राजस्थान के अजमेर जिले के किशनगढ़ में बिना प्रशासनिक स्वीकृति के सार्वजनिक गली की सड़क तोड़कर विद्युत केबल बिछाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में किरण नर्सिंग होम एंड रिसर्च सेंटर की निदेशक डॉ. किरण माला जैन ने उपखंड अधिकारी और नगर परिषद आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर काम पर तत्काल रोक लगाने और जिम्मेदारों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। ज्ञापन में सीधे तौर पर आरोप लगाया गया है कि अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड और संबंधित व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स के मालिकों द्वारा बिना किसी प्रशासनिक मंजूरी के सार्वजनिक गली में विद्युत केबल बिछाने का कार्य किया जा रहा है। इसके अलावा, पुराने बस स्टैंड के जीर्णोद्धार के दौरान बनी नई दीवार के पास विद्युत विभाग द्वारा दो खंभे स्थापित कर कॉम्प्लेक्स को बिजली कनेक्शन देने की तैयारी भी की जा रही है। डॉ. जैन के अनुसार, यह गली पहले करीब 12 फीट चौड़ी थी, लेकिन अतिक्रमण के चलते इसकी चौड़ाई काफी कम हो गई है, जिससे आम लोगों के आवागमन में लगातार परेशानी हो रही है। इस पूरे मामले में एक बड़ा कानूनी पहलू भी शामिल है। दीवानी वाद संख्या 69/2024 एवं 37/2024 (सीआईएस संख्या 68/2024) में न्यायालय द्वारा पहले ही यथास्थिति बनाए रखने के आदेश पारित किए जा चुके हैं। इसके बावजूद सड़क तोड़कर काम किया जाना सीधे तौर पर न्यायालय के आदेशों की अवहेलना है। ज्ञापन के जरिए प्रशासन से पुरजोर मांग की गई है कि सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा, अदालती आदेशों की पालना और आमजन के हितों को ध्यान में रखते हुए इस निर्माण और केबल बिछाने के कार्य को तुरंत रुकवाया जाए तथा निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाए।
राजस्थान के अजमेर जिले के किशनगढ़ में बिना प्रशासनिक स्वीकृति के सार्वजनिक गली की सड़क तोड़कर विद्युत केबल बिछाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में किरण नर्सिंग होम एंड रिसर्च सेंटर की निदेशक डॉ. किरण माला जैन ने उपखंड अधिकारी और नगर परिषद आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर काम पर तत्काल रोक लगाने और जिम्मेदारों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। ज्ञापन में सीधे तौर पर आरोप लगाया गया है कि अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड और संबंधित व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स के मालिकों द्वारा बिना किसी प्रशासनिक मंजूरी के सार्वजनिक गली में विद्युत केबल बिछाने का कार्य किया जा रहा है। इसके अलावा, पुराने बस स्टैंड के जीर्णोद्धार के दौरान बनी नई दीवार के पास विद्युत विभाग द्वारा दो खंभे स्थापित कर कॉम्प्लेक्स को बिजली कनेक्शन देने की तैयारी भी की जा रही है। डॉ. जैन के अनुसार, यह गली पहले करीब 12 फीट चौड़ी थी, लेकिन अतिक्रमण के चलते इसकी चौड़ाई काफी कम हो गई है, जिससे आम लोगों के आवागमन में लगातार परेशानी हो रही है। इस पूरे मामले में एक बड़ा कानूनी पहलू भी शामिल है। दीवानी वाद संख्या 69/2024 एवं 37/2024 (सीआईएस संख्या 68/2024) में न्यायालय द्वारा पहले ही यथास्थिति बनाए रखने के आदेश पारित किए जा चुके हैं। इसके बावजूद सड़क तोड़कर काम किया जाना सीधे तौर पर न्यायालय के आदेशों की अवहेलना है। ज्ञापन के जरिए प्रशासन से पुरजोर मांग की गई है कि सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा, अदालती आदेशों की पालना और आमजन के हितों को ध्यान में रखते हुए इस निर्माण और केबल बिछाने के कार्य को तुरंत रुकवाया जाए तथा निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाए।
- राजस्थान के अजमेर जिले के किशनगढ़ में बिना प्रशासनिक स्वीकृति के सार्वजनिक गली की सड़क तोड़कर विद्युत केबल बिछाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में किरण नर्सिंग होम एंड रिसर्च सेंटर की निदेशक डॉ. किरण माला जैन ने उपखंड अधिकारी और नगर परिषद आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर काम पर तत्काल रोक लगाने और जिम्मेदारों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। ज्ञापन में सीधे तौर पर आरोप लगाया गया है कि अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड और संबंधित व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स के मालिकों द्वारा बिना किसी प्रशासनिक मंजूरी के सार्वजनिक गली में विद्युत केबल बिछाने का कार्य किया जा रहा है। इसके अलावा, पुराने बस स्टैंड के जीर्णोद्धार के दौरान बनी नई दीवार के पास विद्युत विभाग द्वारा दो खंभे स्थापित कर कॉम्प्लेक्स को बिजली कनेक्शन देने की तैयारी भी की जा रही है। डॉ. जैन के अनुसार, यह गली पहले करीब 12 फीट चौड़ी थी, लेकिन अतिक्रमण के चलते इसकी चौड़ाई काफी कम हो गई है, जिससे आम लोगों के आवागमन में लगातार परेशानी हो रही है। इस पूरे मामले में एक बड़ा कानूनी पहलू भी शामिल है। दीवानी वाद संख्या 69/2024 एवं 37/2024 (सीआईएस संख्या 68/2024) में न्यायालय द्वारा पहले ही यथास्थिति बनाए रखने के आदेश पारित किए जा चुके हैं। इसके बावजूद सड़क तोड़कर काम किया जाना सीधे तौर पर न्यायालय के आदेशों की अवहेलना है। ज्ञापन के जरिए प्रशासन से पुरजोर मांग की गई है कि सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा, अदालती आदेशों की पालना और आमजन के हितों को ध्यान में रखते हुए इस निर्माण और केबल बिछाने के कार्य को तुरंत रुकवाया जाए तथा निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाए।1
- मेरठ-हापुड़ क्षेत्र में एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक दुकान से खरीदी गई पानी की सीलबंद बोतल में पानी की जगह खौफनाक तेजाब निकला। पानी समझकर इसका घूंट पीते ही एक स्कूल शिक्षिका का गला और अंदरूनी हिस्सा बुरी तरह झुलस गया। पीड़ित शिक्षिका को गंभीर हालत में मेरठ के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां वह फिलहाल जिंदगी की जंग लड़ रही हैं। इस सनसनीखेज मामले के सामने आने के बाद पुलिस और खाद्य विभाग की टीम इस जांच में जुट गई है कि आखिर सीलबंद बोतल में तेजाब कहां से आया।1
- राजस्थान के अजमेर जिले के विकास को नई गति देते हुए आज करीब ₹880 करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया। इन परियोजनाओं में 'देवली-नसीराबाद फोरलेन सड़क परियोजना' के प्रथम चरण का शिलान्यास भी शामिल है। पिछले ढाई वर्षों में हमारी सरकार प्रदेश में विश्वस्तरीय आधारभूत संरचना के निर्माण को अभूतपूर्व गति देते हुए 'विकसित राजस्थान' के संकल्प को साकार करने की दिशा में निरंतर अग्रसर है।1
- अजमेर में नगर निगम के सफाई कर्मचारियों की हड़ताल समाप्त हो गई है। हड़ताल खत्म होने के साथ ही शहर की सफाई व्यवस्था एक बार फिर पटरी पर लौट आई है।1
- राजस्थान के जयपुर में एलएलबी छात्रा आयुषी शर्मा से जुड़ा मामला लगातार नए मोड़ ले रहा है। अपनी मां की हत्या के मामले में घिरी आयुषी के पिता विजय शर्मा की मौत पर भी अब पुलिस को हत्या का गहरा शक है। पुलिस ने पिता की मौत की दोबारा जांच शुरू कर दी है और मामले की पुरानी फाइल फिर से खोल दी है। आरोप है कि सरकारी नौकरी और संपत्ति हासिल करने के लिए यह कथित साजिश रची गई थी। इस मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए पुलिस अब आयुषी की मानसिक स्थिति का आकलन कराएगी, जिसके लिए मनोवैज्ञानिकों की मदद ली जाएगी। इसके साथ ही, मामले में एक और हैरान करने वाला दावा सामने आया है कि मां की हत्या करने से पहले कथित तौर पर टोना-टोटका भी कराया गया था।1
- अजमेर जिले के किशनगढ़ में एक दर्दनाक सड़क हादसे में 36 वर्षीय रतनी देवी की मौत हो गई। मृतका नलू गांव की निवासी थी और हादसे के वक्त वह नलू से तिलोनिया जा रही थी, तभी रास्ते में एक अज्ञात वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के बाद महिला लहूलुहान हालत में सड़क पर गिर गई। स्थानीय ग्रामीण उन्हें गंभीर अवस्था में जिला वाई एन हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया है। फिलहाल, बांदर सिंधरी थाना पुलिस मामले की जांच में जुटी है और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा।1
- कोटा में बाइक से घूमने निकले तीन दोस्तों को एक तेज रफ्तार ट्रक ने पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में दो दोस्तों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उनका एक साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। यह घटना 10 जुलाई (शुक्रवार) की रात करीब 11:30 बजे कोटा के उद्योग नगर थाना क्षेत्र में कोटा-उदयपुर हाईवे (NH-27) पर धाकड़खेड़ी के पास हुई। हादसे का शिकार होने से थोड़ी देर पहले ही इन दोस्तों ने एक सेल्फी भी ली थी। मृतकों की पहचान उम्मेदगंज (थाना उद्योगनगर) के रहने वाले अभिषेक (19) और मोनू (20) के रूप में हुई है। वहीं, उनका तीसरा दोस्त कालू (21) गंभीर रूप से घायल है, जिसे इलाज के लिए हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। शनिवार को कोटा न्यू मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल की मॉर्च्यूरी में दोनों मृतकों के शवों का पोस्टमॉर्टम करवाया गया।1