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जिस सूर्य की उपासना हमारी परंपरा करती आई है, उसकी पहली किरण जापान की धरती पर पड़ती है। जिस सूर्य की उपासना हमारी परंपरा करती आई है, उसकी पहली किरण जापान की धरती पर पड़ती है। उत्तर प्रदेश और जापान के बीच Tourism एवं People-to-People Exchange को और मजबूत करने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। — मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी
Media fast news 24
जिस सूर्य की उपासना हमारी परंपरा करती आई है, उसकी पहली किरण जापान की धरती पर पड़ती है। जिस सूर्य की उपासना हमारी परंपरा करती आई है, उसकी पहली किरण जापान की धरती पर पड़ती है। उत्तर प्रदेश और जापान के बीच Tourism एवं People-to-People Exchange को और मजबूत करने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। — मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी
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- जिस सूर्य की उपासना हमारी परंपरा करती आई है, उसकी पहली किरण जापान की धरती पर पड़ती है। जिस सूर्य की उपासना हमारी परंपरा करती आई है, उसकी पहली किरण जापान की धरती पर पड़ती है। उत्तर प्रदेश और जापान के बीच Tourism एवं People-to-People Exchange को और मजबूत करने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं। — मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी1
- 🚨 बड़ी खबर: रुड़की में टला बड़ा रेल हादसा एंकर/रिपोर्टर: 29 अगस्त 2024 को उत्तराखंड के रुड़की रेलवे स्टेशन पर रेलवे कर्मचारियों की सतर्कता से एक बड़ा रेल हादसा होने से बच गया। जानकारी के मुताबिक, जम्मू तवी से गुवाहाटी जा रही लोहित एक्सप्रेस, ट्रेन नंबर 15652, रुड़की रेलवे स्टेशन पहुंची थी। इसी दौरान रेलवे कर्मचारियों की नजर ट्रेन के एक AC कोच के कंट्रोल आर्म के टूटे हुए बोल्ट पर पड़ी। कर्मचारियों ने तुरंत इसकी सूचना अधिकारियों को दी और ट्रेन को रोककर तकनीकी जांच शुरू की। जांच में खराबी गंभीर पाई गई। अगर ट्रेन इसी स्थिति में आगे चलती रहती, तो डिरेलमेंट यानी ट्रेन के पटरी से उतरने का खतरा पैदा हो सकता था। रेलवे कर्मचारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए खराब कोच को ट्रेन से अलग कर दिया और यात्रियों को सुरक्षित दूसरे कोच में भेजा गया। इसके बाद खराब कोच की मरम्मत की गई। रेलवे कर्मचारियों की समय पर दिखाई गई सतर्कता और तेजी से लिए गए फैसले की अधिकारियों ने भी सराहना की। सबसे राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई बड़ा हादसा या जनहानि नहीं हुई। रिपोर्टर: यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि रेलवे कर्मचारियों की सतर्कता और समय पर की गई कार्रवाई कितनी महत्वपूर्ण है। राजपूत मीडिया भारत के लिए — रिपोर्ट।1
- *सरधना से बसपा ने चौधरी विनीत भराला को बनाया प्रत्याशी, 2027 की चुनावी तैयारी शुरू* मेरठ: बसपा ने 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर सरधना सीट से चौधरी विनीत भराला को अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया है। बुधवार को दौराला क्षेत्र के वलिदपुर गांव में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में पार्टी ने इसकी घोषणा की। प्रत्याशी घोषित होने के बाद चौधरी विनीत भराला ने पार्टी नेतृत्व और कार्यकर्ताओं का आभार जताते हुए कहा कि वह संगठन के साथ मिलकर आगामी चुनाव की तैया*सरधना से बसपा ने चौधरी विनीत भराला को बनाया प्रत्याशी, 2027 की चुनावी तैयारी शुरू* मेरठ: बसपा ने 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर सरधना सीट से चौधरी विनीत भराला को अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया है। बुधवार को दौराला क्षेत्र के वलिदपुर गांव में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में पार्टी ने इसकी घोषणा की। प्रत्याशी घोषित होने के बाद चौधरी विनीत भराला ने पार्टी नेतृत्व और कार्यकर्ताओं का आभार जताते हुए कहा कि वह संगठन के साथ मिलकर आगामी चुनाव की तैयारियों में जुटेंगे।1
- मेरठ में पति के सामने ही गर्लफ्रेंड ने पत्नी को पीटा ब्रह्मपुरी क्षेत्र में सुपरटेक पाल्म ग्रीन सोसाइटी के बराबर गली में जिम के बाहर महिला को पीटा गया। महिला ने पति और उसकी प्रेमिका पर पीटने का आरोप लगाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। मेरठ में पति के सामने ही गर्लफ्रेंड ने पत्नी को पीटा ब्रह्मपुरी क्षेत्र में सुपरटेक पाल्म ग्रीन सोसाइटी के बराबर गली में जिम के बाहर महिला को पीटा गया। महिला ने पति और उसकी प्रेमिका पर पीटने का आरोप लगाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।1
- 🚨 जब मीडिया स्कूलों तक नहीं पहुंचेगा, तो सामने कैसे आएगी हकीकत? स्कूलों की व्यवस्थाओं और वहां की कमियों को सामने लाने में मीडिया की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। जब पत्रकार और मीडिया स्कूलों में जाकर जमीनी स्थिति दिखाते हैं, तभी बच्चों, अभिभावकों और प्रशासन के सामने वास्तविक तस्वीर आ पाती है। लेकिन सवाल यह भी है कि अगर कोई परिवार या ग्रामीण स्कूल की समस्या मीडिया के सामने रखता है और उसे ही परेशानी का सामना करना पड़े, तो आखिर लोग अपनी आवाज किसके सामने उठाएं? स्कूलों में शिक्षा, साफ-सफाई, शौचालय, पानी, बिजली और बच्चों की सुरक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं की स्थिति सामने आना जरूरी है। अच्छी व्यवस्था है तो उसकी भी तस्वीर दिखनी चाहिए और कमी है तो उस पर सवाल भी होने चाहिए। मीडिया का काम किसी को बदनाम करना नहीं, बल्कि जमीनी हकीकत सामने लाना और जिम्मेदार अधिकारियों तक लोगों की आवाज पहुंचाना है। ❓सवाल यही है—अगर स्कूलों का सच दिखाने वाला मीडिया ही वहां नहीं पहुंचेगा, तो बच्चों और अभिभावकों की समस्याएं आखिर सामने कैसे आएंगी? #SchoolNews #Rajasthan #SchoolReality #Education #Media #ChakraView #SchoolThikKaro1
- सलमानी वेलफेयर एसोसिएशन की मेहनत लाई रंग, सूयब यूट्यूबर ने सलमानी समाज से मांगी माफी मेरठ। सलमानी वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष हाजी महिम सलमानी एवं पदाधिकारियों की मेहनत रंग लाई। अपने डायलॉग “जा जा गुलाम” से मशहूर यूट्यूबर सूयब द्वारा सलमानी समाज के काम और पेशे को लेकर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में सलमानी समाज की ओर से लगातार आवाज उठाई गई। समाजसेवक शकील सलमानी एवं पत्रकार अजीम सलमानी ने सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को जागरूक किया। इसके बाद सलमानी समाज में जागरूकता बढ़ी और सलमानी वेलफेयर एसोसिएशन ने मेरठ में जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की। वहीं, गाजियाबाद में गुडलक सलमानी वेलफेयर सोसायटी ने भी धरना देकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा था। मामले को लेकर मेरठ के लिसाड़ी गेट थाना अध्यक्ष दलवीर सिंह के समक्ष शिकायत पहुंची। थाना अध्यक्ष ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कर मुकदमा दर्ज कराया। इसके बाद सूयब यूट्यूबर को मेरठ बुलाया गया, जहां सलमानी समाज के लोगों की मौजूदगी में उसने अपने बयान पर माफी मांगी। पुलिस की मध्यस्थता से दोनों पक्षों के बीच समझौता कराया गया और सूयब को भविष्य में किसी भी समाज के प्रति आपत्तिजनक टिप्पणी से बचने की नसीहत दी गई। सलमानी वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष हाजी महिम सलमानी एवं तमाम पदाधिकारियों ने लिसाड़ी गेट थाना अध्यक्ष दलवीर सिंह का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए न केवल समाज की भावनाओं का सम्मान किया, बल्कि एक मुस्लिम युवक के भविष्य को ध्यान में रखते हुए भी सराहनीय भूमिका निभाई। खबर: पत्रकार अजीम सलमानी, मेरठ1
- इंसान के अंदर की संवेदनाएं कहां खत्म होती जा रही हैं? लोग ज़रा ज़र इंसान के अंदर की संवेदनाएं कहां खत्म होती जा रही हैं? लोग ज़रा ज़रा सी बात पर हैवानियत दिखाने लगे हैं... एक छोटा बच्चा मदद की आस में कार में बैठे आदमी के पास हाथ फैलाता है, और अंदर बैठा वह शख्स जानबूझ कर, कार का शीशा बंद कर देता है. बच्चे का हाथ फंस जाता है. वो दर्द से तड़प कर रोने लगता है. लेकिन कार वाला उसका हाथ नहीं छोड़ता. भला हो अन्य राहगीरों क1
- मेरठ प्रगति नगर में लड़की पर हुई तो नहीं घुसने दिया घर में शादी में एक करोड़ रुपये से अधिक खर्च, इसके बाद कथित तौर पर 30 लाख रुपये की मांग पूरी करने के बावजूद एक नवविवाहिता को ससुराल की चौखट पर ही अपने हक के लिए धरना देना पड़ा। बुधवार को नंगलाबट्टू निवासी ऋतु गुप्ता आठ माह की बेटी को गोद में लेकर पति अनमोल गुप्ता के घर पहुंची, लेकिन ससुरालियों ने दरवाजा नहीं खोला। पुलिस मौके पर पहुंची तो भी अंदर से कुंडी नहीं खुली। ऋतु ने आरोप लगाया कि बेटी पैदा होने के बाद से उसे प्रताड़ित किया जा रहा है और दहेज के लिए परेशान किया जा रहा है। उसने पति पर नशा करने और किसी अन्य युवती से संबंध होने का भी आरोप लगाया। घंटों चले हाईवोल्टेज ड्रामे के बाद पुलिस ऋतु पक्षों को सिविल लाइन थाने ले गई। यहां ऋतु के परिवार ने एसएचओ अखिलेश कुमार गौड़ को तहरीर दी। सिकंदराबाद निवासी मोनू पुत्र सुधीर ने बताया कि उनकी बहन ऋतु गुप्ता की शादी 18 फरवरी, 2025 को मेरठ के नंगलाबट्टू निवासी अनमोल गुप्ता के साथ हुई थी। परिवार का दावा है कि गाजियाबाद के एक बड़े मंडप में हुई शादी में एक करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए। आरोप है कि शादी के बाद भी ससुराल पक्ष की मांग खत्म नहीं हुई। 30 लाख रुपये की मांग की गई, जिसे परिवार ने पूरा कर दिया। इसके बावजूद ऋतु को परेशान किया जाता रहा। डिलीवरी से पहले मायके भेजा, बेटी हुई तो नहीं बुलाया मोनू के मुताबिक, ऋतु की डिलीवरी से ठीक पहले उसे उसकी सास उर्वशी के द्वारा मायके भेज दिया गया। 23 दिसंबर, 2025 को ऋतु ने एक बेटी को जन्म दिया। परिवार का आरोप है कि बेटी का जन्म ससुराल पक्ष को नागवार गुजरा। इसके बाद ऋतु को वापस ससुराल नहीं बुलाया गया और वह लगातार मायके में रहने को मजबूर रही। बुधवार को परिवार ने तय किया कि ऋतु को उसके पति के घर पहुंचाकर पूरे मामले का समाधान कराया जाए। इसी के बाद वह बेटी को लेकर ससुराल पहुंची। दरवाजा अंदर से बंद, पुलिस भी पहुंची ऋतु के पहुंचते ही ससुराल पक्ष ने घर का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। ऋतु और उसके परिवार ने दरवाजा खुलवाने की कोशिश की, लेकिन कोई बाहर नहीं आया। देखते ही देखते मौके पर भीड़ जुट गई और हंगामा शुरू हो गया। सूचना मिलने पर सिविल लाइन पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों पक्षों से बातचीत कर विवाद शांत कराने की कोशिश की, लेकिन अनमोल पक्ष ऋतु को घर के अंदर प्रवेश देने को तैयार नहीं हुआ। ऋतु ने पति पर नशा करने और दहेज के लिए प्रताड़ित करने के आरोप लगाए। परिवार का आरोप है कि शादी में भारी रकम खर्च करने और बाद में 30 लाख रुपये देने के बावजूद उनकी बेटी के साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है। पति के दूसरी युवती से संबंध का आरोप मोनू ने बताया कि कुछ दिन पहले परिवार को जानकारी हुई कि अनमोल का किसी अन्य युवती से संबंध है। उनका आरोप है कि इसी वजह से अनमोल ऋतु को अपने साथ रखने को तैयार नहीं है। हालांकि यह आरोप परिवार की ओर से लगाए गए हैं, जिनकी पुलिस स्तर पर पुष्टि होना बाकी है। मोनू ने यह भी बताया कि अनमोल शहर के प्रतिष्ठित व्यापारी नेता नवीन गुप्ता का सगा भांजा है। उनके मुताबिक नवीन गुप्ता ने ही ऋतु और अनमोल का रिश्ता कराया था। विवाद की जानकारी मिलने के बाद नवीन गुप्ता भी मौके पर पहुंचे, लेकिन आरोप है कि ससुराल पक्ष ने उनके लिए भी दरवाजा नहीं खोला। सास बोलीं- अनमोल को बेदखल कर चुके हैं मौके पर पुलिस की मौजूदगी में अनमोल की मां उर्वशी ने कहा कि वह अपने बेटे अनमोल को बेदखल कर चुकी हैं और अब उनका अनमोल तथा ऋतु दोनों से कोई रिश्ता नहीं है। इस पर ऋतु के भाई मोनू ने सवाल खड़ा कर दिया। उसने कहा कि यदि अनमोल को घर से बेदखल किया जा चुका है तो वह घर के अंदर कैसे मौजूद है? इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच फिर विवाद हुआ।2