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भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में 25 जून 1975 का दिन एक काले अध्याय के रूप में दर्ज है, जब तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने देश में आपातकाल लागू कर लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक अधिकारों का हनन किया था। इस दौरान अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध लगाया गया, प्रेस की आजादी को कुचल दिया गया, तथा अनेक विपक्षी नेताओं एवं लोकतंत्र सेनानियों को जेलों में बंद कर दिया गया। इसी पृष्ठभूमि में, भारतीय जनता पार्टी ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले जेपी आंदोलन के सेनानियों को सम्मानित करने के उद्देश्य से एक कार्यक्रम आयोजित किया। इस अवसर पर, भाजपा नेताओं ने लोकतंत्र सेनानी और भाजपा के वरिष्ठ नेता अखौरी निरंजन प्रसाद जी को अंगवस्त्र, माला, कलम और डायरी भेंट कर सम्मानित किया। सम्मान करने वालों में भाजपा नेता डॉ. मनीष पंकज मिश्रा, भाजपा प्रदेश कार्य समिति सदस्य राजेंद्र प्रसाद और अधिवक्ता संतोष ठाकुर सहित अन्य भाजपा नेता शामिल थे। इस कार्यक्रम में राणा रणजीत सिंह, गोपाल प्रसाद यादव, दीपक पांडे, महेश यादव, बबलू गुप्ता और विजय प्रसाद उर्फ कालनगराज जैसे अन्य भाजपा नेता भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान, डॉ. मनीष पंकज मिश्रा ने 25 जून को भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला दिन बताते हुए कहा कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने अपनी राजनीतिक विफलताओं और कमियों को छिपाने के लिए देश पर आपातकाल थोपा था। उन्होंने बताया कि इस दौरान लाखों लोकतंत्र सेनानियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विपक्षी नेताओं को जेल भेजकर नागरिकों के मौलिक अधिकारों को समाप्त कर दिया गया था। डॉ. मिश्रा ने आगे कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में चले आंदोलन ने देश में लोकतंत्र की पुनर्स्थापना का मार्ग प्रशस्त किया। उन्होंने नई पीढ़ी को आपातकाल की वास्तविकता से अवगत कराने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि भविष्य में लोकतंत्र और संविधान पर किसी प्रकार का संकट उत्पन्न न हो। वहीं, सम्मानित हुए अखौरी निरंजन प्रसाद ने भाजपा नेताओं, विशेषकर डॉ. मनीष पंकज मिश्रा द्वारा प्रतिवर्ष सम्मानित किए जाने पर गर्व और हार्दिक आभार व्यक्त किया, यह कहते हुए कि उन्हें आज भी उतना ही उत्साह मिलता है जितना 1975 में आंदोलन के समय था।

2 hrs ago
user_त्रिलोकी नाथ
त्रिलोकी नाथ
गया टाउन सी.डी.ब्लॉक, गया, बिहार•
2 hrs ago

भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में 25 जून 1975 का दिन एक काले अध्याय के रूप में दर्ज है, जब तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने देश में आपातकाल लागू कर लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक अधिकारों का हनन किया था। इस दौरान अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध लगाया गया, प्रेस की आजादी को कुचल दिया गया, तथा अनेक विपक्षी नेताओं एवं लोकतंत्र सेनानियों को जेलों में बंद कर दिया गया। इसी पृष्ठभूमि में, भारतीय जनता पार्टी ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले जेपी आंदोलन के सेनानियों को सम्मानित करने के उद्देश्य से एक कार्यक्रम आयोजित किया। इस अवसर पर, भाजपा नेताओं ने लोकतंत्र सेनानी और भाजपा के वरिष्ठ नेता अखौरी निरंजन प्रसाद जी को अंगवस्त्र, माला, कलम और डायरी भेंट कर सम्मानित किया। सम्मान करने वालों में भाजपा नेता डॉ. मनीष पंकज मिश्रा, भाजपा प्रदेश कार्य समिति सदस्य राजेंद्र प्रसाद और अधिवक्ता संतोष ठाकुर सहित अन्य भाजपा नेता शामिल थे। इस कार्यक्रम में राणा रणजीत सिंह, गोपाल प्रसाद यादव, दीपक पांडे, महेश यादव, बबलू गुप्ता और विजय प्रसाद उर्फ कालनगराज जैसे अन्य भाजपा नेता भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान, डॉ. मनीष पंकज मिश्रा ने 25 जून को भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला दिन बताते हुए कहा कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने अपनी राजनीतिक विफलताओं और कमियों को छिपाने के लिए देश पर आपातकाल थोपा था। उन्होंने बताया कि इस दौरान लाखों लोकतंत्र सेनानियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विपक्षी नेताओं को जेल भेजकर नागरिकों के मौलिक अधिकारों को समाप्त कर दिया गया था। डॉ. मिश्रा ने आगे कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में चले आंदोलन ने देश में लोकतंत्र की पुनर्स्थापना का मार्ग प्रशस्त किया। उन्होंने नई पीढ़ी को आपातकाल की वास्तविकता से अवगत कराने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि भविष्य में लोकतंत्र और संविधान पर किसी प्रकार का संकट उत्पन्न न हो। वहीं, सम्मानित हुए अखौरी निरंजन प्रसाद ने भाजपा नेताओं, विशेषकर डॉ. मनीष पंकज मिश्रा द्वारा प्रतिवर्ष सम्मानित किए जाने पर गर्व और हार्दिक आभार व्यक्त किया, यह कहते हुए कि उन्हें आज भी उतना ही उत्साह मिलता है जितना 1975 में आंदोलन के समय था।

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  • भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में 25 जून 1975 का दिन एक काले अध्याय के रूप में दर्ज है, जब तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने देश में आपातकाल लागू कर लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक अधिकारों का हनन किया था। इस दौरान अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध लगाया गया, प्रेस की आजादी को कुचल दिया गया, तथा अनेक विपक्षी नेताओं एवं लोकतंत्र सेनानियों को जेलों में बंद कर दिया गया। इसी पृष्ठभूमि में, भारतीय जनता पार्टी ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले जेपी आंदोलन के सेनानियों को सम्मानित करने के उद्देश्य से एक कार्यक्रम आयोजित किया। इस अवसर पर, भाजपा नेताओं ने लोकतंत्र सेनानी और भाजपा के वरिष्ठ नेता अखौरी निरंजन प्रसाद जी को अंगवस्त्र, माला, कलम और डायरी भेंट कर सम्मानित किया। सम्मान करने वालों में भाजपा नेता डॉ. मनीष पंकज मिश्रा, भाजपा प्रदेश कार्य समिति सदस्य राजेंद्र प्रसाद और अधिवक्ता संतोष ठाकुर सहित अन्य भाजपा नेता शामिल थे। इस कार्यक्रम में राणा रणजीत सिंह, गोपाल प्रसाद यादव, दीपक पांडे, महेश यादव, बबलू गुप्ता और विजय प्रसाद उर्फ कालनगराज जैसे अन्य भाजपा नेता भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान, डॉ. मनीष पंकज मिश्रा ने 25 जून को भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला दिन बताते हुए कहा कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने अपनी राजनीतिक विफलताओं और कमियों को छिपाने के लिए देश पर आपातकाल थोपा था। उन्होंने बताया कि इस दौरान लाखों लोकतंत्र सेनानियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विपक्षी नेताओं को जेल भेजकर नागरिकों के मौलिक अधिकारों को समाप्त कर दिया गया था। डॉ. मिश्रा ने आगे कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में चले आंदोलन ने देश में लोकतंत्र की पुनर्स्थापना का मार्ग प्रशस्त किया। उन्होंने नई पीढ़ी को आपातकाल की वास्तविकता से अवगत कराने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि भविष्य में लोकतंत्र और संविधान पर किसी प्रकार का संकट उत्पन्न न हो। वहीं, सम्मानित हुए अखौरी निरंजन प्रसाद ने भाजपा नेताओं, विशेषकर डॉ. मनीष पंकज मिश्रा द्वारा प्रतिवर्ष सम्मानित किए जाने पर गर्व और हार्दिक आभार व्यक्त किया, यह कहते हुए कि उन्हें आज भी उतना ही उत्साह मिलता है जितना 1975 में आंदोलन के समय था।
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    भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में 25 जून 1975 का दिन एक काले अध्याय के रूप में दर्ज है, जब तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने देश में आपातकाल लागू कर लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक अधिकारों का हनन किया था। इस दौरान अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रतिबंध लगाया गया, प्रेस की आजादी को कुचल दिया गया, तथा अनेक विपक्षी नेताओं एवं लोकतंत्र सेनानियों को जेलों में बंद कर दिया गया। इसी पृष्ठभूमि में, भारतीय जनता पार्टी ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले जेपी आंदोलन के सेनानियों को सम्मानित करने के उद्देश्य से एक कार्यक्रम आयोजित किया।

इस अवसर पर, भाजपा नेताओं ने लोकतंत्र सेनानी और भाजपा के वरिष्ठ नेता अखौरी निरंजन प्रसाद जी को अंगवस्त्र, माला, कलम और डायरी भेंट कर सम्मानित किया। सम्मान करने वालों में भाजपा नेता डॉ. मनीष पंकज मिश्रा, भाजपा प्रदेश कार्य समिति सदस्य राजेंद्र प्रसाद और अधिवक्ता संतोष ठाकुर सहित अन्य भाजपा नेता शामिल थे। इस कार्यक्रम में राणा रणजीत सिंह, गोपाल प्रसाद यादव, दीपक पांडे, महेश यादव, बबलू गुप्ता और विजय प्रसाद उर्फ कालनगराज जैसे अन्य भाजपा नेता भी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान, डॉ. मनीष पंकज मिश्रा ने 25 जून को भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला दिन बताते हुए कहा कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने अपनी राजनीतिक विफलताओं और कमियों को छिपाने के लिए देश पर आपातकाल थोपा था। उन्होंने बताया कि इस दौरान लाखों लोकतंत्र सेनानियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विपक्षी नेताओं को जेल भेजकर नागरिकों के मौलिक अधिकारों को समाप्त कर दिया गया था। डॉ. मिश्रा ने आगे कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नेतृत्व में चले आंदोलन ने देश में लोकतंत्र की पुनर्स्थापना का मार्ग प्रशस्त किया। उन्होंने नई पीढ़ी को आपातकाल की वास्तविकता से अवगत कराने की आवश्यकता पर जोर दिया, ताकि भविष्य में लोकतंत्र और संविधान पर किसी प्रकार का संकट उत्पन्न न हो। वहीं, सम्मानित हुए अखौरी निरंजन प्रसाद ने भाजपा नेताओं, विशेषकर डॉ. मनीष पंकज मिश्रा द्वारा प्रतिवर्ष सम्मानित किए जाने पर गर्व और हार्दिक आभार व्यक्त किया, यह कहते हुए कि उन्हें आज भी उतना ही उत्साह मिलता है जितना 1975 में आंदोलन के समय था।
    user_त्रिलोकी नाथ
    त्रिलोकी नाथ
    गया टाउन सी.डी.ब्लॉक, गया, बिहार•
    2 hrs ago
  • बिहार के राजगीर स्थित मलमास मेले में हुई दुःखद घटना में पिंटू पासवान और श्रवण कुमार की निर्मम हत्या को अत्यंत निंदनीय और हृदयविदारक बताया गया है। इस घटना को कथित तौर पर जातकवादी आतंकवादियों द्वारा अंजाम दिया गया है। आज, बिहार के लोकप्रिय पूर्व मंत्री, बोधगया विधायक और बिहार विधानसभा में मुख्य सचेतक विरोधी दल कुमार सर्वजीत ने पीड़ित परिवारजनों से मुलाकात कर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने पीड़ित परिवार की बात नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव से करवाई और उन्हें सहयोग राशि प्रदान करते हुए हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। कुमार सर्वजीत ने स्थानीय प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से भी बातचीत की है। उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी एवं त्वरित जांच सुनिश्चित करने के साथ-साथ दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है।
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    बिहार के राजगीर स्थित मलमास मेले में हुई दुःखद घटना में पिंटू पासवान और श्रवण कुमार की निर्मम हत्या को अत्यंत निंदनीय और हृदयविदारक बताया गया है। इस घटना को कथित तौर पर जातकवादी आतंकवादियों द्वारा अंजाम दिया गया है।

आज, बिहार के लोकप्रिय पूर्व मंत्री, बोधगया विधायक और बिहार विधानसभा में मुख्य सचेतक विरोधी दल कुमार सर्वजीत ने पीड़ित परिवारजनों से मुलाकात कर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने पीड़ित परिवार की बात नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव से करवाई और उन्हें सहयोग राशि प्रदान करते हुए हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया।

कुमार सर्वजीत ने स्थानीय प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से भी बातचीत की है। उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी एवं त्वरित जांच सुनिश्चित करने के साथ-साथ दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है।
    user_Dhiraj KumarGupta repoter
    Dhiraj KumarGupta repoter
    Local News Reporter गया टाउन सी.डी.ब्लॉक, गया, बिहार•
    4 hrs ago
  • ईरान ने अपना अब तक का सबसे भारी समुद्री तेल प्लेटफ़ॉर्म, रेशादात P4, लॉन्च कर दिया है। 6,200 मीट्रिक टन वज़न वाला यह विशाल प्लेटफ़ॉर्म ईरानी इंजीनियरों द्वारा बनाया गया अब तक का सबसे बड़ा और भारी समुद्री तेल प्लेटफ़ॉर्म है। इस प्लेटफ़ॉर्म को पूरी तरह से ईरानी विशेषज्ञों द्वारा ही डिज़ाइन, निर्मित और स्थापित किया गया है। यह उपलब्धि ईरान की स्वदेशी क्षमताओं का एक महत्वपूर्ण प्रमाण है, क्योंकि ऑफशोर तेल प्लेटफ़ॉर्म को पूरी तरह अपने दम पर बनाने की क्षमता दुनिया में केवल कुछ ही देशों के पास है, और अब ईरान भी इस सूची में शामिल हो गया है।
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    ईरान ने अपना अब तक का सबसे भारी समुद्री तेल प्लेटफ़ॉर्म, रेशादात P4, लॉन्च कर दिया है। 6,200 मीट्रिक टन वज़न वाला यह विशाल प्लेटफ़ॉर्म ईरानी इंजीनियरों द्वारा बनाया गया अब तक का सबसे बड़ा और भारी समुद्री तेल प्लेटफ़ॉर्म है। इस प्लेटफ़ॉर्म को पूरी तरह से ईरानी विशेषज्ञों द्वारा ही डिज़ाइन, निर्मित और स्थापित किया गया है।

यह उपलब्धि ईरान की स्वदेशी क्षमताओं का एक महत्वपूर्ण प्रमाण है, क्योंकि ऑफशोर तेल प्लेटफ़ॉर्म को पूरी तरह अपने दम पर बनाने की क्षमता दुनिया में केवल कुछ ही देशों के पास है, और अब ईरान भी इस सूची में शामिल हो गया है।
    user_Ashutosh kumar
    Ashutosh kumar
    Local News Reporter Lakhibag, Manpur•
    15 hrs ago
  • कोंच प्रखंड संसाधन केंद्र (बीआरसी) में गुरुवार को प्रधानाध्यापक बाली देवदत्त तिवारी की अध्यक्षता में जून माह की मासिक गुरु गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस बैठक में प्रखंड के सभी प्रधानाध्यापकों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया, जहाँ मुख्य रूप से शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार पर विशेष जोर दिया गया। गोष्ठी के दौरान एपीएआर आईडी निर्माण, ई-शिक्षाकोष पर शिक्षक प्रोफाइल अपडेट, इको क्लब के पुनर्गठन, प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग (पीबीएल) तथा आईसीटी लैब के संचालन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। निपुण भारत मिशन और फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमरेसी (एफएलएन) के लक्ष्यों को प्राप्त करने के साथ ही बच्चों के सीखने के स्तर को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। बैठक में यह निर्णय भी लिया गया कि 27 जून को सभी विद्यालयों में विद्यालय प्रबंधन समिति (एसएमसी) और अभिभावक-शिक्षक गोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, एमडीएम परिवर्तन राशि का समय पर भुगतान, आईएफए गोलियों की ऑनलाइन रिपोर्टिंग तथा जीओबी मद के लंबित डीसी बिलों को शीघ्र जमा करने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर नागेंद्र कुमार राही, सुरेश यादव, मोहम्मद राशिद खान, सतेन्द्र कुमार, राजीव रंजन कुमार, सुधीर कुमार, अशोक कुमार एवं डाटा ऑपरेटर मुकेश कुमार सहित अन्य उपस्थित थे।
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    कोंच प्रखंड संसाधन केंद्र (बीआरसी) में गुरुवार को प्रधानाध्यापक बाली देवदत्त तिवारी की अध्यक्षता में जून माह की मासिक गुरु गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस बैठक में प्रखंड के सभी प्रधानाध्यापकों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया, जहाँ मुख्य रूप से शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार पर विशेष जोर दिया गया।

गोष्ठी के दौरान एपीएआर आईडी निर्माण, ई-शिक्षाकोष पर शिक्षक प्रोफाइल अपडेट, इको क्लब के पुनर्गठन, प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग (पीबीएल) तथा आईसीटी लैब के संचालन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। निपुण भारत मिशन और फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमरेसी (एफएलएन) के लक्ष्यों को प्राप्त करने के साथ ही बच्चों के सीखने के स्तर को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया।

बैठक में यह निर्णय भी लिया गया कि 27 जून को सभी विद्यालयों में विद्यालय प्रबंधन समिति (एसएमसी) और अभिभावक-शिक्षक गोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, एमडीएम परिवर्तन राशि का समय पर भुगतान, आईएफए गोलियों की ऑनलाइन रिपोर्टिंग तथा जीओबी मद के लंबित डीसी बिलों को शीघ्र जमा करने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर नागेंद्र कुमार राही, सुरेश यादव, मोहम्मद राशिद खान, सतेन्द्र कुमार, राजीव रंजन कुमार, सुधीर कुमार, अशोक कुमार एवं डाटा ऑपरेटर मुकेश कुमार सहित अन्य उपस्थित थे।
    user_नौलेश कुमार
    नौलेश कुमार
    कोंच, गया, बिहार•
    9 hrs ago
  • बिहार के गया जिले में मोहनपुर स्थित चोवारी इलाके के निवासियों ने नदी पर पुल बनाने की पुरजोर माँग की है। उनका आरोप है कि उनकी बातों पर कोई सुनवाई नहीं होती और उन्हें अनदेखा किया जा रहा है। ग्रामीणों ने विशेष रूप से यह शिकायत की है कि उनके विधायक, श्री ज्योति मांझी, उनके गाँव-घर की तरफ आते तक नहीं हैं, जिससे उनकी बुनियादी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
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    बिहार के गया जिले में मोहनपुर स्थित चोवारी इलाके के निवासियों ने नदी पर पुल बनाने की पुरजोर माँग की है। उनका आरोप है कि उनकी बातों पर कोई सुनवाई नहीं होती और उन्हें अनदेखा किया जा रहा है। ग्रामीणों ने विशेष रूप से यह शिकायत की है कि उनके विधायक, श्री ज्योति मांझी, उनके गाँव-घर की तरफ आते तक नहीं हैं, जिससे उनकी बुनियादी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
    user_Abhyash Kushwaha
    Abhyash Kushwaha
    Interior designer मोहनपुर, गया, बिहार•
    9 hrs ago
  • औरंगाबाद के उपहारा थाना क्षेत्र स्थित बैजलपुर गांव में डायल 112 की पुलिस टीम और दूसरे पक्ष के लोगों के बीच हुई नोकझोंक का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में एक युवक लगातार यह आरोप लगाता सुनाई दे रहा है कि एक पुलिसकर्मी ने एक महिला को थप्पड़ मारा है। हालांकि, उपलब्ध वीडियो फुटेज में थप्पड़ मारने की यह घटना स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देती है। बताया गया है कि बैजलपुर निवासी मिथुन कुमार की पत्नी संगीता देवी की सूचना पर बीते मंगलवार की देर शाम को डायल 112 की पुलिस मौके पर पहुंची थी। पुलिस ने पहले पक्ष से घटना की जानकारी लेने के बाद दूसरे पक्ष से पूछताछ शुरू की। इसी दौरान पुलिस और दूसरे पक्ष के लोगों के बीच कहासुनी हो गई, जो बाद में नोकझोंक में बदल गई।
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    औरंगाबाद के उपहारा थाना क्षेत्र स्थित बैजलपुर गांव में डायल 112 की पुलिस टीम और दूसरे पक्ष के लोगों के बीच हुई नोकझोंक का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में एक युवक लगातार यह आरोप लगाता सुनाई दे रहा है कि एक पुलिसकर्मी ने एक महिला को थप्पड़ मारा है। हालांकि, उपलब्ध वीडियो फुटेज में थप्पड़ मारने की यह घटना स्पष्ट रूप से दिखाई नहीं देती है।

बताया गया है कि बैजलपुर निवासी मिथुन कुमार की पत्नी संगीता देवी की सूचना पर बीते मंगलवार की देर शाम को डायल 112 की पुलिस मौके पर पहुंची थी। पुलिस ने पहले पक्ष से घटना की जानकारी लेने के बाद दूसरे पक्ष से पूछताछ शुरू की। इसी दौरान पुलिस और दूसरे पक्ष के लोगों के बीच कहासुनी हो गई, जो बाद में नोकझोंक में बदल गई।
    user_Asutosh Mishra
    Asutosh Mishra
    Local News Reporter गोह, औरंगाबाद, बिहार•
    1 hr ago
  • अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की गया इकाई ने 25 जून को देश के लोकतांत्रिक इतिहास के 'काले अध्याय' माने जाने वाले आपातकाल के 51 वर्ष पूर्ण होने के विरोध में एक विशाल मशाल जुलूस का आयोजन किया। यह जुलूस गया स्थित इस्कॉन मंदिर के मुक्त द्वार से शुरू होकर ए.पी.आर. चौक तक निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, युवाओं और परिषद कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले महान लोकतंत्र सेनानियों को श्रद्धापूर्वक याद किया। इस अवसर पर, परिषद के जिला संयोजक विनायक कुमार ने कहा कि 25 जून 1975 को लगाया गया आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला अध्याय था। उन्होंने बताया कि उस दौरान अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, प्रेस की स्वतंत्रता और नागरिक अधिकारों का व्यापक दमन किया गया, जिसके परिणामस्वरूप हजारों लोकतंत्र सेनानियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और राष्ट्रवादी विचारधारा से जुड़े लोगों को जेलों में बंद कर दिया गया था। कुमार ने इस बात पर जोर दिया कि ABVP हमेशा से लोकतांत्रिक मूल्यों, राष्ट्रीय एकता और संविधान प्रदत्त अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्षरत रही है, और वर्तमान युवा पीढ़ी को आपातकाल के वास्तविक इतिहास से अवगत कराना आवश्यक है, ताकि भविष्य में कोई भी सत्ता लोकतांत्रिक संस्थाओं और नागरिक अधिकारों का हनन करने का साहस न कर सके। वहीं, परिषद के महानगर मंत्री आदित्य मिश्रा ने कहा कि आपातकाल केवल एक राजनीतिक घटना नहीं थी, बल्कि यह भारत की लोकतांत्रिक चेतना पर एक गंभीर प्रहार था। उन्होंने याद दिलाया कि उस समय विद्यार्थियों, युवाओं और आम नागरिकों ने लोकतंत्र की पुनर्स्थापना के लिए संघर्ष किया था, और आज युवा वर्ग के लिए उन संघर्षों को याद रखना तथा राष्ट्रहित एवं लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए सदैव सजग रहना आवश्यक है। मिश्रा ने स्पष्ट किया कि विद्यार्थी परिषद का उद्देश्य केवल छात्रहितों की रक्षा करना ही नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण में युवाओं की सक्रिय एवं सकारात्मक भूमिका सुनिश्चित करना भी है। मशाल जुलूस के दौरान, कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र की रक्षा, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और राष्ट्रीय चेतना से जुड़े विभिन्न नारों के माध्यम से जनमानस को जागरूक किया और यह संकल्प लिया कि वे लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा, राष्ट्रहित एवं छात्रहित के लिए निरंतर संघर्षरत रहेंगे और आपातकाल जैसे काले अध्याय को कभी भुलाने नहीं देंगे। इस कार्यक्रम में परिषद के एसडीएफ प्रांत संयोजक सूरज सिंह, प्रांत छात्रा प्रमुख प्रिया सिंह, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य पवन मिश्रा, विभाग संयोजक मैक्स अवस्थी, जिला संयोजक विनायक सिंह, महानगर मंत्री आदित्य मिश्रा, विशाल दास, लक्ष्मीकांत शर्मा, अंकित सागर, अनीस मिश्रा, हरीश सिंह, चंदन शर्मा, हर्ष मिश्रा, निखिल कुमार, नीरज सिंह, राजल, ऋषभ, सौरभ, पंकज, कमलाक्ष्य, राहुल, रिशु सिंह, मयंक शर्मा, शशिकांत सिंह, अभिषेक, वैष्णवी कुमारी, शिवानी सिंह, मानवी, रोशनी सहित अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता और छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम का उद्देश्य लोकतंत्र की रक्षा हेतु हुए ऐतिहासिक संघर्ष को स्मरण करना और युवा शक्ति को राष्ट्र एवं समाज के प्रति अपने दायित्वों के प्रति जागृत करना था।
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    अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की गया इकाई ने 25 जून को देश के लोकतांत्रिक इतिहास के 'काले अध्याय' माने जाने वाले आपातकाल के 51 वर्ष पूर्ण होने के विरोध में एक विशाल मशाल जुलूस का आयोजन किया। यह जुलूस गया स्थित इस्कॉन मंदिर के मुक्त द्वार से शुरू होकर ए.पी.आर. चौक तक निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, युवाओं और परिषद कार्यकर्ताओं ने भाग लिया और लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले महान लोकतंत्र सेनानियों को श्रद्धापूर्वक याद किया।

इस अवसर पर, परिषद के जिला संयोजक विनायक कुमार ने कहा कि 25 जून 1975 को लगाया गया आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला अध्याय था। उन्होंने बताया कि उस दौरान अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता, प्रेस की स्वतंत्रता और नागरिक अधिकारों का व्यापक दमन किया गया, जिसके परिणामस्वरूप हजारों लोकतंत्र सेनानियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और राष्ट्रवादी विचारधारा से जुड़े लोगों को जेलों में बंद कर दिया गया था। कुमार ने इस बात पर जोर दिया कि ABVP हमेशा से लोकतांत्रिक मूल्यों, राष्ट्रीय एकता और संविधान प्रदत्त अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्षरत रही है, और वर्तमान युवा पीढ़ी को आपातकाल के वास्तविक इतिहास से अवगत कराना आवश्यक है, ताकि भविष्य में कोई भी सत्ता लोकतांत्रिक संस्थाओं और नागरिक अधिकारों का हनन करने का साहस न कर सके।

वहीं, परिषद के महानगर मंत्री आदित्य मिश्रा ने कहा कि आपातकाल केवल एक राजनीतिक घटना नहीं थी, बल्कि यह भारत की लोकतांत्रिक चेतना पर एक गंभीर प्रहार था। उन्होंने याद दिलाया कि उस समय विद्यार्थियों, युवाओं और आम नागरिकों ने लोकतंत्र की पुनर्स्थापना के लिए संघर्ष किया था, और आज युवा वर्ग के लिए उन संघर्षों को याद रखना तथा राष्ट्रहित एवं लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए सदैव सजग रहना आवश्यक है। मिश्रा ने स्पष्ट किया कि विद्यार्थी परिषद का उद्देश्य केवल छात्रहितों की रक्षा करना ही नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण में युवाओं की सक्रिय एवं सकारात्मक भूमिका सुनिश्चित करना भी है। मशाल जुलूस के दौरान, कार्यकर्ताओं ने लोकतंत्र की रक्षा, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और राष्ट्रीय चेतना से जुड़े विभिन्न नारों के माध्यम से जनमानस को जागरूक किया और यह संकल्प लिया कि वे लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा, राष्ट्रहित एवं छात्रहित के लिए निरंतर संघर्षरत रहेंगे और आपातकाल जैसे काले अध्याय को कभी भुलाने नहीं देंगे।

इस कार्यक्रम में परिषद के एसडीएफ प्रांत संयोजक सूरज सिंह, प्रांत छात्रा प्रमुख प्रिया सिंह, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य पवन मिश्रा, विभाग संयोजक मैक्स अवस्थी, जिला संयोजक विनायक सिंह, महानगर मंत्री आदित्य मिश्रा, विशाल दास, लक्ष्मीकांत शर्मा, अंकित सागर, अनीस मिश्रा, हरीश सिंह, चंदन शर्मा, हर्ष मिश्रा, निखिल कुमार, नीरज सिंह, राजल, ऋषभ, सौरभ, पंकज, कमलाक्ष्य, राहुल, रिशु सिंह, मयंक शर्मा, शशिकांत सिंह, अभिषेक, वैष्णवी कुमारी, शिवानी सिंह, मानवी, रोशनी सहित अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता और छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम का उद्देश्य लोकतंत्र की रक्षा हेतु हुए ऐतिहासिक संघर्ष को स्मरण करना और युवा शक्ति को राष्ट्र एवं समाज के प्रति अपने दायित्वों के प्रति जागृत करना था।
    user_त्रिलोकी नाथ
    त्रिलोकी नाथ
    गया टाउन सी.डी.ब्लॉक, गया, बिहार•
    2 hrs ago
  • बिहार के मुजफ्फरपुर में एक भीषण अग्निकांड ने पूरे इलाके को दहला दिया। यह घटना बैरिया स्थित एक कबाड़ गोदाम में हुई, जहाँ अचानक आग लग गई। इस आगजनी में तीन जेसीबी मशीनें पूरी तरह जलकर राख हो गईं।
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    बिहार के मुजफ्फरपुर में एक भीषण अग्निकांड ने पूरे इलाके को दहला दिया। यह घटना बैरिया स्थित एक कबाड़ गोदाम में हुई, जहाँ अचानक आग लग गई। इस आगजनी में तीन जेसीबी मशीनें पूरी तरह जलकर राख हो गईं।
    user_SATISH KUMAR (पत्रकार)
    SATISH KUMAR (पत्रकार)
    स्थानीय समाचार रिपोर्टर Gaya Town C.D.Block, Bihar•
    8 hrs ago
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