*ग्राम पंचायत छतरपुर में भी- सरपंच- सचिव द्वारा किया गया है बडा भ्रष्टाचार- ग्रामीणों ने की जांच की मांग- जांच के लिए गांव पंहुचे विभागीय अधिकारी* रिपोर्टर आकाश चक्रवर्ती मंडला *जांच के दौरान ग्राम पंचायत छतरपुर में हुआ जमकर बबाल- सचिव के पास से-2 साल का लेखा- जोखा गायब- जांच हुआ प्रभावित* *घुघरी / मंडला-* आइए हम आपको विकास खंड घुघरी की एक ओर ग्राम पंचायत में हुए भ्रष्टाचार की कहानी बताते हैं- दरअसल जनपद पंचायत घुघरी के अंतर्गत आने बाली ग्राम पंचायत छतरपुर के ग्रामीणों ने- ग्राम पंचायत छतरपुर के सरपंच सचिव पर भ्रष्टाचार का बडा एवं गम्भीर आरोप लगया है- और ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत में हुए भ्रष्टाचार की जांच कराने उच्च अधिकारियों से लिखित शिकायत किया था- और ग्रामीणों के द्वारा किए गए शिकायत की जांच के लिए- कुछ विभागीय अधिकारी- दिनांक-8 जनवरी दिन गुरुवार को ग्राम पंचायत छतरपुर पंहुचे- किंतू ग्राम पंचायत छतरपुर में गुरुवार-8 जनवरी को उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब भ्रष्टाचार की शिकायतों की जांच करने पहुंची टीम को पंचायत का वित्तीय रिकॉर्ड अधूरा मिला- जांच अधिकारियों द्वारा शिकायत के आधार पर जांच के दौरान- सचिव से रिकॉर्ड की मांग की गई- किंतू सम्बंधित सचिव द्वारा जांच अधिकारियों के बार बार मांगने के बाद भी- पिछले दो वर्षों की कैशबुक पेश नहीं किया गया- और रिकॉर्ड उपलब्ध ना होने के कारण जांच अधूरा रह गया और जांच टीम को बैरंग लौटना पड़ा- ग्राम पंचायत में वर्ष- 2022 से- 2025 के बीच पंच परमेश्वर योजना और नल- जल योजना सहित अन्य कार्यों में किए गए धांधली की शिकायत ग्रामीणों द्वारा की गई थी- और इसी आधार पर जनपद पंचायत घुघरी से एक उच्च स्तरीय जांच दल दोपहर-3 बजे ग्राम पंचायत छतरपुर पहुंचा- इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामवासी और शिकायतकर्ता भी मौके पर मौजूद रहे *बिंदुवार जांच के दौरान फंसा पेंच- जमकर हुआ बबाल* बताते चलें की- जांच समिति ने जब ग्रामीणों की उपस्थिति में बिंदुवार शिकायतों की समीक्षा शुरू की और वित्तीय पारदर्शिता के लिए कैशबुक का वाचन करने को कहा- तो उस समय ग्राम पंचायत सचिव की बड़ी लापरवाही सामने आई- बताया जा रहा है की- पंचायत सचिव द्वारा वित्तीय वर्ष- 2024- 25 और आगामी वर्ष- 2025- 26 की कैशबुक अब तक तैयार ही नहीं किया गया है- और मौके पर रिकॉर्ड उपलब्ध न होने के कारण जांच रोकना पडा और मौके पर पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध ना होने से जांच दल ने कड़ी नाराजगी जाहिर किया है- जांच दल का कहना है की- बिना कैशबुक और आधिकारिक रिकॉर्ड के वित्तीय अनियमितताओं की पुष्टि करना संभव नहीं है- जांच के दौरान अधूरा रिकॉर्ड उपलब्ध होने के कारण जांच कार्य पूरा नही हो सका- और जांच पूरा न होने से ग्रामीणों में खासा आक्रोश देखा गया- उपस्थित ग्रामीणों का आरोप है कि रिकॉर्ड जानबूझकर अधूरा रखा गया है ताकि भ्रष्टाचार की परतों को छुपाया जा सके- जांच दल ने फिलहाल रिकॉर्ड के अभाव में जांच रोक दिया है और वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी रिपोर्ट भेजने की बात कही है- अब देखने बाली बात ऐ है की- जांच दल को सम्बंधित सचिव कबतक ग्राम पंचायत का पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध कराएगा और मामले की जांच कबतक पूरी हो पाएगी
*ग्राम पंचायत छतरपुर में भी- सरपंच- सचिव द्वारा किया गया है बडा भ्रष्टाचार- ग्रामीणों ने की जांच की मांग- जांच के लिए गांव पंहुचे विभागीय अधिकारी* रिपोर्टर आकाश चक्रवर्ती मंडला *जांच के दौरान ग्राम पंचायत छतरपुर में हुआ जमकर बबाल- सचिव के पास से-2 साल का लेखा- जोखा गायब- जांच हुआ प्रभावित* *घुघरी / मंडला-* आइए हम आपको विकास खंड घुघरी की एक ओर ग्राम पंचायत में हुए भ्रष्टाचार की कहानी बताते हैं- दरअसल जनपद पंचायत घुघरी के अंतर्गत आने बाली ग्राम पंचायत छतरपुर के ग्रामीणों ने- ग्राम पंचायत छतरपुर के सरपंच सचिव पर भ्रष्टाचार का बडा एवं गम्भीर आरोप लगया है- और ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत में हुए भ्रष्टाचार की जांच कराने उच्च अधिकारियों से लिखित शिकायत किया था- और ग्रामीणों के द्वारा किए गए शिकायत की जांच के लिए- कुछ विभागीय अधिकारी- दिनांक-8 जनवरी दिन गुरुवार को ग्राम पंचायत छतरपुर पंहुचे- किंतू ग्राम पंचायत छतरपुर में गुरुवार-8 जनवरी को उस समय स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब भ्रष्टाचार की शिकायतों की जांच करने पहुंची टीम को पंचायत का वित्तीय रिकॉर्ड अधूरा मिला- जांच अधिकारियों द्वारा शिकायत के आधार पर जांच के दौरान- सचिव से रिकॉर्ड की मांग की गई- किंतू सम्बंधित सचिव द्वारा जांच अधिकारियों के बार बार मांगने के बाद भी- पिछले दो वर्षों की कैशबुक पेश नहीं किया गया- और रिकॉर्ड उपलब्ध ना होने के कारण जांच अधूरा रह गया और जांच टीम को बैरंग लौटना पड़ा- ग्राम पंचायत में वर्ष- 2022 से- 2025 के बीच पंच परमेश्वर योजना और नल- जल योजना सहित अन्य कार्यों में किए गए धांधली की शिकायत ग्रामीणों द्वारा की गई थी- और इसी आधार पर जनपद पंचायत घुघरी से एक उच्च स्तरीय जांच दल दोपहर-3 बजे ग्राम पंचायत छतरपुर पहुंचा- इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामवासी और शिकायतकर्ता भी मौके पर मौजूद रहे *बिंदुवार जांच के दौरान फंसा पेंच- जमकर हुआ बबाल* बताते चलें की- जांच समिति ने जब ग्रामीणों की उपस्थिति में बिंदुवार शिकायतों की समीक्षा शुरू की और वित्तीय पारदर्शिता के लिए कैशबुक का वाचन करने को कहा- तो उस समय ग्राम पंचायत सचिव की बड़ी लापरवाही सामने आई- बताया जा रहा है की- पंचायत सचिव द्वारा वित्तीय वर्ष- 2024- 25 और आगामी वर्ष- 2025- 26 की कैशबुक अब तक तैयार ही नहीं किया गया है- और मौके पर रिकॉर्ड उपलब्ध न होने के कारण जांच रोकना पडा और मौके पर पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध ना होने से जांच दल ने कड़ी नाराजगी जाहिर किया है- जांच दल का कहना है की- बिना कैशबुक और आधिकारिक रिकॉर्ड के वित्तीय अनियमितताओं की पुष्टि करना संभव नहीं है- जांच के दौरान अधूरा रिकॉर्ड उपलब्ध होने के कारण जांच कार्य पूरा नही हो सका- और जांच पूरा न होने से ग्रामीणों में खासा आक्रोश देखा गया- उपस्थित ग्रामीणों का आरोप है कि रिकॉर्ड जानबूझकर अधूरा रखा गया है ताकि भ्रष्टाचार की परतों को छुपाया जा सके- जांच दल ने फिलहाल रिकॉर्ड के अभाव में जांच रोक दिया है और वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी रिपोर्ट भेजने की बात कही है- अब देखने बाली बात ऐ है की- जांच दल को सम्बंधित सचिव कबतक ग्राम पंचायत का पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध कराएगा और मामले की जांच कबतक पूरी हो पाएगी
- भीषण सड़क हादसा नेशनल हाइवे-30, बरेला शारदा मंदिर के पास दो वाहनों की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई।1
- “स्कूल या नाला? मंडला में स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य से खुला खिलवा आकाश चक्रवर्ती मंडला मंडला जिले के बिछिया विकासखंड अंतर्गत ग्राम अहमदपुर के पटैल टोला स्थित शासकीय प्राथमिक शाला में स्वच्छता व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त नजर आ रही है। यहां मोहल्ले का गंदा पानी बहकर सीधे स्कूल परिसर में प्रवेश कर रहा है, जिससे स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। स्थिति यह है कि स्कूल परिसर के भीतर ही एक कचरा घर बना हुआ है, जहां पूरे मोहल्ले के लोग रोजाना कचरा फेंकते हैं। गंदे पानी और कचरे के कारण स्कूल में लगातार बदबू फैली रहती है, जिससे बच्चों में संक्रमण और बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। छोटे-छोटे बच्चे इसी गंदगी के बीच पढ़ने को मजबूर हैं। विद्यालय के शिक्षकों द्वारा कई बार मोहल्ले के लोगों को समझाइश दी गई कि गंदा पानी स्कूल की ओर न बहाएं, लेकिन उनकी बातों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। इस गंभीर समस्या की जानकारी ग्राम पंचायत अहमदपुर को भी दी गई, बावजूद इसके अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। एक ओर सरकार स्वच्छ भारत अभियान के तहत स्वच्छता को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर जिम्मेदारों की लापरवाही साफ दिखाई दे रही है। ग्राम पंचायत के सरपंच और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उदासीनता बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ के समान है। अब सवाल यह उठता है कि प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कब संज्ञान लेगा और स्कूली बच्चों को साफ, सुरक्षित और स्वस्थ वातावरण कब उपलब्ध कराया जाएगा।4
- मंडला जिला घुघरी ब्लॉक ग्राम पंचायत सुरेहली की सरपंच रिश्वत जल जीवन मिशन के तहत 10% पानी 10 लाख रुपया का घोटाला1
- मंडला :- मंडला जिला इकाई द्वारा आज 11 जनवरी को मनाया गया सहकार भारती का स्थापना दिवस आज के कार्यक्रम में सभी सदस्य प्रमुख पदाधिकारी रहे उपस्थित। सभी वरिष्ठ पदाधिकारियों ने दिया अपना उद्बोधन कार्यकम हुआ रोनित खाना खजाना रेस्टोरेंट में।1
- shita.raptan.crikeat.trphi1
- इंदौर में कांग्रेस की न्याय यात्रा.. भागीरथपुरा में दूषित पानी से 21 लोगों की मौत... सरकार और नगर निगम पर लगाया नाकामी का आरोप..कांग्रेसी उत्तरे सड़कों पर1
- जैन आकाश महा आंदोलन 18 जनवरी भोपाल चलो1
- "मैं बैगा आदिवासी हूँ, मुझे डॉक्टर बनना है..." सीधी की अनामिका बैगा डॉक्टर बनना चाहती है, लेकिन गरीबी उसके आड़े आ रही है। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में वह सुरक्षाकर्मियों से मिन्नतें करती रही कि "एक बार मिल लेने दीजिए", पर उसे रोक दिया गया। #anamika #SidhiNews #MPNews #drmohanyadav1