शुभ सोमवार के पावन अवसर पर धूमेश्वर धाम के सिद्ध तीर्थ स्थल के दर्शन और फिर महाराज जी के श्रीमुख से महाशिवरात्रि जैसे महान पर्व का भावपूर्ण एवं आध्यात्मिक विवेचन—यह अनुभव मन, बुद्धि और आत्मा तीनों को स्पर्श करने वाला होता है। महाशिवरात्रि केवल एक पर्व नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, तप, साधना और शिव-तत्व से एकाकार होने का महापर्व है। महाराज जी की वाणी में जब शिव-तत्व का वर्णन होता है, तो वह केवल सुनने का विषय नहीं रहता, बल्कि अंतःकरण में उतरकर चेतना को जागृत कर देता है। यह हमारा सौभाग्य निश्चित ही - पूर्व पुण्यों का फल -और आगामी जीवन के लिए शिव कृपा का संकेत है। शुभ सोमवार पर धूमेश्वर धाम में शिव-चेतना का दिव्य अनुभव शुभ सोमवार का दिन अपने आप में भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत पावन माना गया है। ऐसे पवित्र अवसर पर धूमेश्वर धाम के सिद्ध तीर्थ स्थल के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त होना, साधारण घटना नहीं बल्कि शिव कृपा का साक्षात् अनुभव है। धूमेश्वर धाम केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि वह आध्यात्मिक केंद्र है जहाँ आस्था को ऊर्जा, मन को शांति, और आत्मा को दिशा प्राप्त होती है। यहाँ की पावन भूमि पर कदम रखते ही मन स्वतः ही संसारिक बंधनों से मुक्त होकर शिव-तत्व में लीन होने लगता है। इस अवसर पर महाराज जी के श्रीमुख से महाशिवरात्रि के महापर्व पर हुआ विस्तृत आध्यात्मिक चिंतन अत्यंत प्रेरणादायी रहा। महाराज जी ने बताया कि महाशिवरात्रि केवल उपवास और पूजा का दिन नहीं, बल्कि अहंकार के विसर्जन अज्ञान से ज्ञान की ओर यात्रा और जीव से शिव बनने की साधना का पर्व है। महाशिवरात्रि की रात्रि वह दिव्य समय होती है, जब सृष्टि की ऊर्जा शिव-तत्व की ओर प्रवाहित होती है। इस रात्रि में जागरण, ध्यान और मंत्र जाप से मनुष्य अपने भीतर स्थित शिव को अनुभव कर सकता है। महाराज जी की वाणी ने यह स्पष्ट किया कि शिव बाहर नहीं, भीतर हैं, आवश्यकता है केवल उन्हें पहचानने की। धूमेश्वर धाम में बैठकर यह अनुभूति हुई कि आज के भौतिक युग में भी यदि मानव शिव-चेतना से जुड़ जाए, तो जीवन के कष्ट स्वयं क्षीण हो जाते हैं मन स्थिर होता है और कर्म पवित्र हो जाते हैं शुभ सोमवार पर यह दर्शन और यह आध्यात्मिक संवाद, निश्चित ही जीवन के पथ पर आस्था, संयम और साधना की नई ऊर्जा प्रदान करने वाला सिद्ध हुआ। ॐ नमः शिवाय भगवान धूमेश्वर महादेव सभी श्रद्धालुओं को शिव-बोध, शांति और कल्याण का आशीर्वाद प्रदान करें। Gajendra Singh Journalist
शुभ सोमवार के पावन अवसर पर धूमेश्वर धाम के सिद्ध तीर्थ स्थल के दर्शन और फिर महाराज जी के श्रीमुख से महाशिवरात्रि जैसे महान पर्व का भावपूर्ण एवं आध्यात्मिक विवेचन—यह अनुभव मन, बुद्धि और आत्मा तीनों को स्पर्श करने वाला होता है। महाशिवरात्रि केवल एक पर्व नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, तप, साधना और शिव-तत्व से एकाकार होने का महापर्व है। महाराज जी की वाणी में जब शिव-तत्व का वर्णन होता है, तो वह केवल सुनने का विषय नहीं रहता, बल्कि अंतःकरण में उतरकर चेतना को जागृत कर देता है। यह हमारा सौभाग्य निश्चित ही - पूर्व पुण्यों का फल -और आगामी जीवन के लिए शिव कृपा का संकेत है। शुभ सोमवार पर धूमेश्वर धाम में शिव-चेतना का दिव्य अनुभव शुभ सोमवार का दिन अपने आप में भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत पावन माना गया है। ऐसे पवित्र अवसर पर धूमेश्वर धाम के सिद्ध तीर्थ स्थल के दर्शन का सौभाग्य प्राप्त होना, साधारण घटना नहीं बल्कि शिव कृपा का साक्षात् अनुभव है। धूमेश्वर धाम केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि वह आध्यात्मिक केंद्र है जहाँ आस्था को ऊर्जा, मन को शांति, और आत्मा को दिशा प्राप्त होती है। यहाँ की पावन भूमि पर कदम रखते ही मन स्वतः ही संसारिक बंधनों से मुक्त होकर शिव-तत्व में लीन होने लगता है। इस अवसर पर महाराज जी के श्रीमुख से महाशिवरात्रि के महापर्व पर हुआ विस्तृत आध्यात्मिक चिंतन अत्यंत प्रेरणादायी रहा। महाराज जी ने बताया कि महाशिवरात्रि केवल उपवास और पूजा का दिन नहीं, बल्कि अहंकार के विसर्जन अज्ञान से ज्ञान की ओर यात्रा और जीव से शिव बनने की साधना का पर्व है। महाशिवरात्रि की रात्रि वह दिव्य समय होती है, जब सृष्टि की ऊर्जा शिव-तत्व की ओर प्रवाहित होती है। इस रात्रि में जागरण, ध्यान और मंत्र जाप से मनुष्य अपने भीतर स्थित शिव को अनुभव कर सकता है। महाराज जी की वाणी ने यह स्पष्ट किया कि शिव बाहर नहीं, भीतर हैं, आवश्यकता है केवल उन्हें पहचानने की। धूमेश्वर धाम में बैठकर यह अनुभूति हुई कि आज के भौतिक युग में भी यदि मानव शिव-चेतना से जुड़ जाए, तो जीवन के कष्ट स्वयं क्षीण हो जाते हैं मन स्थिर होता है और कर्म पवित्र हो जाते हैं शुभ सोमवार पर यह दर्शन और यह आध्यात्मिक संवाद, निश्चित ही जीवन के पथ पर आस्था, संयम और साधना की नई ऊर्जा प्रदान करने वाला सिद्ध हुआ। ॐ नमः शिवाय भगवान धूमेश्वर महादेव सभी श्रद्धालुओं को शिव-बोध, शांति और कल्याण का आशीर्वाद प्रदान करें। Gajendra Singh Journalist
- Post by Jitendra Rajput1
- चोरों के हौसले हुए बुलंद नरवर रोड पर जेल के पास कुम्हारपूरा पर ऑनलाइन दुकान के चटकाए ताले और सामान चुरा ले गए पुलिस जांच में जुटी1
- भितरवार ब्रेकिंग आबकारी विभाग ने भितरवार के पास से 28 लाख रूपये क़ीमत की देशी शराब पकड़ी...1
- Post by Lakshya News tv1
- सोशल मीडिया पर हथियार का प्रदर्शन --- पड़ा भारी। थाना पण्डोखर पुलिस ने सोशल मीडिया पर रायफल के साथ रील बनाने वाले युवक को पकड़ा। लाइसेंसी रायफल को जप्त कर लायसेंस धारक को बनाया आरोपी, लायसेंस निरस्तीकरण की प्रक्रिया शुरू। दतिया जिले में सोशल मीडिया पर हथियारों के खुले प्रदर्शन के खिलाफ पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए एक और बड़ी कार्रवाई की है। थाना पण्डोखर पुलिस ने सोशल मीडिया पर रायफल के साथ फोटो पोस्ट करने वाले व्यक्ति को पकड़कर उसके विरुद्ध आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। साथ ही संबंधित लाइसेंसी हथियार के लाइसेंस को निरस्त करने की प्रक्रिया भी प्रारंभ कर दी गई है। यह कार्रवाही पुलिस अधीक्षक महोदय दतिया सूरज कुमार वर्मा के निर्देशन में जिले भर में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। अभियान का उद्देश्य सोशल मीडिया पर हथियारों का भय फैलाने वाला प्रदर्शन रोकना और कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय सुनील कुमार शिवहरे एवं एसडीओपी महोदय भाण्डेर पूनम चंद यादव के मार्ग दर्शन में थाना प्रभारी पण्डोखर एवं उनकी टीम ने त्वरित कार्रवाई को अंजाम दिया । घटना का संक्षिप्त विवरण दिनांक 04 फरवरी 2026 को थाना पण्डोखर पुलिस के संज्ञान में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुई, जिसमें प्रदीप धाकड पुत्र कमल सिंह निवासी सालौन बी का अपने हाथ में रायफल लिए दिखाई दे रहा था। पुलिस रिकॉर्ड की जांच में सामने आया कि वीडियो में दिखाई दे रही रायफल अखिलेश कुमार गुप्ता निवासी सालौन बी उक्त रायफल का लाइसेंसधारी है, जबकि प्रदीप धाकड का हथियार से इस प्रकार सार्वजनिक प्रदर्शन करना कानूनन अपराध की श्रेणी में आता है। पुलिस कार्यवाही - मामले की गंभीरता को देखते हुए पण्डोखर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रदीप धाकड को अभिरक्षा में लिया, उसका मेमोरण्डम लेख किया गया और प्रकरण पंजीबद्ध किया गया। कानूनी कार्रवाई, थाना पण्डोखर में आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 16/26 के तहत, धारा 25 (1-B) (a) एवं 30 आर्म्स एक्ट में मामला दर्ज कर विवेचना में लिया गया है। साथ ही जिस रायफल के साथ वीडियो पोस्ट की गई थी, उसके लाइसेंस निरस्तीकरण की प्रक्रिया भी प्रचलन में लाई गई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि प्रकरण की विवेचना जारी है और तथ्यों के आधार पर आगे की सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का सख्त संदेश, पुलिस प्रशासन ने दो टूक शब्दों में कहा है कि सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन कर डर या दहशत फैलाने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। लाइसेंसी हथियारों का दुरुपयोग करने वालों के खिलाफ न केवल आपराधिक प्रकरण दर्ज होगा, बल्कि लाइसेंस निरस्त करने जैसी कठोर कार्रवाई भी की जाएगी ।1
- Gwalior: डबरा नवग्रह कलश यात्रा दुर्घटना पर क्या बोले डॉ नरोत्तम मिश्रा और ग्वालियर आईजी अरविन्द कुमार सक्सेना ?.1
- डबरा में नवनिर्मित नवग्रह शक्तिपीठ की कलश यात्रा के पूर्व कलश वितरण के समय भगदड़ मच जाने से एक महिला की मौत हो गई । जबकि सात अन्य लोग घायल हुए हैं । इनमें से चार लोगों का उपचार डबरा अस्पताल में चल रहा है जबकि एक बच्ची और एक महिला को ग्वालियर स्थित एप्पल हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया है । वहीं एक महिला को जे .ए.एच में उपचार के लिए भर्ती कराया गया है घटना की सूचना मिलने पर कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने एप्पल हॉस्पिटल एवं जे.ए.एच अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना साथ ही चिकित्सकों को उपचार की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। घटना की सूचना मिलने पर आईजी श्री अरविंद सक्सेना एडिशनल एसपी सुमन गुर्जर एवं एडिशनल एसपी अनु बेनीवाल, सी एम एच ओ डॉ सचिन श्रीवास्तव भी अस्पताल पहुंचे और उन्होंने घायलों का हाल जाना । घटना के बाद स्थिति नियंत्रण में है और कलश यात्रा अपने तय मार्ग से होते हुए नवग्रह शक्तिपीठ पर पहुंची। #dabra #gwalior #नवग्रहमंदिर #डबरा #ग्वालियर1
- Post by Jitendra Rajput1
- नवग्रहों की प्राण प्रतिष्ठा से डबरा की भूमि का कण कण होगा जागृत - दाती जी महाराज नवग्रह की शांति के लिए एशिया का महत्वपूर्ण स्थान डबरा पावन धरा पर जीवन के दुखों का निवारण करने के लिए अपने ग्रहों को शांत करने के लिए अपने परिवार क्लेश को खत्म करने के लिए एकमात्र स्थान नवग्रह पीठ डबरा स्थापित होने जा रहा है जिसकी प्रमाण प्रतिष्ठा प्रारंभ होने में कुछ छड़ बाकी है जिसका साक्षी बनने के लिए डबरा और एशिया के विभिन्न शहर के लोग डबरा की तपोभूमि पर आ रहे हैं नवग्रह प्राण प्रतिष्ठा की साक्षी बनने के लिए दाती महाराज ने अपने पावन वाणी द्वारा डबरा की तपो भूमि को सौभाग्यशाली बताया ।1