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बड़ी खबर! गोला घाट के पास चंपारण तटबंध टूटा, तेज बहाव से बढ़ी बाढ़ की चिंता! 🌊 📝 डिस्क्रिप्शन पश्चिम चंपारण से बड़ी खबर सामने आ रही है। गोला घाट के पास चंपारण तटबंध टूटने की जानकारी सामने आई है। तटबंध टूटने के बाद पानी का तेज बहाव दिखाई दे रहा है और आसपास के इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। मौके की तस्वीरें और ताजा स्थिति इस वीडियो में देखिए। स्थानीय लोगों से अपील है कि प्रशासन की चेतावनी और सुरक्षित स्थानों से जुड़ी जानकारी का पालन करें। बड़ी खबर! गोला घाट के पास चंपारण तटबंध टूटा, तेज बहाव से बढ़ी बाढ़ की चिंता! 🌊 📝 डिस्क्रिप्शन पश्चिम चंपारण से बड़ी खबर सामने आ रही है। गोला घाट के पास चंपारण तटबंध टूटने की जानकारी सामने आई है। तटबंध टूटने के बाद पानी का तेज बहाव दिखाई दे रहा है और आसपास के इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। मौके की तस्वीरें और ताजा स्थिति इस वीडियो में देखिए। स्थानीय लोगों से अपील है कि प्रशासन की चेतावनी और सुरक्षित स्थानों से जुड़ी जानकारी का पालन करें।

5 hrs ago
user_M.A.P NETWORK
M.A.P NETWORK
Local News Reporter पश्चिम चंपारण, पश्चिम चंपारण, बिहार•
5 hrs ago

बड़ी खबर! गोला घाट के पास चंपारण तटबंध टूटा, तेज बहाव से बढ़ी बाढ़ की चिंता! 🌊 📝 डिस्क्रिप्शन पश्चिम चंपारण से बड़ी खबर सामने आ रही है। गोला घाट के पास चंपारण तटबंध टूटने की जानकारी सामने आई है। तटबंध टूटने के बाद पानी का तेज बहाव दिखाई दे रहा है और आसपास के इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। मौके की तस्वीरें और ताजा स्थिति इस वीडियो में देखिए। स्थानीय लोगों से अपील है कि प्रशासन की चेतावनी और सुरक्षित स्थानों से जुड़ी जानकारी का पालन करें। बड़ी खबर! गोला घाट के पास चंपारण तटबंध टूटा, तेज बहाव से बढ़ी बाढ़ की चिंता! 🌊 📝 डिस्क्रिप्शन पश्चिम चंपारण से बड़ी खबर सामने आ रही है। गोला घाट के पास चंपारण तटबंध टूटने की जानकारी सामने आई है। तटबंध टूटने के बाद पानी का तेज बहाव दिखाई दे रहा है और आसपास के इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। मौके की तस्वीरें और ताजा स्थिति इस वीडियो में देखिए। स्थानीय लोगों से अपील है कि प्रशासन की चेतावनी और सुरक्षित स्थानों से जुड़ी जानकारी का पालन करें।

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  • बड़ी खबर! गोला घाट के पास चंपारण तटबंध टूटा, तेज बहाव से बढ़ी बाढ़ की चिंता! 🌊 📝 डिस्क्रिप्शन पश्चिम चंपारण से बड़ी खबर सामने आ रही है। गोला घाट के पास चंपारण तटबंध टूटने की जानकारी सामने आई है। तटबंध टूटने के बाद पानी का तेज बहाव दिखाई दे रहा है और आसपास के इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। मौके की तस्वीरें और ताजा स्थिति इस वीडियो में देखिए। स्थानीय लोगों से अपील है कि प्रशासन की चेतावनी और सुरक्षित स्थानों से जुड़ी जानकारी का पालन करें। बड़ी खबर! गोला घाट के पास चंपारण तटबंध टूटा, तेज बहाव से बढ़ी बाढ़ की चिंता! 🌊 📝 डिस्क्रिप्शन पश्चिम चंपारण से बड़ी खबर सामने आ रही है। गोला घाट के पास चंपारण तटबंध टूटने की जानकारी सामने आई है। तटबंध टूटने के बाद पानी का तेज बहाव दिखाई दे रहा है और आसपास के इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। मौके की तस्वीरें और ताजा स्थिति इस वीडियो में देखिए। स्थानीय लोगों से अपील है कि प्रशासन की चेतावनी और सुरक्षित स्थानों से जुड़ी जानकारी का पालन करें।
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    बड़ी खबर! गोला घाट के पास चंपारण तटबंध टूटा, तेज बहाव से बढ़ी बाढ़ की चिंता! 🌊
📝 डिस्क्रिप्शन
पश्चिम चंपारण से बड़ी खबर सामने आ रही है। गोला घाट के पास चंपारण तटबंध टूटने की जानकारी सामने आई है। तटबंध टूटने के बाद पानी का तेज बहाव दिखाई दे रहा है और आसपास के इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
मौके की तस्वीरें और ताजा स्थिति इस वीडियो में देखिए। स्थानीय लोगों से अपील है कि प्रशासन की चेतावनी और सुरक्षित स्थानों से जुड़ी जानकारी का पालन करें।

बड़ी खबर! गोला घाट के पास चंपारण तटबंध टूटा, तेज बहाव से बढ़ी बाढ़ की चिंता! 🌊
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पश्चिम चंपारण से बड़ी खबर सामने आ रही है। गोला घाट के पास चंपारण तटबंध टूटने की जानकारी सामने आई है। तटबंध टूटने के बाद पानी का तेज बहाव दिखाई दे रहा है और आसपास के इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
मौके की तस्वीरें और ताजा स्थिति इस वीडियो में देखिए। स्थानीय लोगों से अपील है कि प्रशासन की चेतावनी और सुरक्षित स्थानों से जुड़ी जानकारी का पालन करें।
    user_M.A.P NETWORK
    M.A.P NETWORK
    Local News Reporter पश्चिम चंपारण, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    5 hrs ago
  • योगापट्टी के गोलाघाट डुमरी में बांध टूटा, बाढ़ का खतरा बढ़ा योगापट्टी (पश्चिम चंपारण)। योगापट्टी प्रखंड क्षेत्र के गोलाघाट डुमरी में बांध टूटने से इलाके में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। बांध टूटने के बाद पानी तेजी से फैलने लगा है, जिससे आसपास के गांवों में पानी घुसने की आशंका बनी हुई है। घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों में चिंता का माहौल है। लोगों को अपने घरों और सामान की सुरक्षा की चिंता सता रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू कराने की मांग की है। वहीं, बांध टूटने से प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर नजर रखना जरूरी हो
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    योगापट्टी के गोलाघाट डुमरी में बांध टूटा, बाढ़ का खतरा बढ़ा
योगापट्टी (पश्चिम चंपारण)। योगापट्टी प्रखंड क्षेत्र के गोलाघाट डुमरी में बांध टूटने से इलाके में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। बांध टूटने के बाद पानी तेजी से फैलने लगा है, जिससे आसपास के गांवों में पानी घुसने की आशंका बनी हुई है। घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों में चिंता का माहौल है। लोगों को अपने घरों और सामान की सुरक्षा की चिंता सता रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू कराने की मांग की है। वहीं, बांध टूटने से प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर नजर रखना जरूरी हो
    user_Niraj Raj
    Niraj Raj
    बैरिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    7 hrs ago
  • जिला स्तरीय विद्यालय खेल प्रतियोगिता 2026 का तीन दिवसीय आयोजन मंगलवार से शुरू हुआ। 29 September. जिला खेल पदाधिकारी माननीय श्री राकेश कुमार ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। 29.09.2026.
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    जिला स्तरीय विद्यालय खेल प्रतियोगिता 2026 का तीन दिवसीय आयोजन मंगलवार से शुरू हुआ।        29 September.
जिला खेल पदाधिकारी माननीय श्री राकेश कुमार ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।  29.09.2026.
    user_Vivek Kumar
    Vivek Kumar
    Teacher बेतिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    7 hrs ago
  • बाढ़ के मुद्दे पर जिला समहरणालय मे धरने पर बैठे भाजपा विधायक जिले के अधिकारियो से नाराज दिखे भाजपा विधायक उन्होंने मुख्यमंत्री के आने तक धरने पर रहने की बात कही
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    बाढ़ के मुद्दे पर जिला समहरणालय मे धरने पर बैठे भाजपा विधायक 
जिले के अधिकारियो से नाराज दिखे भाजपा विधायक 
उन्होंने मुख्यमंत्री के आने तक धरने पर रहने की बात कही
    user_Manish Kumar Social Worker
    Manish Kumar Social Worker
    Insurance Agent बेतिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    7 hrs ago
  • नारायणी के कहर के बीच मुख्यमंत्री का कुशीनगर दौरा कटान स्थल का हवाई सर्वे, राहत शिविर में बाढ़ पीड़ितों से संवाद; 5 हजार सूखा राशन किट और त्वरित मुआवजे के निर्देश नारायणी के कहर के बीच मुख्यमंत्री का कुशीनगर दौरा कटान स्थल का हवाई सर्वे, राहत शिविर में बाढ़ पीड़ितों से संवाद; 5 हजार सूखा राशन किट और त्वरित मुआवजे के निर्देश 🔴 जनहानि पर ₹4 लाख तत्काल सहायता, पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों के पात्र परिवारों को आवास योजना का लाभ 🔴 फसल क्षति का 15 दिन में पारदर्शी सर्वे, किसानों को शीघ्र मुआवजे के निर्देश 🔴 एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएसी की फ्लड यूनिट राहत-बचाव में तैनात नारायणी नदी के बढ़े जलप्रवाह और तटबंधों पर बने दबाव के बीच मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुशीनगर पहुंचकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का स्थलीय जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने पहले तटबंध कटान स्थल का हवाई सर्वेक्षण किया और इसके बाद सड़क मार्ग से प्रभावित ग्राम जवही दयाल स्थित पंचायत भवन/राहत शिविर पहुंचे। यहां उन्होंने बाढ़ पीड़ितों का कुशलक्षेम जाना तथा राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने राहत सामग्री वितरण स्थल पर प्रभावित नागरिकों से संवाद करते हुए कहा कि आपदा की इस घड़ी में प्रदेश सरकार प्रत्येक प्रभावित परिवार के साथ पूरी मजबूती और संवेदनशीलता से खड़ी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राहत कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो और सहायता अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। अचानक बढ़ा नदी का जलप्रवाह मुख्यमंत्री के अनुसार प्रदेश, देश के विभिन्न हिस्सों तथा नेपाल में हुई मूसलाधार बारिश के कारण पिछले चार दिनों में नारायणी नदी का जलप्रवाह सामान्य 3 से 4 लाख क्यूसेक से बढ़कर करीब 5.5 लाख क्यूसेक तक पहुंच गया। बढ़े जलप्रवाह के दबाव से तटबंध क्षतिग्रस्त हुए और कई गांवों में जलभराव की स्थिति बनी। राहत-बचाव के लिए टीमें मैदान में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में एनडीआरएफ की दो, एसडीआरएफ की दो टीमें तथा पीएसी की फ्लड यूनिट राहत एवं बचाव कार्य में लगाई गई हैं। मुख्यमंत्री ने जलमग्न और बेघर हुए लोगों को सुरक्षित राहत शिविरों में पहुंचाने तथा वहां गुणवत्तापूर्ण भोजन, स्वच्छ पेयजल और जनरेटर से 24 घंटे प्रकाश की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रभावित परिवारों के लिए 5,000 सूखा राशन किट की व्यवस्था की गई है। प्रत्येक किट का वजन करीब 50 किलोग्राम बताया गया है, जिसमें चावल, आटा, आलू, दाल, तेल, मसाले, नमक, लाई, चना, बाल्टी समेत दैनिक उपयोग की करीब 35 प्रकार की सामग्री शामिल है। जनहानि पर चार लाख, मकान क्षति पर सहायता मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा में जनहानि होने पर प्रभावित परिवार को ₹4 लाख की तत्काल आर्थिक सहायता दी जाएगी। पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों के पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना अथवा मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत पक्का आवास उपलब्ध कराया जाएगा। आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों की मरम्मत के लिए भी नियमानुसार आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए गए। किसानों की फसल का 15 दिन में सर्वे बाढ़ से धान, गन्ना और सब्जियों की फसलों को हुए नुकसान को लेकर मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को प्रभावित क्षेत्रों का 15 दिन के भीतर पारदर्शी सर्वे कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पात्र किसानों को राहत राशि उपलब्ध कराने में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। बीमारी और सांप के खतरे से निपटने की तैयारी बाढ़ का पानी उतरने के बाद जलजनित बीमारियों की आशंका को देखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में अगले 5-6 दिनों तक नियमित स्वास्थ्य शिविर लगाने के निर्देश दिए गए हैं। सभी पीएचसी और सीएचसी पर एंटी स्नेक वेनम और एंटी रेबीज वैक्सीन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है। नारायणी के दीर्घकालिक समाधान पर जोर मुख्यमंत्री ने सिंचाई विभाग को क्षतिग्रस्त तटबंधों की तत्काल मरम्मत के साथ भविष्य की सुरक्षा के लिए उनके स्थायी सुदृढ़ीकरण के निर्देश दिए। साथ ही नारायणी नदी की ड्रेजिंग और चैनलाइजेशन के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है। मुख्यमंत्री के निर्देश के अनुसार जल शक्ति मंत्री और प्रमुख सचिव सिंचाई के स्तर से ऐसी कार्ययोजना तैयार की जाएगी, जिससे नदी की गहराई बढ़ाने, जलप्रवाह को सुगम बनाने और नदी में जमा सिल्ट के समुचित उपयोग की दिशा में दीर्घकालिक समाधान विकसित किया जा सके। रात में सूचना मिलते ही अधिकारियों को भेजा था मौके पर प्रशासन के अनुसार मुख्यमंत्री को सोमवार रात ही तटबंध कटान की जानकारी मिल गई थी। इसके बाद उन्होंने मंडलायुक्त, एडीजी समेत संबंधित अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। निर्देश के क्रम में प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर राहत-बचाव और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि मौसम साफ होने के साथ स्थिति तेजी से सामान्य होगी तथा शासन-प्रशासन का पूरा तंत्र प्रभावित लोगों तक सहायता पहुंचाने के लिए सक्रिय रहेगा। इस दौरान सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह, सांसद शशांक मणि त्रिपाठी, सांसद विजय कुमार दुबे, विधायक डॉ. असीम कुमार राय, विधायक सुरेंद्र सिंह कुशवाहा, विधायक पी.एन. पाठक, भाजपा जिलाध्यक्ष दुर्गेश राय, राजेश्वर सिंह, प्रमुख सचिव सिंचाई, गोरखपुर मंडल के आयुक्त इंद्र विक्रम सिंह, एडीजी रामकुमार, जिलाधिकारी संजय चौहान, पुलिस अधीक्षक सहित जनपद स्तरीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
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    नारायणी के कहर के बीच मुख्यमंत्री का कुशीनगर दौरा

कटान स्थल का हवाई सर्वे, राहत शिविर में बाढ़ पीड़ितों से संवाद; 5 हजार सूखा राशन किट और त्वरित मुआवजे के निर्देश
नारायणी के कहर के बीच मुख्यमंत्री का कुशीनगर दौरा
कटान स्थल का हवाई सर्वे, राहत शिविर में बाढ़ पीड़ितों से संवाद; 5 हजार सूखा राशन किट और त्वरित मुआवजे के निर्देश
🔴 जनहानि पर ₹4 लाख तत्काल सहायता, पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों के पात्र परिवारों को आवास योजना का लाभ
🔴 फसल क्षति का 15 दिन में पारदर्शी सर्वे, किसानों को शीघ्र मुआवजे के निर्देश
🔴 एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और पीएसी की फ्लड यूनिट राहत-बचाव में तैनात
नारायणी नदी के बढ़े जलप्रवाह और तटबंधों पर बने दबाव के बीच मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुशीनगर पहुंचकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का स्थलीय जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने पहले तटबंध कटान स्थल का हवाई सर्वेक्षण किया और इसके बाद सड़क मार्ग से प्रभावित ग्राम जवही दयाल स्थित पंचायत भवन/राहत शिविर पहुंचे। यहां उन्होंने बाढ़ पीड़ितों का कुशलक्षेम जाना तथा राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने राहत सामग्री वितरण स्थल पर प्रभावित नागरिकों से संवाद करते हुए कहा कि आपदा की इस घड़ी में प्रदेश सरकार प्रत्येक प्रभावित परिवार के साथ पूरी मजबूती और संवेदनशीलता से खड़ी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राहत कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो और सहायता अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
अचानक बढ़ा नदी का जलप्रवाह
मुख्यमंत्री के अनुसार प्रदेश, देश के विभिन्न हिस्सों तथा नेपाल में हुई मूसलाधार बारिश के कारण पिछले चार दिनों में नारायणी नदी का जलप्रवाह सामान्य 3 से 4 लाख क्यूसेक से बढ़कर करीब 5.5 लाख क्यूसेक तक पहुंच गया। बढ़े जलप्रवाह के दबाव से तटबंध क्षतिग्रस्त हुए और कई गांवों में जलभराव की स्थिति बनी।
राहत-बचाव के लिए टीमें मैदान में
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में एनडीआरएफ की दो, एसडीआरएफ की दो टीमें तथा पीएसी की फ्लड यूनिट राहत एवं बचाव कार्य में लगाई गई हैं। मुख्यमंत्री ने जलमग्न और बेघर हुए लोगों को सुरक्षित राहत शिविरों में पहुंचाने तथा वहां गुणवत्तापूर्ण भोजन, स्वच्छ पेयजल और जनरेटर से 24 घंटे प्रकाश की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
प्रभावित परिवारों के लिए 5,000 सूखा राशन किट की व्यवस्था की गई है। प्रत्येक किट का वजन करीब 50 किलोग्राम बताया गया है, जिसमें चावल, आटा, आलू, दाल, तेल, मसाले, नमक, लाई, चना, बाल्टी समेत दैनिक उपयोग की करीब 35 प्रकार की सामग्री शामिल है।
जनहानि पर चार लाख, मकान क्षति पर सहायता
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा में जनहानि होने पर प्रभावित परिवार को ₹4 लाख की तत्काल आर्थिक सहायता दी जाएगी। पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों के पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना अथवा मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत पक्का आवास उपलब्ध कराया जाएगा। आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकानों की मरम्मत के लिए भी नियमानुसार आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए गए।
किसानों की फसल का 15 दिन में सर्वे
बाढ़ से धान, गन्ना और सब्जियों की फसलों को हुए नुकसान को लेकर मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को प्रभावित क्षेत्रों का 15 दिन के भीतर पारदर्शी सर्वे कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पात्र किसानों को राहत राशि उपलब्ध कराने में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए।
बीमारी और सांप के खतरे से निपटने की तैयारी
बाढ़ का पानी उतरने के बाद जलजनित बीमारियों की आशंका को देखते हुए प्रभावित क्षेत्रों में अगले 5-6 दिनों तक नियमित स्वास्थ्य शिविर लगाने के निर्देश दिए गए हैं। सभी पीएचसी और सीएचसी पर एंटी स्नेक वेनम और एंटी रेबीज वैक्सीन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है।
नारायणी के दीर्घकालिक समाधान पर जोर
मुख्यमंत्री ने सिंचाई विभाग को क्षतिग्रस्त तटबंधों की तत्काल मरम्मत के साथ भविष्य की सुरक्षा के लिए उनके स्थायी सुदृढ़ीकरण के निर्देश दिए। साथ ही नारायणी नदी की ड्रेजिंग और चैनलाइजेशन के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया है।
मुख्यमंत्री के निर्देश के अनुसार जल शक्ति मंत्री और प्रमुख सचिव सिंचाई के स्तर से ऐसी कार्ययोजना तैयार की जाएगी, जिससे नदी की गहराई बढ़ाने, जलप्रवाह को सुगम बनाने और नदी में जमा सिल्ट के समुचित उपयोग की दिशा में दीर्घकालिक समाधान विकसित किया जा सके।
रात में सूचना मिलते ही अधिकारियों को भेजा था मौके पर
प्रशासन के अनुसार मुख्यमंत्री को सोमवार रात ही तटबंध कटान की जानकारी मिल गई थी। इसके बाद उन्होंने मंडलायुक्त, एडीजी समेत संबंधित अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। निर्देश के क्रम में प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर राहत-बचाव और सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि मौसम साफ होने के साथ स्थिति तेजी से सामान्य होगी तथा शासन-प्रशासन का पूरा तंत्र प्रभावित लोगों तक सहायता पहुंचाने के लिए सक्रिय रहेगा।
इस दौरान सिंचाई एवं जल संसाधन मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह, सांसद शशांक मणि त्रिपाठी, सांसद विजय कुमार दुबे, विधायक डॉ. असीम कुमार राय, विधायक सुरेंद्र सिंह कुशवाहा, विधायक पी.एन. पाठक, भाजपा जिलाध्यक्ष दुर्गेश राय, राजेश्वर सिंह, प्रमुख सचिव सिंचाई, गोरखपुर मंडल के आयुक्त इंद्र विक्रम सिंह, एडीजी रामकुमार, जिलाधिकारी संजय चौहान, पुलिस अधीक्षक सहित जनपद स्तरीय अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
    user_Pawan Mishra india ahead english hindi news chainal
    Pawan Mishra india ahead english hindi news chainal
    पडरौना, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुशीनगर में बाढ़ प्रभावित इलाकों का किया हवाई सर्वेक्षण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुशीनगर में बाढ़ प्रभावित इलाकों का किया हवाई सर्वेक्षण
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    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुशीनगर में बाढ़ प्रभावित इलाकों का किया हवाई सर्वेक्षण
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुशीनगर में बाढ़ प्रभावित इलाकों का किया हवाई सर्वेक्षण
    user_Salma khatoon
    Salma khatoon
    Audio visual consultant पडरौना, कुशी नगर, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • फुलिखांड में टूटा चंपारण तटबंध, नौतन के कई गांवों में घुसा बाढ़ का पानी! गंडक की धारा ने बदली दिशा, शिवराजपुर से बनकटवा तक बढ़ा बाढ़ का खतरा—लोगों में दहशत नौतन से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर और पानी के दबाव के बीच फुलिखांड के पास चंपारण तटबंध टूट गया है। तटबंध टूटते ही गंडक नदी की धारा नौतन इलाके की ओर मुड़ गई और आसपास के कई गांवों में बाढ़ का पानी तेजी से फैलने लगा है। तटबंध टूटने का असर शिवराजपुर के श्यामपुर, बैजू भगत टोला, बनकटवा समेत कई गांवों में दिखाई देने लगा है। लगातार बढ़ते पानी को देखकर ग्रामीणों में अफरातफरी और दहशत का माहौल है। सबसे बड़ी चिंता किसानों की है। तटबंध के पूरब दिशा में सैकड़ों एकड़ में लगी धान की फसल पानी में डूबने के खतरे में है। खेतों में तेजी से फैल रहे पानी को देखकर किसान मायूस नजर आ रहे हैं। हालांकि, बनकटवा मुख्य मार्ग पर फिलहाल बाढ़ का पानी नहीं चढ़ा है, लेकिन जिस तेजी से पानी फैल रहा है, उससे लोगों की चिंता बढ़ गई है। बाढ़ के बढ़ते खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित ऊंचे स्थानों पर चले जाने की अपील की है। प्रशासन की ओर से लोगों को किसी भी स्थिति में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। वहीं, तटबंध टूटने की खबर मिलते ही डबरिया, तेलुआ, गहिरी समेत कई गांवों के लोग चंपारण तटबंध पर पहुंच गए हैं। लोग गंडक नदी के रौद्र रूप को अपनी आंखों से देख रहे हैं और आगे की स्थिति को लेकर चिंतित हैं। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर पानी का दबाव इसी तरह बढ़ता रहा, तो नौतन के और कितने गांव इसकी चपेट में आएंगे? प्रशासन की निगाह स्थिति पर बनी हुई है और ग्रामीणों को सतर्क रहने को कहा गया है।
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    फुलिखांड में टूटा चंपारण तटबंध, नौतन के कई गांवों में घुसा बाढ़ का पानी!
गंडक की धारा ने बदली दिशा, शिवराजपुर से बनकटवा तक बढ़ा बाढ़ का खतरा—लोगों में दहशत
नौतन से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां गंडक नदी के बढ़ते जलस्तर और पानी के दबाव के बीच फुलिखांड के पास चंपारण तटबंध टूट गया है। तटबंध टूटते ही गंडक नदी की धारा नौतन इलाके की ओर मुड़ गई और आसपास के कई गांवों में बाढ़ का पानी तेजी से फैलने लगा है।
तटबंध टूटने का असर शिवराजपुर के श्यामपुर, बैजू भगत टोला, बनकटवा समेत कई गांवों में दिखाई देने लगा है। लगातार बढ़ते पानी को देखकर ग्रामीणों में अफरातफरी और दहशत का माहौल है।
सबसे बड़ी चिंता किसानों की है। तटबंध के पूरब दिशा में सैकड़ों एकड़ में लगी धान की फसल पानी में डूबने के खतरे में है। खेतों में तेजी से फैल रहे पानी को देखकर किसान मायूस नजर आ रहे हैं।
हालांकि, बनकटवा मुख्य मार्ग पर फिलहाल बाढ़ का पानी नहीं चढ़ा है, लेकिन जिस तेजी से पानी फैल रहा है, उससे लोगों की चिंता बढ़ गई है।
बाढ़ के बढ़ते खतरे को देखते हुए जिला प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और सुरक्षित ऊंचे स्थानों पर चले जाने की अपील की है। प्रशासन की ओर से लोगों को किसी भी स्थिति में सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
वहीं, तटबंध टूटने की खबर मिलते ही डबरिया, तेलुआ, गहिरी समेत कई गांवों के लोग चंपारण तटबंध पर पहुंच गए हैं। लोग गंडक नदी के रौद्र रूप को अपनी आंखों से देख रहे हैं और आगे की स्थिति को लेकर चिंतित हैं।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि अगर पानी का दबाव इसी तरह बढ़ता रहा, तो नौतन के और कितने गांव इसकी चपेट में आएंगे? प्रशासन की निगाह स्थिति पर बनी हुई है और ग्रामीणों को सतर्क रहने को कहा गया है।
    user_S9 Bihar
    S9 Bihar
    News Anchor बेतिया, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    9 hrs ago
  • बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के गोलाघाट के पास चंपारण बांध टूटने की खबर से इलाके में चिंता बढ़ गई है। बांध के आसपास के क्षेत्रों में पानी फैलने और बाढ़ के खतरे को लेकर लोग चिंतित हैं। क्या इस पानी का असर बेतिया क्षेत्र पर भी पड़ सकता है? आसपास के गांवों और निचले इलाकों में रहने वाले लोग सतर्क रहें। प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थान पर जाएं। 📍 स्थान: गोलाघाट, पश्चिम चंपारण, बिहार 🚨 इस खबर को अपने क्षेत्र के लोगों तक शेयर करें, ताकि सभी लोग सतर्क रहें। महत्वपूर्ण सूचना: बांध टूटने, पानी के बहाव और बेतिया क्षेत्र में संभावित खतरे की पुष्टि स्थानीय प्रशासन के आधिकारिक अपडेट से जरूर करें। बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के गोलाघाट के पास चंपारण बांध टूटने की खबर से इलाके में चिंता बढ़ गई है। बांध के आसपास के क्षेत्रों में पानी फैलने और बाढ़ के खतरे को लेकर लोग चिंतित हैं। क्या इस पानी का असर बेतिया क्षेत्र पर भी पड़ सकता है? आसपास के गांवों और निचले इलाकों में रहने वाले लोग सतर्क रहें। प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थान पर जाएं। 📍 स्थान: गोलाघाट, पश्चिम चंपारण, बिहार 🚨 इस खबर को अपने क्षेत्र के लोगों तक शेयर करें, ताकि सभी लोग सतर्क रहें। महत्वपूर्ण सूचना: बांध टूटने, पानी के बहाव और बेतिया क्षेत्र में संभावित खतरे की पुष्टि स्थानीय प्रशासन के आधिकारिक अपडेट से जरूर
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    बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के गोलाघाट के पास चंपारण बांध टूटने की खबर से इलाके में चिंता बढ़ गई है। बांध के आसपास के क्षेत्रों में पानी फैलने और बाढ़ के खतरे को लेकर लोग चिंतित हैं।

क्या इस पानी का असर बेतिया क्षेत्र पर भी पड़ सकता है? आसपास के गांवों और निचले इलाकों में रहने वाले लोग सतर्क रहें। प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थान पर जाएं।

📍 स्थान: गोलाघाट, पश्चिम चंपारण, बिहार

🚨 इस खबर को अपने क्षेत्र के लोगों तक शेयर करें, ताकि सभी लोग सतर्क रहें।

महत्वपूर्ण सूचना: बांध टूटने, पानी के बहाव और बेतिया क्षेत्र में संभावित खतरे की पुष्टि स्थानीय प्रशासन के आधिकारिक अपडेट से जरूर करें।

बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के गोलाघाट के पास चंपारण बांध टूटने की खबर से इलाके में चिंता बढ़ गई है। बांध के आसपास के क्षेत्रों में पानी फैलने और बाढ़ के खतरे को लेकर लोग चिंतित हैं।
क्या इस पानी का असर बेतिया क्षेत्र पर भी पड़ सकता है? आसपास के गांवों और निचले इलाकों में रहने वाले लोग सतर्क रहें। प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थान पर जाएं।
📍 स्थान: गोलाघाट, पश्चिम चंपारण, बिहार
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महत्वपूर्ण सूचना: बांध टूटने, पानी के बहाव और बेतिया क्षेत्र में संभावित खतरे की पुष्टि स्थानीय प्रशासन के आधिकारिक अपडेट से जरूर
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    Local News Reporter पश्चिम चंपारण, पश्चिम चंपारण, बिहार•
    7 hrs ago
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