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सार संभाल के अभाव में अपना अस्तित्व खोती प्राचीन धरोहर लाखेरी - उपखंड क्षेत्र में स्थित कमलेश्वर महादेव मंदिर से लगभग दो किलोमीटर आगे चाकल नदी के दूसरे किनारे पर स्थित मंदिर (भग्न देवरा)के बारे मैं बताया जाता है कि इस महाभारत कालीन मंदिर का निर्माण पांडवों ने अज्ञात वास के दौरान किया था।जिसको मुगल आक्रांताओं द्वारा खंडित कर दिया गया था।उसके बाद सार संभाल के अभाव में यह मंदिर अपना अस्तित्व खोता गया। मंदिर के मलबे में दबे स्तंभ,मूर्तियां, मेराब,झालरें बड़े बड़े पत्थरों को तराश कर बनाई गई थी और सबसे बड़ा ताजुब तो यह है कि इन बड़े बड़े पत्थरों को बिना किसी सीमेंट के एक के ऊपर एक रख कर विशाल मंदिर बनाया गया था जो आज भी इंजीनियरों को सोचने पर मजबूर कर देता है इस मंदिर उकेरी गई कलाकृतियां, नक्काशी प्राचीन स्थापत्यकला का उत्कृष्ठ नमूना है जो आज भी लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचती है।यह प्राचीन धरोहर खंडित होते हुए भी उस समय की कला संस्कृति और जीवन शैली का परिचय देती है। कला प्रेमी और धर्म प्रेमी लोगों ने सरकार से मांग की है कि इस प्राचीन धरोहर को संरक्षण प्रदान किया जाए और इसका जीर्णोद्धार भी किया जाए।

2 hrs ago
user_Vishwanath Sharma
Vishwanath Sharma
संवाददाता इंद्रगढ़, बूंदी, राजस्थान•
2 hrs ago

सार संभाल के अभाव में अपना अस्तित्व खोती प्राचीन धरोहर लाखेरी - उपखंड क्षेत्र में स्थित कमलेश्वर महादेव मंदिर से लगभग दो किलोमीटर आगे चाकल नदी के दूसरे किनारे पर स्थित मंदिर (भग्न देवरा)के बारे मैं बताया जाता है कि इस महाभारत कालीन मंदिर का निर्माण पांडवों ने अज्ञात

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वास के दौरान किया था।जिसको मुगल आक्रांताओं द्वारा खंडित कर दिया गया था।उसके बाद सार संभाल के अभाव में यह मंदिर अपना अस्तित्व खोता गया। मंदिर के मलबे में दबे स्तंभ,मूर्तियां, मेराब,झालरें बड़े बड़े पत्थरों को तराश कर बनाई गई थी और सबसे बड़ा ताजुब तो यह है कि इन

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बड़े बड़े पत्थरों को बिना किसी सीमेंट के एक के ऊपर एक रख कर विशाल मंदिर बनाया गया था जो आज भी इंजीनियरों को सोचने पर मजबूर कर देता है इस मंदिर उकेरी गई कलाकृतियां, नक्काशी प्राचीन स्थापत्यकला का उत्कृष्ठ नमूना है जो आज भी लोगों का ध्यान अपनी

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ओर खींचती है।यह प्राचीन धरोहर खंडित होते हुए भी उस समय की कला संस्कृति और जीवन शैली का परिचय देती है। कला प्रेमी और धर्म प्रेमी लोगों ने सरकार से मांग की है कि इस प्राचीन धरोहर को संरक्षण प्रदान किया जाए और इसका जीर्णोद्धार भी किया जाए।

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  • लाखेरी - उपखंड क्षेत्र में स्थित कमलेश्वर महादेव मंदिर से लगभग दो किलोमीटर आगे चाकल नदी के दूसरे किनारे पर स्थित मंदिर (भग्न देवरा)के बारे मैं बताया जाता है कि इस महाभारत कालीन मंदिर का निर्माण पांडवों ने अज्ञात वास के दौरान किया था।जिसको मुगल आक्रांताओं द्वारा खंडित कर दिया गया था।उसके बाद सार संभाल के अभाव में यह मंदिर अपना अस्तित्व खोता गया। मंदिर के मलबे में दबे स्तंभ,मूर्तियां, मेराब,झालरें बड़े बड़े पत्थरों को तराश कर बनाई गई थी और सबसे बड़ा ताजुब तो यह है कि इन बड़े बड़े पत्थरों को बिना किसी सीमेंट के एक के ऊपर एक रख कर विशाल मंदिर बनाया गया था जो आज भी इंजीनियरों को सोचने पर मजबूर कर देता है इस मंदिर उकेरी गई कलाकृतियां, नक्काशी प्राचीन स्थापत्यकला का उत्कृष्ठ नमूना है जो आज भी लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचती है।यह प्राचीन धरोहर खंडित होते हुए भी उस समय की कला संस्कृति और जीवन शैली का परिचय देती है। कला प्रेमी और धर्म प्रेमी लोगों ने सरकार से मांग की है कि इस प्राचीन धरोहर को संरक्षण प्रदान किया जाए और इसका जीर्णोद्धार भी किया जाए।
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    लाखेरी - उपखंड क्षेत्र में स्थित कमलेश्वर महादेव मंदिर से लगभग दो किलोमीटर आगे चाकल नदी के दूसरे किनारे पर स्थित मंदिर (भग्न देवरा)के बारे मैं बताया जाता है कि इस महाभारत कालीन  मंदिर का निर्माण पांडवों ने अज्ञात वास के दौरान किया था।जिसको मुगल आक्रांताओं द्वारा खंडित कर दिया गया था।उसके बाद सार संभाल के अभाव में यह मंदिर अपना अस्तित्व खोता गया।
मंदिर के मलबे में दबे स्तंभ,मूर्तियां, मेराब,झालरें बड़े बड़े पत्थरों को तराश कर बनाई गई थी और सबसे बड़ा ताजुब तो यह है कि इन बड़े बड़े पत्थरों को बिना किसी सीमेंट के एक के ऊपर एक रख कर विशाल मंदिर बनाया गया था जो आज भी इंजीनियरों को सोचने पर मजबूर कर देता है 
इस मंदिर उकेरी गई कलाकृतियां, नक्काशी प्राचीन स्थापत्यकला का उत्कृष्ठ नमूना है जो आज भी लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचती है।यह प्राचीन धरोहर खंडित होते हुए भी उस समय की कला संस्कृति और जीवन शैली का परिचय देती है।
कला प्रेमी और धर्म प्रेमी लोगों ने सरकार से मांग की है कि इस प्राचीन धरोहर को संरक्षण प्रदान किया जाए और इसका जीर्णोद्धार भी किया जाए।
    user_Vishwanath Sharma
    Vishwanath Sharma
    संवाददाता इंद्रगढ़, बूंदी, राजस्थान•
    2 hrs ago
  • Post by Balram dev gujjar
    1
    Post by Balram dev gujjar
    user_Balram dev gujjar
    Balram dev gujjar
    Nurse उनियारा, टोंक, राजस्थान•
    6 hrs ago
  • किसानो का 49 वे दिन भी धरना जारी रहा
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    किसानो का 49 वे दिन भी धरना जारी रहा
    user_दिनेश गुर्जर
    दिनेश गुर्जर
    किसान नैनवा, बूंदी, राजस्थान•
    3 hrs ago
  • Post by Etv9 national news
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    Post by Etv9 national news
    user_Etv9 national news
    Etv9 national news
    News Anchor नैनवा, बूंदी, राजस्थान•
    5 hrs ago
  • सवाई माधोपुर खंडार क्षेत्र के रामेश्वर सड़क मार्ग पर बड़वास गांव के मोड पर दो बाईकों में आपसी भिड़ंत हो गई। उसे दौरान दो व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए। जानकारी के अनुसार चतुर पुत्र सीताराम जाट निवासी बहरावंडा कला, हंसराज पुत्र मदन लाल बैरवा गांव रेड़ावद गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद ग्रामीणों ने अपने वाहन से उपचार के लिए उप जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां प्रभारी डॉक्टर रघुवीर मीणा के नेतृत्व में चिकित्सक टीम ने घायलों को उपचार दिया तथा गंभीर हालत देखते हुए दोनों व्यक्तियों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जहां इलाज जारी है। ओर बताया जा रहा कि घायल व्यक्ति अमावस्या पर रामेश्वर धाम जा रहे थे।
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    सवाई माधोपुर खंडार क्षेत्र के रामेश्वर सड़क मार्ग पर बड़वास गांव के मोड पर दो बाईकों में आपसी भिड़ंत हो गई। उसे दौरान दो व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए। जानकारी के अनुसार चतुर पुत्र सीताराम जाट निवासी बहरावंडा कला, हंसराज पुत्र मदन लाल बैरवा गांव रेड़ावद गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद ग्रामीणों ने अपने वाहन से उपचार के लिए उप जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां प्रभारी डॉक्टर रघुवीर मीणा के नेतृत्व में चिकित्सक टीम ने घायलों को उपचार दिया तथा गंभीर हालत देखते हुए दोनों व्यक्तियों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जहां इलाज जारी है। ओर बताया जा रहा कि घायल व्यक्ति अमावस्या पर रामेश्वर धाम जा रहे थे।
    user_Rakesh Agarwal
    Rakesh Agarwal
    पत्रकारिता Sawai Madhopur, Rajasthan•
    18 hrs ago
  • कोटा, 17फरवरी 2026/जिला कलेक्ट्रेट गेट पर बकाया वेतन सरकार से भुगतान करवाने की मांग को लेकर 18फरवरी 2025 से सीटू के बैनर तले अनिश्चित कालीन धरना लगाकर बैठे जे के सिंथेटिक फैक्ट्री के मजदूर नेताओं ने कहा कि सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना की है मजदूरों का बकाया वेतन भुगतान करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा राजस्थान सरकार को वर्ष 2023 में आदेश जारी किया जा चुका था लेकिन अभी तक सरकार द्वारा मजदूरों का बकाया वेतन भुगतान नहीं किया जा रहा है धरने का नेतृत्व कर रहे मजदूर नेता कामरेड हबीब खान, सीटू जिला महामंत्री कामरेड उमाशंकर कामरेड नरेंद्रसिंह ने कहा कि धरने में सैकड़ों की संख्या में महिलाएं और सीटू कार्यकर्ता और आमजन कोटा के विकास में और धरने पर बैठे मजदूरों को 28 साल से फैक्ट्री प्लांट की तरफ बकाया वेतन दिलाने को लेकर संघर्ष कर रहे हैं इस दौरान अराफात ने प्रशासन और भूमाफियाओं हमारे ही कुछ दलाल साथियों के साथ मिलकर धरने को तोड़ने की कोशिश की लेकिन मजदूरों ने उनकी सभी साजिशों को नाकाम कर दिया और अपनी एकजुटता को मजबूती के साथ बनाए रखते हुए लगातार धरने को सफलता के साथ आगे बढ़ाने का काम किया जिसमें हमारी क्रांतिकारी लाल झंडे की सिपाही माता बहिनों ने भी कंधे से कंधा मिलाकर इस तानाशाही बीजेपी सरकार के दलालों को झुकाने में साथ दिया धरने की ताकत से सरकार ने सुप्रीम कोर्ट की शर्त पर अराफात ग्रुप से की गई लीज रद्द करके जे के सिंघानिया और अराफात ग्रुप को फैक्ट्री प्लांट से बेदखल करने का काम किया यह जे के मजदूरों के लगातार संघर्ष की जीत है मजदूर नेताओं ने कहा जब तक सरकार से तमाम 4200 मजदूरों का बकाया वेतन ब्याज सहित सरकार से भुगतान नहीं करवा लेगे जिला कलेक्ट्रेट के गेट पर हमारा अनिश्चित कालीन धरना लगातार जारी रहेगा सरकार से हमारा हक अधिकार लेकर रहेंगे। सीटू मीडिया प्रभारी मुरारीलाल बैरवा ने कहा कि भीम न्यूज इंडिया द्वारा 12 महीनों से लगातार धरने को कवरेज करने का काम किया साथ ही राजस्थान वाइस न्यूज चैनल सोशल मीडिया रिपोर्टर बंधुओ ने मजदूरों की आवाज को बुलंद करने का काम किया मुख्य धारा के अखबारों ने जे के सिंथेटिक फैक्ट्री के मजदूरों की आवाज की सरकार में बैठे भूमाफियाओं के इशारों पर दबाने की कोशिश की लेकिन सभी लाल झंडे के क्रांतिकारी साथियों की आवाज को दबाने में नाकाम रहे ज्यों ज्यों धरने के दिनों की संख्या बढ़ती गई धरने के समर्थन में स्थानीय आमजनता और अन्य मजदूर संगठनों का जुड़ाव होता रहा और आज सफलता पूर्वक चलते हुए आंदोलन ने कोटा के मजदूर आंदोलन का इतिहास रचने का काम किया। जमीन अधिग्रहण करके सरकार ने अपने कब्जे लेकर के डी ए को सौंप रखी है मजदूरों का भुगतान सरकार द्वारा करना है चाहे इसके लिए हमें कुर्बान ही क्यों ना होना पड़े सरकार से मजदूरों को भुगतान दिलाकर रहेंगे। धरने के संचालक कामरेड हबीब खान ने कहा कि बकाया वेतन भुगतान को लेकर सरकार के मुख्य सचिव से 23 फरवरी 2026 को सीपीआईएम के सीकर सांसद कामरेड अमराराम के नेतृत्व में मुलाकात करेंगे उन्होंने ने कहा कोटा जे के सिंथेटिक फैक्ट्री के क्रांतिकारी 1971 के शहीद साथियों का 24 फरवरी को शहादत दिवस जे के सिंथेटिक फैक्ट्री के गेट पर शहीद स्मारक पर मनाया जाएगा शहीदों की कुर्बानियां जाया नहीं जाने देंगे कोटा जिले के तमाम मजदूरों को हक अधिकार दिलाने का काम लाल झंडे के क्रांतिकारी नेतृत्व में सैकड़ों मजदूरों द्वारा सरकार को झुकाकर बन्द जे के सिंथेटिक फैक्ट्री को चालू कराया जाने का काम करेगे। जिससे क्षेत्र के युवाओं मजदूरों को रोजगार मिले। 365 वे दिन धरने का संचालन करते हुए कामरेड अशोक सिंह ने बताया कि धरने को कामरेड उमाशंकर, कामरेड हबीब खान, कामरेड कालीचरण सोनी, कामरेड केदार जोशी, कामरेड सतीश चंद त्रिवेदी, कामरेड हनुमान सिंह, कामरेड रहीसा बानो रेशमा देवी कैलाशी बाई राजकुमारी राजू वर्मा निर्मला बाई रईसा बानो आदि ने सम्बोधित किया इस दौरान धरने में उपस्थित मजदूरों की उपस्थिति के बारे में जानकारी देते हुए कामरेड महावीर प्रसाद ने कहा कि धरने पर यूनियन के रजिस्टर में 875 मजदूरों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई जिसमें सैकड़ों महिलाएं शामिल रही। सीटू मीडिया प्रभारी मुरारीलाल बैरवा ने बताया कि धरने में मोहम्मद मंसूरी, अब्दुल सलाम, मलखान सिंह यादव, शिशुपाल रामनरेश मंगलसिंह, मांगीलाल, घनश्याम, सीताराम, कैलाशी बाई मंजू बाई कलावती चंद्रकला कंचन मोडी बाई, मूर्ति बाई रहीसा बानो रेशमा देवी हुसैन बानो नजमा बेगम बानोबी शकीला, कबूतरी बाई पुष्पा बाई, मोतिया बाई उर्मिला बाई सहित सैकड़ों मजदूर महिलाए और आमजनता के साथ सैकड़ों सीटू कार्यकर्ता और जे के मजदूर परिजन जिला कलेक्ट्रेट गेट पर चल रहे अनिश्चित कालीन धरने में उपस्थित रहे।
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    कोटा, 17फरवरी 2026/जिला कलेक्ट्रेट गेट पर बकाया वेतन सरकार से भुगतान करवाने की मांग को लेकर 18फरवरी 2025 से सीटू के बैनर तले अनिश्चित कालीन धरना लगाकर बैठे जे के सिंथेटिक फैक्ट्री के मजदूर नेताओं ने कहा कि सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश की अवहेलना की है मजदूरों का बकाया वेतन भुगतान करने को लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा राजस्थान सरकार को वर्ष 2023 में आदेश जारी किया जा चुका था लेकिन अभी तक सरकार द्वारा मजदूरों का बकाया वेतन भुगतान नहीं किया जा रहा है धरने का नेतृत्व कर रहे मजदूर नेता कामरेड हबीब खान, सीटू जिला महामंत्री कामरेड उमाशंकर कामरेड नरेंद्रसिंह ने कहा कि धरने में सैकड़ों की संख्या में महिलाएं और सीटू कार्यकर्ता और आमजन कोटा के विकास में और धरने पर बैठे मजदूरों को 28 साल से फैक्ट्री प्लांट की तरफ बकाया वेतन दिलाने को लेकर संघर्ष कर रहे हैं इस दौरान अराफात ने प्रशासन और भूमाफियाओं हमारे ही कुछ दलाल साथियों के साथ मिलकर धरने को तोड़ने की कोशिश की लेकिन मजदूरों ने उनकी सभी साजिशों को नाकाम कर दिया और अपनी एकजुटता को मजबूती के साथ बनाए रखते हुए लगातार धरने को सफलता के साथ आगे बढ़ाने का काम किया जिसमें हमारी क्रांतिकारी लाल झंडे की सिपाही माता बहिनों ने भी कंधे से कंधा मिलाकर इस तानाशाही बीजेपी सरकार के दलालों को झुकाने में साथ दिया धरने की ताकत से सरकार ने सुप्रीम कोर्ट की शर्त पर अराफात ग्रुप से की गई लीज रद्द करके जे के सिंघानिया और अराफात ग्रुप को फैक्ट्री प्लांट से बेदखल करने का काम किया यह जे के मजदूरों के लगातार संघर्ष की जीत है मजदूर नेताओं ने कहा जब तक सरकार से तमाम 4200 मजदूरों का बकाया वेतन ब्याज सहित सरकार से भुगतान नहीं करवा लेगे जिला कलेक्ट्रेट के गेट पर हमारा अनिश्चित कालीन धरना लगातार जारी रहेगा सरकार से हमारा हक अधिकार लेकर रहेंगे।
सीटू मीडिया प्रभारी मुरारीलाल बैरवा ने कहा कि भीम न्यूज इंडिया द्वारा 12 महीनों से लगातार धरने को कवरेज करने का काम किया साथ ही राजस्थान वाइस न्यूज चैनल सोशल मीडिया रिपोर्टर बंधुओ ने मजदूरों की आवाज को बुलंद करने का काम किया मुख्य धारा के अखबारों ने जे के सिंथेटिक फैक्ट्री के मजदूरों की आवाज की सरकार में बैठे भूमाफियाओं के इशारों पर दबाने की कोशिश की लेकिन सभी लाल झंडे के क्रांतिकारी साथियों की आवाज को दबाने में नाकाम रहे ज्यों ज्यों धरने के दिनों की संख्या बढ़ती गई धरने के समर्थन में स्थानीय आमजनता और अन्य मजदूर संगठनों का जुड़ाव होता रहा और आज सफलता पूर्वक चलते हुए आंदोलन ने कोटा के मजदूर आंदोलन का इतिहास रचने का काम किया। जमीन अधिग्रहण करके सरकार ने अपने कब्जे लेकर के डी ए को सौंप रखी है मजदूरों का भुगतान सरकार द्वारा करना है चाहे इसके लिए हमें कुर्बान ही क्यों ना होना पड़े सरकार से मजदूरों को भुगतान दिलाकर रहेंगे।
धरने के संचालक कामरेड हबीब खान ने कहा कि बकाया वेतन भुगतान को लेकर सरकार के मुख्य सचिव से 23 फरवरी 2026 को सीपीआईएम के सीकर सांसद कामरेड अमराराम के नेतृत्व में मुलाकात करेंगे उन्होंने ने कहा कोटा जे के सिंथेटिक फैक्ट्री के क्रांतिकारी 1971 के शहीद साथियों का 24 फरवरी को शहादत दिवस जे के सिंथेटिक फैक्ट्री के गेट पर शहीद स्मारक पर मनाया जाएगा शहीदों की कुर्बानियां जाया नहीं जाने देंगे कोटा जिले के तमाम मजदूरों को हक अधिकार दिलाने का काम लाल झंडे के क्रांतिकारी नेतृत्व में सैकड़ों मजदूरों द्वारा सरकार को झुकाकर बन्द जे के सिंथेटिक फैक्ट्री को चालू कराया जाने का काम करेगे। जिससे क्षेत्र के युवाओं मजदूरों को रोजगार मिले। 
365 वे दिन धरने का संचालन करते हुए कामरेड अशोक सिंह ने बताया कि धरने को कामरेड उमाशंकर, कामरेड हबीब खान, कामरेड कालीचरण सोनी, कामरेड केदार जोशी, कामरेड सतीश चंद त्रिवेदी, कामरेड हनुमान सिंह, कामरेड रहीसा बानो रेशमा देवी कैलाशी बाई राजकुमारी राजू वर्मा निर्मला बाई रईसा बानो आदि ने सम्बोधित किया इस दौरान धरने में उपस्थित मजदूरों की उपस्थिति के बारे में जानकारी देते हुए कामरेड महावीर प्रसाद ने कहा कि धरने पर यूनियन के रजिस्टर में 875 मजदूरों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई जिसमें सैकड़ों महिलाएं शामिल रही।
सीटू मीडिया प्रभारी मुरारीलाल बैरवा ने बताया कि धरने में मोहम्मद मंसूरी, अब्दुल सलाम, मलखान सिंह यादव, शिशुपाल रामनरेश मंगलसिंह, मांगीलाल, घनश्याम, सीताराम, कैलाशी बाई मंजू बाई कलावती चंद्रकला कंचन मोडी बाई, मूर्ति बाई रहीसा बानो रेशमा देवी हुसैन बानो नजमा बेगम बानोबी शकीला, कबूतरी बाई पुष्पा बाई, मोतिया बाई उर्मिला बाई सहित सैकड़ों मजदूर महिलाए और आमजनता के साथ सैकड़ों सीटू कार्यकर्ता और जे के मजदूर परिजन जिला कलेक्ट्रेट गेट पर चल रहे अनिश्चित कालीन धरने में उपस्थित रहे।
    user_मुरारीलाल बैरवा इटावा
    मुरारीलाल बैरवा इटावा
    Voice of people पीपल्दा, कोटा, राजस्थान•
    21 hrs ago
  • Post by राजू काँकोरिया खण्डार
    1
    Post by राजू काँकोरिया खण्डार
    user_राजू काँकोरिया खण्डार
    राजू काँकोरिया खण्डार
    Contractor खंडर, सवाई माधोपुर, राजस्थान•
    48 min ago
  • Post by Etv9 national news
    1
    Post by Etv9 national news
    user_Etv9 national news
    Etv9 national news
    News Anchor नैनवा, बूंदी, राजस्थान•
    6 hrs ago
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