रावणेश्वर हाल के जीर्णोद्धार में गड़बड़ी की आशंका, आरटीआई से मांगी 50 लाख के खर्च की जानकारी अधुरा कार्य पर हुआ उद्घाटन शिलापट पर अंकित नही है प्राक्कलित राशि जमुई: नगर परिषद द्वारा 50 लाख की लागत से शहर के श्रीकृष्ण सिंह मेमोरियल स्टेडियम परिसर स्थित ऐतिहासिक रावणेश्वर हाल के जीर्णोद्धार कार्य में अनियमितता और भ्रष्टाचार की आशंका को लेकर आरटीआई कार्यकर्ता प्रमोद कुमार पंपी ने सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत जानकारी मांगी है। उन्होंने नगर परिषद के लोक सूचना पदाधिकारी को दो अलग-अलग आवेदन देकर जीर्णोद्धार से संबंधित सभी दस्तावेजों की स्व-प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध कराने की मांग की है।पंपी ने 29 जुलाई को सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 6(1) के तहत आवेदन दिया है। जानकारी के अनुसार इस हाल पर अब तक 50 लाख रुपये से अधिक खर्च हो चुके हैं। ---- धूल झोंककर कराया गया उद्घाटन आरटीआई कार्यकर्ता का आरोप है कि आनन-फानन में चकाचौंध कर रावणेश्वर हाल के सौंदर्यीकरण कार्य का उद्घाटन नगर परिषद पदाधिकारियों द्वारा डीएम की आंखों में धूल झोंककर करा लिया गया। यह शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि कार्य अधूरा रहने के बावजूद उद्घाटन कैसे हो गया और शिलापट पर प्राक्कलित राशि क्यों नहीं अंकित की गई। पंपी ने कहा कि यदि ऐतिहासिक भवन का सौंदर्यीकरण कार्य निविदा के माध्यम से होता तो कार्य अधूरा नहीं रहता और हाल भी साउंड प्रूफ बनता। उनका कहना है कि एक ही भवन पर एक ही समय में विभागीय माध्यम से इतनी बड़ी राशि खर्च किए जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। शिलापट पर प्राक्कलित राशि का उल्लेख नहीं होना भी संदेह पैदा करता है। -------- इन दस्तावेजों की हुई मांगे आरटीआई आवेदन में प्रमोद कुमार पंपी ने रावणेश्वर हाल के सौंदर्यीकरण कार्य का प्राक्कलन, कार्यादेश, संवेदक अथवा अभिकर्ता का नाम, कार्य प्रारंभ एवं पूर्ण होने की तिथि, संबंधित स्कूल या शिक्षा विभाग से प्राप्त अनापत्ति प्रमाण-पत्र, अब तक हुए व्यय का मदवार विवरण तथा शिलापट की स्व-प्रमाणित फोटो उपलब्ध कराने की मांग की है।उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक भवन के जीर्णोद्धार में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और तथ्यों को सार्वजनिक करने के उद्देश्य से सूचना मांगी गई है। निर्धारित 30 दिनों के भीतर सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई तो वे प्रथम अपील करेंगे और जरूरत पड़ने पर राज्य सूचना आयोग का दरवाजा भी खटखटाएंगे।
रावणेश्वर हाल के जीर्णोद्धार में गड़बड़ी की आशंका, आरटीआई से मांगी 50 लाख के खर्च की जानकारी अधुरा कार्य पर हुआ उद्घाटन शिलापट पर अंकित नही है प्राक्कलित राशि जमुई: नगर परिषद द्वारा 50 लाख की लागत से शहर के श्रीकृष्ण सिंह मेमोरियल स्टेडियम परिसर स्थित ऐतिहासिक रावणेश्वर हाल के जीर्णोद्धार कार्य में अनियमितता और भ्रष्टाचार की आशंका को लेकर आरटीआई कार्यकर्ता प्रमोद कुमार पंपी ने सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत जानकारी मांगी है। उन्होंने नगर परिषद के लोक सूचना पदाधिकारी को दो अलग-अलग आवेदन देकर जीर्णोद्धार से संबंधित सभी दस्तावेजों की स्व-प्रमाणित प्रतियां उपलब्ध कराने की मांग की है।पंपी ने 29 जुलाई को सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 की धारा 6(1) के तहत आवेदन दिया है। जानकारी के अनुसार इस हाल पर अब तक 50 लाख रुपये से अधिक खर्च हो चुके हैं। ---- धूल झोंककर कराया गया उद्घाटन आरटीआई कार्यकर्ता का आरोप है कि आनन-फानन में चकाचौंध कर रावणेश्वर हाल के सौंदर्यीकरण कार्य का उद्घाटन नगर परिषद पदाधिकारियों द्वारा डीएम की आंखों में धूल झोंककर करा लिया गया। यह शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि कार्य अधूरा रहने के बावजूद उद्घाटन कैसे हो गया और शिलापट पर प्राक्कलित राशि क्यों नहीं अंकित की गई। पंपी ने कहा कि यदि ऐतिहासिक भवन का सौंदर्यीकरण कार्य निविदा के माध्यम से होता तो कार्य अधूरा नहीं रहता और हाल भी साउंड प्रूफ बनता। उनका कहना है कि एक ही भवन पर एक ही समय में विभागीय माध्यम से इतनी बड़ी राशि खर्च किए जाने को लेकर सवाल उठ रहे हैं। शिलापट पर प्राक्कलित राशि का उल्लेख नहीं होना भी संदेह पैदा करता है। -------- इन दस्तावेजों की हुई मांगे आरटीआई आवेदन में प्रमोद कुमार पंपी ने रावणेश्वर हाल के सौंदर्यीकरण कार्य का प्राक्कलन, कार्यादेश, संवेदक अथवा अभिकर्ता का नाम, कार्य प्रारंभ एवं पूर्ण होने की तिथि, संबंधित स्कूल या शिक्षा विभाग से प्राप्त अनापत्ति प्रमाण-पत्र, अब तक हुए व्यय का मदवार विवरण तथा शिलापट की स्व-प्रमाणित फोटो उपलब्ध कराने की मांग की है।उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक भवन के जीर्णोद्धार में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और तथ्यों को सार्वजनिक करने के उद्देश्य से सूचना मांगी गई है। निर्धारित 30 दिनों के भीतर सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई तो वे प्रथम अपील करेंगे और जरूरत पड़ने पर राज्य सूचना आयोग का दरवाजा भी खटखटाएंगे।
- भादो मेला 2026: "थमे न व्यवस्था, डिगे न सेवा"—सावन की तर्ज पर चाक-चौबंद इंतज़ाम की मांग सावन जैसी सुविधा, भादो में भी रहे जारी": श्रद्धालुओं ने सरकार से लगाई गुहार भादो मेला 2026: "थमे न व्यवस्था, डिगे न सेवा"—सावन की तर्ज पर चाक-चौबंद इंतज़ाम की मांग सावन जैसी सुविधा, भादो में भी रहे जारी": श्रद्धालुओं ने सरकार से लगाई गुहार1
- जमुई में 380 लीटर अवैध अंग्रेजी शराब जब्त | लग्जरी कार से तस्करी नाकाम | 2 तस्कर गिरफ्तार जमुई में उत्पाद विभाग ने शराब तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सिकंदरा पुरानी बाजार स्थित पुल के पास एक लग्जरी कार से 380.160 लीटर अवैध अंग्रेजी शराब बरामद की है। इस कार्रवाई में दो शराब तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। उत्पाद विभाग की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर तड़के करीब 4 बजे वाहन की घेराबंदी की। टीम को देखकर कार चालक भागने लगा, लेकिन पीछा कर वाहन को पकड़ लिया गया। तलाशी के दौरान विभिन्न ब्रांड की अवैध अंग्रेजी शराब बरामद हुई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान धनतेरस कुमार (बोकारो) और प्रकाश कुमार (चास) के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में पता चला कि शराब की खेप झारखंड के बोकारो से बेगूसराय ले जाई जा रही थी। उत्पाद अधीक्षक सुभाष कुमार ने बताया कि शराब तस्करी के खिलाफ जिले में लगातार छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है। फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेजा जाएगा। जमुई और बिहार की हर बड़ी खबर सबसे पहले देखने के लिए हमारे चैनल को Subscribe करें, वीडियो को Like, Share और Comment करना न भूलें।1
- जमुई में साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़! 122 से अधिक साइबर ठगी शिकायतों से जुड़ा आरोपी गिरफ्तार, लैपटॉप-मोबाइल समेत कई डिजिटल सबूत बरामद जमुई। बिहार की साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई (पटना) ने जमुई साइबर थाना और स्थानीय पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए झाझा थाना क्षेत्र के बुढीखार गांव में सक्रिय एक संगठित साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में गिरोह के सक्रिय सदस्य रंजन कुमार उर्फ सचिन कुमार को गिरफ्तार किया गया। प्रारंभिक जांच में आरोपी का संबंध 122 से अधिक साइबर ठगी शिकायतों से होने का संदेह सामने आया है। पुलिस ने आरोपी के पास से लैपटॉप, मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड, बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज, फर्जी कागजात और अन्य डिजिटल उपकरण बरामद किए हैं, जिनका इस्तेमाल कथित तौर पर साइबर ठगी में किया जाता था। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से साइबर अपराध के एक बड़े गिरोह का खुलासा होने की उम्मीद है और जल्द ही अन्य आरोपियों पर भी शिकंजा कस सकता है। सावधान रहें: किसी भी अनजान कॉल, लिंक, QR कोड या बैंकिंग जानकारी साझा करने से पहले पूरी तरह सतर्क रहें। साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करें।1
- खेत के बगल में घना जंगल है, जो प्राकृतिक सुंदरता, जैव विविधता और पर्यावरण संरक्षण का अनमोल स्रोत है। खेत के बगल में घना जंगल है, जो प्राकृतिक सुंदरता, जैव विविधता और पर्यावरण संरक्षण का अनमोल स्रोत है।1
- लखीसराय जिला नियोजन कार्यालय में आयोजित रोजगार कैंप में 24 अभ्यर्थियों का हुआ चयन लखीसराय जिला मुख्यालय परिसर स्थित जिला नियोजन कार्यालय में आयोजित एक दिवसीय रोजगार कैंप में 24 अभ्यर्थियों का चयन किया गया। रोजगार कैंप में सत्य माइक्रो कैपिटल प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधियों द्वारा विभिन्न पदों के लिए अभ्यर्थियों का साक्षात्कार लिया गया।जिला नियोजन कार्यालय कर्मी JSE राहुल कुमार ने बताया कि रोजगार कैंप में कुल 95 अभ्यर्थियों ने अपने बायोडाटा जमा किए। सभी अभ्यर्थियों के साक्षात्कार के बाद 24 अभ्यर्थियों का विभिन्न पदों के लिए चयन किया गया। उन्होंने बताया कि ऐसे रोजगार कैंप का उद्देश्य स्थानीय युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना तथा नियोजकों और रोजगार के इच्छुक अभ्यर्थियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है।1
- रामगढ़ चौक: अब "ग्राम कचहरी ऐप" से घर बैठे देखें अपने मामले की स्थिति। रामगढ़ चौक: अब "ग्राम कचहरी ऐप" से घर बैठे देखें अपने मामले की स्थिति। ऑनलाइन आवेदन और ऑर्डर डाउनलोड की सुविधा शुरू, नंदनामा ग्राम कचहरी में मिली सफलता। लखीसराय। रामगढ़ चौक प्रखंड* के आठों ग्राम कचहरी में पिछले 1 साल से ऑनलाइन व्यवस्था लागू है। जानकारी के अभाव में लोग इसका लाभ नहीं ले पा रहे थे, लेकिन अब ग्राम कचहरी ऐप पूरी तरह से सक्रिय हो चुका है। इससे ग्रामीणों को अब घर बैठे ही अपने मामले की जानकारी मिल जा रही है। ऑनलाइन आवेदन और दस्तावेज देखने की सुविधा नंदनामा ग्राम कचहरी की सरपंच प्रमिला देवी और सचिव नवलेश कुमार ने संयुक्त रूप से बताया कि अब ग्राम कचहरी में आवेदन सीधे ऐप के माध्यम से प्राप्त हो रहे हैं। मामले के निष्पादन के बाद ऑर्डर और अन्य दस्तावेज भी ऑनलाइन ऐप पर उपलब्ध करा दिए जाते हैं, जिसे आवेदक आसानी से देख और डाउनलोड कर सकते हैं। मामले का उदाहरण हाल ही में नंदनामा ग्राम कचहरी में वाद संख्या 4/26 में विकास कुमार शर्मा बनाम प्रवेश शर्मा, नवीन शर्मा, संजीव शर्मा और अरविंद शर्मा का फौजदारी मामला आया था। दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद न्याय पीठ के पंच सदस्यों ने मामले की हकीकत जानने के लिए आसपास के लोगों से बातचीत और साक्ष्य एकत्रित करने का निर्देश दिया। इसकी अगली तारीख 10 अगस्त निर्धारित की गई। सुनवाई के समय उपसरपंच सियाराम महतो सहित पंच सदस्य पमपम देवी, रिंकू देवी, चंपा देवी, शिल्पी कुमारी, पिंकी देवी, अशर्फी यादव, पिंटू कुमार उपस्थित थे। 3 दिन में जमा करने होंगे मूल दस्तावेज सचिव नवलेश कुमार ने बताया कि ग्राम कचहरी को पारदर्शी और सुदृढ़ बनाने के लिए अब सभी आवेदन ऐप के माध्यम से लिए जा रहे हैं। जो आवेदक ऑनलाइन आवेदन करते हैं, उन्हें 3 दिनों के अंदर मूल दस्तावेज कार्यालय में जमा करने होते हैं। इसके बाद सुनवाई की तारीख तय कर उसे ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड कर दिया जाता है। इससे आवेदक को बार-बार कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ते। वे अपने मोबाइल से ही तारीख, ऑर्डर और मामले की स्थिति देख सकते हैं। ग्राम कचहरी के इस डिजिटल कदम से आम लोगों को त्वरित न्याय और पारदर्शिता मिलने की उम्मीद बढ़ी है।1
- अब पुलिस को मिली है वायरललेस सेट अपराध पर लगा सकेगा शिकंजा, भाग नहीं पायेंगे अपराधी अपराधियों पर नकेल कसने की तैयारी: शेखपुरा पुलिस के सभी थानों में वायरलेस प्रशिक्षण अभियान शुरू शेखपुरा। जिले में अपराध नियंत्रण व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक हिमांशु के निर्देश पर सभी थानों के पुलिस पदाधिकारियों एवं जवानों के लिए वायरलेस (वॉकी-टॉकी) संचालन का विशेष प्रशिक्षण अभियान चलाया जा रहा है। इस पहल का मकसद पुलिस बल के बीच त्वरित संचार व्यवस्था विकसित करना है, ताकि किसी भी आपराधिक घटना की जानकारी बिना विलंब सभी संबंधित थानों तक पहुंच सके और अपराधियों की गिरफ्तारी में तेजी लाई जा सके। प्रशिक्षण अभियान के तहत पुलिसकर्मियों को वायरलेस सेट के संचालन, संदेश भेजने और प्राप्त करने की मानक प्रक्रिया, आपातकालीन परिस्थितियों में प्रभावी संवाद तथा विभिन्न थानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की तकनीकी जानकारी दी जा रही है। प्रशिक्षण का संचालन अनुभवी अधिकारियों की देखरेख में किया जा रहा है। प्रशिक्षण प्रभारी एएसआई भरत कुमार ने बताया कि जिले के अधिकांश थानों में यह प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जबकि शनिवार को यातायात थाना के पुलिसकर्मियों को व्यवहारिक प्रशिक्षण दिया गया। यातायात थानाध्यक्ष सदाशिव शाहा ने बताया कि पहले किसी अपराधी के फरार होने या संदिग्ध गतिविधि की सूचना मोबाइल फोन के माध्यम से साझा की जाती थी, जिससे कई बार समय की बर्बादी होती थी। नई वायरलेस प्रणाली लागू होने के बाद सभी थानों तक एक साथ तुरंत संदेश प्रसारित किया जा सकेगा। इससे सीमावर्ती क्षेत्रों में भी पुलिस की निगरानी और घेराबंदी की कार्रवाई अधिक प्रभावी होगी। उन्होंने बताया कि आगामी दिनों में बरबीघा अनुमंडल के चारों थानों के अलावा महिला थाना एवं एससी-एसटी थाना के पुलिसकर्मियों को भी प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही सभी थाना वाहनों में वायरलेस सेट लगाने की तैयारी की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि इस आधुनिक संचार व्यवस्था से अपराध नियंत्रण, त्वरित कार्रवाई और विभिन्न इकाइयों के बीच तालमेल पहले की तुलना में कहीं अधिक मजबूत होगा।1
- रामगढ़ चौक बीडीओ ने आवास कर्मियों के साथ की बैठक पी एम आवास में 379 घर पूर्ण, 121 लंबित। कर्मियों ने 8 माह से वेतन न मिलने पर जताई रामगढ़ चौक बीडीओ ने आवास कर्मियों के साथ की बैठक पी एम आवास में 379 घर पूर्ण, 121 लंबित। कर्मियों ने 8 माह से वेतन न मिलने पर जताई लखीसराय। रामगढ़ चौक प्रखंड मुख्यालय स्थित कार्यालय में शुक्रवार को प्रखंड विकास पदाधिकारी अभिषेक कुमार ने आवास कर्मियों के साथ समीक्षात्मक बैठक की। बैठक में पी एम आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना की प्रगति की समीक्षा की गई और लंबित कार्यों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए। पीएम आवास में 379 आवास पूर्ण । बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 500 लाभुकों के खाते में प्रथम किस्त भेजी गई थी। इसमें से 379 लाभुकों का आवास पूर्ण हो चुका है, जबकि 121 आवास अभी लंबित हैं। मुख्यमंत्री आवास और सहायता योजना की स्थिति मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 30 लाभार्थियों को प्रथम किस्त और 15 लाभार्थियों को द्वितीय किस्त भेजी गई थी। इसमें से अब तक 5 आवास पूर्ण हुए हैं और 25 लंबित हैं। वहीं मुख्यमंत्री सहायता योजना के तहत 7 लाभुकों को राशि दी गई थी, जिसमें से 6 का आवास पूर्ण और 1 लंबित पाया गया। बीडीओ का निर्देश: रिपोर्ट शून्य भेजें समीक्षा के बाद बीडीओ अभिषेक कुमार ने सभी आवास सहायक और पर्यवेक्षकों को निर्देश दिया कि पी एम आवास और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत जितने भी आवास लंबित हैं, उन्हें जल्द से जल्द पूर्ण कराया जाए ताकि शून्य रिपोर्ट भेजी जा सके। बैठक में आवास पर्यवेक्षक अमित कुमार, लेखपाल संजीव कुमार, आवास सहायक रवि कुमार, अजीत कुमार, अमन कुमार, मिंटू कुमारी, विजय कुमार उपस्थित थे। 8 माह से वेतन न मिलने पर कर्मियों ने जताई नाराजगी बैठक के दौरान आवास कर्मियों ने बीडीओ के समक्ष पिछले 8 माह से मानदेय भुगतान न होने का मुद्दा उठाया। कर्मियों ने संयुक्त रूप से कहा पिछले 8 महीने से वेतन नहीं मिला है। आने-जाने का भाड़ा तक नहीं है। बच्चों की पढ़ाई और घर चलाना मुश्किल हो गया है। अगर जल्द वेतन नहीं मिला तो आवास योजना का कार्य प्रभावित होगा। बीडीओ ने कर्मियों की समस्या सुनकर आश्वासन दिया कि वेतन भुगतान के लिए उच्च स्तर पर पत्राचार किया जाएगा।1