खबर अमरपाटन/ग्राम कस्तरा जब सारा भारत स्वतंत्रता दिवस की वर्षगांठ मना रहा था उस सम ग्राम कस्तरा वासी अपने बचाव के लिए रास्ता खोज रहे थे जब सारा भारत स्वतंत्रता दिवस की वर्षगांठ मना रहा था उस सम ग्राम कस्तरा वासी अपने बचाव के लिए रास्ता खोज रहे थे जनपद पंचायत अमरपाटन अन्तर्गत आने वाले ग्राम पंचायत जमुना कस्तरा का है मामला बताते नदी का जल स्तर लगातार बढ़ रहा था ग्रामीणों की तरह अपने और अपने परिवार को सुरक्षित किया जाय ऐसा लग रहा था की कही गांव में पानी प्रवेश कर गया तो क्या होगा रात के अंधेरे में लोग डर के मारे सहमे रहे आज दूसरे दिन भी गांव में परेशानियों का सामना कर रहे हैं मुकुन्दपुर मुख्य बजार जहां से ग्रामीण रोज मर्रा ख़रीद दारी करते मुकुन्दपुर जाने के लिए रास्ता उफ़ान पर था गांव में मौजूद बुजुर्ग जो बीमार है उन्हें दवाइयां और अन्य जरूरत की सामग्री की दरकार आजादी के अस्सी साल बीतने के बाद भी ग्रामीण आवागमन रास्ते के लिए जद्दोजहद कर रहे है ग्रामीण जन अपने समस्याओं से जूझ रहे हैं ऐसा लगता है कि यदि कोई विपरीत परिस्थितियां आ जाएं तो हम किस प्रकार से अपने को बचा पाएंगे कस्तरा गांव चारों तरफ से नदियों से घिरा हुआ है सिर्फ एक ही निकासी के लिए मुख्य मार्ग है जिससे जिस रास्ते से गांव से बाहर जाया जा सकता है वो पुलिया ना होने के चलते हल्की बारिश भी आवागमन को रोक देता है और ग्रामीण रप्टे से पानी नीचे आने तक गांव में कैद हो जाते हैं ग्रामीणों ने कई बार शासन प्रशासन सहित राजनेताओं से पुल निर्माण कराये जाने की मांग की लेकिन आस्वासन ही हाथ लगा मुर्जुआ नाले में जो रफ्ता बना हुआ है वह कुमार अर्जुन सिंह के समय का था आज वह बहुत ही गहराई पर है बहुत जल्द ही पानी उसके ऊपर आ जाता है और आवागमन बंद हो जाता है जिस कारण से सभी ग्रामवासी हमेशा अपनी बात को प्रशासन के सामने रखते रहे है कि यह पुल ऊंचा हो जाए तो कस्तरा गांव के लोग भी मुख्य मार्ग से जुड़ जाएंगे ग्रामीणों ने प्रसासन से समस्या के निदान के लिए ध्यान आकर्षित किया है
खबर अमरपाटन/ग्राम कस्तरा जब सारा भारत स्वतंत्रता दिवस की वर्षगांठ मना रहा था उस सम ग्राम कस्तरा वासी अपने बचाव के लिए रास्ता खोज रहे थे जब सारा भारत स्वतंत्रता दिवस की वर्षगांठ मना रहा था उस सम ग्राम कस्तरा वासी अपने बचाव के लिए रास्ता खोज रहे थे जनपद पंचायत अमरपाटन अन्तर्गत आने वाले ग्राम पंचायत जमुना कस्तरा का है मामला बताते नदी का जल स्तर लगातार बढ़ रहा था ग्रामीणों की तरह अपने और अपने परिवार को सुरक्षित किया जाय ऐसा लग रहा था की कही गांव में पानी प्रवेश कर गया तो क्या होगा रात के अंधेरे में लोग डर के मारे सहमे रहे आज दूसरे दिन भी गांव में परेशानियों का सामना कर रहे हैं मुकुन्दपुर मुख्य बजार जहां से ग्रामीण रोज मर्रा ख़रीद दारी करते मुकुन्दपुर जाने के लिए रास्ता उफ़ान पर था गांव में मौजूद बुजुर्ग जो बीमार है उन्हें दवाइयां और अन्य जरूरत की सामग्री की दरकार आजादी के अस्सी साल बीतने के बाद भी ग्रामीण आवागमन रास्ते के लिए जद्दोजहद कर रहे है ग्रामीण जन अपने समस्याओं से जूझ रहे हैं ऐसा लगता है कि
यदि कोई विपरीत परिस्थितियां आ जाएं तो हम किस प्रकार से अपने को बचा पाएंगे कस्तरा गांव चारों तरफ से नदियों से घिरा हुआ है सिर्फ एक ही निकासी के लिए मुख्य मार्ग है जिससे जिस रास्ते से गांव से बाहर जाया जा सकता है वो पुलिया ना होने के चलते हल्की बारिश भी आवागमन को रोक देता है और ग्रामीण रप्टे से पानी नीचे आने तक गांव में कैद हो जाते हैं ग्रामीणों ने कई बार शासन प्रशासन सहित राजनेताओं से पुल निर्माण कराये जाने की मांग की लेकिन आस्वासन ही हाथ लगा मुर्जुआ नाले में जो रफ्ता बना हुआ है वह कुमार अर्जुन सिंह के समय का था आज वह बहुत ही गहराई पर है बहुत जल्द ही पानी उसके ऊपर आ जाता है और आवागमन बंद हो जाता है जिस कारण से सभी ग्रामवासी हमेशा अपनी बात को प्रशासन के सामने रखते रहे है कि यह पुल ऊंचा हो जाए तो कस्तरा गांव के लोग भी मुख्य मार्ग से जुड़ जाएंगे ग्रामीणों ने प्रसासन से समस्या के निदान के लिए ध्यान आकर्षित किया है
- खबर अमरपाटन/ग्राम कस्तरा जब सारा भारत स्वतंत्रता दिवस की वर्षगांठ मना रहा था उस सम ग्राम कस्तरा वासी अपने बचाव के लिए रास्ता खोज रहे थे जब सारा भारत स्वतंत्रता दिवस की वर्षगांठ मना रहा था उस सम ग्राम कस्तरा वासी अपने बचाव के लिए रास्ता खोज रहे थे जनपद पंचायत अमरपाटन अन्तर्गत आने वाले ग्राम पंचायत जमुना कस्तरा का है मामला बताते नदी का जल स्तर लगातार बढ़ रहा था ग्रामीणों की तरह अपने और अपने परिवार को सुरक्षित किया जाय ऐसा लग रहा था की कही गांव में पानी प्रवेश कर गया तो क्या होगा रात के अंधेरे में लोग डर के मारे सहमे रहे आज दूसरे दिन भी गांव में परेशानियों का सामना कर रहे हैं मुकुन्दपुर मुख्य बजार जहां से ग्रामीण रोज मर्रा ख़रीद दारी करते मुकुन्दपुर जाने के लिए रास्ता उफ़ान पर था गांव में मौजूद बुजुर्ग जो बीमार है उन्हें दवाइयां और अन्य जरूरत की सामग्री की दरकार आजादी के अस्सी साल बीतने के बाद भी ग्रामीण आवागमन रास्ते के लिए जद्दोजहद कर रहे है ग्रामीण जन अपने समस्याओं से जूझ रहे हैं ऐसा लगता है कि यदि कोई विपरीत परिस्थितियां आ जाएं तो हम किस प्रकार से अपने को बचा पाएंगे कस्तरा गांव चारों तरफ से नदियों से घिरा हुआ है सिर्फ एक ही निकासी के लिए मुख्य मार्ग है जिससे जिस रास्ते से गांव से बाहर जाया जा सकता है वो पुलिया ना होने के चलते हल्की बारिश भी आवागमन को रोक देता है और ग्रामीण रप्टे से पानी नीचे आने तक गांव में कैद हो जाते हैं ग्रामीणों ने कई बार शासन प्रशासन सहित राजनेताओं से पुल निर्माण कराये जाने की मांग की लेकिन आस्वासन ही हाथ लगा मुर्जुआ नाले में जो रफ्ता बना हुआ है वह कुमार अर्जुन सिंह के समय का था आज वह बहुत ही गहराई पर है बहुत जल्द ही पानी उसके ऊपर आ जाता है और आवागमन बंद हो जाता है जिस कारण से सभी ग्रामवासी हमेशा अपनी बात को प्रशासन के सामने रखते रहे है कि यह पुल ऊंचा हो जाए तो कस्तरा गांव के लोग भी मुख्य मार्ग से जुड़ जाएंगे ग्रामीणों ने प्रसासन से समस्या के निदान के लिए ध्यान आकर्षित किया है2
- करहिया में CSP रितु उपाध्याय ने पेश की मानवता की मिसाल, बाढ़ के बीच 80 वर्षीय बुजुर्ग का किया सुरक्षित रेस्क्यू रीवा के करहिया क्षेत्र में बाढ़ के बीच पुलिस ने मानवता और संवेदनशीलता की मिसाल पेश की। बाढ़ के पानी में फंसे करीब 80 वर्षीय बुजुर्ग को पुलिस टीम ने सुरक्षित रेस्क्यू कर बाहर निकाला। इस दौरान CSP रितु उपाध्याय ने बुजुर्ग को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने के साथ-साथ उनके सामान को भी व्यवस्थित तरीके से बाहर निकलवाया। पुलिस की तत्परता और संवेदनशीलता का यह दृश्य सामने आने के बाद लोग पुलिस टीम की जमकर सराहना कर रहे हैं। करहिया में CSP रितु उपाध्याय ने पेश की मानवता की मिसाल, बाढ़ के बीच 80 वर्षीय बुजुर्ग का किया सुरक्षित रेस्क्यू रीवा के करहिया क्षेत्र में बाढ़ के बीच पुलिस ने मानवता और संवेदनशीलता की मिसाल पेश की। बाढ़ के पानी में फंसे करीब 80 वर्षीय बुजुर्ग को पुलिस टीम ने सुरक्षित रेस्क्यू कर बाहर निकाला। इस दौरान CSP रितु उपाध्याय ने बुजुर्ग को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने के साथ-साथ उनके सामान को भी व्यवस्थित तरीके से बाहर निकलवाया। पुलिस की तत्परता और संवेदनशीलता का यह दृश्य सामने आने के बाद लोग पुलिस टीम की जमकर सराहना कर रहे हैं।3
- क्या गरीबों के दर्द को समझेगा KJS प्रबंधन ➡️❓️❗️क्या गरीबों के दर्द को समझेगा KJS प्रबंधन ➡️❓️❗️क्या गरीबों के दर्द को समझेगा KJS प्रबंधन ➡️❓️❗️1
- राजीव गांधी जयंती पर ब्लॉक कांग्रेस कार्यालय में संगोष्ठी आयोजित मैहर भारत के पूर्व प्रधानमंत्री एवं भारत रत्न स्व. श्री राजीव गांधी जी की जयंती के अवसर पर आज ब्लॉक कांग्रेस कार्यालय मैहर में श्रद्धापूर्वक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया गया तथा संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में वक्ताओं ने स्व. राजीव गांधी जी के आधुनिक भारत के निर्माण, सूचना प्रौद्योगिकी, संचार एवं युवाओं को नई दिशा देने में उनके योगदान को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि राजीव गांधी जी की दूरदर्शी सोच और आधुनिक भारत का सपना आज भी देशवासियों को प्रेरणा देता है। कार्यक्रम में ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष रमेश प्रजापति महिला कांग्रेस की जिला अध्यक्ष दीपा मिश्रा सुषमा अर्जरियासुल्ताना परवीन, सुनीता विश्वकर्मा, नीलम त्रिपाठी,, प्रतिमा द्विवेदी, मानसी द्विवेदी, नीलम बुनकर, रिंकी पटेल, लक्ष्मी कुशवाहा, सुनैना पटेल, सुषमा अजररिया जनकदुलारी, विनीता दहिया, उर्मिला पांडे अमृतलाल पटेल केशव प्रसाद चौरसिया विपिन सिंह नितिन सोनी रामप्रकाश गुप्ता शिव दिल जिला कांग्रेस के महामंत्री अमृतलाल पटेल महेंद्र पटेल शारदा पटेल सुखलाल कुशवाहा राजेंद्र बबलू पटेल देवेंद्र अग्रवाल जी वीरेंद्रनामदेव महेंद्र गोटिया अरविंद पटेल केशव प्रसाद चौरसिया बैजनाथ कुशवाहा नितिन शराब विपिन सिंह महेंद्र लोटिया शिव शंकर कुशवाहा शारदा पटेल गणेश चतुर्वेदी दीपू मिश्रासहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे कार्यक्रम के अंत में उपस्थित कांग्रेसजनों ने स्व. राजीव गांधी जी के विचारों एवं आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया2
- जितेन्द्र पटेल बने कटनी के नए एसडीएम: प्रमोद चतुर्वेदी कलेक्ट्रेट स्थानांतरित; कलेक्टर आशीष तिवारी ने किया प्रशासनिक फेरबदल मध्य भारत न्यूज़ (कटनी) कटनी जिले की प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करने और कार्यप्रणाली में कसावट लाने के उद्देश्य से कलेक्टर आशीष तिवारी ने बड़ा फेरबदल किया है। जारी आदेश के तहत जिले के संयुक्त कलेक्टर और डिप्टी कलेक्टर के कार्य-दायित्वों में संशोधन किया गया है। नए प्रशासनिक दायित्व: जितेन्द्र कुमार पटेल: संयुक्त कलेक्टर जितेन्द्र कुमार पटेल को कटनी का नया एसडीएम नियुक्त किया गया है। प्रमोद चतुर्वेदी: वर्तमान एसडीएम प्रमोद चतुर्वेदी को स्थानांतरित कर कलेक्ट्रेट में पदस्थ किया गया है। कलेक्टर आशीष तिवारी द्वारा जारी इस आदेश के बाद जिला प्रशासन में नई जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं, जिससे राजस्व और प्रशासनिक कार्यों को गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।1
- मुकुन्दपुर व्हाइट टाइगर सफारी के सामने तकरीबन एक किलोमीटर तक सड़कों पर पानी का तेज बहाव होने से मार्ग हुआ पूरी तरह से बंद , सैकड़ों वाहन सड़क के दोनों ओर फंसे, मर्जुआ के पास हैं पानी का तेज बहाव, बेला - सीधी जाने वाले मार्ग पर पूरी तरह पानी के चलते थमे पहिये।1
- अमरपाटन/ ग्राम ताला में जनविश्वास शिविर, ग्रामीणों की समस्याएं सुन कलेक्टर ने दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश* *ताला में जनविश्वास शिविर, ग्रामीणों की समस्याएं सुन कलेक्टर ने दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश* मैहर जिले के ताला स्थित शासकीय महाविद्यालय में आज जनविश्वास शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याएं और शिकायतें लेकर पहुंचे। कलेक्टर बिदिशा मुखर्जी ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और मौके पर मौजूद संबंधित विभागों के अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।शिविर में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. चंचल नागर, अपर कलेक्टर, एसडीएम, एसडीओपी सहित जनपद स्तर के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। इसके अलावा जनपद अध्यक्ष माया विनीत पांडेय, वन सभापति हरीश कांत, जिला पंचायत सदस्य ताराविजय पटेल सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी शिविर में उपस्थित रहे।कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्रामीणों की समस्याओं का समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित किया जाए और पात्र हितग्राहियों को शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने में किसी तरह की लापरवाही न बरती जाए। शिविर के दौरान ग्रामीणों ने राजस्व, सड़क, बिजली, पानी, राशन सहित विभिन्न विभागों से जुड़ी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं।4
- "स्कूल की छत गिरने से बच्चों की जान बाल-बाल बची, जिम्मेदार अधिकारी नहीं दे रहे ध्यान आखिर कि हादसे का कर रहे इंतजार,, सतना जिले की रैगांव विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत शासकीय प्राथमिक शाला बरहा टोला डेलौरा में शुक्रवार को उस समय बड़ा हादसा टल गया, जब झमाझम बारिश के बीच स्कूल की जर्जर छत का हिस्सा अचानक गिर गया गनीमत रही कि छत गिरने के समय बच्चों को कोई गंभीर चोट नहीं आई और उनकी जान बाल-बाल बच गई स्थानीय लोगों के अनुसार, स्कूल भवन काफी समय से जर्जर हालत में है और इसी भवन में बच्चों की कक्षाएं संचालित की जा रही हैं बारिश के मौसम में जर्जर छत के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा स्कूल भवन की स्थिति को लेकर अब तक गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है अभिभावकों और ग्रामीणों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता है। उनका कहना है कि यदि समय रहते जर्जर भवन की मरम्मत या वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई, तो भविष्य में किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता अब सवाल यह है कि जिम्मेदार अधिकारी किसी हादसे का इंतजार क्यों कर रहे हैं? क्या बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए किसी बड़ी दुर्घटना का होना जरूरी है? ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल स्कूल भवन का निरीक्षण कराकर सुरक्षित स्थान पर कक्षाएं संचालित कराने की बात कर रहे।।2