*गौ माता की रक्षा में ‘नंदिनी’ ने दी जान वफादारी और प्रेम की ऐसी मिसाल, जिसने सबको रुला दिया* दिनारा । कहते हैं कि सच्चा प्रेम और दोस्ती किसी भाषा या प्रजाति की मोहताज नहीं होती—और इसका जीता-जागता उदाहरण दिनारा स्थित अशोक होटल के पास संचालित एक निजी गौशाला में देखने को मिला, जहां एक छोटी सी बिल्ली ‘नंदिनी’ ने गौ माता की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। यह घटना न सिर्फ भावुक कर देने वाली है, बल्कि इंसानियत को भी आईना दिखाती है। गौ सेवक कल्लू महाराज को सूचना मिली कि गौशाला के बाहर एक बिल्ली और काले सांप के बीच भयंकर संघर्ष हो रहा है। सूचना मिलते ही वे तुरंत मौके पर पहुंचे। वहां का दृश्य दिल दहला देने वाला था—बिल्ली और सांप एक-दूसरे से जकड़े हुए थे, जैसे जीवन-मरण की लड़ाई चल रही हो। *कल्लू महाराज ने साहस दिखाते हुए दोनों को अलग किया*। सांप तो वहां से भाग गया, लेकिन बहादुर ‘नंदिनी’ बुरी तरह घायल होकर वहीं तड़पने लगी। कल्लू महाराज ने उसे गोद में उठाया, हर संभव उपचार किया, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। कुछ ही देर में नंदिनी ने अंतिम सांस ले ली। सबसे भावुक कर देने वाला दृश्य तब सामने आया, जब गौ माता उस घायल बिल्ली के पास आकर बैठ गईं। जैसे ही नंदिनी ने दम तोड़ा, गौ माता की आंखों से आंसू बहने लगे। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं—और खुद गौ सेवक कल्लू महाराज भी भावुक होकर रो पड़े। *कल्लू महाराज ने बताया कि नंदिनी कोई साधारण बिल्ली नहीं थी*, बल्कि गौशाला की “सुरक्षा गार्ड” थी। वह हर समय गौवंश के साथ रहती थी, उनकी देखभाल करती थी और हर खतरे के सामने डटकर खड़ी हो जाती थी। गौ माता और नंदिनी के बीच गहरा लगाव था—दोनों एक-दूसरे के बिना रह नहीं पाती थीं। उन्होंने कहा, “जिसका इस दुनिया में कोई नहीं होता, उसका हम बनते हैं। हमारी गौशाला में हर जीव—चाहे वह गाय हो, कुत्ता हो, बिल्ली हो या पक्षी हमारा परिवार है। *नंदिनी ने आज यह साबित कर दिया कि सच्ची दोस्ती क्या होती है*। उसने अपनी जान देकर गौ माता की रक्षा की।” *नंदिनी के निधन के बाद उसे विधि-विधान के साथ दफनाया गया। पूरे गौशाला परिसर में शोक का माहौल रहा*। कल्लू महाराज ने भगवान से प्रार्थना की—“हे प्रभु, नंदिनी को अच्छा जन्म देना, उसने बहुत बड़ा काम किया है।” यह घटना एक गहरा संदेश भी देती है *प्रेम और दोस्ती सबसे बड़ी ताकत है* *हर जीव की रक्षा करना हमारा धर्म है* *संवेदनाएं सिर्फ इंसानों तक सीमित नहीं होतीं* आज नंदिनी भले ही इस दुनिया में नहीं है, लेकिन उसकी बहादुरी, उसकी वफादारी और उसका बलिदान हमेशा जिंदा रहेगा… और हर कोई यही कह रहा है— *ऐसी दोस्ती और ऐसा प्रेम, शायद इंसानों में भी कम ही देखने को मिलता है* *गौ माता की रक्षा में ‘नंदिनी’ ने दी जान वफादारी और प्रेम की ऐसी मिसाल, जिसने सबको रुला दिया* दिनारा । कहते हैं कि सच्चा प्रेम और दोस्ती किसी भाषा या प्रजाति की मोहताज नहीं होती—और इसका जीता-जागता उदाहरण दिनारा स्थित अशोक होटल के पास संचालित एक निजी गौशाला में देखने को मिला, जहां एक छोटी सी बिल्ली ‘नंदिनी’ ने गौ माता की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। यह घटना न सिर्फ भावुक कर देने वाली है, बल्कि इंसानियत को भी आईना दिखाती है। गौ सेवक कल्लू महाराज को सूचना मिली कि गौशाला के बाहर एक बिल्ली और काले सांप के बीच भयंकर संघर्ष हो रहा है। सूचना मिलते ही वे तुरंत मौके पर पहुंचे। वहां का दृश्य दिल दहला देने वाला था—बिल्ली और सांप एक-दूसरे से जकड़े हुए थे, जैसे जीवन-मरण की लड़ाई चल रही हो। *कल्लू महाराज ने साहस दिखाते हुए दोनों को अलग किया*। सांप तो वहां से भाग गया, लेकिन बहादुर ‘नंदिनी’ बुरी तरह घायल होकर वहीं तड़पने लगी। कल्लू महाराज ने उसे गोद में उठाया, हर संभव उपचार किया, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। कुछ ही देर में नंदिनी ने अंतिम सांस ले ली। सबसे भावुक कर देने वाला दृश्य तब सामने आया, जब गौ माता उस घायल बिल्ली के पास आकर बैठ गईं। जैसे ही नंदिनी ने दम तोड़ा, गौ माता की आंखों से आंसू बहने लगे। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं—और खुद गौ सेवक कल्लू महाराज भी भावुक होकर रो पड़े। *कल्लू महाराज ने बताया कि नंदिनी कोई साधारण बिल्ली नहीं थी*, बल्कि गौशाला की “सुरक्षा गार्ड” थी। वह हर समय गौवंश के साथ रहती थी, उनकी देखभाल करती थी और हर खतरे के सामने डटकर खड़ी हो जाती थी। गौ माता और नंदिनी के बीच गहरा लगाव था—दोनों एक-दूसरे के बिना रह नहीं पाती थीं। उन्होंने कहा, “जिसका इस दुनिया में कोई नहीं होता, उसका हम बनते हैं। हमारी गौशाला में हर जीव—चाहे वह गाय हो, कुत्ता हो, बिल्ली हो या पक्षी हमारा परिवार है। *नंदिनी ने आज यह साबित कर दिया कि सच्ची दोस्ती क्या होती है*। उसने अपनी जान देकर गौ माता की रक्षा की।” *नंदिनी के निधन के बाद उसे विधि-विधान के साथ दफनाया गया। पूरे गौशाला परिसर में शोक का माहौल रहा*। कल्लू महाराज ने भगवान से प्रार्थना की—“हे प्रभु, नंदिनी को अच्छा जन्म देना, उसने बहुत बड़ा काम किया है।” यह घटना एक गहरा संदेश भी देती है *प्रेम और दोस्ती सबसे बड़ी ताकत है* *हर जीव की रक्षा करना हमारा धर्म है* *संवेदनाएं सिर्फ इंसानों तक सीमित नहीं होतीं* आज नंदिनी भले ही इस दुनिया में नहीं है, लेकिन उसकी बहादुरी, उसकी वफादारी और उसका बलिदान हमेशा जिंदा रहेगा… और हर कोई यही कह रहा है— *ऐसी दोस्ती और ऐसा प्रेम, शायद इंसानों में भी कम ही देखने को मिलता है*
*गौ माता की रक्षा में ‘नंदिनी’ ने दी जान वफादारी और प्रेम की ऐसी मिसाल, जिसने सबको रुला दिया* दिनारा । कहते हैं कि सच्चा प्रेम और दोस्ती किसी भाषा या प्रजाति की मोहताज नहीं होती—और इसका जीता-जागता उदाहरण दिनारा स्थित अशोक होटल के पास संचालित एक निजी गौशाला में देखने को मिला, जहां एक छोटी सी बिल्ली ‘नंदिनी’ ने गौ माता की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। यह घटना न सिर्फ भावुक कर देने वाली है, बल्कि इंसानियत को भी आईना दिखाती है। गौ सेवक कल्लू महाराज को सूचना मिली कि गौशाला के बाहर एक बिल्ली और काले सांप के बीच भयंकर संघर्ष हो रहा है। सूचना मिलते ही वे तुरंत मौके पर पहुंचे। वहां का दृश्य दिल दहला देने वाला था—बिल्ली और सांप एक-दूसरे से जकड़े हुए थे, जैसे जीवन-मरण की लड़ाई चल रही हो। *कल्लू महाराज ने साहस दिखाते हुए दोनों को अलग किया*। सांप तो वहां से भाग गया, लेकिन बहादुर ‘नंदिनी’ बुरी तरह घायल होकर वहीं तड़पने लगी। कल्लू महाराज ने उसे गोद में उठाया, हर संभव उपचार किया, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। कुछ ही देर में नंदिनी ने अंतिम सांस ले ली। सबसे भावुक कर देने वाला दृश्य तब सामने आया, जब गौ माता उस घायल बिल्ली के पास आकर बैठ गईं। जैसे ही नंदिनी ने दम तोड़ा, गौ माता की आंखों से आंसू बहने लगे। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं—और खुद गौ सेवक कल्लू महाराज भी भावुक होकर रो पड़े। *कल्लू महाराज ने बताया कि नंदिनी कोई साधारण बिल्ली नहीं थी*, बल्कि गौशाला की “सुरक्षा गार्ड” थी। वह हर समय गौवंश के साथ रहती थी, उनकी देखभाल करती थी और हर खतरे के सामने डटकर खड़ी हो जाती थी। गौ माता और नंदिनी के बीच गहरा लगाव था—दोनों एक-दूसरे के बिना रह नहीं पाती थीं। उन्होंने कहा, “जिसका इस दुनिया में कोई नहीं होता, उसका हम बनते हैं। हमारी गौशाला में हर जीव—चाहे वह गाय हो, कुत्ता हो, बिल्ली हो या पक्षी हमारा परिवार है। *नंदिनी ने आज यह साबित कर दिया कि सच्ची दोस्ती क्या होती है*। उसने अपनी जान देकर गौ माता की रक्षा की।” *नंदिनी के निधन के बाद उसे विधि-विधान के साथ दफनाया गया। पूरे गौशाला परिसर में शोक का माहौल रहा*। कल्लू महाराज ने भगवान से प्रार्थना की—“हे प्रभु, नंदिनी को अच्छा जन्म देना, उसने बहुत बड़ा काम किया है।” यह घटना एक गहरा संदेश भी देती है *प्रेम और दोस्ती सबसे बड़ी ताकत है* *हर जीव की रक्षा करना हमारा धर्म है* *संवेदनाएं सिर्फ इंसानों तक सीमित नहीं होतीं* आज नंदिनी भले ही इस दुनिया में नहीं है, लेकिन उसकी बहादुरी, उसकी वफादारी और उसका बलिदान हमेशा जिंदा रहेगा… और हर कोई यही कह रहा है— *ऐसी दोस्ती और ऐसा प्रेम, शायद इंसानों में भी कम ही देखने को मिलता है* *गौ माता की रक्षा में ‘नंदिनी’ ने दी जान वफादारी और प्रेम की ऐसी मिसाल, जिसने सबको रुला दिया* दिनारा । कहते हैं कि सच्चा प्रेम और दोस्ती किसी भाषा या प्रजाति की मोहताज नहीं होती—और इसका जीता-जागता उदाहरण दिनारा स्थित अशोक होटल के पास संचालित एक निजी गौशाला में देखने को मिला, जहां एक छोटी सी बिल्ली ‘नंदिनी’ ने गौ माता की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। यह घटना न सिर्फ भावुक कर देने वाली है, बल्कि इंसानियत को भी आईना दिखाती है। गौ सेवक कल्लू महाराज को सूचना मिली कि गौशाला के बाहर एक बिल्ली और काले सांप के बीच भयंकर संघर्ष हो रहा है। सूचना मिलते ही वे तुरंत मौके पर पहुंचे। वहां का दृश्य दिल दहला देने वाला था—बिल्ली और सांप एक-दूसरे से जकड़े हुए थे, जैसे जीवन-मरण की लड़ाई चल रही हो। *कल्लू महाराज ने साहस दिखाते हुए दोनों को अलग किया*। सांप तो वहां से भाग गया, लेकिन बहादुर ‘नंदिनी’ बुरी तरह घायल होकर वहीं तड़पने लगी। कल्लू महाराज ने उसे गोद में उठाया, हर संभव उपचार किया, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। कुछ ही देर में नंदिनी ने अंतिम सांस ले ली। सबसे भावुक कर देने वाला दृश्य तब सामने आया, जब गौ माता उस घायल बिल्ली के पास आकर बैठ गईं। जैसे ही नंदिनी ने दम तोड़ा, गौ माता की आंखों से आंसू बहने लगे। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं—और खुद गौ सेवक कल्लू महाराज भी भावुक होकर रो पड़े। *कल्लू महाराज ने बताया कि नंदिनी कोई साधारण बिल्ली नहीं थी*, बल्कि गौशाला की “सुरक्षा गार्ड” थी। वह हर समय गौवंश के साथ रहती थी, उनकी देखभाल करती थी और हर खतरे के सामने डटकर खड़ी हो जाती थी। गौ माता और नंदिनी के बीच गहरा लगाव था—दोनों एक-दूसरे के बिना रह नहीं पाती थीं। उन्होंने कहा, “जिसका इस दुनिया में कोई नहीं होता, उसका हम बनते हैं। हमारी गौशाला में हर जीव—चाहे वह गाय हो, कुत्ता हो, बिल्ली हो या पक्षी हमारा परिवार है। *नंदिनी ने आज यह साबित कर दिया कि सच्ची दोस्ती क्या होती है*। उसने अपनी जान देकर गौ माता की रक्षा की।” *नंदिनी के निधन के बाद उसे विधि-विधान के साथ दफनाया गया। पूरे गौशाला परिसर में शोक का माहौल रहा*। कल्लू महाराज ने भगवान से प्रार्थना की—“हे प्रभु, नंदिनी को अच्छा जन्म देना, उसने बहुत बड़ा काम किया है।” यह घटना एक गहरा संदेश भी देती है *प्रेम और दोस्ती सबसे बड़ी ताकत है* *हर जीव की रक्षा करना हमारा धर्म है* *संवेदनाएं सिर्फ इंसानों तक सीमित नहीं होतीं* आज नंदिनी भले ही इस दुनिया में नहीं है, लेकिन उसकी बहादुरी, उसकी वफादारी और उसका बलिदान हमेशा जिंदा रहेगा… और हर कोई यही कह रहा है— *ऐसी दोस्ती और ऐसा प्रेम, शायद इंसानों में भी कम ही देखने को मिलता है*
- शिवपुरी। बैराड़ में अवैध फसल भंडारण एवं अवैध खरीद पर लगातार कार्रवाई: 185 क्विंटल गेहूं पकड़ा, 5 गुना जुर्माना वसूला।शिवपुरी। बैराड़ में अवैध फसल भंडारण एवं अवैध खरीद पर लगातार कार्रवाई: 185 क्विंटल गेहूं पकड़ा, 5 गुना जुर्माना वसूला।1
- *गौ माता की रक्षा में ‘नंदिनी’ ने दी जान वफादारी और प्रेम की ऐसी मिसाल, जिसने सबको रुला दिया* दिनारा । कहते हैं कि सच्चा प्रेम और दोस्ती किसी भाषा या प्रजाति की मोहताज नहीं होती—और इसका जीता-जागता उदाहरण दिनारा स्थित अशोक होटल के पास संचालित एक निजी गौशाला में देखने को मिला, जहां एक छोटी सी बिल्ली ‘नंदिनी’ ने गौ माता की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। यह घटना न सिर्फ भावुक कर देने वाली है, बल्कि इंसानियत को भी आईना दिखाती है। गौ सेवक कल्लू महाराज को सूचना मिली कि गौशाला के बाहर एक बिल्ली और काले सांप के बीच भयंकर संघर्ष हो रहा है। सूचना मिलते ही वे तुरंत मौके पर पहुंचे। वहां का दृश्य दिल दहला देने वाला था—बिल्ली और सांप एक-दूसरे से जकड़े हुए थे, जैसे जीवन-मरण की लड़ाई चल रही हो। *कल्लू महाराज ने साहस दिखाते हुए दोनों को अलग किया*। सांप तो वहां से भाग गया, लेकिन बहादुर ‘नंदिनी’ बुरी तरह घायल होकर वहीं तड़पने लगी। कल्लू महाराज ने उसे गोद में उठाया, हर संभव उपचार किया, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। कुछ ही देर में नंदिनी ने अंतिम सांस ले ली। सबसे भावुक कर देने वाला दृश्य तब सामने आया, जब गौ माता उस घायल बिल्ली के पास आकर बैठ गईं। जैसे ही नंदिनी ने दम तोड़ा, गौ माता की आंखों से आंसू बहने लगे। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं—और खुद गौ सेवक कल्लू महाराज भी भावुक होकर रो पड़े। *कल्लू महाराज ने बताया कि नंदिनी कोई साधारण बिल्ली नहीं थी*, बल्कि गौशाला की “सुरक्षा गार्ड” थी। वह हर समय गौवंश के साथ रहती थी, उनकी देखभाल करती थी और हर खतरे के सामने डटकर खड़ी हो जाती थी। गौ माता और नंदिनी के बीच गहरा लगाव था—दोनों एक-दूसरे के बिना रह नहीं पाती थीं। उन्होंने कहा, “जिसका इस दुनिया में कोई नहीं होता, उसका हम बनते हैं। हमारी गौशाला में हर जीव—चाहे वह गाय हो, कुत्ता हो, बिल्ली हो या पक्षी हमारा परिवार है। *नंदिनी ने आज यह साबित कर दिया कि सच्ची दोस्ती क्या होती है*। उसने अपनी जान देकर गौ माता की रक्षा की।” *नंदिनी के निधन के बाद उसे विधि-विधान के साथ दफनाया गया। पूरे गौशाला परिसर में शोक का माहौल रहा*। कल्लू महाराज ने भगवान से प्रार्थना की—“हे प्रभु, नंदिनी को अच्छा जन्म देना, उसने बहुत बड़ा काम किया है।” यह घटना एक गहरा संदेश भी देती है *प्रेम और दोस्ती सबसे बड़ी ताकत है* *हर जीव की रक्षा करना हमारा धर्म है* *संवेदनाएं सिर्फ इंसानों तक सीमित नहीं होतीं* आज नंदिनी भले ही इस दुनिया में नहीं है, लेकिन उसकी बहादुरी, उसकी वफादारी और उसका बलिदान हमेशा जिंदा रहेगा… और हर कोई यही कह रहा है— *ऐसी दोस्ती और ऐसा प्रेम, शायद इंसानों में भी कम ही देखने को मिलता है*1
- #अयोध्यासे_जानेकेबाद_हनुमानको मिले पूर्ण परमात्मा ⚜️ हनुमान जी और ऋषि मुनीन्द्र जी बीच हुआ अनसुना संवाद जानने के लिए देखिए Sant Rampal Ji Maharaj यूट्यूब चैनल1
- //ग्राम पंचायत - मामोनीखुर्द में भ्रिष्ट जिम्मेदारो ने उड़ाई नियमो कि धज्जियां जाँच के बाद कार्यवाही जारी ,जल्द ही होगा पूरा खुलासा// शिवपुरी / करैरा जनपद पंचायत की ग्राम पंचायत मामोनी खुर्द मे पिछले कई महिनो से निर्माण कार्यो को लेकर लगातार कई गंभीर अनियमितताएं देखनो को मिल रही थी । *विश्वसनीय सूत्रों की माने तो - वन विभाग कि भूमि मे हरे भरे पेड़ काटकर जेसीबी मशीन से पहाड़ियां कि मिट्टी खोद कर मिट्टी बेचकर और बिना परमीशन लेकर भवनो का निर्माण करने के आरोप है । पंचायत भवन अक्सर बंद रहता है। सचिव पंचायत में रहने के बजाय सिरसौद में निवास करता हैं और ग्रामीणों को अपने छोटे-छोटे काम करवाने के लिए सचिव के घर तक जाना पड़ता है। आरोप है कि बिना रिश्वत दिए कोई भी काम नहीं किया जाता।* ग्रामीणों का यह भी कहना है कि पंचायत में कोई ग्रामसभा नहीं होती है, जिससे कई लोग शासकीय योजनाओं की जानकारी और लाभ से वंचित रह जाते हैं। ग्रामीणों ने कई निर्माण कार्यों में गंभीर गड़बड़ियों के आरोप लगाए हैं — *मुख्य मार्ग नाली निर्माण — आधा अधूरा और बेहद घटिया निर्माण, कुछ ही समय में नाली पूरी तरह भर गई। मंदिर से स्कूल तक खंजड़ी मार्ग — लगाए गए बोल्डर उखाड़कर कथित तौर पर पुस्तकालय निर्माण और सरपंच के निजी निर्माण में उपयोग करने के आरोप। आंगनवाड़ी हैंडपंप से टोड़े बाबा तक सीसी रोड — कुछ ही महीनों में घटिया सामग्री के कारण सड़क उखड़ गई। सूरा बाबा की पहाड़ी पर तार फैक्शगं — अधूरा निर्माण, जो वर्तमान में उखड़ चुका है।* ग्रामीणों का कहना है कि कई कार्य ऐसे हैं जो स्थल पर हुए ही नहीं, लेकिन दस्तावेजों में पूर्ण दिखाकर शासकीय राशि निकाल ली गई। जिससे शासन को लाखों रुपये का नुकसान पहुंचाने की आशंका जताई जा रही है । और तो और ग्राम मे कही भी साफ सफाई नही है शमशान घाट वीरान डला है जबकी सफाई के लिए मोटी राशि निकाली गई है । जिसको लेकर स्थानिय ग्रामीणो मे भारी आक्रोश देखनो को मिल रहा है । ग्रामवासियों ने जिला प्रशासन से इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। जब हमने जिम्मेदार से बात कि तो जिम्मेदारो का कहना है कि - सरपंच - बद्रीप्रसाद पाल - हमारी मर्जी है हम जैसा कार्य करेगे वैसा कार्य होगा हमारी वड़ी दमगई और गुंडागर्दी सव है जो ग्राम के विकाश के लिए राशि आई है वह सव हम खा लेगे ? सचिव ज्ञानी प्रसाद शर्मा - मुझे इसके बारे मे कोई जानकारी नहीं है और में वहां कि कोई जानकारी नही वताऊंगा में वहां का जिम्मेदार नही हू वहां का जिम्मेदार सरंपच है ? करैरा जनपद पंचायत सीईयो - श्री हेमन्त सूत्रकर- हमे आपके द्वारा जानकारी दी गई है हम टीम बनाकर जल्द जाँच करवाते है और दोषी पाये जाने पर कार्यवाही होगी ? अब बड़ा सवाल यह है कि — क्या प्रशासन इस कथित भ्रष्टाचार पर कार्रवाई करेगा या फिर मामला फाइलों में ही दबकर रह जाएगा और जाँच मे क्या पाया जाता है यह तो पूरी जाँच होने के बाद ही सामने आयेगा? अब ग्रामीणो कि आस इस बात पर टिकी है आखिर कब तक निष्पक्ष जांच होगी और दोषियो पर कार्यवाही होगी या फिर हर बार कि तरह इस बार भी बन्दर बाट कर मामले को दवा दिया जायेगा ? *गजेन्द्र सिंह कुशवाह जिला क्राईम रिपोर्टर मो -9407053212* #मामोनी_खुर्द #करैरा_न्यूज #जनपद_पंचायत_करैरा #जिला_पंचायत_शिवपुरी #कलेक्टर_शिवपुरी #मध्य_प्रदेश1
- पुलिस अधीक्षक अमन सिंह राठौड़ द्वारा अबैध शराब के विरुध्द कार्यवाही करने हेतु समस्त थाना प्रभारियों को निर्देश दिये गये हैं, जिसके बाद करैरा पुलिस को मुखविर द्वारा सूचना मिली कि कमलेश राय निवासी टीला का अपने कुआ पर बने कमरे में अवैध शराब रखे हुये हैं। पुलिस जब मुखविर के बताए स्थान वनमाली के कुआ पर पहुँची जहाँ पर एक व्यक्ति उपस्थित मिला जिससे नाम पता पूछा तो उसने अपना नाम कमलेश राय पिता वनमाली राय उम्र-45 वर्ष निवासी-ग्राम टीला का होना बताया हमराही फोर्स के समक्ष कमरे की विधिवत तलाशी ली गयी तो भूसा वाले कमरे में अवैध शराब के 24 गत्ते के कार्टून रखे मिले खोलकर चैक किया तो प्रत्येक कार्टून में देशी मदिरा प्लेन शराब के 50-50 क्वार्टर भरे हुये शीलबंद प्रत्येक क्वार्टर में 180 एम.एल. मदिरा भरी हुयी मिली कुल क्वार्टर संख्या 1200 एवं मदिरा की कुल मात्रा 216 बल्क लीटर कुल कीमती करीबन एक लाख बीस हजार रूपये की शराब रखी मिली संदेही कमलेश राय से शराब रखने व बेचने के संबंध में वैध लायशेंस चाहा गया तो उसने अपने पास कोई लायशेंस नहीं होना बताया। आरोपी से अवैध शराब की कुल 24 पेटी बरामद की गई। आरोपी का कृत्य धारा-34 (2) आबकारी एक्ट के तहत दंडनीय पाया जाने से अपराध धारा 34(2) आबकारी एक्ट का होने से थाना करैरा पर अपराध क्रमांक 223/26 धारा 34(2) म.प्र. आबकरी एक्ट का पंजीबध्द किया गया।1
- सीहोर गैस एजेंसी पर 45 दिन से पहले सिलेंडर नहीं मिल रहा है जाकर अपना वक्त बर्बाद ना करें1
- करैरा :- सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र करैरा मे भर्ती मरीजो को गुणवत्ताविहीन भोजन परोसे जाने की घटना के बाद आज करैरा विधायक रमेश प्रसाद खटीक ने स्वास्थ्य केंद्र करैरा का आकस्मिक निरिक्षण किया।जहाँ विधायक व्यवस्थाओ से खिन्न दिखे। भर्ती मरीजो के ईलाज के दौरान बरती जा रही लापरवाही व देरी को लेकर संबंधित स्टॉफ से गहरी नाराजगी जताई।1
- #अयोध्यासे_जानेकेबाद_हनुमानको मिले पूर्ण परमात्मा ⚜️ हनुमान जी और ऋषि मुनीन्द्र जी बीच हुआ अनसुना संवाद जानने के लिए देखिए Sant Rampal Ji Maharaj यूट्यूब चैनल1