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जय श्री राम राधे राधे राधे राधे राधे राधे राधे राधे राधे राधे

8 hrs ago
user_Vishwanath Sahni
Vishwanath Sahni
Nurse Madhuban, Purbi Champaran•
8 hrs ago

जय श्री राम राधे राधे राधे राधे राधे राधे राधे राधे राधे राधे

More news from Purbi Champaran and nearby areas
  • Post by Vishwanath Sahni
    1
    Post by Vishwanath Sahni
    user_Vishwanath Sahni
    Vishwanath Sahni
    Nurse Madhuban, Purbi Champaran•
    8 hrs ago
  • मोतिहारी के चकिया में मदरसा से पिस्टल बरामद और तीन गिरफ्तार बड़े घटना को अंजाम देने का फिराक में था अपराधी।।
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    मोतिहारी के चकिया में मदरसा से पिस्टल बरामद और तीन गिरफ्तार बड़े घटना को अंजाम देने का फिराक में था अपराधी।।
    user_News Granth
    News Granth
    चकिया (पिपरा), पूर्वी चंपारण, बिहार•
    5 hrs ago
  • *गांव के #स्कूल से #देश तक पहचान, #पार्थ आश्रम के बच्चों ने रचा #इतिहास ,#विधायक ने किया #सम्मानित* **************************** शिवहर/जिले के तरियानी प्रखंड अंतर्गत सरवरपुर स्थित पार्थ आश्रम पब्लिक स्कूल में शनिवार को एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में उन प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया, जिन्होंने इंटर, मैट्रिक परीक्षा के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर स्कूल एवं जिले का नाम रोशन किया है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बेलसंड विधानसभा क्षेत्र के विधायक अमित कुमार रानू शामिल हुए। उन्होंने सभी सफल छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र, मेडल एवं उपहार देकर सम्मानित किया। समारोह हर्षोल्लास और उत्साह के माहौल में संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में अभिभावक, ग्रामीण और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। अपने संबोधन में विधायक अमित कुमार रानू ने छात्रों की सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि इतनी छोटी जगह के स्कूल से निकलकर बच्चों का राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाना गर्व की बात है। उन्होंने इसके लिए शिक्षकों, अभिभावकों एवं छात्रों की मेहनत की सराहना की। साथ ही उन्होंने बताया कि तरियानी प्रखंड में डिग्री कॉलेज की मांग की गई है और जल्द ही कॉलेज एवं स्टेडियम का निर्माण कराया जाएगा, ताकि क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को बेहतर शैक्षणिक और खेल सुविधाएं मिल सकें। मौके पर मौजूद बेलहिया पंचायत के पूर्व मुखिया नीरज कुमार पप्पू ने बताया कि जिस विद्यालय में आज यह आयोजन हो रहा है, उसकी भूमि दाता उर्मिला देवी हैं, जिनका योगदान अतुलनीय है। उन्होंने उनके प्रति आभार व्यक्त करते हुए विद्यालय के निदेशक नीरज कुमार, संचालक सर्वेश कुमार एवं सभी शिक्षकों की सराहना की, जो लगातार मेहनत कर छात्रों का भविष्य उज्ज्वल बनाने में लगे हैं। उन्होंने कहा कि आगे भी इसी तरह गरीब एवं प्रतिभाशाली बच्चों को आगे बढ़ाने का कार्य जारी रखा जाएगा। कार्यक्रम में पैक्स अध्यक्ष राजकुमार सिंह, उप मुखिया हरिशंकर सिंह, कवि राजेंद्र प्रसाद सिंह, छतौनी पंचायत के पूर्व मुखिया गौरव सिंह, भूमि दाता उर्मिला देवी, शिक्षक नीरज कुमार, सर्वेश कुमार, सिद्धांत कुमार सहित अन्य गणमान लोग एवं हजारों की संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। द वॉयस ऑफ़ बिहार न्यूज़ डेस्क के लिए जिला #संवाददाता विनोद सिंह #राजपूत की रिपोर्ट #ViralvideobelsandvidhayakAmitKumarRanu
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    *गांव के #स्कूल से #देश तक पहचान, #पार्थ आश्रम के बच्चों ने रचा #इतिहास ,#विधायक ने किया #सम्मानित*
****************************
शिवहर/जिले के तरियानी प्रखंड अंतर्गत सरवरपुर स्थित पार्थ आश्रम पब्लिक स्कूल में शनिवार को एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में उन प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया, जिन्होंने इंटर, मैट्रिक परीक्षा के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर स्कूल एवं जिले का नाम रोशन किया है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बेलसंड विधानसभा क्षेत्र के विधायक अमित कुमार रानू शामिल हुए। उन्होंने सभी सफल छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र, मेडल एवं उपहार देकर सम्मानित किया। समारोह हर्षोल्लास और उत्साह के माहौल में संपन्न हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में अभिभावक, ग्रामीण और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में विधायक अमित कुमार रानू ने छात्रों की सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि इतनी छोटी जगह के स्कूल से निकलकर बच्चों का राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाना गर्व की बात है। उन्होंने इसके लिए शिक्षकों, अभिभावकों एवं छात्रों की मेहनत की सराहना की। साथ ही उन्होंने बताया कि तरियानी प्रखंड में डिग्री कॉलेज की मांग की गई है और जल्द ही कॉलेज एवं स्टेडियम का निर्माण कराया जाएगा, ताकि क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को बेहतर शैक्षणिक और खेल सुविधाएं मिल सकें।
मौके पर मौजूद बेलहिया पंचायत के पूर्व मुखिया नीरज कुमार पप्पू ने बताया कि जिस विद्यालय में आज यह आयोजन हो रहा है, उसकी भूमि दाता उर्मिला देवी हैं, जिनका योगदान अतुलनीय है। उन्होंने उनके प्रति आभार व्यक्त करते हुए विद्यालय के निदेशक नीरज कुमार, संचालक सर्वेश कुमार एवं सभी शिक्षकों की सराहना की, जो लगातार मेहनत कर छात्रों का भविष्य उज्ज्वल बनाने में लगे हैं।
उन्होंने कहा कि आगे भी इसी तरह गरीब एवं प्रतिभाशाली बच्चों को आगे बढ़ाने का कार्य जारी रखा जाएगा।
कार्यक्रम में पैक्स अध्यक्ष राजकुमार सिंह, उप मुखिया हरिशंकर सिंह, कवि राजेंद्र प्रसाद सिंह, छतौनी पंचायत के पूर्व मुखिया गौरव सिंह, भूमि दाता उर्मिला देवी, शिक्षक नीरज कुमार, सर्वेश कुमार, सिद्धांत कुमार सहित अन्य गणमान लोग एवं हजारों की संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
द वॉयस ऑफ़ बिहार न्यूज़ डेस्क के लिए जिला #संवाददाता विनोद सिंह #राजपूत की रिपोर्ट 
#ViralvideobelsandvidhayakAmitKumarRanu
    user_Vinod Singh Rajput, shivhar News
    Vinod Singh Rajput, shivhar News
    Newspaper publisher तरियानी चौक, शिवहर, बिहार•
    12 hrs ago
  • Post by Dainik Bihar Tv24
    1
    Post by Dainik Bihar Tv24
    user_Dainik Bihar Tv24
    Dainik Bihar Tv24
    Newspaper publisher तरियानी चौक, शिवहर, बिहार•
    14 hrs ago
  • --जीरो डेथ लक्ष्य के साथ प्रशासन अलर्ट: हर शनिवार गांव-गांव गूंजेगा चमकी बुखार बचाव संदेश --जिलाधिकारी ने मुसहरी प्रखंड के मनिका बिशनपुर चांद पंचायत में आयोजित संध्या चौपाल में भाग लेकर आम नागरिकों को जागरुक करते हुए आवश्यक एहतियाती उपायों का पालन करने का किया आह्वान (रवि कुमार भार्गव संपादक दैनिक अयोध्या टाइम्स बिहार) मुजफ्फरपुर 04 अप्रैल 2026- मुजफ्फरपुर:-गर्मी के मौसम के आगमन के साथ ही जिले में चमकी बुखार (एईएस) को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। इसी कड़ी में आज से पूरे जिले में चमकी बुखार की रोकथाम एवं बचाव हेतु व्यापक जागरूकता अभियान का शुभारंभ किया गया। जिला पदाधिकारी श्री सुब्रत कुमार सेन द्वारा जिले के सभी 373 पंचायतों में जिला से लेकर प्रखंड स्तर तक के अधिकारियों की पंचायतवार तैनाती की गई है तथा प्रत्येक शनिवार को संध्या चौपाल आयोजित करने का आदेश जारी किया गया है, जिसके तहत आज जिले के सभी पंचायतों में प्रतिनियुक्त अधिकारियों द्वारा चौपाल लगाकर लोगों को जागरूक किया गया।इस अभियान का मुख्य कार्यक्रम मुसहरी प्रखंड के मनिका बिशनपुर चांद स्थित उच्च विद्यालय परिसर में आयोजित किया गया, जहां जिला पदाधिकारी श्री सुब्रत कुमार सेन के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में बड़ी संख्या में जीविका दीदी, आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका, विकास मित्र, स्थानीय पंचायत प्रतिनिधि एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित हुए।कार्यक्रम की शुरुआत जिला पदाधिकारी एवं उप विकास आयुक्त श्री श्रेष्ठ अनुपम , सिविल सर्जन श्री सुधीर कुमार द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।सभा को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी ने कहा कि विगत वर्ष की भांति इस वर्ष भी सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ पूरी तत्परता और सजगता से कार्य करना होगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि चमकी बुखार जैसी गंभीर बीमारी से निपटने के लिए प्रशासनिक तत्परता के साथ-साथ जनसहभागिता भी बेहद जरूरी है।लक्षण दिखते ही तुरंत अस्पताल पहुंचाने की अपील:जिलाधिकारी ने आमजन, विशेषकर अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि यदि किसी भी बच्चे में चमकी बुखार के लक्षण दिखाई दें, तो बिना किसी देरी के उसे तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल में पहुंचाएं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकारी अस्पतालों में प्रशिक्षित डॉक्टर एवं स्वास्थ्य कर्मी मौजूद हैं, जिन्हें इस बीमारी के उपचार की पूरी जानकारी दी गई है। साथ ही अस्पतालों में सभी आवश्यक दवाएं, ग्लूकोज एवं चिकित्सा संसाधन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि थोड़ी सी लापरवाही भी बच्चों के लिए खतरनाक साबित हो सकती है, इसलिए सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।गर्मी में सतर्कता और बच्चों के पोषण पर जोर:जिलाधिकारी ने बढ़ती गर्मी को देखते हुए लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि अभिभावकों को अपने बच्चों के खान-पान और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना चाहिए। बच्चों को समय पर भोजन देना, पर्याप्त पानी पिलाना और धूप से बचाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मियों को निर्देश दिया कि वे पूरी सक्रियता के साथ कार्य करें और विगत वर्ष की तरह इस वर्ष भी “जीरो डेथ” के लक्ष्य को हासिल करने के लिए संकल्पित रहें।इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कुपोषित बच्चों के परिजनों को जीविका द्वारा तैयार फूड बास्केट भेंट की।घर-घर सर्वे और निगरानी के निर्देश जिला पदाधिकारी ने आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी सेविका- सहायिका एवं जीविका दीदियों को निर्देश दिया कि वे घर-घर जाकर 0 से 15 वर्ष तक के बच्चों की वार्डवार सूची तैयार करें और उनके स्वास्थ्य की नियमित निगरानी करें। उन्होंने कहा कि समय पर पहचान और निगरानी से इस बीमारी को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।क्या है चमकी बुखार और इसके कारण:चमकी बुखार मुख्यतः बच्चों (0-15 वर्ष) में होने वाली एक गंभीर बीमारी है, जो अत्यधिक गर्मी, कुपोषण, खाली पेट सोने और शरीर में ग्लूकोज की कमी के कारण होती है। इसके अतिरिक्त तेज धूप में अधिक समय तक रहने, शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) तथा अस्वच्छ खान-पान भी इसके प्रमुख कारण हैं।जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चों को कभी भी खाली पेट नहीं सोने दें और उन्हें संतुलित एवं पौष्टिक आहार अवश्य दें।चमकी बुखार के प्रमुख लक्षण: इस बीमारी के प्रमुख लक्षण इस प्रकार हैं-तेज बुखार-शरीर में ऐंठन या झटके (चमकी आना)-बेहोशी या अत्यधिक सुस्ती-बार-बार उल्टी होना पसीना आना एवं कमजोरी -सुबह के समय अचानक स्थिति बिगड़ना जिलाधिकारी ने कहा कि इन लक्षणों को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। ऐसे में तुरंत चिकित्सा सहायता लेना अनिवार्य है।बचाव के लिए जरूरी उपाय: चमकी बुखार से बचाव पूरी तरह संभव है, यदि कुछ सरल सावधानियों का पालन किया जाए। इसके लिए बच्चों को रात में बिना खाना खाए न सुलाएं गर्मी में पर्याप्त मात्रा में पानी एवं तरल पदार्थ दें दोपहर की तेज धूप में बच्चों को बाहर जाने से रोकें हल्का, सुपाच्य एवं पौष्टिक भोजन दें घर एवं आसपास स्वच्छता बनाए रखें।साथ ही आंगनबाड़ी एवं आशा कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया गया है कि वे घर-घर जाकर इन उपायों के बारे में लोगों को जागरूक करें।सावधानियां और प्राथमिक उपचार:इस अवसर पर सिविल सर्जन ने बताया कि लक्षण दिखते ही तत्काल प्राथमिक कदम उठाना जरूरी है,बच्चे के बेहोश होने पर उसे बाईं करवट लिटाएं तेज बुखार होने पर शरीर को ठंडे पानी से पोंछें तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल ले जाएं 102 या 108 एम्बुलेंस सेवा का उपयोग करें‌ उन्होंने कहा कि सभी स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक दवाएं, उपकरण एवं चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध है, जागरूकता अभियान को दिया जाएगा और विस्तार: जिलाधिकारी ने कहा कि इस अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए पंचायत स्तर पर संध्या चौपाल, स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों एवं सार्वजनिक स्थलों पर पोस्टर, बैनर एवं हैंडबिल के माध्यम से जागरूकता फैलाई जाएगी। साथ ही गांव-गांव में माइकिंग कर लोगों को सतर्क किया जाएगा।उन्होंने कहा कि अभिभावकों को यह समझाना बेहद जरूरी है कि बच्चों का नियमित भोजन और स्वास्थ्य देखभाल ही इस बीमारी से बचाव का सबसे कारगर उपाय है।डॉक्टरों एवं स्वास्थ्य कर्मियों की ड्यूटी तय कर दी गई है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। संदिग्ध मरीजों की पहचान, त्वरित इलाज एवं आवश्यकता पड़ने पर रेफरल की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।डीएम की अपील: घबराएं नहीं, सतर्क रहें:जिलाधिकारी ने अंत में जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि चमकी बुखार को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है, बल्कि जागरूकता और सतर्कता से इस बीमारी पर पूरी तरह नियंत्रण पाया जा सकता है।उन्होंने कहा कि प्रशासन हर स्तर पर तैयार है, लेकिन आम जनता का सहयोग इस अभियान की सफलता के लिए बेहद जरूरी है।निष्कर्षतः चमकी बुखार एक गंभीर लेकिन पूरी तरह रोकी जा सकने वाली बीमारी है।समय पर पहचान, सही इलाज, संतुलित आहार और आवश्यक सावधानियों का पालन कर बच्चों को सुरक्षित रखा जा सकता है।
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    --जीरो डेथ लक्ष्य के साथ प्रशासन अलर्ट: हर शनिवार गांव-गांव गूंजेगा चमकी बुखार बचाव संदेश
--जिलाधिकारी ने मुसहरी प्रखंड के मनिका बिशनपुर चांद पंचायत में आयोजित संध्या चौपाल में भाग लेकर आम नागरिकों को जागरुक करते हुए आवश्यक एहतियाती उपायों का पालन करने का किया आह्वान
(रवि कुमार भार्गव संपादक दैनिक अयोध्या टाइम्स बिहार)
मुजफ्फरपुर 04 अप्रैल 2026- मुजफ्फरपुर:-गर्मी के मौसम के आगमन के साथ ही जिले में चमकी बुखार (एईएस) को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। इसी कड़ी में आज से पूरे जिले में चमकी बुखार की रोकथाम एवं बचाव हेतु व्यापक जागरूकता अभियान का शुभारंभ किया गया। जिला पदाधिकारी श्री सुब्रत कुमार सेन द्वारा जिले के सभी 373 पंचायतों में जिला से लेकर प्रखंड स्तर तक के अधिकारियों की पंचायतवार तैनाती की गई है तथा प्रत्येक शनिवार को संध्या चौपाल आयोजित करने का आदेश जारी किया गया है, जिसके तहत आज जिले के सभी पंचायतों में प्रतिनियुक्त अधिकारियों द्वारा चौपाल लगाकर लोगों को जागरूक किया गया।इस अभियान का मुख्य कार्यक्रम मुसहरी प्रखंड के मनिका बिशनपुर चांद स्थित उच्च विद्यालय परिसर में आयोजित किया गया, जहां जिला पदाधिकारी श्री सुब्रत कुमार सेन के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में बड़ी संख्या में जीविका दीदी, आंगनबाड़ी सेविका-सहायिका, विकास मित्र, स्थानीय पंचायत प्रतिनिधि एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित हुए।कार्यक्रम की शुरुआत जिला पदाधिकारी एवं उप विकास आयुक्त श्री श्रेष्ठ अनुपम , सिविल सर्जन श्री सुधीर कुमार द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया।सभा को संबोधित करते हुए जिला पदाधिकारी ने कहा कि विगत वर्ष की भांति इस वर्ष भी सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ पूरी तत्परता और सजगता से कार्य करना होगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि चमकी बुखार जैसी गंभीर बीमारी से निपटने के लिए प्रशासनिक तत्परता के साथ-साथ जनसहभागिता भी बेहद जरूरी है।लक्षण दिखते ही तुरंत अस्पताल पहुंचाने की अपील:जिलाधिकारी ने आमजन, विशेषकर अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि यदि किसी भी बच्चे में चमकी बुखार के लक्षण दिखाई दें, तो बिना किसी देरी के उसे तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल में पहुंचाएं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकारी अस्पतालों में प्रशिक्षित डॉक्टर एवं स्वास्थ्य कर्मी मौजूद हैं, जिन्हें इस बीमारी के उपचार की पूरी जानकारी दी गई है। साथ ही अस्पतालों में सभी आवश्यक दवाएं, ग्लूकोज एवं चिकित्सा संसाधन पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि थोड़ी सी लापरवाही भी बच्चों के लिए खतरनाक साबित हो सकती है, इसलिए सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।गर्मी में सतर्कता और बच्चों के पोषण पर जोर:जिलाधिकारी ने बढ़ती गर्मी को देखते हुए लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि अभिभावकों को अपने बच्चों के खान-पान और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना चाहिए। बच्चों को समय पर भोजन देना, पर्याप्त पानी पिलाना और धूप से बचाना अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मियों को निर्देश दिया कि वे पूरी सक्रियता के साथ कार्य करें और विगत वर्ष की तरह इस वर्ष भी “जीरो डेथ” के लक्ष्य को हासिल करने के लिए संकल्पित रहें।इस अवसर पर जिलाधिकारी ने कुपोषित बच्चों के परिजनों को जीविका द्वारा तैयार फूड बास्केट भेंट की।घर-घर सर्वे और निगरानी के निर्देश जिला पदाधिकारी ने आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी सेविका- सहायिका एवं जीविका दीदियों को निर्देश दिया कि वे घर-घर जाकर 0 से 15 वर्ष तक के बच्चों की वार्डवार सूची तैयार करें और उनके स्वास्थ्य की नियमित निगरानी करें। उन्होंने कहा कि समय पर पहचान और निगरानी से इस बीमारी को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।क्या है चमकी बुखार और इसके कारण:चमकी बुखार मुख्यतः बच्चों (0-15 वर्ष) में होने वाली एक गंभीर बीमारी है, जो अत्यधिक गर्मी, कुपोषण, खाली पेट सोने और शरीर में ग्लूकोज की कमी के कारण होती है। इसके अतिरिक्त तेज धूप में अधिक समय तक रहने, शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) तथा अस्वच्छ खान-पान भी इसके प्रमुख कारण हैं।जिलाधिकारी ने कहा कि बच्चों को कभी भी खाली पेट नहीं सोने दें और उन्हें संतुलित एवं पौष्टिक आहार अवश्य दें।चमकी बुखार के प्रमुख लक्षण: इस बीमारी के प्रमुख लक्षण इस प्रकार हैं-तेज बुखार-शरीर में ऐंठन या झटके (चमकी आना)-बेहोशी या अत्यधिक सुस्ती-बार-बार उल्टी होना पसीना आना एवं कमजोरी
-सुबह के समय अचानक स्थिति बिगड़ना जिलाधिकारी ने कहा कि इन लक्षणों को नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। ऐसे में तुरंत चिकित्सा सहायता लेना अनिवार्य है।बचाव के लिए जरूरी उपाय: चमकी बुखार से बचाव पूरी तरह संभव है, यदि कुछ सरल सावधानियों का पालन किया जाए। इसके  लिए बच्चों को रात में बिना खाना खाए न सुलाएं गर्मी में पर्याप्त मात्रा में पानी एवं तरल पदार्थ दें दोपहर की तेज धूप में बच्चों को बाहर जाने से रोकें हल्का, सुपाच्य एवं पौष्टिक भोजन दें घर एवं आसपास स्वच्छता बनाए रखें।साथ ही आंगनबाड़ी एवं आशा कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया गया है कि वे घर-घर जाकर इन उपायों के बारे में लोगों को जागरूक करें।सावधानियां और प्राथमिक उपचार:इस अवसर पर सिविल सर्जन ने बताया कि लक्षण दिखते ही तत्काल प्राथमिक कदम उठाना जरूरी है,बच्चे के बेहोश होने पर उसे बाईं करवट लिटाएं तेज बुखार होने पर शरीर को ठंडे पानी से पोंछें तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल ले जाएं 102 या 108 एम्बुलेंस सेवा का उपयोग करें‌ उन्होंने कहा कि सभी स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक दवाएं, उपकरण एवं चिकित्सकीय सुविधाएं  उपलब्ध है, जागरूकता अभियान को दिया जाएगा और विस्तार: जिलाधिकारी ने कहा कि इस अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए पंचायत स्तर पर संध्या चौपाल, स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों एवं सार्वजनिक स्थलों पर पोस्टर, बैनर एवं हैंडबिल के माध्यम से जागरूकता फैलाई जाएगी। साथ ही गांव-गांव में माइकिंग कर लोगों को सतर्क किया जाएगा।उन्होंने कहा कि अभिभावकों को यह समझाना बेहद जरूरी है कि बच्चों का नियमित भोजन और स्वास्थ्य देखभाल ही इस बीमारी से बचाव का सबसे कारगर उपाय है।डॉक्टरों एवं स्वास्थ्य कर्मियों की ड्यूटी तय कर दी गई है ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। संदिग्ध मरीजों की पहचान, त्वरित इलाज एवं आवश्यकता पड़ने पर रेफरल की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।डीएम की अपील: घबराएं नहीं, सतर्क रहें:जिलाधिकारी ने अंत में जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि चमकी बुखार को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है, बल्कि जागरूकता और सतर्कता से इस बीमारी पर पूरी तरह नियंत्रण पाया जा सकता है।उन्होंने कहा कि प्रशासन हर स्तर पर तैयार है, लेकिन आम जनता का सहयोग इस अभियान की सफलता के लिए बेहद जरूरी है।निष्कर्षतः चमकी बुखार एक गंभीर लेकिन पूरी तरह रोकी जा सकने वाली बीमारी है।समय पर पहचान, सही इलाज, संतुलित आहार और आवश्यक सावधानियों का पालन कर बच्चों को सुरक्षित रखा जा सकता है।
    user_दैनिक अयोध्या टाईम्स बिहार
    दैनिक अयोध्या टाईम्स बिहार
    Newspaper publisher पकड़ी दयाल, पूर्वी चंपारण, बिहार•
    20 hrs ago
  • Post by Santosh kumar
    1
    Post by Santosh kumar
    user_Santosh kumar
    Santosh kumar
    Painter मीनापुर, मुजफ्फरपुर, बिहार•
    22 hrs ago
  • राख हुए घर, टूटे सपने… पीड़ितों के बीच पहुंचे विधायक अमित रानू
    1
    राख हुए घर, टूटे सपने… पीड़ितों के बीच पहुंचे विधायक अमित रानू
    user_Bihar ke Janta ki Awaaz
    Bihar ke Janta ki Awaaz
    शिवहर, शिवहर, बिहार•
    23 hrs ago
  • Post by Vishwanath Sahni
    1
    Post by Vishwanath Sahni
    user_Vishwanath Sahni
    Vishwanath Sahni
    Nurse Madhuban, Purbi Champaran•
    11 hrs ago
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