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Available for Sale - Agricultural / Farm Land Locality : चरकला मोड Area (dimensions) : 2:15 बीघा Expected Price : 1.400000 Property Type : Agricultural / Farm Land बेचना है
आशीष कुमार शुक्ला
Available for Sale - Agricultural / Farm Land Locality : चरकला मोड Area (dimensions) : 2:15 बीघा Expected Price : 1.400000 Property Type : Agricultural / Farm Land बेचना है
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- Available for Sale - Agricultural / Farm Land Locality : चरकला मोड Area (dimensions) : 2:15 बीघा Expected Price : 1.400000 Property Type : Agricultural / Farm Land बेचना है1
- घाटमपुर थाना क्षेत्र में गाड़ी हटाने के मामूली विवाद ने बड़ा रूप ले लिया, जहाँ घाटमपुर विधायक सरोज कुरील के PRO मनीष तिवारी पर एक युवक पर हमला करने और उसकी गाड़ी में तोड़फोड़ करने का गंभीर आरोप लगा है। इस पूरी घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें PRO और युवक के बीच हुई मारपीट तथा कार में हुई तोड़फोड़ साफ तौर पर देखी जा सकती है। बताया जा रहा है कि इस हमले में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया है, और वायरल वीडियो में उसे अपनी बात बताते हुए भी देखा जा सकता है। घटना के बाद, दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ मारपीट, तोड़फोड़ और लूट का आरोप लगाते हुए थाने में शिकायत पत्र दर्ज कराया है। पुलिस ने इन दोनों तहरीरों के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया है और अब मामले की गहन जांच पड़ताल में जुट गई है। हालांकि, शुरू एप्प्स वायरल हुए इस वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं कर रहा है।1
- नाइजर के अगादेज़ क्षेत्र से सहारा रेगिस्तान पार कर रहे यात्रियों के साथ एक बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है। एक ट्रक में तकनीकी खराबी आने के कारण भीषण गर्मी और पानी की भारी कमी के चलते कम से कम 49 लोगों की तड़प-तड़प कर मौत हो गई। इस घटना ने सबको स्तब्ध कर दिया है। यह दुखद घटना तब घटी जब सहारा रेगिस्तान के भीषण वातावरण में यात्रियों को ले जा रहा ट्रक अचानक खराब हो गया। पानी के अभाव और असहनीय गर्मी के कारण यात्रियों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ा, जिसके परिणामस्वरूप इतनी बड़ी संख्या में लोगों ने दम तोड़ दिया।1
- कानपुर में एक चर्चित दहेज हत्या के मामले को लेकर इन दिनों माहौल गर्म है, जहाँ पीड़ित परिवार न्याय की मांग के साथ सड़क पर उतर आया है। परिजनों ने प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए इस मामले में नामजद सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। जानकारी के अनुसार, युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद उसके परिजनों ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिवार का कहना है कि युवती को दहेज के लिए लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था, और इसी उत्पीड़न से परेशान होकर उसने आत्महत्या जैसा गंभीर कदम उठाया। पीड़ित परिवार ने यह भी आरोप लगाया है कि मामले में नामजद सभी आरोपियों के खिलाफ अभी तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। इसी को लेकर परिजन और उनके समर्थक लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं, दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और उन्हें कड़ी से कड़ी सजा दिलाए जाने की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों को फांसी की सजा दिए जाने तक की मांग उठाई है। परिवार ने प्रशासन को चेताया है कि यदि शेष आरोपियों की गिरफ्तारी 24 घंटे के भीतर नहीं हुई, तो उनका आंदोलन और तेज किया जाएगा। धरना स्थल पर बड़ी संख्या में लोग न्याय के समर्थन में मौजूद रहे और उन्होंने नारेबाजी भी की। इस पूरे मामले पर पुलिस और प्रशासन अपनी नजर बनाए हुए है। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच कर रही है और कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है। संबंधित आरोपों और दावों की सत्यता जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस 24 घंटे की समय-सीमा के भीतर क्या कदम उठाता है और पीड़ित परिवार की मांगों पर क्या कार्रवाई होती है।1
- जनपद उन्नाव की तहसील बीघापुर में हो रहे अवैध कब्जों को लेकर अयांश न्यूज़ के संपादक अंकित सिंह राठौड़ ने तहसील के उच्च अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। तहसील क्षेत्र में अवैध खनन और अवैध कब्जों से आहत होकर, उन्होंने क्षेत्र की जनता के साथ मिलकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से मिलने का संकल्प लिया और इसके लिए पैदल मार्च शुरू किया। मुख्यमंत्री से मिलने जा रहे अंकित सिंह राठौड़ को रास्ते में पुलिस ने रोक लिया। पुलिस ने उन्हें अवैध कब्जों के मामले में कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।4
- घाटमपुर थाना क्षेत्र में पुलिस पर एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की गाड़ी जबरन सीज करने का गंभीर आरोप लगा है। बताया गया है कि युवक ने गाड़ी के सभी कागजात दिखाए थे, इसके बावजूद पुलिस ने यह कार्रवाई की, जिसका एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। आगापुर गांव का बताया जा रहा यह वायरल वीडियो दिखाता है कि युवक ने अपने वाहन के पूरे दस्तावेज प्रस्तुत किए थे, फिर भी पुलिस ने जबरन वाहन को सीज कर दिया। वीडियो में पुलिसकर्मियों और आमजन के बीच स्पष्ट नोकझोंक देखी जा सकती है, जिसे लोगों ने रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर साझा कर दिया। इस वीडियो के वायरल होने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। मामले को लेकर घाटमपुर थाना प्रभारी मनोज सिंह भदोरिया ने अपनी प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने पुलिस की कार्रवाई का पक्ष रखा है। थाना प्रभारी भदोरिया के अनुसार, वाहन चेकिंग के दौरान चालक से मौके पर ही वाहन के कागजात मांगे गए थे, जो कि उस समय दिखाए नहीं गए। इसी आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की गई। उन्होंने यह भी बताया कि कार्रवाई पूरी होने के बाद आरोप लगाने वाले युवक के परिजन कागजात लेकर पुलिस के पास पहुंचे थे, लेकिन तब तक वाहन सीज करने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी।1
- रात में एक परिवार द्वारा हाइवे पर रील बनाने का मामला सामने आया है, जिसमें पति वीडियो शूट करते हुए रील्स बना रहे हैं और उनकी पत्नी डांस कर रही हैं। इस दौरान उनकी बच्ची कमेंट्री करती हुई दिख रही है। इस घटना पर तंज कसते हुए टिप्पणी की गई है कि देशवासियों को आखिर और कितना सुख चाहिए। व्यंग्यात्मक लहजे में यह भी कहा गया है कि अगर ‘विकास’ दिखाई नहीं पड़ रहा है, तो मोटे ग्लास का चश्मा लगा लेना चाहिए, क्योंकि ‘भारत बदल नहीं रहा, बल्कि बदल गया है’। इस पूरे प्रकरण को पैसे और प्रसिद्धि पाने के लिए लोगों द्वारा हद से ज़्यादा नीचे गिरने का एक उदाहरण बताया गया है, जिसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती।1
- कानपुर नगर के घाटमपुर कोतवाली क्षेत्र स्थित आगापुर गाँव में पुलिस द्वारा एक बाइक सीज किए जाने का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। पीड़ित युवक, जो एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर बताया जा रहा है, ने पुलिस की कार्रवाई पर नाराजगी व्यक्त की है। उसका आरोप है कि उसकी बाइक के सभी दस्तावेज वैध होने के बावजूद चेकिंग के दौरान पुलिस ने वाहन जब्त कर लिया। पीड़ित के अनुसार, रात में लगाए गए एक चेक पोस्ट पर पुलिस ने उसकी बाइक रोकी और जांच की। उसने पुलिस को वाहन से संबंधित सभी आवश्यक दस्तावेज दिखाए, लेकिन इसके बावजूद उसकी बाइक सीज कर दी गई। घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद पुलिस की इस कार्रवाई को लेकर लोगों के बीच बहस छिड़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि वाहन के सभी कागजात सही थे, तो पुलिस चालान की कार्रवाई कर वाहन को छोड़ सकती थी। ऐसे में बाइक सीज करने की आवश्यकता क्यों पड़ी, यह एक बड़ा प्रश्न बन गया है। हालांकि, पुलिस की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, जिससे यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि वाहन को किस कानूनी आधार पर सीज किया गया। वायरल वीडियो के बाद सोशल मीडिया पर लोग इस मामले की निष्पक्ष जांच और पुलिस विभाग से स्पष्टीकरण की मांग कर रहे हैं। इस पूरे प्रकरण की वास्तविक स्थिति पुलिस का पक्ष सामने आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।1