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nali saff karne koi nahi aa raha hai call kar kar thak gaya koi bhi nali saff karne nahi aa raha hai
RAKESH RAJPUT
nali saff karne koi nahi aa raha hai call kar kar thak gaya koi bhi nali saff karne nahi aa raha hai
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- Post by PRADEEP PURI2
- गाजियाबाद। जिले के राजकीय छात्रावासों में कराए गए विद्युत एवं मरम्मत कार्यों का भुगतान पिछले 18 महीनों से लंबित होने का गंभीर मामला सामने आया है। भुगतान न मिलने से स्थानीय ठेकेदार आर्थिक संकट से जूझ रहा है। बार-बार आश्वासन के बावजूद विभागीय स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई न होने से यह मामला अब प्रशासनिक उदासीनता का उदाहरण बनता जा रहा है। गाजियाबाद के फेज-2 डागर विहार निवासी देवेंद्र चौधरी ने बताया कि उनकी फर्म ए.आर.डी. इंटरप्राइजेज द्वारा राजकीय छात्रावास भोपूरा (नंदग्राम) एवं राजकीय बालिका छात्रावास साहिबाबाद में बिजली से संबंधित कार्य और अन्य आवश्यक मरम्मत कार्य कराए गए थे। कार्य पूर्ण होने के बाद विधिवत बिल भी समय-समय पर विभाग को सौंपे गए, लेकिन आज तक भुगतान नहीं किया गया। ठेकेदार का कहना है कि शुरुआत में अधिकारियों ने “बजट आते ही भुगतान” का भरोसा दिलाया, लेकिन महीनों तक मामला टलता रहा और देखते-देखते 18 महीने बीत गए। हैरानी की बात यह है कि पुराने भुगतान लंबित रहने के बावजूद उनसे आगे भी कार्य कराए जाते रहे। देवेंद्र चौधरी के अनुसार कुल बकाया राशि ₹3,54,106 है। इतनी बड़ी रकम अटके रहने से कर्मचारियों का वेतन, सामग्री की उधारी और रोजमर्रा के खर्च निकालना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कई बार विकास भवन जाकर अधिकारियों से मुलाकात की, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला। इस संबंध में उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी, गाजियाबाद को लिखित प्रार्थना पत्र सौंपकर जल्द भुगतान की मांग की है। साथ ही जिला समाज कल्याण अधिकारी को भी इसकी प्रतिलिपि भेजी गई है। विभाग द्वारा 26 अगस्त 2022 को जारी पत्र में भुगतान से संबंधित कार्यादेश व विपत्रों की छायाप्रति मांगी गई थी, जिसे उपलब्ध कराने के बाद भी भुगतान प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि यदि समय पर भुगतान नहीं हुआ तो छोटे और मध्यम ठेकेदारों का सरकारी विभागों पर से भरोसा उठ जाएगा। सरकारी काम पूरा होने के बाद भी महीनों दफ्तरों के चक्कर लगाना अब मजबूरी बनता जा रहा है। नंदग्राम के अनुसूचित जाति हॉस्टल की बदलेगी सूरत नंदग्राम स्थित समाज कल्याण विभाग के अनुसूचित जाति-जनजाति बालक छात्रावास की सूरत अब बदलने की तैयारी है। हॉस्टल में शुद्ध पेयजल, सुरक्षा व्यवस्था, दरवाजे-खिड़कियों की मरम्मत सहित सुंदरीकरण के लिए शासन से करीब ₹2.11 करोड़ का बजट स्वीकृत हुआ है। इसमें से पहली किश्त जारी किए जाने की जानकारी दी गई है। वर्ष 2011 में बने इस छात्रावास के गेट, चहारदीवारी, फर्श और अन्य संरचनात्मक मरम्मत कराई जाएगी। समाज कल्याण अधिकारी अमरजीत सिंह के अनुसार कार्य पूर्ण होने के बाद हॉस्टल की सुविधाओं में बड़ा सुधार देखने को1
- Post by पत्रकार धीरेंद्र त्रिपाठी1
- koi bhi nali saff karne nahi aa raha hai1
- गाजियाबाद में पेंट फैक्ट्री में लगी आगः फायर ब्रिगेड की 20 गाड़ियों ने 6 घंटे में काबू पाया, कोई हताहत नहीं गाजियाबाद में मेरठ रोड पर गुरुवार रात पेंट बनाने वाली की फैक्ट्री में भीषण आग लग गई। इस फैक्ट्री से आग पास में ही स्क्रैप की फैक्ट्री तक भी पहुंच गई। आग इतनी भीषण थी कि लपटें कई किलोमीटर दूर से दिखाई दे रही थी। इससे कर्मचारियों में अफरा-तफरा मच गई। लोगों ने भागकर अपनी जान बचाई। अंदर रखे केमिकल से भरे ड्रम तेज धमाकों के साथ फटे, जिससे आग और विकराल हो गई।1
- गाजियाबाद के लोनी बॉर्डर इलाके से रिश्तों की नींव हिला देने वाली घटना सामने आई है। हरिशंकर नाम के एक पति ने अपनी पत्नी के बार-बार 'गंजा' कहकर चिढ़ाने पर इतना गुस्सा किया कि उसने अपनी ही पत्नी की हत्या के लिए सुपारी दी। दो शूटरों को कुल 50 हजार रुपये में हायर किया गया, जिसमें 15 हजार एडवांस में दिए गए। 25 जनवरी 2026 को पत्नी को बाजार ले जाने के बहाने हमलावरों ने रास्ते में गोली चला दी, लेकिन महिला बाल-बाल बच गई। घटना के बाद पति ने FIR पड़ोसियों पर दर्ज करवाई, लेकिन पुलिस की जांच में साजिश का पर्दाफाश हुआ। कुल 5 लोग गिरफ्तार किए गए। पुलिस का कहना है कि घरेलू झगड़े और तानों ने इस खतरनाक साजिश को जन्म दिया।1
- 5 March ko ghaziabad ke sanjay nagar guldhar m factory me lagi kal rat aag1
- गाजियाबाद। जिले के राजकीय छात्रावासों में कराए गए विद्युत एवं मरम्मत कार्यों का भुगतान पिछले 18 महीनों से लंबित होने का गंभीर मामला सामने आया है। भुगतान न मिलने से स्थानीय ठेकेदार आर्थिक संकट से जूझ रहा है। बार-बार आश्वासन के बावजूद विभागीय स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई न होने से यह मामला अब प्रशासनिक उदासीनता का उदाहरण बनता जा रहा है। गाजियाबाद के फेज-2 डागर विहार निवासी देवेंद्र चौधरी ने बताया कि उनकी फर्म ए.आर.डी. इंटरप्राइजेज द्वारा राजकीय छात्रावास भोपूरा (नंदग्राम) एवं राजकीय बालिका छात्रावास साहिबाबाद में बिजली से संबंधित कार्य और अन्य आवश्यक मरम्मत कार्य कराए गए थे। कार्य पूर्ण होने के बाद विधिवत बिल भी समय-समय पर विभाग को सौंपे गए, लेकिन आज तक भुगतान नहीं किया गया। ठेकेदार का कहना है कि शुरुआत में अधिकारियों ने “बजट आते ही भुगतान” का भरोसा दिलाया, लेकिन महीनों तक मामला टलता रहा और देखते-देखते 18 महीने बीत गए। हैरानी की बात यह है कि पुराने भुगतान लंबित रहने के बावजूद उनसे आगे भी कार्य कराए जाते रहे। देवेंद्र चौधरी के अनुसार कुल बकाया राशि ₹3,54,106 है। इतनी बड़ी रकम अटके रहने से कर्मचारियों का वेतन, सामग्री की उधारी और रोजमर्रा के खर्च निकालना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कई बार विकास भवन जाकर अधिकारियों से मुलाकात की, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला। इस संबंध में उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी, गाजियाबाद को लिखित प्रार्थना पत्र सौंपकर जल्द भुगतान की मांग की है। साथ ही जिला समाज कल्याण अधिकारी को भी इसकी प्रतिलिपि भेजी गई है। विभाग द्वारा 26 अगस्त 2022 को जारी पत्र में भुगतान से संबंधित कार्यादेश व विपत्रों की छायाप्रति मांगी गई थी, जिसे उपलब्ध कराने के बाद भी भुगतान प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई। स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि यदि समय पर भुगतान नहीं हुआ तो छोटे और मध्यम ठेकेदारों का सरकारी विभागों पर से भरोसा उठ जाएगा। सरकारी काम पूरा होने के बाद भी महीनों दफ्तरों के चक्कर लगाना अब मजबूरी बनता जा रहा है। नंदग्राम के अनुसूचित जाति हॉस्टल की बदलेगी सूरत नंदग्राम स्थित समाज कल्याण विभाग के अनुसूचित जाति-जनजाति बालक छात्रावास की सूरत अब बदलने की तैयारी है। हॉस्टल में शुद्ध पेयजल, सुरक्षा व्यवस्था, दरवाजे-खिड़कियों की मरम्मत सहित सुंदरीकरण के लिए शासन से करीब ₹2.11 करोड़ का बजट स्वीकृत हुआ है। इसमें से पहली किश्त जारी किए जाने की जानकारी दी गई है। वर्ष 2011 में बने इस छात्रावास के गेट, चहारदीवारी, फर्श और अन्य संरचनात्मक मरम्मत कराई जाएगी। समाज कल्याण अधिकारी अमरजीत सिंह के अनुसार कार्य पूर्ण होने के बाद हॉस्टल की सुविधाओं में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।1