मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिवनी में आयोजित 'धान महोत्सव' में शामिल होकर किसानों से सीधा संवाद किया और विकास कार्यों की कई सौगातें दीं, जहाँ उनका अनोखा अंदाज़ देखने को मिला जब वे स्वयं खेत में उतरे और धान बोया। इस दौरान सिवनी जिले को ₹349.33 करोड़ के विकास कार्यों की सौगातें मिलीं, जिसमें ₹144.8 करोड़ के नए कार्यों का भूमि-पूजन भी किया गया। सरकार ने किसानों और श्रमिक परिवारों के लिए भी कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं। 'श्रीअन्न प्रोत्साहन' योजना के तहत 3,941 किसानों को ₹282.99 करोड़ का कोदो-कुटकी बोनस वितरित किया गया। इसके अतिरिक्त, 'संबल 2.0 योजना' के अंतर्गत 16,754 श्रमिक परिवारों के खातों में सिंगल क्लिक के ज़रिए ₹365 करोड़ की सहायता राशि ट्रांसफर की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह भी ऐलान किया कि मध्य प्रदेश में इसी महीने समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने का प्रस्ताव लाया जाएगा, जिसे राज्य में 10 लाख से अधिक लोगों का समर्थन प्राप्त है। ये सभी पहलें मध्य प्रदेश सरकार की किसानों और गरीबों के कल्याण के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं, जिसका उद्देश्य खेत से लेकर बाजार तक सभी के हितों की रक्षा करना है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिवनी में आयोजित 'धान महोत्सव' में शामिल होकर किसानों से सीधा संवाद किया और विकास कार्यों की कई सौगातें दीं, जहाँ उनका अनोखा अंदाज़ देखने को मिला जब वे स्वयं खेत में उतरे और धान बोया। इस दौरान सिवनी जिले को ₹349.33 करोड़ के विकास कार्यों की सौगातें मिलीं, जिसमें ₹144.8 करोड़ के नए कार्यों का भूमि-पूजन भी किया गया। सरकार ने किसानों और श्रमिक परिवारों के लिए भी कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं। 'श्रीअन्न प्रोत्साहन' योजना के तहत 3,941 किसानों को ₹282.99 करोड़ का कोदो-कुटकी बोनस वितरित किया गया। इसके अतिरिक्त, 'संबल 2.0 योजना' के अंतर्गत 16,754 श्रमिक परिवारों के खातों में सिंगल क्लिक के ज़रिए ₹365 करोड़ की सहायता राशि ट्रांसफर की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह भी ऐलान किया कि मध्य प्रदेश में इसी महीने समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने का प्रस्ताव लाया जाएगा, जिसे राज्य में 10 लाख से अधिक लोगों का समर्थन प्राप्त है। ये सभी पहलें मध्य प्रदेश सरकार की किसानों और गरीबों के कल्याण के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं, जिसका उद्देश्य खेत से लेकर बाजार तक सभी के हितों की रक्षा करना है।
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सिवनी में आयोजित 'धान महोत्सव' में शामिल होकर किसानों से सीधा संवाद किया और विकास कार्यों की कई सौगातें दीं, जहाँ उनका अनोखा अंदाज़ देखने को मिला जब वे स्वयं खेत में उतरे और धान बोया। इस दौरान सिवनी जिले को ₹349.33 करोड़ के विकास कार्यों की सौगातें मिलीं, जिसमें ₹144.8 करोड़ के नए कार्यों का भूमि-पूजन भी किया गया। सरकार ने किसानों और श्रमिक परिवारों के लिए भी कई महत्वपूर्ण घोषणाएँ कीं। 'श्रीअन्न प्रोत्साहन' योजना के तहत 3,941 किसानों को ₹282.99 करोड़ का कोदो-कुटकी बोनस वितरित किया गया। इसके अतिरिक्त, 'संबल 2.0 योजना' के अंतर्गत 16,754 श्रमिक परिवारों के खातों में सिंगल क्लिक के ज़रिए ₹365 करोड़ की सहायता राशि ट्रांसफर की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने यह भी ऐलान किया कि मध्य प्रदेश में इसी महीने समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने का प्रस्ताव लाया जाएगा, जिसे राज्य में 10 लाख से अधिक लोगों का समर्थन प्राप्त है। ये सभी पहलें मध्य प्रदेश सरकार की किसानों और गरीबों के कल्याण के प्रति अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं, जिसका उद्देश्य खेत से लेकर बाजार तक सभी के हितों की रक्षा करना है।1
- मंडला जिले में एक महीने के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार बारिश हुई है। इस बारिश के होने से स्थानीय लोगों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही है।1
- मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सिवनी में आयोजित धान महोत्सव कार्यक्रम में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने एक सभा को संबोधित किया और किसानों को करोड़ों रुपये का कोदों कूटकी बोनस सिंगल क्लिक के माध्यम से वितरित किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी ने सिवनी में भूमिपूजन के कार्यक्रमों में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।2
- मध्य प्रदेश के मंडला जिले में आदिवासियों को मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से बनी प्रधानमंत्री ग्राम सड़क जनमन योजना के तहत एक सड़क महज 20 दिनों में ही जगह-जगह से उखड़ने लगी है। बीजाडांडी जनपद की जमुनिया पंचायत के ग्राम डोभी में नेशनल हाईवे-30 से बैगा मोहल्ला तक 1.52 किलोमीटर लंबी यह सड़क 87.87 लाख रुपये की लागत से तैयार की गई थी, लेकिन घटिया निर्माण के कारण यह भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई। मध्य प्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण ने इस कार्य का ठेका मेसर्स वर्धमान ग्लोबल इंफ्रा को दिया था, जिसने नियमों की अनदेखी करते हुए काम पेटी कॉन्ट्रैक्ट पर दे दिया। अक्टूबर 2026 तक पूरी होने वाली इस परियोजना को समय से पहले खत्म करने की जल्दबाजी में गुणवत्ता से पूरी तरह समझौता किया गया। आलम यह है कि सड़क का डामर हाथों से ही उखड़ रहा है और भारी वाहनों की आवाजाही से इसके धंसने का खतरा बना हुआ है। निर्माण में भ्रष्टाचार की हद तब और बढ़ गई जब सड़क बनने के बाद उसे खोदकर खेतों की तर्ज पर अस्थायी पुलिया बना दी गई, जिसमें पुराने और टूटे-फूटे पाइपों का इस्तेमाल कर उन्हें केवल मिट्टी से ढका गया है। ग्रामीणों को आशंका है कि पहली बारिश में ही ये पुलियाएं बह सकती हैं। इस पूरे मामले में अफसरों की ओर से मॉनिटरिंग पूरी तरह शून्य रही, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। वहीं, विभाग ने अपनी लापरवाही स्वीकार करते हुए आश्वासन दिया है कि काम को दोबारा सही तरीके से कराया जाएगा।1
- मधुपुरी में एक अधूरी नाली के निर्माण से स्थानीय निवासियों को बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह अधूरी नाली बारिश के मौसम में घरों और आंगनों को पानी में डुबो देती है, जिससे लोगों की मुसीबतें बढ़ गई हैं। इस स्थिति के लिए ठेकेदार की लापरवाही पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं, और ग्रामीणों ने इस पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है।1