गोरखपुर में कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने कड़ा कदम उठाते हुए 42 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से पुलिस लाइन भेज दिया है। जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि उपनिरीक्षक, मुख्य आरक्षी एवं आरक्षियों को उनके तैनाती स्थलों से हटाकर लाइन हाजिर किया गया है। आदेश के अनुसार एसआई विजय प्रताप सिंह (चौकी टीपी नगर), एसआई गिरीश मिश्र (चौकी विश्वविद्यालय), एसआई शक्ति रंजन (थाना कैंट), एसआई अभिषेक कुशवाहा (थाना गुलरिहा), एसआई ओम प्रकाश (थाना हरपुर बुदहट), एसआई अमित सिंह (थाना कैंपियरगंज) और एसआई उपेन्द्र कुमार (थाना रामगढ़ताल) को पुलिस लाइन भेजा गया है। इसके साथ ही मुख्य आरक्षी राजेश सिंह (थाना गोरखनाथ) पर भी यह कार्रवाई हुई है। इसके अलावा कोतवाली, तिवारीपुर, गगहा, शाहपुर, हरपुर बुदहट, कैंपियरगंज, पीपीगंज, झंगहा, गीडा, सहजनवा, बेलघाट, खोराबार, चिलुआताल, रामगढ़ताल, बड़हलगंज, पिपराइच, उरुवा, गोरखनाथ, राजघाट, कैंट, गुलरिहा, गोला और चौरीचौरा सहित विभिन्न थानों में तैनात 34 आरक्षियों (सिपाहियों) को भी उनके-उनके थानों से हटाकर पुलिस लाइन भेजा गया है। एसएसपी द्वारा की गई इस कार्रवाई को विभागीय अनुशासन कड़ा करने और फील्ड स्तर पर कार्यप्रणाली में सुधार के रूप में देखा जा रहा है। इस कड़े कदम के जरिए स्पष्ट संदेश दिया गया है कि ड्यूटी में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
गोरखपुर में कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने कड़ा कदम उठाते हुए 42 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से पुलिस लाइन भेज दिया है। जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि उपनिरीक्षक, मुख्य आरक्षी एवं आरक्षियों को उनके तैनाती स्थलों से हटाकर लाइन हाजिर किया गया है। आदेश के अनुसार एसआई विजय प्रताप सिंह (चौकी टीपी नगर), एसआई गिरीश मिश्र (चौकी विश्वविद्यालय), एसआई शक्ति रंजन (थाना कैंट), एसआई अभिषेक कुशवाहा (थाना गुलरिहा), एसआई ओम प्रकाश (थाना हरपुर बुदहट), एसआई अमित सिंह (थाना कैंपियरगंज) और एसआई उपेन्द्र कुमार (थाना रामगढ़ताल) को पुलिस लाइन भेजा गया है। इसके साथ ही मुख्य आरक्षी राजेश सिंह (थाना गोरखनाथ) पर भी यह कार्रवाई हुई है। इसके अलावा कोतवाली, तिवारीपुर, गगहा, शाहपुर, हरपुर बुदहट, कैंपियरगंज, पीपीगंज, झंगहा, गीडा, सहजनवा, बेलघाट, खोराबार, चिलुआताल, रामगढ़ताल, बड़हलगंज, पिपराइच, उरुवा, गोरखनाथ, राजघाट, कैंट, गुलरिहा, गोला और चौरीचौरा सहित विभिन्न थानों में तैनात 34 आरक्षियों (सिपाहियों) को भी उनके-उनके थानों से हटाकर पुलिस लाइन भेजा गया है। एसएसपी द्वारा की गई इस कार्रवाई को विभागीय अनुशासन कड़ा करने और फील्ड स्तर पर कार्यप्रणाली में सुधार के रूप में देखा जा रहा है। इस कड़े कदम के जरिए स्पष्ट संदेश दिया गया है कि ड्यूटी में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
- धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर मोदी सरकार को क्यों झुकना पड़ा। इस इस्तीफे के फैसले के बाद से लगातार यह पूछा जा रहा है कि सरकार के इस कदम से क्या संकेत मिल रहे हैं।1
- थाना कोतवाली खलीलाबाद क्षेत्र अंतर्गत सरैया रेलवे ट्रैक पर 24 जुलाई 2026 को दो घायल व्यक्ति मिले। इस मामले में पुलिस द्वारा आवश्यक कार्यवाही की गई है। घटना और पुलिस कार्रवाई के संबंध में क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद द्वारा आधिकारिक बयान जारी कर जानकारी दी गई है।1
- गोरखपुर में कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से एसएसपी डॉ. कौस्तुभ ने कड़ा कदम उठाते हुए 42 पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से पुलिस लाइन भेज दिया है। जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि उपनिरीक्षक, मुख्य आरक्षी एवं आरक्षियों को उनके तैनाती स्थलों से हटाकर लाइन हाजिर किया गया है। आदेश के अनुसार एसआई विजय प्रताप सिंह (चौकी टीपी नगर), एसआई गिरीश मिश्र (चौकी विश्वविद्यालय), एसआई शक्ति रंजन (थाना कैंट), एसआई अभिषेक कुशवाहा (थाना गुलरिहा), एसआई ओम प्रकाश (थाना हरपुर बुदहट), एसआई अमित सिंह (थाना कैंपियरगंज) और एसआई उपेन्द्र कुमार (थाना रामगढ़ताल) को पुलिस लाइन भेजा गया है। इसके साथ ही मुख्य आरक्षी राजेश सिंह (थाना गोरखनाथ) पर भी यह कार्रवाई हुई है। इसके अलावा कोतवाली, तिवारीपुर, गगहा, शाहपुर, हरपुर बुदहट, कैंपियरगंज, पीपीगंज, झंगहा, गीडा, सहजनवा, बेलघाट, खोराबार, चिलुआताल, रामगढ़ताल, बड़हलगंज, पिपराइच, उरुवा, गोरखनाथ, राजघाट, कैंट, गुलरिहा, गोला और चौरीचौरा सहित विभिन्न थानों में तैनात 34 आरक्षियों (सिपाहियों) को भी उनके-उनके थानों से हटाकर पुलिस लाइन भेजा गया है। एसएसपी द्वारा की गई इस कार्रवाई को विभागीय अनुशासन कड़ा करने और फील्ड स्तर पर कार्यप्रणाली में सुधार के रूप में देखा जा रहा है। इस कड़े कदम के जरिए स्पष्ट संदेश दिया गया है कि ड्यूटी में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।1
- छात्रों के भारी हुजूम के आगे हर अन्याय को झुकना पड़ा है और इंकलाब की एक नई सुबह की शुरुआत हुई है। अन्याय के खिलाफ छात्रों के इस प्रदर्शन और एकजुटता ने अपनी ताकत से एक नया सवेरा ला खड़ा किया है।1
- पेपर लीक के गंभीर मुद्दे पर युवाओं द्वारा चलाए जा रहे ऐतिहासिक छात्र आंदोलन को बहुत बड़ी जीत हासिल हुई है। युवाओं के इस व्यापक विरोध और ऐतिहासिक आंदोलन के सामने आते ही शिक्षा मंत्री ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इसे देश में छात्रों और युवाओं के एकजुट संघर्ष की एक ऐतिहासिक सफलता के रूप में देखा जा रहा है।1
- गोरखपुर के बड़हलगंज में स्कूली बच्चों को ई-रिक्शा और ऑटो में क्षमता से अधिक संख्या में बैठाकर ले जाने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। मामले को लेकर अब प्रशासन से जांच और आवश्यक कार्रवाई करने की मांग उठ रही है। हालांकि, इस वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है।1
- धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खुशी मनाना छात्र नेता सतीश प्रजापति को भारी पड़ गया। इस्तीफे की खुशी में लड्डू बांट रहे छात्र नेता सतीश प्रजापति को पुलिस ने उठा लिया।1