डूंगरपुर जिले के माथुगामड़ा गांव में एक 17 वर्षीय बालिका का बाल विवाह होने से ठीक पहले प्रशासन और चाइल्ड हेल्पलाइन की संयुक्त टीम ने उसे रुकवाकर बालिका का जीवन बचा लिया। शादी की शहनाइयां बजने वाली थीं, मंडप सज चुका था और रस्में शुरू होने ही वाली थीं, तभी बाल अधिकारिता विभाग द्वारा संचालित चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 को एक गोपनीय सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही विभाग की सहायक निदेशक डॉ. कविता शर्मा के निर्देशन में चाइल्ड हेल्पलाइन समन्वयक मेहुल शर्मा ने तुरंत मोर्चा संभाला और जिला प्रशासन के साथ सदर पुलिस थाना को सतर्क किया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सदर पुलिस थाना के ए.एस.आई. गजराज सिंह, कांस्टेबल प्रवीण कुमार, गिरदावर भगवान लाल पटेल और पटवारी कपिल प्रजापत सहित सृष्टि सेवा समिति और चाइल्ड हेल्पलाइन की एक संयुक्त टीम ने तत्काल माथुगामड़ा गांव में दबिश दी। मौके पर पहुंचकर टीम ने बालिका के दस्तावेजों की जांच की, जिसमें सामने आया कि उसकी उम्र महज 17 वर्ष 10 माह थी, जो कानूनी रूप से विवाह के योग्य नहीं है। यह सच सामने आने के बाद प्रशासनिक टीम ने तुरंत विवाह की रस्मों को रुकवा दिया। संयुक्त टीम ने बालिका के माता-पिता और परिजनों को कड़ी चेतावनी दी, साथ ही भविष्य में बालिका की उम्र पूरी होने से पहले बाल विवाह न कराने के लिए उन्हें कानूनी रूप से पाबंद किया।
डूंगरपुर जिले के माथुगामड़ा गांव में एक 17 वर्षीय बालिका का बाल विवाह होने से ठीक पहले प्रशासन और चाइल्ड हेल्पलाइन की संयुक्त टीम ने उसे रुकवाकर बालिका का जीवन बचा लिया। शादी की शहनाइयां बजने वाली थीं, मंडप सज चुका था और रस्में शुरू होने ही वाली थीं, तभी बाल अधिकारिता विभाग द्वारा संचालित चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 को एक गोपनीय सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही विभाग की सहायक निदेशक डॉ. कविता शर्मा के निर्देशन में चाइल्ड हेल्पलाइन समन्वयक मेहुल शर्मा ने तुरंत मोर्चा संभाला और जिला प्रशासन के साथ सदर पुलिस थाना को सतर्क किया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सदर पुलिस थाना के ए.एस.आई. गजराज सिंह, कांस्टेबल
प्रवीण कुमार, गिरदावर भगवान लाल पटेल और पटवारी कपिल प्रजापत सहित सृष्टि सेवा समिति और चाइल्ड हेल्पलाइन की एक संयुक्त टीम ने तत्काल माथुगामड़ा गांव में दबिश दी। मौके पर पहुंचकर टीम ने बालिका के दस्तावेजों की जांच की, जिसमें सामने आया कि उसकी उम्र महज 17 वर्ष 10 माह थी, जो कानूनी रूप से विवाह के योग्य नहीं है। यह सच सामने आने के बाद प्रशासनिक टीम ने तुरंत विवाह की रस्मों को रुकवा दिया। संयुक्त टीम ने बालिका के माता-पिता और परिजनों को कड़ी चेतावनी दी, साथ ही भविष्य में बालिका की उम्र पूरी होने से पहले बाल विवाह न कराने के लिए उन्हें कानूनी रूप से पाबंद किया।
- डूंगरपुर में चांदपोल कब्रिस्तान नवडेरा रोड़ पर राष्ट्रीय पक्षी घायल अवस्था में मिला। मुस्लिम महासभा के ज़िला अध्यक्ष इकबाल गोरी ने तत्काल इस घटना की सूचना वन विभाग को दी। सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुँची, जहाँ उन्होंने घायल पक्षी का रेस्क्यू किया और उसे अपने साथ ले गए।2
- समाज सेवी दिनेश चंद्र अहारी ने पड़ोसियों के कहने पर भैंस का मांस खाने संबंधी खबरों का जोरदार खंडन किया है। अहारी के अनुसार, यह तय करने के लिए कि मांस भैंस का था या नहीं, तकनीकी जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जाना चाहिए। उनका मानना है कि पड़ोसियों के कहने पर इस तरह की बातें अखबारों में लिखना कहीं न कहीं एक विशेष समाज को आहत करता है, खास तौर पर आदिवासी समाज को, जिसे संतों और महात्माओं के पदचिन्हों पर चलने वाला बताया गया है। दिनेश चंद्र अहारी ने स्वीकार किया कि सभी समाजों में मांसाहारी और शाकाहारी दोनों तरह के लोग होते हैं, और उनके अपने समाज में भी मांसाहारी लोग हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि जहां तक भैंस के मांस के सेवन की बात है, वे इसे स्वीकार नहीं करते और इसका विरोध करते हैं। अहारी ने इस बात पर जोर दिया कि पड़ोसियों के कहने मात्र से भैंस का मांस खाने की खबर लिखना गलत है, और इसलिए वे इस खबर का खंडन करते हुए इसका विरोध करते हैं।1
- कुवैत से भारतीय समुदाय के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ कुवैत की कोर्ट ऑफ अपील ने पत्नी की हत्या के मामले में एक भारतीय प्रवासी को सुनाई गई मौत की सजा को बरकरार रखा है। अदालत ने निचली अदालत के फैसले को सही ठहराया है और आरोपी को किसी भी तरह की राहत देने से इनकार कर दिया।1
- उदयपुर संभाग के समस्त वैष्णव वैरागी समाज (आठ बैठक) की आम सभा जोगणिया माता मंदिर परिसर, गोवला पावर हाउस, उदयपुर में आयोजित हुई, जिसमें 800 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस बैठक में सामाजिक कुरीतियों पर रोक लगाने, बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने और संगठन के आंतरिक विवादों के समाधान पर गहन चिंतन किया गया। बैठक में वैष्णव वैरागी आठ बैठक विकास समिति, उदयपुर संभाग के पदाधिकारियों के बीच चल रहे विवाद पर चर्चा हुई। परिवादी पक्ष की ओर से एडवोकेट अशोक वैष्णव ने पूरे घटनाक्रम का विवरण प्रस्तुत किया। इसके बाद आम सभा ने कथित रूप से अध्यक्ष बनाए गए रमेश वैष्णव के विरोध में प्रस्ताव पारित किया, जिसमें स्पष्ट कहा गया कि नियमों के विरुद्ध अध्यक्ष बनने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति को समाज स्वीकार नहीं करेगा। दूसरे पक्ष की अनुपस्थिति पर भी नाराजगी व्यक्त की गई। विवाद के निष्पक्ष समाधान के लिए सर्वसम्मति से 21 सदस्यीय मध्यस्थता समिति बनाने का निर्णय लिया गया। सभा में भविष्य के सामूहिक विवाह सम्मेलनों को विकास समिति के अध्यक्ष जमनादास वैष्णव के नेतृत्व में संचालित करने का भी निर्णय लिया गया। इसके अतिरिक्त, बालिकाओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया गया और उदयपुर के आसपास समाज के सामुदायिक भवन निर्माण का प्रस्ताव भी पारित किया गया। सामाजिक खर्चों और आधुनिक कुरीतियों पर रोक लगाने के उद्देश्य से विवाह समारोहों में प्री-वेडिंग फोटो और वीडियो शूट पर पूर्ण प्रतिबंध, पेरावणी (लेन-देन) पर रोक तथा उपहार देने-लेने की प्रथा समाप्त करने जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इस महत्वपूर्ण बैठक में उप जिला शिक्षा अधिकारी लक्ष्मणदास वैष्णव, पूर्व पार्षद रामदास वैष्णव, समाज के मौतबीर मोहन दास, बद्री दास रेबारियों का गुडा, अशोक वैष्णव मावली, बाबूदास, भरत दास, शंकर दास, माधव दास, धर्म दास, जमना दास सरपंच, दुर्गा दास, सहित मंडलो के महंत गण और बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे। इस पूरे कार्यक्रम का आयोजन युवाओं की टीम द्वारा किया गया, जिसमें युवाओं की भागीदारी अधिक रही। यह दर्शाता है कि समाज में विकास और सुधार के लिए युवा चिंतित हैं और अब समय के साथ आगे आना चाहते हैं। कार्यक्रम की रिकॉर्डिंग महेंद्र वैष्णव, बालाजी स्टूडियो डांगियों की पंचोली द्वारा की गई, और संचालन हरीश वैष्णव ने किया।3
- कुशलगढ़ वृत्त के तहत छोटा डूंगरा चौकी पुलिस और डीएसटी (जिला विशेष शाखा) ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए डूंगरा मार्ग पर अवैध बजरी से भरे एक डंपर को जब्त कर लिया है। यह कार्रवाई डीएसटी अधिकारी श्री भंवरलाल और पुलिस टीम द्वारा की गई। डंपर को जब्त करने के बाद उसे छोटा डूंगरा थाना परिसर में खड़ा कराया गया है, और खनन विभाग को इसकी सूचना दे दी गई है। प्रशासन द्वारा इस मामले में आगे की आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।1
- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को उदयपुर में देवास-3 एवं देवास-4 पेयजल परियोजना का हवाई निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की प्रगति की गहन समीक्षा की और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी कार्यों को निर्धारित समय सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता तथा सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए पूरा किया जाए। इस महत्वपूर्ण परियोजना का लक्ष्य उदयपुर और उसके आसपास के क्षेत्रों की वर्तमान के साथ-साथ भविष्य की पेयजल आवश्यकताओं की पूर्ति करना है।1
- डूंगरपुर जिले के माथुगामड़ा गांव में एक 17 वर्षीय बालिका का बाल विवाह होने से ठीक पहले प्रशासन और चाइल्ड हेल्पलाइन की संयुक्त टीम ने उसे रुकवाकर बालिका का जीवन बचा लिया। शादी की शहनाइयां बजने वाली थीं, मंडप सज चुका था और रस्में शुरू होने ही वाली थीं, तभी बाल अधिकारिता विभाग द्वारा संचालित चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 को एक गोपनीय सूचना प्राप्त हुई। सूचना मिलते ही विभाग की सहायक निदेशक डॉ. कविता शर्मा के निर्देशन में चाइल्ड हेल्पलाइन समन्वयक मेहुल शर्मा ने तुरंत मोर्चा संभाला और जिला प्रशासन के साथ सदर पुलिस थाना को सतर्क किया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सदर पुलिस थाना के ए.एस.आई. गजराज सिंह, कांस्टेबल प्रवीण कुमार, गिरदावर भगवान लाल पटेल और पटवारी कपिल प्रजापत सहित सृष्टि सेवा समिति और चाइल्ड हेल्पलाइन की एक संयुक्त टीम ने तत्काल माथुगामड़ा गांव में दबिश दी। मौके पर पहुंचकर टीम ने बालिका के दस्तावेजों की जांच की, जिसमें सामने आया कि उसकी उम्र महज 17 वर्ष 10 माह थी, जो कानूनी रूप से विवाह के योग्य नहीं है। यह सच सामने आने के बाद प्रशासनिक टीम ने तुरंत विवाह की रस्मों को रुकवा दिया। संयुक्त टीम ने बालिका के माता-पिता और परिजनों को कड़ी चेतावनी दी, साथ ही भविष्य में बालिका की उम्र पूरी होने से पहले बाल विवाह न कराने के लिए उन्हें कानूनी रूप से पाबंद किया।2
- समाज सेवी अहारी ने 84 विधानसभा क्षेत्र में विभिन्न समुदायों के युवाओं के साथ अपने जनसंपर्क अभियान को बढ़ावा दिया। इस दौरान उन्होंने विशेष रूप से सरथुना क्षेत्र में युवाओं से मुलाकात की और उनसे क्षेत्रहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। अहारी ने युवाओं के साथ शिक्षा और रोजगार के विषयों पर विस्तृत चर्चा करते हुए, इन क्षेत्रों में प्रगति की दिशा में महत्वपूर्ण बातें कहीं। उन्होंने जनजाति क्षेत्र के सभी युवा साथियों से आपसी भाईचारा बनाए रखने और एकजुटता के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया, ताकि इस क्षेत्र का सर्वांगीण विकास संभव हो सके।1
- उदयपुर संभाग के समस्त वैष्णव वैरागी समाज (आठ बैठक) की एक महत्वपूर्ण आम सभा जोगणिया माता मंदिर परिसर, गोवला पावर हाउस, उदयपुर में संपन्न हुई। इस बैठक में उदयपुर संभाग से 800 से अधिक प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जहाँ सामाजिक कुरीतियों पर रोक लगाने, बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने और संगठन के आंतरिक विवादों को सुलझाने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चिंतन और निर्णय लिए गए। बैठक का एक प्रमुख विषय वैष्णव वैरागी आठ बैठक विकास समिति, उदयपुर संभाग के पदाधिकारियों के बीच चल रहा विवाद था। परिवादी पक्ष की ओर से एडवोकेट अशोक वैष्णव ने पूरे घटनाक्रम का ब्यौरा प्रस्तुत किया। इसके बाद आम सभा ने कथित रूप से अध्यक्ष बनाए गए रमेश वैष्णव के विरोध में एक प्रस्ताव पारित किया, जिसमें स्पष्ट कहा गया कि नियमों के विरुद्ध अध्यक्ष बनने का प्रयास करने वाले किसी भी व्यक्ति को समाज स्वीकार नहीं करेगा। विवाद के दूसरे पक्ष की अनुपस्थिति पर भी नाराजगी व्यक्त की गई, वक्ताओं ने कहा कि दोनों पक्षों की मौजूदगी से निर्णय और अधिक ठोस हो सकते थे। इस विवाद के निष्पक्ष समाधान के लिए सर्वसम्मति से 21 सदस्यीय मध्यस्थता समिति का गठन करने का निर्णय लिया गया। सामाजिक सुधारों के अंतर्गत, भविष्य के सामूहिक विवाह सम्मेलनों का संचालन विकास समिति के अध्यक्ष जमनादास वैष्णव के नेतृत्व में करने का निर्णय हुआ। इसके साथ ही, बालिकाओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया गया और उदयपुर के आसपास समाज के लिए सामुदायिक भवन के निर्माण का प्रस्ताव भी पारित किया गया। सामाजिक खर्च और आधुनिक कुरीतियों पर रोक लगाने के लिए कई अहम फैसले लिए गए, जिनमें विवाह समारोहों में प्री-वेडिंग फोटो और वीडियो शूट पर पूर्ण प्रतिबंध, 'पेरावणी' (लेन-देन) पर रोक, तथा उपहार देने-लेने की प्रथा को समाप्त करना शामिल है। इस बैठक में उप जिला शिक्षा अधिकारी लक्ष्मणदास वैष्णव, पूर्व पार्षद रामदास वैष्णव, समाज के मौतबीर मोहन दास, बद्री दास रेबारियों का गुडा, अशोक वैष्णव मावली, बाबूदास, भरत दास, शंकर दास, माधव दास, धर्म दास, जमना दास सरपंच, दुर्गा दास सहित विभिन्न मंडलों के महंत गण और बड़ी संख्या में समाजजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन हरीश वैष्णव ने किया और इसकी रिकॉर्डिंग बालाजी स्टूडियो डांगियों की पंचोली द्वारा की गई। यह पूरी पहल युवाओं की टीम द्वारा आयोजित की गई थी, जिसमें युवाओं की भागीदारी अधिक रही, जो दर्शाता है कि समाज के विकास और सुधार के लिए युवा चिंतित हैं और समय के साथ आगे आने को इच्छुक हैं।3