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ब्रेकिंग न्यूज़ आज़ संकल्प यात्रा को लेकर छतरपुर पहुंचे दामोदर सिंह यादव ने क्या कहा आईए सुनिए
Journalist Santosh Kumar
ब्रेकिंग न्यूज़ आज़ संकल्प यात्रा को लेकर छतरपुर पहुंचे दामोदर सिंह यादव ने क्या कहा आईए सुनिए
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- तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि “28 साल के ढोंगी लड़के के यहां चंदा-मित्र लेने प्रशासन के लोग लगे रहते हैं।” उनका यह बयान सभा स्थल पर मौजूद लोगों के बीच चर्चा का विषय बन गया। बताया जा रहा है कि यह बयान दामोदर यादव की सभा के दौरान दिया गया, जिसके बाद कार्यक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में मंच से प्रशासन और कथित व्यक्तियों पर आरोप लगाए जाते दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, इस बयान को लेकर प्रशासन या संबंधित पक्ष की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।1
- Post by Journalist Santosh Kumar1
- नौगांव में छात्रा की मौत के बाद अतिक्रमण पर प्रशासन का चला बुलडोजर । एसडीएम गोपाल शरण पटेल ने जनता से अपील की है कि प्रशासन द्वारा उन्हें एलाउंस कराकर जानकारी दे दी गई है। अतः वह अपना अतिक्रमण स्वयं हटा ले । अतिक्रमण अभियान में दलवल के साथ एसडीएम जीएस पटेल, तहसीलदार रमेश कोल, टीआई बाल्मीक चौबे सहित नगरपालिका का अमला मौजूद था। दैनिक दी बेस्ट न्यूज़ नौगांव1
- छतरपुर में आयोजित संकल्प यात्रा रैली के दौरान RD प्रजापति ने मंच से जोरदार भाषण दिया। इस वीडियो में देखें: • विरोधियों को दिया सीधा जवाब • बाबाओं को लेकर दिया बयान • UGC मुद्दे पर क्या बोले • रैली का पूरा माहौल ये वीडियो मौके से रिकॉर्ड किया गया है। 📍 लोकेशन: छतरपुर 🎥 कवरेज: Ankit Speaks News आपको RD प्रजापति का बयान कैसा लगा? अपनी राय कमेंट में जरूर लिखें।1
- छतरपुर में आगामी त्यौहारों को ध्यान में रखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। आने वाले होली पर्व पर शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से छतरपुर पुलिस द्वारा शहर के प्रमुख मार्गों पर पैदल फ्लैग मार्च निकाला गया। यह फ्लैग मार्च बस स्टैंड से प्रारंभ होकर चौक बाजार होते हुए डाकखाना क्षेत्र तक पहुंचा।2
- दामोदर यादव के खिलाफ छतरपुर के युवाओं द्वारा जोरदार विरोध प्रदर्शन, युवाओं ने 'जब जब युवा बोला है राज सिंहासन डोला है' के लगाए नारे !1
- Post by Roshani shivhare1
- द्वारा कथित रूप से “मनुवादियों” को जूता दिखाकर संबोधित करने का मामला सामने आया है। घटना के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में बहस तेज हो गई है। जानकारों का कहना है कि भारत का संविधान, जिसकी रचना में डॉ. भीमराव अंबेडकर की अहम भूमिका रही, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता तो देता है, लेकिन सार्वजनिक मंचों पर मर्यादा और शिष्टाचार बनाए रखने की भी अपेक्षा करता है। संविधान का अनुच्छेद 19(1)(a) नागरिकों को बोलने की आज़ादी देता है, परंतु यह स्वतंत्रता कानून व्यवस्था और सार्वजनिक शांति की सीमाओं के भीतर है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि लोकतंत्र में विरोध दर्ज कराने के कई संवैधानिक तरीके हैं, लेकिन जूता दिखाकर संबोधन करना लोकतांत्रिक संवाद की गरिमा के अनुरूप नहीं माना जाता। इस तरह की घटनाएं समाज में वैचारिक टकराव को और बढ़ा सकती हैं। वहीं सभा के दौरान कुछ लोगों ने यह भी सवाल उठाया कि यदि वास्तव में समाजहित प्राथमिकता है, तो भ्रष्टाचार, विकास, महंगाई और रोजगार जैसे ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा क्यों नहीं हो रही। ग्रामीण क्षेत्रों से पलायन और स्थानीय समस्याओं पर भी ध्यान देने की जरूरत बताई गई। घटना के बाद आमजन में मिश्रित प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। अब देखना होगा कि इस मामले में संबंधित पक्ष की ओर से कोई स्पष्टीकरण सामने आता है या नहीं।1