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राजू काँकोरिया खण्डार
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- Post by राजू काँकोरिया खण्डार1
- सवाई माधोपुर: माननीय राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के निर्देशानुसार समीक्षा गौतम सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सवाई माधोपुर द्वारा बुधवार को मुख्यमंत्री पुनर्वास गृह सवाई माधोपुर का निरीक्षण कर आवासितों की संख्या, आवासितों को मेन्यू के अनुसार भोजन की उपलब्धता, पुनर्वास गृह के कक्षों एवं परिसर की साफ-सफाई, आवासितों के स्वास्थ्य परीक्षण हेतु डॉक्टर की विजिट, स्टोर में उपलब्ध संसाधन आदि के संबंध में जांच की गई। निरीक्षण के दौरान पुनर्वास गृह में कुल 48 आवासित पाएं गएं। आवासितों द्वारा अवगत करवाया गया कि उन्हें मेन्यू के अनुसार भोजन उपलब्ध नहीं करवाया जाता है, रोजाना खाने में दाल एवं चपाती दी जाती है। साथ ही निरीक्षण के दौरान पुनर्वास गृह के परिसर में खरपतवार एवं झाड़ियां उगी पाई गई। इस संबंध में सचिव समीक्षा गौतम द्वारा मौके पर उपस्थित पुनर्वास गृह के मैनेजर वीरसिंह गुर्जर को आवासितों को मेन्यू के अनुसार भोजन उपलब्ध करवाने, पुनर्वास गृह में उगी खरपतवार एवं झाड़ियों को कटवाकर साफ-सफाई करवाने एवं पुनर्वास के योग्य व्यक्तियों के पुनर्वास के लिए प्रभावी कदम उठाने के संबंध में सख्त निर्देश दिए गए। गत निरीक्षण में भी सचिव समीक्षा गौतम द्वारा निर्देश प्रदान किए गए थे, परन्तु पुनर्वास गृह के मैनेजर द्वारा निर्देशों को गंभीरता पूर्वक नहीं लिया जा रहा है। साथ ही सचिव समीक्षा गौतम द्वारा राजकीय संप्रेक्षण एवं किशोर गृह, का निरीक्षण कर अधीक्षक विमलेश कुमार से विधि से संघर्षरत किशोरों की संख्या, उनके मुकदमों, अधिवक्ता की उपलब्धता, किशोरों को संतुलित आहार, नाश्ते व भोजन की उपलब्धता, चिकित्सकीय सुविधा, डॉक्टर की विजिट आदि के संबंध में जानकारी ली गई। साथ ही सचिव समीक्षा गौतम द्वारा पालना गृह में छोड़ें गए शिशुओं की संख्या, शिशुओं को प्रदान मूलभूत सुविधाएं, बच्चों की दत्तक ग्रहण प्रक्रिया, बच्चों से संबंधित रजिस्टरों के संधारण आदि के संबंध में जानकारी ली गई।1
- सवाई माधोपुर खंडार क्षेत्र के रामेश्वर सड़क मार्ग पर बड़वास गांव के मोड पर दो बाईकों में आपसी भिड़ंत हो गई। उसे दौरान दो व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गए। जानकारी के अनुसार चतुर पुत्र सीताराम जाट निवासी बहरावंडा कला, हंसराज पुत्र मदन लाल बैरवा गांव रेड़ावद गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद ग्रामीणों ने अपने वाहन से उपचार के लिए उप जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां प्रभारी डॉक्टर रघुवीर मीणा के नेतृत्व में चिकित्सक टीम ने घायलों को उपचार दिया तथा गंभीर हालत देखते हुए दोनों व्यक्तियों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जहां इलाज जारी है। ओर बताया जा रहा कि घायल व्यक्ति अमावस्या पर रामेश्वर धाम जा रहे थे।1
- उनियारा. टोंक पुलिस कप्तान ने उनियारा सर्किल के नगर फ़ोर्ट और उनियारा थाने का निरक्षण किया. उन्होंने पुलिस अधिकारियो को नशे के सौदागरो पर सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिये.इस अवसर पर उनियारा पुलिस उपाधीक्षक आकांक्षा कुमारी चौधरी, थानाधिकारी कप्तान सिंह, एएसआई रतन लाल मीणा सहित शंकर लाल ठाडा, राकेश बढ़ाया, राजेश जोशी, अभय सिंह शक्तावत, संदीप गुप्ता, कैलाश चौधरी, सुरेश कुमावत, घासी जैन, गुड्डू भाई, चेतन भट्ट व चेतन शर्मा आदि सीएलजी सदस्य मौजूद रहे।1
- गांव जीवली मे होली के डांडे के गायब होने के मामले को लेकर आज ग्रामीणों की पंचायत हुई, जो बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गई। मीटिंग के दौरान कमलेश नाई की पिटाई का मामला भी गांव के एक युवक ने उठाया। पंचायत के लिए मुनादी करने वाले कमलेश नाई की गांव के कुछ लोगो पिटाई कर दी। गांव के जागरूक नागरिकों ने इस घटना की निंदा की है। होली के डांडे को गायब करने की घटना को ग्रामीणों ने धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ बताया है। उनका कहना है कि यह केवल चोरी नहीं, बल्कि परंपराओं का अपमान है। गांववासियों ने प्रशासन से मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।1
- लाखेरी - उपखंड क्षेत्र में स्थित कमलेश्वर महादेव मंदिर से लगभग दो किलोमीटर आगे चाकल नदी के दूसरे किनारे पर स्थित मंदिर (भग्न देवरा)के बारे मैं बताया जाता है कि इस महाभारत कालीन मंदिर का निर्माण पांडवों ने अज्ञात वास के दौरान किया था।जिसको मुगल आक्रांताओं द्वारा खंडित कर दिया गया था।उसके बाद सार संभाल के अभाव में यह मंदिर अपना अस्तित्व खोता गया। मंदिर के मलबे में दबे स्तंभ,मूर्तियां, मेराब,झालरें बड़े बड़े पत्थरों को तराश कर बनाई गई थी और सबसे बड़ा ताजुब तो यह है कि इन बड़े बड़े पत्थरों को बिना किसी सीमेंट के एक के ऊपर एक रख कर विशाल मंदिर बनाया गया था जो आज भी इंजीनियरों को सोचने पर मजबूर कर देता है इस मंदिर उकेरी गई कलाकृतियां, नक्काशी प्राचीन स्थापत्यकला का उत्कृष्ठ नमूना है जो आज भी लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचती है।यह प्राचीन धरोहर खंडित होते हुए भी उस समय की कला संस्कृति और जीवन शैली का परिचय देती है। कला प्रेमी और धर्म प्रेमी लोगों ने सरकार से मांग की है कि इस प्राचीन धरोहर को संरक्षण प्रदान किया जाए और इसका जीर्णोद्धार भी किया जाए।4
- Post by Balram dev gujjar1
- Post by राजू काँकोरिया खण्डार1