राजस्थान के बेगूं क्षेत्र में प्रस्तावित चंदाखेड़ी लाइम स्टोन प्रोजेक्ट के विरोध में किसानों का भारी गुस्सा सड़कों पर उतर आया। बड़ी संख्या में किसान, ग्रामीण और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि एक साथ एकत्रित हुए, उन्होंने धरना-प्रदर्शन किया और परियोजना को तत्काल रद्द करने की मांग को लेकर प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारी किसानों का स्पष्ट आरोप है कि इस प्रस्तावित खनन परियोजना से क्षेत्र की उपजाऊ कृषि भूमि, महत्वपूर्ण जल स्रोतों और पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुँचेगा। किसानों ने अधिकारियों पर अपनी आपत्तियों और चिंताओं को लगातार नजरअंदाज करने का आरोप लगाया, जिसके कारण उन्हें अपने अधिकारों की रक्षा के लिए सड़क पर उतरना पड़ा है। धरना स्थल पर किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और सवाल उठाया कि यह कैसी सरकार है, जिसमें अन्नदाता को अपनी जमीन और भविष्य बचाने के लिए आंदोलन करना पड़ रहा है। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि विकास के नाम पर उनकी खेती और आजीविका को खतरे में नहीं डाला जा सकता। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र ही कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और भी व्यापक रूप दिया जाएगा। किसानों ने साफ कर दिया कि वे अपनी जमीन, जल और पर्यावरण की रक्षा के लिए अंतिम दम तक संघर्ष जारी रखेंगे, और यह विशाल धरना-प्रदर्शन जेके सीमेंट परियोजना के विरोध में उनके इसी संकल्प का प्रतीक था।
राजस्थान के बेगूं क्षेत्र में प्रस्तावित चंदाखेड़ी लाइम स्टोन प्रोजेक्ट के विरोध में किसानों का भारी गुस्सा सड़कों पर उतर आया। बड़ी संख्या में किसान, ग्रामीण और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि एक साथ एकत्रित हुए, उन्होंने धरना-प्रदर्शन किया और परियोजना को तत्काल रद्द करने की मांग को लेकर प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारी किसानों का स्पष्ट आरोप है कि इस प्रस्तावित खनन परियोजना से क्षेत्र की उपजाऊ कृषि भूमि, महत्वपूर्ण जल स्रोतों और पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुँचेगा। किसानों ने अधिकारियों पर अपनी आपत्तियों और चिंताओं को लगातार नजरअंदाज करने का आरोप लगाया, जिसके कारण उन्हें अपने अधिकारों की रक्षा के लिए सड़क पर उतरना पड़ा है। धरना स्थल पर किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और सवाल उठाया कि यह कैसी सरकार है, जिसमें अन्नदाता को अपनी जमीन और भविष्य बचाने के लिए आंदोलन करना पड़ रहा है। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि विकास के नाम पर उनकी खेती और आजीविका को खतरे में नहीं डाला जा सकता। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र ही कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और भी व्यापक रूप दिया जाएगा। किसानों ने साफ कर दिया कि वे अपनी जमीन, जल और पर्यावरण की रक्षा के लिए अंतिम दम तक संघर्ष जारी रखेंगे, और यह विशाल धरना-प्रदर्शन जेके सीमेंट परियोजना के विरोध में उनके इसी संकल्प का प्रतीक था।
- राजस्थान के बेगूं क्षेत्र में प्रस्तावित चंदाखेड़ी लाइम स्टोन प्रोजेक्ट के विरोध में किसानों का भारी गुस्सा सड़कों पर उतर आया। बड़ी संख्या में किसान, ग्रामीण और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि एक साथ एकत्रित हुए, उन्होंने धरना-प्रदर्शन किया और परियोजना को तत्काल रद्द करने की मांग को लेकर प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारी किसानों का स्पष्ट आरोप है कि इस प्रस्तावित खनन परियोजना से क्षेत्र की उपजाऊ कृषि भूमि, महत्वपूर्ण जल स्रोतों और पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुँचेगा। किसानों ने अधिकारियों पर अपनी आपत्तियों और चिंताओं को लगातार नजरअंदाज करने का आरोप लगाया, जिसके कारण उन्हें अपने अधिकारों की रक्षा के लिए सड़क पर उतरना पड़ा है। धरना स्थल पर किसानों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और सवाल उठाया कि यह कैसी सरकार है, जिसमें अन्नदाता को अपनी जमीन और भविष्य बचाने के लिए आंदोलन करना पड़ रहा है। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि विकास के नाम पर उनकी खेती और आजीविका को खतरे में नहीं डाला जा सकता। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र ही कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और भी व्यापक रूप दिया जाएगा। किसानों ने साफ कर दिया कि वे अपनी जमीन, जल और पर्यावरण की रक्षा के लिए अंतिम दम तक संघर्ष जारी रखेंगे, और यह विशाल धरना-प्रदर्शन जेके सीमेंट परियोजना के विरोध में उनके इसी संकल्प का प्रतीक था।1
- श्रीसांवलियाजी में दो दिन के बाद आखिरकार गिनती शुरू हो गई है। गिनती के पहले ही दिन कुल 17.55 करोड़ रुपये की राशि गिनी गई। अब बुधवार को गिनती का दूसरा चरण आयोजित किया जाएगा।1
- चित्तौड़गढ़ के चंदेरिया में MDMA तस्करी का भंडाफोड़ किया गया है। इस कार्रवाई के दौरान 350 ग्राम मौली पाउडर बरामद किया गया, जिसके संबंध में चार तस्करों को गिरफ्तार किया गया है।1
- एक सनसनीखेज घटना में, एक पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने पति की हत्या कर दी। इस खूनी खेल की साजिश पति के 2 करोड़ रुपये के बीमा को हड़पने के लिए रची गई थी। इस पूरी घटना में एक्स्ट्रा-मैरिटल अफेयर, एक कथित एक्सीडेंट और अंततः जहर का उपयोग शामिल था, जिसके माध्यम से पति को खत्म करने की योजना बनाई गई और उसे अंजाम दिया गया।1
- राजस्थान के बालोतरा में एक अत्यंत भीषण सड़क हादसे में चार सगे भाइयों की जान चली गई। यह दुर्घटना इतनी भयावह थी कि इसमें कार के परखचे उड़ गए। जानकारी के अनुसार, इस दर्दनाक हादसे में चारों लोगों की मौत मौके पर ही हो गई।1
- आज आमली में मौसम ने अचानक करवट ली, जहाँ भारी बारिश हुई और तेज़ रफ्तार से हवाएँ चलीं। लगभग आधे घंटे तक लगातार हुई यह बारिश 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं के साथ थी। हालाँकि, इस तेज़ मौसम के बावजूद, किसी भी तरह का कोई नुकसान दर्ज नहीं किया गया।1
- चित्तौड़गढ़ में एक कॉलेज विवाद के चलते अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) और भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) आमने-सामने आ गए हैं। इस विवाद के परिणामस्वरूप, संजय राव को निलंबित कर दिया गया है। संजय राव ने अपने निलंबन पर प्रतिक्रिया देते हुए इस नोटिस को दुर्भाग्यपूर्ण बताया, खासकर यह देखते हुए कि विवाद का राजीनामा पहले ही हो चुका था। जिले के निंबाहेड़ा क्षेत्र से केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (CBN) के अधिकारियों पर भी गंभीर आरोप सामने आए हैं। इन आरोपों में अधिकारियों द्वारा मारपीट करना, अवैध वसूली करना और लोगों को झूठे प्रकरणों में फंसाना शामिल है। संगठनात्मक स्तर पर, विनोद वैष्णव को हिंदू युवा वाहिनी का संभाग अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इसके अतिरिक्त, सुनील चौहान भील का चयन ट्राइबल लीडरशिप प्रोग्राम के लिए किया गया है। जिले में कई सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजनों का भी उल्लेख किया गया है, जिनमें महेश नवमी महोत्सव का शुभारंभ, सिंधु दर्शन यात्रियों का स्वागत, और विश्व संगीत दिवस के अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन शामिल है।1
- मध्य प्रदेश के निम्बाहेड़ा नगर में स्थित कमधज नगर में काबरा टेंट हाउस के एक दो मंजिला गोडाउन में भीषण आग लग गई। यह गोडाउन टेंट सामग्री से भरा हुआ था। इस भयावह आग के कारण टेंट व्यवसायी को लाखों रुपये का बड़ा नुकसान हुआ है। आग पर काबू पाने के लिए पूरे जिले से आधा दर्जन से अधिक फायर ब्रिगेड और दर्जनों पानी के टैंकर मौके पर पहुंचे। फायर फाइटरों ने आग लगने वाली जगह के चारों ओर से पानी का तेज प्रेशर डालकर आग बुझाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आग इतनी भीषण थी कि इससे पास के आधा दर्जन से अधिक मकानों को भी क्षति पहुंची। अपने घरों को नुकसान होता देख, इन मकानों में रहने वाले लोगों ने अपना घरेलू सामान निकालकर सड़क के दूसरी ओर सुरक्षित रख दिया। घटनास्थल पर पहुंचे विधायक श्रीचंद कृपलानी ने आग बुझाने में सहयोग करने वाले सभी लोगों को धन्यवाद दिया। उन्होंने प्रशासन को निर्देशित किया कि शहर में अकस्मात आग लगने की अधिक संभावना वाली ऐसी जगहों, खासकर पटाखों के गोदामों का सर्वेक्षण किया जाए, उन्हें चिन्हित किया जाए और आबादी वाले क्षेत्रों से दूर स्थानांतरित किया जाए।4