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जन विश्वास अभियान: घुनघुटी में जनसुनवाई, कमिश्नर-कलेक्टर ने सुनी शिकायतें बिरसिंहपुर -- पाली मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत जनपद पंचायत बिरसिंहपुर पाली के ग्राम घुनघुटी में शुक्रवार को भव्य जनसुनवाई शिविर का आयोजन किया गया। कंचोदर घुनघुटी में आयोजित इस शिविर में संभागीय कमिश्नर और जिला कलेक्टर सहित समस्त विभागों के वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे। शिविर में दूर-दराज के ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं सीधे अधिकारियों के समक्ष रखीं। जनसुनवाई के दौरान ग्रामीणों ने मुख्य रूप से पीएम आवास योजना में नाम न जुड़ने, राशन कार्ड में त्रुटि, वनाधिकार पट्टा न मिलने, नल-जल योजना में पानी की समस्या, सड़क की जर्जर हालत, बिजली बिल में गड़बड़ी और मनरेगा मजदूरी के भुगतान में देरी जैसे मुद्दे उठाए। किसानों ने फसल बीमा और खाद-बीज की उपलब्धता को लेकर भी अपनी बात रखी। अधिकारियों ने मौके पर ही कई आवेदनों का निराकरण किया, जबकि शेष शिकायतों को समय-सीमा निर्धारित कर संबंधित विभागों को सौंपा गया। जन विश्वास अभियान: घुनघुटी में जनसुनवाई, कमिश्नर-कलेक्टर ने सुनी शिकायतें बिरसिंहपुर -- पाली मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत जनपद पंचायत बिरसिंहपुर पाली के ग्राम घुनघुटी में शुक्रवार को भव्य जनसुनवाई शिविर का आयोजन किया गया। कंचोदर घुनघुटी में आयोजित इस शिविर में संभागीय कमिश्नर और जिला कलेक्टर सहित समस्त विभागों के वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे। शिविर में दूर-दराज के ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं सीधे अधिकारियों के समक्ष रखीं। जनसुनवाई के दौरान ग्रामीणों ने मुख्य रूप से पीएम आवास योजना में नाम न जुड़ने, राशन कार्ड में त्रुटि, वनाधिकार पट्टा न मिलने, नल-जल योजना में पानी की समस्या, सड़क की जर्जर हालत, बिजली बिल में गड़बड़ी और मनरेगा मजदूरी के भुगतान में देरी जैसे मुद्दे उठाए। किसानों ने फसल बीमा और खाद-बीज की उपलब्धता को लेकर भी अपनी बात रखी। अधिकारियों ने मौके पर ही कई आवेदनों का निराकरण किया, जबकि शेष शिकायतों को समय-सीमा निर्धारित कर संबंधित विभागों को सौंपा गया। कमिश्नर ने कहा कि मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान का उद्देश्य शासन और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करना है। उन्होंने निर्देश दिए कि कोई भी पात्र हितग्राही शासन की योजनाओं से वंचित न रहे। कलेक्टर ने राजस्व, पंचायत, स्वास्थ्य, शिक्षा और महिला बाल विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिविर में प्राप्त आवेदनों का निराकरण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ, एसडीएम पाली, तहसीलदार, जनपद सीईओ सहित सभी विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे। स्वास्थ्य विभाग द्वारा शिविर स्थल पर स्वास्थ्य परीक्षण शिविर भी लगाया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने जांच कराई। ग्रामीणों ने कहा कि इतने बड़े अधिकारी गांव में आकर उनकी समस्याएं सुन रहे हैं, इससे उनमें शासन के प्रति विश्वास बढ़ा है।

2 hrs ago
user_Om Agrawal
Om Agrawal
पाली, उमरिया, मध्य प्रदेश•
2 hrs ago
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जन विश्वास अभियान: घुनघुटी में जनसुनवाई, कमिश्नर-कलेक्टर ने सुनी शिकायतें बिरसिंहपुर -- पाली मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत जनपद पंचायत बिरसिंहपुर पाली के ग्राम घुनघुटी में शुक्रवार को भव्य जनसुनवाई शिविर का आयोजन किया गया। कंचोदर घुनघुटी में आयोजित इस शिविर में संभागीय कमिश्नर और जिला कलेक्टर सहित समस्त विभागों के वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे। शिविर में दूर-दराज के ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं सीधे अधिकारियों के समक्ष रखीं। जनसुनवाई के दौरान ग्रामीणों ने मुख्य रूप से पीएम आवास योजना में नाम न जुड़ने, राशन कार्ड में त्रुटि, वनाधिकार पट्टा न मिलने, नल-जल योजना में पानी की समस्या, सड़क की जर्जर हालत, बिजली बिल में गड़बड़ी और

मनरेगा मजदूरी के भुगतान में देरी जैसे मुद्दे उठाए। किसानों ने फसल बीमा और खाद-बीज की उपलब्धता को लेकर भी अपनी बात रखी। अधिकारियों ने मौके पर ही कई आवेदनों का निराकरण किया, जबकि शेष शिकायतों को समय-सीमा निर्धारित कर संबंधित विभागों को सौंपा गया। जन विश्वास अभियान: घुनघुटी में जनसुनवाई, कमिश्नर-कलेक्टर ने सुनी शिकायतें बिरसिंहपुर -- पाली मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत जनपद पंचायत बिरसिंहपुर पाली के ग्राम घुनघुटी में शुक्रवार को भव्य जनसुनवाई शिविर का आयोजन किया गया। कंचोदर घुनघुटी में आयोजित इस शिविर में संभागीय कमिश्नर और जिला कलेक्टर सहित समस्त विभागों के वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे। शिविर में दूर-दराज के ग्रामीणों ने

अपनी समस्याएं सीधे अधिकारियों के समक्ष रखीं। जनसुनवाई के दौरान ग्रामीणों ने मुख्य रूप से पीएम आवास योजना में नाम न जुड़ने, राशन कार्ड में त्रुटि, वनाधिकार पट्टा न मिलने, नल-जल योजना में पानी की समस्या, सड़क की जर्जर हालत, बिजली बिल में गड़बड़ी और मनरेगा मजदूरी के भुगतान में देरी जैसे मुद्दे उठाए। किसानों ने फसल बीमा और खाद-बीज की उपलब्धता को लेकर भी अपनी बात रखी। अधिकारियों ने मौके पर ही कई आवेदनों का निराकरण किया, जबकि शेष शिकायतों को समय-सीमा निर्धारित कर संबंधित विभागों को सौंपा गया। कमिश्नर ने कहा कि मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान का उद्देश्य शासन और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करना

है। उन्होंने निर्देश दिए कि कोई भी पात्र हितग्राही शासन की योजनाओं से वंचित न रहे। कलेक्टर ने राजस्व, पंचायत, स्वास्थ्य, शिक्षा और महिला बाल विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिविर में प्राप्त आवेदनों का निराकरण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ, एसडीएम पाली, तहसीलदार, जनपद सीईओ सहित सभी विभागों के जिला अधिकारी उपस्थित रहे। स्वास्थ्य विभाग द्वारा शिविर स्थल पर स्वास्थ्य परीक्षण शिविर भी लगाया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने जांच कराई। ग्रामीणों ने कहा कि इतने बड़े अधिकारी गांव में आकर उनकी समस्याएं सुन रहे हैं, इससे उनमें शासन के प्रति विश्वास बढ़ा है।

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  • RVPS कॉलेज भी सामाजिक तत्वों की गुंडागर्दी, उमरिया में ABVP से जुड़े बताए जा रहे हैं कुछ यूको की लगातार मौजूदगी से कॉलेज परिसर में बवाल *RVPS कॉलेज में असामाजिक तत्वों की गुंडागर्दी* *उमरिया में ABVP से जुड़े बताए जा रहे कुछ युवकों की लगातार मौजूदगी से कॉलेज परिसर में बवाल* *छात्र-छात्राओं ने उठाए गंभीर सवाल कॉलेज प्रशासन से सवाल किसके संरक्षण में पहुंच रहे बाहरी लोग? अनुशासन और सुरक्षा को लेकर चिंता* *आज छात्र-छात्राओं ने श्रीमान कलेक्टर महोदय के नाम दिया आवेदन* मध्य प्रदेश उमरिया- शासकीय रणविजय प्रताप सिंह महाविद्यालय, उमरिया में ABVP से जुड़े बताए जा रहे कुछ युवकों की लगातार मौजूदगी को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। छात्र-छात्राओं ने इस पर आपत्ति जताते हुए आज श्रीमान कलेक्टर महोदय, उमरिया के नाम आवेदन सौंपकर मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। विद्यार्थियों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, महाविद्यालय परिसर में अनधिकृत बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक तथा विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने की मांग की है। आवेदन में उपलब्ध वीडियो, फोटो एवं कथित बातचीत की रिकॉर्डिंग सहित अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई है। शासकीय रणविजय प्रताप सिंह महाविद्यालय, उमरिया में ABVP से जुड़े बताए जा रहे कुछ युवकों की लगातार मौजूदगी को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। छात्र-छात्राओं ने इस पर आपत्ति जताते हुए प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। विद्यार्थियों का कहना है कि कॉलेज के नियमित छात्र नहीं होने के बावजूद इनका लगातार परिसर में आना शैक्षणिक माहौल और अनुशासन पर सवाल खड़े करता है। छात्रों द्वारा दिए गए शिकायत पत्र के अनुसार, कुछ युवक प्रतिदिन महाविद्यालय परिसर में पहुंचते हैं। विद्यार्थियों का आरोप है कि इनका कोई स्पष्ट शैक्षणिक उद्देश्य नहीं है, फिर भी वे कॉलेज में आते-जाते हैं, जिससे पढ़ाई का वातावरण प्रभावित हो रहा है। *रोकने पर विवाद का आरोप, ABVP का नाम लेकर दबाव बनाने की बात* शिकायत में विद्यार्थियों ने आरोप लगाया है कि इन युवकों से परिसर में आने का कारण पूछने या रोकने पर विवाद किया जाता है। छात्रों के मुताबिक, संबंधित युवक स्वयं को ABVP से जुड़ा बताते हुए कथित तौर पर कहते हैं—हमारा कोई कुछ नहीं कर सकता, हम ऐसे ही आएंगे। इस मामले से संबंधित वीडियो, फोटो और कथित बातचीत की रिकॉर्डिंग भी सामने आई है, जिन्हें विद्यार्थियों द्वारा शिकायत के समर्थन में प्रस्तुत किए जाने की बात कही गई है। विद्यार्थियों का कहना है कि ऐसी स्थिति से कॉलेज में असुरक्षा का माहौल बन रहा है। उनका कहना है कि महाविद्यालय परिसर को अनावश्यक विवादों से दूर रखते हुए अध्ययन के लिए सुरक्षित वातावरण बनाया जाना चाहिए। *पहले भी दी शिकायत, फिर भी समस्या बरकरार* छात्र-छात्राओं के अनुसार, इस मामले में पहले भी प्राचार्य को शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हुआ। अब विद्यार्थियों ने प्रशासन से उपलब्ध वीडियो, फोटो और रिकॉर्डिंग सहित पूरे मामले की जांच कराने, अनधिकृत प्रवेश पर रोक लगाने तथा विवाद या अनुशासनहीनता करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है। छात्रों का कहना है कि कॉलेज शिक्षा का स्थान है, किसी संगठन की राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र नहीं। इसलिए प्रशासन को विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित, अनुशासित और शांतिपूर्ण शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करना चाहिए।
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    RVPS कॉलेज भी सामाजिक तत्वों की गुंडागर्दी, उमरिया में ABVP से जुड़े बताए जा रहे हैं कुछ यूको की लगातार मौजूदगी से कॉलेज परिसर में बवाल
*RVPS कॉलेज में असामाजिक तत्वों की गुंडागर्दी*
*उमरिया में ABVP से जुड़े बताए जा रहे कुछ युवकों की लगातार मौजूदगी से कॉलेज परिसर में बवाल*
*छात्र-छात्राओं ने उठाए गंभीर सवाल कॉलेज प्रशासन से सवाल किसके संरक्षण में पहुंच रहे बाहरी लोग? अनुशासन और सुरक्षा को लेकर चिंता*
*आज छात्र-छात्राओं ने श्रीमान कलेक्टर महोदय के नाम दिया आवेदन*
मध्य प्रदेश 
उमरिया- शासकीय रणविजय प्रताप सिंह महाविद्यालय, उमरिया में ABVP से जुड़े बताए जा रहे कुछ युवकों की लगातार मौजूदगी को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। छात्र-छात्राओं ने इस पर आपत्ति जताते हुए आज  श्रीमान कलेक्टर महोदय, उमरिया के नाम आवेदन सौंपकर मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। विद्यार्थियों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, महाविद्यालय परिसर में अनधिकृत बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर रोक तथा विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित एवं शांतिपूर्ण शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने की मांग की है। आवेदन में उपलब्ध वीडियो, फोटो एवं कथित बातचीत की रिकॉर्डिंग सहित अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई है। शासकीय रणविजय प्रताप सिंह महाविद्यालय, उमरिया में ABVP से जुड़े बताए जा रहे कुछ युवकों की लगातार मौजूदगी को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। छात्र-छात्राओं ने इस पर आपत्ति जताते हुए प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। विद्यार्थियों का कहना है कि कॉलेज के नियमित छात्र नहीं होने के बावजूद इनका लगातार परिसर में आना शैक्षणिक माहौल और अनुशासन पर सवाल खड़े करता है। छात्रों द्वारा दिए गए शिकायत पत्र के अनुसार, कुछ युवक प्रतिदिन महाविद्यालय परिसर में पहुंचते हैं। विद्यार्थियों का आरोप है कि इनका कोई स्पष्ट शैक्षणिक उद्देश्य नहीं है, फिर भी वे कॉलेज में आते-जाते हैं, जिससे पढ़ाई का वातावरण प्रभावित हो रहा है।
*रोकने पर विवाद का आरोप, ABVP का नाम लेकर दबाव बनाने की बात*
शिकायत में विद्यार्थियों ने आरोप लगाया है कि इन युवकों से परिसर में आने का कारण पूछने या रोकने पर विवाद किया जाता है। छात्रों के मुताबिक, संबंधित युवक स्वयं को ABVP से जुड़ा बताते हुए कथित तौर पर कहते हैं—हमारा कोई कुछ नहीं कर सकता, हम ऐसे ही आएंगे। इस मामले से संबंधित वीडियो, फोटो और कथित बातचीत की रिकॉर्डिंग भी सामने आई है, जिन्हें विद्यार्थियों द्वारा शिकायत के समर्थन में प्रस्तुत किए जाने की बात कही गई है। विद्यार्थियों का कहना है कि ऐसी स्थिति से कॉलेज में असुरक्षा का माहौल बन रहा है। उनका कहना है कि महाविद्यालय परिसर को अनावश्यक विवादों से दूर रखते हुए अध्ययन के लिए सुरक्षित वातावरण बनाया जाना चाहिए।
*पहले भी दी शिकायत, फिर भी समस्या बरकरार*
छात्र-छात्राओं के अनुसार, इस मामले में पहले भी प्राचार्य को शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन स्थायी समाधान नहीं हुआ। अब विद्यार्थियों ने प्रशासन से उपलब्ध वीडियो, फोटो और रिकॉर्डिंग सहित पूरे मामले की जांच कराने, अनधिकृत प्रवेश पर रोक लगाने तथा विवाद या अनुशासनहीनता करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है। छात्रों का कहना है कि कॉलेज शिक्षा का स्थान है, किसी संगठन की राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र नहीं। इसलिए प्रशासन को विद्यार्थियों के लिए सुरक्षित, अनुशासित और शांतिपूर्ण शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करना चाहिए।
    user_ब्यूरो चीफ/बाल्मीकि यादव
    ब्यूरो चीफ/बाल्मीकि यादव
    बांधवगढ़, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • नियम विरुद्ध तरीके से संचालित किए जा रहे स्कूली बच्चों के ऑटो के विरुद्ध शहडोल पुलिस की विशेष मुहिम, 10 ऑटो जप्त नियम विरुद्ध तरीके से संचालित किए जा रहे स्कूली बच्चों के ऑटो के विरुद्ध शहडोल पुलिस की विशेष मुहिम, 10 ऑटो जप्त
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    नियम विरुद्ध तरीके से संचालित किए जा रहे स्कूली बच्चों के ऑटो के विरुद्ध शहडोल पुलिस की विशेष मुहिम, 10 ऑटो जप्त

नियम विरुद्ध तरीके से संचालित किए जा रहे स्कूली बच्चों के ऑटो के विरुद्ध शहडोल पुलिस की विशेष मुहिम, 10 ऑटो जप्त
    user_पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
    पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
    Insurance Agent सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • कलेक्टर के दौरे में स्कूल में नहीं मिली पढ़ाई, PHC में मरीजों ने लगाई दोपहर बाद इलाज न मिलने की शिकायत* *कलेक्टर के दौरे में स्कूल में नहीं मिली पढ़ाई, PHC में मरीजों ने लगाई दोपहर बाद इलाज न मिलने की शिकायत* आशुतोष त्रिपाठी/जनचिंगारी -उमरिया।जिले के पाली विकासखंड में शुक्रवार को कलेक्टर ने स्कूल और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान व्यवस्थाओं में कई कमियां सामने आईं। प्राथमिक स्कूल बेली में बच्चों से बातचीत के दौरान कलेक्टर ने उनसे किताब पढ़ने को कहा, लेकिन बच्चे किताब नहीं पढ़ पाए। इस पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए डीसी को बच्चों की पढ़ाई में सुधार के निर्देश दिए। *बच्चों की शैक्षणिक स्थिति पर जताई नाराजगी** निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने प्राथमिक स्कूल बेली में बच्चों के बीच बैठकर पढ़ाई की स्थिति जानी। बच्चों से किताब पढ़ने के लिए कहा गया, लेकिन वे किताब नहीं पढ़ पाए। इस पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त की और संबंधित अधिकारियों को बच्चों की शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने के निर्देश दिए। *दोपहर बाद इलाज नहीं मिलने की शिकायत** कलेक्टर ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जमुड़ी का भी अचानक निरीक्षण किया। यहां मरीजों ने शिकायत की कि दोपहर 1 बजे के बाद स्वास्थ्य केंद्र में इलाज नहीं किया जाता और मरीजों को वापस भेज दिया जाता है। शिकायत मिलने पर कलेक्टर ने स्वास्थ्य केंद्र के स्टाफ को फटकार लगाई और व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए। *स्कूल और आंगनवाड़ी का भी किया निरीक्षण* दौरे के दौरान कलेक्टर ने स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि शैक्षणिक एवं स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी तरह की लापरवाही न बरती जाए और आम लोगों को निर्धारित समय पर बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। कलेक्टर के निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों के बाद संबंधित अधिकारियों को व्यवस्था सुधारने और सेवाओं की नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए।
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    कलेक्टर के दौरे में स्कूल में नहीं मिली पढ़ाई, PHC में मरीजों ने लगाई दोपहर बाद इलाज न मिलने की शिकायत*

*कलेक्टर के दौरे में स्कूल में नहीं मिली पढ़ाई, PHC में मरीजों ने लगाई दोपहर बाद इलाज न मिलने की शिकायत*
आशुतोष त्रिपाठी/जनचिंगारी -उमरिया।जिले के पाली विकासखंड में शुक्रवार को कलेक्टर ने स्कूल और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान व्यवस्थाओं में कई कमियां सामने आईं। प्राथमिक स्कूल बेली में बच्चों से बातचीत के दौरान कलेक्टर ने उनसे किताब पढ़ने को कहा, लेकिन बच्चे किताब नहीं पढ़ पाए। इस पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए डीसी को बच्चों की पढ़ाई में सुधार के निर्देश दिए।
*बच्चों की शैक्षणिक स्थिति पर जताई नाराजगी**
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने प्राथमिक स्कूल बेली में बच्चों के बीच बैठकर पढ़ाई की स्थिति जानी। बच्चों से किताब पढ़ने के लिए कहा गया, लेकिन वे किताब नहीं पढ़ पाए। इस पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त की और संबंधित अधिकारियों को बच्चों की शैक्षणिक गुणवत्ता सुधारने के निर्देश दिए।
*दोपहर बाद इलाज नहीं मिलने की शिकायत**
कलेक्टर ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जमुड़ी का भी अचानक निरीक्षण किया। यहां मरीजों ने शिकायत की कि दोपहर 1 बजे के बाद स्वास्थ्य केंद्र में इलाज नहीं किया जाता और मरीजों को वापस भेज दिया जाता है। शिकायत मिलने पर कलेक्टर ने स्वास्थ्य केंद्र के स्टाफ को फटकार लगाई और व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए।
*स्कूल और आंगनवाड़ी का भी किया निरीक्षण*
दौरे के दौरान कलेक्टर ने स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि शैक्षणिक एवं स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी तरह की लापरवाही न बरती जाए और आम लोगों को निर्धारित समय पर बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं।
कलेक्टर के निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों के बाद संबंधित अधिकारियों को व्यवस्था सुधारने और सेवाओं की नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए।
    user_Ashutosh tripathi
    Ashutosh tripathi
    Court reporter मानपुर, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • कलेक्टर ने शिक्षक बनकर विद्यार्थियों से पूछे सवाल, दिए सकारात्मक जवाब ... कलेक्टर ने शा. पूर्व माध्यमिक विद्यालय पटासी का किया औचक निरीक्षण .... शहडोल 18 सितम्बर 2026:- कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने आज जनपद पंचायत सोहागपुर के एकीकृत शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय पटासी का औचक निरीक्षण किया। कलेक्टर ने विद्यालय में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं से सामान्य ज्ञान, 12, 15 एवं 19 के पहाड़े तथा मध्यान्ह भोजन वितरण से संबंधित सवाल पूछे। विद्यार्थियों ने पूछे गए सवालों के सकारात्मक एवं संतोषजनक जवाब दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने विद्यार्थियों की उपस्थिति के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को नियमित रूप से विद्यालय आने के लिए अभिभावकों से चर्चा कर शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि गांव का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। कलेक्टर ने विद्यालय में मध्यान्ह भोजन वितरण, शिक्षकों की उपस्थिति सहित अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी भी प्राप्त की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश प्राचार्य को दिए। निरीक्षण के दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री शिवम प्रजापति, डिप्टी कलेक्टर श्री भागीरथी लहरे, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग श्री आनंद राय सिंहा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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    कलेक्टर ने शिक्षक बनकर विद्यार्थियों से पूछे सवाल, दिए सकारात्मक जवाब
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कलेक्टर ने शा. पूर्व माध्यमिक विद्यालय पटासी का किया औचक निरीक्षण
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शहडोल 18 सितम्बर 2026:-  कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने आज जनपद पंचायत सोहागपुर के एकीकृत शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय पटासी का औचक निरीक्षण किया।
कलेक्टर ने विद्यालय में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं से सामान्य ज्ञान, 12, 15 एवं 19 के पहाड़े तथा मध्यान्ह भोजन वितरण से संबंधित सवाल पूछे। विद्यार्थियों ने पूछे गए सवालों के सकारात्मक एवं संतोषजनक जवाब दिए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने विद्यार्थियों की उपस्थिति के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को नियमित रूप से विद्यालय आने के लिए अभिभावकों से चर्चा कर शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि गांव का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।
कलेक्टर ने विद्यालय में मध्यान्ह भोजन वितरण, शिक्षकों की उपस्थिति सहित अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी भी प्राप्त की तथा आवश्यक दिशा-निर्देश प्राचार्य को दिए।
निरीक्षण के दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री शिवम प्रजापति, डिप्टी कलेक्टर श्री भागीरथी लहरे, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग श्री आनंद राय सिंहा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
    user_Angad Tiwari
    Angad Tiwari
    पत्रकार जयसिंहनगर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • डिंडौरी : सेवा संकल्प अभियान के तहत जिले के दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को पहुंचाने का कार्य लगातार किया जा रहा है। सेवा संकल्प अभियान से 3 वर्षीय यशस्वी को मिली मदद, मौके पर मिला 40 प्रतिशत दिव्यांगता प्रमाण-पत्र डिंडौरी : सेवा संकल्प अभियान के तहत जिले के दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को पहुंचाने का कार्य लगातार किया जा रहा है। इसी क्रम में आकांक्षी विकासखंड बजाग की ग्राम पंचायत बोदर में आयोजित स्वास्थ्य शिविर में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ग्रामीणों एवं बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। शिविर के दौरान ग्राम बोदर निवासी 3 वर्षीय यशस्वी धुर्वे, माता फूलवती धुर्वे का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। परीक्षण के दौरान यशस्वी का शारीरिक विकास अपेक्षानुसार नहीं पाए जाने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा आवश्यक चिकित्सकीय जांच एवं प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद यशस्वी को 40 प्रतिशत दिव्यांगता का प्रमाण-पत्र तत्काल प्रदान किया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने यशस्वी को आगे की आवश्यक जांच एवं उपचार के लिए जिला अस्पताल डिंडौरी रेफर किया। अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग द्वारा ऐसे बच्चों एवं ग्रामीणों को चिन्हित कर उन्हें आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ पात्रतानुसार शासकीय सुविधाओं से जोड़ने की कार्यवाही की जा रही है। सेवा संकल्प अभियान का उद्देश्य दूरस्थ क्षेत्रों तक शासन की सेवाओं और योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करना है, ताकि जरूरतमंद लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान एवं आवश्यक सुविधाओं के लिए दूर नहीं जाना पड़े। ग्राम बोदर में यशस्वी को मौके पर दिव्यांगता प्रमाण-पत्र मिलने से अभियान के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंच रही सेवाओं का प्रत्यक्ष लाभ सामने आया है।
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    डिंडौरी : सेवा संकल्प अभियान के तहत जिले के दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को पहुंचाने का कार्य लगातार किया जा रहा है।
सेवा संकल्प अभियान से 3 वर्षीय यशस्वी को मिली मदद, मौके पर मिला 40 प्रतिशत दिव्यांगता प्रमाण-पत्र
डिंडौरी : सेवा संकल्प अभियान के तहत जिले के दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को पहुंचाने का कार्य लगातार किया जा रहा है। इसी क्रम में आकांक्षी विकासखंड बजाग की ग्राम पंचायत बोदर में आयोजित स्वास्थ्य शिविर में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ग्रामीणों एवं बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण किया।
शिविर के दौरान ग्राम बोदर निवासी 3 वर्षीय यशस्वी धुर्वे, माता फूलवती धुर्वे का स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। परीक्षण के दौरान यशस्वी का शारीरिक विकास अपेक्षानुसार नहीं पाए जाने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा आवश्यक चिकित्सकीय जांच एवं प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद यशस्वी को 40 प्रतिशत दिव्यांगता का प्रमाण-पत्र तत्काल प्रदान किया गया।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने यशस्वी को आगे की आवश्यक जांच एवं उपचार के लिए जिला अस्पताल डिंडौरी रेफर किया। अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग द्वारा ऐसे बच्चों एवं ग्रामीणों को चिन्हित कर उन्हें आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ पात्रतानुसार शासकीय सुविधाओं से जोड़ने की कार्यवाही की जा रही है।
सेवा संकल्प अभियान का उद्देश्य दूरस्थ क्षेत्रों तक शासन की सेवाओं और योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करना है, ताकि जरूरतमंद लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान एवं आवश्यक सुविधाओं के लिए दूर नहीं जाना पड़े। ग्राम बोदर में यशस्वी को मौके पर दिव्यांगता प्रमाण-पत्र मिलने से अभियान के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंच रही सेवाओं का प्रत्यक्ष लाभ सामने आया है।
    user_Ishwar prasad Sahu
    Ishwar prasad Sahu
    शाहपुरा, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    7 hrs ago
  • जमीन प्रमाणीकरण के नाम पर रिश्वत का आरोप, वायरल वीडियो ने खड़े किए कई सवाल डिंडौरी - मेहंदवानी तहसील क्षेत्र के पायली गांव से प्रशासनिक व्यवस्था और कथित भ्रष्टाचार से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। आदिवासी समाज की गरीब महिला फुंदिया बाई पति गुलाब सिंह ने जमीन के प्रमाणीकरण एवं पट्टा प्राप्त करने के लिए रिश्वत मांगे जाने का आरोप लगाते हुए कलेक्टर को आवेदन दिया है। महिला के आरोपों के अनुसार, तहसील कार्यालय में पदस्थ नायब तहसीलदार के ड्राइवर शब्बीर खान ने जमीन प्रमाणीकरण के नाम पर उनसे 20 हजार रुपये की मांग की थी। महिला का कहना है कि आर्थिक स्थिति खराब होने के बावजूद उसने अपने जेवर और चांदी गिरवी रखकर किसी तरह 10 हजार रुपये की राशि दी। इसके बाद आरोप है कि ड्राइवर शब्बीर खान ने उन्हें तहसील कार्यालय के एक कमरे में बुलाकर कुल 16 हजार रुपये लिए और कथित तौर पर यह कहा कि “साहिब को भी देना पड़ता है।” महिला के अनुसार राशि देने के बाद जमीन का प्रमाणीकरण किया गया और ऑनलाइन पट्टा उपलब्ध कराया गया। न्याय की गुहार लेकर कलेक्ट्रेट पहुंची महिला मामले को लेकर पीड़ित महिला अपने बेटे अजीत सिंह के साथ डिंडौरी कलेक्ट्रेट पहुंचीं। उन्होंने अपनी शिकायत प्रशासन के समक्ष रखकर मामले की जांच और न्याय की मांग की। महिला की कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया से मुलाकात नहीं हो सकी, लेकिन उन्होंने कलेक्टर कार्यालय के आवक जावक शाखा में अपनी शिकायत प्रस्तुत की। वायरल वीडियो ने बढ़ाया मामला का रहस्य इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया। वायरल वीडियो में महेंदवानी जनपद अध्यक्ष राम प्रसाद टेकाम कथित रूप से पीड़ित महिला को 13 हजार रुपये वापस करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में उनके द्वारा अपनी गलती स्वीकार किए जाने की बात भी सामने आ रही है। वीडियो सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब महिला ने तहसील के ड्राइवर पर राशि लेने का आरोप लगाया है, तो जनपद अध्यक्ष द्वारा महिला को पैसे वापस किए जाने की वजह क्या थी? इस पूरे घटनाक्रम में किस स्तर पर और किसके माध्यम से राशि का लेन-देन हुआ, यह जांच का विषय बन गया है। हालांकि, मामले को लेकर स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई जांच के बाद सामने आएगी वास्तविकता पूरे प्रकरण की जानकारी एसडीएम एवं कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया के संज्ञान में लाई गई है। बताया जा रहा है कि शाहपुरा एसडीएम द्वारा मामले की जांच की जा रही है। अब जांच में महिला द्वारा लगाए गए रिश्वत के आरोप, वायरल वीडियो में दिखाई दे रही राशि वापसी तथा कथित लेन-देन के पीछे की वास्तविकता स्पष्ट होने की उम्मीद है। फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र जांच होना बाकी है। जांच के निष्कर्ष के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि जमीन प्रमाणीकरण के नाम पर राशि किसने ली और पूरे प्रकरण में वास्तविक जिम्मेदारी किसकी है।
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    जमीन प्रमाणीकरण के नाम पर रिश्वत का आरोप, वायरल वीडियो ने खड़े किए कई सवाल
डिंडौरी - मेहंदवानी तहसील क्षेत्र के पायली गांव से प्रशासनिक व्यवस्था और कथित भ्रष्टाचार से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। आदिवासी समाज की गरीब महिला फुंदिया बाई पति गुलाब सिंह ने जमीन के प्रमाणीकरण एवं पट्टा प्राप्त करने के लिए रिश्वत मांगे जाने का आरोप लगाते हुए कलेक्टर को आवेदन दिया है। महिला के आरोपों के अनुसार, तहसील कार्यालय में पदस्थ नायब तहसीलदार के ड्राइवर शब्बीर खान ने जमीन प्रमाणीकरण के नाम पर उनसे 20 हजार रुपये की मांग की थी।
महिला का कहना है कि आर्थिक स्थिति खराब होने के बावजूद उसने अपने जेवर और चांदी गिरवी रखकर किसी तरह 10 हजार रुपये की राशि दी। इसके बाद आरोप है कि ड्राइवर शब्बीर खान ने उन्हें तहसील कार्यालय के एक कमरे में बुलाकर कुल 16 हजार रुपये लिए और कथित तौर पर यह कहा कि “साहिब को भी देना पड़ता है।” महिला के अनुसार राशि देने के बाद जमीन का प्रमाणीकरण किया गया और ऑनलाइन पट्टा उपलब्ध कराया गया।
न्याय की गुहार लेकर कलेक्ट्रेट पहुंची महिला
मामले को लेकर पीड़ित महिला अपने बेटे अजीत सिंह के साथ डिंडौरी कलेक्ट्रेट पहुंचीं। उन्होंने अपनी शिकायत प्रशासन के समक्ष रखकर मामले की जांच और न्याय की मांग की। महिला की कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया से मुलाकात नहीं हो सकी, लेकिन उन्होंने कलेक्टर कार्यालय के आवक जावक शाखा में अपनी शिकायत प्रस्तुत की।
वायरल वीडियो ने बढ़ाया मामला का रहस्य
इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया। वायरल वीडियो में महेंदवानी जनपद अध्यक्ष राम प्रसाद टेकाम कथित रूप से पीड़ित महिला को 13 हजार रुपये वापस करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में उनके द्वारा अपनी गलती स्वीकार किए जाने की बात भी सामने आ रही है।
वीडियो सामने आने के बाद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब महिला ने तहसील के ड्राइवर पर राशि लेने का आरोप लगाया है, तो जनपद अध्यक्ष द्वारा महिला को पैसे वापस किए जाने की वजह क्या थी? इस पूरे घटनाक्रम में किस स्तर पर और किसके माध्यम से राशि का लेन-देन हुआ, यह जांच का विषय बन गया है।
हालांकि, मामले को लेकर  स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई 
जांच के बाद सामने आएगी वास्तविकता
पूरे प्रकरण की जानकारी एसडीएम एवं कलेक्टर श्रीमती अंजू पवन भदौरिया के संज्ञान में लाई गई है। बताया जा रहा है कि शाहपुरा एसडीएम द्वारा मामले की जांच की जा रही है। अब जांच में महिला द्वारा लगाए गए रिश्वत के आरोप, वायरल वीडियो में दिखाई दे रही राशि वापसी तथा कथित लेन-देन के पीछे की वास्तविकता स्पष्ट होने की उम्मीद है।
फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र जांच होना बाकी है। जांच के निष्कर्ष के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि जमीन प्रमाणीकरण के नाम पर राशि किसने ली और पूरे प्रकरण में वास्तविक जिम्मेदारी किसकी है।
    user_खमोद चंदेल
    खमोद चंदेल
    डिंडोरी, डिंडोरी, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • सभी सुविधाओं के बाद भी पाली में झोलाछाप डॉक्टरों का जाल, नगर पालिका के सामने ही चल रहा अवैध इलाज संपूर्ण उमरिया जिले में शासन द्वारा स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने के लाख दावों के बावजूद पाली नगर एवं इस पास के ग्रामीण क्षेत्रों में झोलाछाप डॉक्टर कुकुरमुत्ते की तरह पनप गए हैं। हैरानी की बात यह है कि करेली के में मार्केट में तो घुलघुली के मेन रोडबाजार में तो पाली में नगर पालिका कार्यालय के सामने ही मुख्य मार्ग पर कथित बंगाली डॉक्टरों की भरमार है, जो बिना डिग्री और पंजीयन के धड़ल्ले से इलाज कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार शहर में दर्जनों अवैध क्लीनिक संचालित हो रहे हैं। इनमें न तो एमबीबीएस की डिग्री है, न ही मध्य प्रदेश चिकित्सा परिषद में पंजीयन। फिर भी सर्दी-खांसी, बुखार, टाइफाइड, डायरिया दांत की स्टील वायरिंग ऑपरेशन दांत उखाड़ना दात लगाना मसाला भरना सफाई करना दांतों का सभी प्रकार का इलाज बिना डिग्री एक्सपीरियंस के एनीथीसिया इंजेक्शन, ड्रिप और एंटीबायोटिक तक दिए जा रहे हैं। एक छोटी सी गलती मरीजों को कैंसर जैसी ला इलाज गंभीर रूप से बीमार बना देते हैं कई झोलाछाप तो खुद को डॉक्टर बताकर बोर्ड लगा रखे हैं और ग्रामीण मरीजों को गुमराह कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों की उपलब्धता के बाद भी गरीब और अशिक्षित मरीज जल्दी राहत के लालच में इनके चक्कर में फंस जाते हैं। गलत दवा और ओवरडोज दे कर के धीरे-धीरे गरीबों को लाखों का चपत लगा देते हैं कई बार मरीजों की हालत बिगड़ चुकी है, लेकिन शिकायत के अभाव में कार्रवाई नहीं होती। स्वास्थ्य विभाग के नियमों के अनुसार बिना पंजीयन प्रैक्टिस करना अपराध है। इसके बावजूद पाली में न तो जांच होती है, न ही इन क्लीनिकों पर ताला लगता है। नगर के जागरूक नागरिकों ने आरोप लगाया है कि विभागीय मिलीभगत के कारण यह अवैध कारोबार फल-फूल रहा है। सभी सुविधाओं के बाद भी पाली में झोलाछाप डॉक्टरों का जाल, नगर पालिका के सामने ही चल रहा अवैध इलाज संपूर्ण उमरिया जिले में शासन द्वारा स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने के लाख दावों के बावजूद पाली नगर एवं इस पास के ग्रामीण क्षेत्रों में झोलाछाप डॉक्टर कुकुरमुत्ते की तरह पनप गए हैं। हैरानी की बात यह है कि करेली के में मार्केट में तो घुलघुली के मेन रोडबाजार में तो पाली में नगर पालिका कार्यालय के सामने ही मुख्य मार्ग पर कथित बंगाली डॉक्टरों की भरमार है, जो बिना डिग्री और पंजीयन के धड़ल्ले से इलाज कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार शहर में दर्जनों अवैध क्लीनिक संचालित हो रहे हैं। इनमें न तो एमबीबीएस की डिग्री है, न ही मध्य प्रदेश चिकित्सा परिषद में पंजीयन। फिर भी सर्दी-खांसी, बुखार, टाइफाइड, डायरिया दांत की स्टील वायरिंग ऑपरेशन दांत उखाड़ना दात लगाना मसाला भरना सफाई करना दांतों का सभी प्रकार का इलाज बिना डिग्री एक्सपीरियंस के एनीथीसिया इंजेक्शन, ड्रिप और एंटीबायोटिक तक दिए जा रहे हैं। एक छोटी सी गलती मरीजों को कैंसर जैसी ला इलाज गंभीर रूप से बीमार बना देते हैं कई झोलाछाप तो खुद को डॉक्टर बताकर बोर्ड लगा रखे हैं और ग्रामीण मरीजों को गुमराह कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों की उपलब्धता के बाद भी गरीब और अशिक्षित मरीज जल्दी राहत के लालच में इनके चक्कर में फंस जाते हैं। गलत दवा और ओवरडोज दे कर के धीरे-धीरे गरीबों को लाखों का चपत लगा देते हैं कई बार मरीजों की हालत बिगड़ चुकी है, लेकिन शिकायत के अभाव में कार्रवाई नहीं होती। स्वास्थ्य विभाग के नियमों के अनुसार बिना पंजीयन प्रैक्टिस करना अपराध है। इसके बावजूद पाली में न तो जांच होती है, न ही इन क्लीनिकों पर ताला लगता है। नगर के जागरूक नागरिकों ने आरोप लगाया है कि विभागीय मिलीभगत के कारण यह अवैध कारोबार फल-फूल रहा है। मांग उठ रही है कि संभागीय कमिशनर जिला कलेक्टर एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तत्काल टीम गठित कर पाली नगर में सघन जांच अभियान चलाएं, बिना लाईसेंस के मेंडिकल स्टोर व अवैध क्लीनिक सील करें और दोषियों पर एफआईआर दर्ज करें। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो किसी बड़ी जनहानि से इंकार नहीं किया जा सकता। और इनके हौसले और भी बड़ते जाएगा।और जनता की जान और धन यूं ही जाती रहेगी
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    सभी सुविधाओं के बाद भी पाली में झोलाछाप डॉक्टरों का जाल, नगर पालिका के सामने ही चल रहा अवैध इलाज

संपूर्ण उमरिया जिले में शासन द्वारा स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने के लाख दावों के बावजूद पाली नगर एवं इस पास के ग्रामीण क्षेत्रों में झोलाछाप डॉक्टर कुकुरमुत्ते की तरह पनप गए हैं। हैरानी की बात यह है कि करेली के में मार्केट में तो घुलघुली के मेन रोडबाजार में तो पाली में नगर पालिका कार्यालय के सामने ही मुख्य मार्ग पर कथित बंगाली डॉक्टरों की भरमार है, जो बिना डिग्री और पंजीयन के धड़ल्ले से इलाज कर रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार शहर में दर्जनों अवैध क्लीनिक संचालित हो रहे हैं। इनमें न तो एमबीबीएस की डिग्री है, न ही मध्य प्रदेश चिकित्सा परिषद में पंजीयन। फिर भी सर्दी-खांसी, बुखार,  टाइफाइड, डायरिया दांत की स्टील वायरिंग ऑपरेशन दांत उखाड़ना दात लगाना मसाला भरना सफाई करना दांतों का सभी प्रकार का इलाज बिना डिग्री एक्सपीरियंस के एनीथीसिया इंजेक्शन, ड्रिप और एंटीबायोटिक तक दिए जा रहे हैं। एक छोटी सी गलती मरीजों को कैंसर जैसी ला इलाज गंभीर रूप से बीमार बना देते हैं कई झोलाछाप तो खुद को डॉक्टर बताकर बोर्ड लगा रखे हैं और ग्रामीण मरीजों को गुमराह कर रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों की उपलब्धता के बाद भी गरीब और अशिक्षित मरीज जल्दी राहत के लालच में इनके चक्कर में फंस जाते हैं।  गलत दवा और ओवरडोज दे कर के  धीरे-धीरे गरीबों को लाखों का चपत लगा देते हैं कई बार मरीजों की हालत बिगड़ चुकी है, लेकिन शिकायत के अभाव में कार्रवाई नहीं होती।

स्वास्थ्य विभाग के नियमों के अनुसार बिना पंजीयन प्रैक्टिस करना अपराध है। इसके बावजूद पाली में न तो जांच होती है, न ही इन क्लीनिकों पर ताला लगता है। नगर के जागरूक नागरिकों ने आरोप लगाया है कि विभागीय मिलीभगत के कारण यह अवैध कारोबार फल-फूल रहा है।

सभी सुविधाओं के बाद भी पाली में झोलाछाप डॉक्टरों का जाल, नगर पालिका के सामने ही चल रहा अवैध इलाज
संपूर्ण उमरिया जिले में शासन द्वारा स्वास्थ्य सुविधाएं बढ़ाने के लाख दावों के बावजूद पाली नगर एवं इस पास के ग्रामीण क्षेत्रों में झोलाछाप डॉक्टर कुकुरमुत्ते की तरह पनप गए हैं। हैरानी की बात यह है कि करेली के में मार्केट में तो घुलघुली के मेन रोडबाजार में तो पाली में नगर पालिका कार्यालय के सामने ही मुख्य मार्ग पर कथित बंगाली डॉक्टरों की भरमार है, जो बिना डिग्री और पंजीयन के धड़ल्ले से इलाज कर रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार शहर में दर्जनों अवैध क्लीनिक संचालित हो रहे हैं। इनमें न तो एमबीबीएस की डिग्री है, न ही मध्य प्रदेश चिकित्सा परिषद में पंजीयन। फिर भी सर्दी-खांसी, बुखार,  टाइफाइड, डायरिया दांत की स्टील वायरिंग ऑपरेशन दांत उखाड़ना दात लगाना मसाला भरना सफाई करना दांतों का सभी प्रकार का इलाज बिना डिग्री एक्सपीरियंस के एनीथीसिया इंजेक्शन, ड्रिप और एंटीबायोटिक तक दिए जा रहे हैं। एक छोटी सी गलती मरीजों को कैंसर जैसी ला इलाज गंभीर रूप से बीमार बना देते हैं कई झोलाछाप तो खुद को डॉक्टर बताकर बोर्ड लगा रखे हैं और ग्रामीण मरीजों को गुमराह कर रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों की उपलब्धता के बाद भी गरीब और अशिक्षित मरीज जल्दी राहत के लालच में इनके चक्कर में फंस जाते हैं।  गलत दवा और ओवरडोज दे कर के  धीरे-धीरे गरीबों को लाखों का चपत लगा देते हैं कई बार मरीजों की हालत बिगड़ चुकी है, लेकिन शिकायत के अभाव में कार्रवाई नहीं होती।
स्वास्थ्य विभाग के नियमों के अनुसार बिना पंजीयन प्रैक्टिस करना अपराध है। इसके बावजूद पाली में न तो जांच होती है, न ही इन क्लीनिकों पर ताला लगता है। नगर के जागरूक नागरिकों ने आरोप लगाया है कि विभागीय मिलीभगत के कारण यह अवैध कारोबार फल-फूल रहा है।
मांग उठ रही है कि संभागीय कमिशनर जिला कलेक्टर एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी तत्काल टीम गठित कर पाली नगर में सघन जांच अभियान चलाएं, बिना लाईसेंस के मेंडिकल स्टोर व अवैध क्लीनिक सील करें और दोषियों पर एफआईआर दर्ज करें। यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो किसी बड़ी जनहानि से इंकार नहीं किया जा सकता। और इनके हौसले और भी बड़ते जाएगा।और  जनता की जान और धन यूं ही जाती रहेगी
    user_Om Agrawal
    Om Agrawal
    पाली, उमरिया, मध्य प्रदेश•
    21 hrs ago
  • नियम विरुद्ध तरीके से संचालित किए जा रहे स्कूली बच्चों के ऑटो के विरुद्ध शहडोल पुलिस की विशेष मुहिम, 10 ऑटो जप्त नियम विरुद्ध तरीके से संचालित किए जा रहे स्कूली बच्चों के ऑटो के विरुद्ध शहडोल पुलिस की विशेष मुहिम, 10 ऑटो जप्त
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    नियम विरुद्ध तरीके से संचालित किए जा रहे स्कूली बच्चों के ऑटो के विरुद्ध शहडोल पुलिस की विशेष मुहिम, 10 ऑटो जप्त

नियम विरुद्ध तरीके से संचालित किए जा रहे स्कूली बच्चों के ऑटो के विरुद्ध शहडोल पुलिस की विशेष मुहिम, 10 ऑटो जप्त
    user_पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
    पंडित कृष्णा मिश्रा पत्रकार
    Insurance Agent सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • कलेक्टर ने धरती आबा योजना के तहत निर्माणाधीन कार्यों का किया निरीक्षण .... कलेक्टर ने कार्यों गुणवत्तापूर्ण कराने के दिए निर्देश, व्यक्त की नाराजगी ... शहडोल 18 सितम्बर 2026:- कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने ग्राम कोटमा में धरती आबा योजना के अंतर्गत बीडीसी द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने एक करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन सामुदायिक भवन तथा दो करोड़ रुपये की लागत से कराए जा रहे अन्य निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया और आवश्यक निर्देश दिए। कलेक्टर ने गुणवत्ता विहीन कार्य होने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की तथा गुणवत्तायुक्त कार्य कराने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को सामुदायिक भवन परिसर का समतलीकरण कराने, फेवर ब्लॉक लगाने, पहुंच मार्ग का निर्माण कराने, विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा कैम्पस का सौंदर्यीकरण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने परिसर में पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए भी कहा। कलेक्टर ने निर्माण कार्यों को निर्धारित मापदंडों के अनुरूप गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूर्ण कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री शिवम् प्रजापति, एसडीएम श्री भागीरथी लहरें, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग श्री आनंद राय सिन्हा तथा भवन निर्माण मंडल के अधिकारी उपस्थित रहे।
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    कलेक्टर ने धरती आबा योजना के तहत निर्माणाधीन कार्यों का किया निरीक्षण
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कलेक्टर ने कार्यों गुणवत्तापूर्ण  कराने के दिए निर्देश, व्यक्त की नाराजगी
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शहडोल 18 सितम्बर 2026:- कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल ने ग्राम कोटमा में धरती आबा योजना के अंतर्गत बीडीसी द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया।
उन्होंने एक करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन सामुदायिक भवन तथा दो करोड़ रुपये की लागत से कराए जा रहे अन्य निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया और आवश्यक निर्देश दिए। कलेक्टर ने गुणवत्ता विहीन कार्य होने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की तथा गुणवत्तायुक्त कार्य कराने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को सामुदायिक भवन परिसर का समतलीकरण कराने, फेवर ब्लॉक लगाने, पहुंच मार्ग का निर्माण कराने, विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा कैम्पस का सौंदर्यीकरण कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने परिसर में पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए भी कहा। कलेक्टर ने निर्माण कार्यों को निर्धारित मापदंडों के अनुरूप गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूर्ण कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री शिवम् प्रजापति, एसडीएम श्री भागीरथी लहरें, सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग श्री आनंद राय सिन्हा तथा भवन निर्माण मंडल के अधिकारी उपस्थित रहे।
    user_Angad Tiwari
    Angad Tiwari
    पत्रकार जयसिंहनगर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
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