वीरांगना फूलन देवी के शहादत दिवस के अवसर पर गोरखपुर मंडल के पनियरा, पिपराइच और गोरखपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्रों में भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। पनियरा विधानसभा क्षेत्र में प्रत्याशी राजेश निषाद के नेतृत्व में हजारों मछुआरों ने इस शहादत दिवस में सहभागिता की। इस दौरान मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे समाजवादी पिछड़ा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व एमएलसी राजपाल कश्यप के हाथों 1,000 गरीब छात्राओं को मुफ्त साइकिलों का वितरण किया गया, जिसे राजेश निषाद ने अपने निजी पैसों से उपलब्ध कराया था। इसके साथ ही महिलाओं में साड़ियों का वितरण भी किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक प्रत्याशी राजेश निषाद ने कहा कि घटना के बाद अगर किसी ने वीरांगना फूलन देवी का सहयोग किया, तो वह स्वर्गीय मुलायम सिंह थे, जिन्होंने उन्हें सदन में भेजने का काम किया था। वहीं मीडिया से बात करते हुए राजपाल कश्यप ने कहा कि कार्यक्रम में जुटा यह जनसैलाब भारतीय जनता पार्टी की पूरी तरह से सफाई तय होने का संकेत दे रहा है। उन्होंने आगे कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ही मछुआरों के बारे में सोचा है, जबकि भाजपा कार्यालय में शहादत दिवस न मनाना उनके दोहरे चरित्र को दर्शाता है।
वीरांगना फूलन देवी के शहादत दिवस के अवसर पर गोरखपुर मंडल के पनियरा, पिपराइच और गोरखपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्रों में भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। पनियरा विधानसभा क्षेत्र में प्रत्याशी राजेश निषाद के नेतृत्व में हजारों मछुआरों ने इस शहादत दिवस में सहभागिता की। इस दौरान मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे समाजवादी पिछड़ा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व एमएलसी राजपाल कश्यप के हाथों 1,000 गरीब छात्राओं को मुफ्त साइकिलों का वितरण किया गया, जिसे राजेश निषाद ने अपने निजी पैसों से उपलब्ध कराया था। इसके साथ ही महिलाओं में साड़ियों का वितरण भी किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक प्रत्याशी राजेश निषाद ने कहा कि घटना के बाद अगर किसी ने वीरांगना फूलन देवी का सहयोग किया, तो वह स्वर्गीय मुलायम सिंह थे, जिन्होंने उन्हें सदन में भेजने का काम किया था। वहीं मीडिया से बात करते हुए राजपाल कश्यप ने कहा कि कार्यक्रम में जुटा यह जनसैलाब भारतीय जनता पार्टी की पूरी तरह से सफाई तय होने का संकेत दे रहा है। उन्होंने आगे कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने ही मछुआरों के बारे में सोचा है, जबकि भाजपा कार्यालय में शहादत दिवस न मनाना उनके दोहरे चरित्र को दर्शाता है।
- थाना कोतवाली खलीलाबाद क्षेत्र अंतर्गत सरैया रेलवे ट्रैक पर 24 जुलाई 2026 को दो घायल व्यक्ति मिले। इस मामले में पुलिस द्वारा आवश्यक कार्यवाही की गई है। घटना और पुलिस कार्रवाई के संबंध में क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद द्वारा आधिकारिक बयान जारी कर जानकारी दी गई है।1
- गोरखपुर में कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने कड़ा कदम उठाते हुए 42 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से पुलिस लाइन भेज दिया है। जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि उपनिरीक्षक, मुख्य आरक्षी एवं आरक्षियों को उनके तैनाती स्थलों से हटाकर लाइन हाजिर किया गया है। आदेश के अनुसार एसआई विजय प्रताप सिंह (चौकी टीपी नगर), एसआई गिरीश मिश्र (चौकी विश्वविद्यालय), एसआई शक्ति रंजन (थाना कैंट), एसआई अभिषेक कुशवाहा (थाना गुलरिहा), एसआई ओम प्रकाश (थाना हरपुर बुदहट), एसआई अमित सिंह (थाना कैंपियरगंज) और एसआई उपेन्द्र कुमार (थाना रामगढ़ताल) को पुलिस लाइन भेजा गया है। इसके साथ ही मुख्य आरक्षी राजेश सिंह (थाना गोरखनाथ) पर भी यह कार्रवाई हुई है। इसके अलावा कोतवाली, तिवारीपुर, गगहा, शाहपुर, हरपुर बुदहट, कैंपियरगंज, पीपीगंज, झंगहा, गीडा, सहजनवा, बेलघाट, खोराबार, चिलुआताल, रामगढ़ताल, बड़हलगंज, पिपराइच, उरुवा, गोरखनाथ, राजघाट, कैंट, गुलरिहा, गोला और चौरीचौरा सहित विभिन्न थानों में तैनात 34 आरक्षियों (सिपाहियों) को भी उनके-उनके थानों से हटाकर पुलिस लाइन भेजा गया है। एसएसपी द्वारा की गई इस कार्रवाई को विभागीय अनुशासन कड़ा करने और फील्ड स्तर पर कार्यप्रणाली में सुधार के रूप में देखा जा रहा है। इस कड़े कदम के जरिए स्पष्ट संदेश दिया गया है कि ड्यूटी में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।1
- छात्रों के भारी हुजूम के आगे हर अन्याय को झुकना पड़ा है और इंकलाब की एक नई सुबह की शुरुआत हुई है। अन्याय के खिलाफ छात्रों के इस प्रदर्शन और एकजुटता ने अपनी ताकत से एक नया सवेरा ला खड़ा किया है।1
- पेपर लीक के गंभीर मुद्दे पर युवाओं द्वारा चलाए जा रहे ऐतिहासिक छात्र आंदोलन को बहुत बड़ी जीत हासिल हुई है। युवाओं के इस व्यापक विरोध और ऐतिहासिक आंदोलन के सामने आते ही शिक्षा मंत्री ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इसे देश में छात्रों और युवाओं के एकजुट संघर्ष की एक ऐतिहासिक सफलता के रूप में देखा जा रहा है।1
- गोरखपुर के बड़हलगंज में स्कूली बच्चों को ई-रिक्शा और ऑटो में क्षमता से अधिक संख्या में बैठाकर ले जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। मामले को लेकर अब प्रशासन से जांच और आवश्यक कार्रवाई करने की मांग उठ रही है। हालांकि, इस वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है।1
- दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इसके साथ ही जंतर-मंतर से हो रहे विरोध प्रदर्शन का वीडियो भी सामने आया है।1
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा भेज दिया है।1
- धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खुशी मनाना छात्र नेता सतीश प्रजापति को भारी पड़ गया। इस्तीफे की खुशी में लड्डू बांट रहे छात्र नेता सतीश प्रजापति को पुलिस ने उठा लिया।1