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औरंगाबाद के उपहारा थाना क्षेत्र स्थित बैजलपुर गांव में डायल 112 की पुलिस टीम और दूसरे पक्ष के लोगों के बीच हुई नोकझोंक का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में एक युवक लगातार यह आरोप लगाता सुनाई दे रहा है कि एक पुलिसकर्मी ने एक महिला को थप्पड़ मारा है। हालांकि, उपलब्ध वीडियो फुटेज में थप्पड़ मारने की यह घटना स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देती है। बताया गया है कि बैजलपुर निवासी मिथुन कुमार की पत्नी संगीता देवी की सूचना पर बीते मंगलवार की देर शाम को डायल 112 की पुलिस मौके पर पहुंची थी। पुलिस ने पहले पक्ष से घटना की जानकारी लेने के बाद दूसरे पक्ष से पूछताछ शुरू की। इसी दौरान पुलिस और दूसरे पक्ष के लोगों के बीच कहासुनी हो गई, जो बाद में नोकझोंक में बदल गई।
Asutosh Mishra
औरंगाबाद के उपहारा थाना क्षेत्र स्थित बैजलपुर गांव में डायल 112 की पुलिस टीम और दूसरे पक्ष के लोगों के बीच हुई नोकझोंक का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में एक युवक लगातार यह आरोप लगाता सुनाई दे रहा है कि एक पुलिसकर्मी ने एक महिला को थप्पड़ मारा है। हालांकि, उपलब्ध वीडियो फुटेज में थप्पड़ मारने की यह घटना स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देती है। बताया गया है कि बैजलपुर निवासी मिथुन कुमार की पत्नी संगीता देवी की सूचना पर बीते मंगलवार की देर शाम को डायल 112 की पुलिस मौके पर पहुंची थी। पुलिस ने पहले पक्ष से घटना की जानकारी लेने के बाद दूसरे पक्ष से पूछताछ शुरू की। इसी दौरान पुलिस और दूसरे पक्ष के लोगों के बीच कहासुनी हो गई, जो बाद में नोकझोंक में बदल गई।
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- औरंगाबाद के उपहारा थाना क्षेत्र स्थित बैजलपुर गांव में डायल 112 की पुलिस टीम और दूसरे पक्ष के लोगों के बीच हुई नोकझोंक का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में एक युवक लगातार यह आरोप लगाता सुनाई दे रहा है कि एक पुलिसकर्मी ने एक महिला को थप्पड़ मारा है। हालांकि, उपलब्ध वीडियो फुटेज में थप्पड़ मारने की यह घटना स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देती है। बताया गया है कि बैजलपुर निवासी मिथुन कुमार की पत्नी संगीता देवी की सूचना पर बीते मंगलवार की देर शाम को डायल 112 की पुलिस मौके पर पहुंची थी। पुलिस ने पहले पक्ष से घटना की जानकारी लेने के बाद दूसरे पक्ष से पूछताछ शुरू की। इसी दौरान पुलिस और दूसरे पक्ष के लोगों के बीच कहासुनी हो गई, जो बाद में नोकझोंक में बदल गई।1
- औरंगाबाद जिले के हसपुरा थाना क्षेत्र में पुलिस प्रशासन द्वारा मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से फ्लैग मार्च निकाला गया। यह मार्च थाना क्षेत्र के अति संवेदनशील स्थानों पर आयोजित किया गया, जहाँ लोगों से शांति और आपसी भाईचारे के साथ पर्व मनाने की अपील की गई।1
- 70वीं बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) परीक्षा में डीएसपी पद पर सफलता प्राप्त कर चयनित हुए रफीगंज प्रखंड के अरथुआ गांव निवासी भरत राम के पुत्र सूर्यप्रकाश कुमार का रफीगंज पहुँचने पर स्थानीय लोगों ने बैंड-बाजे और फूल-मालाओं के साथ भव्य स्वागत किया। इस दौरान उनके समर्थकों और शुभचिंतकों ने खुशी व्यक्त करते हुए मिठाई बांटी और उन्हें बधाई दी। स्थानीय लोगों ने इसे क्षेत्र के लिए गर्व का क्षण बताया और कहा कि सूर्यप्रकाश की सफलता युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी। स्वागत कार्यक्रम के तहत, रफीगंज प्रखंड कार्यालय परिसर में स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर आशीर्वाद लिया गया। इस अवसर पर शिक्षक सुरेन्द्र कुमार, अंबेडकर विचार मंच के अध्यक्ष सह पूर्व उप चेयरमैन हरेंद्र कुमार, दिलकेश्वर राम, रणविजय यादव, संतोष यादव समेत बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे, जिन्होंने सूर्यप्रकाश कुमार के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। अपनी सफलता का श्रेय सूर्यप्रकाश कुमार ने अपने माता-पिता, बड़े भाई और शिक्षकों को दिया। उन्होंने छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निरंतर मेहनत और सही दिशा में अध्ययन करने की सलाह देते हुए कहा कि लगन और कड़ी मेहनत से पढ़ाई करने पर सफलता निश्चित रूप से मिलती है।1
- कोंच प्रखंड संसाधन केंद्र (बीआरसी) में गुरुवार को प्रधानाध्यापक बाली देवदत्त तिवारी की अध्यक्षता में जून माह की मासिक गुरु गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस बैठक में प्रखंड के सभी प्रधानाध्यापकों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया, जहाँ मुख्य रूप से शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार पर विशेष जोर दिया गया। गोष्ठी के दौरान एपीएआर आईडी निर्माण, ई-शिक्षाकोष पर शिक्षक प्रोफाइल अपडेट, इको क्लब के पुनर्गठन, प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग (पीबीएल) तथा आईसीटी लैब के संचालन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। निपुण भारत मिशन और फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमरेसी (एफएलएन) के लक्ष्यों को प्राप्त करने के साथ ही बच्चों के सीखने के स्तर को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। बैठक में यह निर्णय भी लिया गया कि 27 जून को सभी विद्यालयों में विद्यालय प्रबंधन समिति (एसएमसी) और अभिभावक-शिक्षक गोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, एमडीएम परिवर्तन राशि का समय पर भुगतान, आईएफए गोलियों की ऑनलाइन रिपोर्टिंग तथा जीओबी मद के लंबित डीसी बिलों को शीघ्र जमा करने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर नागेंद्र कुमार राही, सुरेश यादव, मोहम्मद राशिद खान, सतेन्द्र कुमार, राजीव रंजन कुमार, सुधीर कुमार, अशोक कुमार एवं डाटा ऑपरेटर मुकेश कुमार सहित अन्य उपस्थित थे।1
- एक व्यक्ति ने अपने भाई के खोने पर गहरा दुख व्यक्त किया है, यह कहते हुए कि वह जानता है कि उसने क्या खोया है। इस भावुक पल में, उसने अपने भाई के हर सपने को पूरा करने का संकल्प लिया है। यह संदेश एक मार्मिक श्रद्धांजलि है, जो मानवता, सम्मान और सहानुभूति के महत्व पर जोर देता है।1
- भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में 25 जून 1975 का दिन एक काले अध्याय के रूप में दर्ज है, जब तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने देश में आपातकाल लागू कर लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक अधिकारों का हनन किया था। इस दौरान अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध लगाया गया, प्रेस की आजादी को कुचल दिया गया, तथा अनेक विपक्षी नेताओं एवं लोकतंत्र सेनानियों को जेलों में बंद कर दिया गया। इसी पृष्ठभूमि में, भारतीय जनता पार्टी ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले जेपी आंदोलन के सेनानियों को सम्मानित करने के उद्देश्य से एक कार्यक्रम आयोजित किया। इस अवसर पर, भाजपा नेताओं ने लोकतंत्र सेनानी और भाजपा के वरिष्ठ नेता अखौरी निरंजन प्रसाद जी को अंगवस्त्र, माला, कलम और डायरी भेंट कर सम्मानित किया। सम्मान करने वालों में भाजपा नेता डॉ. मनीष पंकज मिश्रा, भाजपा प्रदेश कार्य समिति सदस्य राजेंद्र प्रसाद और अधिवक्ता संतोष ठाकुर सहित अन्य भाजपा नेता शामिल थे। इस कार्यक्रम में राणा रणजीत सिंह, गोपाल प्रसाद यादव, दीपक पांडे, महेश यादव, बबलू गुप्ता और विजय प्रसाद उर्फ कालनगराज जैसे अन्य भाजपा नेता भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान, डॉ. मनीष पंकज मिश्रा ने 25 जून को भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला दिन बताते हुए कहा कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने अपनी राजनीतिक विफलताओं और कमियों को छिपाने के लिए देश पर आपातकाल थोपा था। उन्होंने बताया कि इस दौरान लाखों लोकतंत्र सेनानियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विपक्षी नेताओं को जेल भेजकर नागरिकों के मौलिक अधिकारों को समाप्त कर दिया गया था। डॉ. मिश्रा ने आगे कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में चले आंदोलन ने देश में लोकतंत्र की पुनर्स्थापना का मार्ग प्रशस्त किया। उन्होंने नई पीढ़ी को आपातकाल की वास्तविकता से अवगत कराने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि भविष्य में लोकतंत्र और संविधान पर किसी प्रकार का संकट उत्पन्न न हो। वहीं, सम्मानित हुए अखौरी निरंजन प्रसाद ने भाजपा नेताओं, विशेषकर डॉ. मनीष पंकज मिश्रा द्वारा प्रतिवर्ष सम्मानित किए जाने पर गर्व और हार्दिक आभार व्यक्त किया, यह कहते हुए कि उन्हें आज भी उतना ही उत्साह मिलता है जितना 1975 में आंदोलन के समय था।1
- बिहार के राजगीर स्थित मलमास मेले में हुई दुःखद घटना में पिंटू पासवान और श्रवण कुमार की निर्मम हत्या को अत्यंत निंदनीय और हृदयविदारक बताया गया है। इस घटना को कथित तौर पर जातकवादी आतंकवादियों द्वारा अंजाम दिया गया है। आज, बिहार के लोकप्रिय पूर्व मंत्री, बोधगया विधायक और बिहार विधानसभा में मुख्य सचेतक विरोधी दल कुमार सर्वजीत ने पीड़ित परिवारजनों से मुलाकात कर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने पीड़ित परिवार की बात नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव से करवाई और उन्हें सहयोग राशि प्रदान करते हुए हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। कुमार सर्वजीत ने स्थानीय प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से भी बातचीत की है। उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी एवं त्वरित जांच सुनिश्चित करने के साथ-साथ दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है।1
- रफीगंज प्रखंड के चातर गांव स्थित राजकीय मध्य विद्यालय (उर्दू) चातर के पास भगवान वीर कुंवर बाबा के स्थान पर स्थापित प्रतिमा को अज्ञात असामाजिक तत्वों द्वारा क्षतिग्रस्त किए जाने के मामले को लेकर एक शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रखंड विकास पदाधिकारी कुमार अश्विनी, अंचलाधिकारी भारतेंदु सिंह, रफीगंज थानाध्यक्ष शम्भू कुमार, एसआई मिथलेश कुमार, बीस सूत्री अध्यक्ष रफीगंज सुनील कुमार वर्मा, ग्रामीण मंडल अध्यक्ष बबलू सिंह, नगर अध्यक्ष संतोष कुमार साहू, पैक्स अध्यक्ष सह उप मुखिया ओमप्रकाश भारती उर्फ गुड्डू यादव समेत चातर गांव के कई ग्रामीण उपस्थित रहे। बैठक के दौरान प्रशासनिक पदाधिकारियों ने ग्रामीणों से शांति और सौहार्दपूर्ण माहौल बनाए रखने की अपील की, जिस पर ग्रामीणों ने अपनी सहमति व्यक्त की। ग्रामीणों ने घटना में शामिल अज्ञात असामाजिक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि मामले की पूरी जांच कर दोषियों के विरुद्ध विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी और इस संबंध में प्राथमिकी भी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से क्षतिग्रस्त प्रतिमा का तत्काल पुनर्निर्माण करा दिया गया। बैठक के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने क्षेत्र में शांति व्यवस्था और आपसी भाईचारा बनाए रखने का संकल्प लिया। रफीगंज थाना, अंचल और प्रखंड प्रशासन ने ग्रामीणों द्वारा दिए गए सहयोग के लिए उन्हें धन्यवाद ज्ञापित किया।1