अग्निवीर सूरज यादव का पार्थिव शरीर फिरोजाबाद पहुंचा: परिजन प्राइवेट वाहन से शव ले जाने पर नाराज, सरकारी एंबुलेंस की मांग फिरोजाबाद। अग्निवीर सूरज यादव सिंह (23) का पार्थिव शरीर शुक्रवार सुबह फिरोजाबाद पहुंचा। पश्चिम बंगाल में ड्यूटी के दौरान उनका निधन हो गया था। उनका शव एक निजी एंबुलेंस से जरौली कट, एनएच-19, थाना टूंडला क्षेत्र में लाया गया। सूरज यादव सिंह पुत्र गंगा सिंह, ठार दंगल सिंह, थाना लाइनपार के निवासी थे। परिजनों ने आरोप लगाया है कि अग्निवीर का पार्थिव शरीर सरकारी एंबुलेंस से लाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन मौके पर सरकारी वाहन उपलब्ध नहीं कराया गया। इसी बात को लेकर परिजन और ग्रामीण सरकारी एंबुलेंस की मांग पर अड़े हैं। निजी एंबुलेंस फिलहाल जरौली कट पर खड़ी है। पार्थिव शरीर के पहुंचने पर क्षेत्र में भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मौके पर लगभग 4 से 5 हजार लोग मौजूद थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्राधिकारी टूंडला अमरीश कुमार और प्रभारी निरीक्षक टूंडला अनिल कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद हैं। वे हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। प्रशासनिक स्तर पर इस समस्या के समाधान के प्रयास किए जा रहे हैं। शहीद के सम्मान में अंतिम यात्रा की तैयारी के बीच पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।
अग्निवीर सूरज यादव का पार्थिव शरीर फिरोजाबाद पहुंचा: परिजन प्राइवेट वाहन से शव ले जाने पर नाराज, सरकारी एंबुलेंस की मांग फिरोजाबाद। अग्निवीर सूरज यादव सिंह (23) का पार्थिव शरीर शुक्रवार सुबह फिरोजाबाद पहुंचा। पश्चिम बंगाल में ड्यूटी के दौरान उनका निधन हो गया था। उनका शव एक निजी एंबुलेंस से जरौली कट, एनएच-19, थाना टूंडला क्षेत्र में लाया गया। सूरज यादव सिंह पुत्र गंगा सिंह, ठार दंगल सिंह, थाना लाइनपार के निवासी थे। परिजनों ने आरोप लगाया है कि अग्निवीर का पार्थिव शरीर सरकारी एंबुलेंस से लाने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन मौके पर सरकारी वाहन उपलब्ध नहीं कराया गया। इसी बात को लेकर परिजन और ग्रामीण सरकारी एंबुलेंस की मांग पर अड़े हैं। निजी एंबुलेंस फिलहाल जरौली कट पर खड़ी है। पार्थिव शरीर के पहुंचने पर क्षेत्र में भारी भीड़ उमड़ पड़ी। मौके पर लगभग 4 से 5 हजार लोग मौजूद थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए क्षेत्राधिकारी टूंडला अमरीश कुमार और प्रभारी निरीक्षक टूंडला अनिल कुमार सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद हैं। वे हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। प्रशासनिक स्तर पर इस समस्या के समाधान के प्रयास किए जा रहे हैं। शहीद के सम्मान में अंतिम यात्रा की तैयारी के बीच पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।
- User3147Purnia, Bihar🙏10 hrs ago
- Mehtab Khanकोटमा, अनूपपुर, मध्य प्रदेश👏15 hrs ago
- मिट्टी में मिला एक लाल, अमर हो गया सूरज यादव गुदाऊ (फिरोजाबाद)। पश्चिम बंगाल के पानागढ़ में देश सेवा के दौरान कर्तव्य पथ पर चलते हुए जिसने अपनी अंतिम सांस ली, वह कोई साधारण नाम नहीं था—वह था जवान सूरज यादव, गुदाऊ गांव का वह बेटा, जिसने वर्दी पहनकर अपने सपनों से पहले देश को चुना।1
- फिरोज़ाबाद में स्मार्ट सिटी की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। नगर निगम फिरोज़ाबाद द्वारा सेंट्रल बैंक से लेकर विनस ऑटो तक सौंदर्यीकरण एवं विकास कार्यों का शिलान्यास किया गया। इस परियोजना पर ₹24 करोड़ से अधिक की लागत आएगी। इस कार्य के अंतर्गत विद्युत विभाग की सभी ओवरहेड लाइनों को अंडरग्राउंड किया जाएगा। साथ ही फुटपाथ निर्माण, स्ट्रीट लाइट, कैरिजवे सुदृढ़ीकरण, लो-ओवर ब्रिजों के नीचे विकास कार्य और प्रमुख चौराहों का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। नगर निगम की मेयर श्रीमती कामिनी राठौर के नेतृत्व में हुए इस शिलान्यास कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। मेयर ने शहरवासियों से अपील की कि वे विकास कार्यों में सहयोग करें, तभी फिरोज़ाबाद पूरी तरह स्मार्ट सिटी बन पाएगा।1
- आलोक श्रीवास्तव सेक्स करता हैसेक्स सेक्स करता है सेक्स बिजनेस चलता है बिजनेस चलता है साला कुत्ता है हारामी है लड़कियों को बाहर देश में भेजता है सप्लाई करता है यह सब काम चोरी से करता है सतील दिमाग आप लोग कमेंट और शेयर कीजिए ताकि यह लोग पकड़े जाएं2
- Post by Vipin Vishwakarma MP 171
- *पर्यावरण व विद्युत नियमों का खुला उल्लंघन: एटा के आराजीवीरहार गांव में हरे पीपल-बरगद के पेड़ों में मोटी कीलें ठोंककर गुजारी जा रही 11KV हाई टेंशन लाइन* *रवेन्द्र जादौन की खास रिपोर्ट एटा ✍️* एटा, 09 जनवरी 2026 ~ जनपद के उपखंड जलेसर अंतर्गत तखावन विद्युत उपकेंद्र के क्षेत्र में आने वाले गांव आराजी वीरहार में विद्युत विभाग की घोर लापरवाही व नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए एक आश्रम परिसर के विशाल हरे-भरे पीपल और बरगद के पवित्र वृक्षों में लोहे की मोटी कीलें ठोंककर 11KV हाई टेंशन लाइन गुजारी जा रही है। इस अमानवीय व पर्यावरण-विरोधी कृत्य का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे जनपद भर में आक्रोश फैल गया है। ग्रामीणों व पर्यावरण प्रेमियों का आरोप है कि यह कार्य न केवल पेड़ों की जान लेने वाला है, बल्कि मानव जीवन को भी खतरे में डाल रहा है। विद्युत विभाग के ठेकेदारों व कर्मियों द्वारा बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के सीधे जीवित वृक्षों में कीलें गाड़कर तार खींचना भारतीय विद्युत नियमों (Indian Electricity Rules, 1956) का सीधा उल्लंघन है। नियमों के अनुसार, ओवरहेड लाइनों के लिए पेड़ों को नुकसान पहुंचाना या उनमें कीलें ठोंकना सख्त वर्जित है। विभाग की जिम्मेदारी है कि लाइनें पोल्स या सुरक्षित संरचनाओं से गुजारी जाएं, न कि जीवित पेड़ों को मारकर या जख्मी कर। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने भी कई मामलों में स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पेड़ों पर तार लपेटना या कीलें ठोंकना बंद किया जाए, क्योंकि इससे पेड़ों की सेहत बिगड़ती है और पक्षियों सहित जीव-जंतुओं को खतरा होता है। इसके अलावा, पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 की धारा 3 के तहत केंद्र सरकार व संबंधित अधिकारियों को पर्यावरण की रक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने का अधिकार है। पवित्र पीपल व बरगद जैसे वृक्षों को जान बूझकर नुकसान पहुंचाना इस अधिनियम का स्पष्ट उल्लंघन है, जो प्रदूषण नियंत्रण व पर्यावरण सुधार पर जोर देता है। ऐसे कृत्य से पेड़ सूख सकते हैं, जिससे ऑक्सीजन की कमी, मिट्टी का क्षरण और जैव विविधता को गहरा नुकसान होगा। ग्रामीणों का कहना है कि आश्रम परिसर में ये विशाल वृक्ष दशकों पुराने हैं और धार्मिक-सांस्कृतिक महत्व रखते हैं। कीलें ठोंकने से पेड़ों में संक्रमण फैल सकता है, जिससे वे धीरे-धीरे मर जाएंगे। वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि कैसे मजदूर बेखौफ होकर यह कार्य कर रहे हैं, जबकि विभागीय अधिकारी मौन साधे बैठे हैं। *कठोर कार्रवाई की मांग* पर्यावरणविदों व स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी एटा, अधीक्षण अभियंता विद्युत व वन विभाग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। दोषी ठेकेदारों व कर्मियों पर IPC की संबंधित धाराओं के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण अधिनियम व विद्युत नियमों के उल्लंघन में FIR दर्ज कर कड़ी सजा दी जाए। साथ ही, लाइन को वैकल्पिक पोल्स से गुजारकर पेड़ों को बचाया जाए। विद्युत विभाग की यह लापरवाही नई नहीं है। जनपद में पहले भी हाई टेंशन लाइनों से दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन सबक नहीं लिया जाता। यदि शीघ्र कार्यवाही नहीं हुई तो ग्रामीण बड़े आंदोलन की चेतावनी दे रहे हैं। यह मामला योगी सरकार के 'हरियाली अभियान' व 'पर्यावरण संरक्षण' के दावों पर भी सवाल खड़े करता है। आखिर कब तक विभागीय मनमानी से प्रकृति व जनता को खतरे में डाला जाता रहेगा ?1
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- "पहली बार दलित समाज द्वारा 'जय संविधान, जय मनुस्मृति' के नारों के साथ जागरूकता अभियान निकाला गया।" Trand News India #viral #news #trending #video #viralvideo #breakingnews1
- फिरोजाबाद में प्रवीण तोगड़िया का बड़ा बयान बोले यादव हमारे भाई हैं दूध पीकर घर में सुलझा लेंगे बात1