जमीन प्रमाणीकरण के नाम पर रिश्वत का आरोप, वायरल वीडियो ने खड़े किए कई सवाल डिंडौरी - मेहंदवानी तहसील क्षेत्र के पायली गांव से प्रशासनिक व्यवस्था और कथित भ्रष्टाचार से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। आदिवासी समाज की गरीब महिला फुंदिया बाई पति गुलाब सिंह ने जमीन के प्रमाणीकरण एवं पट्टा प्राप्त करने के लिए रिश्वत मांगे जाने का आरोप लगाते हुए कलेक्टर को आवेदन दिया है। महिला के आरोपों के अनुसार, तहसील कार्यालय में पदस्थ नायब तहसीलदार के ड्राइवर शब्बीर खान ने जमीन प्रमाणीकरण के नाम पर उनसे 20 हजार रुपये की मांग की थी। महिला का कहना है कि आर्थिक स्थिति खराब होने के बावजूद उसने अपने जेवर और चांदी गिरवी रखकर किसी तरह 10 हजार रुपये की राशि दी। इसके बाद आरोप है कि ड्राइवर शब्बीर खान ने उन्हें तहसील कार्यालय के एक कमरे में बुलाकर कुल 16 हजार रुपये लिए और कथित तौर पर यह कहा कि “साहिब को भी देना पड़ता है।” महिला के अनुसार राशि देने के बाद जमीन का प्रमाणीकरण किया गया और ऑनलाइन पट्टा उपलब्ध कराया गया। न्याय की गुहार लेकर कलेक्ट्रेट पहुंची महिला मामले को लेकर पीड़ित महिला अपने बेटे अजीत सिंह के साथ डिंडौरी कलेक्ट्रेट पहुंचीं। उन्होंने अपनी शिकायत प्रशासन के समक्ष रखकर मामले की जांच और न्याय की मांग की। महिला की कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया से मुलाकात नहीं हो सकी, लेकिन उन्होंने कलेक्टर कार्यालय के आवक जावक शाखा में अपनी शिकायत प्रस्तुत की। वायरल वीडियो ने बढ़ाया मामला का रहस्य इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया। वायरल वीडियो में महेंदवानी जनपद अध्यक्ष राम प्रसाद टेकाम कथित रूप से पीड़ित महिला को 13 हजार रुपये वापस करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में उनके द्वारा अपनी गलती स्वीकार किए जाने की बात भी सामने आ रही है। वीडियो सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब महिला ने तहसील के ड्राइवर पर राशि लेने का आरोप लगाया है, तो जनपद अध्यक्ष द्वारा महिला को पैसे वापस किए जाने की वजह क्या थी? इस पूरे घटनाक्रम में किस स्तर पर और किसके माध्यम से राशि का लेन-देन हुआ, यह जांच का विषय बन गया है। हालांकि, मामले को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई जांच के बाद सामने आएगी वास्तविकता पूरे प्रकरण की जानकारी एसडीएम एवं कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया के संज्ञान में लाई गई है। बताया जा रहा है कि शाहपुरा एसडीएम द्वारा मामले की जांच की जा रही है। अब जांच में महिला द्वारा लगाए गए रिश्वत के आरोप, वायरल वीडियो में दिखाई दे रही राशि वापसी तथा कथित लेन-देन के पीछे की वास्तविकता स्पष्ट होने की उम्मीद है। फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र जांच होना बाकी है। जांच के निष्कर्ष के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि जमीन प्रमाणीकरण के नाम पर राशि किसने ली और पूरे प्रकरण में वास्तविक जिम्मेदारी किसकी है।
जमीन प्रमाणीकरण के नाम पर रिश्वत का आरोप, वायरल वीडियो ने खड़े किए कई सवाल डिंडौरी - मेहंदवानी तहसील क्षेत्र के पायली गांव से प्रशासनिक व्यवस्था और कथित भ्रष्टाचार से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। आदिवासी समाज की गरीब महिला फुंदिया बाई पति गुलाब सिंह ने जमीन के प्रमाणीकरण एवं पट्टा प्राप्त करने के लिए रिश्वत मांगे जाने का आरोप लगाते हुए कलेक्टर को आवेदन दिया है। महिला के आरोपों के अनुसार, तहसील कार्यालय में पदस्थ नायब तहसीलदार के ड्राइवर शब्बीर खान ने जमीन प्रमाणीकरण के नाम पर उनसे 20 हजार रुपये की मांग की थी। महिला का कहना है कि आर्थिक स्थिति खराब होने के बावजूद उसने अपने जेवर और चांदी गिरवी रखकर किसी तरह 10 हजार रुपये की राशि दी। इसके बाद आरोप है कि ड्राइवर शब्बीर खान ने उन्हें तहसील कार्यालय के एक कमरे में बुलाकर कुल 16 हजार रुपये लिए और कथित तौर पर यह कहा कि “साहिब को भी देना पड़ता है।” महिला के अनुसार राशि देने के बाद जमीन का प्रमाणीकरण किया गया और ऑनलाइन पट्टा उपलब्ध कराया गया। न्याय की गुहार लेकर कलेक्ट्रेट पहुंची महिला मामले को लेकर पीड़ित महिला अपने बेटे अजीत सिंह के साथ डिंडौरी कलेक्ट्रेट पहुंचीं। उन्होंने अपनी शिकायत प्रशासन के समक्ष रखकर मामले की जांच और न्याय की मांग की। महिला की कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया से मुलाकात नहीं हो सकी, लेकिन उन्होंने कलेक्टर कार्यालय के आवक जावक शाखा में अपनी शिकायत प्रस्तुत की। वायरल वीडियो ने
बढ़ाया मामला का रहस्य इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया। वायरल वीडियो में महेंदवानी जनपद अध्यक्ष राम प्रसाद टेकाम कथित रूप से पीड़ित महिला को 13 हजार रुपये वापस करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में उनके द्वारा अपनी गलती स्वीकार किए जाने की बात भी सामने आ रही है। वीडियो सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब महिला ने तहसील के ड्राइवर पर राशि लेने का आरोप लगाया है, तो जनपद अध्यक्ष द्वारा महिला को पैसे वापस किए जाने की वजह क्या थी? इस पूरे घटनाक्रम में किस स्तर पर और किसके माध्यम से राशि का लेन-देन हुआ, यह जांच का विषय बन गया है। हालांकि, मामले को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई जांच के बाद सामने आएगी वास्तविकता पूरे प्रकरण की जानकारी एसडीएम एवं कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया के संज्ञान में लाई गई है। बताया जा रहा है कि शाहपुरा एसडीएम द्वारा मामले की जांच की जा रही है। अब जांच में महिला द्वारा लगाए गए रिश्वत के आरोप, वायरल वीडियो में दिखाई दे रही राशि वापसी तथा कथित लेन-देन के पीछे की वास्तविकता स्पष्ट होने की उम्मीद है। फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र जांच होना बाकी है। जांच के निष्कर्ष के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि जमीन प्रमाणीकरण के नाम पर राशि किसने ली और पूरे प्रकरण में वास्तविक जिम्मेदारी किसकी है।
- जन विश्वास अभियान: घुनघुटी में जनसुनवाई, कमिश्नर-कलेक्टर ने सुनी शिकायतें बिरसिंहपुर -- पाली मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत जनपद पंचायत बिरसिंहपुर पाली के ग्राम घुनघुटी में शुक्रवार को भव्य जनसुनवाई शिविर का आयोजन किया गया। कंचोदर घुनघुटी में आयोजित इस शिविर में संभागीय कमिश्नर और जिला कलेक्टर सहित समस्त विभागों के वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे। शिविर में दूर-दराज के ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं सीधे अधिकारियों के समक्ष रखीं। जनसुनवाई के दौरान ग्रामीणों ने मुख्य रूप से पीएम आवास योजना में नाम न जुड़ने, राशन कार्ड में त्रुटि, वनाधिकार पट्टा न मिलने, नल-जल योजना में पानी की समस्या, सड़क की जर्जर हालत, बिजली बिल में गड़बड़ी और मनरेगा मजदूरी के भुगतान में देरी जैसे मुद्दे उठाए। किसानों ने फसल बीमा और खाद-बीज की उपलब्धता को लेकर भी अपनी बात रखी। अधिकारियों ने मौके पर ही कई आवेदनों का निराकरण किया, जबकि शेष शिकायतों को समय-सीमा निर्धारित कर संबंधित विभागों को सौंपा गया। जन विश्वास अभियान: घुनघुटी में जनसुनवाई, कमिश्नर-कलेक्टर ने सुनी शिकायतें बिरसिंहपुर -- पाली मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत जनपद पंचायत बिरसिंहपुर पाली के ग्राम घुनघुटी में शुक्रवार को भव्य जनसुनवाई शिविर का आयोजन किया गया। कंचोदर घुनघुटी में आयोजित इस शिविर में संभागीय कमिश्नर और जिला कलेक्टर सहित समस्त विभागों के वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे। शिविर में दूर-दराज के ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं सीधे अधिकारियों के समक्ष रखीं। जनसुनवाई के दौरान ग्रामीणों ने मुख्य रूप से पीएम आवास योजना में नाम न जुड़ने, राशन कार्ड में त्रुटि, वनाधिकार पट्टा न मिलने, नल-जल योजना में पानी की समस्या, सड़क की जर्जर हालत, बिजली बिल में गड़बड़ी और मनरेगा मजदूरी के भुगतान में देरी जैसे मुद्दे उठाए। किसानों ने फसल बीमा और खाद-बीज की उपलब्धता को लेकर भी अपनी बात रखी। अधिकारियों ने मौके पर ही कई आवेदनों का निराकरण किया, जबकि शेष शिकायतों को समय-सीमा निर्धारित कर संबंधित विभागों को सौंपा गया। कमिश्नर ने कहा कि मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान का उद्देश्य शासन और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करना है। उन्होंने निर्देश दिए कि कोई भी पात्र हितग्राही शासन की योजनाओं से वंचित न रहे। कलेक्टर ने राजस्व, पंचायत, स्वास्थ्य, शिक्षा और महिला बाल विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिविर में प्राप्त आवेदनों का निराकरण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ, एसडीएम पाली, तहसीलदार, जनपद सीईओ सहित सभी विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे। स्वास्थ्य विभाग द्वारा शिविर स्थल पर स्वास्थ्य परीक्षण शिविर भी लगाया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने जांच कराई। ग्रामीणों ने कहा कि इतने बड़े अधिकारी गांव में आकर उनकी समस्याएं सुन रहे हैं, इससे उनमें शासन के प्रति विश्वास बढ़ा है।4
- #शहडोल में कल रात #बुढार चौक स्कूटी सवार #महिला की एक्सीडेंट से हुई स्पॉट पर मौत @highlight Shahdol Police1
- एनएचएआई में बोलेरो वाहन को किराये पर लगवाने के नाम पर ठगी फर्जी टोल पास लगाकर घूम रहा था शातिर ठग, कोतवाली पुलिस ने सीहोर से दबोचा अनूपपुर। जिले में शासन से सब्सिडी पर ट्रैक्टर दिलाने और एनएचएआई कंपनी में वाहन लगवाने के नाम पर लाखों की ठगी करने वाले शातिर आरोपी को कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से ठगी गई बोलेरो वाहन और नगदी भी जप्त की गई है। इस मामले में उसकी साथी महिला को भी गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। पुलिस अधीक्षक अनूपपुर श्री विक्रांत मुराब के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई का खुलासा कोतवाली पुलिस ने किया है। क्या है पूरा मामला? पहला मामला - बोलेरो वाहन लेकर फरार: फरियादी दुबेलाल यादव पिता विश्वनाथ यादव, उम्र 30 वर्ष, निवासी ग्राम केकरपानी, थाना कोतवाली अनूपपुर ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसके ड्राइवर राजेन्द्र सिंह परस्ते ने उसकी चार पहिया बोलेरो वाहन क्रमांक MP18ZK0201 को एनएचएआई कंपनी में लगवा देने का झांसा दिया और धोखाधड़ी कर वाहन लेकर फरार हो गया। इस पर थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 476/26 धारा 318(4) बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया। दूसरा मामला - ट्रैक्टर दिलाने के नाम पर 5.30 लाख की ठगी: इसी आरोपी के खिलाफ सुरेन्द्र सिंह परस्ते पिता पन्नेलाल सिंह, उम्र 26 वर्ष, निवासी ग्राम पोड़ी ने भी शिकायत दर्ज कराई कि आरोपी राजेन्द्र सिंह परस्ते ने शासन से छूट दिलाकर ट्रैक्टर दिलाने के नाम पर सुरेन्द्र सिंह परस्ते से 1,50,000 रुपये, रीतेश सिंह से 70,000 रुपये और उमेश केवट से 3,10,000 रुपये, कुल 5,30,000 रुपये की धोखाधड़ी कर गबन कर लिया। इस पर थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 508/26 धारा 318(4) बीएनएस पंजीबद्ध किया गया। ऐसे पकड़ाया आरोपी, निकला शातिर अपराधी पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री जगन्नाथ मरकाम एवं एसडीओपी श्री नवीन तिवारी के मार्गदर्शन में टीआई कोतवाली संजय अशोक एक्का के नेतृत्व में उपनिरीक्षक त्रिलोक सिंह वालरे, प्रधान आरक्षक महेन्द्र राठौर, आरक्षक अमित यादव, सायबर सेल से प्रधान आरक्षक राजेन्द्र अहिरवार, पंकज मिश्रा की टीम ने आरोपी की तलाश शुरू की। मुखबिर की सूचना और सायबर सेल की मदद से आरोपी का लोकेशन जिला सीहोर में मिला। टीम ने वहां दबिश देकर फरियादी की नई बोलेरो गाड़ी के साथ आरोपी को अभिरक्षा में लेकर अनूपपुर लाया। पूछताछ में आरोपी ने अपना असली नाम सुनील मोहनलाल शर्मा उर्फ सुनील शर्मा पिता मोहनलाल शर्मा, उम्र 34 वर्ष, निवासी ग्राम बमोरी, थाना तलेन, जिला राजगढ़ बताया। आरोपी ने बताया कि उसके खिलाफ जिला राजगढ़, शाजापुर एवं अन्य जिलों में चोरी, बलात्कार जैसे अपराध पंजीबद्ध हैं और वह पहले भी जेल की सजा काट चुका है। जांच में सामने आया कि आरोपी अनूपपुर में अपना नाम बदलकर राजेन्द्र सिंह परस्ते के नाम से ग्राम पोड़ी में रह रहा था और ग्राम जमुनिहा की गीतांजली बाई परस्ते पति श्री सिंह परस्ते, उम्र 35 वर्ष, निवासी जमुनिहा बेलिया बड़ी, थाना कोतमा को पत्नी बनाकर रह रहा था। फर्जी NHAI पास और पत्नी के खाते में ठगी का पैसा आरोपी ठगी की गई बोलेरो में नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया का फर्जी टोल प्लाजा पासिंग पर्ची चिपकाकर घूमता था ताकि टोल प्लाजा पर पैसा न देना पड़े। ठगी का पैसा वह ऑनलाइन गीतांजली बाई परस्ते के खाते में ट्रांसफर करवाता था और दोनों मिलकर उस पैसे को निकालकर बेईमानी से उपयोग करते थे। करीब दो माह पूर्व दोनों फरार हो गए थे। आरोपी बोलेरो को सस्ते दाम में बेचने के नाम पर भी कई लोगों को ठगने की कोशिश कर रहा था। पुलिस ने आरोपी सुनील मोहनलाल शर्मा उर्फ राजेन्द्र परस्ते से धोखाधड़ी कर ले जाया गया वाहन क्रमांक MP18ZK0201 एवं नगद राशि जप्त की है। मामले में सहभागिता पाए जाने पर आरोपिया गीतांजली बाई परस्ते को भी दिनांक 17.09.2026 को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी से और भी ठगी के मामलों का खुलासा हो सकता है, जिसकी जांच जारी है।3
- भू माफिया के खिलाफ चल रहा 15 अगस्त से धरना प्रदर्शन 3 पीड़ित द्वारा शासन के अनदेखी पर दोबारा दिया गया 3 आवेदन कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने दिया आश्वासन की कार्रवाई होगी1
- मंडला में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर आयोजित रक्तदान शिविर में करीब 500 लोगों की सहभागिता रही। भाजपा नेताओं के साथ प्रशासन, पुलिस, नागरिकों और पत्रकारों ने भी रक्तदान कर सेवा अभियान में अपनी भागीदारी निभाई।1
- पुराने शिक्षक की वापसी के लिए स्कूल में जड़ा ताला नारायणगंज के ग्राम समनापुर में बच्चों और बुजुर्गों ने किया प्रदर्शन, एक जुट हुए ग्रामवासी पुराने शिक्षक की वापसी के लिए स्कूल में जड़ा ताला नारायणगंज के ग्राम समनापुर में बच्चों और बुजुर्गों ने किया प्रदर्शन, एक जुट हुए ग्रामवासी 18 सितंबर शुक्रवार चार बजे समाजसेवी दुर्गेश सिंगरौरे ने बताया कि नारायणगंज जनपद के ग्राम समनापुर में शिक्षा व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों, बुजुर्गों और स्कूली बच्चों ने एक महत्वपूर्ण परिचर्चा की। इस दौरान विद्यालय में बेहतर पढ़ाई के लिए पुराने शिक्षक को पुन: पदस्थ करने की पुरजोर मांग उठी। अपनी मांग को लेकर बच्चों और ग्रामीणों ने स्कूल में ताला जड़ दिया और जिला कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों के प्रदर्शन की सूचना पर मौके पर पहुंचे ब्लॉक शिक्षा अधिकारी ने ग्रामीणों से चर्चा कर उचित कार्रवाई का भरोसा दिया, जिसके बाद बच्चों को सुधार की उम्मीद बंधी। इस मौके पर सरपंच इंद्रजीत मरावी, दुर्गेश सिंगरोरे, कल्याण मरावी सहित कई प्रबुद्धजन व ग्रामीण मौजूद रहे। 0000000000000000000000000000001
- सभी सुविधाओं के बाद भी पाली में झोलाछाप डॉक्टरों का जाल, नगर पालिका के सामने ही चल रहा अवैध इलाज संपूर्ण उमरिया जिले में शासन द्वारा स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने के लाख दावों के बावजूद पाली नगर एवं इस पास के ग्रामीण क्षेत्रों में झोलाछाप डॉक्टर कुकुरमुत्ते की तरह पनप गए हैं। हैरानी की बात यह है कि करेली के में मार्केट में तो घुलघुली के मेन रोडबाजार में तो पाली में नगर पालिका कार्यालय के सामने ही मुख्य मार्ग पर कथित बंगाली डॉक्टरों की भरमार है, जो बिना डिग्री और पंजीयन के धड़ल्ले से इलाज कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार शहर में दर्जनों अवैध क्लीनिक संचालित हो रहे हैं। इनमें न तो एमबीबीएस की डिग्री है, न ही मध्य प्रदेश चिकित्सा परिषद में पंजीयन। फिर भी सर्दी-खांसी, बुखार, टाइफाइड, डायरिया दांत की स्टील वायरिंग ऑपरेशन दांत उखाड़ना दात लगाना मसाला भरना सफाई करना दांतों का सभी प्रकार का इलाज बिना डिग्री एक्सपीरियंस के एनीथीसिया इंजेक्शन, ड्रिप और एंटीबायोटिक तक दिए जा रहे हैं। एक छोटी सी गलती मरीजों को कैंसर जैसी ला इलाज गंभीर रूप से बीमार बना देते हैं कई झोलाछाप तो खुद को डॉक्टर बताकर बोर्ड लगा रखे हैं और ग्रामीण मरीजों को गुमराह कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों की उपलब्धता के बाद भी गरीब और अशिक्षित मरीज जल्दी राहत के लालच में इनके चक्कर में फंस जाते हैं। गलत दवा और ओवरडोज दे कर के धीरे-धीरे गरीबों को लाखों का चपत लगा देते हैं कई बार मरीजों की हालत बिगड़ चुकी है, लेकिन शिकायत के अभाव में कार्रवाई नहीं होती। स्वास्थ्य विभाग के नियमों के अनुसार बिना पंजीयन प्रैक्टिस करना अपराध है। इसके बावजूद पाली में न तो जांच होती है, न ही इन क्लीनिकों पर ताला लगता है। नगर के जागरूक नागरिकों ने आरोप लगाया है कि विभागीय मिलीभगत के कारण यह अवैध कारोबार फल-फूल रहा है। सभी सुविधाओं के बाद भी पाली में झोलाछाप डॉक्टरों का जाल, नगर पालिका के सामने ही चल रहा अवैध इलाज संपूर्ण उमरिया जिले में शासन द्वारा स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने के लाख दावों के बावजूद पाली नगर एवं इस पास के ग्रामीण क्षेत्रों में झोलाछाप डॉक्टर कुकुरमुत्ते की तरह पनप गए हैं। हैरानी की बात यह है कि करेली के में मार्केट में तो घुलघुली के मेन रोडबाजार में तो पाली में नगर पालिका कार्यालय के सामने ही मुख्य मार्ग पर कथित बंगाली डॉक्टरों की भरमार है, जो बिना डिग्री और पंजीयन के धड़ल्ले से इलाज कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार शहर में दर्जनों अवैध क्लीनिक संचालित हो रहे हैं। इनमें न तो एमबीबीएस की डिग्री है, न ही मध्य प्रदेश चिकित्सा परिषद में पंजीयन। फिर भी सर्दी-खांसी, बुखार, टाइफाइड, डायरिया दांत की स्टील वायरिंग ऑपरेशन दांत उखाड़ना दात लगाना मसाला भरना सफाई करना दांतों का सभी प्रकार का इलाज बिना डिग्री एक्सपीरियंस के एनीथीसिया इंजेक्शन, ड्रिप और एंटीबायोटिक तक दिए जा रहे हैं। एक छोटी सी गलती मरीजों को कैंसर जैसी ला इलाज गंभीर रूप से बीमार बना देते हैं कई झोलाछाप तो खुद को डॉक्टर बताकर बोर्ड लगा रखे हैं और ग्रामीण मरीजों को गुमराह कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों की उपलब्धता के बाद भी गरीब और अशिक्षित मरीज जल्दी राहत के लालच में इनके चक्कर में फंस जाते हैं। गलत दवा और ओवरडोज दे कर के धीरे-धीरे गरीबों को लाखों का चपत लगा देते हैं कई बार मरीजों की हालत बिगड़ चुकी है, लेकिन शिकायत के अभाव में कार्रवाई नहीं होती। स्वास्थ्य विभाग के नियमों के अनुसार बिना पंजीयन प्रैक्टिस करना अपराध है। इसके बावजूद पाली में न तो जांच होती है, न ही इन क्लीनिकों पर ताला लगता है। नगर के जागरूक नागरिकों ने आरोप लगाया है कि विभागीय मिलीभगत के कारण यह अवैध कारोबार फल-फूल रहा है। मांग उठ रही है कि संभागीय कमिशनर जिला कलेक्टर एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तत्काल टीम गठित कर पाली नगर में सघन जांच अभियान चलाएं, बिना लाईसेंस के मेंडिकल स्टोर व अवैध क्लीनिक सील करें और दोषियों पर एफआईआर दर्ज करें। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो किसी बड़ी जनहानि से इंकार नहीं किया जा सकता। और इनके हौसले और भी बड़ते जाएगा।और जनता की जान और धन यूं ही जाती रहेगी1
- नियम विरुद्ध तरीके से संचालित किए जा रहे स्कूली बच्चों के ऑटो के विरुद्ध शहडोल पुलिस की विशेष मुहिम, 10 ऑटो जप्त नियम विरुद्ध तरीके से संचालित किए जा रहे स्कूली बच्चों के ऑटो के विरुद्ध शहडोल पुलिस की विशेष मुहिम, 10 ऑटो जप्त1
- मंडला में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के मौके पर गोंडवाना स्टूडेंट यूनियन ने अनोखे अंदाज में किया प्रदर्शन..?1