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Aadhi raat ko dhamako se tharraya shehar: 2:30 baje patake phodne se logo ki neend udi. zaidpur ke mohalla mahmudpur ki yah ghatna hai k

16 hrs ago
user_Rehan gani
Rehan gani
निजामाबाद, आजमगढ़, उत्तर प्रदेश•
16 hrs ago

Aadhi raat ko dhamako se tharraya shehar: 2:30 baje patake phodne se logo ki neend udi. zaidpur ke mohalla mahmudpur ki yah ghatna hai k

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • zaidpur ke mohalla mahmudpur ki yah ghatna hai k
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    zaidpur ke mohalla mahmudpur ki yah ghatna hai k
    user_Rehan gani
    Rehan gani
    निजामाबाद, आजमगढ़, उत्तर प्रदेश•
    16 hrs ago
  • आजमगढ़। महाराजा सुहेलदेव राज्य विश्वविद्यालय में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गोरखपुर की विजिलेंस टीम ने रजिस्ट्रार के स्टेनो को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। टीम ने स्टेनो संजय यादव को ₹50,000 की रिश्वत लेते हुए दबोचा, जिसके बाद विश्वविद्यालय परिसर में हड़कंप मच गया। ​मुख्य बिंदु: ​आरोपी: संजय यादव (स्टेनो, रजिस्ट्रार डॉ. अंजनी कुमार मिश्रा)। ​रिश्वत की राशि: ₹50,000 (रंगे हाथ), साथ ही अलमारी से ₹1,80,000 नकद बरामद। ​शिकायतकर्ता: सुजीत सिंह (प्रबंधक, रामबचन महिला विद्यालय)। ​वजह: डिग्री कॉलेज की मान्यता दिलाने के नाम पर ₹3 लाख की मांग। ​घटना का विवरण ​रामबचन महिला विद्यालय के प्रबंधक सुजीत सिंह अपने कॉलेज की मान्यता के सिलसिले में विश्वविद्यालय के चक्कर काट रहे थे। आरोप है कि जब उन्होंने रजिस्ट्रार डॉ. अंजनी कुमार मिश्रा से मुलाकात की, तो उन्होंने मान्यता संबंधी कार्य के लिए अपने स्टेनो संजय यादव से मिलने को कहा। ​पीड़ित के अनुसार, संजय यादव ने काम के बदले ₹3,00,000 की रिश्वत मांगी थी। सौदे के तहत ₹50,000 की पहली किश्त आज देनी तय हुई थी, जबकि शेष ₹2.5 लाख काम होने के बाद देने थे। भ्रष्टाचार से परेशान होकर सुजीत सिंह ने इसकी शिकायत गोरखपुर विजिलेंस टीम से की। ​विजिलेंस की कार्रवाई ​योजना के अनुसार, जैसे ही पीड़ित ने स्टेनो संजय यादव को रिश्वत के ₹50,000 थमाए, पहले से घात लगाकर बैठी विजिलेंस की टीम ने उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद जब टीम ने स्टेनो के कार्यालय की अलमारी की तलाशी ली, तो वहां से ₹1,80,000 की अतिरिक्त नकदी बरामद हुई, जिसका कोई हिसाब नहीं मिल सका। ​प्रबंधक का बयान ​प्रबंधक सुजीत सिंह ने मीडिया को बताया, "शिक्षा के मंदिर में मान्यता दिलाने के नाम पर जिस तरह की खुली लूट मची है, वह बेहद दुखद है। इसीलिए हमने विजिलेंस की मदद लेना उचित समझा।" ​विजिलेंस की टीम आरोपी संजय यादव को हिरासत में लेकर पूछताछ और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए गोरखपुर रवाना हो गई है। इस घटना ने विश्वविद्यालय प्रशासन और रजिस्ट्रार की भूमिका पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
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    आजमगढ़।  महाराजा सुहेलदेव राज्य विश्वविद्यालय में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गोरखपुर की विजिलेंस टीम ने रजिस्ट्रार के स्टेनो को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। टीम ने स्टेनो संजय यादव को ₹50,000 की रिश्वत लेते हुए दबोचा, जिसके बाद विश्वविद्यालय परिसर में हड़कंप मच गया।
​मुख्य बिंदु:
​आरोपी: संजय यादव (स्टेनो, रजिस्ट्रार डॉ. अंजनी कुमार मिश्रा)।
​रिश्वत की राशि: ₹50,000 (रंगे हाथ), साथ ही अलमारी से ₹1,80,000 नकद बरामद।
​शिकायतकर्ता: सुजीत सिंह (प्रबंधक, रामबचन महिला विद्यालय)।
​वजह: डिग्री कॉलेज की मान्यता दिलाने के नाम पर ₹3 लाख की मांग।
​घटना का विवरण
​रामबचन महिला विद्यालय के प्रबंधक सुजीत सिंह अपने कॉलेज की मान्यता के सिलसिले में विश्वविद्यालय के चक्कर काट रहे थे। आरोप है कि जब उन्होंने रजिस्ट्रार डॉ. अंजनी कुमार मिश्रा से मुलाकात की, तो उन्होंने मान्यता संबंधी कार्य के लिए अपने स्टेनो संजय यादव से मिलने को कहा।
​पीड़ित के अनुसार, संजय यादव ने काम के बदले ₹3,00,000 की रिश्वत मांगी थी। सौदे के तहत ₹50,000 की पहली किश्त आज देनी तय हुई थी, जबकि शेष ₹2.5 लाख काम होने के बाद देने थे। भ्रष्टाचार से परेशान होकर सुजीत सिंह ने इसकी शिकायत गोरखपुर विजिलेंस टीम से की।
​विजिलेंस की कार्रवाई
​योजना के अनुसार, जैसे ही पीड़ित ने स्टेनो संजय यादव को रिश्वत के ₹50,000 थमाए, पहले से घात लगाकर बैठी विजिलेंस की टीम ने उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद जब टीम ने स्टेनो के कार्यालय की अलमारी की तलाशी ली, तो वहां से ₹1,80,000 की अतिरिक्त नकदी बरामद हुई, जिसका कोई हिसाब नहीं मिल सका।
​प्रबंधक का बयान
​प्रबंधक सुजीत सिंह ने मीडिया को बताया, "शिक्षा के मंदिर में मान्यता दिलाने के नाम पर जिस तरह की खुली लूट मची है, वह बेहद दुखद है। इसीलिए हमने विजिलेंस की मदद लेना उचित समझा।"
​विजिलेंस की टीम आरोपी संजय यादव को हिरासत में लेकर पूछताछ और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए गोरखपुर रवाना हो गई है। इस घटना ने विश्वविद्यालय प्रशासन और रजिस्ट्रार की भूमिका पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
    user_Arun Pandey
    Arun Pandey
    आजमगढ़, आजमगढ़, उत्तर प्रदेश•
    21 hrs ago
  • जनगणना 2027 की तैयारियों की समीक्षा, 7 से 21 मई तक चलेगी स्वगणना प्रक्रिया आजमगढ़। जनपद में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित वर्चुअल बैठक (वीसी) के दौरान आगामी जनगणना कार्यों की तैयारियों की समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि स्वगणना प्रक्रिया 7 मई से 21 मई तक संचालित की जाएगी। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों, उप जिलाधिकारियों, तहसीलदारों, प्रगणकों एवं सुपरवाइजरों को निर्देशित किया कि स्वगणना के संबंध में समुचित प्रशिक्षण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी कार्मिक स्वगणना की बारीकियों से भली-भांति अवगत हों तथा अपने-अपने क्षेत्रों के प्रमुख व्यक्तियों की पहचान 5 मई तक कर उन्हें पूर्व से जागरूक करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। सभी अधिकारी एवं कर्मचारी जनगणना 2027 की तैयारियों में पूर्ण मनोयोग से जुटें। जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है, जिसके आंकड़े आगामी 10 वर्षों तक नीतियों के निर्माण और विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में अहम भूमिका निभाते हैं। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी परीक्षित खटाना, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व)/जिला जनगणना अधिकारी गंभीर सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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    जनगणना 2027 की तैयारियों की समीक्षा, 7 से 21 मई तक चलेगी स्वगणना प्रक्रिया
आजमगढ़। जनपद में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित वर्चुअल बैठक (वीसी) के दौरान आगामी जनगणना कार्यों की तैयारियों की समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि स्वगणना प्रक्रिया 7 मई से 21 मई तक संचालित की जाएगी।
जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों, उप जिलाधिकारियों, तहसीलदारों, प्रगणकों एवं सुपरवाइजरों को निर्देशित किया कि स्वगणना के संबंध में समुचित प्रशिक्षण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि सभी कार्मिक स्वगणना की बारीकियों से भली-भांति अवगत हों तथा अपने-अपने क्षेत्रों के प्रमुख व्यक्तियों की पहचान 5 मई तक कर उन्हें पूर्व से जागरूक करें।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। सभी अधिकारी एवं कर्मचारी जनगणना 2027 की तैयारियों में पूर्ण मनोयोग से जुटें। जिलाधिकारी ने कहा कि जनगणना एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है, जिसके आंकड़े आगामी 10 वर्षों तक नीतियों के निर्माण और विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में अहम भूमिका निभाते हैं।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी परीक्षित खटाना, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व)/जिला जनगणना अधिकारी गंभीर सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
    user_VOD LIVE NEWS
    VOD LIVE NEWS
    Media house Sagri, Azamgarh•
    14 hrs ago
  • Post by Bajrangi agrahari
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    Post by Bajrangi agrahari
    user_Bajrangi agrahari
    Bajrangi agrahari
    शाहगंज, जौनपुर, उत्तर प्रदेश•
    20 min ago
  • मऊ । पुलिस अधीक्षक मऊ कमलेश बहादुर के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार के पर्यवेक्षण एवं क्षेत्राधिकारी घोसी श्री जितेन्द्र सिंह के मार्गदर्शन में थाना दोहरीघाट पुलिस टीम के लगातार सुरागरसी पतारसी, संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग एवं मुखबिर तंत्र सक्रिय किया गया। दिनांक 29 अप्रैल 2026 को प्राप्त सटीक मुखबिर सूचना के आधार पर थाना दोहरीघाट पुलिस टीम द्वारा थाना स्थानीय पर पंजीकृत मु0अ0सं0 74/2026 धारा 3(5), 109(1), 352, 61(2) बीएनएस से संबंधित 04 अभियुक्तों को अहिरानी बुजुर्ग अण्डरपास के पास से घेराबंदी कर गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में बताये कि हमलोगो का एक गैंग है हमारे ग्रुप के गोलु उर्फ गोल्डेन उर्फ रामसुन्दर व ऋषि प्रताप के बीच 6 माह पूर्व झगडा हो गया था जिसमें गोलू द्वारा ऋषि को जान से मारने की धमकी दिया गया था। इसी को लेकर गोलू अपने साथियों के साथ मिल कर ऋषि को मारने का योजना बनायी उसी के तहत 23 अप्रैल 2026 को शाम 7:00 बजे तीन मोटरसाइकिल से ऋषि के घर के पास पहुचे ऋषि को मारने की नियत से गोली मार दिया तथा अखिलेश व गोलू असलहा लहराते हुए हमलोग अपनी मोटर साइकिल से वहां से भाग गये। अन्य फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु पुलिस टीमों द्वारा सतत प्रयास किये जा रहे हैं। गिरफ्तारशुदा अभियुक्तगण को मा0 न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किये जा रहे है।
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    मऊ । पुलिस अधीक्षक मऊ कमलेश बहादुर के निर्देशन में अपर पुलिस अधीक्षक  अनूप कुमार के पर्यवेक्षण एवं क्षेत्राधिकारी घोसी श्री जितेन्द्र सिंह के मार्गदर्शन में थाना दोहरीघाट पुलिस टीम के लगातार सुरागरसी पतारसी, संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग एवं मुखबिर तंत्र सक्रिय किया गया।
दिनांक 29 अप्रैल 2026 को प्राप्त सटीक मुखबिर सूचना के आधार पर थाना दोहरीघाट पुलिस टीम द्वारा थाना स्थानीय पर पंजीकृत  मु0अ0सं0 74/2026 धारा 3(5), 109(1), 352, 61(2) बीएनएस से संबंधित 04 अभियुक्तों को अहिरानी बुजुर्ग अण्डरपास के पास से घेराबंदी कर गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में बताये कि हमलोगो का एक गैंग है हमारे ग्रुप के गोलु उर्फ गोल्डेन उर्फ रामसुन्दर व ऋषि प्रताप के बीच 6 माह पूर्व झगडा हो गया था जिसमें गोलू द्वारा ऋषि को जान से मारने की धमकी दिया गया था। इसी को लेकर गोलू अपने साथियों के साथ मिल कर ऋषि को मारने का योजना बनायी उसी के तहत 23 अप्रैल 2026 को शाम 7:00 बजे तीन मोटरसाइकिल से ऋषि के घर के पास पहुचे ऋषि को मारने की नियत से गोली मार दिया तथा अखिलेश व गोलू असलहा लहराते हुए हमलोग अपनी मोटर साइकिल से वहां से भाग गये। अन्य फरार अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु पुलिस टीमों द्वारा सतत प्रयास किये जा रहे हैं। गिरफ्तारशुदा अभियुक्तगण को मा0 न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किये जा रहे है।
    user_RISHI RAI
    RISHI RAI
    घोसी, मऊ, उत्तर प्रदेश•
    29 min ago
  • Post by BALRAM
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    Post by BALRAM
    user_BALRAM
    BALRAM
    पत्रकार Allapur, Ambedkar Nagar•
    2 hrs ago
  • Aaj thanagaddi me chauraha par laga Location Bord Bhari Barish jor tufan kai karan gira Bord me gira bord hala ki koi samsya nahi hua bhagwan ka lakh lakh surkriya
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    Aaj thanagaddi me chauraha par laga Location Bord Bhari Barish jor tufan kai karan gira Bord me gira bord hala ki koi samsya nahi hua bhagwan ka lakh lakh surkriya
    user_Abraham Rai
    Abraham Rai
    केराकत, जौनपुर, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • आजमगढ़। महाराजा सुहेलदेव राज्य विश्वविद्यालय में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गोरखपुर की विजिलेंस टीम ने रजिस्ट्रार के स्टेनो को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। टीम ने स्टेनो संजय यादव को ₹50,000 की रिश्वत लेते हुए दबोचा, जिसके बाद विश्वविद्यालय परिसर में हड़कंप मच गया। ​मुख्य बिंदु: ​आरोपी: संजय यादव (स्टेनो, रजिस्ट्रार डॉ. अंजनी कुमार मिश्रा)। ​रिश्वत की राशि: ₹50,000 (रंगे हाथ), साथ ही अलमारी से ₹1,80,000 नकद बरामद। ​शिकायतकर्ता: सुजीत सिंह (प्रबंधक, रामबचन महिला विद्यालय)। ​वजह: डिग्री कॉलेज की मान्यता दिलाने के नाम पर ₹3 लाख की मांग। ​घटना का विवरण ​रामबचन महिला विद्यालय के प्रबंधक सुजीत सिंह अपने कॉलेज की मान्यता के सिलसिले में विश्वविद्यालय के चक्कर काट रहे थे। आरोप है कि जब उन्होंने रजिस्ट्रार डॉ. अंजनी कुमार मिश्रा से मुलाकात की, तो उन्होंने मान्यता संबंधी कार्य के लिए अपने स्टेनो संजय यादव से मिलने को कहा। ​पीड़ित के अनुसार, संजय यादव ने काम के बदले ₹3,00,000 की रिश्वत मांगी थी। सौदे के तहत ₹50,000 की पहली किश्त आज देनी तय हुई थी, जबकि शेष ₹2.5 लाख काम होने के बाद देने थे। भ्रष्टाचार से परेशान होकर सुजीत सिंह ने इसकी शिकायत गोरखपुर विजिलेंस टीम से की। ​विजिलेंस की कार्रवाई ​योजना के अनुसार, जैसे ही पीड़ित ने स्टेनो संजय यादव को रिश्वत के ₹50,000 थमाए, पहले से घात लगाकर बैठी विजिलेंस की टीम ने उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद जब टीम ने स्टेनो के कार्यालय की अलमारी की तलाशी ली, तो वहां से ₹1,80,000 की अतिरिक्त नकदी बरामद हुई, जिसका कोई हिसाब नहीं मिल सका। ​प्रबंधक का बयान ​प्रबंधक सुजीत सिंह ने मीडिया को बताया, "शिक्षा के मंदिर में मान्यता दिलाने के नाम पर जिस तरह की खुली लूट मची है, वह बेहद दुखद है। इसीलिए हमने विजिलेंस की मदद लेना उचित समझा।" ​विजिलेंस की टीम आरोपी संजय यादव को हिरासत में लेकर पूछताछ और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए गोरखपुर रवाना हो गई है। इस घटना ने विश्वविद्यालय प्रशासन और रजिस्ट्रार की भूमिका पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
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    आजमगढ़।  महाराजा सुहेलदेव राज्य विश्वविद्यालय में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गोरखपुर की विजिलेंस टीम ने रजिस्ट्रार के स्टेनो को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। टीम ने स्टेनो संजय यादव को ₹50,000 की रिश्वत लेते हुए दबोचा, जिसके बाद विश्वविद्यालय परिसर में हड़कंप मच गया।
​मुख्य बिंदु:
​आरोपी: संजय यादव (स्टेनो, रजिस्ट्रार डॉ. अंजनी कुमार मिश्रा)।
​रिश्वत की राशि: ₹50,000 (रंगे हाथ), साथ ही अलमारी से ₹1,80,000 नकद बरामद।
​शिकायतकर्ता: सुजीत सिंह (प्रबंधक, रामबचन महिला विद्यालय)।
​वजह: डिग्री कॉलेज की मान्यता दिलाने के नाम पर ₹3 लाख की मांग।
​घटना का विवरण
​रामबचन महिला विद्यालय के प्रबंधक सुजीत सिंह अपने कॉलेज की मान्यता के सिलसिले में विश्वविद्यालय के चक्कर काट रहे थे। आरोप है कि जब उन्होंने रजिस्ट्रार डॉ. अंजनी कुमार मिश्रा से मुलाकात की, तो उन्होंने मान्यता संबंधी कार्य के लिए अपने स्टेनो संजय यादव से मिलने को कहा।
​पीड़ित के अनुसार, संजय यादव ने काम के बदले ₹3,00,000 की रिश्वत मांगी थी। सौदे के तहत ₹50,000 की पहली किश्त आज देनी तय हुई थी, जबकि शेष ₹2.5 लाख काम होने के बाद देने थे। भ्रष्टाचार से परेशान होकर सुजीत सिंह ने इसकी शिकायत गोरखपुर विजिलेंस टीम से की।
​विजिलेंस की कार्रवाई
​योजना के अनुसार, जैसे ही पीड़ित ने स्टेनो संजय यादव को रिश्वत के ₹50,000 थमाए, पहले से घात लगाकर बैठी विजिलेंस की टीम ने उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद जब टीम ने स्टेनो के कार्यालय की अलमारी की तलाशी ली, तो वहां से ₹1,80,000 की अतिरिक्त नकदी बरामद हुई, जिसका कोई हिसाब नहीं मिल सका।
​प्रबंधक का बयान
​प्रबंधक सुजीत सिंह ने मीडिया को बताया, "शिक्षा के मंदिर में मान्यता दिलाने के नाम पर जिस तरह की खुली लूट मची है, वह बेहद दुखद है। इसीलिए हमने विजिलेंस की मदद लेना उचित समझा।"
​विजिलेंस की टीम आरोपी संजय यादव को हिरासत में लेकर पूछताछ और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए गोरखपुर रवाना हो गई है। इस घटना ने विश्वविद्यालय प्रशासन और रजिस्ट्रार की भूमिका पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
    user_Arun Pandey
    Arun Pandey
    आजमगढ़, आजमगढ़, उत्तर प्रदेश•
    21 hrs ago
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