उदयपुर जिले के वल्लभनगर विधानसभा क्षेत्र के कानोड़ में हाल ही में कानोड़, केरेश्वर और भींडर नगर मंडल की एक महत्वपूर्ण संयुक्त बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा देहात जिलाध्यक्ष पुष्कर तेली ने उपस्थित कार्यकर्ताओं को संबोधित किया और संगठन की मजबूती पर विशेष बल दिया। बैठक के दौरान, डिजिटल लर्निंग, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस और 'संविधान हत्या दिवस' के उपलक्ष्य में मनाए जाने वाले पखवाड़ा कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा तैयार की गई। इसके अतिरिक्त, विभिन्न संगठनात्मक विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई और कार्यकर्ताओं को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। इस अवसर पर देहात जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र सिंह आसोलिया, पूर्व जिला मंत्री भंवर भट्ट, कानोड़ मंडल अध्यक्ष हरेन्द्र सिंह राव, केरेश्वर मंडल अध्यक्ष भंवर लाल, भिंडर नगर मंडल अध्यक्ष तिलक व्यास और भगवती लाल सेवक सहित कई अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी एवं निष्ठावान कार्यकर्ता मौजूद रहे।
उदयपुर जिले के वल्लभनगर विधानसभा क्षेत्र के कानोड़ में हाल ही में कानोड़, केरेश्वर और भींडर नगर मंडल की एक महत्वपूर्ण संयुक्त बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा देहात जिलाध्यक्ष पुष्कर तेली ने उपस्थित कार्यकर्ताओं को संबोधित किया और संगठन की मजबूती पर विशेष बल दिया। बैठक के दौरान, डिजिटल लर्निंग, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस और 'संविधान हत्या दिवस' के उपलक्ष्य में मनाए जाने वाले पखवाड़ा कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा तैयार की गई। इसके अतिरिक्त, विभिन्न संगठनात्मक विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई और कार्यकर्ताओं को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। इस अवसर पर देहात जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र सिंह आसोलिया, पूर्व जिला मंत्री भंवर भट्ट, कानोड़ मंडल अध्यक्ष हरेन्द्र सिंह राव, केरेश्वर मंडल अध्यक्ष भंवर लाल, भिंडर नगर मंडल अध्यक्ष तिलक व्यास और भगवती लाल सेवक सहित कई अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी एवं निष्ठावान कार्यकर्ता मौजूद रहे।
- आज राजस्थान के 27 जिलों के लिए आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जिसके साथ ही राज्य में मानसून की एंट्री अब दूर नहीं बताई जा रही है। यह चेतावनी 'राजस्थान मानसून 2026' से संबंधित मौसम गतिविधियों के बीच सामने आई है। इसी क्रम में, राजसमंद जिले में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई है।1
- राजसमंद लोकसभा सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र लिखकर नाथद्वारा-टोडारायसिंह नई रेल लाइन परियोजना को शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने की मांग की है। यह मांग रेलमगरा सहित पूरे क्षेत्र में जनहित और लोकमहत्त्व को देखते हुए की गई है। सांसद ने अपने पत्र में प्रस्तावित रेल लाइन के मार्ग का विस्तृत विवरण देते हुए बताया कि यह नाथद्वारा, कोठारिया, डगवाड़ा, रामपुर, ढीली, बनेडिया, कारोलिया, मेनिया, सादड़ी, रेलमगरा, कुरज, जूणदा, पोटला, सहाड़ा, गंगापुर, नान्दसा, आमली, आशा होली, बागोर, करेड़ा, दौलतगढ़, आसींद, मालासेरी डूंगरी श्री देवनारायण, बरसानी, फलामादा, गुलाबपुरा और केकड़ी होते हुए टोडारायसिंह तक प्रस्तावित है। उन्होंने रेखांकित किया कि इस रेल परियोजना से रेलमगरा और उसके आसपास के पूरे क्षेत्र में विकास को नई गति मिलेगी। इसके साथ ही, इस परियोजना से रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, खनन, कृषि और व्यापार जैसे क्षेत्रों को बढ़ावा मिलेगा। नाथद्वारा आने वाले श्रद्धालुओं के साथ-साथ स्थानीय यात्रियों को भी बेहतर रेल सुविधा और कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी, जिससे आवागमन सुगम बनेगा। सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ ने रेल मंत्री से अपील की है कि वे इस जनहित एवं लोकमहत्त्वपूर्ण परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द स्वीकृति प्रदान करें।1
- नांदोली, राजसमंद, राजस्थान से न्यू द्वारकेश न्यूज़ चैनल के रिपोर्टर नंदलाल पुरबिया द्वारा जनहित में रूपनारायण भगवान के 73 दर्शन प्रसारित किए गए।1
- तेलिया पंचायत से संबंधित खजूरी रोड का दो बार चयन हो चुका है, जिसकी जानकारी देने वाले व्यक्ति ने इसे 'अपना' बताया है।1
- चित्तौड़गढ़ में भाजपा शासन के 12 वर्ष पूरे होने पर सांसद सीपी जोशी ने एक प्रेसवार्ता आयोजित कर केंद्र सरकार की उपलब्धियों, विकास कार्यों और योजनाओं का ब्यौरा प्रस्तुत किया। भाजपा इन वर्षों को विकास, सुशासन और राष्ट्र निर्माण का कालखंड बता रही है। हालांकि, इसी समय चित्तौड़गढ़ जिले में आमजन के जीवन, किसानों की जमीन, पर्यावरण, जल स्रोतों, रोजगार और भविष्य की पीढ़ियों से जुड़े कई गंभीर सवाल उठ रहे हैं, जो अब जिले की राजनीति का प्रमुख विमर्श बन गए हैं। इस विरोधाभास के केंद्र में यह प्रश्न है कि विकास का मॉडल कैसा हो – क्या यह केवल उद्योगों और परियोजनाओं की संख्या से मापा जाएगा या जनता की सुरक्षित जिंदगी, स्वच्छ हवा, पानी और रोजगार से भी। बड़ीसादड़ी क्षेत्र में जेरोफिक्स अपशिष्ट को लेकर उपजा विवाद अब केवल गंदगी हटाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह प्रशासनिक निगरानी, पर्यावरण सुरक्षा और जिम्मेदारी तय करने का मुद्दा बन चुका है। ग्रामीणों और संघर्ष समिति का आरोप है कि बड़े पैमाने पर अपशिष्ट डाले जाने से जनस्वास्थ्य को खतरा है और वे इस मामले की पारदर्शी जांच तथा भविष्य में ऐसी स्थिति को रोकने के लिए व्यवस्था की मांग कर रहे हैं, क्योंकि यह मामला अब जनता के विश्वास की परीक्षा बन चुका है। इसी तरह, चंदेरिया में हिन्दुस्तान जिंक के फर्टिलाइजर प्लांट और बेगूं, निंबाहेड़ा सहित अन्य क्षेत्रों में खनन परियोजनाओं को लेकर भी विकास और पर्यावरण के बीच बहस तेज है। जहां परियोजना समर्थक निवेश, रोजगार और आर्थिक मजबूती का तर्क देते हैं, वहीं ग्रामीण और पर्यावरण से जुड़े लोग जल, हवा, मिट्टी और स्थानीय स्वास्थ्य पर पड़ने वाले गंभीर प्रभावों के अध्ययन की मांग करते हैं। जनता का सवाल है कि क्या कागजों पर पर्यावरणीय सुरक्षा पर्याप्त है या इसका असर जमीन पर भी दिखेगा, क्योंकि हवा और पानी रिपोर्टों में नहीं, बल्कि लोगों की जिंदगी में महसूस होते हैं। ग्रामीणों का मानना है कि उद्योग जरूरी हैं, लेकिन विकास ऐसा होना चाहिए जिसमें आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधन सुरक्षित रहें। चित्तौड़गढ़ के अफीम किसान वर्षों से लाइसेंस व्यवस्था, उत्पादन नीति, लागत, मौसम की मार और गुणवत्ता मानकों से जुड़ी समस्याओं का स्थायी समाधान चाहते हैं, विशेषकर जब सरकार किसान सम्मान और कृषि विकास की बात करती है। उनकी चिंता केवल फसल तक सीमित नहीं, बल्कि परिवार, भविष्य और आर्थिक सुरक्षा से जुड़ी है। वहीं, जिले में उद्योग और बड़े प्रोजेक्ट होने के बावजूद स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता न मिलने का सवाल उठ रहा है। ग्रामीण युवा कौशल विकास और स्थायी रोजगार के ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं ताकि विकास केवल जमीन लेने तक सीमित न रहे, बल्कि स्थानीय समाज को उसका हिस्सा भी मिले। इसके अतिरिक्त, विश्व धरोहर चित्तौड़गढ़ दुर्ग पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को जहां विरासत संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण माना गया, वहीं यह सवाल भी उठा कि वर्षों तक अतिक्रमण होने पर निगरानी व्यवस्था कितनी प्रभावी रही, और अब जनता केवल कार्रवाई तक सीमित न रहकर स्थायी व्यवस्था चाहती है। इन 12 सालों की उपलब्धियों के दावों के बीच, चित्तौड़गढ़ में उठ रहे ये जनमुद्दे संकेत देते हैं कि जनता अब केवल घोषणाएं नहीं, बल्कि ठोस परिणाम चाहती है। जनता सवाल कर रही है कि क्या किसान मजबूत हुए, क्या अफीम किसान सुरक्षित हैं, युवाओं को पर्याप्त रोजगार मिला और उद्योगों के साथ पर्यावरण सुरक्षित रहेगा? चित्तौड़गढ़ आज ऐसे मोड़ पर खड़ा है जहां औद्योगिक विकास, निवेश और रोजगार की संभावनाओं के साथ-साथ पर्यावरण, किसान और स्थानीय समुदाय के अधिकारों की चुनौती है। लोकतंत्र में सरकारों की सफलता केवल परियोजनाओं की संख्या से नहीं बल्कि जनता के विश्वास से तय होती है। विकास आवश्यक है, लेकिन ऐसा विकास जो इंसान, प्रकृति और भविष्य तीनों को साथ लेकर चले। आने वाले समय में जिले की सियासत इसी मूल प्रश्न से तय होगी: 'विकास किसका, कीमत किसकी और लाभ किस तक?'।1
- श्री सांवलियाजी मंदिर के भीतर एक गेट खोला जाएगा। हालांकि, यह सवाल उठाया जा रहा है कि रथयात्रा मार्ग और डेयरी गेट सहित मंदिर के बाहर के गेट पहले की तरह कब खुलेंगे।1
- उदयपुर जिले के वल्लभनगर विधानसभा क्षेत्र के कानोड़ में हाल ही में कानोड़, केरेश्वर और भींडर नगर मंडल की एक महत्वपूर्ण संयुक्त बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा देहात जिलाध्यक्ष पुष्कर तेली ने उपस्थित कार्यकर्ताओं को संबोधित किया और संगठन की मजबूती पर विशेष बल दिया। बैठक के दौरान, डिजिटल लर्निंग, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस और 'संविधान हत्या दिवस' के उपलक्ष्य में मनाए जाने वाले पखवाड़ा कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा तैयार की गई। इसके अतिरिक्त, विभिन्न संगठनात्मक विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई और कार्यकर्ताओं को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। इस अवसर पर देहात जिला उपाध्यक्ष नरेंद्र सिंह आसोलिया, पूर्व जिला मंत्री भंवर भट्ट, कानोड़ मंडल अध्यक्ष हरेन्द्र सिंह राव, केरेश्वर मंडल अध्यक्ष भंवर लाल, भिंडर नगर मंडल अध्यक्ष तिलक व्यास और भगवती लाल सेवक सहित कई अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी एवं निष्ठावान कार्यकर्ता मौजूद रहे।1
- न्यू द्वारकेश न्यूज़ चैनल के रिपोर्टर नंदलाल पुरबिया द्वारा राजस्थान के राजसमंद जिले की नांदोली से जनहित में यह प्रसारण किया गया है।1
- चित्तौड़गढ़ के गांधी नगर स्थित आकाशवाणी चौराहा पर आयुष हॉस्पिटल में आयुर्वेद चिकित्सा के माध्यम से सफलतापूर्वक इलाज किया जा रहा है। यहाँ ऐसे मरीज जिन्हें पहले बहुत परेशानी थी, उन्हें आयुर्वेद चिकित्सा से आराम मिल रहा है। हॉस्पिटल ने बताया है कि मरीज अपनी जुबानी खुद अपने आराम की कहानी सुना रहे हैं, जो आयुर्वेद चिकित्सा के कमाल को दर्शाता है।1