गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य जांच के लिए आयोजित किया प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस निशुल्क वितरित किये सोनोग्राफी वाउचर सवाई माधोपुर, 18 फरवरी। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की जाचं के लिए जिले में बुधवार को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस मनाया गया। इस दिन जिले के सभी सीएचसी, पीएचसी एवं जिला अस्पताल, उप जिला अस्पताल में गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की जांच की गई और जीवनरक्षक टीके भी लगाए गए। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जैमिनी ने बताया कि जिले के स्वास्थ्य केंद्रों पर के गुणवत्तापूर्ण प्रसव पूर्व जाँच सेवाएं उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान संचालित किया जा रहा है भारत सरकार से निर्देशानुशार अब 9 तारीख के अतिरिक्त 18 और 27 को भी प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान आयोजित किया जाता है। अभियान के अंतर्गत सामान्य जांचों के साथ-साथ हाईरिस्क प्रेगनेन्सी को चिन्हित कर आवश्यक उपचार एवं सलाह दी गयी। जिला अस्पताल, उप जिला अस्पताल सहित सीएचसी व पीएचसी तक के सभी चिकित्सा केंद्रों पर प्रत्येक माह की 9 तारीख के अतिरिक्त, 18 व 27 तारीख को भी प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान आयोजित किया जा रहा है। इन तिथियों को राजकीय अवकाश होने पर अगले दिन आयोजित किया जाता है। चिकित्सा संस्थानों पर गर्भवती महिलाओं की हिमोग्लोबिन, एचआईवी, सिफलिस, ब्लड प्रेशर, हृदय स्पंदन व प्रसव से संबंधित जटिलताओं की जांच की गई। वहीं गर्भवती महिला के शरीर में कैल्शियम व खून की कमी नहीं आए, इसके लिए आईएफए कैल्शियम और अन्य आवश्यक दवाइयां दी गई। खून कि कमी से ग्रसित गर्भवतियों को एफ सी एम इंजेक्शन लगाया गया। इसके साथ ही निशुल्क सोनोग्राफी हेतु गर्भवतियों को माँ वाउचर योजना के अंतर्गत वाउचर भी वितरित किए गए।
गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य जांच के लिए आयोजित किया प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस निशुल्क वितरित किये सोनोग्राफी वाउचर सवाई माधोपुर, 18 फरवरी। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की जाचं के लिए जिले में बुधवार को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व दिवस मनाया गया। इस दिन जिले के सभी सीएचसी, पीएचसी एवं जिला अस्पताल, उप जिला अस्पताल में गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य की जांच की गई और जीवनरक्षक टीके भी लगाए गए। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जैमिनी ने बताया कि जिले के स्वास्थ्य केंद्रों पर के गुणवत्तापूर्ण प्रसव पूर्व जाँच सेवाएं उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान संचालित किया जा रहा है भारत सरकार से निर्देशानुशार अब 9 तारीख के अतिरिक्त 18 और 27 को भी प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान आयोजित किया जाता है। अभियान के अंतर्गत सामान्य जांचों के
साथ-साथ हाईरिस्क प्रेगनेन्सी को चिन्हित कर आवश्यक उपचार एवं सलाह दी गयी। जिला अस्पताल, उप जिला अस्पताल सहित सीएचसी व पीएचसी तक के सभी चिकित्सा केंद्रों पर प्रत्येक माह की 9 तारीख के अतिरिक्त, 18 व 27 तारीख को भी प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान आयोजित किया जा रहा है। इन तिथियों को राजकीय अवकाश होने पर अगले दिन आयोजित किया जाता है। चिकित्सा संस्थानों पर गर्भवती महिलाओं की हिमोग्लोबिन, एचआईवी, सिफलिस, ब्लड प्रेशर, हृदय स्पंदन व प्रसव से संबंधित जटिलताओं की जांच की गई। वहीं गर्भवती महिला के शरीर में कैल्शियम व खून की कमी नहीं आए, इसके लिए आईएफए कैल्शियम और अन्य आवश्यक दवाइयां दी गई। खून कि कमी से ग्रसित गर्भवतियों को एफ सी एम इंजेक्शन लगाया गया। इसके साथ ही निशुल्क सोनोग्राफी हेतु गर्भवतियों को माँ वाउचर योजना के अंतर्गत वाउचर भी वितरित किए गए।
- Post by राजू काँकोरिया खण्डार1
- सवाई माधोपुर: माननीय राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के निर्देशानुसार समीक्षा गौतम सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सवाई माधोपुर द्वारा बुधवार को मुख्यमंत्री पुनर्वास गृह सवाई माधोपुर का निरीक्षण कर आवासितों की संख्या, आवासितों को मेन्यू के अनुसार भोजन की उपलब्धता, पुनर्वास गृह के कक्षों एवं परिसर की साफ-सफाई, आवासितों के स्वास्थ्य परीक्षण हेतु डॉक्टर की विजिट, स्टोर में उपलब्ध संसाधन आदि के संबंध में जांच की गई। निरीक्षण के दौरान पुनर्वास गृह में कुल 48 आवासित पाएं गएं। आवासितों द्वारा अवगत करवाया गया कि उन्हें मेन्यू के अनुसार भोजन उपलब्ध नहीं करवाया जाता है, रोजाना खाने में दाल एवं चपाती दी जाती है। साथ ही निरीक्षण के दौरान पुनर्वास गृह के परिसर में खरपतवार एवं झाड़ियां उगी पाई गई। इस संबंध में सचिव समीक्षा गौतम द्वारा मौके पर उपस्थित पुनर्वास गृह के मैनेजर वीरसिंह गुर्जर को आवासितों को मेन्यू के अनुसार भोजन उपलब्ध करवाने, पुनर्वास गृह में उगी खरपतवार एवं झाड़ियों को कटवाकर साफ-सफाई करवाने एवं पुनर्वास के योग्य व्यक्तियों के पुनर्वास के लिए प्रभावी कदम उठाने के संबंध में सख्त निर्देश दिए गए। गत निरीक्षण में भी सचिव समीक्षा गौतम द्वारा निर्देश प्रदान किए गए थे, परन्तु पुनर्वास गृह के मैनेजर द्वारा निर्देशों को गंभीरता पूर्वक नहीं लिया जा रहा है। साथ ही सचिव समीक्षा गौतम द्वारा राजकीय संप्रेक्षण एवं किशोर गृह, का निरीक्षण कर अधीक्षक विमलेश कुमार से विधि से संघर्षरत किशोरों की संख्या, उनके मुकदमों, अधिवक्ता की उपलब्धता, किशोरों को संतुलित आहार, नाश्ते व भोजन की उपलब्धता, चिकित्सकीय सुविधा, डॉक्टर की विजिट आदि के संबंध में जानकारी ली गई। साथ ही सचिव समीक्षा गौतम द्वारा पालना गृह में छोड़ें गए शिशुओं की संख्या, शिशुओं को प्रदान मूलभूत सुविधाएं, बच्चों की दत्तक ग्रहण प्रक्रिया, बच्चों से संबंधित रजिस्टरों के संधारण आदि के संबंध में जानकारी ली गई।1
- उनियारा. टोंक पुलिस कप्तान ने उनियारा सर्किल के नगर फ़ोर्ट और उनियारा थाने का निरक्षण किया. उन्होंने पुलिस अधिकारियो को नशे के सौदागरो पर सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिये.इस अवसर पर उनियारा पुलिस उपाधीक्षक आकांक्षा कुमारी चौधरी, थानाधिकारी कप्तान सिंह, एएसआई रतन लाल मीणा सहित शंकर लाल ठाडा, राकेश बढ़ाया, राजेश जोशी, अभय सिंह शक्तावत, संदीप गुप्ता, कैलाश चौधरी, सुरेश कुमावत, घासी जैन, गुड्डू भाई, चेतन भट्ट व चेतन शर्मा आदि सीएलजी सदस्य मौजूद रहे।1
- लाखेरी - उपखंड क्षेत्र में स्थित कमलेश्वर महादेव मंदिर से लगभग दो किलोमीटर आगे चाकल नदी के दूसरे किनारे पर स्थित मंदिर (भग्न देवरा)के बारे मैं बताया जाता है कि इस महाभारत कालीन मंदिर का निर्माण पांडवों ने अज्ञात वास के दौरान किया था।जिसको मुगल आक्रांताओं द्वारा खंडित कर दिया गया था।उसके बाद सार संभाल के अभाव में यह मंदिर अपना अस्तित्व खोता गया। मंदिर के मलबे में दबे स्तंभ,मूर्तियां, मेराब,झालरें बड़े बड़े पत्थरों को तराश कर बनाई गई थी और सबसे बड़ा ताजुब तो यह है कि इन बड़े बड़े पत्थरों को बिना किसी सीमेंट के एक के ऊपर एक रख कर विशाल मंदिर बनाया गया था जो आज भी इंजीनियरों को सोचने पर मजबूर कर देता है इस मंदिर उकेरी गई कलाकृतियां, नक्काशी प्राचीन स्थापत्यकला का उत्कृष्ठ नमूना है जो आज भी लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचती है।यह प्राचीन धरोहर खंडित होते हुए भी उस समय की कला संस्कृति और जीवन शैली का परिचय देती है। कला प्रेमी और धर्म प्रेमी लोगों ने सरकार से मांग की है कि इस प्राचीन धरोहर को संरक्षण प्रदान किया जाए और इसका जीर्णोद्धार भी किया जाए।4
- Post by Balram dev gujjar1
- टोंके गोल डूंगरी इलाके में विवाह समारोह में जब खलल पड़ गया जब कलश लेने जाने के दौरान डीजे को बैक करने के दौरान स्पीड में लेने से 5 बच्चे चपेट में आ गए जिसमें से दो बच्चों की इस वक्त मौत हो गई तथा तीन को सआदत अस्पताल टोंक में भर्ती कराया गया।2
- किसानो का 49 वे दिन भी धरना जारी रहा1
- Post by राजू काँकोरिया खण्डार1