रेल सुरक्षा बल (RPF) ने अपने 'ऑपरेशन सतर्क' के तहत रांची रेलवे स्टेशन पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 24 बोतल अवैध शराब बरामद की और एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई दिनांक 29.06.2026 को फ्लाइंग टीम/रांची और आरपीएफ पोस्ट/रांची के अधिकारियों व जवानों द्वारा चलाए गए सघन जांच अभियान के दौरान की गई। जांच अभियान के दौरान प्लेटफॉर्म संख्या-01 स्थित पार्सल कार्यालय गेट के पास एक युवक भूरे रंग का ट्रॉली बैग लिए संदिग्ध अवस्था में खड़ा पाया गया। संदेह होने पर उसे रोका गया और उसके सामान की तलाशी ली गई, जिसमें कुल 24 बोतल व्हिस्की बरामद हुईं। पकड़े गए युवक की पहचान विवेक कुमार सिंह (लगभग 19 वर्ष) पुत्र विपिन कुमार सिंह, निवासी बिहारी बीघा, थाना पंडारक, जिला पटना (बिहार) के रूप में हुई है। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह यह शराब रांची से खरीदकर बिहार में अधिक कीमत पर बेचने के उद्देश्य से ले जा रहा था। उप निरीक्षक रवि शेखर, आरपीएफ फ्लाइंग टीम/रांची द्वारा शराब की सभी बोतलों को विधिवत जब्त किया गया, जिनकी अनुमानित कीमत ₹19,000/- बताई गई है। रेलवे परिसर में प्रतिबंधित वस्तुओं के परिवहन पर रोक होने के कारण आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपी को दिनांक 30.06.2026 को बरामद शराब सहित उत्पाद विभाग, रांची के सुपुर्द कर दिया गया ताकि आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा सके। इस कार्रवाई में फ्लाइंग टीम/रांची से उपनिरीक्षक रवि शेखर, आरक्षक प्रदीप और आरक्षक डी.के. जितरवाल, तथा आरपीएफ पोस्ट/रांची से उपनिरीक्षक रंजीत कुमार शामिल थे।
रेल सुरक्षा बल (RPF) ने अपने 'ऑपरेशन सतर्क' के तहत रांची रेलवे स्टेशन पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 24 बोतल अवैध शराब बरामद की और एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई दिनांक 29.06.2026 को फ्लाइंग टीम/रांची और आरपीएफ पोस्ट/रांची के अधिकारियों व जवानों द्वारा चलाए गए सघन जांच अभियान के दौरान की गई। जांच अभियान के दौरान प्लेटफॉर्म संख्या-01 स्थित पार्सल कार्यालय गेट के पास एक युवक भूरे रंग का ट्रॉली बैग लिए संदिग्ध अवस्था में खड़ा पाया गया। संदेह होने पर उसे रोका गया और उसके सामान की तलाशी ली गई, जिसमें कुल 24 बोतल व्हिस्की बरामद हुईं। पकड़े गए युवक की पहचान विवेक कुमार सिंह (लगभग 19 वर्ष) पुत्र विपिन कुमार सिंह, निवासी बिहारी बीघा, थाना पंडारक, जिला पटना (बिहार) के रूप में हुई है। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह यह शराब रांची से खरीदकर बिहार में अधिक कीमत पर बेचने के उद्देश्य से ले जा रहा था। उप निरीक्षक रवि शेखर, आरपीएफ फ्लाइंग टीम/रांची द्वारा शराब की सभी बोतलों को विधिवत जब्त किया गया, जिनकी अनुमानित कीमत ₹19,000/- बताई गई है। रेलवे परिसर में प्रतिबंधित वस्तुओं के परिवहन पर रोक होने के कारण आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपी को दिनांक 30.06.2026 को बरामद शराब सहित उत्पाद विभाग, रांची के सुपुर्द कर दिया गया ताकि आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा सके। इस कार्रवाई में फ्लाइंग टीम/रांची से उपनिरीक्षक रवि शेखर, आरक्षक प्रदीप और आरक्षक डी.के. जितरवाल, तथा आरपीएफ पोस्ट/रांची से उपनिरीक्षक रंजीत कुमार शामिल थे।
- रेल सुरक्षा बल (RPF) ने अपने 'ऑपरेशन सतर्क' के तहत रांची रेलवे स्टेशन पर बड़ी कार्रवाई करते हुए 24 बोतल अवैध शराब बरामद की और एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई दिनांक 29.06.2026 को फ्लाइंग टीम/रांची और आरपीएफ पोस्ट/रांची के अधिकारियों व जवानों द्वारा चलाए गए सघन जांच अभियान के दौरान की गई। जांच अभियान के दौरान प्लेटफॉर्म संख्या-01 स्थित पार्सल कार्यालय गेट के पास एक युवक भूरे रंग का ट्रॉली बैग लिए संदिग्ध अवस्था में खड़ा पाया गया। संदेह होने पर उसे रोका गया और उसके सामान की तलाशी ली गई, जिसमें कुल 24 बोतल व्हिस्की बरामद हुईं। पकड़े गए युवक की पहचान विवेक कुमार सिंह (लगभग 19 वर्ष) पुत्र विपिन कुमार सिंह, निवासी बिहारी बीघा, थाना पंडारक, जिला पटना (बिहार) के रूप में हुई है। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि वह यह शराब रांची से खरीदकर बिहार में अधिक कीमत पर बेचने के उद्देश्य से ले जा रहा था। उप निरीक्षक रवि शेखर, आरपीएफ फ्लाइंग टीम/रांची द्वारा शराब की सभी बोतलों को विधिवत जब्त किया गया, जिनकी अनुमानित कीमत ₹19,000/- बताई गई है। रेलवे परिसर में प्रतिबंधित वस्तुओं के परिवहन पर रोक होने के कारण आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपी को दिनांक 30.06.2026 को बरामद शराब सहित उत्पाद विभाग, रांची के सुपुर्द कर दिया गया ताकि आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा सके। इस कार्रवाई में फ्लाइंग टीम/रांची से उपनिरीक्षक रवि शेखर, आरक्षक प्रदीप और आरक्षक डी.के. जितरवाल, तथा आरपीएफ पोस्ट/रांची से उपनिरीक्षक रंजीत कुमार शामिल थे।1
- अरावली की लोकदेवी मां जोगणियां पर आधारित एक उपन्यास का बीसवां भाग, 'मां जोगणियां भाग -20', अब उपलब्ध है। यह पुस्तक मां जोगणियां के विषय पर केंद्रित है।1
- उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में एक भीषण सड़क हादसे में तीन बाइक सवारों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। यह दर्दनाक घटना तब हुई जब एक कार चालक गलत लेन में वाहन चलाते हुए सामने से आ रही एक बाइक से टकरा गया। टक्कर इतनी ज़बरदस्त थी कि बाइक पर सवार सभी लोगों की मौके पर ही जान चली गई। जानकारी के अनुसार, यह हादसा एक सिंगल रोड पर हुआ, और गलत लेन में वाहन चलाना ही इस दुर्घटना का प्रमुख कारण बना। इस घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन की अनिवार्यता को उजागर कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।1
- मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि झारखंड को मात्र एक चारागाह की तरह समझा गया है। सोरेन ने केंद्र की नीतियों और व्यवहार पर निशाना साधा, जिसमें झारखंड के प्रति केंद्र के रवैये को लेकर अपनी गहरी आपत्ति व्यक्त की गई।1
- झारखंड में 30 जून 2026 से मतदाता सूची (Voter List) के विशेष सघन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) की प्रक्रिया आरंभ हो गई है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस संबंध में विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि 30 जून से 29 जुलाई तक बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर एन्यूमरेशन फॉर्म उपलब्ध कराएंगे, ताकि सभी पात्र नागरिक अपना नाम मतदाता सूची में शामिल करा सकें या अपडेट करा सकें। के. रवि कुमार ने इस प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, सहभागी और संविधान के अनुरूप बताया। प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रकाश डाला गया, जिसमें स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) क्या है, एन्यूमरेशन फॉर्म कैसे भरा जाए, BLO कब घर आएंगे, प्रवासी मतदाता अपने फॉर्म कैसे जमा करेंगे, तथा किन लोगों का नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं किया जाएगा जैसे विषय शामिल थे। इसके अतिरिक्त, यह भी सूचित किया गया कि प्रारूप मतदाता सूची 5 अगस्त को जारी की जाएगी। यह पूरी प्रक्रिया सूचनात्मक और जन-जागरूकता के उद्देश्य से प्रकाशित की गई है ताकि सभी योग्य मतदाताओं को वोटर लिस्ट से संबंधित जानकारी मिल सके और वे इस अभियान में सक्रिय रूप से भाग ले सकें।1
- गिरिडीह जिले के बगोदर थाना क्षेत्र स्थित ग्राम कोशी में बीते 19 जून को हुई मारपीट की घटना के बाद, पीड़ितों का इलाज फिलहाल गिरिडीह सदर अस्पताल में जारी है। इस घटना को लेकर निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों पर कानूनी कार्रवाई करने और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की मांग उठाई जा रही है। यह जानकारी सार्वजनिक स्रोतों और संबंधित पक्षों के बयानों पर आधारित है, जिसमें यह स्पष्ट किया गया है कि जांच पूरी होने तक किसी भी व्यक्ति को दोषी नहीं माना जाना चाहिए। आगे कोई भी आधिकारिक अपडेट मिलने पर उसे भी दर्शकों तक पहुंचाया जाएगा। इस पूरे मामले को सूचना और जन जागरूकता के उद्देश्य से प्रस्तुत किया गया है।1