मादक पदार्थों के सेवन, नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध व्यापार के विरुद्ध अंतर्राष्ट्रीय दिवस के अवसर पर औरंगाबाद में एक महत्वपूर्ण जागरूकता सह शपथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अंतर्गत विधिक सेवा सदन में प्रभारी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार, श्री मनीष कुमार जायसवाल की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित न्यायिक पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं, न्यायालय से संबंधित पैनल अधिवक्ताओं और कर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि नशे की लत का खतरा विश्व के साथ-साथ भारत के युवाओं में भी तेजी से फैल रहा है। इस दिवस का मुख्य उद्देश्य अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नशीली दवाओं से मुक्ति प्राप्त करना और समाज में सशक्तिकरण लाना है। कार्यक्रम में मुख्य रूप से श्री अरुण कुमार (प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय), श्री लक्ष्मीकांत मिश्रा (अपर सत्र न्यायाधीश), श्री लाल बिहारी पासवान (मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी), श्री अभय सिंह (न्यायकर्ता), और जिला विधिक सेवा प्राधिकार के प्रभारी सचिव श्री प्रदीप चंद्रा सहित अन्य कर्मचारीगण उपस्थित थे, जिन्होंने इस अवसर पर शपथ ग्रहण किया। प्रभारी जिला जज ने नशे के सेवन के नकारात्मक प्रभावों पर जोर देते हुए बताया कि नशा धीरे-धीरे व्यक्ति को मौत के मुंह में धकेलता रहता है और अनजाने में लोग इसका सेवन करते रहते हैं, जिससे मानव शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है और उनके स्वास्थ्य पर सीधा असर पड़ता है। जागरूकता सह शपथ कार्यक्रम में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रकाश डाला गया। इनमें मादक पदार्थों का उपयोग करने वाले लोगों और उनके परिवारों पर घृणा व भेदभाव के नकारात्मक प्रभाव के बारे में जागरूकता फैलाना, ऐसे लोगों में एड्स और हेपेटाइटिस महामारी के बारे में जागरूकता बढ़ाना, एचआईवी और हेपेटाइटिस रोकथाम कार्यक्रमों को मजबूत करना शामिल था। इसके अतिरिक्त, मादक पदार्थों का उपयोग करने वाले सभी लोगों के लिए साक्ष्य-आधारित स्वैच्छिक सेवाओं को बढ़ावा देने, उपयोग से जुड़े विकारों, उपलब्ध उपचारों और शीघ्र हस्तक्षेप के महत्व के बारे में शिक्षित करने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य मादक पदार्थों का उपयोग करने वाले लोगों के लिए सम्मानजनक भाषा और व्यवहार को बढ़ावा देकर घृणा व भेदभाव से मुकाबला करने तथा युवाओं व समुदाय को नशे के उपयोग और व्यसन को रोकने के लिए सशक्त बनाना भी था। प्रभारी प्रधान जिला जज ने यह भी बताया कि स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के इलाज के लिए निर्मित नशीली दवाओं का सेवन, देना या बेचना बिना चिकित्सक के परामर्श और लिखित पर्चा के गैरकानूनी है, और इसके लिए कानून में कई प्रावधान किए गए हैं। अंत में, 'औरंगाबाद जीवन चुनें, नशा नहीं' का संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों का दुरुपयोग मानव जीवन के लिए घातक है।
मादक पदार्थों के सेवन, नशीली दवाओं के दुरुपयोग और अवैध व्यापार के विरुद्ध अंतर्राष्ट्रीय दिवस के अवसर पर औरंगाबाद में एक महत्वपूर्ण जागरूकता सह शपथ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अंतर्गत विधिक सेवा सदन में प्रभारी प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार, श्री मनीष कुमार जायसवाल की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित न्यायिक पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं, न्यायालय से संबंधित पैनल अधिवक्ताओं और कर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि नशे की लत का खतरा विश्व के साथ-साथ भारत के युवाओं में भी तेजी से फैल रहा है। इस दिवस का मुख्य उद्देश्य अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नशीली दवाओं से मुक्ति प्राप्त करना और समाज में सशक्तिकरण लाना है। कार्यक्रम में मुख्य रूप से श्री अरुण कुमार (प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय), श्री लक्ष्मीकांत मिश्रा (अपर सत्र न्यायाधीश), श्री लाल बिहारी पासवान (मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी), श्री अभय सिंह (न्यायकर्ता), और जिला विधिक सेवा प्राधिकार के प्रभारी सचिव श्री प्रदीप चंद्रा सहित अन्य कर्मचारीगण उपस्थित थे, जिन्होंने इस अवसर पर शपथ ग्रहण किया। प्रभारी जिला जज ने नशे के सेवन के नकारात्मक प्रभावों पर जोर देते हुए बताया कि नशा धीरे-धीरे व्यक्ति को मौत के मुंह में धकेलता रहता है और अनजाने में लोग इसका सेवन करते रहते हैं, जिससे मानव शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है और उनके स्वास्थ्य पर सीधा असर पड़ता है। जागरूकता सह शपथ कार्यक्रम में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रकाश डाला गया। इनमें मादक पदार्थों का उपयोग करने वाले लोगों और उनके परिवारों पर घृणा व भेदभाव के नकारात्मक प्रभाव के बारे में जागरूकता फैलाना, ऐसे लोगों में एड्स और हेपेटाइटिस महामारी के बारे में जागरूकता बढ़ाना, एचआईवी और हेपेटाइटिस रोकथाम कार्यक्रमों को मजबूत करना शामिल था। इसके अतिरिक्त, मादक पदार्थों का उपयोग करने वाले सभी लोगों के लिए साक्ष्य-आधारित स्वैच्छिक सेवाओं को बढ़ावा देने, उपयोग से जुड़े विकारों, उपलब्ध उपचारों और शीघ्र हस्तक्षेप के महत्व के बारे में शिक्षित करने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य मादक पदार्थों का उपयोग करने वाले लोगों के लिए सम्मानजनक भाषा और व्यवहार को बढ़ावा देकर घृणा व भेदभाव से मुकाबला करने तथा युवाओं व समुदाय को नशे के उपयोग और व्यसन को रोकने के लिए सशक्त बनाना भी था। प्रभारी प्रधान जिला जज ने यह भी बताया कि स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के इलाज के लिए निर्मित नशीली दवाओं का सेवन, देना या बेचना बिना चिकित्सक के परामर्श और लिखित पर्चा के गैरकानूनी है, और इसके लिए कानून में कई प्रावधान किए गए हैं। अंत में, 'औरंगाबाद जीवन चुनें, नशा नहीं' का संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों का दुरुपयोग मानव जीवन के लिए घातक है।
- औरंगाबाद जिले के गोह प्रखंड में हसन-हुसैन की शहादत का त्योहार मुहर्रम शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो गया। यह पर्व गोह, उपहारा, बंदेया और देवकुंड थाना क्षेत्रों में पूरी श्रद्धा और सौहार्द के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विभिन्न ताजिया कमेटियों द्वारा भव्य जुलूस निकाले गए, जिसमें मुस्लिम भाइयों ने पारंपरिक हथियारों के साथ शानदार करतबों का प्रदर्शन किया। प्रखंड मुख्यालय के अंदर बाजार, चौठी बिगहा, अजमेर नगर सहित बनतारा, गोविंद बिगहा, हथियारा, उपहारा, सलेमपुर, भलुआर, डड़वां, महदीपुर, दाउदपुर, दामोदरपुर, झरहा, प्राणपुर, देवहरा, मिरपुर, जैतिया, महरी, सुग्गी, बेला वारिस, बाजार बर्मा और अलहन परासी समेत दर्जनों गांवों में चारों ओर उत्सवी और भक्तिमय माहौल देखा गया। पर्व के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन की ओर से पुख्ता इंतजाम किए गए थे। गोह प्रभारी थानाध्यक्ष राजीव कुमार, उपहारा थानाध्यक्ष आकाश कुमार, बंदेया थानाध्यक्ष सूरज कुमार, देवकुंड थानाध्यक्ष निरंजन कुमार सिंह और अपर थानाध्यक्ष मायाशंकर सिंह अपने दल-बल के साथ संबंधित थाना क्षेत्रों में पूरी मुस्तैदी से डटे रहे, जिससे यह त्योहार शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ।1
- यह खबर बीएसएनएल फाइबर कनेक्शन से संबंधित है, जिसमें घर बैठे बीएसएनएल FTTH (फाइबर टू द होम) कनेक्शन लगवाने की पूरी प्रक्रिया पर विस्तृत जानकारी दी गई है। इसमें बताया गया है कि उपभोक्ता ऑनलाइन या ऑफलाइन, दोनों माध्यमों से अपना कनेक्शन कैसे प्राप्त कर सकते हैं। यह विस्तृत प्रक्रिया 2026 तक के लिए प्रासंगिक है।1
- गया जिले के डोभी प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत करमौनी गांव में निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर गुरुवार की रात्रि एक भव्य भक्ति जागरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में स्थानीय श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या में उपस्थिति दर्ज की गई, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। पूरी रात भजन-कीर्तन और धार्मिक प्रस्तुतियों से माहौल सराबोर रहा, जहाँ कलाकारों ने भगवान विष्णु, श्रीराम और श्रीकृष्ण की महिमा का गुणगान करते हुए एक से बढ़कर एक भजन प्रस्तुत किए, जिस पर श्रद्धालु देर रात तक झूमते रहे। कार्यक्रम के दौरान श्रद्धालुओं ने क्षेत्र की सुख-समृद्धि और शांति के लिए प्रार्थनाएँ कीं। आयोजकों ने बताया कि निर्जला एकादशी के अवसर पर हर वर्ष भक्ति जागरण का यह भव्य आयोजन किया जाता है, जिसमें आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। इस वर्ष के सफल आयोजन में शिव शिष्य परिवार के साथ-साथ स्थानीय ग्रामीणों और समिति के सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।3
- चतरा जिले के हंटरगंज स्थित दंतार में मोहर्रम के पवित्र अवसर पर शुक्रवार को धार्मिक आस्था और सामाजिक एकता की एक अनूठी मिसाल देखने को मिली। ताजिया जुलूस में हिंदू-मुस्लिम समुदाय के लोग कंधे से कंधा मिलाकर शामिल हुए, जिससे गंगा-जमुनी तहजीब की परंपरा और मजबूत हुई। जुलूस के दौरान लगाए गए सेवा शिविरों में श्रद्धालुओं को शरबत, जूस और ठंडा पानी वितरित किया गया। इस जुलूस में बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने हिस्सा लिया, और पूरे रास्ते 'या हुसैन' के नारों से इलाका गूंज उठा। जुलूस मार्ग पर युवा समाजसेवी संजीत ठाकुर, मुकेश मिश्रा, निरंजन मिश्रा, धीरज कुमार, सोनू कुमार और उनके सहयोगियों ने सेवा शिविर लगाकर श्रद्धालुओं को ठंडा पानी और जूस पिलाया। वहीं, साईं ट्रस्ट के अध्यक्ष शिवदत्त प्रसाद और उनके साथियों ने भी एक अलग स्टॉल लगाकर मीठा शरबत बांटा। भीषण गर्मी के मौसम में ठंडे पेय पाकर श्रद्धालुओं ने काफी राहत महसूस की, और लोगों ने इस सेवा कार्य के लिए युवाओं तथा ट्रस्ट के सदस्यों की खुले दिल से सराहना की। ग्रामीणों ने कहा कि ऐसे आयोजन केवल प्यास ही नहीं बुझाते, बल्कि समाज में आपसी विश्वास और सद्भाव की नींव भी मजबूत करते हैं। मोहर्रम कमेटी के अध्यक्ष मोहम्मद शहजाद अंसारी और युवा समाजसेवी मोहम्मद इरफान अंसारी ने जुलूस को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दोनों ने लोगों को संबोधित करते हुए हजरत इमाम हुसैन के कुर्बानी, प्रेम और भाईचारे के पैगाम को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने की बात कही। मुस्लिम समाज के लोगों ने भी हिंदू भाइयों द्वारा दिए गए सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उपस्थित लोगों ने दंतार के इस आयोजन को समाज में एकता और अखंडता का प्रतीक बताया, और ऐसे आयोजनों को देश की असली ताकत करार दिया।1
- चतरा जिले के हंटरगंज में गुरुवार शाम को मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन ने फ्लैग मार्च निकाला। पुलिस इंस्पेक्टर विपिन कुमार और थाना प्रभारी प्रभात कुमार के नेतृत्व में निकाले गए इस मार्च में बड़ी संख्या में पुलिस पदाधिकारी और जवान शामिल थे। फ्लैग मार्च थाना परिसर से शुरू होकर हंटरगंज मेन बाजार, पानी टंकी, मीरपुर, आमीन, नावाडीह पनारी सहित अन्य प्रमुख मार्गों और संवेदनशील इलाकों से गुजरा। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने आम लोगों से संवाद कर उन्हें सुरक्षा का भरोसा भी दिलाया। थाना प्रभारी प्रभात कुमार ने लोगों से मुहर्रम पर्व को आपसी भाईचारे और सौहार्द के साथ मनाने की अपील की। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और शांति व्यवस्था भंग करने की कोशिश करने वाले किसी भी असामाजिक तत्व को बख्शा नहीं जाएगा, उन पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस इंस्पेक्टर विपिन कुमार ने जानकारी दी कि जुलूस के निर्धारित रूट पर पुलिस बल तैनात किया गया है और हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि सादे लिबास में भी पुलिसकर्मी तैनात हैं और ड्रोन कैमरों से निगरानी की जा रही है। विपिन कुमार ने लोगों से सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील करते हुए कहा कि कोई भी संदिग्ध पोस्ट, वीडियो या मैसेज दिखने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें, क्योंकि अफवाह फैलाने वालों को चिह्नित कर आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। मौके पर एसआई नितेश प्रसाद, वीरबहादुर सिंह, भोला साह सहित कई पुलिस पदाधिकारी और सैकड़ों जवान मौजूद थे।1
- औरंगाबाद जिले के हसपुरा थाना क्षेत्र में पुलिस प्रशासन द्वारा मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से फ्लैग मार्च निकाला गया। यह मार्च थाना क्षेत्र के अति संवेदनशील स्थानों पर आयोजित किया गया, जहाँ लोगों से शांति और आपसी भाईचारे के साथ पर्व मनाने की अपील की गई।1
- औरंगाबाद के उपहारा थाना क्षेत्र स्थित बैजलपुर गांव में डायल 112 की पुलिस टीम और दूसरे पक्ष के लोगों के बीच हुई नोकझोंक का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में एक युवक लगातार यह आरोप लगाता सुनाई दे रहा है कि एक पुलिसकर्मी ने एक महिला को थप्पड़ मारा है। हालांकि, उपलब्ध वीडियो फुटेज में थप्पड़ मारने की यह घटना स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देती है। बताया गया है कि बैजलपुर निवासी मिथुन कुमार की पत्नी संगीता देवी की सूचना पर बीते मंगलवार की देर शाम को डायल 112 की पुलिस मौके पर पहुंची थी। पुलिस ने पहले पक्ष से घटना की जानकारी लेने के बाद दूसरे पक्ष से पूछताछ शुरू की। इसी दौरान पुलिस और दूसरे पक्ष के लोगों के बीच कहासुनी हो गई, जो बाद में नोकझोंक में बदल गई।1
- इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) अब अपने ग्राहकों को घर बैठे ऑनलाइन खाता खोलने की सुविधा दे रहा है। ग्राहक बिना किसी परेशानी के अपने मोबाइल फोन का उपयोग करके यह सुविधा प्राप्त कर सकते हैं। इस प्रक्रिया के माध्यम से एक ज़ीरो बैलेंस खाता खोला जा सकता है, जिससे वित्तीय लेनदेन और बैंकिंग सेवाएं पहले से कहीं ज़्यादा सुलभ हो गई हैं।1
- झारखंड के चतरा जिले के हंटरगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत नावाडीह पनारी गांव स्थित स्वर्गीय बिंदी यादव के बंद पड़े पत्थर खदान से शुक्रवार को एक अज्ञात युवती का शव बरामद हुआ। शव मिलने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची और मामले की जाँच शुरू कर दी। जानकारी के अनुसार, रोज़ की तरह नित्यकर्म के लिए गए आसपास के ग्रामीणों को बंद खदान के पानी में एक शव तैरता हुआ दिखाई दिया, जिससे ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने तत्काल इसकी सूचना स्थानीय मुखिया को दी, जिसके बाद हंटरगंज थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुँची और शव को पानी से बाहर निकाला। पुलिस के मुताबिक, युवती की उम्र करीब 20-22 वर्ष आंकी जा रही है, जिसने जिंस पैंट पहन रखा था। हालांकि, शव की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है और प्राथमिक जाँच में मौत का कारण भी स्पष्ट नहीं हो पाया है। स्थानीय लोगों ने बताया कि यह खदान काफी गहरी और पानी से भरी हुई है। पुलिस इस बात की जाँच कर रही है कि युवती खदान में कैसे पहुँची और उसकी मौत किस परिस्थिति में हुई। शव की शिनाख्त के लिए आसपास के गाँवों में सूचना भिजवाई गई है और पुलिस हत्या, आत्महत्या या दुर्घटना - इन सभी पहलुओं पर गहनता से जाँच कर रही है। ग्रामीणों के अनुसार, बंद खदान में अक्सर लोग दैनिक क्रियाओं और मवेशियों को नहलाने के लिए जाते हैं। पुलिस ने शव की शिनाख्त होने तक उसे सुरक्षित रखवाया है।2