राजस्थान के जोधपुर में अखिल राजस्थान महिला एवं बाल विकास संयुक्त कर्मचारी संघ के आह्वान पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है। कार्यकर्ताओं ने आंगनबाड़ी केंद्रों पर तालाबंदी कर कार्यों का पूरी तरह बहिष्कार किया। इसके बाद बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां उन्होंने जोरदार धरना-प्रदर्शन करने के बाद रैली निकाली और मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। संघ की जिला अध्यक्ष सोनल चितारा ने बताया कि प्रदेशभर में 1 जुलाई से कार्य बहिष्कार किया जा रहा है और 7 जुलाई से आम हड़ताल के साथ केंद्रों पर तालाबंदी की गई है। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि यदि इस हड़ताल के कारण विभागीय कार्य प्रभावित होते हैं, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और महिला एवं बाल विकास विभाग की होगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि सरकार ने जल्द ही मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को और अधिक व्यापक किया जाएगा। मुख्यमंत्री को सौंपे गए ज्ञापन में संगठन ने सरकार पर लंबे समय से लंबित मांगों पर कोई ठोस निर्णय न लेने का आरोप लगाया है। इस ज्ञापन में 11 सूत्रीय मांगें रखी गई हैं, जिनमें आंगनबाड़ी कर्मियों का नियमितीकरण, ठेका प्रथा की समाप्ति, न्यूनतम ₹15,000 या उससे अधिक का मानदेय लागू करना और बकाया मानदेय का तत्काल भुगतान शामिल है। इसके अलावा, सेवानिवृत्त कर्मियों को ग्रेच्युटी, पेंशन व सामूहिक बीमा का लाभ देने, भवन किराया केंद्र सरकार के मानकों के अनुसार बढ़ाने, गैर-आईसीडीएस कार्यों से मुक्ति दिलाने, महिला पर्यवेक्षक के रिक्त पदों पर पदोन्नति देने और सामुदायिक गतिविधियों व प्रोत्साहन राशि के बकाया भुगतान की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई है।
राजस्थान के जोधपुर में अखिल राजस्थान महिला एवं बाल विकास संयुक्त कर्मचारी संघ के आह्वान पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है। कार्यकर्ताओं ने आंगनबाड़ी केंद्रों पर तालाबंदी कर कार्यों का पूरी तरह बहिष्कार किया। इसके बाद बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां उन्होंने जोरदार धरना-प्रदर्शन करने के बाद रैली निकाली और मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। संघ की जिला अध्यक्ष सोनल चितारा ने बताया कि प्रदेशभर में 1 जुलाई से कार्य बहिष्कार किया जा रहा है और 7 जुलाई से आम हड़ताल के साथ केंद्रों पर तालाबंदी की गई है। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि यदि इस हड़ताल के कारण विभागीय कार्य प्रभावित होते हैं, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और महिला एवं बाल विकास विभाग की होगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि सरकार ने जल्द ही मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को और अधिक व्यापक किया जाएगा। मुख्यमंत्री को सौंपे गए ज्ञापन में संगठन ने सरकार पर लंबे समय से लंबित मांगों पर कोई ठोस निर्णय न लेने का आरोप लगाया है। इस ज्ञापन में 11 सूत्रीय मांगें रखी गई हैं, जिनमें आंगनबाड़ी कर्मियों का नियमितीकरण, ठेका प्रथा की समाप्ति, न्यूनतम ₹15,000 या उससे अधिक का मानदेय लागू करना और बकाया मानदेय का तत्काल भुगतान शामिल है। इसके अलावा, सेवानिवृत्त कर्मियों को ग्रेच्युटी, पेंशन व सामूहिक बीमा का लाभ देने, भवन किराया केंद्र सरकार के मानकों के अनुसार बढ़ाने, गैर-आईसीडीएस कार्यों से मुक्ति दिलाने, महिला पर्यवेक्षक के रिक्त पदों पर पदोन्नति देने और सामुदायिक गतिविधियों व प्रोत्साहन राशि के बकाया भुगतान की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई है।
- हनुमानगढ़ जिले के पीलीबंगा क्षेत्र के अंतर्गत चेनपुरा स्थित महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय में गीता प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता का आयोजन अनुबंध वृद्धजन कुटीर द्वारा किया गया है।1
- हनुमानगढ़ के वास्तु आचार्य सुभाष सुथार का कहना है कि सही दिशा ही स्थाई समृद्धि का आधार होती है।1
- राजस्थान के श्रीगंगानगर स्थित शिवालय मंदिर में गुंडागर्दी का एक मामला सामने आया है, जहां जगदीश नाम के एक व्यक्ति के साथ मारपीट और बदसलूकी की गई है। पीड़ित जगदीश का आरोप है कि मंदिर के एक बाबा और वहां मौजूद टोपी पहने एक लड़के ने उनके साथ हाथापाई की। इस दौरान बाबा ने उन्हें तीन-चार थप्पड़ मारे और उनके खिलाफ जातिसूचक शब्दों का भी इस्तेमाल किया गया। इस पूरी घटना के दौरान मंदिर में मौजूद किसी भी शख्स ने पीड़ित को बचाने या उनकी मदद करने की कोशिश नहीं की। पीड़ित जगदीश ने बताया कि मंदिर में उन्हें जबरन शराब पीने वाला (बैवड़ा) बोला गया, जबकि वह शराब को हाथ तक नहीं लगाते हैं। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि अगर उनकी कोई भी गलती है, तो मंदिर के सीसीटीवी कैमरे चेक करवाए जा सकते हैं। उन्होंने सभी पत्रकार भाइयों और लोगों से इस घटना के वीडियो व संदेश को ज्यादा से ज्यादा शेयर करने और मदद करने की गुहार लगाई है ताकि अन्य भक्तों को इस सच्चाई का पता चल सके।1
- राजस्थान के श्रीगंगानगर में नाबालिग से कथित सामूहिक दुष्कर्म मामले में 21 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इस बीच, राजस्थान महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष रेहाना रेयाज आज श्रीगंगानगर पहुंचीं और उन्होंने पुलिस अधीक्षक से मुलाकात की। रेहाना रेयाज ने पुलिस अधीक्षक से मिलकर इस मामले के आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिए जाने की मांग की है।1
- श्रीगंगानगर में दुकान नंबर 23 को लेकर छिड़े विवाद के बीच रजा अब्बास नकवी ने बाबू खान रिजवी पर जानलेवा हमले, धमकी देने और गाली-गलौज करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए रजा अब्बास नकवी ने दावा किया कि विवादित दुकान के सभी वैध दस्तावेज उनके पास सुरक्षित हैं। उन्होंने प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने और अपने लिए सुरक्षा मुहैया कराने की पुरजोर मांग की है।1
- हरियाणा के डबवाली क्षेत्र के गोरीवाला से लापता एक बेटी की तलाश में उसके परिजनों ने एक बेहद भावुक अपील की है। अपनी बेटी के गायब होने से परेशान परिजनों ने उससे गुहार लगाते हुए कहा है कि वह जहां भी हो, बस घर लौट आए। इस लापता बेटी को जल्द से जल्द ढूंढने के लिए पुलिस और आम जनता से भी मदद की गुहार लगाई जा रही है।1
- राजस्थान के जोधपुर में अखिल राजस्थान महिला एवं बाल विकास संयुक्त कर्मचारी संघ के आह्वान पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है। कार्यकर्ताओं ने आंगनबाड़ी केंद्रों पर तालाबंदी कर कार्यों का पूरी तरह बहिष्कार किया। इसके बाद बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां उन्होंने जोरदार धरना-प्रदर्शन करने के बाद रैली निकाली और मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। संघ की जिला अध्यक्ष सोनल चितारा ने बताया कि प्रदेशभर में 1 जुलाई से कार्य बहिष्कार किया जा रहा है और 7 जुलाई से आम हड़ताल के साथ केंद्रों पर तालाबंदी की गई है। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि यदि इस हड़ताल के कारण विभागीय कार्य प्रभावित होते हैं, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और महिला एवं बाल विकास विभाग की होगी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि सरकार ने जल्द ही मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो आंदोलन को और अधिक व्यापक किया जाएगा। मुख्यमंत्री को सौंपे गए ज्ञापन में संगठन ने सरकार पर लंबे समय से लंबित मांगों पर कोई ठोस निर्णय न लेने का आरोप लगाया है। इस ज्ञापन में 11 सूत्रीय मांगें रखी गई हैं, जिनमें आंगनबाड़ी कर्मियों का नियमितीकरण, ठेका प्रथा की समाप्ति, न्यूनतम ₹15,000 या उससे अधिक का मानदेय लागू करना और बकाया मानदेय का तत्काल भुगतान शामिल है। इसके अलावा, सेवानिवृत्त कर्मियों को ग्रेच्युटी, पेंशन व सामूहिक बीमा का लाभ देने, भवन किराया केंद्र सरकार के मानकों के अनुसार बढ़ाने, गैर-आईसीडीएस कार्यों से मुक्ति दिलाने, महिला पर्यवेक्षक के रिक्त पदों पर पदोन्नति देने और सामुदायिक गतिविधियों व प्रोत्साहन राशि के बकाया भुगतान की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई है।1
- वियतनाम में एक दुखद घटना सामने आई है, जहां फु क्वोक आइलैंड के पास कई भारतीय पर्यटकों को ले जा रही एक नाव पलट गई है। वियतनाम में भारतीय दूतावास द्वारा जारी किए गए बयान के अनुसार, यह हादसा कुछ घंटे पहले हुआ है। फिलहाल स्थानीय अधिकारियों द्वारा मौके पर सर्च और रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है ताकि घटना की सही जानकारी का पता लगाया जा सके। इस हादसे से प्रभावित परिवारों की मदद और उन्हें आवश्यक जानकारी देने के लिए हो ची मिन्ह सिटी में भारत के कॉन्सुलेट जनरल में एक कंट्रोल रूम बनाया गया है। प्रभावित लोग इस कंट्रोल रूम से +84 36 281 7930, +84 91 552 37 14 और +84 33 452 0414 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा हनोई में भी एक कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जिससे संपर्क करने के लिए +84 91 308 9165 नंबर जारी किया गया है।1