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आज भी इंसानियत जिंदा है: भीषण हादसे में इमरान अली ने घायलों को पहुंचाया अस्पताल, परिजनों को लौटाए रुपए
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आज भी इंसानियत जिंदा है: भीषण हादसे में इमरान अली ने घायलों को पहुंचाया अस्पताल, परिजनों को लौटाए रुपए
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- मध्य प्रदेश के महादेवगढ़ मंदिर एक बार फिर चर्चा में आ गया है, जहां अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर एक प्रेमी युगल ने सामाजिक बंधनों को तोड़ते हुए विवाह रचा लिया। जानकारी के अनुसार राजस्थान की रहने वाली युवती रुखसार ने भोपाल निवासी युवक अजय के साथ मंदिर परिसर में विधि-विधान से सात फेरे लिए। विवाह से पहले युवती का धर्म परिवर्तन करवाया गया, जिसके बाद उसका नाम बदलकर राधिका रखा गया।बताया जा रहा है कि युवती ने अपने परिवार के विरोध के बावजूद यह कदम उठाया। शादी के दौरान मंदिर परिसर में सभी धार्मिक रीति-रिवाजों का पालन किया गया और विवाह संपन्न कराया गया।1
- कमजोर दिल वाले वीडियो ना देखे शहर के नोखा रोड स्थित बसंत विहार कॉलोनी की गोचर भूमि में सोमवार शाम एक व्यक्ति का शव पेड़ से फंदे पर लटका हुआ मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई।जानकारी के अनुसार आज शाम करीब 6:30 बजे इस घटना की सूचना मिली। मौके पर पहुंचने पर पाया गया कि शव की स्थिति और दुर्गंध से यह करीब एक सप्ताह पुराना प्रतीत हो रहा है। सूचना मिलते ही ख़िदमतगार ख़ादिम सोसाइटी और असहाय सेवा संस्थान की टीम एम्बुलेंस के साथ मौके पर पहुंची। टीम में सोएब भाई, मोहम्मद जुनैद खान, इमरान, अयूब लोदा और राजकुमार खड़गावत शामिल रहे।मौके पर गंगाशहर थाना पुलिस हेड कांस्टेबल बीरबल सिंह अपनी टीम के साथ पहुंचे और आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को नीचे उतरवाया। इसके बाद शव को पीबीएम अस्पताल भिजवाया गया, जहां डॉक्टरी मुआयना कर शव को मोर्चरी में रखवाया गया। फिलहाल मृतक की पहचान नहीं हो पाई है और पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।1
- Post by SSSO News1
- पत्रकार इकबाल खान राजस्थान के बालोतरा जिले के पचपदरा स्थित रिफाइनरी परिसर में सोमवार को अचानक भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। यह घटना ऐसे समय पर हुई है जब मंगलवार को प्रधानमंत्री मोदी द्वारा इस बड़े प्रोजेक्ट का उद्घाटन प्रस्तावित है। जानकारी के अनुसार HPCL राजस्थान रिफाइनरी के एक यूनिट से अचानक आग की तेज लपटें उठने लगीं और काला धुआं दूर-दूर तक दिखाई देने लगा। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही दमकल की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का काम शुरू किया गया। एहतियात के तौर पर पूरे परिसर को सुरक्षा घेरे में ले लिया गया है। करीब 79 हजार करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस मेगा प्रोजेक्ट का पिछले 13 वर्षों से इंतजार किया जा रहा था। 21 अप्रैल को इसके लोकार्पण की तैयारी थी, लेकिन हादसे के बाद कार्यक्रम पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। किसी के हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। प्रशासन और रिफाइनरी प्रबंधन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।1
- उद्घाटन से पहले रिफाइनरी में आग! बाड़मेर में बड़ा हादसा 🚨 राजस्थान के बाड़मेर स्थित पचपदरा रिफाइनरी की एक यूनिट में अचानक आग लग गई। बताया जा रहा है कि CDU यूनिट में लगी इस आग से मौके पर हड़कंप मच गया। सुरक्षा के तहत सभी कर्मचारियों को तुरंत बाहर निकाला गया और फायर ब्रिगेड द्वारा आग पर काबू पाने की कोशिश जारी है। खास बात ये है कि रिफाइनरी का उद्घाटन एक दिन बाद होना था, उससे पहले ही यह बड़ा हादसा सामने आया। फिलहाल आग लगने के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है #bikaner #rajasthan #बाड़मेर #RajasthanNews #breakingnews1
- कुंदन देथा EO पद पर आज ज्वाइन करने पहुंचे तो उनका भाजपा कार्यकर्ताओं ने जबरदस्त विरोध किया।1
- हमारे गांव रानासर हंसावतन में सड़क मार्ग एंव पानी की समस्या और हर गली मोहल्ले में सोलर लाइट की असुविधा है और गांव में इंटरनेट कि भी असुविधा है2
- अमेरिका के हमले की आंच संयुक्त अरब अमीरात (UAE) पर भी आ रही है। अब यूएई का सब्र जवाब देने लगा है। उसने इस युद्ध के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को जिम्मेदार ठहराया है। यूएई ने चेतावनी दी है कि अगर युद्ध के कारण अमेरिकी डॉलर की कमी हुई तो वह तेल और गैस के लिए चीन की करेंसी युआन (Yuan) या दूसरी करेंसी में ट्रांजेक्शन शुरू कर देगा। यूएई अधिकारियों ने पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में बढ़ती अस्थिरता और ईरान के साथ बढ़ते संघर्ष के लिए सीधे तौर पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया है। 'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' की रिपोर्ट के मुताबिक यूएई का मानना है कि अमेरिका की आक्रामक नीतियों ने क्षेत्रीय वित्तीय स्थिरता को खतरे में डाल दिया है। *क्या कम होगा डॉलर का दबदबा?* मैक्रोइकॉनोमिक एनालिस्ट ल्यूक ग्रोमेन (Luke Gromen) के अनुसार यूएई ने अपनी अर्थव्यवस्था को युद्ध के खतरों से बचाने के लिए अमेरिका से फाइनेंशियल लाइफलाइन के रूप में डॉलर स्वैप लाइन (Dollar Swap Line) की मांग की है।अगर यूएई तेल व्यापार के लिए चीनी करेंसी युआन अपनाता है, तो यह वैश्विक बाजार में डॉलर के दबदबे के लिए अब तक की सबसे बड़ी चुनौती होगी। दशकों से वैश्विक तेल व्यापार डॉलर में ही होता आया है। विशेषज्ञों का कहना है कि चीन के पास पहले से ही कई देशों के साथ स्वैप लाइनें मौजूद हैं, जिससे यूएई के लिए युआन एक व्यावहारिक विकल्प बन गया है। गैर-डॉलर करेंसी से क्या असर? अगर अमेरिका और ईरान के बीच कोई समाधान नहीं निकलता है तो कच्चे तेल की कीमतें और बढ़ सकती हैं। इससे वैश्विक स्तर पर डॉलर की स्थिति कमजोर हो सकती है। ल्यूक ग्रोमेन का तर्क है कि गैर-डॉलर व्यापार अपनाने से देशों को अपना सीमित डॉलर भंडार पुराना कर्ज चुकाने के लिए बचाने में मदद मिलती है। वहीं भविष्य का व्यापार नई मुद्राओं में शिफ्ट हो जाता है। भारत ने किया है युआन में पेमेंट हाल ही में भारतीय तेल कंपनियों ने ईरान से तेल खरीदा है। इसका पेमेंट इन कंपनियों ने अमेरिकी डॉलर की जगह चीनी युआन में किया है। इनके अलावा इलेक्ट्रॉनिक्स समेत और दूसरी कंपनियां भी अमेरिकी डॉलर की जगह चीनी युआन में पेमेंट करने पर विचार कर रही हैं। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी से निपटने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स और रिटेल सेक्टर की दिग्गज कंपनियां युआन की तरफ रुख करने का विचार कर रही हैं।1