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सरदारशहर। लोक सुरों से सजी शाम, पूजा डोटासरा ने दी मनमोहक लोक व होली गीतों की प्रस्तुति, दर्शक झूम उठे, होली मायड़ भूमि री कार्यक्रम सरदारशहर. सेठ मूलचंद विकास कुमार विनीत कुमार मालू परिवार के सौजन्य प्रेस रिर्पोटर हनुमान प्रसाद सोनी सरदारशहर। लोक सुरों से सजी शाम, पूजा डोटासरा ने दी मनमोहक लोक व होली गीतों की प्रस्तुति, दर्शक झूम उठे, होली मायड़ भूमि री कार्यक्रम सरदारशहर. सेठ मूलचंद विकास कुमार विनीत कुमार मालू परिवार के सौजन्य से स्थानीय ताल मैदान में चल रहे चार दिवसीय होली मायड़ भूमि री कार्यक्रम में कलाकार पूजा डोटासरा, बलि मोहन बाड़ी व सांवरमल सैनी ने होली व लोक गीतों पर शानदार प्रस्तुति दी। कार्यक्रम के दूसरे दिन जन सैलाब उमड़ पड़ा और पूरा मैदान रंगों, रोशनी और लोक संस्कृति की सुरमयी छटा में डूब गया। दर्शकों की भारी भीड़ के बीच पारंपरिक गिधड़ नृत्य ने राजस्थान की लोक विरासत की झलक पेश की। कलाकारों ने पारंपरिक वेशभूषा में जोश और उमंग के साथ प्रस्तुति देकर माहौल को जीवंत बना दिया। ढोल-नगाड़ों की थाप पर झूमते दर्शकों ने तालियों की गडग़ड़ाहट से कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। लोक कलाकार पूजा डोटासरा, बलि मोहन बाड़ी और सांवरमल सैनी ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियाँ देकर देर रात तक समां बांधे रखा। मधुर लोकगीतों और पारंपरिक धुनों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम स्थल पर युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों की भारी उपस्थिति ने आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया। उद्योगपति विकास मालू ने बताया कि यह चार दिवसीय सांस्कृतिक श्रृंखला होली के पावन अवसर पर राजस्थान की समृद्ध लोक परंपराओं को सहेजने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास है। विधायक अनिल शर्मा ने कहा कि ताल मैदान में रोशनी की जगमगाहट, रंग-बिरंगे परिधान और लोक संस्कृति की छटा ने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया। उन्होंने कहा कि होली मायड़ भूमि री महोत्सव ने यह साबित कर दिया कि जब संस्कृति और समाज एक साथ कदम बढ़ाते हैं, तो उत्सव केवल कार्यक्रम नहीं, बल्कि यादगार इतिहास बन जाता है। इस अवसर पर विजयादेवी मालू, उद्योगपति विकास मालू, विनित मालू, हर्षिता मालू, शुभांकर, साक्षी, निलम धाडेवा, मधु चौरडिय़ा, प्रतिक चौरडिय़ा, छत्तरसिंह बैद, अशोक बैद, विनय मालू, गौरव राणा, आयोजन समिति के अध्यक्ष शोभाकान्त स्वामी, प्रभारी जितेन्द्रसिंह राजवी, उपाध्यक्ष रामप्रसाद सुथार, मंत्री शंकरलाल प्रेमानी, कार्यक्रम संयोजक संपतराम जांगिड़, शंभुदयाल पारीक, दिलीप सिसोदिया, श्रीकान्त पारीक, अमित पारीक, योगेंद्र राजवी, हंसराज पुजारी, भंवरलाल पुजारी आदि ने कलाकारों का माल्यार्पण कर स्वागत किया और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर व्यापार संघ के अध्यक्ष शिवरतन सर्राफ, व्यापार मण्डल के अध्यक्ष शिवभगवान सैनी, डा.बालकृष्ण कौशिक, उमरदीन सैयद, फारूक ज्यान मोहम्मद, अब्दुल रसीद चायल, जयचन्द शर्मा, किशोर भारद्वाज, रामलाल मिश्र, राजीव व्यास सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।

23 hrs ago
user_Hanuman mediya
Hanuman mediya
सरदारशहर, चूरू, राजस्थान•
23 hrs ago

सरदारशहर। लोक सुरों से सजी शाम, पूजा डोटासरा ने दी मनमोहक लोक व होली गीतों की प्रस्तुति, दर्शक झूम उठे, होली मायड़ भूमि री कार्यक्रम सरदारशहर. सेठ मूलचंद विकास कुमार विनीत कुमार मालू परिवार के सौजन्य प्रेस रिर्पोटर हनुमान प्रसाद सोनी सरदारशहर। लोक सुरों से सजी शाम, पूजा डोटासरा ने दी मनमोहक लोक व होली गीतों की प्रस्तुति, दर्शक झूम उठे, होली मायड़ भूमि री कार्यक्रम सरदारशहर. सेठ मूलचंद विकास कुमार विनीत कुमार मालू परिवार के सौजन्य से स्थानीय ताल मैदान में चल रहे चार दिवसीय होली मायड़ भूमि री कार्यक्रम में कलाकार पूजा डोटासरा, बलि मोहन

बाड़ी व सांवरमल सैनी ने होली व लोक गीतों पर शानदार प्रस्तुति दी। कार्यक्रम के दूसरे दिन जन सैलाब उमड़ पड़ा और पूरा मैदान रंगों, रोशनी और लोक संस्कृति की सुरमयी छटा में डूब गया। दर्शकों की भारी भीड़ के बीच पारंपरिक गिधड़ नृत्य ने राजस्थान की लोक विरासत की झलक पेश की। कलाकारों ने पारंपरिक वेशभूषा में जोश और उमंग के साथ प्रस्तुति देकर माहौल को जीवंत बना दिया। ढोल-नगाड़ों की थाप पर झूमते दर्शकों ने तालियों की गडग़ड़ाहट से कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। लोक कलाकार पूजा डोटासरा, बलि मोहन बाड़ी और सांवरमल सैनी ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियाँ देकर देर रात तक समां बांधे रखा। मधुर लोकगीतों और पारंपरिक धुनों ने दर्शकों

को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम स्थल पर युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों की भारी उपस्थिति ने आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया। उद्योगपति विकास मालू ने बताया कि यह चार दिवसीय सांस्कृतिक श्रृंखला होली के पावन अवसर पर राजस्थान की समृद्ध लोक परंपराओं को सहेजने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास है। विधायक अनिल शर्मा ने कहा कि ताल मैदान में रोशनी की जगमगाहट, रंग-बिरंगे परिधान और लोक संस्कृति की छटा ने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया। उन्होंने कहा कि होली मायड़ भूमि री महोत्सव ने यह साबित कर दिया कि जब संस्कृति और समाज एक साथ कदम बढ़ाते हैं, तो उत्सव केवल कार्यक्रम नहीं, बल्कि यादगार इतिहास बन जाता है। इस अवसर पर विजयादेवी

मालू, उद्योगपति विकास मालू, विनित मालू, हर्षिता मालू, शुभांकर, साक्षी, निलम धाडेवा, मधु चौरडिय़ा, प्रतिक चौरडिय़ा, छत्तरसिंह बैद, अशोक बैद, विनय मालू, गौरव राणा, आयोजन समिति के अध्यक्ष शोभाकान्त स्वामी, प्रभारी जितेन्द्रसिंह राजवी, उपाध्यक्ष रामप्रसाद सुथार, मंत्री शंकरलाल प्रेमानी, कार्यक्रम संयोजक संपतराम जांगिड़, शंभुदयाल पारीक, दिलीप सिसोदिया, श्रीकान्त पारीक, अमित पारीक, योगेंद्र राजवी, हंसराज पुजारी, भंवरलाल पुजारी आदि ने कलाकारों का माल्यार्पण कर स्वागत किया और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर व्यापार संघ के अध्यक्ष शिवरतन सर्राफ, व्यापार मण्डल के अध्यक्ष शिवभगवान सैनी, डा.बालकृष्ण कौशिक, उमरदीन सैयद, फारूक ज्यान मोहम्मद, अब्दुल रसीद चायल, जयचन्द शर्मा, किशोर भारद्वाज, रामलाल मिश्र, राजीव व्यास सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।

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  • प्रेस रिर्पोटर हनुमान प्रसाद सोनी सरदारशहर अमर चौक होली महोत्सव चंग पर एक से बढ़कर धमाल की प्रस्तुति दी रसिया नाच नाच कर होली के मस्ती में आनंद लिया इस अवसर पर नेमचंद चांडक परमेश्वर माली जितेंद्र टाक पार्षद अमर चंद मीण श्री पालचारण मनोहर शर्मा विष्णु गौड ओम प्रकाश स्वामी श्याम स्वामी श्याम सुंदर सांवरमल गडवाल अरविन्द शर्मा उमेश तिवाड़ी बाबुराम
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    प्रेस रिर्पोटर हनुमान प्रसाद सोनी सरदारशहर अमर चौक होली महोत्सव चंग पर एक से बढ़कर धमाल की प्रस्तुति दी रसिया नाच नाच कर होली के मस्ती में आनंद लिया इस अवसर पर नेमचंद चांडक परमेश्वर माली जितेंद्र टाक पार्षद अमर चंद मीण श्री पालचारण मनोहर शर्मा विष्णु गौड ओम प्रकाश स्वामी श्याम स्वामी श्याम सुंदर सांवरमल गडवाल अरविन्द शर्मा उमेश तिवाड़ी बाबुराम
    user_Hanuman mediya
    Hanuman mediya
    सरदारशहर, चूरू, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • Post by Kishore Singh
    1
    Post by Kishore Singh
    user_Kishore Singh
    Kishore Singh
    Bhanipura, Churu•
    2 hrs ago
  • Post by Balogar Malaksar
    1
    Post by Balogar Malaksar
    user_Balogar Malaksar
    Balogar Malaksar
    Farmer भानीपुरा, चूरू, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • एक आरटीओ सब इंस्पेक्टर का ट्रक ड्राइवर के साथ हुआ विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है यह वीडियो चुरू जिले के रतनगढ़ क्षेत्र का बताया जा रहा है।
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    एक आरटीओ सब इंस्पेक्टर का ट्रक ड्राइवर के साथ हुआ विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है यह वीडियो चुरू जिले के रतनगढ़ क्षेत्र का बताया जा रहा है।
    user_Interviewer India
    Interviewer India
    पत्रकार चूरू, चूरू, राजस्थान•
    7 hrs ago
  • Post by Amit Sharma
    1
    Post by Amit Sharma
    user_Amit Sharma
    Amit Sharma
    पत्रकार Jhunjhunun, Rajasthan•
    5 hrs ago
  • झुंझुनू में खंडेलिया परिवार द्वारा सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का भव्य शुभारंभ, कलश यात्रा से गूंजा शहर झुंझुनू, 1 मार्च।स्थानीय मुकुंद सेवा सदन में खंडेलिया परिवार की ओर से आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का रविवार को भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का आरंभ पारंपरिक कलश यात्रा के साथ किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। धार्मिक उल्लास, भजन-कीर्तन और जयघोष के बीच निकली कलश यात्रा ने शहरवासियों का ध्यान आकर्षित किया। कथा संयोजक श्रीमती रिंकी पंसारी ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रमोद कुमार खंडेलिया परिवार द्वारा आयोजित इस आध्यात्मिक आयोजन की शुरुआत रविवार प्रातः 9:00 बजे विशाल कलश यात्रा से हुई। कलश यात्रा मुकुंद सेवा सदन से प्रारंभ होकर कमल हाइट्स के सामने से होते हुए करुंडिया रोड मार्ग से पुनः कथा स्थल पर पहुंचकर संपन्न हुई। यात्रा के दौरान श्रद्धालु महिलाएं सिर पर कलश धारण किए हुए भक्ति गीत गाती चल रही थीं, वहीं पुरुष श्रद्धालु जयकारों के साथ वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर कर रहे थे। कलश यात्रा के समापन के पश्चात विधिवत पूजा-अर्चना एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कथा का शुभारंभ किया गया। दोपहर 12:15 बजे से ख्यातिप्राप्त कथा वाचक श्री हरि शरण जी महाराज ने अपने श्रीमुख से श्रीमद्भागवत कथा का वाचन आरंभ किया। कथा के प्रथम दिवस पर उन्होंने भागवत महात्म्य का विस्तारपूर्वक वर्णन करते हुए इसके आध्यात्मिक, नैतिक और सामाजिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला सिखाने वाला दिव्य मार्गदर्शक है। कथा वाचन के दौरान महाराज ने भक्ति, ज्ञान और वैराग्य के महत्व को सरल उदाहरणों के माध्यम से समझाया। उन्होंने बताया कि वर्तमान युग में जब मनुष्य भौतिक सुख-सुविधाओं की दौड़ में व्यस्त है, तब श्रीमद्भागवत कथा मन और आत्मा को शांति प्रदान करने का सशक्त माध्यम बनती है। कथा स्थल पर उपस्थित श्रद्धालु मंत्रमुग्ध होकर कथा श्रवण करते रहे। समय-समय पर भजनों और संकीर्तन से वातावरण और भी भक्तिमय हो उठा। आयोजक प्रमोद खंडेलिया ने बताया कि कथा स्थल पर प्रतिदिन प्रातः 5:00 बजे संकीर्तन एवं प्रार्थना सभा आयोजित की जाएगी। इसके पश्चात प्रभात फेरी निकाली जाएगी, जो शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए पुनः कथा स्थल पर पहुंचेगी। दोपहर 12:15 बजे से नियमित रूप से कथा वाचन होगा। उन्होंने कहा कि सात दिनों तक चलने वाले इस ज्ञान यज्ञ में विभिन्न धार्मिक प्रसंगों का वर्णन किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं को धर्म, संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों की गहन जानकारी प्राप्त होगी। कार्यक्रम के दौरान कथा पंडाल को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। फूलों की साज-सज्जा, रंग-बिरंगी रोशनी और धार्मिक प्रतीकों से सुसज्जित मंच श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। आयोजन समिति द्वारा श्रद्धालुओं के बैठने, पेयजल एवं प्रसाद वितरण की समुचित व्यवस्था की गई है। सुरक्षा और व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए स्वयंसेवकों की टीम भी सक्रिय रूप से कार्य कर रही है। प्रथम दिवस की कथा में बड़ी संख्या में शहर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। इनमें आयोजक प्रमोद खंडेलिया, तरुण खंडेलिया, अनिल खंडेलिया, परमेश्वर हलवाई, कुंदन सिंगडोदिया, सुभाष जालान, रूपेश तुलस्यान, डॉ. डीएन तुलस्यान, दिनेश ढंढारिया, पुष्कर खेतान, ढेवकीनंदन लुहारुका, शशिकांत मंहमिया सहित अनेक श्रद्धालु शामिल थे। सभी ने कथा श्रवण कर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया। कथा संयोजक मंडल ने बताया कि सात दिवसीय इस आयोजन के अंतर्गत विभिन्न प्रसंगों—जैसे सृष्टि वर्णन, भक्त प्रह्लाद चरित्र, ध्रुव कथा, श्रीकृष्ण जन्म और गोवर्धन लीला—का विस्तार से वर्णन किया जाएगा। कथा के समापन पर भव्य पूर्णाहुति एवं प्रसाद वितरण का आयोजन किया जाएगा। आयोजकों ने अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से कथा में पहुंचकर धर्मलाभ लेने की अपील की है। शहर में इस धार्मिक आयोजन को लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है। कलश यात्रा के दौरान मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। महिलाओं और युवतियों ने पारंपरिक वेशभूषा में भाग लेकर आयोजन की शोभा बढ़ाई। बच्चों और युवाओं की सक्रिय भागीदारी से आयोजन में नई ऊर्जा का संचार हुआ। कथा वाचक श्री हरि शरण जी महाराज ने अपने उद्बोधन में कहा कि श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण मात्र से मनुष्य के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है। उन्होंने कहा कि जब तक मनुष्य अपने भीतर की दिव्यता को पहचान नहीं लेता, तब तक उसे वास्तविक सुख की अनुभूति नहीं होती। कथा के माध्यम से व्यक्ति अपने जीवन के उद्देश्य को समझ सकता है और ईश्वर से जुड़कर आत्मिक शांति प्राप्त कर सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि परिवार और समाज में संस्कारों का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। ऐसे धार्मिक आयोजन समाज को एकजुट करते हैं और नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ते हैं। कथा के दौरान उन्होंने श्रोताओं से नियमित रूप से धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन करने और जीवन में सदाचार अपनाने का आह्वान किया। समापन अवसर पर आयोजकों ने सभी सहयोगियों, श्रद्धालुओं और समाजबंधुओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि कथा के सातों दिन विशेष भजन संध्या और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाएगा, जिससे श्रद्धालु अधिक से अधिक संख्या में जुड़ सकें। इस प्रकार झुंझुनू में खंडेलिया परिवार द्वारा आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ भक्ति, उत्साह और आध्यात्मिक ऊर्जा के साथ हुआ। आने वाले दिनों में यह आयोजन शहर के धार्मिक वातावरण को और अधिक प्रगाढ़ बनाएगा तथा श्रद्धालुओं को धर्म, भक्ति और ज्ञान की अमृत वर्षा से लाभान्वित करेगा।
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    झुंझुनू में खंडेलिया परिवार द्वारा सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का भव्य शुभारंभ, कलश यात्रा से गूंजा शहर
झुंझुनू, 1 मार्च।स्थानीय मुकुंद सेवा सदन में खंडेलिया परिवार की ओर से आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का रविवार को भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का आरंभ पारंपरिक कलश यात्रा के साथ किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। धार्मिक उल्लास, भजन-कीर्तन और जयघोष के बीच निकली कलश यात्रा ने शहरवासियों का ध्यान आकर्षित किया।
कथा संयोजक श्रीमती रिंकी पंसारी ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रमोद कुमार खंडेलिया परिवार द्वारा आयोजित इस आध्यात्मिक आयोजन की शुरुआत रविवार प्रातः 9:00 बजे विशाल कलश यात्रा से हुई। कलश यात्रा मुकुंद सेवा सदन से प्रारंभ होकर कमल हाइट्स के सामने से होते हुए करुंडिया रोड मार्ग से पुनः कथा स्थल पर पहुंचकर संपन्न हुई। यात्रा के दौरान श्रद्धालु महिलाएं सिर पर कलश धारण किए हुए भक्ति गीत गाती चल रही थीं, वहीं पुरुष श्रद्धालु जयकारों के साथ वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर कर रहे थे।
कलश यात्रा के समापन के पश्चात विधिवत पूजा-अर्चना एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कथा का शुभारंभ किया गया। दोपहर 12:15 बजे से ख्यातिप्राप्त कथा वाचक श्री हरि शरण जी महाराज ने अपने श्रीमुख से श्रीमद्भागवत कथा का वाचन आरंभ किया। कथा के प्रथम दिवस पर उन्होंने भागवत महात्म्य का विस्तारपूर्वक वर्णन करते हुए इसके आध्यात्मिक, नैतिक और सामाजिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला सिखाने वाला दिव्य मार्गदर्शक है।
कथा वाचन के दौरान महाराज ने भक्ति, ज्ञान और वैराग्य के महत्व को सरल उदाहरणों के माध्यम से समझाया। उन्होंने बताया कि वर्तमान युग में जब मनुष्य भौतिक सुख-सुविधाओं की दौड़ में व्यस्त है, तब श्रीमद्भागवत कथा मन और आत्मा को शांति प्रदान करने का सशक्त माध्यम बनती है। कथा स्थल पर उपस्थित श्रद्धालु मंत्रमुग्ध होकर कथा श्रवण करते रहे। समय-समय पर भजनों और संकीर्तन से वातावरण और भी भक्तिमय हो उठा।
आयोजक प्रमोद खंडेलिया ने बताया कि कथा स्थल पर प्रतिदिन प्रातः 5:00 बजे संकीर्तन एवं प्रार्थना सभा आयोजित की जाएगी। इसके पश्चात प्रभात फेरी निकाली जाएगी, जो शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए पुनः कथा स्थल पर पहुंचेगी। दोपहर 12:15 बजे से नियमित रूप से कथा वाचन होगा। उन्होंने कहा कि सात दिनों तक चलने वाले इस ज्ञान यज्ञ में विभिन्न धार्मिक प्रसंगों का वर्णन किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं को धर्म, संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों की गहन जानकारी प्राप्त होगी।
कार्यक्रम के दौरान कथा पंडाल को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। फूलों की साज-सज्जा, रंग-बिरंगी रोशनी और धार्मिक प्रतीकों से सुसज्जित मंच श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। आयोजन समिति द्वारा श्रद्धालुओं के बैठने, पेयजल एवं प्रसाद वितरण की समुचित व्यवस्था की गई है। सुरक्षा और व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए स्वयंसेवकों की टीम भी सक्रिय रूप से कार्य कर रही है।
प्रथम दिवस की कथा में बड़ी संख्या में शहर के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। इनमें आयोजक प्रमोद खंडेलिया, तरुण खंडेलिया, अनिल खंडेलिया, परमेश्वर हलवाई, कुंदन सिंगडोदिया, सुभाष जालान, रूपेश तुलस्यान, डॉ. डीएन तुलस्यान, दिनेश ढंढारिया, पुष्कर खेतान, ढेवकीनंदन लुहारुका, शशिकांत मंहमिया सहित अनेक श्रद्धालु शामिल थे। सभी ने कथा श्रवण कर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त किया।
कथा संयोजक मंडल ने बताया कि सात दिवसीय इस आयोजन के अंतर्गत विभिन्न प्रसंगों—जैसे सृष्टि वर्णन, भक्त प्रह्लाद चरित्र, ध्रुव कथा, श्रीकृष्ण जन्म और गोवर्धन लीला—का विस्तार से वर्णन किया जाएगा। कथा के समापन पर भव्य पूर्णाहुति एवं प्रसाद वितरण का आयोजन किया जाएगा। आयोजकों ने अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से कथा में पहुंचकर धर्मलाभ लेने की अपील की है।
शहर में इस धार्मिक आयोजन को लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है। कलश यात्रा के दौरान मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। महिलाओं और युवतियों ने पारंपरिक वेशभूषा में भाग लेकर आयोजन की शोभा बढ़ाई। बच्चों और युवाओं की सक्रिय भागीदारी से आयोजन में नई ऊर्जा का संचार हुआ।
कथा वाचक श्री हरि शरण जी महाराज ने अपने उद्बोधन में कहा कि श्रीमद्भागवत कथा के श्रवण मात्र से मनुष्य के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आता है। उन्होंने कहा कि जब तक मनुष्य अपने भीतर की दिव्यता को पहचान नहीं लेता, तब तक उसे वास्तविक सुख की अनुभूति नहीं होती। कथा के माध्यम से व्यक्ति अपने जीवन के उद्देश्य को समझ सकता है और ईश्वर से जुड़कर आत्मिक शांति प्राप्त कर सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि परिवार और समाज में संस्कारों का संरक्षण अत्यंत आवश्यक है। ऐसे धार्मिक आयोजन समाज को एकजुट करते हैं और नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ते हैं। कथा के दौरान उन्होंने श्रोताओं से नियमित रूप से धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन करने और जीवन में सदाचार अपनाने का आह्वान किया।
समापन अवसर पर आयोजकों ने सभी सहयोगियों, श्रद्धालुओं और समाजबंधुओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि कथा के सातों दिन विशेष भजन संध्या और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाएगा, जिससे श्रद्धालु अधिक से अधिक संख्या में जुड़ सकें।
इस प्रकार झुंझुनू में खंडेलिया परिवार द्वारा आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ भक्ति, उत्साह और आध्यात्मिक ऊर्जा के साथ हुआ। आने वाले दिनों में यह आयोजन शहर के धार्मिक वातावरण को और अधिक प्रगाढ़ बनाएगा तथा श्रद्धालुओं को धर्म, भक्ति और ज्ञान की अमृत वर्षा से लाभान्वित करेगा।
    user_Jjn good news ( Rakesh Agrawal )
    Jjn good news ( Rakesh Agrawal )
    Newsagent झुंझुनू, झुंझुनू, राजस्थान•
    10 hrs ago
  • Post by Pandit Munna Lal Bhargav
    1
    Post by Pandit Munna Lal Bhargav
    user_Pandit Munna Lal Bhargav
    Pandit Munna Lal Bhargav
    Astrologer धोद, सीकर, राजस्थान•
    40 min ago
  • प्रेस रिर्पोटर हनुमान प्रसाद सोनी सरदारशहर। लोक सुरों से सजी शाम, पूजा डोटासरा ने दी मनमोहक लोक व होली गीतों की प्रस्तुति, दर्शक झूम उठे, होली मायड़ भूमि री कार्यक्रम सरदारशहर. सेठ मूलचंद विकास कुमार विनीत कुमार मालू परिवार के सौजन्य से स्थानीय ताल मैदान में चल रहे चार दिवसीय होली मायड़ भूमि री कार्यक्रम में कलाकार पूजा डोटासरा, बलि मोहन बाड़ी व सांवरमल सैनी ने होली व लोक गीतों पर शानदार प्रस्तुति दी। कार्यक्रम के दूसरे दिन जन सैलाब उमड़ पड़ा और पूरा मैदान रंगों, रोशनी और लोक संस्कृति की सुरमयी छटा में डूब गया। दर्शकों की भारी भीड़ के बीच पारंपरिक गिधड़ नृत्य ने राजस्थान की लोक विरासत की झलक पेश की। कलाकारों ने पारंपरिक वेशभूषा में जोश और उमंग के साथ प्रस्तुति देकर माहौल को जीवंत बना दिया। ढोल-नगाड़ों की थाप पर झूमते दर्शकों ने तालियों की गडग़ड़ाहट से कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। लोक कलाकार पूजा डोटासरा, बलि मोहन बाड़ी और सांवरमल सैनी ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियाँ देकर देर रात तक समां बांधे रखा। मधुर लोकगीतों और पारंपरिक धुनों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम स्थल पर युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों की भारी उपस्थिति ने आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया। उद्योगपति विकास मालू ने बताया कि यह चार दिवसीय सांस्कृतिक श्रृंखला होली के पावन अवसर पर राजस्थान की समृद्ध लोक परंपराओं को सहेजने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास है। विधायक अनिल शर्मा ने कहा कि ताल मैदान में रोशनी की जगमगाहट, रंग-बिरंगे परिधान और लोक संस्कृति की छटा ने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया। उन्होंने कहा कि होली मायड़ भूमि री महोत्सव ने यह साबित कर दिया कि जब संस्कृति और समाज एक साथ कदम बढ़ाते हैं, तो उत्सव केवल कार्यक्रम नहीं, बल्कि यादगार इतिहास बन जाता है। इस अवसर पर विजयादेवी मालू, उद्योगपति विकास मालू, विनित मालू, हर्षिता मालू, शुभांकर, साक्षी, निलम धाडेवा, मधु चौरडिय़ा, प्रतिक चौरडिय़ा, छत्तरसिंह बैद, अशोक बैद, विनय मालू, गौरव राणा, आयोजन समिति के अध्यक्ष शोभाकान्त स्वामी, प्रभारी जितेन्द्रसिंह राजवी, उपाध्यक्ष रामप्रसाद सुथार, मंत्री शंकरलाल प्रेमानी, कार्यक्रम संयोजक संपतराम जांगिड़, शंभुदयाल पारीक, दिलीप सिसोदिया, श्रीकान्त पारीक, अमित पारीक, योगेंद्र राजवी, हंसराज पुजारी, भंवरलाल पुजारी आदि ने कलाकारों का माल्यार्पण कर स्वागत किया और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर व्यापार संघ के अध्यक्ष शिवरतन सर्राफ, व्यापार मण्डल के अध्यक्ष शिवभगवान सैनी, डा.बालकृष्ण कौशिक, उमरदीन सैयद, फारूक ज्यान मोहम्मद, अब्दुल रसीद चायल, जयचन्द शर्मा, किशोर भारद्वाज, रामलाल मिश्र, राजीव व्यास सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।
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    प्रेस रिर्पोटर हनुमान प्रसाद सोनी सरदारशहर।          लोक सुरों से सजी शाम, पूजा डोटासरा ने दी मनमोहक लोक व होली गीतों की प्रस्तुति, दर्शक झूम उठे, होली मायड़ भूमि री कार्यक्रम सरदारशहर. सेठ मूलचंद विकास कुमार विनीत कुमार मालू परिवार के सौजन्य से स्थानीय ताल मैदान में चल रहे चार दिवसीय होली मायड़ भूमि री कार्यक्रम में कलाकार पूजा डोटासरा, बलि मोहन बाड़ी व सांवरमल सैनी ने होली व लोक गीतों पर शानदार प्रस्तुति दी। कार्यक्रम के दूसरे दिन जन सैलाब उमड़ पड़ा और पूरा मैदान रंगों, रोशनी और लोक संस्कृति की सुरमयी छटा में डूब गया। दर्शकों की भारी भीड़ के बीच पारंपरिक गिधड़ नृत्य ने राजस्थान की लोक विरासत की झलक पेश की। कलाकारों ने पारंपरिक वेशभूषा में जोश और उमंग के साथ प्रस्तुति देकर माहौल को जीवंत बना दिया। ढोल-नगाड़ों की थाप पर झूमते दर्शकों ने तालियों की गडग़ड़ाहट से कलाकारों का उत्साह बढ़ाया। लोक कलाकार पूजा डोटासरा, बलि मोहन बाड़ी और सांवरमल सैनी ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियाँ देकर देर रात तक समां बांधे रखा। मधुर लोकगीतों और पारंपरिक धुनों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम स्थल पर युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों की भारी उपस्थिति ने आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया। उद्योगपति विकास मालू ने बताया कि यह चार दिवसीय सांस्कृतिक श्रृंखला होली के पावन अवसर पर राजस्थान की समृद्ध लोक परंपराओं को सहेजने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास है। विधायक अनिल शर्मा ने कहा कि ताल मैदान में रोशनी की जगमगाहट, रंग-बिरंगे परिधान और लोक संस्कृति की छटा ने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया। उन्होंने कहा कि होली मायड़ भूमि री महोत्सव ने यह साबित कर दिया कि जब संस्कृति और समाज एक साथ कदम बढ़ाते हैं, तो उत्सव केवल कार्यक्रम नहीं, बल्कि यादगार इतिहास बन जाता है। इस अवसर पर विजयादेवी मालू, उद्योगपति विकास मालू, विनित मालू, हर्षिता मालू, शुभांकर, साक्षी, निलम धाडेवा, मधु चौरडिय़ा, प्रतिक चौरडिय़ा, छत्तरसिंह बैद, अशोक बैद, विनय मालू, गौरव राणा, आयोजन समिति के अध्यक्ष शोभाकान्त स्वामी, प्रभारी जितेन्द्रसिंह राजवी, उपाध्यक्ष रामप्रसाद सुथार, मंत्री शंकरलाल प्रेमानी, कार्यक्रम संयोजक संपतराम जांगिड़, शंभुदयाल पारीक, दिलीप सिसोदिया, श्रीकान्त पारीक, अमित पारीक, योगेंद्र राजवी, हंसराज पुजारी, भंवरलाल पुजारी आदि ने कलाकारों का माल्यार्पण कर स्वागत किया और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर व्यापार संघ के अध्यक्ष शिवरतन सर्राफ, व्यापार मण्डल के अध्यक्ष शिवभगवान सैनी, डा.बालकृष्ण कौशिक, उमरदीन सैयद, फारूक ज्यान मोहम्मद, अब्दुल रसीद चायल, जयचन्द शर्मा, किशोर भारद्वाज, रामलाल मिश्र, राजीव व्यास सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।
    user_Hanuman mediya
    Hanuman mediya
    सरदारशहर, चूरू, राजस्थान•
    23 hrs ago
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