प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा गुरुवार देर रात पेपर लीक विवाद पर जारी किए गए वीडियो संदेश के बाद देश की राजनीति गरमा गई है। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में सख्त कानून, फास्ट-ट्रैक कोर्ट और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि पेपर लीक कोई मामूली विषय नहीं है और इससे लाखों छात्रों व उनके परिवारों को भारी नुकसान हुआ है। शुक्रवार की केंद्रीय कैबिनेट बैठक में नए विधेयक के मसौदे पर चर्चा होगी, जिसमें फास्ट-ट्रैक कोर्ट और कड़ी सजा जैसे प्रावधान शामिल किए जाएंगे। सरकार इस विधेयक को अगले सप्ताह संसद में पेश करने का प्रयास करेगी। प्रधानमंत्री के इस वीडियो संदेश पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। खड़गे ने कहा कि जब संसद का सत्र चल रहा है, तब प्रधानमंत्री को देर रात एकतरफा 'मन की बात' वाला वीडियो रिकॉर्ड करने के बजाय सदन में आकर बयान देना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की अपनी मांग को भी दोहराया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी प्रधानमंत्री के वीडियो संदेश की आलोचना करते हुए कहा कि यह छात्रों की भावनाओं के साथ न्याय नहीं करता। उन्होंने जोर देकर कहा कि केवल आश्वासन देने के बजाय जवाबदेही और ठोस कार्रवाई की जरूरत है। पेपर लीक विवाद, प्रदर्शनों, सरकार के प्रस्तावित नए कानून और विपक्ष के हमलों के कारण यह मुद्दा संसद के भीतर और बाहर राजनीतिक बहस का मुख्य केंद्र बन गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा गुरुवार देर रात पेपर लीक विवाद पर जारी किए गए वीडियो संदेश के बाद देश की राजनीति गरमा गई है। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में सख्त कानून, फास्ट-ट्रैक कोर्ट और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि पेपर लीक कोई मामूली विषय नहीं है और इससे लाखों छात्रों व उनके परिवारों को भारी नुकसान हुआ है। शुक्रवार की केंद्रीय कैबिनेट बैठक में नए विधेयक के मसौदे पर चर्चा होगी, जिसमें फास्ट-ट्रैक कोर्ट और कड़ी सजा जैसे प्रावधान शामिल किए जाएंगे। सरकार इस विधेयक को अगले सप्ताह संसद में पेश करने का प्रयास करेगी। प्रधानमंत्री के इस वीडियो संदेश पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। खड़गे ने कहा कि जब संसद का सत्र चल रहा है, तब प्रधानमंत्री को देर रात एकतरफा 'मन की बात' वाला वीडियो रिकॉर्ड करने के बजाय सदन में आकर बयान देना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की अपनी मांग को भी दोहराया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी प्रधानमंत्री के वीडियो संदेश की आलोचना करते हुए कहा कि यह छात्रों की भावनाओं के साथ न्याय नहीं करता। उन्होंने जोर देकर कहा कि केवल आश्वासन देने के बजाय जवाबदेही और ठोस कार्रवाई की जरूरत है। पेपर लीक विवाद, प्रदर्शनों, सरकार के प्रस्तावित नए कानून और विपक्ष के हमलों के कारण यह मुद्दा संसद के भीतर और बाहर राजनीतिक बहस का मुख्य केंद्र बन गया है।
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा गुरुवार देर रात पेपर लीक विवाद पर जारी किए गए वीडियो संदेश के बाद देश की राजनीति गरमा गई है। प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में सख्त कानून, फास्ट-ट्रैक कोर्ट और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि पेपर लीक कोई मामूली विषय नहीं है और इससे लाखों छात्रों व उनके परिवारों को भारी नुकसान हुआ है। शुक्रवार की केंद्रीय कैबिनेट बैठक में नए विधेयक के मसौदे पर चर्चा होगी, जिसमें फास्ट-ट्रैक कोर्ट और कड़ी सजा जैसे प्रावधान शामिल किए जाएंगे। सरकार इस विधेयक को अगले सप्ताह संसद में पेश करने का प्रयास करेगी। प्रधानमंत्री के इस वीडियो संदेश पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। खड़गे ने कहा कि जब संसद का सत्र चल रहा है, तब प्रधानमंत्री को देर रात एकतरफा 'मन की बात' वाला वीडियो रिकॉर्ड करने के बजाय सदन में आकर बयान देना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की अपनी मांग को भी दोहराया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी प्रधानमंत्री के वीडियो संदेश की आलोचना करते हुए कहा कि यह छात्रों की भावनाओं के साथ न्याय नहीं करता। उन्होंने जोर देकर कहा कि केवल आश्वासन देने के बजाय जवाबदेही और ठोस कार्रवाई की जरूरत है। पेपर लीक विवाद, प्रदर्शनों, सरकार के प्रस्तावित नए कानून और विपक्ष के हमलों के कारण यह मुद्दा संसद के भीतर और बाहर राजनीतिक बहस का मुख्य केंद्र बन गया है।1
- गुना के चाचौड़ा-बीनागंज में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धर्मेंद्र प्रधान का प्रतीकात्मक पुतला दहन कर जोरदार नारेबाजी की और उनसे तत्काल इस्तीफे की मांग की। इस विरोध प्रदर्शन में ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों के साथ-साथ बड़ी संख्या में युवक कांग्रेस और महिला कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।1
- पीएम मोदी ने एक वीडियो संदेश के जरिए कहा है कि पेपर लीक कोई मामूली विषय नहीं है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह स्थिति छात्रों और उनके अभिभावकों के लिए बेहद पीड़ादायक है।1
- "करो योग रहो निरोग" का संदेश देते हुए रोजाना योग और प्राणायाम करने का आह्वान किया गया है। शरीर में शारीरिक लचीलापन लाने के लिए योग और आसन आवश्यक हैं, जबकि मानसिक शांति प्राप्त करने के लिए प्राणायाम और ध्यान बेहद जरूरी हैं। ध्यान के माध्यम से शरीर और मन का आपस में गहरा जुड़ाव बनता है। योग और प्राणायाम के कई महत्वपूर्ण फायदे हैं, जिनसे पढ़ाई, स्वास्थ्य, एकाग्रता और व्यवहार में बेहतर संबंध बनाने में मदद मिलती है। शारीरिक लचीलेपन के लिए आसन तथा मानसिक शांति के लिए रोजाना प्राणायाम और ध्यान करने पर बल दिया गया है।1
- हाल ही में दिया गया एक बयान सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में है। हाल ही में दिया गया एक बयान सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में है।1
- गुना जिले के कुंभराज स्थित वार्ड नंबर 5 बस्ती में बारिश के दौरान जलभराव और नालियों का गंदा पानी सीधे लोगों के घरों में घुसने की समस्या बनी हुई है। इस स्थिति को लेकर वार्ड नंबर 5 बस्ती के निवासी गजेंद्र शिवहरे ने नगर पालिका परिषद कुंभराज के मुख्य नगरपालिका अधिकारी और वार्ड पार्षद को एक शिकायत पत्र सौंपा है। आवेदन में बताया गया है कि बारिश होते ही नालियां बंद होने के कारण उफन जाती हैं और पानी निकासी का समुचित रास्ता न होने से जलभराव की गंभीर स्थिति बन जाती है। विशेष रूप से बस्ती स्थित कन्या स्कूल के पास बनी नाली काफी छिछली है, जिससे पानी जल्दी भरकर बहने लगता है और सीधे मोहल्ले के मकानों में प्रवेश कर जाता है। समस्या के स्थायी समाधान के लिए मांग की गई है कि वार्ड नंबर 5 की सभी नालियों की तुरंत साफ-सफाई करवाई जाए, जलभराव वाले स्थानों पर निकासी का नया रास्ता बनाया जाए और कन्या स्कूल के पास वाली नाली को गहरा किया जाए ताकि पानी ओवरफ्लो न हो।1