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बिहार के मधुबनी जिले के लखनौर, जो झंझारपुर क्षेत्र में आता है, वहाँ धान अधिप्राप्ति योजना में ₹31 लाख के कथित गबन मामले में एक बड़ी कार्रवाई की गई है। इस 'धान घोटाला' को 'सरकारी पैसे का बड़ा खेल' बताते हुए, पैक्स (PACS) के अध्यक्ष और प्रबंधक के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है। उनके विरुद्ध ढोल-नगाड़ों के साथ इश्तेहार तामिला भी किया गया है।
बिनोद झा (संपादक)
बिहार के मधुबनी जिले के लखनौर, जो झंझारपुर क्षेत्र में आता है, वहाँ धान अधिप्राप्ति योजना में ₹31 लाख के कथित गबन मामले में एक बड़ी कार्रवाई की गई है। इस 'धान घोटाला' को 'सरकारी पैसे का बड़ा खेल' बताते हुए, पैक्स (PACS) के अध्यक्ष और प्रबंधक के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है। उनके विरुद्ध ढोल-नगाड़ों के साथ इश्तेहार तामिला भी किया गया है।
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- बिहार के मधुबनी जिले के लखनौर, जो झंझारपुर क्षेत्र में आता है, वहाँ धान अधिप्राप्ति योजना में ₹31 लाख के कथित गबन मामले में एक बड़ी कार्रवाई की गई है। इस 'धान घोटाला' को 'सरकारी पैसे का बड़ा खेल' बताते हुए, पैक्स (PACS) के अध्यक्ष और प्रबंधक के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है। उनके विरुद्ध ढोल-नगाड़ों के साथ इश्तेहार तामिला भी किया गया है।1
- बिहार में पूर्ण शराबबंदी को अमलीजामा पहनाने निकली पुलिस का एक बेहद शर्मनाक चेहरा सामने आया है, जहां छापेमारी करने गई पुलिस टीम शराब तस्करों के साथ ही अंग्रेजी शराब और मुर्गे-चावल का लुत्फ उठाती दिखी। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने पुलिस महकमे में हड़कंप मचा दिया है और खाकी को शर्मसार कर दिया है। सूत्रों के अनुसार, पुलिस टीम को एक घर में अवैध शराब के धंधे की गुप्त सूचना मिली थी, जिसके बाद तस्करों को पकड़ने के लिए पुलिस बल मौके पर भेजा गया था। हालांकि, तस्करों के ठिकाने पर पहुँचते ही नजारा बदल गया; अपराधियों ने पुलिसकर्मियों को डराने या भागने के बजाय उनके स्वागत में महफिल सजा दी। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि जिन हाथों में कानून का डंडा होना चाहिए था, वहां अंग्रेजी शराब के गिलास चमक रहे थे। तस्करों ने पुलिस टीम को न सिर्फ बढ़िया देसी मुर्गा और चावल परोसा, बल्कि उसके साथ महंगी अंग्रेजी शराब भी पिलाई, जिसके बाद पुलिसवाले कानून का पाठ भूलकर तस्करों के साथ ही जाम छलकाते हुए नजर आए। पुलिस और शराब तस्करों की इस 'जुगलबंदी' के वीडियो के वायरल होने के बाद लोग पुलिस की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल उठा रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने इसका संज्ञान लिया है और वीडियो में दिख रहे पुलिसकर्मियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त विभागीय और कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। यह घटना उस कहावत को चरितार्थ करती दिख रही है कि 'गये थे हरिभजन को, ओटन लगे कपास; दारू देखत गिर पड़े, हाँथ मा ले ले गिलास,' जो पुलिस के कर्तव्य विस्मरण पर गहरा व्यंग्य करती है।1
- दरभंगा जिले के अली नगर क्षेत्र से गैस से संबंधित सूचना प्राप्त हुई है। इस संबंध में अधिक विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।1
- विधानसभा क्षेत्र 36-मधुबनी के विधायक और बिहार विधान सभा में नेता विधायक दल श्री माधव आनंद ने 25 मई, 2026 को लोक सेवक आवास (1, अणे मार्ग) में बिहार के माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी से शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने मधुबनी विधानसभा क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण जनहित एवं विकासात्मक मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। मुलाकात के दौरान विधायक आनंद ने मुख्यमंत्री को दो प्रमुख प्रतिवेदन सौंपे। पहला, मधुबनी शहर के गुमटी संख्या-13 पर वर्षों से लंबित रेलवे ओवर ब्रिज (ROB) निर्माण कार्य को शीघ्र स्वीकृति दिलाने संबंधी था। उन्होंने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि यह ओवरब्रिज शहर की यातायात व्यवस्था, व्यापारिक गतिविधियों और आम लोगों की सुविधा के लिए अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि हजारों लोग प्रतिदिन जाम और आवागमन की कठिनाइयों का सामना करते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में दिल्ली प्रवास के दौरान उन्होंने माननीय केंद्रीय रेल मंत्री श्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर इस परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृति प्रदान करने का आग्रह किया था, और मुख्यमंत्री से स्वयं रेल मंत्रालय स्तर पर पहल कर इसे धरातल पर उतारने में सहयोग करने का अनुरोध किया। दूसरा प्रतिवेदन मधुबनी शहर में प्रस्तावित "मिथिला हाट" परियोजना हेतु DPR प्रक्रिया को तेजी से पूरा कराने से संबंधित था। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इन विषयों की गंभीरता को समझते हुए सकारात्मक आश्वासन दिया और कहा कि राज्य सरकार की ओर से आवश्यक समन्वय एवं पहल की जाएगी, ताकि क्षेत्र की जनता को शीघ्र राहत मिल सके। विधायक माधव आनंद ने इस पहल को अत्यंत सकारात्मक बताया। उन्होंने आगे कहा कि मधुबनी विधानसभा क्षेत्र के सर्वांगीण विकास, आधारभूत संरचना के विस्तार, रोजगार सृजन और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने के लिए उनके प्रयास निरंतर जारी रहेंगे। विधायक आनंद ने जोर देकर कहा कि जनता ने उन पर जो विश्वास और आशीर्वाद दिखाया है, उसे विकास कार्यों के माध्यम से और अधिक मजबूत करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उनके अनुसार, राजनीति उनके लिए केवल पद नहीं, बल्कि जनता की सेवा और क्षेत्र के विकास का एक माध्यम है, और वे मधुबनी के सम्मान, विकास और अधिकारों के लिए अपनी लड़ाई पूरी मजबूती से जारी रखेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि चुनाव जीतने के बाद से उन्होंने हर महीने केंद्र और राज्य सरकार से पहल की है, और अगर जिले के अन्य 10 विधानसभाओं के विधायक भी इसी तरह की पहल करें तो मधुबनी जिला एक विकसित जिले के रूप में उभर सकता है।1
- बिहार के मधुबनी जिले के बेनीपट्टी अनुमंडल अंतर्गत बिस्फी अंचल के पतौना थाना क्षेत्र के जगबन गाँव के वार्ड नंबर 5, जगबन पश्चिमी में जनता काम न होने से दर-दर भटक रही है। पंचायत सचिव की हड़ताल के कारण कोई काम नहीं हो पा रहा है, जिससे आम लोग बेहद परेशान हैं। जब सचिव से इस संबंध में बात की गई तो उनका कहना था कि उनकी हड़ताल चल रही है, इसलिए कोई काम नहीं होगा। यह जगबन पश्चिमी का मामला है, जहां गाँवों की समस्याओं के समाधान के लिए बने पंचायत सचिवालयों पर भी ताले लटके हुए हैं और सचिव व सहायक गायब हैं, जिससे पूरा जनता परेशान है। स्थिति ऐसी है कि अगर एक पत्रकार को भटकना पड़ सकता है, तो आम जनता की हालत का अंदाजा लगाया जा सकता है। यह सवाल उठाया गया है कि क्या बिहार सरकार के सारे वादे फेल हो गए हैं और क्या ग्रामीण विकास ऐसे ही होगा।4
- Bihar Darbhanga BHAINI1
- मधुबनी जिले के जयनगर प्रखंड से सफाई कर्मचारी धरना प्रदर्शन पर बैठे हुए हैं।1
- झंझारपुर में स्थित भारत गैस एजेंसी और रैयाम की शांति गैस एजेंसी पर सोमवार सुबह से ही खाली सिलेंडरों के साथ उपभोक्ताओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। करीब एक सप्ताह बाद एजेंसी का शटर खुलने के कारण सुबह होते ही सैकड़ों लोग सिलेंडर लेने के लिए लंबी कतारों में लग गए। दरअसल, यह स्थिति बरौनी प्लांट से आठ दिनों बाद रविवार को एजेंसी पर साढ़े पांच सौ गैस सिलेंडरों से लदे एक ट्रक के पहुँचने के बाद बनी। हालांकि, एजेंसी के पास पहले से ही दो हजार से अधिक उपभोक्ताओं की बुकिंग थी। सिलेंडर पाने की होड़ में उपभोक्ताओं की भीड़ इतनी ज्यादा हो गई कि मुख्य सड़क का आधा हिस्सा गाड़ियों और लोगों से भर गया, जिससे रुक-रुक कर जाम लगता रहा। 'पहले मुझे सिलेंडर मिले' की चाहत में एजेंसी और गोदाम दोनों ही जगहों पर भारी अफरा-तफरी का माहौल बना रहा।1