पारंपरिक खेती छोड़ गाजर की खेती अपना रहे किसान कमा रहे अच्छा मुनाफा मोहन बड़ोदिया। शाजापुर जिले के खेतों में गाजर की फसल किसानों की तकदीर बदल रही है. जहां पारंपरिक खेती में आवारा जानवरों और रोगों का डर बना रहता है, वहीं गाजर की फसल किसानों के लिए एक सुरक्षित निवेश बनकर उभरी है. किसान चेतन ठाकुर ने बताया की बिना किसी खास देखरेख और कम पानी में तैयार होने वाली यह फसल न केवल जानवरों से सुरक्षित है, बल्कि बाजार में इसकी हमेशा मांग किसानों को मालामाल कर रही है शाजापुर जिले के मोहन बड़ोदिया जनपद अंतर्गत ग्राम चौंकी हिदायतपुर गाँव के लगभग किसानो की खेती तेजी से बदल रही है. यहां के किसान अब अनाज वाली फसलों के बजाय नकदी फसलों की ओर आकर्षित हो रहे हैं. गाजर इस समय जिले के किसानों की पहली पसंद बनी हुई है क्योंकि इसकी मांग पूरे साल बनी रहती है. कम मेहनत और कम खर्च में तैयार होने वाली यह फसल किसानों को लागत की तुलना में कई गुना बेहतर रिटर्न दे रही है, जिससे उनके जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आया है, गांव के रहने वाले किसान चेतन ठाकुर गाजर की खेती के बढ़ते मुनाफे की एक जीती-जागती मिसाल हैं. चेतन पिछले 3 सालों चकुंदर के साथ साथ गाजर की खेती कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि अन्य फसलों के मुकाबले गाजर में जोखिम कम और कमाई सुनिश्चित है, यही वजह है कि वे अब इसे अपनी मुख्य फसल के रूप में देख रहे हैं. गाजर की खेती से कम लागत में ज्यादा मुनाफा गाजर की खेती की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें देखरेख की जरूरत बहुत कम होती है. एक बीघे में इसकी लागत करीब 8 से 10 हजार रुपये आती है. चेतन बताते हैं कि इस फसल को प्राकृतिक आपदा व जनवर नुकसान नहीं पहुंचाते और इसमें बीमारियां लगने का खतरा भी कम रहता है. एक बार फसल तैयार हो जाने के बाद, इसकी खुदाई दो से 3 महीने तक धीरे-धीरे की जा सकती है।
पारंपरिक खेती छोड़ गाजर की खेती अपना रहे किसान कमा रहे अच्छा मुनाफा मोहन बड़ोदिया। शाजापुर जिले के खेतों में गाजर की फसल किसानों की तकदीर बदल रही है. जहां पारंपरिक खेती में आवारा जानवरों और रोगों का डर बना रहता है, वहीं गाजर की फसल किसानों के लिए एक सुरक्षित निवेश बनकर उभरी है. किसान चेतन ठाकुर ने बताया की बिना किसी खास देखरेख और कम पानी में तैयार होने वाली यह फसल न केवल जानवरों से सुरक्षित है, बल्कि बाजार में इसकी हमेशा मांग किसानों को मालामाल कर रही है शाजापुर जिले के मोहन बड़ोदिया जनपद अंतर्गत ग्राम चौंकी हिदायतपुर गाँव के लगभग किसानो की खेती तेजी से बदल रही है. यहां के किसान अब अनाज वाली फसलों के बजाय नकदी फसलों की ओर आकर्षित हो रहे हैं. गाजर इस समय जिले के किसानों की पहली पसंद बनी हुई है क्योंकि इसकी मांग पूरे साल बनी रहती है. कम मेहनत और कम खर्च में तैयार होने वाली यह फसल किसानों को लागत की तुलना में कई गुना बेहतर रिटर्न दे रही है, जिससे उनके जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आया है, गांव के रहने वाले किसान चेतन ठाकुर गाजर की खेती के बढ़ते मुनाफे की एक जीती-जागती मिसाल हैं. चेतन पिछले 3 सालों चकुंदर के साथ साथ गाजर की खेती कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि अन्य फसलों के मुकाबले गाजर में जोखिम कम और कमाई सुनिश्चित है, यही वजह है कि वे अब इसे अपनी मुख्य फसल के रूप में देख रहे हैं. गाजर की खेती से कम लागत में ज्यादा मुनाफा गाजर की खेती की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें देखरेख की जरूरत बहुत कम होती है. एक बीघे में इसकी लागत करीब 8 से 10 हजार रुपये आती है. चेतन बताते हैं कि इस फसल को प्राकृतिक आपदा व जनवर नुकसान नहीं पहुंचाते और इसमें बीमारियां लगने का खतरा भी कम रहता है. एक बार फसल तैयार हो जाने के बाद, इसकी खुदाई दो से 3 महीने तक धीरे-धीरे की जा सकती है।
- स्मैक नशा करने के आदी हैं पकड़े गए चोर। चिरई टोर माता मंदिर पर कई बार चोरियां हुई लेकिन आज स्थानीय लोगों ने चोरों को पकड़ लिया शातिर चोर मंदिर से कई बार घंटे उतार ले गए मंदिर का कूलर पानी की लेजम, पुजारी के कमरे से झालर सहित माता के सिंगार का सामान, पूजा के बर्तन, पुजारी के गुल्लक में रखे पैसे ले गए थे। लेकिन मोहल्ला वासियों ने चोरों को पकड़ लिया और पुलिस को बुलाकर सुपुर्द कर दिया पकड़े गए चोरों के नाम सागर कुशवाहा चिरई टोर मोहल्ला, मोनू कुशवाहा झीर का बाग व रोहित चिरई टोर मोहल्ला के होना बताय जा रहे हैं।2
- मोहन बड़ोदिया पुलिस थाना में अवैध गोवंश परिवहन में जब्त आयशर गाड़ी की नीलामी राशि 3लाख 80 हजार होने पर नीलामी में भाग लेने वाले लोगों ने राशि ज्यादा होने का हवाला देते हुए बोली लगाने के लिए सहमत नहीं हुए, इसलिए बोली 3 लाख 80 हजार से ज्यादा किसी ने बोली नहीं लगाई, इसलिए पंचों के समक्ष पंचनामा तैयार कर नीलामी को स्थगित कर आगामी समय के लिए स्थगित किया गया, नीलामी की कार्यवाही के दौरान मोहन बड़ोदिया तहसीलदार श्रीमती दिव्या जैन, नायब तहसीलदार मुकेश गुप्ता,मोहन बड़ोदिया पुलिस थाना प्रभारी भीम सिंह पटेल, तहसील से राधेश्याम बाबू सहित नीलामी में भाग लेने वाले लोग मौजूद रहे ।1
- मोहन बड़ोदिया। शाजापुर जिले के खेतों में गाजर की फसल किसानों की तकदीर बदल रही है. जहां पारंपरिक खेती में आवारा जानवरों और रोगों का डर बना रहता है, वहीं गाजर की फसल किसानों के लिए एक सुरक्षित निवेश बनकर उभरी है. किसान चेतन ठाकुर ने बताया की बिना किसी खास देखरेख और कम पानी में तैयार होने वाली यह फसल न केवल जानवरों से सुरक्षित है, बल्कि बाजार में इसकी हमेशा मांग किसानों को मालामाल कर रही है शाजापुर जिले के मोहन बड़ोदिया जनपद अंतर्गत ग्राम चौंकी हिदायतपुर गाँव के लगभग किसानो की खेती तेजी से बदल रही है. यहां के किसान अब अनाज वाली फसलों के बजाय नकदी फसलों की ओर आकर्षित हो रहे हैं. गाजर इस समय जिले के किसानों की पहली पसंद बनी हुई है क्योंकि इसकी मांग पूरे साल बनी रहती है. कम मेहनत और कम खर्च में तैयार होने वाली यह फसल किसानों को लागत की तुलना में कई गुना बेहतर रिटर्न दे रही है, जिससे उनके जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आया है, गांव के रहने वाले किसान चेतन ठाकुर गाजर की खेती के बढ़ते मुनाफे की एक जीती-जागती मिसाल हैं. चेतन पिछले 3 सालों चकुंदर के साथ साथ गाजर की खेती कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि अन्य फसलों के मुकाबले गाजर में जोखिम कम और कमाई सुनिश्चित है, यही वजह है कि वे अब इसे अपनी मुख्य फसल के रूप में देख रहे हैं. गाजर की खेती से कम लागत में ज्यादा मुनाफा गाजर की खेती की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसमें देखरेख की जरूरत बहुत कम होती है. एक बीघे में इसकी लागत करीब 8 से 10 हजार रुपये आती है. चेतन बताते हैं कि इस फसल को प्राकृतिक आपदा व जनवर नुकसान नहीं पहुंचाते और इसमें बीमारियां लगने का खतरा भी कम रहता है. एक बार फसल तैयार हो जाने के बाद, इसकी खुदाई दो से 3 महीने तक धीरे-धीरे की जा सकती है।1
- शाजापुर। जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल श्री गोप चौहान जी महाराज मंदिर में आयोजित होने वाले श्री गोपाल विष्णु महायज्ञ की तैयारियों को लेकर आज मंदिर समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में मंदिर समिति के पदाधिकारियों और आसपास के गांवों से आए सदस्यों ने भाग लिया तथा आगामी महायज्ञ को सफल बनाने के लिए विभिन्न व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई। मंदिर समिति द्वारा जानकारी देते हुए बताया गया कि प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ श्री गोपाल विष्णु महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। इसी को लेकर आज बैठक में कार्यक्रम की रूपरेखा तय की गई तथा जिम्मेदारियां भी समिति के सदस्यों को सौंपी गईं। बैठक के दौरान आसपास के गांवों से जुड़े समिति सदस्यों को यज्ञ आयोजन के लिए आवश्यक यज्ञ के कट्टे भी वितरित किए गए, ताकि सभी गांवों की सहभागिता से यह धार्मिक आयोजन भव्य रूप से संपन्न हो सके। समिति की ओर से श्रद्धालुओं के लिए भोजन भंडारा आयोजित करने का भी निर्णय लिया गया, जिसमें बड़ी संख्या में भक्तों के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। मंदिर समिति ने बताया कि श्री गोपाल विष्णु महायज्ञ का आयोजन 27 अप्रैल से 3 मई तक मंदिर परिसर में किया जाएगा। इस दौरान प्रतिदिन दोपहर 12:00 बजे से 3:00 बजे तक श्रीमद् भागवत कथा का वाचन किया जाएगा। समिति ने क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं से इस पावन आयोजन में शामिल होकर धर्म लाभ लेने की अपील की है।6
- sarangpur1
- Post by BALVAN SINGH BR1
- रंगपंचमी के अवसर पर जिले में शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा द्वारा 08 मार्च 2026 को ड्राय डे घोषित किया गया है। जारी आदेश के अनुसार मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 24(1) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए 08 मार्च को जिले की सभी कम्पोजिट मदिरा दुकानें (FCL) तथा FL-9, CS-1B और भंडारण/वेयरहाउस से मदिरा का परिवहन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। यह प्रतिबंध शाम 5:00 बजे तक प्रभावी रहेगा। निर्धारित अवधि के दौरान जिले में शराब का क्रय-विक्रय एवं परिवहन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। आदेश का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर ने सभी संबंधित अधिकारियों को आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं।8
- शाजापुर। जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल श्री गोप चौहान जी महाराज मंदिर में आयोजित होने वाले श्री गोपाल विष्णु महायज्ञ की तैयारियों को लेकर आज मंदिर समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में मंदिर समिति के पदाधिकारियों और आसपास के गांवों से आए सदस्यों ने भाग लिया तथा आगामी महायज्ञ को सफल बनाने के लिए विभिन्न व्यवस्थाओं पर चर्चा की गई। मंदिर समिति द्वारा जानकारी देते हुए बताया गया कि प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ श्री गोपाल विष्णु महायज्ञ का आयोजन किया जा रहा है। इसी को लेकर आज बैठक में कार्यक्रम की रूपरेखा तय की गई तथा जिम्मेदारियां भी समिति के सदस्यों को सौंपी गईं। बैठक के दौरान आसपास के गांवों से जुड़े समिति सदस्यों को यज्ञ आयोजन के लिए आवश्यक यज्ञ के कट्टे भी वितरित किए गए, ताकि सभी गांवों की सहभागिता से यह धार्मिक आयोजन भव्य रूप से संपन्न हो सके। समिति की ओर से श्रद्धालुओं के लिए भोजन भंडारा आयोजित करने का भी निर्णय लिया गया, जिसमें बड़ी संख्या में भक्तों के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। मंदिर समिति ने बताया कि श्री गोपाल विष्णु महायज्ञ का आयोजन 27 अप्रैल से 3 मई तक मंदिर परिसर में किया जाएगा। इस दौरान प्रतिदिन दोपहर 12:00 बजे से 3:00 बजे तक श्रीमद् भागवत कथा का वाचन किया जाएगा। समिति ने क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं से इस पावन आयोजन में शामिल होकर धर्म लाभ लेने की अपील की है।6