बरेली के थाना आंवला पुलिस ने मनौना धाम से डेढ़ वर्षीय बच्चे के अपहरण के मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने बच्चा चोरी और बिक्री करने वाले गिरोह के तीन और शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिससे इस मामले में गिरफ्तार कुल आरोपियों की संख्या छह हो गई है। अपहृत बच्चे को सकुशल बरामद कर उसके परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस के अनुसार, यह मामला 24 मई को तब सामने आया जब मनौना धाम में सेवादार के रूप में काम करने वाले रमन, पुत्र रविंद्र, निवासी थाना उसैत, जनपद बदायूं ने शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उनके तीन बच्चे खेलते हुए सड़क की ओर चले गए थे, जिनमें से दो लौट आए लेकिन उनका डेढ़ वर्षीय पुत्र ऋषभ लापता हो गया। इस सूचना पर थाना आंवला में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान, पुलिस ने 27 मई को एक मुठभेड़ के बाद योगेश कन्नौजिया और पवन चंदेल को गिरफ्तार किया था। उनकी निशानदेही पर अपहृत बच्चे ऋषभ को बरामद कर लिया गया। दोनों आरोपियों से पूछताछ में उत्तम वाजपेई की संलिप्तता का खुलासा हुआ, जिसके बाद उसे 29 मई को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। उत्तम वाजपेई से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने गिरोह के अन्य सदस्यों संजय कुमार विश्वास, केशवराम उर्फ मंजेश और सीता की पहचान की। शुक्रवार को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने इन तीनों आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया। उनके खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए न्यायालय में पेश कर जेल भेजा जा रहा है। गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में खुलासा किया कि वे लंबे समय से बच्चों के अपहरण और बिक्री के धंधे में सक्रिय थे। गिरोह के सदस्य भीड़भाड़ वाले स्थानों, अस्पतालों और मंदिरों से बच्चों का अपहरण कर उन्हें ऊँची कीमत पर बेच देते थे। आरोपियों ने यह भी स्वीकार किया कि उन्होंने पहले भी बच्चों की खरीद-फरोख्त की है और इसके बदले में उन्हें लाखों रुपये मिले थे। इस सफल कार्रवाई में उपनिरीक्षक नरेन्द्र सिंह राघव, वरिष्ठ उपनिरीक्षक धर्मपाल सिंह, हेड कांस्टेबल श्याम सिंह, कांस्टेबल अजय सिंह, कांस्टेबल प्रियांशु तथा महिला कांस्टेबल छाया की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अब इस गिरोह के नेटवर्क और बच्चों की तस्करी से जुड़े अन्य मामलों की भी गहनता से जांच कर रही है।
बरेली के थाना आंवला पुलिस ने मनौना धाम से डेढ़ वर्षीय बच्चे के अपहरण के मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने बच्चा चोरी और बिक्री करने वाले गिरोह के तीन और शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिससे इस मामले में गिरफ्तार कुल आरोपियों की संख्या छह हो गई है। अपहृत बच्चे को सकुशल बरामद कर उसके परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस के अनुसार, यह मामला 24 मई को तब सामने आया जब मनौना धाम में सेवादार के रूप में काम करने वाले रमन, पुत्र रविंद्र, निवासी थाना उसैत, जनपद बदायूं ने शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उनके तीन बच्चे खेलते हुए सड़क की ओर चले गए थे, जिनमें से दो लौट आए लेकिन उनका डेढ़ वर्षीय पुत्र ऋषभ लापता हो गया। इस सूचना पर थाना आंवला में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान, पुलिस ने 27 मई को एक मुठभेड़ के बाद योगेश कन्नौजिया और पवन चंदेल को गिरफ्तार किया था। उनकी निशानदेही पर अपहृत बच्चे ऋषभ को बरामद कर लिया गया। दोनों आरोपियों से पूछताछ में उत्तम वाजपेई की संलिप्तता का खुलासा हुआ, जिसके बाद उसे 29 मई को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। उत्तम वाजपेई से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने गिरोह के अन्य सदस्यों संजय कुमार विश्वास, केशवराम उर्फ मंजेश और सीता की पहचान की। शुक्रवार को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने इन तीनों आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया। उनके खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए न्यायालय में पेश कर जेल भेजा जा रहा है। गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में खुलासा किया कि वे लंबे समय से बच्चों के अपहरण और बिक्री के धंधे में सक्रिय थे। गिरोह के सदस्य भीड़भाड़ वाले स्थानों, अस्पतालों और मंदिरों से बच्चों का अपहरण कर उन्हें ऊँची कीमत पर बेच देते थे। आरोपियों ने यह भी स्वीकार किया कि उन्होंने पहले भी बच्चों की खरीद-फरोख्त की है और इसके बदले में उन्हें लाखों रुपये मिले थे। इस सफल कार्रवाई में उपनिरीक्षक नरेन्द्र सिंह राघव, वरिष्ठ उपनिरीक्षक धर्मपाल सिंह, हेड कांस्टेबल श्याम सिंह, कांस्टेबल अजय सिंह, कांस्टेबल प्रियांशु तथा महिला कांस्टेबल छाया की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अब इस गिरोह के नेटवर्क और बच्चों की तस्करी से जुड़े अन्य मामलों की भी गहनता से जांच कर रही है।
- बरेली जिले के थाना भुता क्षेत्र में एक महिला ने अपनी बहू पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इस मामले में महिला ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) से न्याय की गुहार लगाई है।1
- बरेली के थाना आंवला पुलिस ने मनौना धाम से डेढ़ वर्षीय बच्चे के अपहरण के मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने बच्चा चोरी और बिक्री करने वाले गिरोह के तीन और शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया है, जिससे इस मामले में गिरफ्तार कुल आरोपियों की संख्या छह हो गई है। अपहृत बच्चे को सकुशल बरामद कर उसके परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस के अनुसार, यह मामला 24 मई को तब सामने आया जब मनौना धाम में सेवादार के रूप में काम करने वाले रमन, पुत्र रविंद्र, निवासी थाना उसैत, जनपद बदायूं ने शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उनके तीन बच्चे खेलते हुए सड़क की ओर चले गए थे, जिनमें से दो लौट आए लेकिन उनका डेढ़ वर्षीय पुत्र ऋषभ लापता हो गया। इस सूचना पर थाना आंवला में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान, पुलिस ने 27 मई को एक मुठभेड़ के बाद योगेश कन्नौजिया और पवन चंदेल को गिरफ्तार किया था। उनकी निशानदेही पर अपहृत बच्चे ऋषभ को बरामद कर लिया गया। दोनों आरोपियों से पूछताछ में उत्तम वाजपेई की संलिप्तता का खुलासा हुआ, जिसके बाद उसे 29 मई को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। उत्तम वाजपेई से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने गिरोह के अन्य सदस्यों संजय कुमार विश्वास, केशवराम उर्फ मंजेश और सीता की पहचान की। शुक्रवार को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने इन तीनों आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया। उनके खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए न्यायालय में पेश कर जेल भेजा जा रहा है। गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में खुलासा किया कि वे लंबे समय से बच्चों के अपहरण और बिक्री के धंधे में सक्रिय थे। गिरोह के सदस्य भीड़भाड़ वाले स्थानों, अस्पतालों और मंदिरों से बच्चों का अपहरण कर उन्हें ऊँची कीमत पर बेच देते थे। आरोपियों ने यह भी स्वीकार किया कि उन्होंने पहले भी बच्चों की खरीद-फरोख्त की है और इसके बदले में उन्हें लाखों रुपये मिले थे। इस सफल कार्रवाई में उपनिरीक्षक नरेन्द्र सिंह राघव, वरिष्ठ उपनिरीक्षक धर्मपाल सिंह, हेड कांस्टेबल श्याम सिंह, कांस्टेबल अजय सिंह, कांस्टेबल प्रियांशु तथा महिला कांस्टेबल छाया की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अब इस गिरोह के नेटवर्क और बच्चों की तस्करी से जुड़े अन्य मामलों की भी गहनता से जांच कर रही है।1
- बरेली के नवाबगंज में एक पीड़ित ने पुलिस अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित का कहना है कि पुलिस वाले एक मुजरिम के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं, जिसके चलते उसने इंसाफ के लिए गुहार लगाई है।1
- बरेली पुलिस के आंवला थाने को एक बड़ी सफलता मिली है, जहाँ मनौना धाम से अपहृत किए गए डेढ़ वर्षीय बालक को सकुशल बरामद कर लिया गया है। इस प्रकरण में अपहरण गिरोह के तीन और शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है, जिसके बाद कुल गिरफ्तार अभियुक्तों की संख्या छह हो गई है। इस संबंध में श्रीमती अंशिका वर्मा, एसपी साउथ बरेली, ने एक बाइट भी दी है, जिसमें उन्होंने इन गिरफ्तारियों और बालक की सुरक्षित वापसी की पुष्टि की।1
- उत्तर प्रदेश के बरेली जिले के फतेहगंज पश्चिमी थाना क्षेत्र में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ 22 वर्षीय एक युवक का शव सागौन के खेत में मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया है। युवक गुरुवार से लापता था और शुक्रवार सुबह उसका शव बरामद किया गया। मृतक के सिर पर चोट के निशान मिलने के कारण हत्या की आशंका जताई जा रही है, जिस पर पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। यह घटना फतेहगंज पश्चिमी थाना क्षेत्र के ठिरिया खेतल गाँव की है। गाँव के 22 वर्षीय राजेश प्रजापति पुत्र सुम्मेरी लाल प्रजापति का शव शुक्रवार सुबह सहोड़ा महाराज जी के पास जंगल में एक सागौन के खेत में मिला, जिससे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। शव मिलने की खबर तेजी से फैलते ही मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। परिजनों के अनुसार, राजेश प्रजापति एक ईंट भट्टे पर ईंट निकालने का काम करता था। गुरुवार दोपहर करीब तीन बजे वह दो अन्य लोगों के साथ भट्टे से घर लौटा था और अपने साथ हफ्ते की मजदूरी के पैसे भी लाया था। घर आने के कुछ समय बाद ही वह अचानक गायब हो गया था, और देर रात तक वापस न लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू कर दी थी। शुक्रवार सुबह, ग्रामीणों ने सहोड़ा महाराज जी के पास सागौन के खेत में युवक का शव पड़ा देखा और तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुँची, शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक के सिर के पिछले हिस्से में चोट के स्पष्ट निशान मिले हैं, जिससे यह मामला संदिग्ध हो गया है और पुलिस हत्या की आशंका जता रही है। ग्रामीणों में चर्चा है कि युवक को आखिरी बार जिन दो लोगों के साथ देखा गया था, पुलिस ने उन्हें हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। इसके अतिरिक्त, मृतक की जेब से ₹25,760 रुपये भी बरामद होने की जानकारी सामने आई है।4
- उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में मौसम ने अचानक अपना मिजाज बदल लिया है। तेज हवाएं चलने के साथ मौसमी बदलाव देखा गया है, जिसके मद्देनजर मौसम विभाग द्वारा चेतावनी भी जारी की गई है। यह जानकारी शाम 7:30 बजे की एक तस्वीर के साथ साझा की गई है, जो बदली हुई मौसमी स्थिति को दर्शाती है।4
- उत्तर प्रदेश के बरेली में अपराध से जुड़े एक मामले में हुए बवाल के बाद पुलिस ने कानून व्यवस्था की स्थिति संभाली है। अधिकारियों द्वारा 'अवशेषों' को लेकर जानकारी साझा की गई है। बरेली में उत्पन्न हुए इस बवाल के मद्देनजर पुलिस ने एक बड़ी पहल के तहत बड़ा एक्शन लिया है, जिसमें कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए मोर्चा संभाला गया। यह कार्रवाई बरेली के थाना बारादरी क्षेत्र से संबंधित है।1
- बरेली के थाना बारादरी क्षेत्र के मोहल्ला हजियापुर में एक पड़ोसी के पालतू कुत्ते ने घर में घुसकर छह वर्षीय मासूम बच्चे पर हमला कर दिया। इस हमले में बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसके बाद परिजनों ने उसे उपचार के लिए तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। घायल बच्चे की बुआ ममता सागर के अनुसार, दर्श कुमार (6) पुत्र नंद किशोर, जो तुलाशेरपुर में किराए पर अपने परिवार के साथ रहता है, शुक्रवार को अपनी बुआ के घर हजियापुर आया हुआ था। शनिवार सुबह जब दर्श घर के दरवाजे के पास खेल रहा था, तभी पड़ोस में रहने वाली संगीता का कुत्ता अचानक घर में घुस आया और उस पर हमला कर दिया। कुत्ते के हमले में दर्श के पैर में गंभीर चोटें आईं। बच्चे की चीख-पुकार सुनकर परिजन तुरंत मौके पर पहुंचे और किसी तरह उसे कुत्ते से बचाया। इसके बाद, घायल बच्चे को बिना देरी किए जिला अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उसका उपचार चल रहा है। इस घटना के बाद से परिवार में दहशत का माहौल है, और परिजनों ने संबंधित लोगों से पालतू कुत्तों को सुरक्षित रखने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।1