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विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर, 5 जून 2026 को उत्तर प्रदेश में अयोध्या से शुरुआत करते हुए 5 करोड़ से अधिक पेड़-पौधे लगाए गए थे। जैसे ही 5 जून को आने वाला विश्व पर्यावरण दिवस करीब है, लोगों से सुबह उठकर पेड़-पौधे लगाने, पर्यावरण का संरक्षण करने और शुद्ध हवा का सेवन करने का आह्वान किया गया है। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 5 जून 1972 को विश्व पर्यावरण दिवस मनाने की जो पहल की थी, उसे आज पूरे भारत समेत दुनिया भर में हमेशा उत्साह से मनाया जाता है। यह संदेश देश को मजबूत बनाने, विकास की ओर ले जाने और जीवन में अपने देश के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने का भी आग्रह करता है। यह रिपोर्टिंग लाल चंद सोनी द्वारा 'आज सुबह टाइम्स टीम' के लिए की गई है।
Aaj Subah Times
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर, 5 जून 2026 को उत्तर प्रदेश में अयोध्या से शुरुआत करते हुए 5 करोड़ से अधिक पेड़-पौधे लगाए गए थे। जैसे ही 5 जून को आने वाला विश्व पर्यावरण दिवस करीब है, लोगों से सुबह उठकर पेड़-पौधे लगाने, पर्यावरण का संरक्षण करने और शुद्ध हवा का सेवन करने का आह्वान किया गया है। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 5 जून 1972 को विश्व पर्यावरण दिवस मनाने की जो पहल की थी, उसे आज पूरे भारत समेत दुनिया भर में हमेशा उत्साह से मनाया जाता है। यह संदेश देश को मजबूत बनाने, विकास की ओर ले जाने और जीवन में अपने देश के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने का भी आग्रह करता है। यह रिपोर्टिंग लाल चंद सोनी द्वारा 'आज सुबह टाइम्स टीम' के लिए की गई है।
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- विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर, 5 जून 2026 को उत्तर प्रदेश में अयोध्या से शुरुआत करते हुए 5 करोड़ से अधिक पेड़-पौधे लगाए गए थे। जैसे ही 5 जून को आने वाला विश्व पर्यावरण दिवस करीब है, लोगों से सुबह उठकर पेड़-पौधे लगाने, पर्यावरण का संरक्षण करने और शुद्ध हवा का सेवन करने का आह्वान किया गया है। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 5 जून 1972 को विश्व पर्यावरण दिवस मनाने की जो पहल की थी, उसे आज पूरे भारत समेत दुनिया भर में हमेशा उत्साह से मनाया जाता है। यह संदेश देश को मजबूत बनाने, विकास की ओर ले जाने और जीवन में अपने देश के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने का भी आग्रह करता है। यह रिपोर्टिंग लाल चंद सोनी द्वारा 'आज सुबह टाइम्स टीम' के लिए की गई है।1
- आईये आपको मिलाते हैं "पियर फराक वाली" "लेलो पुदीना" जैसे सुपरहिट भोजपुरी गाने गाकर रातों रात सुपरस्टार बन गई भोजपुरी गायिका अनुपमा यादव से। #ayodhya |anupmayadav #thesilvarspoon #manishyadav1
- अपना दल (एस) के 276 विधानसभा गोसाईंगंज क्षेत्र के लोकप्रिय नेता प्रमोद सिंह की प्रशंसा करते हुए, जिन्होंने निरंतर लोगों के बीच पहुँचकर उनके सुख-दुःख में अपनी पहचान बनाई है, लेखक ने एक हृदय विदारक घटना साझा की है। लेखक ने बताया कि वे अक्सर लोगों के दुःख-दर्द में शामिल होते रहते हैं, लेकिन ग्यासपुर के एक गौड़ परिवार की बेबसी, बदनसीबी, गरीबी और लाचारी ने उन्हें बहुत पीड़ा दी। इस परिवार के इकलौते युवा कमाऊ बेटे का हाल ही में एक सड़क दुर्घटना में दुखद निधन हो गया था। जब लेखक शोक संवेदना व्यक्त करने गए, तो दिवंगत बेटे की पत्नी ने अपनी तीन महीने की अबोध बेटी को उनकी गोद में रख दिया। उसने बताया कि उसके सास-ससुर वृद्ध हैं, उसके दोनों देवर आँखों से दिव्यांग हैं, और उसके पास खेती की कोई जमीन भी नहीं है। महिला ने लेखक को अपने पिता समान बताते हुए यह मार्मिक प्रश्न किया, “मेरा क्या होगा?” वहाँ से आने के बाद भी महिला के सवाल लेखक के मन में लगातार गूँजते रहे। इसके तीसरे दिन, लेखक फिर उस परिवार के पास गए और पूरे परिवार को अपनाया। उन्होंने यह वचन दिया कि वे हर संकट में अपनी पूरी सामर्थ्य के साथ सदैव उनके साथ खड़े रहेंगे। (ब्यूरो रिपोर्ट, दुर्गा सिंह)1
- खान सर के संबंध में एक विवाद गहरा रहा है।1
- Post by आपकी ताकत अयोध्या1
- जनपद अयोध्या की तहसील मिल्कीपुर अंतर्गत थाना खंडासा क्षेत्र के ग्राम कंदई कला में पैतृक सहन भूमि पर जबरन कब्जा करने के प्रयास को लेकर गहरा विवाद खड़ा हो गया है। पीड़ित मुसीबत अली (66 वर्ष) पुत्र भगन ने गांव के ही एक व्यक्ति पर धनबल और बाहुबल के दम पर उनकी जमीन हड़पने की गंभीर कोशिश का आरोप लगाया है। पीड़ित मुसीबत अली के अनुसार, उनकी पैतृक सहन भूमि पर वर्षों से नांद और बैठका स्थित है, जिसका उपयोग उनका परिवार लगातार करता आ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि गांव निवासी मजीद पुत्र फरजन अपने सहयोगियों और परिवार के कई सदस्यों के साथ मिलकर इस भूमि पर लगातार कब्जा करने का प्रयास कर रहा है। बताया गया है कि 01 जून 2026 को विपक्षी पक्ष कथित रूप से अपने समर्थकों के साथ विवादित भूमि पर पहुंचा और जबरन कब्जा करने की कोशिश करने लगा। स्थिति बिगड़ती देख मुसीबत अली ने तुरंत स्थानीय पुलिस चौकी कंदई कला पहुंचकर घटना की जानकारी चौकी प्रभारी को दी। शिकायत मिलते ही चौकी इंचार्ज मौके पर पहुंचे और कथित कब्जे की कार्रवाई को तत्काल रुकवा दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए किसी भी पक्ष द्वारा यथास्थिति में बदलाव या भूमि पर हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पुलिस समय रहते हस्तक्षेप न करती तो यह मामला एक गंभीर संघर्ष का रूप ले सकता था। क्षेत्र में यह भी चर्चा है कि न्यायालय में विचाराधीन भूमि पर दबंगई के बल पर कब्जा करने की कोशिश कानून व्यवस्था के लिए एक चुनौती है। अब पीड़ित पक्ष प्रशासन से मांग कर रहा है कि विवादित भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और भविष्य में किसी भी अवैध कब्जे के प्रयास पर कठोर कार्रवाई की जाए, ताकि न्यायिक प्रक्रिया प्रभावित न हो और पीड़ित परिवार को सुरक्षा मिल सके।1
- अयोध्या के विकासखंड हैरिंग्टनगंज क्षेत्र के मोतीगंज स्थित मनोकामना सिद्ध आश्रम में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत महापुराण कथा का पंचम दिवस श्रद्धा, भक्ति और उल्लासपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर कथा स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे, जिससे पूरा परिसर भक्तिरस में सराबोर हो गया और वातावरण भगवान श्रीकृष्ण के जयघोष से गूंज उठा। कथा व्यास आचार्य अच्युतानंद त्रिपाठी महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न बाल लीलाओं का अत्यंत मार्मिक एवं भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने गोवर्धन पूजा, छप्पन भोग, माखन चोरी, ग्वालबालों के साथ बाल-क्रीड़ाएं, गो-प्रेम, कालिया नाग मर्दन तथा कंस के आमंत्रण पर श्रीकृष्ण और बलराम के मथुरा प्रस्थान जैसे प्रसंगों को विस्तार से समझाया। इस दौरान उन्होंने श्रद्धालुओं को भक्ति और धर्म का संदेश दिया, जिससे वे भाव-विभोर होकर श्रीकृष्ण की लीलाओं में डूबे दिखाई दिए। आचार्य अच्युतानंद त्रिपाठी महाराज ने अपने प्रवचन में कलियुग की महिमा का वर्णन करते हुए बताया कि वर्तमान युग में भगवान के नाम का स्मरण ही मानव जीवन के कल्याण का सबसे सरल और प्रभावी साधन है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि श्रीमद्भागवत कथा मनुष्य को ज्ञान, वैराग्य और भक्ति का मार्ग प्रदान करती है, और सच्चे मन से प्रभु का स्मरण करने वाला व्यक्ति जीवन में आध्यात्मिक शांति तथा मोक्ष प्राप्त कर सकता है। कार्यक्रम के मुख्य यजमान पंडित भागीरथी पांडे और उनकी धर्मपत्नी थीं। इस अवसर पर कृष्ण कुमार तिवारी, महंत हरिदास, पुजारी सतीश चंद्र तिवारी, रामनरेश मिश्रा, डॉ अनूप चंद्र पांडे, राजबहादुर पांडे, जय राम यादव, मास्टर रामप्रता दुबे सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। कथा के समापन पर आरती की गई और प्रसाद वितरण किया गया।1
- जनपद के अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र के अमरोला गांव में जमीन के विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच हिंसक संघर्ष हो गया, जिसमें कई लोग घायल हो गए। घायल पक्ष ने इस मामले में पुलिस पर लीपापोती करने और आरोपियों को संरक्षण देने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित रणधीर पुत्र रामनयन, जो अमरोला गांव के ही निवासी हैं, के अनुसार उनकी माता के नाम दर्ज भूमि पर गांव के कुछ लोग जबरन कब्जा करने का प्रयास कर रहे थे। रविवार सुबह करीब 5:30 से 6:00 बजे के बीच जब रणधीर ने इसका विरोध किया, तो विपक्षी पक्ष के लोगों ने एकजुट होकर उन पर हमला कर दिया। लाठी-डंडों से हुई मारपीट में रणधीर गंभीर रूप से घायल होकर मौके पर ही गिर पड़े। शोर सुनकर परिवार के अन्य सदस्य बचाव के लिए पहुंचे तो हमलावर घर में घुस आए और महिलाओं सहित परिवार के अन्य लोगों के साथ भी मारपीट की। आरोप है कि इस दौरान घर में तोड़फोड़ की गई और पानी का नल भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया। घटना की सूचना डायल-112 पुलिस को दी गई, जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अकबरपुर भेजा। हालांकि, घायल पक्ष का आरोप है कि गंभीर मारपीट और कथित जानलेवा हमले के बावजूद पुलिस निष्पक्ष कार्रवाई करने के बजाय मामले को दबाने का प्रयास कर रही है। पीड़ित परिवार का कहना है कि आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं और उन पर लगातार समझौते का दबाव बनाया जा रहा है। स्थानीय लोगों ने भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि क्षेत्र में कुछ पुलिसकर्मियों के लंबे समय तक एक ही स्थान पर तैनात रहने के कारण निष्पक्ष कार्रवाई पर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर बढ़ी नजदीकियां निष्पक्षता की धारणा को प्रभावित करती हैं। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। पीड़ित पक्ष ने जिला प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। समाचार लिखे जाने तक पुलिस की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान प्राप्त नहीं हो सका था।4