साधु-संतों ने संसद में गाय हत्या पर प्रतिबंध लगाने और कानून बनाने के लिए गोलियां खाई थीं। आरोप है कि जवाहरलाल नेहरू के दोपहर के भोजन में गाय का मांस शामिल होता था और उन्हें इसका बहुत शौक था। कहा जाता है कि नेहरू का यह 'राजसिक भोजन' था और उन्होंने यहां तक कहा था कि यदि गाय का मांस बिकना बंद हो गया, तो उनका दोपहर का भोजन भी बंद हो जाएगा। दावा है कि गाय का मांस मुस्लिम लीग द्वारा ही खाया जाता है, क्योंकि वे घास खाने वाले जानवरों को अपना शिकार मानते हैं और उनके लिए यह 'शुद्ध' है। आरोप है कि ये बकरी और गाय जैसे शाकाहारी जानवरों की बलि देते हैं और उनका मांस खाते हैं, इन शाकाहारी जानवरों का रक्त 'बाल' नामक शैतान पर चढ़ाते हैं, जबकि यह 'अल्लाह के रसूल' में नहीं लिखा है। यह भी कहा गया है कि ये अल्लाह के नाम पर लोगों की गर्दनें उड़ाते हैं, जबकि सऊदी अरब में जन्में इस्लाम के प्रमाणों को 'राजसिक प्रवृत्ति' में लाने के लिए आधुनिक यंत्रों जैसे फोन और कंप्यूटर का इस्तेमाल करना उनकी कौम में 'हराम' है। शरीयत के लिए इन्होंने जिहाद शुरू किया है, जिसका सरल तरीका है 'जहां जाओ वहां कब्जा करो'। जहां उनकी संख्या कम हो, वहां प्रेम से काम चलाने और जहां संख्या अधिक हो जाए, वहां 'लव जिहाद' और 'लैंड जिहाद' करके जमीन कब्जाने, स्त्रियों को नियंत्रित करने तथा देश के लोगों को अन्य वर्गों और जातियों में बांटने का आरोप है। आरोप लगाया गया है कि छतरपुर से कांग्रेस सरकार यही सब सिखाने के लिए मदरसों में पैसा दे रही थी। ये लोग हिंदुओं को भाई बनाकर उन्हें ही 'चारा' बना लेते हैं। इन्हें 'वास्तव में जोंबी' और 'मानव नहीं' बताया गया है। उनकी तुलना अमेरिका की 'एपस्टीन फाइल' के उन सदस्यों से की गई है, जो बच्चों के रक्त के शौकीन होते हैं और 'बाल शैतान' की पूजा करते हैं। दावा है कि नेहरू 'पंडित' नहीं थे, बल्कि उन्होंने स्वयं को 'पारसी पंडित' बताया था। राजनीति की आड़ में उन्होंने 'मोहम्मद दास करीम चंद्र गाजी' को 'महात्मा गांडू' घोषित कर दिया और स्वयं को 'पंडित नेहरू' घोषित कर दिया।
साधु-संतों ने संसद में गाय हत्या पर प्रतिबंध लगाने और कानून बनाने के लिए गोलियां खाई थीं। आरोप है कि जवाहरलाल नेहरू के दोपहर के भोजन में गाय का मांस शामिल होता था और उन्हें इसका बहुत शौक था। कहा जाता है कि नेहरू का यह 'राजसिक भोजन' था और उन्होंने यहां तक कहा था कि यदि गाय का मांस बिकना बंद हो गया, तो उनका दोपहर का भोजन भी बंद हो जाएगा। दावा है कि गाय का मांस मुस्लिम लीग द्वारा ही खाया जाता है, क्योंकि वे घास खाने वाले जानवरों को अपना शिकार मानते हैं और उनके लिए यह 'शुद्ध' है। आरोप है कि ये बकरी और गाय जैसे शाकाहारी जानवरों की बलि देते हैं और उनका मांस खाते हैं, इन शाकाहारी जानवरों का रक्त 'बाल' नामक शैतान पर चढ़ाते हैं, जबकि यह 'अल्लाह के रसूल' में नहीं लिखा है। यह भी कहा गया है कि ये अल्लाह के नाम पर लोगों की गर्दनें उड़ाते हैं, जबकि सऊदी अरब में जन्में इस्लाम के प्रमाणों को 'राजसिक प्रवृत्ति' में लाने के लिए आधुनिक यंत्रों जैसे फोन और कंप्यूटर का इस्तेमाल करना उनकी कौम में 'हराम' है। शरीयत के लिए इन्होंने जिहाद शुरू किया है, जिसका सरल तरीका है 'जहां जाओ वहां कब्जा करो'। जहां उनकी संख्या कम हो, वहां प्रेम से काम चलाने और जहां संख्या अधिक हो जाए, वहां 'लव जिहाद' और 'लैंड जिहाद' करके जमीन कब्जाने, स्त्रियों को नियंत्रित करने तथा देश के लोगों को अन्य वर्गों और जातियों में बांटने का आरोप है। आरोप लगाया गया है कि छतरपुर से कांग्रेस सरकार यही सब सिखाने के लिए मदरसों में पैसा दे रही थी। ये लोग हिंदुओं को भाई बनाकर उन्हें ही 'चारा' बना लेते हैं। इन्हें 'वास्तव में जोंबी' और 'मानव नहीं' बताया गया है। उनकी तुलना अमेरिका की 'एपस्टीन फाइल' के उन सदस्यों से की गई है, जो बच्चों के रक्त के शौकीन होते हैं और 'बाल शैतान' की पूजा करते हैं। दावा है कि नेहरू 'पंडित' नहीं थे, बल्कि उन्होंने स्वयं को 'पारसी पंडित' बताया था। राजनीति की आड़ में उन्होंने 'मोहम्मद दास करीम चंद्र गाजी' को 'महात्मा गांडू' घोषित कर दिया और स्वयं को 'पंडित नेहरू' घोषित कर दिया।
- अमरोहा जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी और जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ. नितिन गौड़ ने बुधवार को जिला स्वास्थ्य समिति की समीक्षा बैठक की। कलेक्ट्रेट सभागार में हुई इस बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी, और अवैध रूप से संचालित पैथोलॉजी लैब, क्लीनिक तथा झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत आयोजित इस बैठक में, जिलाधिकारी ने सीएम डैशबोर्ड पर दर्ज विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा की। उन्होंने जननी सुरक्षा योजना के अंतर्गत आशा कार्यकर्ताओं और लाभार्थियों के लंबित भुगतान को प्राथमिकता के आधार पर जल्द निपटाने के निर्देश दिए। साथ ही, रिक्त पड़े उपकेंद्रों पर सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों की तैनाती के लिए शीघ्र मांग पत्र भेजने को कहा। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने जनपद में कार्यरत एएनएम की संख्या और उनकी तैनाती से संबंधित विस्तृत रिपोर्ट भी तलब की। उन्होंने सभी सरकारी चिकित्सालयों में चिकित्सकों को नाम-पट्टिका सहित एप्रन पहनकर आने के निर्देश दिए, जिससे अस्पतालों में अनुशासन और पेशेवर कार्यशैली दिखाई दे। डॉ. नितिन गौड़ ने मरीजों और उनके परिजनों के साथ सम्मानजनक एवं संवेदनशील व्यवहार पर विशेष जोर देते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं का उद्देश्य केवल उपचार देना नहीं, बल्कि लोगों का विश्वास भी जीतना है। उन्होंने चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा और समयबद्धता के साथ करने को कहा। नियमित टीकाकरण कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए और सुनिश्चित करने को कहा कि कोई भी बच्चा टीकाकरण से वंचित न रहे। अस्पतालों में संस्थागत प्रसवों की संख्या कम पाए जाने पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की और इस दिशा में प्रभावी प्रयास करने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, आरबीएसके कार्यक्रम के तहत स्कूलों में स्वास्थ्य जांच के दौरान चिन्हित बच्चों की बीमारियों की सूचना समय पर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया, ताकि ऐसे बच्चों का शीघ्र उपचार सुनिश्चित किया जा सके। एफआरयू सेवाओं, प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान, ई-संजीवनी ओपीडी, ई-कवच, आभा आईडी, टीबी उन्मूलन कार्यक्रम, आशा भुगतान और टीकाकरण अभियान की भी विस्तार से समीक्षा की गई। इस बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अश्वनी कुमार मिश्र, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रमाकांत सागर, सीएमएस डॉ. ए.के. भंडारी सहित स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं प्रभारी चिकित्साधिकारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी के सख्त तेवरों से यह स्पष्ट संकेत मिला कि प्रशासन स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और पारदर्शिता को लेकर अब किसी भी स्तर पर समझौता करने के मूड में नहीं है।2
- मूल पाठ के अनुसार, मजनू भाई ने टाइम ट्रैवल किया था और इस यात्रा के दौरान उन्होंने कुछ खास तस्वीरें बनाई थीं। बताया गया है कि इन तस्वीरों से जुड़ा एक वीडियो अब वायरल हो गया है।1
- तेज इंडिया लाइव न्यूज़ चैनल अपने मॉर्निंग बुलेटिन के माध्यम से उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार, गुजरात, हरियाणा और दिल्ली सहित कई राज्यों की खबरें प्रसारित कर रहा है। चैनल दर्शकों को अपने आसपास की छोटी-बड़ी खबरें पाने के लिए इसे सब्सक्राइब करने का आग्रह करता है। चैनल अब स्काई टीवी (चैनल नंबर 185), सिटी डेन प्लस (चैनल नंबर 779) और जियो हॉट फ्लेक्स (चैनल नंबर 349) पर 24 घंटे लाइव उपलब्ध है। इसके साथ ही, तेज इंडिया लाइव न्यूज़ जल्द ही फ्री डिश, जियो टीवी और एमएक्स प्लेयर पर भी उपलब्ध होगा। चैनल अनुभवी युवक-युवतियों को देश के किसी भी हिस्से से उनसे जुड़ने का अवसर भी दे रहा है। इच्छुक व्यक्ति प्रधान संपादक/डायरेक्टर मोहित कुमार से संपर्क सूत्र 9557903552 पर शीघ्र संपर्क कर सकते हैं।1
- संभल में डी.पी.आर.ओ. (DPRO) कार्यालय में रिश्वतखोरी के चौंकाने वाले वीडियो वायरल होने के बाद हड़कंप मच गया है। इन वीडियो में डी.पी.आर.ओ. और एकाउंटेंट पर ग्राम प्रधानों और कर्मचारियों को डरा-धमकाकर रिश्वत वसूलने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए, जिलाधिकारी (DM) ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की है। बीते दिनों वायरल हुए इन वीडियो में डी.पी.आर.ओ. पर कार और कार्यालय के भीतर अलग-अलग जगहों पर रिश्वत लेने का आरोप है। इसके साथ ही, डी.पी.आर.ओ. पर रिश्वत की इसी रकम से करोड़ों रुपये के फ्लैट और महंगी गाड़ियां खरीदने जैसे गंभीर आरोप भी लगे हैं। मुख्य विकास अधिकारी (CDO) गोरखनाथ भट्ट ने जानकारी देते हुए बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर अपर जिलाधिकारी (ADM) की अध्यक्षता में यह जांच कमेटी बनाई गई है। यह कमेटी उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की गहनता से जांच करेगी और अपनी रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपेगी। गौरतलब है कि संभल का डी.पी.आर.ओ. कार्यालय पिछले कई सालों से 'लूट का अड्डा' बना हुआ है। इससे पहले, निवर्तमान डी.पी.आर.ओ. उपेंद्र कुमार पांडेय को भी शासन द्वारा निलंबित किया गया था। मौजूदा डी.पी.आर.ओ. चेतेंद्र पाल सिंह के कार्यकाल में सामने आए ये वायरल वीडियो उनकी 'विकास की आड़' में हो रही गतिविधियों को स्पष्ट रूप से दर्शाते हैं।2
- नेता विपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर एक बड़ा दावा करते हुए कहा है कि देश गंभीर आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहा है और आने वाले समय में राजनीतिक परिस्थितियां तेजी से बदल सकती हैं। उन्होंने अमेरिका, अदानी सहित कई अन्य मुद्दों को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। राहुल गांधी के अनुसार, देश में एक आर्थिक सुनामी आने वाली है और ऐसी स्थिति में इमरजेंसी भी लग सकती है। यह बयान सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए आगामी चुनौतियों के प्रति आगाह करता है।1
- उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के डिलारी स्थित काजीपुरा में ग्रामीण भीषण गर्मी के प्रकोप के बीच बिजली ट्रांसफार्मर के बार-बार फुंकने से अत्यधिक परेशान हैं। इस गंभीर समस्या के कारण स्थानीय ग्रामीणों ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया। उनकी प्रमुख मांग है कि इस क्षेत्र में तुरंत एक बड़ी क्षमता वाला बिजली ट्रांसफार्मर स्थापित किया जाए, ताकि यह लगातार आने वाली समस्या का स्थायी समाधान हो सके।1
- संभल में हसीना बेगम अस्पताल से जुड़ा एक लंबा विवाद अब समाप्त हो गया है। अस्पताल के निदेशक सेठ कासिम और डॉक्टर तौसीफ अहमद के बीच चल रहा यह मामला आखिरकार सुलझ गया है। यह विवाद कई दिनों से चल रहा था और इसकी गंभीरता इस कदर थी कि यह मामला थाने से लेकर कचहरी तक जा पहुँचा था। दोनों पक्षों के बीच अस्पताल के हिसाब-किताब को लेकर गंभीर मतभेद थे, जिसके परिणामस्वरूप डॉक्टर तौसीफ के खिलाफ एक मुकदमा भी दर्ज किया गया था। हालांकि, अब इस पूरे विवाद का सुखद अंत हो गया है। डॉक्टर तौसीफ अहमद अकेले सेठ कासिम के निवास पर पहुँचे, जहाँ उन्होंने अपनी गलती स्वीकार की। दोनों ने बैठकर बातचीत की और सभी गलतफहमियों को दूर कर लिया गया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच एक समझौता भी लिखित रूप में किया गया, जिसमें भविष्य में ऐसे किसी विवाद से बचने पर सहमति बनी। सबसे खास बात यह रही कि दोनों ने एक-दूसरे को गले लगाकर भाईचारे का संदेश दिया। सेठ कासिम ने डॉक्टर तौसीफ को अपने छोटे भाई की तरह माफ कर दिया, जिसके बाद उनके रिश्ते फिर से सामान्य हो गए। डॉक्टर तौसीफ अहमद ने मीडिया के सामने आकर इस पूरे विवाद के खत्म होने और सेठ कासिम के निवास पर अपनी गलती का एहसास करने की बात भी बताई।1
- रहरा थाना क्षेत्र के बगद नदी स्थित गांव तरोली पुल के पास बुधवार दोपहर हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। एक तेज रफ्तार पानी सप्लाई पिकअप वाहन की टक्कर से ई-रिक्शा चालक हरकेश की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि ई-रिक्शा में सवार दो यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। इस भीषण हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण जुट गए। जानकारी के अनुसार, बिराहमपुर निवासी हरकेश पुत्र बाबूराम अपने परिवार का भरण-पोषण ई-रिक्शा चलाकर करते थे। बुधवार दोपहर करीब एक बजे वह अपने ई-रिक्शा से छपना की ओर जा रहे थे, जिसमें चंपा और बंटी नामक दो यात्री सवार थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जैसे ही ई-रिक्शा तरोली पुल के पास पहुंचा, पीछे से आ रहे पानी सप्लाई के एक बोलेरो पिकअप वाहन ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि ई-रिक्शा अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खाई में जा पलटा, जिससे चालक हरकेश गंभीर रूप से घायल हो गए और आसपास मौजूद लोगों के बचाने के प्रयासों के बावजूद उन्होंने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। वहीं, दोनों सवारियां गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। रहरा पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर कर दिया। हादसे की खबर मृतक हरकेश के घर पहुँचते ही पत्नी मीना सहित परिजनों में कोहराम मच गया और उनका रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है, ग्रामीणों ने हरकेश को एक मेहनती, मिलनसार और सरल स्वभाव का व्यक्ति बताया जो दिन-रात मेहनत कर अपने परिवार की जिम्मेदारियां निभा रहे थे। थाना प्रभारी निरीक्षक अखिलेश कुमार प्रधान ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है, और पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच के साथ-साथ फरार पिकअप वाहन की तलाश में जुटी हुई है।3