडिया में सेरेजम के 530 सेंटर है ऐसे ही एक सेंटर हमारे शहर नरसिंहपुर में ओपन हुआ है जिसका एड्रेस है नगर पालिका चौराहा हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी विजय कंपलेक्स रोटी पार्क के साइड में यहां पर स्पिन मैनेजमेंट किया जाता है और स्पिन मैनेजमेंट से हमारे जो सारे ऑर्गन्स एक्टिव होते हैं वह सारे ऑर्गन्स को एक्टिव करके ब्लड सर्कुलेशन को सही करता है जिससे काफी सारे मेंबर्स को यहां पर आराम मिला है और हम आप सभी से यह अपील करते हैं कि हमारा जो सेंटर है कि डेमो सेंटर सर्विस सेंटर है और इस डेमो का कोई पैसा नहीं लगता है तो यहां पर आप जरूर जरूर लिए धन्यवाद
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    नरसिंहपुर से सतीश विश्वकर्मा की रिपोर्ट  स्काई इंडिया टीवी चैनल।                           सर्जन सेंटर में जो है स्पाइन मैनेजमेंट किया जाता है यह कंपनी 70 देश में चल रही है 22 सालों से चल रही है और हमारे इंडिया की बात करें तो इंडिया में सेरेजम के 530 सेंटर है ऐसे ही एक सेंटर हमारे शहर नरसिंहपुर में ओपन हुआ है जिसका एड्रेस है नगर पालिका चौराहा हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी विजय कंपलेक्स रोटी पार्क के साइड में यहां पर स्पिन मैनेजमेंट किया जाता है और स्पिन मैनेजमेंट से हमारे जो सारे ऑर्गन्स एक्टिव होते हैं वह सारे ऑर्गन्स को एक्टिव करके ब्लड सर्कुलेशन को सही करता है जिससे काफी सारे मेंबर्स को यहां पर आराम मिला है और हम आप सभी से यह अपील करते हैं कि हमारा जो सेंटर है कि डेमो सेंटर सर्विस सेंटर है और इस डेमो का कोई पैसा नहीं लगता है तो यहां पर आप जरूर जरूर लिए धन्यवाद
    user_Satish Vishwakarma
    Satish Vishwakarma
    Photographer करेली, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • प्रदीप शर्मा करेली न्यूज 24 Ind करेली में अकीदत और एहतराम के साथ मनाया गया ईद-मिलादुन्नबी का पर्व, गूंजा अमन और भाईचारे का पैगाम ​
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    प्रदीप शर्मा करेली न्यूज 24 Ind
करेली में अकीदत और एहतराम के साथ मनाया गया ईद-मिलादुन्नबी का पर्व, गूंजा अमन और भाईचारे का पैगाम

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    user_कृष्णकांत प्रदीप शर्मा करेली
    कृष्णकांत प्रदीप शर्मा करेली
    Electrician करेली, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • करेली में अकीदत और एहतराम के साथ मनाया गया ईद-मिलादुन्नबी, निकला भव्य जुलूस, गूंजा अमन-भाईचारे का पैगाम
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    करेली में अकीदत और एहतराम के साथ मनाया गया ईद-मिलादुन्नबी, निकला भव्य जुलूस, गूंजा अमन-भाईचारे का पैगाम
    user_पत्रकार आशीष कुमार दुबे
    पत्रकार आशीष कुमार दुबे
    Media and information sciences faculty नरसिंहपुर, नरसिंहपुर, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • सेठान चौराहे पर दर्दनाक हादसा: डंपर की चपेट में आईं 8 गौमाताएं, 6 की मौके पर मौत सेठान चौराहे पर दर्दनाक हादसा: डंपर की चपेट में आईं 8 गौमाताएं, 6 की मौके पर मौत साईंखेड़ा। बुधवार रात करीब 1 बजे सेठान चौराहे पर एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार तेज रफ्तार डंपर ने सड़क पर मौजूद 8 गौमाताओं को कुचल दिया, जिसमें 6 गौमाताओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 2 गंभीर रूप से घायल होकर खून से लथपथ हालत में सड़क पर तड़पती मिलीं। घटना के बाद मौके पर पहुंचे गौभक्तों और स्वयंसेवकों में आक्रोश फैल गया। उन्होंने डंपरों को रोकना शुरू कर दिया। देखते ही देखते सेठान चौराहे पर करीब 50–60 डंपर खड़े हो गए, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। इस हृदयविदारक घटना ने क्षेत्र के लोगों को झकझोर कर रख दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि भारी वाहनों की तेज रफ्तार और लगातार आवागमन के कारण इस मार्ग पर पशुओं के साथ-साथ आम लोगों की सुरक्षा भी खतरे में है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि हादसे की निष्पक्ष जांच कर दोषी वाहन चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और भारी वाहनों की गति व आवागमन पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जाए। समाचार लिखे जाने तक घटना की आधिकारिक पुष्टि एवं पुलिस कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई थी।
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    सेठान चौराहे पर दर्दनाक हादसा: डंपर की चपेट में आईं 8 गौमाताएं, 6 की मौके पर मौत
सेठान चौराहे पर दर्दनाक हादसा: डंपर की चपेट में आईं 8 गौमाताएं, 6 की मौके पर मौत
साईंखेड़ा। बुधवार रात करीब 1 बजे सेठान चौराहे पर एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार तेज रफ्तार डंपर ने सड़क पर मौजूद 8 गौमाताओं को कुचल दिया, जिसमें 6 गौमाताओं की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 2 गंभीर रूप से घायल होकर खून से लथपथ हालत में सड़क पर तड़पती मिलीं।
घटना के बाद मौके पर पहुंचे गौभक्तों और स्वयंसेवकों में आक्रोश फैल गया। उन्होंने डंपरों को रोकना शुरू कर दिया। देखते ही देखते सेठान चौराहे पर करीब 50–60 डंपर खड़े हो गए, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
इस हृदयविदारक घटना ने क्षेत्र के लोगों को झकझोर कर रख दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि भारी वाहनों की तेज रफ्तार और लगातार आवागमन के कारण इस मार्ग पर पशुओं के साथ-साथ आम लोगों की सुरक्षा भी खतरे में है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि हादसे की निष्पक्ष जांच कर दोषी वाहन चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और भारी वाहनों की गति व आवागमन पर प्रभावी नियंत्रण लगाया जाए।
समाचार लिखे जाने तक घटना की आधिकारिक पुष्टि एवं पुलिस कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई थी।
    user_Ranjeet Tomar
    Ranjeet Tomar
    पत्रकार Narsimhapur, Narsinghpur•
    16 hrs ago
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