नौगांव के पॉलीटेक्निक कॉलेज में हुआ बड़ा हादसा, बॉयज नवीन हॉस्टल में करंट लगने से छात्र की मौत कॉलेज प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप नौगांव के पॉलीटेक्निक कॉलेज में हुआ बड़ा हादसा, बॉयज नवीन हॉस्टल में करंट लगने से छात्र की मौत कॉलेज प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप । छात्रों का आरोप है कि हॉस्टल परिसर में बिजली के तार खुले हुए हैं और लंबे समय से इनकी मरम्मत नहीं कराई गई थी। विद्युत व्यवस्था में बरती गई इसी लापरवाही ने एक होनहार छात्र की जान ले ली । पुलिस ने मार्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है । दैनिक दी बेस्ट न्यूज़ नौगांव अरशद इकबाल 7223964276 छात्रों का आरोप है कि हॉस्टल परिसर में बिजली के तार खुले हुए हैं और लंबे समय से इनकी मरम्मत नहीं कराई गई थी। विद्युत व्यवस्था में बरती गई इसी लापरवाही ने एक होनहार छात्र की जान ले ली । पुलिस ने मार्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है ।
नौगांव के पॉलीटेक्निक कॉलेज में हुआ बड़ा हादसा, बॉयज नवीन हॉस्टल में करंट लगने से छात्र की मौत कॉलेज प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप नौगांव के पॉलीटेक्निक कॉलेज में हुआ बड़ा हादसा, बॉयज नवीन हॉस्टल में करंट लगने से छात्र की मौत कॉलेज प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप । छात्रों का आरोप है कि हॉस्टल परिसर में बिजली के तार खुले हुए हैं और लंबे समय से इनकी मरम्मत नहीं कराई गई थी। विद्युत व्यवस्था में बरती गई इसी लापरवाही ने एक होनहार छात्र की जान ले ली । पुलिस ने मार्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है । दैनिक दी बेस्ट न्यूज़ नौगांव अरशद इकबाल 7223964276 छात्रों का आरोप है कि हॉस्टल परिसर में बिजली के तार खुले हुए हैं और लंबे समय से इनकी मरम्मत नहीं कराई गई थी। विद्युत व्यवस्था में बरती गई इसी लापरवाही ने एक होनहार छात्र की जान ले ली । पुलिस ने मार्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है ।
- Post by Roshani shivhare1
- छतरपुर में आयोजित संकल्प यात्रा कार्यक्रम के दौरान मंच पर बैठे आजाद समाज पार्टी (मध्य प्रदेश) के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील असते ने भाषण के समय जूता दिखाया, जिसके बाद कार्यक्रम में राजनीतिक चर्चा तेज हो गई। इस वीडियो में देखें: • पूरा घटनाक्रम • मंच से दिया गया बयान • जूता दिखाने का पल • कार्यक्रम का माहौल यह वीडियो मौके से रिकॉर्ड किया गया है। 📍 स्थान: छतरपुर 🎥 रिपोर्ट: Ankit Speaks News आप इस घटना को कैसे देखते हैं? अपनी राय कमेंट में जरूर लिखें।1
- तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि “28 साल के ढोंगी लड़के के यहां चंदा-मित्र लेने प्रशासन के लोग लगे रहते हैं।” उनका यह बयान सभा स्थल पर मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। बताया जा रहा है कि यह बयान दामोदर यादव की सभा के दौरान दिया गया, जिसके बाद कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में मंच से प्रशासन और कथित व्यक्तियों पर आरोप लगाए जाते दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, इस बयान को लेकर प्रशासन या संबंधित पक्ष की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।1
- Post by Journalist Santosh Kumar1
- नौगांव में छात्रा की मौत के बाद अतिक्रमण पर प्रशासन का चला बुलडोजर । एसडीएम गोपाल शरण पटेल ने जनता से अपील की है कि प्रशासन द्वारा उन्हें एलाउंस कराकर जानकारी दे दी गई है। अतः वह अपना अतिक्रमण स्वयं हटा ले । अतिक्रमण अभियान में दलवल के साथ एसडीएम जीएस पटेल, तहसीलदार रमेश कोल, टीआई बाल्मीक चौबे सहित नगरपालिका का अमला मौजूद था। दैनिक दी बेस्ट न्यूज़ नौगांव1
- छतरपुर में आगामी त्यौहारों को ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। आने वाले होली पर्व पर शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से छतरपुर पुलिस द्वारा शहर के प्रमुख मार्गों पर पैदल फ्लैग मार्च निकाला गया। यह फ्लैग मार्च बस स्टैंड से प्रारंभ होकर चौक बाजार होते हुए डाकखाना क्षेत्र तक पहुंचा।2
- दामोदर यादव के खिलाफ छतरपुर के युवाओं द्वारा जोरदार विरोध प्रदर्शन, युवाओं ने 'जब जब युवा बोला है राज सिंहासन डोला है' के लगाए नारे !1
- द्वारा कथित रूप से “मनुवादियों” को जूता दिखाकर संबोधित करने का मामला सामने आया है। घटना के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में बहस तेज हो गई है। जानकारों का कहना है कि भारत का संविधान, जिसकी रचना में डॉ. भीमराव अंबेडकर की अहम भूमिका रही, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता तो देता है, लेकिन सार्वजनिक मंचों पर मर्यादा और शिष्टाचार बनाए रखने की भी अपेक्षा करता है। संविधान का अनुच्छेद 19(1)(a) नागरिकों को बोलने की आज़ादी देता है, परंतु यह स्वतंत्रता कानून व्यवस्था और सार्वजनिक शांति की सीमाओं के भीतर है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लोकतंत्र में विरोध दर्ज कराने के कई संवैधानिक तरीके हैं, लेकिन जूता दिखाकर संबोधन करना लोकतांत्रिक संवाद की गरिमा के अनुरूप नहीं माना जाता। इस तरह की घटनाएं समाज में वैचारिक टकराव को और बढ़ा सकती हैं। वहीं सभा के दौरान कुछ लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि यदि वास्तव में समाजहित प्राथमिकता है, तो भ्रष्टाचार, विकास, महंगाई और रोजगार जैसे ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा क्यों नहीं हो रही। ग्रामीण क्षेत्रों से पलायन और स्थानीय समस्याओं पर भी ध्यान देने की जरूरत बताई गई। घटना के बाद आमजन में मिश्रित प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। अब देखना होगा कि इस मामले में संबंधित पक्ष की ओर से कोई स्पष्टीकरण सामने आता है या नहीं।1